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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

Part VII (Ex.21) (Dated the 11th November 2021) नगर विकास विभाग MAHARASHTRA ORINANCE No.XI OF 2021. महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक ११ सन् २०२१। मुंबई नगर निगम अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश।

Published 11 November 2021

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2021-11-11.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi

RNI No. MAHBIL / 2009/31730

सत्यमेव जयते

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

गुरुवार , नोव्हेंबर ११ , २०२१ /कार्तिक २० , शके १९ ४३

वर्ष ७ , अंक १३ ]

[पृष्ठे ३ , किंमत: रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक २१

प्राधिकृत प्रकाशन

अध्यादेश , विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी) .

नगर विकास विभाग

मादाम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मंत्रालय , मुंबई ४०० ०३२ , दिनांकित २ नवंबर २०२१ ।

MAHARASHTRA ORDINANCE No. XI OF 2021 .

AN ORDINANCE FURTHER TO AMEND THE MUMBAI MUNICIPAL CORPORATION ACT .

महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक ११ सन् २०२१ । मुंबई नगर निगम अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश । क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है;

सन् का ३ ।

और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें इसमें आगे दर्शित प्रयोजनों के लिए, मुंबई नगर निगम अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है;

(१)

भाग सात-२१-१ २

महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, नोव्हेंबर ११, २०२१/ कार्तिक २० , शके १ ९४३

अब , इसलिए , भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड ( १ ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , महाराष्ट्र के राज्यपाल , एतद्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं अर्थात्: -

१. (१ ) यह अध्यादेश मुंबई नगर निगम ( संशोधन) अध्यादेश , २०२१ कहलाए ।

संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण ।

(२ ) यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।

२. मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा २ की , उप - धारा ( १घ) के , खण्ड ( क) के, -

सन् १८८८ का ३ की धारा १५४ में संशोधन ।

(एक) उप -खण्ड ( एक) में, " वर्ष २०२०-२१ में " शब्दों तथा अंकों के पश्चात् " तथा वर्ष २०२१-२२ " शब्द तथा अंक जोड़े जायेंगे;

(दो) उप -खंड ( दो) में , " वर्ष २०२०-२१ के लिए " शब्दों तथा अंकों के पश्चात् " तथा वर्ष २०२१-२२ " शब्द तथा अंक निविष्ट किए जायेंगे ;

(तीन) उप-खंड (तीन ) में,-

(क) " वर्ष २०२१-२२ में " शब्दों तथा अंकों के स्थान में , " वर्ष २०२२-२३ में " शब्द तथा अंक रखे जायेंगे ;

(ख) " वर्ष २०२०-२१ के लिए " शब्दों तथा अंकों के पश्चात्, " तथा वर्ष २०२१-२२ " शब्द तथा अंक जोड़े जायेंगे ।

कठिनाई के शक्ति। निराकरण की

३. (१ ) इस अध्यादेश द्वारा यथा संशोधित मूल अधिनियम के उपबंधों को प्रभावित करने में यदि कोई कठिनाई उद्भूत होती है, तो सरकार , जैसा अवसर उद्भूत हो , राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा , इस अध्यादेश द्वारा यथा संशोधित मूल अधिनियम के उपबंधों से असंगत नहीं हो ऐसी बात कर सकेगी जो उसे कठिनाई के निराकरण के लिये आवश्यक या इष्टकर प्रतीत हो ।

(२ ) उप- धारा (१ ) के अधीन बनाया गया प्रत्येक आदेश , उसके बनाये जाने के पश्चात्, यथासंभव शीघ्र राज्य विधान मंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जायेगा । ३ महाराष्ट्रशासन राजपत्र असाधारण भाग सात , नोव्हेंबर ११ , २०२१/ कार्तिक २० , शके १९ ४३

वक्तव्य

मुंबई नगर निगम अधिनियम ( सन् १८८८ का ३ ) की धारा १३ ९ का खण्ड ( १ ) सम्पत्ति करों को अधिरोपित करने के लिए उपबंध करता है । उक्त अधिनियम की धारा १५४ , सम्पत्ति कर के लिए निर्धारणीय किसी भवन या भूमि का अनुपातिक मूल्य या पूंजीगत मूल्य का निर्धारण करने के लिए उपबंध करती है । उक्त धारा १५४ की, उप - धारा ( १ क) , तद्धीन उल्लिखित तथ्यों को ध्यान में रखते हुए , आयुक्त द्वारा सम्पत्ति कर के लिए निर्धारणीय किसी भवन या भूमि के पूंजीगत मूल्य का नियतन करने के लिए उपबंध करती है । उसकी उप - धारा ( १ ग ) यह उपबंध करती है कि , उक्त उप - धारा १५४ की , उप- धारा ( १ क) के अधीन नियत किसी भवन या भूमि का पूंजीगत मूल्य प्रत्येक पाँच वर्ष में पुनरीक्षित किया जायेगा और ऐसा पुनरीक्षण वर्ष २०२०-२१ में देय होगा ।

२. तथापि, कोविड-१ ९ महामारी का प्रादुर्भाव होने के कारण , राज्य सरकार साथ ही साथ केंद्र सरकार द्वारा तालाबंदी की घोषणा की गई थी , परिणामस्वरुप, लघु उद्योगों, शैक्षिक संस्थाएँ , विकास कार्य , कारखानों , औद्योगिक क्षेत्रों में काम करनेवाले , दैनिक मजदूरों आदि पर प्रतिकूल आर्थिक प्रभाव पडा था । उसी रूप में उक्त अधिनियम की धारा १५४ में , नई उप - धारा ( १घ ) , सन् २०२० का महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक ३२ द्वारा जोड़ी गई थी , जिसकी वजह से उप - धारा ( १क ) के अधीन नियत किसी भवन या भूमि का पूंजीगत मूल्य वर्ष २०२०-२१ में पुनरीक्षित नहीं किया जायेगा और किसी भवन या भूमि के लिए सम्पत्ति कर बिल वही होगा जो वर्ष २०१ ९ -२० के लिए है; और अन्य आनुषंगिक उपबंध , उक्त उप - धारा ( १ घ) में भी किये गए है ।

ऐसी स्थिति , कोविड -१ ९ महामारी का प्रादुर्भाव होने के कारण अभी तक निरंतर है, इसलिए , उक्त धारा १५४ की उप- धारा ( १घ) में संशोधन करना इष्टकर समझा गया है ताकि यह उपबंध किया जा सकें कि, उप- धारा (१क) के अधीन नियत भवन या भूमि का पूंजीगत मूल्य वर्ष २०२१-२२ में पुनरीक्षित नहीं किया जायेगा और किसी भवन या भूमि के लिए सम्पत्ति कर बिल वही होगा जो वर्ष २०१ ९ -२० के लिए है ।

३. चूँकि राज्य विधान मंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चूका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें इसमें उपर्युक्त प्रयोजनों के लिए , मुंबई नगर निगम अधिनियम ( सन् १८८८ का ३ ) में अधिकतर संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अतः यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है ।

भगत सिंह कोश्यारी,

मुंबई ,

दिनांकित १ नवंबर २०२१ ।

महाराष्ट्र के राज्यपाल ।

महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से , -

महेश पाठक ,

सरकार के प्रधान सचिव ।

(यथार्थ अनुवाद) ,

विजया ल. डोनीकर ,

भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य ।

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Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 11 November 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2021-11-11.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2021-11-11.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.