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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

Part VII (Ex. 11)(Feb. 26th 2020) L.C. Bill No. V of 2020

Published 26 February 2020

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2020-02-26.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi
ाहाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी २६, २०२०/फाल्गुन ७, शके १९४१ १

RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्ष ६, अंक ५ ] बुधवार, फेब्रुवारी २६, २०२०/फाल्गुन ७, शके १९४१ [पृष्ठे ७, किंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक ११

प्राधिकृत प्रकाशन

अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).

महाराष्ट्र विधानमंडळ सचिवालय

महाराष्ट्र विधानपरिषद में दिनांक २६ फरवरी २०२० ई. को पुर:स्थापित निम्न विधेयक महाराष्ट्र विधानपरिषद नियम ११३ के अधीन प्रकाशित किया जाता है :—

L. C. BILL No. V OF 2020.

A BILL

TO PROVIDE FOR TEACHING AND LEARNING MARATHI LANGUAGE AS COMPULSORY IN ALL SCHOOLS IN THE STATE OF MAHARASHTRA AND FOR MATTERS CONNECTED

THEREWITH OR INCIDENTAL THERETO.

विधानपरिषद का विधेयक क्रमांक ५ सन् २०२०।

महाराष्ट्र राज्य में के सभी विद्यालयों में मराठी भाषा का अध्यापन और अध्ययन अनिवार्य

रूप में करने तथा तत्संबंधी या उससे आनुषंगिक मामलों का उपबंध करने संबंधी विधेयक।

क्योंकि महाराष्ट्र राज्य में के सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप में मराठी भाषा का अध्यापन और अध्ययन करने तथा तत्संबंधी या उससे आनुषंगिक मामलों के लिए उपबंध करना इष्टकर है ; अत: भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में, एतद्द्वारा, निम्न अधिनियम अधिनियमित किया जाता है :----

१. (१) यह अधिनियम महाराष्ट्र विद्यालयों में मराठी भाषा का अनिवार्य अध्यापन और अध्ययन अधिनियम, २०२० कहलाए।

संक्षिप्त नाम, प्रयुक्ति तथा प्रारम्भण। भाग सात--११-१

(१)२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी २६, २०२०/फाल्गुन ७, शके १९४१ (२) यह राज्य में स्थित प्रत्येक विद्यालय और ऐसे विद्यालय में नामांकित प्रत्येक छात्र के संबंध में लागू होगा।

(३) यह ऐसे दिनांक से प्रवृत्त होगा जिसे राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करें। परिभाषाएँ। २. इस अधिनियम में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हों,----

(क) " अपील प्राधिकारी " का तात्पर्य, धारा ७ के अधीन सरकार द्वारा नियत अपील प्राधिकारी से है ;

(ख) " सक्षम प्राधिकारी " का तात्पर्य, धारा ६ की उप-धारा (१) के अधीन सरकार द्वारा नियुक्त किये गये सक्षम प्राधिकारी से है ;

(ग) " सरकार " का तात्पर्य, महाराष्ट्र राज्य सरकार से है ;

(घ) " अधिसूचना " का तात्पर्य, महाराष्ट्र सरकार के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना से है और " अधिसूचित " शब्द का अर्थ तद्नुसार, लगाया जायेगा ;

(ङ) " विहित " का तात्पर्य, सरकार द्वारा किये गए नियमों द्वारा विहित से है ;

(च) " अनुसूची " का तात्पर्य, इस अधिनियम से संलग्न अनुसूची से है ;

(छ) " विद्यालय " का तात्पर्य, किसी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक या माध्यमिक विद्यालय या उच्च माध्यमिक विद्यालय,----

(एक) राज्य सरकार या स्थानीय निकाय या द्वारा सम्पोषित ; या सहायता प्राप्त या असहायता प्राप्त या स्थायी रूप से बिना अनुदानित ;

(दो) भारत के संविधान के अनुच्छेद ३० के खण्ड (१) के अधीन अल्पसंख्यकों द्वारा स्थापित और प्रशासित अल्पसंख्यक विद्यालय समेत किसी निजी शैक्षणिक संस्थाअों द्वारा स्थापित, प्रशासित या सम्पोषित चाहे राज्य से अनुदान प्राप्त हो या न हो ; है ;

