RNI No. MAHBIL /2009/36619
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी
िर्ष ८, अंक २६] शवनिार, एवरिल ३०, २०२२/ िैशाख १०, शके १९४४ [पृष्ठे ५ वकंमत : रुपये ११.००
असाधारण क्रमांक ३८
रिावधकृत रिकाशन
वजलहावधकारी, वसंधुदुग्ष यांजकडून
अवधसूचना
भूवम संपादन, पुनि्षसन ि पुनि्षसाहत करताना उवचत भरपाई वमळणयाचा आवण पारदश्षकतेचा हकक अवधवनयम, २०१३.
क्रमांक LAC/1601/16/2015/AK-1, विनांक १२ नोव्हेंबर २०१५.— ज्ाअर्थी, " भूवम संपािन, पुनि्वसन ि पुनि्वसा्हत करताना उवित भरपाई वमळण्ािा आवि पारिर्वकतेिा ्हकक अविवन्म, २०१३" (२०१३ िा ३०) ्ाच्ा कलम ३ च्ा खंड (इ) च्ा परंतुकाद्ारे प्रिान करण्ात आलेल्ा अविकारांिा िापर करून काढण्ात आलेली रासकी् अविसूिना, म्हसूल ि िन विभाग क्र. संवकि्व ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, विनांक १९ जानेिारी २०१५ (्ात ्ापुढे वजिा वनिदेर "उकत अविसूिना" असा करण्ात आला आ्हे) ्ाद्ारे असे अविसूवित केले आ्हे की, उकत अविवन्माच्ा कलम ३ च्ा खंड (झेड अे) मध्े व्ाख्ा केलेल्ा एखाद्ा साि्वजवनक प्र्ोजनासाठी, एखाद्ा वजलह्ातील ५०० ्हेक्टरपेक्ा अविक नसेल इतक्ा क्ेत्ाकररता जमीन संपािन करण्ाच्ा संबंिात, अरा वजलह्ािा वजल्हाविकारी ्हा उकत अविवन्माच्ा प्र्ोजनासाठी समुिीत रासन असल्ािे मानण्ात ्ेईल ;
आवि ज्ाअर्थी, उकत अविसूिनेनुसार समुिीत रासन असलेल्ा, वसंिुिुग्व वजलह्ाच्ा वजल्हाविकाऱ्ास ्ासोबत जोडलेल्ा अनुसूिी एक मध्े अविक तपवरलिार ि्वन केलेली जमीन (्ात ्ापुढे वजिा वनिदेर "उकत जमीन" असा करण्ात आला आ्हे) साि्वजवनक प्र्ोजनासाठी (्ात ्ापुढे ज्ािा वनिदेर उकत "साि्वजवनक प्र्ोजन" असा करण्ात आला आ्हे) आिश्क आ्हे अर्िा वतिी आिश्कता भासण्ािी रक्ता आ्हे, असे िा्टते, ज्ाच्ा सिरूपािे विरि ्ासोबत जोडलेल्ा अनुसूिी िोनमध्े विलेले आ्हे आवि म्हिून उकत अविवन्माच्ा कलम ११ च्ा पो्ट-कलम (१) च्ा तरतुिींनि्े ्ाद्ारे असे अविसूवित करण्ात ्ेते की, उकत जवमनीिी उकत साि्वजवनक प्र्ोजनासाठी आिश्कता भासण्ािी रक्ता आ्हे ;
आवि ज्ाअर्थी, प्रसतावित भूवम संपािनाच्ा अनुषंगाने बावित व्कतींि े विसर्ापन करण्ास भाग पाडिारी कारिे, ्ासोबत जोडलेल्ा अनुसूिी तीन मध्े विलेली आ्हेत ;
आवि ज्ाअर्थी, सामावजक पररिाम वनिा्वरि सारांर ्ासोबत जोडलेल्ा अनुसूिी िार मध्े विलेला आ्हे ;
आवि ज्ाअर्थी, कलम ४३ च्ा पो्ट-कलम (१) अनि्े पुनि्वसन ि पुनि्वसा्हत ्ा प्र्ोजनासाठी वन्ुकत केलेल्ा प्ररासकािा तपरील, ्ासोबत जोडलेल्ा अनुसूिी पाि मध्े विलेला आ्हे ;
२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी, एवरिल ३०, २०२२/िैशाख १०, शके १९४४त्ाअर्थी आता, असे घोवषत करण्ात ्ेत आ्हे की, उकत अविवन्माच्ा कलम ११ च्ा पो्ट-कलम ४ अनुसार कोिती्ही व्कती, ्ही अविसूिना प्रवसद्ध झाल्ाच्ा विनांकापासून ते उकत अविवन्माच्ा प्रकरि िार खालील का्विा्ही पूि्व ्होईल त्ा कालािीप्यंत उकत जवमनीिा अर्िा वतच्ा भागािा कोिता्ही व्ि्हार करिार ना्ही वकंिा उकत जवमनीिर कोिता्ही भार वनमा्वि करिार ना्ही :
परंतु, उकत जवमनीच्ा अर्िा वतच्ा भागाच्ा मालकाने अज्व केल्ािर, वजल्हाविकाऱ्ास विरेष पररससर्तीिी कारिे लेखी नमूि करून अरा मालकास उपरोकत तरतुिीच्ा प्रित्वनातून सू्ट िेता ्ेईल :
परंतु आिखी असे की, जर कोित्ा्ही व्कतीने ्ा तरतुिीिे बुद्धीपुरससर उललंघन केल्ामुळे वतला झालेल्ा कोित्ा्ही ्हानीिी वकंिा क्तीिी वजल्हाविकाऱ्ांकडून भरपाई विली जािार ना्ही.
