RNI No. MAHBIL /2009/31730
सत्यमेव जयते
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ७ , अंक १७ ( २ )] मंगळवार, डिसेंबर १४ , २०२१/अग्रहायण २३ , शके १ ९ ४३ [ पृष्ठे ४ , किंमत रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक २६
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश , विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी) .
नगर विकास विभाग
मादाम कामा मार्ग , हुतात्मा राजगुरू चौक , मंत्रालय, मुंबई ४०० ०३२ , दिनांकित ६ दिसम्बर २०२१ ।
MAHARASHTRA ORDINANCE No. XV OF 2021 .
AN ORDINANCE
FURTHER TO AMEND THE MUMBAI MUNICIPAL ACT , THE MAHARASHTRA MUNICIPAL CORPORATION ACT AND THE MAHARASHTRA MUNICIPAL COUNCILS , NAGAR PANCHAYATS AND INDUSTRIAL TOWNSHIPS ACT , 1965 .
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक १५ सन् २०२१ ।
मुंबई नगर निगम अधिनियम, महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम और महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम , १ ९ ६५ में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश ।
क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;
भाग सात- २६-१ २
महाराष्ट्रशासन राजपत्र असाधारण भाग सात, डिसेंबर १४ , २०२१/ अग्रहायण २३ , शके १९ ४३
सन् १८८८ और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि , ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके का ३ ।
कारण उन्हें इसमें आगे दर्शित प्रयोजनों के लिए , मुंबई नगर निगम अधिनियम , महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम और सन् १९४९
महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम , १ ९ ६५ में अधिकतर संशोधन करने के लिए का ५९ ।
सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;
सन् १ ९६५ का महा . ४० ।
अब , इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड ( १ ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , महाराष्ट्र के राज्यपाल के एतद्वारा , निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं , अर्थात्:-
अध्याय एक
प्रारम्भिक
१. (१ ) यह अध्यादेश मुंबई नगर निगम , महाराष्ट्र नगर निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण ।
तथा औद्योगिक नगरी ( द्वितीय संशोधन) अध्यादेश , २०२१ कहलाए ।
( २ ) यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।
अध्याय दो
मुंबई नगर निगम अधिनियम में संशोधन ।
सन् १८८८ २. मुंबई नगर निगम अधिनियम ( जिसे इसमें आगे, इस अध्याय में, " मुंबई नगर निगम अधिनियम " कहा सन् १८८८ का ३ की धारा ५ख में संशोधन । गया है) की धारा ५ ख के, प्रथम परंतुक में , " मुंबई नगर निगम , महाराष्ट्र नगर निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी ( संशोधन) अधिनियम , २०१८ के प्रारम्भण के दिनांक को शुरू होनेवाले तथा ३० जून
का ३। सन् २०१८ का महा.
सन् २०२१ २०१ ९ को समाप्त होनेवाले शब्दों, कोष्ठकों, अंकों तथा अक्षरों के स्थान में , " मुंबई नगर निगम, महाराष्ट्र नगर निगम २१ । और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश , २०२१ के प्रारम्भण के दिनांक को शुरू होनेवाले तथा ३१ दिसम्बर २०२२ को समाप्त होनेवाले " शब्द, कोष्ठक, अंक तथा अक्षर रखे जायेंगे । अध्या. क्रमांक
का महा . १५ । ३. मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा ३७ की उप - धारा ( २ क) के, प्रथम परन्तुक में " मुंबई नगर निगम , सन् २०१८ सन् १८८८ का ३ की धारा
महाराष्ट्र नगर निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी ( संशोधन) अधिनियम, २०१८ का महा .
३७ में संशोधन ।
२१। के प्रारम्भण के दिनांक को शुरू होनेवाले तथा ३० जून २०१ ९ को समाप्त होनेवाले " शब्दों, कोष्ठकों, अंकों तथा सन् २०२१ अक्षरों के स्थान में, " मुंबई नगर निगम, महाराष्ट्र नगर निगम , महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक का महा . नगरी ( द्वितीय संशोधन) अध्यादेश , २०२१ के प्रारम्भण के दिनांक को शुरू होनेवाले तथा ३१ दिसम्बर , २०२२ को क्र . १५ । समाप्त होनेवाले " शब्द, कोष्ठक, अंक तथा अक्षर रखे जायेंगे । अध्या.
अध्याय तीन
महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम में संशोधन ।
सन् १ ९ ४९ ४. महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम ( जिसे इसमें आगे , इस अध्याय में " महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम " सन् १९ ४९ का में संशोधन । ५९ की धारा ५ ख के रूप में निर्देशित किया है ) की धारा ५ ख, के प्रथम परंतुक में , " मुंबई नगर निगम , महाराष्ट्र नगर निगम और का ५ ९ ।
का महा. सन् २०१८
सन् २०२१
का महा. अध्या.