(तीन) किसी आंग्ल-भारतीय विद्यालय या प्राच्य (ओरियंटल) विद्यालय या माध्यमिक शिक्षा केंद्रीय बोर्ड (सी बी एस ई) से संलग्न विद्यालय, भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद, आंतरराष्ट्रीय स्नातक उपाधि (आई बी), कॅम्ब्रिज बोर्ड या आंतरराष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा का सामान्य प्रमाणपत्र (आय जी सी एस ई), राष्ट्रीय मुक्त पढाई लिखाई संस्था (एन आय ओ एस), महाराष्ट्र आंतरराष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड (एम आय ई बी) या कोई अन्य सरकारी या निजी शिक्षा बोर्ड ; या

(चार) जिसे इस निमित्त सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकें ; या

(पाँच) महाराष्ट्र स्ववित्तपोषित विद्यालय (स्थापना और विनियमन) अधिनियम, २०२० के अधीन सरकार द्वारा अनुमोदित से है।

सन् २०१३ का महा. १। स्पष्टीकरण.----इस खण्ड के प्रयोजनों के लिए,----

(एक) प्राथमिक विद्यालय, कक्षा पहली से पाँच तक का समावेश होगा ;

(दोन) उच्च प्राथमिक या माध्यमिक विद्यालय, में कक्षा पहली से आठवीं या कक्षा छह से आठवी तक का समावेश होगा ;

(तीन) उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा पहली से दसवीं कक्षा छह से दसवीं या कक्षा नौंवी से दसवीं तक का समावेश होगा।

(ज) " धारा " का तात्पर्य, इस अधिनियम की धारा, से है ;

(झ) " राज्य " का तात्पर्य, महाराष्ट्र राज्य, से है।

३. (१) अनुसूची में यथा विर्िनदिष्ट, चरणबद्ध रीत्या, अकादमिक वर्ष, २०२०-२१ से शुरू करके राज्य के सभी विद्यालयों में कक्षा पहली से दसवी तक अनिवार्य विषय के रूप में मराठी भाषा पढाई जायेगी। अनिवार्य विषय के रूप में मराठी का होना।ाहाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी २६, २०२०/फाल्गुन ७, शके १९४१ ३ (२) अकादमिक वर्ष, २०२०-२१ से पहली कक्षा और कक्षा छह में मराठी भाषा विषय को सन्निविष्ट किया जायेगा और अनुसूची में यथा विर्िनदिष्ट, उत्तरोत्तर, अधिकतर कक्षाअों कों विस्तारित किया जायेगा। (३) मराठी भाषा विषय में छात्रों का मूल्यांकन सभी विद्यालयों में किया जायेगा।

(४) राज्य के विद्यालयों में मराठी बोलनेवालों पर या तो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप में कोई भी निबर्ंध अधिरोपित नहीं किए जायेंगे।

(५) मराठी भाषा बोलनेवालों पर निर्बन्धन अधिरोपित करनेवाले कोई भी बोर्ड या सूचना विद्यालय में प्रर्दशित नहीं किए जायेंगे या कोई मुहिम नहीं चलाई जायेगी।

निराक्षेप प्रमाणपत्र की मंजूरी के लिए पूर्व शर्तें। ४. (१) जहाँ विद्यालय राज्य सरकार से मान्यता या निराक्षेप प्रमाणपत्र या दोनों की मांग करते है वहाँ इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार ऐसी मान्यता या प्रमाणपत्र देने के लिये मराठी भाषा विषय में छात्रों का अनिवार्य अध्यापन और मूल्यांकरण करने की शर्त होगी।

(२) विद्यालय की मान्यता या निराक्षेप प्रमाणपत्र, जिसमें इस अधिनियम के प्रारम्भण के दिनांक पर पहले से ही विद्यमान है और जो मराठी का अनिवार्य विषय के रूप में अध्यापन नहीं करते है तो वह रद्द कर दिया जायेगा और उस प्रभाव की संसूचना संबंधित बोर्ड या प्राधिकारी को, जो ऐसे विद्यालय से संलग्न है को भी भेजी जायेगी।

