RNI No. MAHBIL /2009/31730
सत्यमेव जयते
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
सोमवार , सप्टेंबर ७ , २०२०/ भाद्र १६, शके १९ ४२
वर्ष ६ , अंक ११ ]
[पृष्ठे ३ , किंमत: रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक २३
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी) .
सहकार, विपणन और वस्त्रोद्योग विभाग
मंत्रालय , मादाम कामा मार्ग , हुतात्मा राजगुरू चौक, मुंबई ४०० ०३२ , दिनांकित १० जुलाई २०२० ।
MAHARASHTRA ORDINANCE No. XII OF 2020 .
AN ORDINANCE
further to amend the Maharashtra Co - operative Societies Act, 1960.
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक १२ सन् २०२० ।
महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम , १ ९ ६० में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश ।
क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा हैं ;
और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चूका हैं कि ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं, जिनके सन् कारण उन्हें इसमें आगे दर्शित प्रयोजनों के लिए , महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम , १९ ६० में अधिकतर संशोधन १९६१ का करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ हैं । महा . २४ ।
(१)
भाग सात- २३-१ २
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, सप्टेंबर ७ , २०२०/ भाद्र १६ , शके १ ९ ४२
अब इसलिए , भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड ( १ ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्वारा , निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं , अर्थात्:-
१. (१ ) यह अध्यादेश महाराष्ट्र सहाकारी संस्था ( संशोधन ) अध्यादेश , २०२० कहलाए ।
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण ।
(२ ) यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।
का महा.
२. महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम , १९ ६० ( जिसे इसमें आगे , " मूल अधिनियम " कहा गया है ) की सन् १ ९ ६१ धारा ७३ ककक की , उप- धारा ( ३ ) में निम्न परन्तुक, जोड़ा जायेगा , अर्थात्: - २४। सन् १९ ६१ का महा. २४ की धारा ७३ककक में संशोधन ।
" परंतु, यदि संस्था की समिति का निर्वाचन , ऐसी संस्था के समिति के सदस्यों से संबंधित न हों ऐसे कारणों के लिए लिया नहीं जाता है तो जब तक नयी समिति सम्य्कतया गठित नहीं होती है तब तक समिति के विद्यमान सदस्य आगे बने रहे समझे जायेंगे । " ।
३. मूल अधिनियम की धारा ७३ ग ख की , उप - धारा ( १५ ) के , द्वितीय परंतुक के पश्चात्, निम्न परंतुक, निविष्ट किया जायेगा, अर्थात्: -
सन् १ ९६१ का महा . २४ की धारा २७३ ख में संशोधन ।
" परंतु और यह भी कि, जहाँ किसी संस्था की समिति जिसका सम्य्क आयोजन हुआ था परंतु महाराष्ट्र सहकारी संस्था ( संशोधन ) अधिनियम, २०२० के प्रारम्भण के दिनांक के पूर्व निर्वाचन नहीं लिया गया है तब ऐसी संस्था की समिति का निर्वाचन, -
सन् २०२० का महा. अध्या. क्रमांक १२ । (क) उक्त संशोधन अध्यादेश के प्रारम्भण के दिनांक से छह महीने के भीतर ; या
(ख ) जहाँ जिस अवधि के भीतर ऐसा निर्वाचन लिया जानेवाला है वह अवधि, राज्य सरकार द्वारा सामान्य या विशेष आदेश द्वारा बढ़ाया गया है, तब ऐसे दिनांक से जिस पर ऐसी बढ़ायी गई अवधि अवसित हो गई है से छह महिने के भीतर निर्वाचन लिया जायेगा: " । ३ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, सप्टेंबर ७ , २०२०/ भाद्र १६ , शके १९ ४२
वक्तव्य ।
कोविद-१ ९ महामारी के प्रकोप के कारण सामाजिक और आर्थिक गतिविधियाँ चूंकि देश में तालाबंदी की घोषणा होने से २४ मार्च २०२० से अब तक बंद हुई है । राज्य में सहकारी संस्थाओं के क्रियाकलाप भी तालाबंदी के कारण प्रतिकूल रूप से बाधित हुए है । अब सहकारी संस्थाओं के क्रियाकलाप निर्बन्धित लोगों की मदद से कार्यान्वित किये जा रहे है ।
महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम , १ ९ ६० ( सन् १ ९ ६१ का महा . २४ ) के उपबंधो और तद्धीन बनाए गये नियमों के अनुसार यह अनिवार्य है कि, विनिर्दिष्ट समय सीमा के भीतर सहकारी संस्थाओं की समितियों के निर्वाचन का आयोजन करना है । तथापि , कोविद-१ ९ महामारी के प्रकोप के कारण विनिर्दिष्ट समय के भीतर ऐसा निर्वाचन करना संभव नहीं था ।
उक्त अधिनियम की धारा ७३ ककक, की उप- धारा (३ ) के उपबंधों के अनुसार, सहकारी संस्था के समिति के निर्वाचित सदस्यों की पदावधि, समिति की पदावधि के साथ सहपर्यवसित उनके निर्वाचन के दिनांक से पाँच वर्ष कीहै ।
अधिनियम की धारा ७३ ग ख की उप - धारा ( १५ ) कतिपय , अनुबद्ध समय सीमा के भीतर सहकारी संस्था के समिति का निर्वाचन आयोजित करने के लिए उपबंध करती है ।
कोविद-१ ९ के प्रकोप को ध्यान में लेते हुए , राज्य सरकार ने , १७ जून २०२० से तीन महीने की अवधि के लिए राज्य में सभी सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन स्थगित करने के लिए १७ जून २०२० को पहले से ही एक आदेश जारी किया है ।
विद्यमान परिस्थिति में, समयबद्ध अवधि के भीतर , सहकारी संस्थाओं की समिति का निर्वाचन आयोजित करना संभव नहीं है, अतः सहकारी संस्थाओं की समिति के विद्यमान सदस्यों को समिति सम्यक रुप से गठित होने तक तथा ऐसी समिति का निर्वाचन स्थगित रहने तक पद पर बनाए रखने की दृष्टि से , उक्त अधिनियम की धारा ७३ककक ( ३ ) और ७३ ग ख में यथोचित संशोधन करना इष्टकर था ।
२. चूँकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों सत्र नहीं चल रहा है , और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका हैं कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं , जिनके कारण उन्हें, उपर्युक्त प्रयोजनों के लिये , महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम, १ ९ ६० ( सन् १ ९ ६१ का महा . २४ ) में अधिकतर संशोधन करने के लिए , सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ हैं, अतः यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है ।
मुंबई ,
भगतसिंग कोश्यारी , महाराष्ट्र के राज्यपाल ।
दिनांकित ८ जुलाई , २०२० ।
महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से ,-
आभा शुक्ला,
सरकार के प्रधान सचिव ।
(यथार्थ अनुवाद) ,
विजया ल. डोनीकर, भाषा संचालक , महाराष्ट्र राज्य ।
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