RNI No. MAHBIL /2009/36619
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी
िर्ष ८, अंक १९(२)] मंगळिार, मार्ष २२, २०२२/रैत्र १, शके १९४४ [पृष्ठे ३ वकंमत : रुपये ११.००
असाधारण क्रमांक २९
प्ावधकृत प्काशन
उपविभागीय अवधकारी, रतनावगरी यांजकडून
अवधसूरना
भूमीसंपादन, पुनि्षसन ि पुनि्षसाहत करताना उवरत भरपाई वमळणयारा आवण पारदश्षकतेरा हकक अवधवनयम, २०१३
अनिये कलम १९(१) खालील अवधसूरना.
क्रमांक उविअर/भूसं/एसआर-४९४/वमरजोळे विंडेिाडी/कलम१९/२०२२.– ज्ाअर्थी, समुवि शासन असलेल्ा रतनावगरी वजल्ाच्ा वजल्ाविकाऱ्ांने, भूमीसंपादन, पुनि्वसन ि पुनि्वसा्ि करिाना उवि भरपाई वमळण्ािा आवि पारदश्वकिेिा ्कक अविवन्म, २०१३ (२०१३ िा ३०) ्ाि ्ापुढे ज्ािा वनददेश " उकि अविवन्म " असा केला आ्े. ्ांच्ा कलम ११ च्ा पोट-कलम (१) द्ारे प्रदान करण्ाि आलेल्ा अविकाऱ्ािा िापर करून अविसूिना क्रमांक उविअर/भू ंस/एसआर-४९४/वमरजोळे/विंडेिाडी/२०२१ वदनांक २० ़वडसेंबर २०२१ अनि्े प्रारंवभक अविसूिना काढली आ्े आवि त्ाद्ारे असे अविसूवि केले आ्े की, ्ासोबि जोडलेल्ा अनुसूिी एक मध्े अविक िपशीलिार ि्वन केलेल्ा जवमनीिी, अनुसूिी दोन मध्े अविक िपशीलिार विवनवद्वषट केलेल्ा साि्वजवनक प्र्ोजनासाठी आिश्किा आ्े वकंिा विी आिश्किा भासण्ािी शक्िा आ्े;
आवि ज्ाअर्थी, रतनावगरी (वजलह्ाच्ा) वजल्ाविकाऱ्ाने, कलम १५ च्ा पोट-कलम (२) अनि्े वदलेला अ्िाल, कोिा्ी असल्ास, विाराि घेिल्ानंिर, उकि साि्वजवनक प्र्ोजनासाठी उकि जमीन संपावदि करण्ािी आिश्किा आ्े ्ाबाबि खात्ी पटली आ्े आवि म्िून, उकि अविवन्माच्ा कलम १९ च्ा पोट-कलम (१) च्ा िरिुदीनि्े, उकि साि्वजवनक प्र्ोजनासाठी उकि जवमनीिी आिश्किा आ्े असे ्ाद्ारे घोवि करण्ाि ्ेि आ्े;
आवि ज्ाअर्थी, अनुसूिी िीन मध्े अविक िपशीलिार ि्वन केलेले क्ेत् ्े बावि कुटु ंवब्ाच्ा पुनि्वसन ि पुनि्वसा्िीच्ा प्र्ोजनासाठी पुनि्वसा्ि क्ेत् म्िून वनिा्वररि केले असल्ािे ्ाद्ारे घोवि केले जाि असून, पुनि्वसन ि पुनि्वसा्ि ्ोजनेिा सारांश सोबिे अनुसूिी िार मध्े विवनवद्वषट केला आ्े;
आवि ज्ाअर्थी, उकि अविवन्माच्ा कलम ३ च्ा खंड (छ) अनि् े, समुवि शासन असलेला वजल्ाविकारी, उकि अविवन्मानि्े वजल्ाविकाऱ्ांिी का्व पार पाडण्ासाठी उप विभागी् अविकारी, का्ा्वल्, रतनावगरी पदवनददेवशि करीि आ्े.