५. प्रत्येक विद्यालय, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए सरकार द्वारा विर्िनदिष्ट पाठयक्रम का राज्य सरकार द्वारा पाठयक्रम। अनुसरण किया जायेगा।

सक्षम प्राधिकारी। ६. (१) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के उपबंधों और तद्धीन बनाए गये नियमों को कार्यान्वित करने के प्रयोजनों के लिए, सक्षम प्राधिकारी के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी या पदाधिकारियों की समिति से अनिम्न श्रेणी के विद्यालय शिक्षा विभाग के अधिकारी को नियुक्त कर सकेगी। विभिन्न क्षेत्रों के लिए विभिन्न सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किए जा सकेंगे।

(२) सक्षम प्राधिकारी, जैसा कि विहित किया जाए ऐसी शक्तियों का प्रयोग करेगा और ऐसे कृत्यों का अनुपालन करेगा।

अपील प्राधिकारी। ७. सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, सक्षम प्राधिकारी के किसी आदेश या विनिर्णय के विरुद्ध अपील विनिश्चित करने के प्रयोजनों के लिए उप-निदेशक (शिक्षा) से अनिम्न श्रेणी के किसी विद्यालय शिक्षा विभाग के अधिकारी को अपीलिय प्राधिकारी के रूप में नियुक्त कर सकेगी।

अपील। ८. (१) धारा १२ की उप-धारा (१) के अधीन अधिरोपित शास्ति समेत सक्षम प्राधिकारी के किसी आदेश या विनिर्णय से व्यथित कोई व्यक्ति, सक्षम प्राधिकारी के आदेश या विनिर्णय की प्राप्ति के दिनांक से तीस दिनों की अवधि के भीतर अपीलिय प्राधिकारी को अपील दाखिल कर सकेगा :

परंतु, अपीलिय प्राधिकारी, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि अपीलकर्ता के पास, उक्त अवधि के भीतर अपील दाखिल न करने का पर्याप्त कारण है तो, तीस दिनों की उक्त अवधि के अवसान के पश्चात्, ऐसा कोई अपील स्वीकृत कर सकेगा।

(२) अपीलिय प्राधिकारी, किसी अपील का निपटान करने के पूर्व, अपीलकर्ता को, सुनवाई का उचित अवसर देगा।

(३) अपील पर, अपील प्राधिकारी का विनिर्णय, अंतिम होगा।

सरकार की निर्देशन देने की शक्ति। ९. (१) (क) सरकार, लोकहित में, किसी आदेश द्वारा, आदेश में, विर्िनदिष्ट किसी मामले में, इस अधिनियम के अधीन कोई जाँच या समुचित कार्यवाहियाँ करने के निर्देश सक्षम प्राधिकारी को देगी और सक्षम प्राधिकारी, जैसा कि विहित किया जाए ऐसी अवधि के भीतर उसके द्वारा की गई जाँच या की गई कार्यवाहियों के परिणाम की सरकार का रिपार्ट करेगा। भाग सात--११-१अ४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी २६, २०२०/फाल्गुन ७, शके १९४१ (ख) खण्ड (क) के अधीन सक्षम प्राधिकारी से रिपार्ट की प्राप्ति पर, सरकार जैसा की वह उचित समझें ऐसे निर्देश दे देगी और ऐसे निर्देश अंतिम तथा बाध्यकारी होंगे।

(२) सरकार, इस अधिनियम के सभी या किन्ही उपबंधों या तद्धीन बनाए गए किसी नियमों, अधिसूचना या आदेश के कार्यान्वयन के लिये उसे आवश्यक प्रतीत हो, ऐसे अन्य प्राधिकारी को निर्देश दे सकेगी और ऐसा प्राधिकारी, प्रत्येक ऐसे निर्देश का अनुपालन करेगा।

