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प्राधिकृत प्रकाशन
वर्ष ७ वे, राजपत्र क्र. १७] गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल/ मे २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ [पृष्ठे - -- ३० स्वतंत्र संकलन म्हणून फाईल करण्यासाठी या भागाला वेगळे पृष्ठ क्रमांक दिले आहेत.
भाग एक--औरंगाबाद विभागीय पुरवणी
पृष्ठे --- ते ---
भाग एक-शासकीय अधिसूचना, नेमणुका, पदोन्नती, अनुपस्थितीची रजा (भाग एक-अ, चार-अ, चार-ब व चार-क यामध्ये प्रसिध्द करण्यात आलेले आहेत त्याच्याव्यतिरिक्त) केवळ औरंगाबाद विभागशी संबंधित असलेले नियम व आदेश.
संकीर्ण अधिसूचना, नेमणुका, पदोन्नती इत्यादी केवळ
३९३ ते ४२२ औरंगाबाद विभागशी संबंधित असलेले.
अनुक्रमणिका
पृष्ठे -- ते -- भाग एक-अ (भाग चार-अ मध्ये प्रसिध्द करण्यात आले आहेत त्या व्यतिरिक्त) केवळ औरंगाबाद विभागशी संबंधित असलेले महाराष्ट्र नगरपालिका, जिल्हा परिषदा व पंचायत समित्या, ग्रामपंचायती, नगरपंचायती, नगरपरिषदा, जिल्हा नगरपरिषदा, प्राथमिक शिक्षण व स्थानिक निधी लेखापरीक्षा अधिनियम, या अन्वये काढण्यात आलेले आदेश व अधिसूचना.
शासकीय अधिसूचना, नेमणुका, पदोन्नती इत्यादी
१
NOTIFICATION
Law and Judiciary Department No. SPP-1420/128 V. I. P. /C. R. 56/D-XIV :-
In execrcise of the powers conferred by Sub- section (8) of section 24 of the Code of Criminal Procedure,1973 (Act No. II of 1974), the Government of Maharashtra hereby appoints Adv. Suresh Shamrao Kamble, as "Special Public Prosecutor" for conducting the Special Atrocity Case No. 04/ 2019 pending before Sessions Court, Islampur, Dist Sangli which is arising out of C. R. No. 553/2018 registered at Islampur Police Station, Dist. Sangli.
2. Lump sum fees of Rs. 50,000/-(Rupees Fifty Thousand Only) as quoted by Adv. Suresh Shamrao Kamble has been already deposited by the applicant Smt. Snehal Saket Kamble to the Government, औ. भाग १--१७ ३९३
vide R. B. I Challan No. 4771 dated 25/03/2021.
The amount will be paid to Adv. Suresh Shamrao Kamble after completion of the case.
3. His appointment is strictly subject to the conditions of service laid down in the Maharashtra Law Officers (Appointment, Conditions of Service and remuneration Rules, 1984.
The Government reserves right to revoke/ modify/annul the order without assigning any rea- son.
By order and in the name of the Governor of Maharashtra,
Dated :- 30/03/2021
(Vaishali P. Borude) Section Officer, Law and Judiciary Department
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३९४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणीसंकीर्ण अधिसूचना, नेमणुका, पदोन्नती इत्यादी २ जिल्हाधिकारी यांजकडून अधिसूचना (कलम-१९) मा.जिल्हाधिकारी, नांदेड यांची मान्यता क्र.२०२१/आरबी/डेस्क-३/ सिआर-३०दि.१०.०३.२०२१
जा.क्रं.२०१७/उपजिअ/भूसं/पा.त/लस्िंाका-२/मौ.रोषणगांव/ सिआर-३१ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्ह्याच्या जिल्हाधिका-याने, भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम, २०१३ (२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश ''उक्त अधिनियम" असा केला आहे.) याच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) द्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन, अधिसुचना क्रमांक-०२, राजपत्र दिनांक १८-२४ जुन-२०२० व शुध्दीपत्रक दिनांक ०९.०३.२०२१ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये आधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची, अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी कार्यकारी अभियंता, उध्र्व पेनगंगा प्रकल्प विभाग क्र.८ नांंदेड विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे. आणि ज्याअर्थी, नांदेड (जिल्ह्यच्या) जिल्हाधिका-याने, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यक्ता आहे याबाबत त्याची खात्री पटली आहे; आणि म्हणुन, उक्त अधिनियमाच्या कलम-१९ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषित करण्यात येत आहे;
आणि ज्याआर्थी, अनुसूची तीन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी ''पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषित केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसूची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे;
| १० | ७८ | ०.०८ | - |
| ११ | ८० | ०.०२ | - |
| १२ | ७९ | ०.२७ | - |
| १३ | ७९ | ०.२५ | - |
| १४ | १४ | ०.१८ | - |
| १५ | १०८ | ०.२० | - |
| १६ | १०७ | ०.२३ | - |
| १७ | १०९ | ०.०१ | - |
| १८ | १०९ | ०.२० | - |
| १९ | १२९ | ०.०६ | - |
| २० | १२८ | ०.०५ | - |
| २१ | १२७ | ०.०२ | - |
| २२ | १२६ | ०.२३ | - |
| २३ | १२५ | ०.१६ | - |
| २४ | १२१ | ०.१० | - |
| २५ | ११९ | ०.११ | - |
| २६ | १६९ | ०.१९ | - |
| २७ | १६९ | ०.१२ | - |
| २८ | २२४ | ०.११ | - |
| २९ | २२५ | ०.११ | - |
| ३० | १२९ | ०.०९ | - |
| ३१ | १२८ | ०.०३ | - |
| ३२ | १३० | ०.१६ | - |
| ३३ | १३३ | ०.३८ | - |
| ३४ | १३४ | ०.१५ | - |
| ३५ | १३४ | ०.२१ | - |
| ३६ | १३६ | ०.०१ | - |
| ३७ | १३५ | ०.०२ | - |
| ३८ | १४४ | ०.०२ | - |
| ३९ | ४८ | १.०५ | - |
| ४० | ५० | ०.२२ | - |
| ४१ | ५१ | ०.२५ | - |
| ४२ | ५५ | ०.०८ | - |
| ४३ | ६८ | ०.०८ | - |
| ४४ | ६६ | ०.२४ | - |
| एकूण ७.२८ हे.आर. (पादण रस्ता ०.०३ हे.आर व | रस्त्यासाठी ०.०३ हे.आर सोडून देण्यात आलेले एकूण ०.०६ हे. आर) |
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन, पातलस्िंाका क्र.२, नांदेड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची दोन
अनुसूची एक संपादित करावयाच्या जमिनीचे वर्णन ú गावाचे नांव: मौ. रोषणगांव तालुका: धर्माबाद जिल्हा: नांदेड अ.क्र. भूमापन क्रमांक क्षेत्र सोडुन देण्यात आलेले
| अ.क्र. | भूमापन क्रमांक क्षेत्र किंवा गट नंबर (हे.आर. | मध्ये) | सोडुन देण्यात आलेले जमीनीचे आदमासे क्षेत्र हे.आर. |
| ०१ | ६८ | ०.५८ | - |
| ०२ | ६९ | ०.०५ | - |
| ०३ | ७२ | ०.२७ | - |
| ०४ | ७० | ०.०७ | - |
| ०५ | ७० | ०.०८ | - |
| ०६ | ७१ | ०.२० | - |
| ०७ | ७८ | ०.१८ | - |
| ०८ | ७८ | ०.०८ | - |
| ०९ | ७८ | ०.०८ | - |
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- इसापूर उजव्या कालव्यावरील शाखा कालव्याच्या डावी लघु कालवा क्र.२ वरील सा.क्र.२१६० वरुन निघणारी उप कालवा क्र.२ (सा. क्र.० ते १८६० मी.) च्या बांधकामाकरिता मौ. रोषणगांव ता. धर्माबाद जि. नांदेड.
प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन:- इसापूर उजव्या कालव्यावरील शाखा कालव्याच्या डावी लघु कालवा क्र.२ वरील सा.क्र.२१६० वरुन निघणारी उप कालवा क्र.२ (सा.क्र.० ते १८६० मी.) च्या बांधकामाकरिता मौ. रोषणगांव ता. धर्माबाद जि. नांदेड.
औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ ३९५समाजाला होणारे लाभ:- जलसिंचन.
अनुसूची तीन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन, पातलस्िंाका क्र.२, नांदेड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
गावाचे नांव: मौ. रोषणगांव तालुका: धर्माबाद जिल्हा: नांदेड अनु क्र. भूमापन क्र. किंवा गट नं. क्षेत्र हेक्टर मध्ये - - लागु नाही - -------
अनुसूची - चार
अनुसूची एक संपादित करावयाच्या जमिनीचे वर्णन ú गावाचे नांव: मौ. बाभळी तालुका: धर्माबाद जिल्हा: नांदेड अ.क्र. भूमापन क्रमांक क्षेत्र सोडुन देण्यात आलेले किंवा गट नंबर (हे.आर. जमीनीचे आदमासे क्षेत्र मध्ये) हे.आर.
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) - लागु नाही -
टिप - उक्त जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन पातलस्िंाका क्र.२, नांदेड यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक:- १०/०३/२०२१०. ठिकाण:- नांदेड.
स्वा/-
जिल्हाधिकारी, नांदेड.
३ जिल्हाधिकारी यांजकडून अधिसूचना (कलम-१९) मा.जिल्हाधिकारी, नांदेड यांची मान्यता क्र.२०२१/आरबी/डेस्क-३/ सिआर-२६ दि.०३.०३.२०२१
जा.क्रं.२०१७/उपजिअ/भूसं/पा.त/लस्िंाका-२/मौ.रोषणगांव/ सिआर-३९ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्ह्याच्या जिल्हाधिका-याने, भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम, २०१३ (२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश ''उक्त अधिनियम" असा केला आहे.) याच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) द्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन,अधिसुचना क्रमांक-११३ राजपत्र दिनांक ३०-०५ जाने-फेब्रुवारी-२०२० अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये आधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची, अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी कार्यकारी अभियंता, उध्र्व पेनगंगा प्रकल्प विभाग क्र.८ नांंदेड विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे. आणि ज्याअर्थी, नांदेड (जिल्ह्यच्या) जिल्हाधिका-याने, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यक्ता आहे याबाबत त्याची खात्री पटली आहे; आणि म्हणुन, उक्त अधिनियमाच्या कलम-१९ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषित करण्यात येत आहे;
| अ.क्र. | भूमापन क्रमांक क्षेत्र किंवा गट नंबर (हे.आर. | मध्ये) | सोडुन देण्यात आलेले जमीनीचे आदमासे क्षेत्र हे.आर. |
| ०१ | २७७ | ०.४३ | - |
| ०२ | २७६ | ०.२८ | - |
| ०३ | २७५ | ०.०६ | - |
| ०४ | २७८ | ०.०५ | - |
| ०५ | २८० | ०.०३ | - |
| ०६ | २८१ | ०.१४ | - |
| ०७ | २८२ | ०.६८ | - |
| ०८ | २५९ | ०.१३ | - |
| ०९ | २५९ | ०.२४ | - |
| १० | २६० | ०.३० | - |
| ११ | २६४ | ०.३५ | - |
| १२ | २६५ | ०.३१ | - |
| १३ | २६६ | ०.२६ | - |
| १४ | १९६ | ०.२० | - |
| १५ | २०१ | ०.०९ | - |
| १६ | २०२ | ०.०७ | - |
| १७ | २०५ | ०.४९ | - |
| १८ | २०६ | ०.४२ | - |
| १९ | १८८ | ०.०७ | - |
| २० | १८८ | ०.१६ | - |
| २१ | १८९ | ०.२३ | - |
| २२ | १५१ | ०.०१ | - |
| २३ | १८७ | ०.२४ | - |
| २४ | १८६ | ०.०३ | - |
| २५ | १८६ | ०.३९ | - |
| २६ | १८६ | ०.३८ | - |
| २७ | १५४ | ०.०७ | - |
| २८ | १५५ | ०.६० | - |
| २९ | १४१ | ०.०१ | - |
| ३० | १६० | ०.०६ | - |
| ३१ | १६० | ०.२६ | - |
| ३२ | १६० | ०.२५ | - |
| ३३ | १६० | ०.१७ | - |
| ३४ | १६० | ०.१८ | - |
| ३५ | १६० | ०.२० | - |
| ३६ | १६० | ०.०२ | - |
| ३७ | १६० | ०.०६ | - |
| ३८ | ११९ | ०.०८ | - |
| ३९ | ११९ | ०.२३ | - |
| ४० | ११९ | ०.०१ | - |
| ४१ | ९२ | ०.२६ | - |
आणि ज्याआर्थी, अनुसूची तीन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी ''पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषित केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसूची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे;
३९६ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी४ जिल्हाधिकारी यांजकडून अधिसूचना (कलम-१९) मा.जिल्हाधिकारी, नांदेड यांची मान्यता क्र.२०१९/आरबी/डेस्क-३/ भूसं/सिआर-१५ दि.०४.०३.२०२१
| ४२ | ९२ | ०.३० | - |
| ४३ | ९२ | ०.०१ | - |
| ४४ | २७७ | ०.०४ | - |
| ४५ | २७६ | ०.६० | - |
| ४६ | २८१ | ०.०३ | - |
| ४७ | २८२ | ०.१७ | - |
| ४८ | २८३ | ०.१६ | - |
| ४९ | २८४ | ०.१० | - |
| ५० | २६३ | ०.२८ | - |
| ५१ | २५६ | ०.०९ | - |
| ५२ | २५६ | ०.१७ | - |
| ५३ | २५६ | ०.१६ | - |
| ५४ | १५५ | ०.१० | - |
| ५५ | १५५ | ०.१७ | - |
| ५६ | १५६ | ०.०८ | - |
| ५७ | १५६ | ०.१२ | - |
| एकूण | ११.०८ हे.आर ०.०६ हे.(पांदन रस्ता) |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- इसापूर उजव्या कालव्याच्या करखेली शाखा कालव्यावरील अंत्य वितरीका, अंत्य वितरीकेवरील एल.एम.१ आर.एम.१ ते ३ कामाकरिता भूसंपादन प्रस्ताव मौ. बाभळी ता. धर्माबाद जि. नांदेड.
