RNI No. MAHBIL /2009/31730
सत्यमेवजयते
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
गुरुवार, डिसेंबर ९ , २०२१/ अग्रहायण १८ , शके १ ९ ४३
वर्ष ७ , अंक १६ ]
[पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक २४
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश , विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद ( देवनागरी लिपी )
नगर विकास विभाग
मंत्रालय , मादाम कामा मार्ग , हुतात्मा राजगुरू चौक , मुंबई ४०० ०३२ , दिनांकित ३० नवम्बर २०२१ ।
MAHARASHTRA ORDINANCE No. XIII OF 2021 .
AN ORDINANCE FURTHER TO AMEND THE MUMBAI MUNICIPAL CORPORATION ACT .
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक १३ , सन् २०२१ । मुंबई नगर निगम अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश ।
क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;
सन् १८८८ और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके का ३। कारण उन्हें इसमें आगे दर्शित प्रयोजनों के लिए , मुंबई नगर निगम अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;
(१)
भाग सात -२४-१ २
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, डिसेंबर ९ , २०२१/ अग्रहायण १८ , शके १ ९ ४३
अब , इसलिए , भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड ( १ ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्वारा , निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं , अर्थात्: -
१. ( १ ) यह अध्यादेश मुंबई नगर निगम ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश, २०२१ कहलाए ।
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण ।
(२ ) यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।
२. मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा ५ की, उप - धारा ( १ ) के खण्ड ( क) में, " दो सौ सत्ताईस " शब्दों सन् १८८८ का ३ । के स्थान में, " दो सौ छत्तीस " शब्द रखे जायेंगे ।
सन् १८८८ का ३ की धारा ५ में संशोधन । ३ महाराष्ट्रशासन राजपत्र असाधारण भाग सात, डिसेंबर ९ , २०२१/ अग्रहायण १८ , शके १९ ४३
वक्तव्य
मुंबई नगर निगम अधिनियम ( सन् १८८८ का ३ ) की धारा ५ बृहन्मुंबई नगर निगम में प्रभाग निर्वाचन में सीधे निर्वाचित पार्षदों की संख्या का उपबंध करती है । सीधे निर्वाचित पार्षदों की विद्यमान संख्या सन् २००१ के जनसंख्या के आँकड़ों पर आधारित है । सन् २०११ की जनगणना के पश्चात्, सीधे निर्वाचित पार्षदों की संख्या में बदलाव नहीं किया है ।
२. वर्ष २००१ से वर्ष २०११ के दशक में वर्ष २०११ की जनगणना के जनसंख्या के ड़ाटा के अनुसार , बृहन्मुंबई नगर निगम की सीमा में, की जनसंख्या में ३.८७ प्रतिशत की वृद्धि हुई है । शहरी जनसंख्या में होनेवाली वृद्धि और तेजी से होनेवाले नागरिकरण को ध्यान में रखकर यह सुनिश्चित करना है कि, नगर निगमों में बढ़ी हुई जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाना है , बृहन्मुंबई के नगर निगम में , सीधे निर्वाचित पार्षदों की संख्या बढ़ाना इष्टकर समझा गया है । इसलिए , मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा ५ में यथोचित संशोधन करना प्रस्तावित किया गया है ।
३. चूँकि राज्य विधान मंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें इसमें उपर्युक्त प्रयोजनों के लिए , मुंबई नगर निगम अधिनियम में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है , अतः यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है ।
मुंबई,
दिनांकित २७ नवम्बर २०२१ ।
भगत सिंह कोश्यारी, महाराष्ट्र के राज्यपाल ।
महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से ,
महेश पाठक , सरकार के प्रधान सचिव ।
(यथार्थ अनुवाद) ,
विजया ल. डोनीकर ,
भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य ।
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