अधिकारिता का वर्जन।

१०. इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन पारित कोई आदेश या की गई कार्यवाहियाँ किसी न्यायालय में, किसी दावे में या आवेदन में प्रश्नगत नहीं की जायेगी और कोई व्यादेश, इस अधिनियम के द्वारा या के अधीन किसी प्रदत्त शक्तियों के अनुसरण में की गई कोई कार्यवाही के संबंध में, किसी न्यायालय द्वारा मंजूर नहीं किया जायेगा।

छूट। ११. (१) सरकार, राजपत्र में प्रकाशित सामान्य या विशेष आदेश द्वारा, और ऐसे आदेश में विर्िनदिष्ट किए जाने के लिये जैसा कि वह उचित समझें ऐसे शर्तों के अध्यधीन, इस अधिनियम के सभी या किन्ही उपबंधों से, किसी छात्र या छात्रों के किसी वर्ग या वर्गों को या तो भागत: या संपूर्णत: छूट दी जायेगी। (२) उप-धारा (१) के अधीन, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, सरकार द्वारा विशेष रूप से सशक्त किए गए, विद्यालय शिक्षा विभाग के उप निदेशक से अनिम्न श्रेणी के, सरकार के ऐसे अधिकारी द्वारा भी शक्तियों का प्रयोग किया जा सकेगा।

इस अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन करने पर शास्ति।

१२. (१) इस अधिनियम के उपबंधों या तद्धीन बनाए गये नियमों या आदेशों का उल्लंघन करने पर विद्यालय के कामकाज के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार प्रबंधन निदेशक या कोई अन्य व्यक्ति, एक लाख रुपयों की शास्ति अदा करने के लिए दायी होगा।

(२) सक्षम प्राधिकारी, उप-धारा (१) के अधीन शास्ति अधिरोपित करने के लिए सक्षम होगा :

परंतु, सक्षम प्राधिकारी, इस उप-धारा के अधीन कोई आदेश पारित करने के पूर्व, व्यक्ति को सुनवाई का उचित अवसर दे देगा।

(३) शिक्षा निदेशक से अनिम्न श्रेणी का कोई अधिकारी, जैसा कि विहित किया जाए ऐसी रीत्या, ऐसे शास्ति की वसूली कर सकेगा।

अनुसूची का संशोधन करने की शक्ति।

१३. (१) सरकार, यदि उनकी यह राय है कि ऐसा करना इष्टकर या आवश्यक है तो राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा, अनुसूची में जोडना या परिवर्तन करना या संशोधन किया जा सकेगा और तदुपरांत अनुसूची संशोधित की गयी समझी जायेगी।

(२) उप-धारा (१) के अधीन जारी कोई ऐसी अधिसूचना, उसके बनाए जाने के प्रश्चात्, यथासंभव शीघ्र, राज्य विधानमंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जायेगी।

अध्यारोही प्रभाव। १४. इस अधिनियम के उपबंध, तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि या नियम या तद्धीन बनाए गये आदेश में अंर्तविष्ट किसी बात के होते हुए भी प्रभावी होंगे।

सद्भावनापूर्वक की गई कार्यवाही का संरक्षण।

१५. इस अधिनियम या तद्धीन बनाए गये नियमों या आदेशों के अधीन सद्भावनापूर्वक कृत या किये जाने के लिए आशयित किसी बात के लिए, सरकार या सरकार के किसी अधिकारी या प्राधिकारी या कोई व्यक्ति के विरूद्ध कोई वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाहियाँ संस्थित नहीं की जायेगी। १६. (१) राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा और पूर्व प्रकाशन के शर्तों के अध्यधीन, इस नियमों को बनाने की शक्ति।

अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकेगी।

(२) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के पश्चात् यथा संभव शीघ्र, राज्य विधानमंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों के अवधि के लिए रखा जाएगा, जो कि चाहे एक सत्र में हो या दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में हो, और यदि उस सत्र के, जिसमें उसे इस प्रकार रखा गया है या सद्य अनुवर्ती सत्र के अवसांन के पूर्व, दोनों सदन नियम में कोई परिवर्तन करने के लिये सहमत होते हों या दोनों सदन इस बात के लिये सहमत होते हों कि नियम न बनाया जाये,ाहाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी २६, २०२०/फाल्गुन ७, शके १९४१ ५ और ऐसे विनिश्चय को राजपत्र में अधिसूचित करते है, तो नियम ऐसी अधिसूचना के दिनांक से परिर्वतित रूप में ही प्रभावी होगा, या यथास्थिति, निष्प्रभावी हो जाएगा; तथापि, ऐसा कोई उपांतरण या बातिलिकरण इस नियम के अधीन पहले की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।