प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन:- इसापूर उजव्या कालव्याच्या करखेली शाखा कालव्यावरील अंत्य वितरीका, अंत्य वितरीकेवरील एल.एम.१ आर.एम.१ ते ३ कामाकरिता भूसंपादन प्रस्ताव मौ. बाभळी ता. धर्माबाद जि. नांदेड.
समाजाला होणारे लाभ:- जलसिंचन.
अनुसूची तीन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गावाचे नांव: मौ. बाभळी तालुका: धर्माबाद जिल्हा: नांदेड अनु क्र. भूमापन क्र. किंवा गट नं. क्षेत्र हेक्टर मध्ये - - लागु नाही - -------
अनुसूची - चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) - लागु नाही -
जा.क्रं.२०१९/उपजिअ/भूसं/लस्िंाका/सिआर-०३ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्ह्याच्या जिल्हाधिका-याने, भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम, २०१३ (२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश ''उक्त अधिनियम" असा केला आहे.) याच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) द्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन, अधिसुचना क्रमांक-१७, राजपत्र दिनांक २३-२९ जुलै-२०२० अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये आधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची, अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी कार्यकारी अभियंता, लेंडी प्रकल्प विभाग, देगलूर विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे. आणि ज्याअर्थी, नांदेड (जिल्ह्यच्या) जिल्हाधिका-याने, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यक्ता आहे याबाबत त्याची खात्री पटली आहे; आणि म्हणुन, उक्त अधिनियमाच्या कलम-१९ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषित करण्यात येत आहे;
आणि ज्याआर्थी, अनुसूची तीन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी ''पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषित केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसूची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे;
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन, लस्िंाका, नांदेड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादित करावयाच्या जमिनीचे वर्णन ú गावाचे नांव: मौ. मुक्रमाबाद तालुका: मुखेड जिल्हा: नांदेड अ.क्र. भूमापन क्रमांक क्षेत्र सोडुन देण्यात आलेले
| अ.क्र. | भूमापन क्रमांक क्षेत्र किंवा गट नंबर (चौ.मी.) | सोडुन देण्यात आलेले जमीनीचे आदमासे क्षेत्र हे.आर. | |
| ०१ | ९४ | ६१.७५ | - |
| एकूण | ६१.७५ चौ.मी. | - |
टिप - उक्त जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन पातलस्िंाका क्र.२, नांदेड यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक:- ०३/०३/२०२१० ठिकाण:- नांदेड.
स्वा/-
जिल्हाधिकारी, नांदेड.
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- अतिरिक्त भूसंपादन प्रस्ताव लेंडी प्रधान प्रकल्प (जुने गावठाण) बुडीत क्षेत्रासाठी मौ. मुक्रमाबाद ता. मुखेड जि. नांदेड. प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन:-अतिरिक्त भूसंपादन प्रस्ताव लेंडी प्रधान प्रकल्प (जुने गावठाण) बुडीत क्षेत्रासाठी मौ. मुक्रमाबाद ता. मुखेड जि. नांदेड.
औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ ३९७समाजाला होणारे लाभ:- जलसिंचन.
अनुसूची तीन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गावाचे नांव: मौ. मुक्रमाबाद तालुका: मुखेड जिल्हा: नांदेड अनु क्र. भूमापन क्र. किंवा गट नं. क्षेत्र हेक्टर मध्ये - - लागु नाही - -------
अनुसूची - चार
सारांश अनुसूची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे;
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी तथा भूसंपादन अधिकारी हदगांव यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादित करावयाच्या जमिनीचे वर्णन ú गावाचे नांव: मौ. आंधेगांव तालुका: हिमायतनगर जिल्हा: नांदेड
| अ.क्र. | भूमापन क्रमांक क्षेत्र | किंवा गट नंबर (हे.आर जमीनीचे आदमासे क्षेत्र मध्ये) | सोडुन देण्यात आलेले |
| ०१ | १३० | ०.०८८७ | - |
| एकूण | ०.०८८७ | - |
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) - लागु नाही -
टिप - उक्त जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपजिल्हाधिकारी भूसंपादन लसिका, नांदेड यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक:- ०४/०३/२०२१० ठिकाण:- नांदेड.
स्वा/-
जिल्हाधिकारी, नांदेड.
५ जिल्हाधिकारी यांजकडून अधिसूचना (कलम-१९) मा.जिल्हाधिकारी, नांदेड यांची मान्यता क्र.२०१९/आरबी/डेस्क-३/ भूसं/सिआर-१२० दि.३१.०३.२०२१
जा.क्रं.२०१९/भूसं/आंधेगांव/सिआर-०३ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिका-याने, भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम, २०१३ (२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश ''उक्त अधिनियम" असा केला आहे.) याच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) द्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन, अधिसुचना क्रमांक-३५, पान क्र.८७४ वर दिनांक ०९- १५ जुलै-२०२० अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये आधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची, अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी कार्यकारी अभियंता, विष्णुपूरी प्रकल्प विभाग क्र.२, नांदेड विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे.
आणि ज्याअर्थी, नांदेड (जिल्ह्यच्या) जिल्हाधिका-याने, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यक्ता आहे याबाबत त्याची खात्री पटली आहे; आणि म्हणुन, उक्त अधिनियमाच्या कलम-१९ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषित करण्यात येत आहे;
आणि ज्याआर्थी, अनुसूची तीन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी ''पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषित केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- भूसंपादन प्रस्ताव दरेसरसम साठवण तलाव घलभरणी भागातील निचरा नाला मौ. आंधेगाव ता. हिमायतनगर येथील जमीनीचा भूसंपादन प्रस्ताव. प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन:-भूसंपादन प्रस्ताव दरेसरसम साठवण तलाव घलभरणी भागातील निचरा नाला मौ. आंधेगाव ता. हिमायतनगर येथील जमीनीचा भूसंपादन प्रस्ताव.
समाजाला होणारे लाभ:- सिंचनाखालील क्षेत्र वाढेल व नविन भूसंपादन कायद्यानुसार होणा-या लाभाचा फायदा मिळेल. अनुसूची तीन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गावाचे नांव: मौ. आंधेगाव तालुका:हिमायतनगर जिल्हा: नांदेड अनु क्र. भूमापन क्र. किंवा गट नं. क्षेत्र हेक्टर मध्ये - - लागु नाही - -------
अनुसूची - चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) - लागु नाही -
टिप - उक्त जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपविभागीय अधिकारी तथा भूसंपादन अधिकारी, हदगांव यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक:- ३१/०३/२०२१० ठिकाण:- नांदेड.
स्वा/-
जिल्हाधिकारी, नांदेड.
३९८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी६ जिल्हाधिकारी यांजकडून अधिसूचना (कलम-१९) मा.जिल्हाधिकारी, नांदेड यांची मान्यता क्र.२०२०/आरबी/डेस्क-३/ भूसं/सिआर-१३ दि.१९.०३.२०२१
जा.क्रं.२०२०/उपविअ/भूसं/ूमौ.पाटोदा(खु)/सिआर-०१ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिका-याने, भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम, २०१३ (२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश ''उक्त अधिनियम" असा केला आहे.) याच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) द्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन, अधिसुचना क्रमांक-०७, पान क्र.११८३ व ११८४ वर दिनांक ०५-११ नोव्हेंबर-२०२० अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये आधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची, अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी कार्यकारी अभियंता, उध्र्व पेनगंगा प्रकल्प विभाग क्र.८, नांदेड विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे. आणि ज्याअर्थी, नांदेड (जिल्ह्यच्या) जिल्हाधिका-याने, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यक्ता आहे याबाबत त्याची खात्री पटली आहे; आणि म्हणुन, उक्त अधिनियमाच्या कलम-१९ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये, उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषित करण्यात येत आहे;
आणि ज्याआर्थी, अनुसूची तीन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी ''पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषित केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसूची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे;
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी तथा भूसंपादन अधिकारी, धर्माबाद यास पदनिर्देशित करीत आहे. अनुसूची एक
संपादित करावयाच्या जमिनीचे वर्णन ú गावाचे नांव: मौ.पाटोदा(खु) तालुका: धर्माबाद जिल्हा: नांदेड अ.क्र. भूमापन क्रमांक क्षेत्र सोडुन देण्यात आलेले किंवा गट नंबर (हे.आर जमीनीचे आदमासे क्षेत्र प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन:-भूसंपादन प्रस्ताव इसापूर उजव्या कालव्याच्या करखेली शाखा कालव्यावरील अंत्यवितरीका सा.क्र.४८० ते ६८० मी. मौ. पाटोदा खु. ता. धर्माबाद येथील भूसंपादनाचा प्रस्ताव.
समाजाला होणारे लाभ:- सिंचनाखालील क्षेत्र वाढेल व नविन भूसंपादन कायद्यानुसार होणा-या लाभाचा फायदा मिळेल. अनुसूची तीन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गावाचे नांव: मौ. पाटोदा (खु.) तालुका: धर्माबाद जिल्हा: नांदेड अनु क्र. भूमापन क्र. किंवा गट नं. क्षेत्र हेक्टर मध्ये - - लागु नाही - -------
अनुसूची - चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) - लागु नाही -
टिप - उक्त जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपविभागीय अधिकारी तथा भूसंपादन अधिकारी, धर्माबाद यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक:- १९/०३/२०२१० ठिकाण:- नांदेड.
स्वा/-
जिल्हाधिकारी, नांदेड.
७ जिल्हाधिकारी यांजकडून प्रारंभीक अधिसूचना कलम-११
| अ.क्र. | भूमापन क्रमांक क्षेत्र | किंवा गट नंबर (हे.आर जमीनीचे आदमासे क्षेत्र मध्ये) | सोडुन देण्यात आलेले |
| ०१ | ११८ | ०.०२ | - |
| ०२ | ११९ | ०.०३ | - |
| ०३ | १२०/१ | ०.३१ | - |
| ०४ | १२०/२ | ०.२३ | - |
| एकूण | ०.५९ | - |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- भूसंपादन प्रस्ताव इसापूर उजव्या कालव्याच्या करखेली शाखा कालव्यावरील अंत्यवितरीका सा.क्र.४८० ते ६८० मी. मौ. पाटोदा खु. ता. धर्माबाद येथील भूसंपादनाचा प्रस्ताव.
