RNI No. MAHBIL /2009/31730
सत्यमेवजयते
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
बुधवार , नोव्हेंबर १० , २०२१/ कार्तिक १ ९ , शके १ ९ ४३
वर्ष ७ , अंक १२ ]
[पृष्ठे ४, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक २०
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी) .
नगर विकास विभाग
मंत्रालय, मादाम कामा मार्ग , हुतात्मा राजगुरू चौक, मुंबई ४०० ०३२ ,
दिनांकित २ नवंबर २०२१ ।
MAHARASHTRA ORDINANCE No. X OF 2021 .
AN ORDINANCE FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA MUNICIPAL CORPORATION ACT AND THE MAHARASHTRA MUNICIPAL COUNCILS , NAGAR PANCHAYATS AND INDUSTRIAL TOWNSHIPS АСТ , 1965 .
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक १० सन् २०२१ ।
महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम और महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम, १ ९ ६५ में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश ।
क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा हैं ;
और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका हैं कि , ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें इसमें आगे दर्शित प्रयोजनों के लिए , महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम , १ ९ ६५ में , अधिकतर संशोधन करने के लिये , सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;
(१)
भाग सात- २०-१ २
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर १० , २०२१/ कार्तिक १ ९ , शके १ ९ ४३
अब , इसलिए , भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड ( १ ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं, अर्थात्: -
अध्याय एक
प्रारम्भिक
संक्षिप्त नाम तथा १. ( १ ) यह अध्यादेश महाराष्ट्र नगर निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक प्रारंम्भण। नगरी ( संशोधन ) अध्यादेश , २०२१ कहलाए ।
( २ ) यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।
अध्याय दो
महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम में संशोधन ।
सन् १९ ४९ का ५९ २. महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम , की धारा ५ , की उप - धारा ( २ ) के खण्ड ( क) की तालिका, के स्थान की धारा ५ में में, निम्न तालिका रखी जायेगी , अर्थात्: - संशोधन ।
" तालिका
जनसंख्या
पार्षदों की संख्या
(२)
(३)
(१)
(एक) ३ लाख से उपर तथा ६ लाख तक । निर्वाचित पार्षदों की निम्नतम संख्या ७६ होगी । ३ लाख से ऊपर प्रत्येकी १५,००० अतिरिक्त जनसंख्या के लिए एक अतिरिक्त पार्षद का उपबंध किया जायेगा, तथापि , इसप्रकार निर्वाचित पार्षदों की अधिकतम संख्या ९ ६ से अधिक नहींहोगी ।
( दो) ६ लाख से उपर तथा १२ लाख तक । निर्वाचित पार्षदों की निम्नतम संख्या ९ ६ होगी । ६ लाख से ऊपर प्रत्येकी २०,००० अतिरिक्त जनसंख्या के लिए एक अतिरिक्त पार्षद का उपबंध किया जायेगा, तथापि इसप्रकार निर्वाचित पार्षदों की अधिकतम संख्या १२६ से अधिक नहींहोगी ।
(तीन) १२ लाख से उपर तथा २४ लाख तक । निर्वाचित पार्षदोंकी निम्नतम संख्या १२६ होगी । १२ लाख से
ऊपर प्रत्येकी ४०,००० अतिरिक्त जनसंख्या के लिए , एक अतिरिक्त पार्षद का उपबंध किया जायेगा, तथापि , इसप्रकार निर्वाचित पार्षदों की अधिकतम संख्या १५६ से अधिक नहीं होगी ।
(
चार) २४ लाख से उपर तथा ३० लाख तक । निर्वाचित पार्षदों की निम्नतम संख्या १५६ होगी । २४ लाख से
ऊपर प्रत्येकी ५०,००० अतिरिक्त जनसंख्या के लिए , एक अतिरिक्त पार्षद का उपबंध किया जायेगा, तथापि, इसप्रकार कि, निर्वाचित पार्षदों की अधिकतम संख्या १६८ होगी । (पाँच) ३० लाख से ऊपर ।
निर्वाचित पार्षदों की निम्नतम संख्या १६८ होगी । तीस लाख से ऊपर प्रत्येकी १ लाख अतिरिक्त जनसंख्या के लिए , एक अतिरिक्त पार्षद का उपबंध किया जायेगा , तथापि , इसप्रकार निर्वाचित पार्षदों की अधिकतम संख्या १८५ होगी ।" । ३ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात , नोव्हेंबर १० , २०२१ / कार्तिक १ ९ , शके १ ९ ४३
अध्याय तीन
महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम , १ ९६५ में संशोधन ।
सन् १ ९ ६५ का महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम , १ ९ ६५ की, धारा ९ की उप- का महा. धारा ( २ ) , के खण्ड (क) , की तालिका के स्थान में , निम्न तालिका, रखी जायेगी , अर्थात्:- सन् १९ ६५ ४.