कठिनाईयों के निराकरण की शक्ति। १७. (१) यदि, इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो, राज्य सरकार, जैसा अवसर प्रोद्भूत हो, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, इस अधिनियम के उपबंधों से अनअसंगत ऐसी कोई बात कर सकेगी, जो उसे कठिनाई के निराकरण के लिए आवश्यक या इष्टकर प्रतीत हो :

परंतु, इस अधिनियम के प्रारम्भण से दो वर्षों के अवसान के पश्चात्, ऐसा कोई आदेश नहीं बनाया जायेगा।

(२) उप-धारा (१) के अधीन बनाया गया प्रत्येक आदेश, उसके बनाये जाने के पश्चात्, यथासंभव शीघ्र, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के समक्ष रखा जायेगा।६ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी २६, २०२०/फाल्गुन ७, शके १९४१

अनुसूची

(धारा ३ देखिए)

कार्यान्वयन का विवरण

एक----प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पाँच)

वर्ष २०२०-२०२१ से, कक्षा पहली में मराठी भाषा को अनिवार्य विषय के रूप मे सन्िनविष्ट किया जायेगा और इसके पश्चात् प्रत्येक वर्ष, उत्तरोत्तर यथा निम्न अधिकतर कक्षाओ को विस्तारित किया जायेगा :----

अनुक्रमांक कक्षा अकादमिक वर्ष १ पहली २०२०-२०२१ २ दूसरी २०२०-२०२२ ३ तिसरी २०२०-२०२३ ४ चौथी २०२३-२०२४ ५ पाँचवी २०२४-२०२५

दो----उच्चतर प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्तर

(कक्षा छह से दसवीं)

वर्ष २०२०-२०२१ से, कक्षा छह में मराठी भाषा को अनिवार्य विषय के रूप मे सन्िनविष्ट किया जायेगा और इसके पश्चात् प्रत्येक वर्ष, उत्तरोत्तर यथा निम्न अधिकतर कक्षाओ को विस्तारित किया जायेगा :----

अनुक्रमांक कक्षा अकादमिक वर्ष १ छठीं २०२०-२०२१ २ सातवी २०२१-२०२२ ३ आठवी २०२२-२०२३ ४ नौवीं २०२३-२०२४ ५ दसवी २०२४-२०२५ाहाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, फेब्रुवारी २६, २०२०/फाल्गुन ७, शके १९४१ ७

उद्देश्यों और कारणों का वक्तव्य।

समृद्ध विरासतवाली विभिन्न भारतीय भाषाअों को विकसित करना यह भाषिक आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के पीछे का मूल तत्वज्ञान है। मराठी भाषा महाराष्ट्र राज्य के अधिकांश निवासियों की मातृभाषा है। महाराष्ट्र राजभाषा अधिनियम, १९६४ (सन् १९६५ का महा. ५) के अनुसार राज्य की राजभाषा मराठी है। मराठी भाषा प्राचीन और अधिक विकसित भाषाअों में से एक है और यह राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान है। राज्य, इसे उंचाई के नए पैमाने पर संरक्षित और विकसित करने के लिये वचनबद्ध है।

२. यह अवलोकित हुआ है कि, राज्य में विभिन्न पाठयक्रमों के अधीन जैसे कि, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, भारतीय विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद या अंतर्राष्ट्रीय स्नातक उपाधि या केम्ब्रिज बोर्ड, या माध्यमिक शिक्षा का सामान्य प्रमाणपत्र, आदि., के अंतर्गत आनेवाले छात्र प्रारंभ से अर्थात् प्रथम वर्ग से मराठी भाषा का अध्ययन नहीं करते हैं, उन्हें हिंदी या अन्य भाषा के अध्ययन का एक विकल्प होता है। उसीतरह, राज्य में कतिपय भाषिक अल्पसंख्यक विद्यालयों के छात्रों को मराठी भाषा पढायी नहीं जाती है। इस तथ्य के बावजूद कि, मराठी भाषा महाराष्ट्र राज्य के अधिकांश निवासियों की मातृभाषा है और वह राज्य की राजभाषा है, ऐसा होते हुए भी विद्यालय शिक्षा स्तर में उसे अध्यापन में उपेक्षित किया जा रहा है।