दिनांक:-०४/०३/२०२१ भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करताना उचिता नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ क्रमांक २०१५/उपविअ/भूसं/मंगनाळी/सिआर-२० ज्याअर्थी, भूसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम-२०१३ (२०१३ चा ३०) याच्या कलम-३ च्या खंड (इ) च्या परंतुकाद्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसूचना, महसूल व वन विभाग क्र.संकिर्ण १९/२०१४/प्र.क्र.७७/ अ, दिनांक १९ जानेवारी, २०१५ (यात यापुढे जिचा निर्देश उक्त अधिसूचना असा करण्यात आला आहे.) याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम (३) च्या खंड (झेड अे) मध्ये व्याख्या केलेल्या एखाद्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी, एखाद्या जिल्ह्यतील ५०० हेक्टर पेक्षा अधिक नसेल इतक्या क्षेत्रकरीता जमीन संपादन करण्याच्या संबंधात अशा जिल्ह्यचा जिल्हाधिकारी हा उक्त अधिनियमाच्या प्रयोजनासाठी समुचित शासन असल्याचे मानण्यात येईल. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिसूचनेनुसार समुचित शासन असलेल्या, नांदेड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिका-यास यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेली जमीन (यात पुढे जिचा निर्देश उक्त सार्वजनिक प्रयोजन असा करण्यात आला आहे.) आवश्यक आहे अथवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे, असे वाटते, ज्याच्या स्वरुपाचे विवरण यासोबत जोडलेल्या अनुसूची दोनमध्ये दिलेले आहे; आणि म्हणून उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये याद्वारे असे अधिसूचित करण्यात येते की, उक्त जमिनीची उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, प्रस्तावित भूमि संपादनाच्या अनुषंगाने बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पडणारी कारणे, यासोबत जोडलेल्याऔरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ ३९९ अनुसूची तीन मध्ये दिलेली आहेत. आणि ज्याअर्थी, सामाजिक परिणाम निर्धारण सारांश यासोबत जोडलेल्या अनुसूची चार मध्ये दिलेला आहे. आणि ज्याअर्थी कलम ४३ च्या पोट कलम (१) अन्वये पुनर्वसन व पुनर्वसाहत या प्रयोजनासाठी नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशिल यासोबत जोडलेल्या अनुसूची पाचमध्ये दिलेला आहे; त्याअर्थी, आता असे घोषित करण्यात येत आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम-११ च्या पोट कलम-४ अनुसार कोणतीही व्यक्ती, ही अधिसूचना प्रसिध्द झाल्याच्या दिनांकापासून ते उक्त अधिनियमाच्या प्रकरण चार खालील कार्यवाही पूर्ण होईल त्या कालावधीपयर्ंत उक्त जमीनीचा अथवा तिच्या भागाचा कोणताही व्यवहार करणार नाही किंवा उक्त जमिनीवर कोणताही भार निर्माण करणार नाही. परंतू, उक्त जमिनीच्या अथवा तिच्या भागाच्या मालकाने अर्ज केल्यावर जिल्हाधिका-यास विशेष परिस्थितीची कारणे लेखी नमूद करुन अशा मालकास उपरोक्त तरतुदीच्या प्रवर्तनातून सूट देता येईल. तसेच, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम(५) अनुसार, जिल्हाधिकारी भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क (महाराष्ट्र) नियम,२०१४ (यात यापुढे ज्यांचा निर्देश उक्त नियम असा करण्यात आला आहे.) यांच्या नियम १० च्या उप नियम (३) द्वारे विहित केल्याप्रमाणे भूमि अभिलेखाच्या अद्यावतीकरणाचे काम हाती घेणार असल्याचे व पुर्ण करणार असल्याचे देखील घोषित करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, यांनी उक्त अधिनियमाखालील जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी धर्माबाद यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादीत करावायाच्या जमिनीचे वर्णन
गाव: मौ. मंगनाळी तालुका:- धर्माबाद जिल्हा: नांदेड अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- भूसंपादन प्रस्ताव इसापूर उजव्या कालव्याच्या करखेली शाखा कालव्यावरील डावी लघुवितरीका क्र.४ वरील डावी उपलघुवितरीका क्र.२ वरील सा.क्र.० ते ९४० मी. मौ. मंगनाळी ता. धर्माबाद जि. नांदेड.
प्रकल्प कार्याचे वर्णन:- जलसिंचनासाठी भूसंपादन करणे.
समाजाला मिळणारे लाभ:- जलसिंचनाच्या पायाभूत सूविधेमध्ये भर पडत आहे. (र्आथिक, रोजगार, पायाभूत सूविधा, सोईसूविधा याबाबत व इतर लाभासंबंधात)
अनुसूची तीन
बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पाडणारी करणे लागू नाही.
अनुसूची चार
(सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करण्या-या अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारणाचा सारांश लागू नाही. अनुसूची पाच
नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशील
भूधारकाचे विस्थापन होत नसल्यामुळे प्रशासक नियुक्ती लागु नाही. टिप - उक्त जमिनीच्या आराखडयाचे उपविभागीय अधिकारी, धर्माबाद ता. धर्माबाद जि. नांदेड यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक:- ०४/०३/२०२१ ठिकाण:- धर्माबाद. (राजेंद्र शेळके)
| अनुक्रमांक भूमापन किंवा गट क्रमांक संपादीत क्षेत्र हे.आर | ||
| ०१ | ३३ | ०.०२ आर |
| ०२ | १३९/१ | ०.१४ आर |
| ०३ | १३९/२ | ०.१६ आर |
| ०४ | ९९ | ०.०७ आर |
| ०५ | ७० | ०.०६ आर |
| ०६ | ६९ | ०.२२ आर |
| ०७ | ७६ | ०.०४ आर |
| ०८ | ७७ | ०.०२ आर |
| ०९ | ७८ | ०.०२ आर |
| १० | ७९ | ०.०२ आर |
| ११ | ८० | ०.०१ आर |
| १२ | ८४ | ०.०२ आर |
| १३ | ६८ | ०.२८ आर |
| १४ | ८५/१ | ०.०२ आर |
| १५ | ८५/२ | ०.०२ आर |
| १६ | ६५ | ०.१० आर |
| १७ | ६४ | ०.०८ आर |
| १८ | ३४ | ०.०२ आर |
| १९ | ९९ | ०.०३ आर |
| २० | १३२/१ | ०.२६ आर |
| २१ | १३२/२ | ०.२४ आर |
| एकूण संपादीत क्षेत्र | ०१.८५ हे. आर |
उपविभागीय अधिकारी तथा भूसंपादन अधिकारी धर्माबाद४०० महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी ८ जिल्हाधिकारी यांजकडून प्रारंभीक अधिसूचना कलम-११ भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क (महाराष्ट्र) नियम,२०१४ (यात यापुढे ज्यांचा निर्देश उक्त नियम असा करण्यात आला आहे.) यांच्या नियम १० च्या उप नियम (३) द्वारे विहित केल्याप्रमाणे भूमि अभिलेखाच्या अद्यावतीकरणाचे काम हाती घेणार असल्याचे व पुर्ण करणार असल्याचे देखील घोषित करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, यांनी उक्त अधिनियमाखालील जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी धर्माबाद यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादीत करावायाच्या जमिनीचे वर्णन
गाव: मौ. मंगनाळी तालुका:- धर्माबाद जिल्हा: नांदेड
| अनुक्रमांक भूमापन किंवा गट क्रमांक संपादीत क्षेत्र हे.आर | ||
| ०१ | १४४/१ | ०.०५ |
| ०२ | १४४/२ | ०.०६ |
| ०३ | १४४/३ | ०.११ |
| ०४ | १४५/१ | ०.१० |
| ०५ | १४५/२ | ०.०६ |
| ०६ | १४५/३ | ०.०६ |
| ०७ | १४६ | ०.११ |
| ०८ | १४७ | ०.२३ |
| एकूण संपादीत क्षेत्र | ०.७८ हे.आर. |
अनुसूची दोन
दिनांक:-१८/०३/२०२१ भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करताना उचिता नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ क्रमांक २०१५/उपविअ/भूसं/मंगनाळी/सिआर-२६ ज्याअर्थी, भूसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम-२०१३ (२०१३ चा ३०) याच्या कलम- ३ च्या खंड (इ) च्या परंतुकाद्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसूचना, महसूल व वन विभाग क्र.संकिर्ण १९/२०१४/प्र.क्र.७७/अ, दिनांक १९ जानेवारी, २०१५ (यात यापुढे जिचा निर्देश उक्त अधिसूचना असा करण्यात आला आहे.) याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम (३) च्या खंड (झेड अे) मध्ये व्याख्या केलेल्या एखाद्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी, एखाद्या जिल्ह्यतील ५०० हेक्टर पेक्षा अधिक नसेल इतक्या क्षेत्रकरीता जमीन संपादन करण्याच्या संबंधात अशा जिल्ह्यचा जिल्हाधिकारी हा उक्त अधिनियमाच्या प्रयोजनासाठी समुचित शासन असल्याचे मानण्यात येईल. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिसूचनेनुसार समुचित शासन असलेल्या, नांदेड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिका-यास यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेली जमीन (यात पुढे जिचा निर्देश उक्त सार्वजनिक प्रयोजन असा करण्यात आला आहे.) आवश्यक आहे अथवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे, असे वाटते, ज्याच्या स्वरुपाचे विवरण यासोबत जोडलेल्या अनुसूची दोनमध्ये दिलेले आहे; आणि म्हणून उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये याद्वारे असे अधिसूचित करण्यात येते की, उक्त जमिनीची उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- भूसंपादन प्रस्ताव इसापूर उजव्या कालव्याच्या करखेली शाखा कालव्यावरील डावी लघुवितरीका क्र.४ वरील डावी उपलघुवितरीका क्र.१ सा.क्र.० ते ५२० मी. मौ. मंगनाळी ता. धर्माबाद जि. नांदेड. प्रकल्प कार्याचे वर्णन:- जलसिंचनासाठी भूसंपादन करणे. समाजाला मिळणारे लाभ:- जलसिंचनाच्या पायाभूत सूविधेमध्ये भर पडत आहे. (र्आथिक, रोजगार, पायाभूत सूविधा, सोईसूविधा याबाबत व इतर लाभासंबंधात)
अनुसूची तीन
बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पाडणारी करणे लागू नाही.
अनुसूची चार
(सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करण्या-या अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारणाचा सारांश लागू नाही. अनुसूची पाच नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशील भूधारकाचे विस्थापन होत नसल्यामुळे प्रशासक नियुक्ती लागु नाही. टिप - उक्त जमिनीच्या आराखडयाचे उपविभागीय अधिकारी, धर्माबाद ता. धर्माबाद जि. नांदेड यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल. दिनांक:- १८/०३/२०२१ ठिकाण:- धर्माबाद.
