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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

Part VII (Ex. 27)(Oct. 19th 2020) Mah. Ord. No. XIV of 2020

Published 19 October 2020

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2020-10-19.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi

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महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर १९, २०२०/आश्िवन २७, शके १९४२ १

RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्ष ६, अंक १३] सोमवार, ऑक्टोबर १९, २०२०/आश्िवन २७, शके १९४२ [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक २७

प्राधिकृत प्रकाशन

अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).

वित्त विभाग मादाम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरु चौक, मंत्रालय, मुंबई ४०० ०३२, दिनांकित २४ अगस्त २०२०।

MAHARASHTRA ORDINANCE No. XIV OF 2020.

AN ORDINANCE

FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA CONTINGENCY FUND ACT.

महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक १४ सन २०२०।

महाराष्ट्र आकस्मिकता निधि अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश।

क्योंकि, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;

सन् १९५६ का ४६।

और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का समाधान हो चुका है कि ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें, इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिये, महाराष्ट्र आकस्मिकता निधि अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने के लिये सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है;

(१)

भाग सात--२७----१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर १९, २०२०/आश्िवन २७, शके १९४२ अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खंड (१) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते है, अर्थात् :----

१. (१) यह अध्यादेश महाराष्ट्र आकस्मिकता निधि (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, २०२० कहलाए। संक्षिप्त नाम और प्रारम्भण।

(२) यह तुरन्त प्रवृत होगा।

२. इस अध्यादेश के प्रवर्तन की अवधि के दौरान, महाराष्ट्र आकस्मिकता निधि अधिनियम प्रभावी होगा, मानों कि, उसकी धारा २ में " एक सौ पचास करोड़ रुपयों की राशि " शब्दों के स्थान में, " एक हजार छह सौ पचास करोड़ रूपये " शब्द रखे गये थे।

सन् १९५६ का ४६ की धारा २ में अस्थायी संशोधन।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर १९, २०२०/आश्िवन २७, शके १९४२ ३

वक्तव्य।

महाराष्ट्र आकस्मिकता निधि अधिनियम (सन् १९५६ का ४६) के अधीन स्थापित और बनाए रखी गयी राज्य की आकस्मिकता निधि की कुल राशि डेढ़ सौ करोड़ रुपये हैं।

२. महात्मा जोतीराव फुले शेतकरी कर्ज मुक्ित्त योजना--२०१९ का उद्देश इस योजना के अधीन पात्र किसानों का ऋण माफ करना है और खरीप मौसम २०२० के लिये नया फसल ऋण देने के लिए उन्हें पात्र करने के लिए कार्यान्वित की जा रही हैं। सन् २०२०-२१ के लिए, उक्त्त योजना के लिये ७,००० करोड रुपयों की राशि का बजट में प्रावधान किया गया था संपूर्ण राशि विभाग को उपलब्ध कर दी गयी थी। उक्त्त राशि में से, विभाग ने, करीब ६९१०.५० करोड़ रुपयों की राशि खर्च की है और आवर्ती व्यय के लिये ८९.५० करोड़ रुपयों की राशि शेष है। यह प्रस्तावित है कि, उक्त्त योजना के अधीन लाभ देने के लिये सर्वप्रथम ईस योजना के अधीन लगभग २.२५ लाख पात्र किसानों को लाभ प्रदान किया जाना है जिसके लिए १,५०० करोड़ रुपयों की राशि की आवश्यकता है।

३. इस व्यय का स्वरूप अनपेक्षित है; अत: आवश्यक बजट संबंधी उपबंध उपलब्ध नहीं हैं। व्यय की यह मदें " नयी सेवाएँ " में गठित होंगी और इसलिये, इन्हें राज्य विधानमंडल के ध्यान में लाना आवश्यक हैं। राज्य विधानमंडल का आगामी सत्र ७ सितम्बर, २०२० से प्रारंभ होनेवाला है। उपरोल्लिखित प्रयोजनों के लिये निधि उपलब्ध करने के लिये आवश्यक आदेश, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों द्वारा पारित अनुपूरक माँगो और विनियोग विधेयक राज्य विधानमंडल के अधिनियम के रूप में प्रकाशित हुआ है, के ज़रिए, राज्य विधानमंडल के ध्यान में इन " नयी सेवाअों " पर के व्यय को लाने के पश्चात् ही जारी किये जा सकेंगे। तथापि, इन मदों के लिये व्यय शीघ्रतम उपगत करना आवश्यक हैं, अत:, आकस्मिकता निधि से अग्रिम के प्रत्याहरण के ज़रिए व्यय उपगत करने का विनिश्चय किया गया है।

४. आकस्मिकता निधि की विद्यमान समग्र निधि केवल एक सौ पचास करोड़ रुपयों की है। वर्तमान में उपयर्ुक्त उल्लिखित मदें और व्यय के अन्य अनपेक्षित और तात्कालिक मदों पर व्यय पूरा करने के लिए उपलब्ध शेष अपर्याप्त है। जिसे आकस्मिकता निधि में से पूरा करने की आवश्यकता होगी। इसलिए, आकस्मिकता निधि की विद्यमान समग्र निधि को एक हजार पाँच सौ करोड़ रूपयों से एक हजार छह सौ पचास करोड़ रुपयों तक अस्थायी रूप से बढ़ाना इष्टकर समझा गया है, ताकि उपरोक्त जैसा व्यय प्राप्त हो सकें। ५. राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें उपयर्ुक्त प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र आकस्मिकता निधि अधिनियम (सन् १९५६ का ४६) में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है।

भगत सिंह कोश्यारी,

महाराष्ट्र के राज्यपाल।

महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,

मनोज सौनिक,

मुंबई,

सरकार के अपर मुख्य सचिव।

दिनांकित २३ अगस्त, २०२०।

(यथार्थ अनुवाद)

विजया ल. डोनीकर,

भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।

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Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 19 October 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2020-10-19.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2020-10-19.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.