RNI No. MAHBIL /2009/31730
सत्यमेव जयते
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ६ , अंक १६]
बुधवार , डिसेंबर ९ , २०२० / अग्रहायण १८ , शके १ ९ ४२ [पृष्ठे ३ , किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक ३३
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश , विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद ( देवनागरी लिपी) .
नगर विकास विभाग
मादाम कामा मार्ग , हुतात्मा राजगुरु चौक , मंत्रालय , मुंबई ४०० ०३२ , दिनांकित १३ नवंबर २०२० ।
MAHARASHTRA ORDINANCE No. XX OF 2020 . AN ORDINANCE FURTHER TO AMEND THE MUMBAI MUNICIPAL CORPORATION ACT .
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक २० सन् २०२० ।
मुंबई नगर निगम अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश ।
क्योंकि, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;
और क्योंकि , महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान सन् १८८८ हैं जिनके कारण उन्हें , इसमें आगे दर्शित प्रयोजनों के लिये, मुंबई नगर निगम अधिनियम में अधिकतर संशोधन का ३ । करने के लिये सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है;
(१)
भाग सात - ३३-१ २
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात , डिसेंबर ९, २०२०/ अग्रहायण १८ , शके १ ९ ४२
अब , इसलिए , भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खंड ( १ ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्वारा , निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं, अर्थात्: -
१. ( १ ) यह अध्यादेश मुंबई नगर निगम (संशोधन ) अध्यादेश , २०२० कहलाए ।
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण ।
( २ ) यह तुरन्त प्रवृत होगा ।
२. मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा १५४ की , उप- धारा ( १ग ) के पश्चात्, निम्न उप - धारा , सन् १८८८ का ३ । सन् १८८८ का ३ की धारा निविष्ट की जायेगी अर्थात् : - १५४ में संशोधन ।
" (१ घ) (क) उप- धारा ( १ ग) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी,-
(एक) कोविड-१ ९ महामारी का प्रसार होने के कारण , उप- धारा ( १क ) के अधीन नियत किसी भवन या भूमि का पूंजीगत मूल्य वर्ष २०२०-२१ में पुनरीक्षित नहीं किया जायेगा ;
(दो) वर्ष २०२०-२१ के लिए , किसी भवन या भूमि के लिए संपत्ति कर बिल समान होगा जैसा वर्ष २०१ ९ -२० के लिए है ;
(तीन) उप- धारा ( १क ) के अधीन नियत किसी भवन या भूमि का पूंजीगत मूल्य वर्ष २०२१-२२ में पुनरीक्षित किया जायेगा, मानों खंड (एक) वर्ष २०२०-२१ के लिए लागू नहीं है । (ख ) उप - धारा (१ ग) के उपबंधों के अध्यधीन , अगला पुनरीक्षण , वर्ष २०२५-२६ में किया जायेगा और तत्पश्चात्, किसी भवन या भूमि के पूंजीगत मूल्य का पुनरीक्षण, उप - धारा ( १ग ) के उपबंधों के अनुसरण में किया जायेगा । " । ३ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात , डिसेंबर ९, २०२०/ अग्रहायण १८ , शके १ ९ ४२
वक्तव्य ।
मुंबई नगर निगम अधिनियम ( सन् १८८८ का ३ ) की धारा १३ ९ का खंड (१ ) सम्पत्ति करों को अधिरोपित करने के लिए उपबंध करता है । उक्त अधिनियम की धारा १५४ सम्पत्ति कर को निर्धारणीय किसी भवन या भूमि का आनुपातिक मूल्य या पूंजीगत मूल्य का निर्धारण करने का उपबंध करती है कि उक्त धारा १५४ की उप- धारा ( १क ) तद्धीन उल्लिखित बातों को ध्यान में रखते हुए आयुक्त द्वारा सम्पत्ति कर निर्धारणीय किसी भवन या भूमि का पूंजीगत मूल्य का नियतन करने के लिए उपबंध करती है । उसमें की उप - धारा ( १ ग ) यह उपबंध करती है कि उक्त धारा १५४ की उप - धारा ( १ क) के अधीन नियत किसी भवन या भूमि का पूंजीगत मूल्य प्रत्येक पाँच वर्षों के लिए पुनरीक्षित किया जायेगा और ऐसा पुनरीक्षण वर्ष २०२०-२१ में होनेवाला है ।
२. कोविड-१ ९ महामारी के प्रसार के कारण , राज्य सरकार साथ ही साथ केंद्र सरकार द्वारा तालाबंदी घोषित की गई है , जिसके परिणामस्वरूप , लघु उद्योग , शैक्षिक संस्थाएँ , विकास कार्यों , कारखानों , विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में काम करनेवाले , दैनिक मजदूरों आदि पर प्रतिकूल आर्थिक प्रभाव पडा है । जैसे कि, विभिन्न स्वामी , संस्थाओं और लोक प्रतिनिधियों ने मुंबई नगर निगम को उसके संबंध में , सम्पत्ति करों से छूट या रियायत देने के लिए अभ्यावेदन किये हैं । मुंबई नगर निगम ने , उक्त अधिनियम की धारा १५४ में नई उप - धारा ( १घ ) को निविष्ट करने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव अग्रेषित किया है । तद्नुसार , उसमें नई उप - धारा ( १घ) जोडकर धारा १५४ में यथोचित संशोधन करना इष्टकर समझा गया है , जिसमें यह उपबंधित है कि,-
(एक) उप - धारा ( १क) के अधीन नियत किसी भवन या भूमि का पूंजीगत मूल्य वर्ष २०२०-२१ में पुनरीक्षित नहीं किया जायेगा ;
(दो) वर्ष २०२०-२१ के लिए , किसी भवन या भूमि के लिए सम्पत्ति कर बिल समान होगा जैसा वर्ष २०१ ९ -२० के लिए है ;
(तीन) उप- धारा ( १क) के अधीन नियम किसी भवन या भूमि का पूंजीगत मूल्य वर्ष २०२१-२२ में पुनरीक्षित किया जायेगा मानों वह वर्ष २०२०-२१ में पुनरीक्षित किया गया है ; और
(चार) इस संबंध में अगला पुनरीक्षण वर्ष २०२५-२६ में किया जायेगा ।
३. चूँकि, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चूका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं , जिनके कारण उन्हें उपर्युक्त प्रयोजनों के लिए , मुंबई नगर निगम अधिनियम ( सन् १८८८ का ३ ) में अधिकतर संशोधन करने के लिए , सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है , अतः यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है ।
मुंबई,
दिनांकित १२ नवंबर २०२० ।
भगत सिंह कोश्यारी, महाराष्ट्र के राज्यपाल ।
महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से ,
महेश पाठक, सरकार के प्रधान सचिव ।
(यथार्थ अनुवाद) विजया ल. डोनीकर,
भाषा संचालक , महाराष्ट्र राज्य ।
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