(राजेंद्र शेळके) उपविभागीय अधिकारी तथा भूसंपादन अधिकारी धर्माबाद आणि ज्याअर्थी, प्रस्तावित भूमि संपादनाच्या अनुषंगाने बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पडणारी कारणे, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची तीन मध्ये दिलेली आहेत. आणि ज्याअर्थी, सामाजिक परिणाम निर्धारण सारांश यासोबत जोडलेल्या अनुसूची चार मध्ये दिलेला आहे. आणि ज्याअर्थी कलम ४३ च्या पोट कलम (१) अन्वये पुनर्वसन व पुनर्वसाहत या प्रयोजनासाठी नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशिल यासोबत जोडलेल्या अनुसूची पाचमध्ये दिलेला आहे; त्याअर्थी, आता असे घोषित करण्यात येत आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम-११ च्या पोट कलम-४ अनुसार कोणतीही व्यक्ती, ही अधिसूचना प्रसिध्द झाल्याच्या दिनांकापासून ते उक्त अधिनियमाच्या प्रकरण चार खालील कार्यवाही पूर्ण होईल त्या कालावधीपयर्ंत उक्त जमीनीचा अथवा तिच्या भागाचा कोणताही व्यवहार करणार नाही किंवा उक्त जमिनीवर कोणताही भार निर्माण करणार नाही. परंतू, उक्त जमिनीच्या अथवा तिच्या भागाच्या मालकाने अर्ज केल्यावर जिल्हाधिका-यास विशेष परिस्थितीची कारणे लेखी नमूद करुन अशा मालकास उपरोक्त तरतुदीच्या प्रवर्तनातून सूट देता येईल. तसेच, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम(५) अनुसार, जिल्हाधिकारी भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचितऔरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ ४०१ ९ जिल्हाधिकारी यांजकडून प्रारंभीक अधिसूचना कलम-११ (यात यापुढे ज्यांचा निर्देश उक्त नियम असा करण्यात आला आहे.) यांच्या नियम १० च्या उप नियम (३) द्वारे विहित केल्याप्रमाणे भूमि अभिलेखाच्या अद्यावतीकरणाचे काम हाती घेणार असल्याचे व पुर्ण करणार असल्याचे देखील घोषित करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी, यांनी उक्त अधिनियमाखालील जिल्हाधिका-यांची कार्ये पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी धर्माबाद यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक संपादीत करावायाच्या जमिनीचे वर्णन
गाव: मौ. चिकना तालुका:- धर्माबाद जिल्हा: नांदेड
| अनुक्रमांक भूमापन किंवा गट क्रमांक संपादीत क्षेत्र हे.आर | ||
| ०१ | २६७/१ | ०.२६ आर |
| ०२ | २६७/२ | ०.०२ आर |
| ०३ | २६६ | ०.०१ आर |
| ०४ | २५०/१ | ०.२१ आर |
| ०५ | २५०/२ | ०.१६ आर |
| ०६ | २४८ | ०.२२ आर |
| ०७ | २४९/१ | ०.२१ आर |
| ०८ | २४९/२ | ०.०५ आर |
| एकूण संपादीत क्षेत्र | ०१.१४ हे.आर. |
अनुसूची दोन
दिनांक:-१७/०३/२०२१ भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करताना उचिता नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ क्रमांक २०१५/उपविअ/भूसं/चिकना/सिआर-३२ ज्याअर्थी, भूसंपादन, पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम-२०१३ (२०१३ चा ३०) याच्या कलम- ३ च्या खंड (इ) च्या परंतुकाद्वारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसूचना, महसूल व वन विभाग क्र.संकिर्ण १९/२०१४/प्र.क्र.७७/अ, दिनांक १९ जानेवारी, २०१५ (यात यापुढे जिचा निर्देश उक्त अधिसूचना असा करण्यात आला आहे.) याद्वारे असे अधिसूचित केले आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम (३) च्या खंड (झेड अे) मध्ये व्याख्या केलेल्या एखाद्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी, एखाद्या जिल्ह्यतील ५०० हेक्टर पेक्षा अधिक नसेल इतक्या क्षेत्रकरीता जमीन संपादन करण्याच्या संबंधात अशा जिल्ह्यचा जिल्हाधिकारी हा उक्त अधिनियमाच्या प्रयोजनासाठी समुचित शासन असल्याचे मानण्यात येईल. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिसूचनेनुसार समुचित शासन असलेल्या, नांदेड जिल्ह्यच्या जिल्हाधिका-यास यासोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेली जमीन (यात पुढे जिचा निर्देश उक्त सार्वजनिक प्रयोजन असा करण्यात आला आहे.) आवश्यक आहे अथवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे, असे वाटते, ज्याच्या स्वरुपाचे विवरण यासोबत जोडलेल्या अनुसूची दोनमध्ये दिलेले आहे; आणि म्हणून उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम (१) च्या तरतुदीन्वये याद्वारे असे अधिसूचित करण्यात येते की, उक्त जमिनीची उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव:- भूसंपादन प्रस्ताव इसापूर उजव्या कालव्यावरील करखेली शाखा कालव्यावरील डावी लघु वितरीका क्र.२ वरील सा.क्र.० ते ५६० मी. या कामासाठी मौ. चिकना ता. धर्माबाद जि. नांदेड. संपादीत क्षेत्र ०१. १४ हे. आर. भूसंपादन करणे. प्रकल्प कार्याचे वर्णन:- जलसिंचनासाठी भूसंपादन करणे. समाजाला मिळणारे लाभ:- जलसिंचनाच्या पायाभूत सूविधेमध्ये भर पडत आहे. (र्आथिक, रोजगार, पायाभूत सूविधा, सोईसूविधा याबाबत व इतर लाभासंबंधात)
अनुसूची तीन
बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पाडणारी करणे लागू नाही.
अनुसूची चार
(सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करण्या-या अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारणाचा सारांश लागू नाही. अनुसूची पाच नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशील भूधारकाचे विस्थापन होत नसल्यामुळे प्रशासक नियुक्ती लागु नाही. टिप - उक्त जमिनीच्या आराखडयाचे उपविभागीय अधिकारी, धर्माबाद ता. धर्माबाद जि. नांदेड यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल. दिनांक:- १७/०३/२०२१ ठिकाण:- धर्माबाद.
(राजेंद्र शेळके) उपविभागीय अधिकारी तथा भूसंपादन अधिकारी धर्माबाद आणि ज्याअर्थी, प्रस्तावित भूमि संपादनाच्या अनुषंगाने बाधित व्यक्तींचे विस्थापन करण्यास भाग पडणारी कारणे, यासोबत जोडलेल्या अनुसूची तीन मध्ये दिलेली आहेत. आणि ज्याअर्थी, सामाजिक परिणाम निर्धारण सारांश यासोबत जोडलेल्या अनुसूची चार मध्ये दिलेला आहे. आणि ज्याअर्थी कलम ४३ च्या पोट कलम (१) अन्वये पुनर्वसन व पुनर्वसाहत या प्रयोजनासाठी नियुक्त केलेल्या प्रशासकाचा तपशिल यासोबत जोडलेल्या अनुसूची पाचमध्ये दिलेला आहे; त्याअर्थी, आता असे घोषित करण्यात येत आहे की, उक्त अधिनियमाच्या कलम-११ च्या पोट कलम-४ अनुसार कोणतीही व्यक्ती, ही अधिसूचना प्रसिध्द झाल्याच्या दिनांकापासून ते उक्त अधिनियमाच्या प्रकरण चार खालील कार्यवाही पूर्ण होईल त्या कालावधीपयर्ंत उक्त जमीनीचा अथवा तिच्या भागाचा कोणताही व्यवहार करणार नाही किंवा उक्त जमिनीवर कोणताही भार निर्माण करणार नाही. परंतू, उक्त जमिनीच्या अथवा तिच्या भागाच्या मालकाने अर्ज केल्यावर जिल्हाधिका-यास विशेष परिस्थितीची कारणे लेखी नमूद करुन अशा मालकास उपरोक्त तरतुदीच्या प्रवर्तनातून सूट देता येईल. तसेच, उक्त अधिनियमाच्या कलम ११ च्या पोट कलम(५) अनुसार, जिल्हाधिकारी भूमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क (महाराष्ट्र) नियम,२०१४४०२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी अनुसूची - एक १० उपविभागीय अधिकारी यांजकडून
नविन भुसंपादन कायदा -२०१३ च्या कलम १९(१) खालील अधिसुचना जिल्हाधिकारी, बीड यांचे कार्यालय, जि.बीड संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गावाचे नांव :-पाझर तलाव क्र.४ मौ बरगवाडी ता. शिरुर (का) जि. बीड
| अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) १ २० १.५४ |
| एकूण १.५४ |
(भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुर्नस्थापना करतांना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ नुसार जमीन संपादन पाझर तलाव क्र.४ मौ बरगवाडी ता. शिरुर (का) जि.
बीड साठी भुसंपादन
क्रमांक-२०२१/एलएनक्यु/एसआर/०७/२०१८ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यास भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम,२०१३(२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा केला आहे) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (१)व्दारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसुचना, महसुल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, दिनांक दिनांक १९ जानेवारी २०१५ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे आणि त्याव्दारे असे अधिसुचित केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूचि एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीचा, अनुसुचि दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्नीदिष्ठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकायाचे, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणुन उक्त अधिनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम (१) च्या तरतुदीन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीनीची आवश्यकता आहे असे याव्दारे घोषीत करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियाच्या पुनर्वसन व पुर्नवसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याव्दारे घोषीत केले असुन,पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश अनुसुचि चार मध्ये विर्िनदिष्ट केले आहे.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी,उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी बीड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची- दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव : पाझर तलाव क्र.४ मौ बरगवाडी.ता. शिरुर (का) जि. बीड
प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन:- पाझर तलाव क्र.४ मौ बरगवाडी ता. शिरुर (का) जि. बीड यासार्वजनिक कामाचे प्रयोजन
सामाजिक फायदे :- शेती पिकासाठी पाणी व जनावरांना पाणी व इतर सार्वजनिक हितार्थ
अनुसूची- तीन
पुर्नवसाहत क्षेत्राचे वर्णन गावाचे नांव :-पाझर तलाव क्र.४ मौ बरगवाडी ता. शिरुर (का) जि. बीड
अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) लागु नाही
अनुसूची- चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) (सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करणाया अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारण सारांश.) दिनांक १३मार्च २०१५ चे राजपत्रात प्रसिध्द महाराष्ट्र शासनाची अधिसुचना क्रमांक संकिर्ण ०१/२०१५/ प्र.क्र,३/अ-२,नुसार उक्त अधिनियमाचे कलम-१० क नुसार सामाजिक प्रभाव निर्धारणाच्या तरतुदी लागु करण्यापासुन सुट देण्यात आलेली आहे.
टिप :-उक्त जमिनीच्या नकाशाचे उपविभागीय अधिकारी बीड यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक :- ०६ /०४/२०२१ (नामदेव टिळेकर) ठिकाण :- बीड उपविभागीयअधिकारी बीड
--------------------------
औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ ४०३ ११ अनुसूची - एकउपविभागीय अधिकारी यांजकडून
नविन भुसंपादन कायदा -२०१३ च्या कलम १९(१) खालील अधिसुचना जिल्हाधिकारी, बीड यांचे कार्यालय, जि.बीड (भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुर्नस्थापना करतांना वाजवी भरपाई संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गावाचे नांव :- गाव तलाव क्र.२ धनगरवाडी
ता. शिरुर (का) जि. बीड
| अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) |
| १ ७०६ ०.१७ २ ७०६ ०.१७ ३ ७०६ ०.१७ ४ ७०६ ०.१७ ५ ७०६ ०.१७ ६ ७०५ ०.१२ |
| एकूण ०.९७ |
मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ नुसार जमीन संपादन
गाव तलाव क्र.२ धनगरवाडीता. शिरुर (का) जि. बीड साठी भुसंपादन
क्रमांक-२०२०/एलएनक्यु/एसआर/५५/२००६ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यास भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम,२०१३(२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा केला आहे) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (१)व्दारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसुचना, महसुल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, दिनांक दिनांक १९ जानेवारी २०१५ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे आणि त्याव्दारे असे अधिसुचित केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूचि एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीचा, अनुसुचि दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्नीदिष्ठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकायाचे, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणुन उक्त अधिनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम (१) च्या तरतुदीन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीनीची आवश्यकता आहे असे याव्दारे घोषीत करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियाच्या पुनर्वसन व पुर्नवसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याव्दारे घोषीत केले असुन,पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश अनुसुचि चार मध्ये विर्िनदिष्ट केले आहे.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी,उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी बीड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची- दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव : गाव तलाव क्र.२ धनगरवाडी
ता. शिरुर (का) जि. बीड
प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन:- गाव तलाव क्र.२ धनगरवाडी
ता. शिरुर (का) जि. बीड यासार्वजनिक कामाचे प्रयोजन सामाजिक फायदे :- शेती पिकासाठी पाणी व जनावरांना पाणी व इतर सार्वजनिक हितार्थ
अनुसूची- तीन
पुर्नवसाहत क्षेत्राचे वर्णन गावाचे नांव :- गाव तलाव क्र.२ धनगरवाडी. ता. शिरुर (का) जि. बीड
अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) लागु नाही
अनुसूची- चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) (सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करणाया अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारण सारांश.) दिनांक १३मार्च २०१५ चे राजपत्रात प्रसिध्द महाराष्ट्र शासनाची अधिसुचना क्रमांक संकिर्ण ०१/२०१५/प्र.क्र,३/ अ-२,नुसार उक्त अधिनियमाचे कलम-१० क नुसार सामाजिक प्रभाव निर्धारणाच्या तरतुदी लागु करण्यापासुन सुट देण्यात आलेली आहे.