४०।
महा . ४० की धारा ९ में संशोधन ।
" तालिका
नगर निगम क्षेत्रों का वर्ग
निर्वाचित पार्षदों की संख्या
(१)
(३)
(२)
(एक) वर्ग " क "
निर्वाचित पार्षदों की निम्नतम संख्या , ३७ होगी तथा १,००,००० से ऊपर प्रत्येकी ८,००० जनसंख्या के लिए एक अतिरिक्त निर्वाचित पार्षद होगा, तथापि , इसप्रकार निर्वाचित पार्षदों की कुल संख्या ७५ से अधिक नहीं होगी ;
(दो) वर्ग " ख "
निर्वाचित पार्षदों की निम्नतम संख्या , २५ होगी तथा ४०,००० से ऊपर प्रत्येकी ५,००० जनसंख्या के लिए एक अतिरिक्त निर्वाचित पार्षद होगा, तथापि , इसप्रकार निर्वाचित पार्षदों की कुल संख्या ३७ से अधिक नहीं होगी ;
वर्ग " ग "
(तीन)
निर्वाचित पार्षदों की निम्नतम संख्या, २० होगी तथा २५,००० के ऊपर प्रत्येकी ३,००० जनसंख्या के लिए एक अतिरिक्त निर्वाचित पार्षद होगा, तथापि, इसप्रकार निर्वाचित पार्षदों की कुल संख्या २५ से अधिक नहीं होगी । " । ४
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात , नोव्हेंबर १० , २०२१ / कार्तिक १ ९ , शके १९ ४३
वक्तव्य ।
महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम (सन् १ ९ ४ ९ का ५ ९ ) की धारा ५ और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्यगिक नगरी अधिनियम , १ ९ ६५ (सन् १ ९६५ का महा . ४० ) की धारा ९, निर्वाचित साथ ही साथ नामनिर्देशित पार्षदों को मिलाकर निगमों और परिषदों के गठन के लिए उपबंध करती है । सन् १ ९ ४ ९ के उक्त अधिनियम की उक्त धारा ५ की, उप- धारा ( २ ) का खंण्ड ( क) और सन् १ ९ ६५ के उक्त अधिनियम की धारा ९ की , उप- धारा ( २ ) का खण्ड (क) संबंधित निगमों तथा नगरपालिका क्षेत्रों की जनसंख्या के आधार पर निर्वाचित किए जानेवाले पार्षदों की संख्या विनिर्दिष्ठ करने के लिए अनुपात का उपबंध करती है ।
२. विद्यमान उपबंधों के अनुसार , निगमों में , निर्वाचित पार्षदों की निम्नतम संख्या ६५ है तथा अधिकतम संख्या १७५ है और नगरपालिका क्षेत्रों में , निर्वाचित पार्षदों की निम्नतम संख्या १७ है तथा अधिकतम संख्या ६५ है । ३. निगमों और नगरपालिका क्षेत्रों के निर्वाचित सदस्यों की संख्या २०११ की जनगणना के अनुसार जनसंख्या आँकडों द्वारा निर्धारित की है । कोविड-१ ९ के कारण , २०२१ की जनगणना के नविनतम आँकडे उपलब्ध नहीं है । तथापि , शहरी जनसंख्या में अधिक बढ़ोत्तरी हुई है और नागरीकरण की गति भी तेजी से बढ़ रही है । इन पहलूओं को ध्यान में रखकर , यह सुनिश्चित किया है कि, बहुसंख्याक जनसंख्या में निगमों और नगरपालिका क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व दिया जाता है, निगमों और नगरपालिका क्षेत्रों में निर्वाचित पार्षदों के निम्नतम तथा तनुसार , अधिकतम संख्या का पुनरीक्षण करने का निर्णय लिया है । इसलिए, महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की उक्त धारा ५ और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम , १ ९ ६५ की उक्त धारा ९ में यथोचित संशोधन करना प्रस्तावित किया गया है ।
४. चूँकि, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चूका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं , जिनके कारण उन्हें इसमें उपर्युक्त प्रयोजनों के लिए , महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम, १ ९ ६५ में अधिकतर संशोधन करने के लिए , सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अतः यह अद्यादेश प्रख्यापित किया जाता है ।
मुंबई,
दिनांकित १ नवंबर २०२१ ।
भगत सिंह कोश्यारी , महाराष्ट्र के राज्यपाल ।
महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से ,
महेश पाठक, सरकार के प्रधान सचिव ।
(यथार्थ अनुवाद) , विजया ल. डोनीकर, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य ।
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