क्र.१५ । महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी ( संशोधन ) अधिनियम , २०१८ के प्रारम्भण के दिनांक को शुरू होनेवाले " तथ ३० जून २०१ ९ को समाप्त होनेवाले शब्दों, कोष्ठको, अंकों तथा अक्षरों के स्थान में " मुंबई नगर २१ । निगम, महाराष्ट्र नगर निगम , और महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश, २०२१ के प्रारम्भण के दिनांक को शुरू होनेवाले तथा ३१ दिसम्बर , २०२२ को समाप्त होनेवाले " शब्द, कोष्ठक, अंक तथा अक्षर रखे जायेंगे । ३ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, डिसेंबर १४, २०२१/अग्रहायण २३ , शके १ ९ ४३
सन् २०१८
५. महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम की धारा १ ९ की उप - धारा ( १ ख ) के प्रथम परंतुक में , " मुंबई नगर का महा. निगम , महाराष्ट्र नगर निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी ( संशोधन ) अधिनियम,
सन् १ ९ ४ ९ का ५ ९ की धारा १९ में संशोधन । २१।
सन् २०२१ २०१८ , के प्रारम्भण के दिनांक को शुरू होनेवाले तथा ३० जून २०१ ९ को समाप्त होनेवाले " शब्दों , कोष्ठकों , अंकों , का महा . तथा आक्षरों के स्थान में " मुंबई नगर निगम, महाराष्ट्र नगर निगम , और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा अध्या, औद्योगिक नगरी ( द्वितीय संशोधन ) अध्यादेश , २०२१ के प्रारम्भण के दिनांक को शुरू होनेवाले तथा ३१ दिसम्बर क्र.१५ ।
२०२२ को समाप्त होनेवाले " शब्द, कोष्ठक, अंक तथा अक्षर रखे जायेंगे ।
अध्याय चार
महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम १ ९ ६५ में संशोधन ।
सन् १ ९६५ ६. महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम , १ ९ ६५ ( जिसे इसमें आगे इस का महा . अध्याय में , " नगर परिषद अधिनियम " के रूप में निर्देशित किया है ) की धारा ९क , के प्रथम परंतुक में " मुंबई नगर
सन् १ ९ ६५ का महा.४० की धारा ९क में संशोधन । ४० ।
सन् २०१८ निगम , महाराष्ट्र नगर निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी ( संशोधन ) अधिनियम , का महा . २०१८ के प्रारम्भण के दिनांक को शुरू होनेवाले तथा ३० जून २०१९ को समाप्त होनेवाले " शब्दों, कोष्ठको , अंकों २१। तथा अक्षरों के स्थान में, मुंबई नगर निगम, महाराष्ट्र नगर निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा सन् २०२१
औद्योगिक नगरी ( द्वितीय संशोधन) अध्यादेश , २०२१ के प्रारम्भण के दिनांक पर शुरू होनेवाले तथा ३१ दिसम्बर क्र . २०२२ को समाप्त होनेवाले " शब्द, कोष्ठक, अंक था अक्षर रखे जायेंगे ।
अध्या . का महा.
१५।
सन् २०१८
७. नगर परिषद अधिनियम की धारा ५१-१ख के , प्रथम परंतुक में , " मुंबई नगर निगम, महाराष्ट्र नगर सन् १ ९६५ का
महा . ४० की धारा का महा
५१-१ख में . निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी ( संशोधन ) अधिनियम , २०१८ के प्रारम्भण २१।
के दिनांक को शुरू होनेवाले तथा ३० जून २०१९ को समाप्त होनेवाले " शब्दों, कोष्ठकों , अंकों तथा अक्षरों के स्थान संशोधन। सन् २०२१ में, " मुंबई नगर निगम , महाराष्ट्र नगर निगम और महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी ( द्वितीय का महा. संशोधन ) अध्यादेश , २०२१ के प्रारम्भण के दिनांक को शुरू होनेवाले तथा ३१ दिसम्बर २०२२ को समाप्त होनेवाले " अध्या. क्र.