टिप :-उक्त जमिनीच्या नकाशाचे उपविभागीय अधिकारी बीड यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक :- ०६/०४/२०२१ (नामदेव टिळेकर) ठिकाण :- बीड उपविभागीयअधिकारी बीड
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४०४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी १२ कार्यकारी अभियंता , लघू सिंचन (जलसंधारण विभाग) नांदेड विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे. जिल्हाधिकारी यांजकडूनअधिसुचना (कलम १९)
भूमीसंपादन,पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम ,
२०१३
जा.क्रं.२०१६/भूसंपादन/दावनणगिर १/५१ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्हयाच्या जिल्हाधिका-याने ,भूमिसंपादन , पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम २०१३ (२०१३ चा ३० ) (यात पुढे ज्याचा निर्देश "उ अधिनीयम" असा केला आहे ) याच्या कलम ११च्या पोटकलम (१) द्वारे प्रदान करण्यांत आलेल्या अधिकाराचा वापर करून, अधिसुचना क्रं. ४ राजपत्र दि.०२-०८ जुलै २०२० व अधिसुचना क्रं.३ शुध्दिपत्रक राजपत्र दिनांक ०८-१४ ऑक्टोंबर २०२० अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसुचीत केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची , अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशिलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आणि ज्याअर्थी नांदेड (जिल्हयाच्या ) जिल्हाधिका-यांने , कलम १५ च्या पोटकलम (२) अनवये दिलेला अहवाल , कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यांनतर , उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिन संपादीत करण्यांची आवश्यकता आहे या बाबत त्याची खात्री पटली आहे.आणि म्हणुन ,उ अधिनीयमाच्या कलम १९ पोटकलम (१) च्या तरतुदींन्वये उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषीत करण्यांत येत आहे;
आणि ज्याअर्थी , अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुंटूंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी "पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषीत केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसुची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे.
आणि ज्याअर्थी ,उ अधिनीयमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचीत शासन असलेला जिल्हाधिकारी , उ अधिनीयमान्वये जिलहाधिका-यांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन अधिकारी देगलूर यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक
संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गांवाचे नांव - दावणगिर
तालुका - देगलूर
जि.नांदेड
| अ.क्रं. | भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर) | सोडून देण्यांत आलेले जमिनीचे अदमासे क्षेत्र हे.आर |
| १ | २४/६ | ०.६० | |
| २ | २४/६ | ०.०७ | |
| ३ | २४/६ | ०.२१ | |
| ४ | २४/६ | ०.१५ | |
| ५ | २४/४ | ०.०३ | |
| ६ | २२ | ०.१८ | |
| एकुण | १.२४ हे.आर |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण
प्रक्लपाचे नांव :- मौ.दावणगिर ता.देगलूर येथील पाझर तलाव क्रं.०१ साठी भुसंपादन प्रस्ताव. प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन :- मौ.दावणगिर ता.देगलूर येथील पाझर तलाव क्रं.०१ साठी समाजाला होणारे लाभ :- जलसिंचन
अनुसूची तिन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गांवाचे नांव - दावणिगिर तालुका - देगलूर जि.नांदेड
| अ.क्रं. | भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर मध्ये ) |
| - | लागू नाही | -------- |
अनुसूची चार
( पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश )
------ लागू नाही ----
टिप :- उ जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन अधिकारी देगलूर यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक :- १९/०३/२०२१
ठिकाण :- नांदेड
जिल्हाधिकारी नांदेड
------------------
४०६ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी १३ कार्यकारी अभियंता , लघू सिंचन (जलसंधारण विभाग) नांदेड विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे. जिल्हाधिकारी यांजकडूनअधिसुचना (कलम १९)
भूमीसंपादन,पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम ,
२०१३
जा.क्रं.२०१६/भूसंपादन/दावनणगिर २/५० ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्हयाच्या जिल्हाधिका-याने ,भूमिसंपादन , पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम २०१३ (२०१३ चा ३० ) (यात पुढे ज्याचा निर्देश "उ अधिनीयम" असा केला आहे ) याच्या कलम ११च्या पोटकलम (१) द्वारे प्रदान करण्यांत आलेल्या अधिकाराचा वापर करून, अधिसुचना क्रं. ३ राजपत्र दि.०२-०८ जुलै २०२० व अधिसुचना क्रं.४ शुध्दिपत्रक राजपत्र दिनांक ०८-१४ ऑक्टोंबर २०२० अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसुचीत केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची , अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशिलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी
अनुसूची एक
आणि ज्याअर्थी नांदेड (जिल्हयाच्या ) जिल्हाधिका-यांने , कलम १५ च्या पोटकलम (२) अनवये दिलेला अहवाल , कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यांनतर , उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिन संपादीत करण्यांची आवश्यकता आहे या बाबत त्याची खात्री पटली आहे.आणि म्हणुन ,उ अधिनीयमाच्या कलम १९ पोटकलम (१) च्या तरतुदींन्वये उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषीत करण्यांत येत आहे;
आणि ज्याअर्थी , अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुंटूंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी "पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषीत केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसुची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे.
आणि ज्याअर्थी ,उ अधिनीयमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचीत शासन असलेला जिल्हाधिकारी , उ अधिनीयमान्वये जिलहाधिका-यांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन अधिकारी देगलूर यास पदनिर्देशित करीत आहे.
संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गांवाचे नांव - दावणगिर तालुका - देगलूर
जि.नांदेड
| अ.क्रं. | भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर) | सोडून देण्यांत आलेले जमिनीचे अदमासे क्षेत्र हे.आर | |
| १ | २४ | ०.०६ | ||
| २ | २४ | ०.१० | ||
| ३ | २४ | ०.३१ | ||
| ४ ५ | २४ २४ | ०.४३ ०.२२ | ||
| ६ | २४ | ०.०९ | ||
| ७ ८ ९ | २४ २३ २२ एकुण | ०.०१ ०.०४ ०.०३ १.२९ हे.आर | ||
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण
प्रक्लपाचे नांव :- पाझर तलाव क्रं.०२ साठी मौ.दावणगिर ता.देगलूर जि.नांदेड
प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन :- भुसंपादन प्रस्ताव पाझर तलाव क्रं.०२ साठी मौ.दावणगिर ता.देगलूर समाजाला होणारे लाभ :- जलसिंचन
अनुसूची तिन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गांवाचे नांव - दावणिगिर तालुका - देगलूर जि.नांदेड
| अ.क्रं. | भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर मध्ये ) |
| - | लागू नाही | -------- |
अनुसूची चार
( पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश )
------ लागू नाही ----
टिप :- उ जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन
अधिकारी देगलूर यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक :- १९/०३/२०२१
ठिकाण :- नांदेड
जिल्हाधिकारी नांदेड
-------------------
४०८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी १४ प्रयोजनासाठी कार्यकारी अभियंता , लघू सिंचन (जलसंधारण विभाग) नांदेड विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे. जिल्हाधिकारी यांजकडूनअधिसुचना (कलम १९)
भूमीसंपादन,पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम ,
२०१३
जा.क्रं.२०१६/भूसंपादन/लोणी तांडा १/४६ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्हयाच्या जिल्हाधिका-याने ,भूमिसंपादन , पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम २०१३ (२०१३ चा ३० ) (यात पुढे ज्याचा निर्देश "उ अधिनीयम" असा केला आहे ) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (१) द्वारे प्रदान करण्यांत आलेल्या अधिकाराचा वापर करून, अधिसुचना क्रं. ६ राजपत्र दि.०२-०८ जुलै २०२० व अधिसुचना क्रं.०६ शुध्दिपत्रक राजपत्र दिनांक ०८-१४ ऑक्टोंबर २०२० अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे.
आणि त्याद्वारे असे अधिसुचीत केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची , अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशिलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक आणि ज्याअर्थी नांदेड (जिल्हयाच्या ) जिल्हाधिका-यांने , कलम १५ च्या पोटकलम (२) अनवये दिलेला अहवाल , कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यांनतर , उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिन संपादीत करण्यांची आवश्यकता आहे या बाबत त्याची खात्री पटली आहे.आणि म्हणुन ,उ अधिनीयमाच्या कलम १९ पोटकलम (१) च्या तरतुदींन्वये उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषीत करण्यांत येत आहे;
आणि ज्याअर्थी , अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुंटूंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी "पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषीत केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसुची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे.
आणि ज्याअर्थी ,उ अधिनीयमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचीत शासन असलेला जिल्हाधिकारी , उ अधिनीयमान्वये जिलहाधिका-यांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन अधिकारी देगलूर यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक
संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गांवाचे नांव - लोणी तांडा तालुका - देगलूर जि.नांदेड
| अ.क्रं. भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर) | सोडून देण्यांत आलेले जमिनीचे अदमासे क्षेत्र हे.आर | |
| १ | ३३ | ०.४१ | |
| २ | ३३ | १.५७ | |
| एकुण | १.९८ हे.आर |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण
प्रक्लपाचे नांव :- पाझर तलाव क्रं.०१ साठी मौ.लोणी तांडा ता.देगलूर जि.नांदेड
प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन :- भुसंपादन प्रस्ताव पाझर तलाव क्रं.०१ साठी मौ.लोणी तांडा ता.देगलूर समाजाला होणारे लाभ :- जलसिंचन
अनुसूची तिन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गांवाचे नांव - लोणी तांडा तालुका - देगलूर जि.नांदेड
| अ.क्रं. | भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर मध्ये ) |
| - | लागू नाही | -------- |
अनुसूची चार
( पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश )
------ लागू नाही ----
टिप :- उ जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन अधिकारी
देगलूर यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक :- २०/०३/२०२१
ठिकाण :- नांदेड
जिल्हाधिकारी नांदेड
-------------------
४१० महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी १५ कार्यकारी अभियंता , लघू सिंचन (जलसंधारण विभाग) नांदेड विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे. जिल्हाधिकारी यांजकडूनअधिसुचना (कलम १९)
भूमीसंपादन,पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम ,
२०१३
जा.क्रं.२०१६/भूसंपादन/लोणी १/४७ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्हयाच्या जिल्हाधिका-याने ,भूमिसंपादन , पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम २०१३ (२०१३ चा ३० ) (यात पुढे ज्याचा निर्देश "उ अधिनीयम" असा केला आहे ) याच्या कलम ११च्या पोटकलम (१) द्वारे प्रदान करण्यांत आलेल्या अधिकाराचा वापर करून, अधिसुचना क्रं.७ राजपत्र दि.०२-०८ जुलै २०२० व अधिसुचना क्रं.०७ शुध्दिपत्रक राजपत्र दिनांक ०८-१४ ऑक्टोंबर २०२० अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसुचीत केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची , अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशिलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आणि ज्याअर्थी नांदेड (जिल्हयाच्या ) जिल्हाधिका-यांने , कलम १५ च्या पोटकलम (२) अनवये दिलेला अहवाल , कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यांनतर , उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिन संपादीत करण्यांची आवश्यकता आहे या बाबत त्याची खात्री पटली आहे.आणि म्हणुन ,उ अधिनीयमाच्या कलम १९ पोटकलम (१) च्या तरतुदींन्वये उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषीत करण्यांत येत आहे;
आणि ज्याअर्थी , अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुंटूंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी "पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषीत केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसुची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे.