(१)
भाग एक (को.वि.पु)-२९--१M6 २ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी, मार्ष २२, २०२२/रैत्र १, शके १९४४
अनुसूरी एक
संपावदत कराियाचया जवमनीरे िण्षन
रतनावगरी विमानतळाचया विकासासा्ी जवमनीरे संपादन
गांिारे नांि – वमरजोळठे, तालुका – रतनावगरी, वजलहा – रतनावगरी
| अनुक्रमांक | भूमापन क्रमांक वकंिा गट नंबर/ सर्दे नंबर/व्ससा नंबर | संपावदि क्ेत् (्ेकटरमध्े) |
| १ | ६०अ/२अ/१ पै | २.१७.०० |
| २ | ५५ पै | ०.०६.२५ |
| ३ | ६०/१क पै | २.२७.०० |
| ४ | ५२/१ पै | ०.७४.५० |
| ५ | ५२/अ२ पु. | ०.२१.२० |
| ६ | ५२/२ब पु. | ०.१२.६० |
| ७ | ५२/२क पु. | ०.१६.७० |
| ८ | ५२/२ड पु. | ०.१५.०० |
| ९ | ५२/२ ई पु. | ०.०७.४० |
| १० | ५३ पै | ०.१५.२५ |
| ११ | ५८ पु. | ०.४१.०० |
| १२ | ५१/२० पु. | ०.१७.०० |
| १३ | ५१/१९ पै | ०.१४.०० |
| १४ | ५१/२/३अ ि २/३ब पै | ०.७१.०० |
| १५ | ५१/३क पै | ०.००.५० |
| १६ | ५९ पु. | ०.०३.०० |
| १७ | ४८/१अ पै | ०.१३.०५ |
| १८ | ४८/२ब पै | ०.०३.७५ |
| १९ | ५० पै | ०.३०.६४ |
| एकूण | ८.०६.८४ |
गािारे नांि – वतिंडठेिाडी, तालुका – रतनावगरी, वजलहा – रतनावगरी
| अनुक्रमांक | भूमापन क्रमांक वकंिा गट नंबर/सर्दे नंबर/व्ससा नंबर | संपावदि क्ेत् (्ेकटरमध्े) |
| १ | ४/१ पै | ०.४५.७५ |
| २ | १४/७ पै | ०.२२.३० |
| ३ | १४/६ पै | ०.४५.५० |
| ४ | १४/३ पै è | २.६५.५० |
| ५ | ९/४ पु. | १.८५.८० |
| ६ | ९/२ पै | ३.१४.०० |
| ७ | ९/३ पै | २.४५.९० |
| ८ | ८/२ पै | ६.९३.०० |
| ९ | ८/१ पै | ०.५२.७५ |
| १० | ७/२ पै | ०.२७.३५ |
| ११ | ७/३ पु. | ०.१३.१० |
| १२ | ७/४ पु. | ०.१९.७० |
| १३ | ४/४ पै | ०.५०.८० |
| १४ | ५ पै | ०.११.३० |
| एकूण | १९.९२.७५ |
अनुसूरी – दोन
साि्षजवनक प्योजनाचया सिरुपाबाबत विरण
प्कलपारे नांि – रतनावगरी विमानिळाच्ा विकासासाठी जवमनीिे संपादन.
प्कलपाचया काया्षरे िण्षन – भारिी् िटरक्क दल जे केंद्र संरक्ि मंत्ाल्ाच्ा अंिग्वि एक सशसत् दल आ्े. िे ्ा भूसंपादनानंिर सदर जवमनीिर रतनावगरी ्ेर्े विमानिळासाठी आिश्क पॅरलल टॅकसी ट्रक वनमा्वि करण्ाि ्ेिार आ्े िसेि का्ी भागािर नेविगेशिल उपकरिे देखील करिार आ्े.
समाजाला होणारे लाभ (आव्षक, रोजगार, पायाभूत सुविधा, सोईसुविधा याबाबत ि इतर लाभासंबंधात) – रतनावगरी विमानिळ ्ेर्ून संरक्ि विमान िा्िुकीवशिा् प्रिासी िा्िूक देखील सुरू करण्ाि ्ेिार आ्े. म्िून रतनावगरी विमानिळ ्े ररजनल कनेकटीवर्टी वसकम (आरसीएस) ्ोजनेअंिग्वि समाविषट करण्ाि आलेले आ्े. ज्ाद्ारे प्वटन, उद्ोजक, नागररक ्ांना सिलिीच्ा दराि विमान िा्िूक उपलबि ्ोिार आ्े. त्ामुळे एकंदर प्वटन, उद्ोग ि विमान िा्िूक ्ांना प्रोतसा्न वमळून रतनावगरी ्ेर्े सर्ावनक समाजाला विकासाच्ा अनेक संिी उपलबि ्ोण्ािी संभािना आ्े. सदर प्रकलपामध्े वनमा्वि करण्ाि ्ेिा-्ा पॅरलल टॅकसी ट्रक मुळे िािपट्ी दुसऱ्ा लँडींग करिाऱ्ा विमानासाठी िातकाळ ररकामी करण्ास आिश्क आ्े िर संसर्ावपि नेविगेशिल उपकरिामुळे विमानांशी ्िाई संपक्क सािा ्ेिार आ्े.
अनुसूरी – तीन
पुनि्वसा्न क्ेत्ािे ि्वन – (लागू ना्ी)
-वनरंक –
अनुसूरी - रार
पुनि्वसन ि पुनि्वसा्ि ्ोजनेिा सारांश ( लागू ना्ी)
-- वनरंक –
अनुसूरी - पार
टीप – उकि जवमनीच्ा नकाशािे उप विभागी् अविकारी का्ा्वल्, रतनावगरी ्ा का्ा्वल्ाि वनरीक्ि करिा ्ेईल.
रतनावगरी, वदनांक २२ माि्व २०२२.
विकास सुय्षिंशी, उप विभागी् अविकारी, रतनावगरी.
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