१५। शब्द, कोष्ठक , अंक तथा अक्षर रखे जायेंगे । ४
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, डिसेंबर १४ , २०२१/ अग्रहायण २३ , शके १ ९ ४३
वक्तव्य ।
मुंबई नगर निगम अधिनियम ( सन् १८८८ का ३ ) की धारा ५ख , महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम (सन् १ ९ ४९ का ५ ९ ) की धारा ५ ख और महाराष्ट्र नगर परिषद , नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम, १ ९ ६५ (सन् १ ९ ६५ का महा .४० ) की धारा ९क यह उपबंध करती है कि , अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति या , यथास्थिति, नागरिकों के पिछड़े प्रवर्ग से संबंधित व्यक्तियों के लिए आरक्षित रखी गई सीट के लिए चुनाव लड़नेवाला प्रत्येक इच्छुक व्यक्ति अपने नामांकन कागजात के साथ महाराष्ट्र अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति, निरधिसूचित जनजाति (विमुक्त जाति) खानाबदोष जनजाति , अन्य पिछड़े वर्ग और विशेष पिछड़े प्रवर्ग ( निर्गमन और सत्यापन का विनियमन ) जाति प्रमाणपत्र अधिनियम , २००० (सन् २००१ का महा . २३ ) के उपबंधों तथा तद्धीन बनाए गए नियमों के अनुसरण में, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र और संवीक्षा समिति द्वारा जारी सत्यापन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेगा । २. उक्त धाराएँ , सन् २०१८ का महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक २१ और सन् २०१८ का महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक ६५ द्वारा संशोधित की गई है जो उम्मीदवार को आरक्षित सीट पर निर्वाचन लड़ने के लिए नामांकन कागजात के साथ विधिमान्यता प्रमाणपत्र जारी करने के लिए संवीक्षा समिति को उसके द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदन की सत्य प्रतिलिपि या संवीक्षा समिति को ऐसा आवेदन करने का कोई अन्य सबूत प्रस्तुत करेगा ; और वचनबंध कि, वह संवीक्षा समिति द्वारा जारी किया गया विधिमान्यता प्रमाणपत्र उसके निर्वाचन के दिनांक से बारह महीने की अवधि के भीतर प्रस्तुत करेगा । सन् २०१८ का महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक २१ द्वारा किए गए संशोधनों के अनुसार ऐसे उपबंध ३० जून २०१ ९ तक लागू हुए थे ।
३. जाति संवीक्षा समिति को विधिमान्यता प्रमाणपत्र के निर्गमन के कार्य का अत्याधिक बोझ है और परिणाम स्वरूप , जाति विधिमान्यता प्रमाणपत्र को प्राप्त करने में उम्मेदवारों को कठिनाइयाँ होती है । सुसंगत नगर निगम विधि के उपबंधों को ध्यान में रखते हुए , निर्वाचित उम्मीदवार , उसके निर्वाचित होने के दिनांक से बारह महीने की अवधि के भीतर विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने में असफल होने के मामले में उसका निर्वाचन भूतलक्षी प्रभाव से समाप्त हो जायेगा और पद धारण करने के लिए वह निरर्ह हो जायेगा ।
४. यह सुनिश्चित करना है कि, निर्वाचित उम्मीदवार , जिसने पहले से ही जाति प्रमाणपत्र प्राप्त किया है वह केवल उसके द्वारा प्रस्तुत वचनबंध के अनुसार समय पर जाति संवीक्षा समिति द्वारा जारी जाति विधिमान्यता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने में असफल होने से अनर्ह नहीं हो जायेगा , ऐसा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए निर्वाचित उम्मीदवारों को अध्यादेश के प्रारम्भण के दिनांक पर शुरू होनेवाली अवधि और ३१ दिसम्बर २०२२ को समाप्त होनेवाली अवधि को विस्तारित करने के लिए उपबंध करना इष्टकर समझा गया है । इसे ध्यान में रखते हुए , मुंबई नगर निगम अधिनियम (सन् १८८८ का ३ ) की धारा ५ ख और ३७ , महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम ( सन् १ ९ ४ ९ का ५ ९ ) की धारा ५ख और १ ९ और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम , १९ ६५ ( सन् १ ९ ६५ का महा . ४० ) की धारा ९क और ५१-१ख में यथोचित संशोधन करना इष्टकर है ।
५. चूँकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है , और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चूका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है जिनके कारण उन्हें इसमें उपर्युक्त प्रयोजनों के लिए, मुंबई नगर निगम अधिनियम (सन् १८८८ का ३ ) , महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम ( सन् १ ९ ४ ९ का ५ ९ ) और महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत तथा औद्योगिक नगरी अधिनियम १९ ६५ (सन् १९ ६५ का महा .४० ) में अधिकतर संशोधन करने के लिए , सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अतः यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है । मुंबई, दिनांकित ५ दिसम्बर २०२१ ।
भगत सिंग कोश्यारी, महाराष्ट्र के राज्यपाल ।
महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से ,
महेश पाठक , सरकार के प्रधान सचिव ।
(यथार्थ अनुवाद) , विजया ल. डोनीकर , भाषा संचालक , महाराष्ट्र राज्य । ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING , STATIONERY AND PUBLICATION , PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR , RUPENDRA DINESH MORE , PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS , 21 - A , NETAJI SUBHASH ROAD , CHARNI ROAD , MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING , STATIONERY AND PUBLICATIONS , 21- A , NETAJI SUBHASH ROAD , CHARNI ROAD , MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR , RUPENDRA DINESH MORE .