आणि ज्याअर्थी ,उ अधिनीयमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचीत शासन असलेला जिल्हाधिकारी , उ अधिनीयमान्वये जिलहाधिका-यांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन अधिकारी देगलूर यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक
संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गांवाचे नांव - लोणी तालुका - देगलूर जि.नांदेड
| अ.क्रं. भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर) | सोडून देण्यांत आलेले जमिनीचे अदमासे क्षेत्र हे.आर | |
| १ | २२० | ०.०४ | |
| २ | २२० | ०.१५ | |
| ३ | २२० | ०.४४ | |
| ४ | २२० | ०.३९ | |
| एकुण | १.०२ हे.आर |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण
प्रक्लपाचे नांव :- पाझर तलाव क्रं.०१ साठी मौ.लोणी ता.देगलूर जि.नांदेड
प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन :- भुसंपादन प्रस्ताव पाझर तलाव क्रं.०१ साठी मौ.लोणी ता.देगलूर
समाजाला होणारे लाभ :- जलसिंचन
अनुसूची तिन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गांवाचे नांव - लोणी तालुका - देगलूर जि.नांदेड
| अ.क्रं. | भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर मध्ये ) |
| - | लागू नाही | -------- |
अनुसूची चार
( पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश )
------ लागू नाही ----
टिप :- उ जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन अधिकारी देगलूर यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक :- १९/०३/२०२१
ठिकाण :- नांदेड
जिल्हाधिकारी
नांदेड
-----------------
४१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी १६ अधिक तपशिलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी कार्यकारी अभियंता , लघू सिंचन (जलसंधारण विभाग) नांदेड जिल्हाधिकारी यांजकडूनअधिसुचना (कलम १९)
भूमीसंपादन,पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम ,
२०१३
जा.क्रं.२०१६/भूसंपादन/शिवणी १/४९ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्हयाच्या जिल्हाधिका-याने ,भूमिसंपादन , पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम २०१३ (२०१३ चा ३० ) (यात पुढे ज्याचा निर्देश "उ अधिनीयम" असा केला आहे ) याच्या कलम ११च्या पोटकलम (१) द्वारे प्रदान करण्यांत आलेल्या अधिकाराचा वापर करून, अधिसुचना क्रं. ८ राजपत्र दि.०२-०८ जुलै २०२० व अधिसुचना क्रं.०८ शुध्दिपत्रक राजपत्र दिनांक ०८-१४ ऑक्टोंबर २०२० अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसुचीत केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची , अनुसूची दोन मध्ये विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे.
आणि ज्याअर्थी नांदेड (जिल्हयाच्या ) जिल्हाधिका-यांने , कलम १५ च्या पोटकलम (२) अनवये दिलेला अहवाल , कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यांनतर , उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिन संपादीत करण्यांची आवश्यकता आहे या बाबत त्याची खात्री पटली आहे.आणि म्हणुन ,उ अधिनीयमाच्या कलम १९ पोटकलम (१) च्या तरतुदींन्वये उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषीत करण्यांत येत आहे;
आणि ज्याअर्थी , अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुंटूंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी "पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषीत केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसुची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे.
आणि ज्याअर्थी ,उ अधिनीयमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचीत शासन असलेला जिल्हाधिकारी , उ अधिनीयमान्वये जिलहाधिका-यांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन अधिकारी देगलूर यास पदनिर्देशित करीत आहे. अनुसूची एक
संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गांवाचे नांव - शिवणी तालुका - देगलूर जि.नांदेड
| अ.क्रं. भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर) | सोडून देण्यांत आलेले जमिनीचे अदमासे क्षेत्र हे.आर | |
| १ | १५९ | ०.४९ | |
| २ | १५९ | ०.५४ | |
| ३ | १५९ | ०.०४ | |
| ४ | १६३ | ०.०५ | |
| एकुण | १.१२ हे.आर |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण
प्रक्लपाचे नांव :- पाझर तलाव क्रं.०१ साठी मौ.शिवणी ता.देगलूर जि.नांदेड
प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन :- भुसंपादन प्रस्ताव पाझर तलाव क्रं.०१ साठी मौ.शिवणी ता.देगलूर समाजाला होणारे लाभ :- जलसिंचन
अनुसूची तिन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गांवाचे नांव - शिवणी तालुका - देगलूर जि.नांदेड
| अ.क्रं. | भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर मध्ये ) |
| - | लागू नाही | -------- |
अनुसूची चार
( पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश )
------ लागू नाही ----
टिप :- उ जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन
अधिकारी देगलूर यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक :- २०/०३/२०२१
ठिकाण :- नांदेड
जिल्हाधिकारी
नांदेड
-------------------
४१४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी १७ कार्यकारी अभियंता , लघू सिंचन (जलसंधारण विभाग) नांदेड विभागाच्या खर्चाने करण्याची आवश्यकता आहे. जिल्हाधिकारी यांजकडूनअधिसुचना (कलम १९)
भूमीसंपादन,पुनर्वसन व पुनस्र्थापना करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम ,
२०१३
जा.क्रं.२०१६/भूसंपादन/दावनणगिर ३/४५ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या नांदेड जिल्हयाच्या जिल्हाधिका-याने ,भूमिसंपादन , पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करतांना उचित नुकसान भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनीयम २०१३ (२०१३ चा ३० ) (यात पुढे ज्याचा निर्देश "उ अधिनीयम" असा केला आहे ) याच्या कलम ११च्या पोटकलम (१) द्वारे प्रदान करण्यांत आलेल्या अधिकाराचा वापर करून, अधिसुचना क्रं. १ राजपत्र दि.०२-०८ जुलै २०२० व अधिसुचना क्रं.०७ शुध्दिपत्रक राजपत्र दिनांक ०८-१४ ऑक्टोंबर २०२० अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे. आणि त्याद्वारे असे अधिसुचीत केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूची एक मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेल्या जमिनीची , अनुसूची दोन मध्ये अधिक तपशिलवार विर्िनदिष्ट केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आणि ज्याअर्थी नांदेड (जिल्हयाच्या ) जिल्हाधिका-यांने , कलम १५ च्या पोटकलम (२) अनवये दिलेला अहवाल , कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यांनतर , उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिन संपादीत करण्यांची आवश्यकता आहे या बाबत त्याची खात्री पटली आहे.आणि म्हणुन ,उ अधिनीयमाच्या कलम १९ पोटकलम (१) च्या तरतुदींन्वये उ सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उ जमिनीची आवश्यकता आहे असे याद्वारे घोषीत करण्यांत येत आहे;
आणि ज्याअर्थी , अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशिलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुंटूंबियांच्या पुनर्वसन व पुनर्वसाहतीच्या प्रयोजनासाठी "पुनर्वसाहत क्षेत्र" म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याद्वारे घोषीत केले जात असून, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश अनुसुची चार मध्ये विर्िनदिष्ट केला आहे.
आणि ज्याअर्थी ,उ अधिनीयमाच्या कलम ३ च्या खंड (छ) अन्वये, समुचीत शासन असलेला जिल्हाधिकारी , उ अधिनीयमान्वये जिलहाधिका-यांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन अधिकारी देगलूर यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची एक
संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गांवाचे नांव - दावणगिर तालुका - देगलूर जि.नांदेड
| अ.क्रं. भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर) | सोडून देण्यांत आलेले जमिनीचे अदमासे क्षेत्र हे.आर | |
| १ | २४/१ | १.०० | |
| २ | २४/८ | ०.९० | |
| ३ | २४/८ | ०.२० | |
| एकुण | २.१० हे.आर |
अनुसूची दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण
प्रक्लपाचे नांव :- मौ.दावणगिर ता.देगलूर येथील पाझर तलाव क्रं.०३ साठी भुसंपादन प्रस्ताव.
प्रकल्पाच्या कामाचे वर्णन :- मौ.दावणगिर ता.देगलूर येथील पाझर तलाव क्रं.०३ साठी
समाजाला होणारे लाभ :- जलसिंचन
अनुसूची तिन
पुनर्वसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गांवाचे नांव - दावणिगिर तालुका - देगलूर जि.नांदेड
| अ.क्रं. | भुमापन क्रमांक किंवा गट क्रंमांक | क्षेत्र (हे.आर मध्ये ) |
| - | लागू नाही | -------- |
अनुसूची चार
( पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश )
------ लागू नाही ----
टिप :- उ जमिनीच्या नकाशाचे निरीक्षण उपविभागीय अधिकारी तथा भुसंपादन
अधिकारी देगलूर यांचे कार्यालयात करता येईल.
दिनांक :- २०/०३/२०२१
ठिकाण :- नांदेड
जिल्हाधिकारी
नांदेड
-----------------------
४१६ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी अनुसूची - एक १८ संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन जिल्हाधिकारी यांजकडूननविन भुसंपादन कायदा -२०१३ च्या कलम १९(१) खालील अधिसुचना जिल्हाधिकारी, बीड यांचे कार्यालय, जि.बीड (भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुर्नस्थापना करतांना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ नुसार जमीन संपादन मौ.आष्टी ता.आष्टी अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौ.आष्टी ता.
आष्टी साठी भुसंपादन
क्रमांक-प्र.अ./भुस./कावि.-२/२०११ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यास भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम,२०१३(२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा केला आहे) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (१)व्दारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसुचना, महसुल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, दिनांक १९जानेवारी,२०१५ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे आणि त्याव्दारे असे अधिसुचित केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूचि एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीचा, अनुसुचि दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्नीदिष्ठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकायाचे, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणुन उक्त अधिनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम (१) च्या तरतुदीन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीनीची आवश्यकता आहे असे याव्दारे घोषीत करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियाच्या पुनर्वसन व पुर्नवसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याव्दारे घोषीत केले असुन,पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश अनुसुचि चार मध्ये विर्िनदिष्ट केले आहे.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी,उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भुसंपादन जिल्हाधिकारी कार्यालय,बीड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
गांव:- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौजे मौ. आष्टी ता.आष्टी
गावाचे नांव :- मौ. आष्टी ता.आष्टी जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) १ १७७ ०.६० अनुसूची- दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौ.आष्टी ता.आष्टी
प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर बीड परळी (वै) नविन रेल्वे मार्ग मौजे मौ.आष्टी ता.आष्टी ,जि.बीड
प्रकल्पाचे विवरण:- नविन रेल्वे मार्ग, मौ. आष्टी ता.आष्टी जि.बीड सामाजिक फायदे :- वाहतुक, दळणवळण
(र्आथिक,रोजगार व इतर फायदे )
अनुसूची- तीन
पुर्नवसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गावाचे नांव :- मौ. आष्टी ता.आष्टी जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.क्र./ग.न. क्षेत्र (हे.आर)
लागु नाही
अनुसूची- चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) (सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करणाया अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारण सारांश.) दिनांक १३मार्च २०१५ चे राजपत्रात प्रसिध्द महाराष्ट्र शासनाची अधिसुचना क्रमांक संकिर्ण ०१/२०१५/ प्र.क्र,३/अ-२,नुसार उक्त अधिनियमाचे कलम-१० क नुसार सामाजिक प्रभाव निर्धारणाच्या तरतुदी लागु करण्यापासुन सुट देण्यात आलेली आहे.