तसेि, उकत अविवन्माच्ा कलम ११ च्ा पो्ट-कलम (५) अनुसार, वजल्हाविकारी भूवमसंपािन, पुनि्वसन ि पुनि्वसा्हत करताना उवित भरपाई वमळण्ािा आवि पारिर्वकतेिा ्हकक (म्हाराष्ट्र) वन्म, २०१४ (्ात ्ापुढे ज्ांिा वनिदेर " उकत वन्म " असा करण्ात आला आ्हे) ्ांच्ा वन्म १० च्ा उप वन्म (३) द्ारे वि्हीत केल्ाप्रमािे भूवम अवभलेखाच्ा अद्ा्ाितीकरिािे काम ्हाती घेिार असल्ािे ि पूि्व करिार असल्ािे िेखील घोवषत करण्ात ्ेत आ्हे.
आवि ज्ाअर्थी, उकत अविवन्माच्ा कलम ३ खंड (छ) अनि्े, समुिीत रासन असलेला वजल्हाविकारी, उकत अविवन्माखालील वजल्हाविकाऱ्ांिी का्दे पार पाडण्ासाठी उप वजल्हाविकारी (भूसंपािन) वजल्हा मुख्ाल् वसंिुिुग्व ्ांस पिवनिदेवरत करीत आ्हे.
अनुसूची एक
जवमनीचे िण्षन
गाि माजगाि, तालुका सािंतिाडी, वजल्हा वसंिुिुग्व
| अ.क्र. | भूमापन क्रमांक | व्हससा क्रमांक | अंिावजत क्ेत् (्हेक्टरमध्े) |
| १ | २७७ | ९ पै | ०.१४.२० |
| २ | २८९ | १६ | ०.०५.०० |
| ३ | २८९ | १७ पै | ०.०३.०० |
| ४ | २८९ | १८ पै | ०.०३.०० |
| ५ | २८९ | २० पै | ०.००.४५ |
| ६ | २८९ | २१ | ०.०२.०० |
| ७ | २८९ | २४ | ०.०१.०० |
| ८ | २८९ | २५ | ०.०१.०० |
| ९ | २८९ | २६ | ०.०१.०० |
| १० | २८९ | २७ पै | ०.०१.५० |
| ११ | २८९ | २८ पै | ०.०१.५० |
| १२ | २८९ | ३६ | ०.०२.०० |
| १३ | २८९ | ४४ | ०.०२.०० |
| १४ | २८९ | ४५ | ०.१७.०० |
| १५ | २८९ | ४६ | ०.०६.०० |
| १६ | २८९ | ४७ | ०.०६.०० |
| १७ | २८९ | ४८ | ०.०६.०० |
| १८ | २८९ | ४९ | ०.११.०० |
| १९ | २८९ | ५० | ०.०४.०० |
| २० | २८९ | ५१ | ०.०३.०० |
| २१ | २९० | १ पै | ०.०३.०५ |
| २२ | २९० | २ पै | ०.००.३० |
| २३ | २९० | ५ पै | ०.०४.५५ |
| २४ | २९० | ९ पै | ०.०१.९० |
| २५ | २९० | १० | ०.०२.५० |
| २६ | २९० | ११ | ०.०८.३० |
| २७ | २९० | १२ | ०.०८.१० |
| २८ | २९० | १३ | ०.०२.५० |
| २९ | २९० | १४ | ०.०८.३० |
| ३० | २९० | १५ पै | ०.०१.४६ |
| ३१ | २९० | १६ | ०.०१.५० |
| ३२ | २९० | १७ | ०.०१.५० |
| ३३ | २९० | १८ | ०.०१.०० |
| ३४ | २९० | १९ | ०.०२.५० |
| ३५ | २९० | २० | ०.०६.१० |
| ३६ | २९० | २१ | ०.३२.२० |
| ३७ | २९० | २२ | ०.०२.५० |
| ३८ | २९० | २३ | ०.०३.५० |
| ३९ | २९० | २४ | ०.०१.८० |
| ४० | २९० | २७ | ०.०१.०० |
| ४१ | २९० | २८ | ०.०३.०० |
| ४२ | २९० | २९ | ०.०५.८० |
| ४३ | २९० | ३० | ०.०७.३० |
| ४४ | २९० | ३१ | ०.०१.५० |
| ४५ | २९० | ३२ | ०.०१.०० |
| ४६ | २९० | ३३ | ०.०१.०० |
| ४७ | २९० | ३४ | ०.००.५० |
| ४८ | २९० | ३५ | ०.००.५० |
| ४९ | २९० | ३६ | ०.०१.०० |
| ५० | २९० | ३७ | ०.०२.५० |
| ५१ | २९० | ३८ | ०.०१.३० |
| ५२ | २९० | ३९ | ०.०१.३० |