३. इसलिए, राज्य के सभी विद्यालयों में अनिवार्य मराठी भाषा के अध्यापन और अध्ययन करने के लिये उपबंध करने हेतु, तेलंगना, तमिलनाडू, केरल और कर्नाटक के राज्यों में की गयी अधिनियमितियों की तर्ज पर, एक नई विधि बनाना इष्टकर समझा गया है। विधि की मुख्य विशेषताएँ यथा निम्न है:--

(एक) यह उपबंध करना है कि, अकादमिक वर्ष २०२०-२०२१ से, चरणबद्ध रीत्या कक्षा पहली से दसवीं के सभी विद्यालयों में अनिवार्य विषय के रूप में मराठी को पढ़ाया जायेगा;

(दो) मराठी भाषा, अकादमिक वर्ष, २०२०-२१ से कक्षा पहली और कक्षा छह में सन्निविष्ट की जायेगी और अनुसूची में यथा विर्िनदिष्ट, उत्तरोत्तर अधिकतर वर्गों को विस्तारित किया जायेगा;

(तीन) राज्य में सभी शैक्षणिक संस्थाअों के सभी विद्यालयों में चाहे वह, निजी हो, सहायता प्राप्त हो या सरकारी हो और शिक्षा के सभी माध्यम चाहे वह, इंग्रजी या हिंदी हो, या किसी अन्य माध्यम के हों और सभी बोर्डों में मराठी अनिवार्य विषय के रूप में पढाया जायेगा;

(चार) मराठी भाषा का अनिवार्य अध्यापन, यह राज्य सरकार से मान्यता या निराक्षेप प्रमाणपत्र देने की आवश्यकता होती है वहाँ, ऐसे विद्यालय को ऐसी मान्यता या प्रमाणपत्र देने के लिये एक शर्त होगी;

(पाँच) विद्यालय को, सरकार द्वारा विर्िनदिष्ट पाठयक्रम का पालन करने; (छह) इस अधिनियम के उपबंधों और तद्धीन बनाए गए नियमों के कार्यान्वयन के प्रयोजनों के लिये सक्षम प्राधिकारियों के रूप में विद्यालय शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नियुक्ित करना;

(सात) अपील प्राधिकारी को सक्षम प्राधिकारी के किसी आदेश या निर्णय के विरुद्ध अपील करने का उपबंध करना;

(आठ) इस अधिनियम के सभी या किन्ही उपबंधों या किसी नियम के कार्यान्वयन के लिये आवश्यक प्रतीत हो सके, ऐसे सक्षम प्राधिकारी या ऐसे अन्य प्राधिकारी को निर्देशन देने की शक्ति सरकार को प्रदान करना;

(नौ) इस अधिनियम के सभी या किन्ही उपबंधों से किसी छात्र या छात्राअों के किसी वर्ग को छूट देने की, शक्ति सरकार को प्रदान करना;

(दस) विधि के उपबंधों के उल्लंघन में विद्यालय के कार्यकलापों को प्रबंधमंडल के लिये जिम्मेवार प्रबंधमंडल निदेशकों या किसी अन्य व्यक्तियों को शास्ति करना। ४. प्रस्तुत विधेयक का आशय, उपयर्ुक्त उद्देश्यों को प्राप्त करना है।

मुंबई,

सुभाष देसाई,

दिनांकित २५ फरवरी २०२०।

मराठी भाषा मंत्री।

विधान भवन : मुंबई, दिनांकित २६ फरवरी २०२०।

राजेन्द्र भागवत, सचिव (कार्यभार), महाराष्ट्र विधानपरिषद।

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Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 26 February 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2020-02-26.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2020-02-26.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.