टिप :- उक्त जमिनीच्या नकाशाचे उपविभागीय अधिकारी पाटोदा यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक :-
ठिकाण :- बीड
जिल्हाधिकारी बीड करीता
-------------------------
औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ ४१७ १९ जिल्हाधिकारी यांजकडूननविन भुसंपादन कायदा -२०१३ च्या कलम १९(१) खालील अधिसुचना जिल्हाधिकारी, बीड यांचे कार्यालय, जि.बीड (भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुर्नस्थापना करतांना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ नुसार जमीन संपादन मौ.बीडसांगवी ता.आष्टी अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौ.बीडसांगवी ता. आष्टी साठी भुसंपादन
क्रमांक-प्र.अ./भुस./कावि.-६/२०१३ ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यास भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम,२०१३(२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा केला आहे) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (१)व्दारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसुचना, महसुल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, दिनांक १९जानेवारी,२०१५ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे आणि त्याव्दारे असे अधिसुचित केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूचि एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीचा, अनुसुचि दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्नीदिष्ठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकायाचे, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणुन उक्त अधिनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम (१) च्या तरतुदीन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीनीची आवश्यकता आहे असे याव्दारे घोषीत करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियाच्या पुनर्वसन व पुर्नवसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याव्दारे घोषीत केले असुन,पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश अनुसुचि चार मध्ये विर्िनदिष्ट केले आहे.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी,उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भुसंपादन जिल्हाधिकारी कार्यालय,बीड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची - एक संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गांव:- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौजे मौ.बीडसांगवी ता.आष्टी
गावाचे नांव :- मौ.बीडसांगवी ता.आष्टी जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) १ १८३ ०.०३ २ १८६ ०.०८ ३ १८६ १.१२ ४ १८६ ०.१४ ५ १८६ ०.०४ ६ १८६ ०.०५ ७ १८६ ०.१७ ८ १८७ ०.०१ ९ १८७ ०.१० १० १८७ ०.०५ ११ १८७ ०.०६ १२ १७९ ०.०८ १३ १७९ ०.०१ १४ १७९ ०.५३ १५ १७९ ०.१० १६ १७९ ०.०४ १७ १६५ ०.०६ १८ १५८ ०.०५ १९ १६० ०.१४ २० १८४ ०.१४ २१ १५७ ०.४९ २२ १५६ ०.२७ २३ १५६ ०.०५ २४ १५६ ०.०२ अनुसूची- दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौ.बीडसांगवी ता.आष्टी प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर बीड परळी (वै) नविन रेल्वे मार्ग मौजे मौ.बीडसांगवी ता.आष्टी ,जि.बीड प्रकल्पाचे विवरण:- नविन रेल्वे मार्ग, मौ.बीडसांगवी ता.आष्टी जि.बीड सामाजिक फायदे :- वाहतुक, दळणवळण (र्आथिक,रोजगार व इतर फायदे )
अनुसूची- तीन पुर्नवसाहत क्षेत्राचे वर्णन गावाचे नांव :- मौ.बीडसांगवी ता.आष्टी जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.क्र./ग.न. क्षेत्र (हे.आर) लागु नाही अनुसूची- चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) (सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करणाया अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारण सारांश.) दिनांक १३मार्च २०१५ चे राजपत्रात प्रसिध्द महाराष्ट्र शासनाची अधिसुचना क्रमांक संकिर्ण ०१/२०१५/प्र.क्र,३/ अ-२,नुसार उक्त अधिनियमाचे कलम-१० क नुसार सामाजिक प्रभाव निर्धारणाच्या तरतुदी लागु करण्यापासुन सुट देण्यात आलेली आहे. टिप :- उक्त जमिनीच्या नकाशाचे उपविभागीय अधिकारी पाटोदा यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल. दिनांक :- ठिकाण :- बीड
जिल्हाधिकारी बीड करीता
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४१८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी अनुसूची - एक २० संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन जिल्हाधिकारी यांजकडूननविन भुसंपादन कायदा -२०१३ च्या कलम १९(१) खालील अधिसुचना जिल्हाधिकारी, बीड यांचे कार्यालय, जि.बीड (भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुर्नस्थापना करतांना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ नुसार जमीन संपादन मौ.चिंचाळा ता.आष्टी अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन ता. आष्टी साठी भुसंपादन
क्रमांक-प्र.अ./भुस./कावि.-०१/२०११:- ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यास भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम,२०१३(२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा केला आहे) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (१)व्दारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसुचना, महसुल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, दिनांक १९जानेवारी,२०१५ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे आणि त्याव्दारे असे अधिसुचित केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूचि एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीचा, अनुसुचि दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्नीदिष्ठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकायाचे, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणुन उक्त अधिनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम (१) च्या तरतुदीन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीनीची आवश्यकता आहे असे याव्दारे घोषीत करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियाच्या पुनर्वसन व पुर्नवसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याव्दारे घोषीत केले असुन,पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश अनुसुचि चार मध्ये विर्िनदिष्ट केले आहे.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी,उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भुसंपादन जिल्हाधिकारी कार्यालय,बीड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
गांव:- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौजे मौ.चिंचाळा ता.आष्टी
गावाचे नांव :- मौ.चिंचाळा ता.आष्टी जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) १ ६५ ०.३४ २ ६४ ०.०३ ३ ६४ ०.१२ ४ ५७ ०.०३ ५ ५१ ०.०२ ६ ५१ ०.०१५० ७ ५२ ०.१९ ८ ५२ ०.९९ ९ ४२ ०.५५ १० ४० ०.४५ ११ ४० ०.२३ १२ ४१ ०.०३ १३ ४१ ०.२१ १४ ४१ ०.०८ अनुसूची- दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौ.चिंचाळा ता.आष्टी प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर बीड परळी (वै) नविन रेल्वे मार्ग मौजे मौ.चिंचाळा ता.आष्टी ,जि.बीड प्रकल्पाचे विवरण:- नविन रेल्वे मार्ग, मौ.चिंचाळा ता.आष्टी जि.बीड सामाजिक फायदे :- वाहतुक, दळणवळण (र्आथिक,रोजगार व इतर फायदे )
अनुसूची- तीन पुर्नवसाहत क्षेत्राचे वर्णन गावाचे नांव :- मौ.चिंचाळा ता.आष्टी जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.क्र./ग.न. क्षेत्र (हे.आर) लागु नाही अनुसूची- चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) (सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करणाया अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारण सारांश.) दिनांक १३मार्च २०१५ चे राजपत्रात प्रसिध्द महाराष्ट्र शासनाची अधिसुचना क्रमांक संकिर्ण ०१/२०१५/प्र.क्र,३/ अ-२,नुसार उक्त अधिनियमाचे कलम-१० क नुसार सामाजिक प्रभाव निर्धारणाच्या तरतुदी लागु करण्यापासुन सुट देण्यात आलेली आहे. टिप :- उक्त जमिनीच्या नकाशाचे उपविभागीय अधिकारी पाटोदा यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल. दिनांक :- ठिकाण :- बीड
जिल्हाधिकारी बीड करीता
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औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ ४१९ २१ जिल्हाधिकारी यांजकडूननविन भुसंपादन कायदा -२०१३ च्या कलम १९(१) खालील अधिसुचना जिल्हाधिकारी, बीड यांचे कार्यालय, जि.बीड (भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुर्नस्थापना करतांना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ नुसार जमीन संपादन मौ.पिंपळवंडी ता.पाटोदा अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौ.पिंपळवंडी ता.पाटोदा साठी भुसंपादन
क्रमांक-प्र.अ./भुस./कावि.-३/२०१६ ०:-ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यास भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम,२०१३(२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा केला आहे) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (१)व्दारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसुचना, महसुल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, दिनांक १९जानेवारी,२०१५ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे आणि त्याव्दारे असे अधिसुचित केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूचि एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीचा, अनुसुचि दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्नीदिष्ठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकायाचे, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणुन उक्त अधिनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम (१) च्या तरतुदीन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीनीची आवश्यकता आहे असे याव्दारे घोषीत करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियाच्या पुनर्वसन व पुर्नवसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याव्दारे घोषीत केले असुन,पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश अनुसुचि चार मध्ये विर्िनदिष्ट केले आहे.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी,उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भुसंपादन जिल्हाधिकारी कार्यालय,बीड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची - एक
संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गांव:- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौजे मौ.पिंपळवंडी ता.पाटोदा .
गावाचे नांव :- मौ.पिंपळवंडी ता.पाटोदा जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) १ ५०६ ०.१३ २ ५०६ ०.०१ ३ ३७० ०.०४ ४ ३६७ ०.१२ ५ ३६७ ०.०५ ६ ३६९ ०.०५ ७ १५९ ०.१५ ८ १५९ ०.१२ ९ १५७ ०.०५ १० ३६८ ०.०५ ११ ३०८ ०.०२.५० १२ ३०८ ०.०१.५० १३ ३१९ ०.०७.५ १४ ३२० ०.०५ १५ ३२० ०.१४ १६ ३२० ०.०४ १७ ३२१ ०.०६५० १८ ३२१ ०.०६ १९ ३२१ ०.०३ २० ३२१ ०.०१.५० २१ १४५ ०.०३ २२ १३२ ०.१२ २३ ३१२ ०.०८ २४ ३१२ ०.०२ २५ ३१२ ०.०४ अनुसूची- दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौ.पिंपळवंडी ता.पाटोदा प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर बीड परळी (वै) नविन रेल्वे मार्ग मौजे मौ.पिंपळवंडी ता.पाटोदा ,जि.बीड प्रकल्पाचे विवरण:- नविन रेल्वे मार्ग, मौ.पिंपळवंडी ता.पाटोदा जि.बीड सामाजिक फायदे :- वाहतुक, दळणवळण (र्आथिक,रोजगार व इतर फायदे )
अनुसूची- तीन पुर्नवसाहत क्षेत्राचे वर्णन गावाचे नांव :- मौ.पिंपळवंडी ता.पाटोदा जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.क्र./ग.न. क्षेत्र (हे.आर) लागु नाही अनुसूची- चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) (सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करणाया अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारण सारांश.) दिनांक १३मार्च २०१५ चे राजपत्रात प्रसिध्द महाराष्ट्र शासनाची अधिसुचना क्रमांक संकिर्ण ०१/२०१५/प्र.क्र,३/ अ-२,नुसार उक्त अधिनियमाचे कलम-१० क नुसार सामाजिक प्रभाव निर्धारणाच्या तरतुदी लागु करण्यापासुन सुट देण्यात आलेली आहे. टिप :- उक्त जमिनीच्या नकाशाचे उपविभागीय अधिकारी पाटोदा यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल. दिनांक :- ठिकाण :- बीड
जिल्हाधिकारी बीड करीता
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४२० महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणी २२ अनुसूची - एक संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन जिल्हाधिकारी यांजकडूननविन भुसंपादन कायदा -२०१३ च्या कलम १९(१) खालील अधिसुचना जिल्हाधिकारी, बीड यांचे कार्यालय, जि.बीड (भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुर्नस्थापना करतांना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ नुसार जमीन संपादन रायमोहा ता. शिरुर का. अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन ता.
शिरुर का. साठी भुसंपादन
क्रमांक-प्र.अ./भुस./कावि.-३१/२०१७ :- ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यास भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम,२०१३(२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा केला आहे) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (१)व्दारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसुचना, महसुल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, दिनांक १९जानेवारी,२०१५ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे आणि त्याव्दारे असे अधिसुचित केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूचि एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीचा, अनुसुचि दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्नीदिष्ठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकायाचे, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणुन उक्त अधिनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम (१) च्या तरतुदीन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीनीची आवश्यकता आहे असे याव्दारे घोषीत करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियाच्या पुनर्वसन व पुर्नवसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याव्दारे घोषीत केले असुन,पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश अनुसुचि चार मध्ये विर्िनदिष्ट केले आहे.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी,उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भुसंपादन जिल्हाधिकारी कार्यालय,बीड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
गांव:- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौजे रायमोहा ता. शिरुर का.
गावाचे नांव :- रायमोहा ता. शिरुर का. जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) १ १८३/पै ०.४९ २ १८४/पेै ०.१३५० ३ १८५/पै ०.२८ ४ ५०९ ०.१३ ५ ३०३/पै ०.०२ ६ ३८४ ०.१५ ७ ४८५ ०.१३ अनुसूची- दोन
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौ. रायमोहा ता. शिरुर का.
प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर बीड परळी (वै) नविन रेल्वे मार्ग मौजे रायमोहा ता. शिरुर का. ,जि.बीड
प्रकल्पाचे विवरण:- नविन रेल्वे मार्ग, ता.शिरुर का., जि.बीड सामाजिक फायदे :- वाहतुक, दळणवळण
(र्आथिक,रोजगार व इतर फायदे )
अनुसूची- तीन
पुर्नवसाहत क्षेत्राचे वर्णन
गावाचे नांव :- रायमोहा ता. शिरुर का. जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.क्र./ग.न. क्षेत्र (हे.आर)
लागु नाही
अनुसूची- चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) (सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करणाया अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारण सारांश.) दिनांक १३मार्च २०१५ चे राजपत्रात प्रसिध्द महाराष्ट्र शासनाची अधिसुचना क्रमांक संकिर्ण ०१/२०१५/प्र.क्र,३/ अ-२,नुसार उक्त अधिनियमाचे कलम-१० क नुसार सामाजिक प्रभाव निर्धारणाच्या तरतुदी लागु करण्यापासुन सुट देण्यात आलेली आहे.