| ५३ | २९० | ४० | ०.०३.८० |
| ५४ | २९० | ४१ | ०.०१.०० |
| ५५ | २९० | ४२ | ०.०६.८० |
| ५६ | २९० | ४३ | ०.०१.०० |
| ५७ | २९० | ४४ | ०.०२.३० |
| ५८ | २९० | ४५ | ०.०२.५० |
| ५९ | २९० | ४६ | ०.०१.३० |
| ६० | २९० | ४७ | ०.०३.३० |
| ६१ | २९० | ४८ | ०.००.५० |
| ६२ | २९० | ४९ | ०.०२.०० |
| ६३ | २९० | ५० | ०.०१.८० |
| ६४ | २९० | ५१ | ०.०३.८० |
| ६५ | २९० | ५२ | ०.०८.१० |
| ६६ | २९० | ५३ | ०.०३.३० |
| ६७ | २९० | ५४ | ०.०५.८० |
| ६८ | २९० | ५५ | ०.००.८० |
| ६९ | २९० | ५६ | ०.००.५० |
| ७० | २९० | ५७ | ०.०४.३० |
| ७१ | २९० | ५८ | ०.०५.६० |
| ७२ | २९० | ५९ | ०.०२.५० |
| ७३ | २९० | ६० | ०.०५.१० |
| ७४ | २९० | ६१ | ०.०६.६० |
| ७५ | २९० | ६२ | ०.०२.८० |
| ७६ | २९० | ६३ | ०.२८.४० |
| ७७ | २९० | ६४ | ०.०६.३० |
| ७८ | २९० | ६५ | ०.०४.८० |
| ७९ | २९१ | १ | ०.०१.८० |
| ८० | २९१ | २ | ०.०१.३० |
| ८१ | २९१ | ३ | ०.१५.९० |
| ८२ | २९१ | ४ | ०.०१.३० |
| ८३ | २९१ | ५ | ०.०६.८० |
| ८४ | २९१ | ६ | ०.०१.०० |
| ८५ | २९१ | ७ | ०.१०.१० |
| ८६ | २९१ | ८ | ०.०१.५० |
| ८७ | २९१ | ९ | ०.०२.०० |
| ८८ | २९१ | १० | ०.०२.३० |
| ८९ | २९१ | ११ | ०.०२.०० |
| ९० | २९१ | १२ | ०.३१.२० |
| ९१ | २९१ | १३ | ०.०१.५० |
| ९२ | २९१ | १४ | ०.०७.३० |
| ९३ | २९१ | १५ | ०.१४.४० |
| ९४ | २९१ | १६ | ०२३.०० |
| ९५ | ३१७ | १अ पै | ०.६४.९० |
| एकूण | ५.१५.२१ |
अनुसूची- दोन
साि्षजवनक रियोजनाचया सिरूपाबाबत विरण
प्रकलपािे नाि - लघु पा्टबंिारे ्ोजना माजगाि, ता. सािंतिाडी, वज. वसंिुिुग्व
प्रकलप का्ा्विे िष्व- २०१५
समाजाला वमळिारे लाभ - पा्ाभूत सुविा (वसंिन क्ेत्ात िाढ ि वपण्ाच्ा पाण्ािी उपलबिता) सिर लघुपा्टबंिारे प्रकलप ्हा वसंिन प्रकलप असून, ्ा प्रकलपामुळे मौजे माजगाि, ता. सािंतिाडी, वज. वसंिुिुग्व ्ेर्ील ८० ्हेक्टर रेत जमीन वसंिनाखाली ्ेिार आ्हे. त्ामुळे रेतकऱ्ांिे व्हत साध् ्होिार आ्हे. तसेि प्रकलपामुळे वपण्ािे पािी उपलबि ्होिार आ्हे.
अनुसूची- तीन
बावित व्कतींिे विसर्ापन ्होत ना्ही.
अनुसूची- चार
म्हाराष्ट्र रासनाच्ा विनांक २३ एवप्रल २०२१ च्ा राजपत्राद्ारे सिर प्रकलपास सामावजक प्रभाि वनिा्वरि अभ्ासातून सू्ट प्रापत आ्हे.
अनुसूची- पाच
प्ररासकािी वन्ुकती करिेिी आिश्कता ना्ही.
टीप- उकत जवमनीिे आराखडे उप वजल्हाविकारी (भूसंपािन) वजल्हा मुख्ाल्, वसंिुिुग्व ्ांिे का्ा्वल्ामध्े का्ा्वल्ीन
िेळेत वनरीक्ि करता ्ेतील.
वसंिुिुग्वनगरी, विनांक, ११ माि्व २०२२.
श्ीमती िरा्ष तानाजी वशंगण, उप वजल्हाविकारी, भूसंपािन, वजल्हा मुख्ाल्, वसंिुिुग्व.
ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.