टिप :- उक्त जमिनीच्या नकाशाचे उपविभागीय अधिकारी पाटोदा यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल.
दिनांक :-
ठिकाण :- बीड
जिल्हाधिकारी बीड करीता
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औरंगाबाद विभाग महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ ४२१ २३ अनुसूची- दोन जिल्हाधिकारी यांजकडून सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरणनविन भुसंपादन कायदा -२०१३ च्या कलम १९(१) खालील अधिसुचना जिल्हाधिकारी, बीड यांचे कार्यालय, जि.बीड (भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुर्नस्थापना करतांना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ नुसार जमीन संपादन साकत बु. ता.आष्टी अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन ता. आष्टी साठी भुसंपादन
क्रमांक-प्र.अ./भुस./कावि.-०२/२०१३ :- ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यास भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम,२०१३(२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा केला आहे) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (१)व्दारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसुचना, महसुल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, दिनांक १९जानेवारी,२०१५ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे आणि त्याव्दारे असे अधिसुचित केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूचि एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीचा, अनुसुचि दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्नीदिष्ठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे.
आणि ज्याअर्थी, बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकायाचे, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणुन उक्त अधिनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम (१) च्या तरतुदीन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीनीची आवश्यकता आहे असे याव्दारे घोषीत करण्यात येत आहे. आणि ज्याअर्थी अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियाच्या पुनर्वसन व पुर्नवसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याव्दारे घोषीत केले असुन,पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश अनुसुचि चार मध्ये विर्िनदिष्ट केले आहे.
आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी,उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भुसंपादन जिल्हाधिकारी कार्यालय,बीड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
अनुसूची - एक संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गांव:- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौजे साकत बु. ता.आष्टी
गावाचे नांव :- साकत बु. ता.आष्टी जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) १ ३६ ०.०२ २ ३६ ०.०४ ३ ५० ०.१८ ४ ५१ ०.१६ ५ ५१ ०.२४ ६ ५२ ०.०२ ७ ६४ ०.०६ ८ ६५ ०.३० ९ ५८ ०.५१ १० ५९ ०.०४ ११ ६० ०.०१ १२ ६१ ०.५० प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौ. साकत बु. ता.आष्टी प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर बीड परळी (वै) नविन रेल्वे मार्ग मौजे मौ. साकत बु. ता.आष्टी ,जि.बीड प्रकल्पाचे विवरण:- नविन रेल्वे मार्ग, मौ. साकत बु. ता.आष्टी जि.बीड सामाजिक फायदे :- वाहतुक, दळणवळण (र्आथिक,रोजगार व इतर फायदे )
अनुसूची- तीन पुर्नवसाहत क्षेत्राचे वर्णन गावाचे नांव :- मौ. साकत बु. ता.आष्टी जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.क्र./ग.न. क्षेत्र (हे.आर) लागु नाही
अनुसूची- चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश)
(सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करणाया अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारण सारांश.) दिनांक १३मार्च २०१५ चे राजपत्रात प्रसिध्द महाराष्ट्र शासनाची अधिसुचना क्रमांक संकिर्ण ०१/२०१५/प्र.क्र,३/अ- २,नुसार उक्त अधिनियमाचे कलम-१० क नुसार सामाजिक प्रभाव निर्धारणाच्या तरतुदी लागु करण्यापासुन सुट देण्यात आलेली आहे. टिप :- उक्त जमिनीच्या नकाशाचे उपविभागीय अधिकारी पाटोदा यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल. दिनांक :- ठिकाण :- बीड
जिल्हाधिकारी बीड करीता
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जिल्हाधिकारी यांजकडून
नविन भुसंपादन कायदा -२०१३ च्या कलम १९(१) खालील अधिसुचना जिल्हाधिकारी, बीड यांचे कार्यालय, जि.बीड (भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुर्नस्थापना करतांना वाजवी भरपाई मिळण्याचा व पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम -२०१३ नुसार जमीन संपादन मौ.वेताळवाडी ता.आष्टी अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन ता. आष्टी साठी भुसंपादन
क्रमांक-प्र.अ./भुस./कावि.-०९/२०१३ :- ज्याअर्थी, समुचित शासन असलेल्या बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकारी यास भुमिसंपादन, पुनर्वसन व पुनर्वसाहत करताना उचित भरपाई मिळण्याचा आणि पारदर्शकतेचा हक्क अधिनियम,२०१३(२०१३ चा ३०) (यात यापुढे ज्याचा निर्देश उक्त अधिनियम असा केला आहे) याच्या कलम ११ च्या पोटकलम (१)व्दारे प्रदान करण्यात आलेल्या अधिकाराचा वापर करुन काढण्यात आलेली अधिसुचना, महसुल व वन विभाग क्रमांक संकीर्ण ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, दिनांक १९जानेवारी,२०१५ अन्वये प्रारंभिक अधिसुचना काढली आहे आणि त्याव्दारे असे अधिसुचित केले आहे की, या सोबत जोडलेल्या अनुसूचि एक मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेल्या जमिनीचा, अनुसुचि दोन मध्ये अधिक तपशीलवार विर्नीदिष्ठ केलेल्या सार्वजनिक प्रयोजनासाठी आवश्यकता आहे किंवा तिची आवश्यकता भासण्याची शक्यता आहे. आणि ज्याअर्थी, बीड जिल्हयाच्या जिल्हाधिकायाचे, कलम १५ च्या पोटकलम (२) अन्वये दिलेला अहवाल, कोणताही असल्यास, विचारात घेतल्यानंतर उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीन संपादीत करण्याची आवश्यकता आहे या बाबत खात्री पटली आहे, आणि म्हणुन उक्त अधिनियमाच्या कलम १९ च्या पोटकलम (१) च्या तरतुदीन्वये उक्त सार्वजनिक प्रयोजनासाठी उक्त जमीनीची आवश्यकता आहे असे याव्दारे घोषीत करण्यात येत आहे.
४२२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र, गुरुवार ते बुधवार, एप्रिल २९-०५, २०२१ : वैशाख, ८-१४, शके १९४३ भाग १ - पुरवणीअनुसूची- दोन
आणि ज्याअर्थी अनुसुची तिन मध्ये अधिक तपशीलवार वर्णन केलेले क्षेत्र हे बाधित कुटुंबियाच्या पुनर्वसन व पुर्नवसाहतीच्या प्रयोजनासाठी पुनर्वसाहत क्षेत्र म्हणुन निर्धारित केले असल्याचे याव्दारे घोषीत केले असुन,पुनर्वसन व पुर्नवसाहत योजनेचा सारांश अनुसुचि चार मध्ये विर्िनदिष्ट केले आहे. आणि ज्याअर्थी, उक्त अधिनियमाच्या कलम ३च्या खंड (छ) अन्वये, समुचित शासन असलेला जिल्हाधिकारी,उक्त अधिनियमान्वये जिल्हाधिकायांची कार्य पार पाडण्यासाठी उपजिल्हाधिकारी भुसंपादन जिल्हाधिकारी कार्यालय,बीड यास पदनिर्देशित करीत आहे.
सार्वजनिक प्रयोजनाच्या स्वरुपाबाबत विवरण प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौ.वेताळवाडी ता.आष्टी प्रकल्पाचे नांव :- अहमदनगर बीड परळी (वै) नविन रेल्वे मार्ग मौजे मौ.वेताळवाडी ता.आष्टी ,जि.बीड प्रकल्पाचे विवरण:- नविन रेल्वे मार्ग, मौ.वेताळवाडी ता.आष्टी जि.बीड सामाजिक फायदे :- वाहतुक, दळणवळण (र्आथिक,रोजगार व इतर फायदे )
अनुसूची - एक संपादीत करावयाच्या जमिनीचे वर्णन
गांव:- अहमदनगर-बीड-परळी (वै.)नवीन रेल्वे लाईन मौजे मौ.वेताळवाडी ता.आष्टी
अनुसूची- तीन पुर्नवसाहत क्षेत्राचे वर्णन गावाचे नांव :- मौ.वेताळवाडी ता.आष्टी जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.क्र./ग.न. क्षेत्र (हे.आर) लागु नाही अनुसूची- चार
(पुनर्वसन व पुनर्वसाहत योजनेचा सारांश) (सामाजिक प्रभाव निर्धारण अभ्यास करणाया अभिकरणाने दिलेला) सामाजिक प्रभाव निर्धारण सारांश.) दिनांक १३मार्च २०१५ चे राजपत्रात प्रसिध्द महाराष्ट्र शासनाची अधिसुचना क्रमांक संकिर्ण ०१/२०१५/प्र.क्र,३/ अ-२,नुसार उक्त अधिनियमाचे कलम-१० क नुसार सामाजिक प्रभाव निर्धारणाच्या तरतुदी लागु करण्यापासुन सुट देण्यात आलेली आहे. टिप :- उक्त जमिनीच्या नकाशाचे उपविभागीय अधिकारी पाटोदा यांचे कार्यालयामध्ये निरीक्षण करता येईल. दिनांक :- ठिकाण :- बीड
जिल्हाधिकारी बीड करीता
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जिल्हाधिकारी उस्मानाबाद यांजकडून
आदेश क्र. २०१६ /नपाप्र / कार्या-१ कावी-९८१ महाराष्ट्र नगरपरिषदा, नगरपंचायती (नामनिर्देशित सदस्यांची अर्हता व नियुक्त्या) नियम, २०१० चेे नियम (६) अन्वये प्राप्त अधिकारानुसार मी कौस्तुभ दिवेगावकर, जिल्हाधिकारी उस्मानाबाद या प्रगटनाद्वारे, असे जाहीर करतो की, उस्मानाबाद नगरपरिषदेवर सदस्यांचे नामनिर्देशन करण्यासाठी दिनांक ३०-०३-२०२१ रोजी आयोजीत उस्मानाबाद नगरपरिषदेच्या विशेष सर्वसाधारण सभेमध्ये नगरपरिषदेच्या नावासमोर दर्शविलेले उमेदवार नामनिर्देशित करण्यात आले आहे.
अ.क्र. नगरपरिषदेचे नांव नामनिर्देशित करण्यात आलेल्या सदस्याचे नांव
१ उस्मानाबाद श्री. प्रविण प्रभाकर पाठक
दिनांक :- ठिकाण :- /०४/२०२१
(कौस्तुभ दिवेगावकर) जिल्हाधिकारी उस्मानाबाद
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गावाचे नांव :- मौ.वेताळवाडी ता.आष्टी जिल्हा:- बीड अ.क्र. स.नं./ग.नं. क्षेत्र (हे.आर) १ १७९ ०.३४ २ १७९ ०.१२ ३ १७९ ०.१७ ४ १८६ ०.०३ ५ १८२ ०.१३ ६ १८२ ०.१३ ७ १८२ ०.६९ ८ १७६ ०.१३ ९ १५० ०.०३ १० १५० ०.१२ ११ १४७ ०.०९ १२ १४७ ०.०३ १३ १४७ ०.०८ १४ १४७ ०.०१५० १५ १४६ ०.०२ १६ १४५ ०.१३ १७ १४५ ०.०३ १८ १२५ ०.०५ १९ १४३ ०.११ २० १२७ ०.०९ २१ १२४ ०.०१ २२ १२४ ०.०४ २३ १२५ ०.०४ २४ ११९ ०.०५ २५ ११८ ०.०७ २६ ११६ ०.०२ २७ ११७ ०.५९ २८ २१ ०.०३ २९ २१ ०.०६ ३० ३४ ०.०४ ३१ ३४ ०.०३ ३२ ३४ ०.०२ ३३ ३४ ०.०३ ३४ ३७ ०.०२ ३५ ३७ ०.०७
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