RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ८, अंक ७] शुक्रवार, जुलै २९, २०२२/श्रावण ७, शके १९४४ [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक ७
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).
ग्राम विकास विभाग
बांधकाम भवन, २५ मर्झबान पथ, फोर्ट, मुंबई ४०० ००१, दिनांकित १४ जुलाई २०२२।
MAHARASHTRA ORDINANCE No. III OF 2022.
AN ORDINANCE
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA ZILLA PARISHADS AND PANCHAYAT SAMITIS ACT, 1961.
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक ३ सन् २०२२।
महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिती अधिनियम, १९६१ में अधिकतर
संशोधन संबंधी अध्यादेश ।
क्योंकि राज्य विधानमंड़ल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;
सन् १९६२ का महा. ५ ।
और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है, जिनके कारण उन्हें इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ में अधिकतर संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;
(१)
भाग सात-७---१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, जुलै २९, २०२२/श्रावण ७, शके १९४४ अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्ितयों का प्रयोग करते हुए, महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते है, अर्थात् :—
१. (१) यह अध्यादेश महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति (संशोधन) अध्यादेश, २०२२ कहलाए। संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभण।
(२) यह तुरंत प्रवृत्त होगा ।
२. महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ (जिसे इसमें आगे, " मूल अधिनियम " कहा गया है) की धारा ४३ कि उप-धारा (१) में, निम्न परन्तुक, जोडा जायेगा, अर्थात् :----
सन् १९६२ का महा. ५। सन् १९६२ का महा. ५ की धारा ४३ में संशोधन।
" परन्तु, महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति (संशोधन) अध्यादेश, २०२२ के प्रारम्भण के दिनांक पर पद में रहे अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की पदावधि, राज्य सरकार द्वारा राजपत्र मे प्रकाशित किसी आदेश द्वारा तीन महीनों तक बढ़ायी जा सकेगी :
परन्तु, आगे यह कि, उपयर्ुक्त परन्तुक में अन्र्तविष्ट किसी बात के होते हुए भी, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की पदावधि धारा १० में यथा उपबंधित निर्वाचित पार्षदों की पदावधि सहविस्तारी होगी। " ।
कठिनाई के निराकरण की शक्ति।
३. (१) इस अध्यादेश द्वारा, यथा संशोधित मूल अधिनियम के उपबंधों का प्रभावी करने में यदि कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो राज्य सरकार, जैसा अवसर उद्भूत हो, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा इस अध्यादेश द्वारा यथा संशोधित, मूल अधिनियम के उपबंधों से अनअसंगत ऐसी बात कर सकेगी, जो कठिनाई के निराकरण के प्रयोजनों के लिए आवश्यक या इष्टकर प्रतीत हो ।
(२) इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक आदेश, उसके बनाए जाने के पश्चात्, यथासंभव शीघ्र, राज्य विधानमंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जायेगा ।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, जुलै २९, २०२२/श्रावण ७, शके १९४४ ३
उद्देश्यों और कारणों का वक्तव्य ।
महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ (सन् १९६२ का महा. ५) की धारा ४३ यह उपबंध करती है कि, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की पदावधि ढ़ाई वर्ष की होगी । उक्त अधिनियम की धारा ६५ यह उपबंध करती है कि, यथा अन्यथा उपबंधित के सिवाय, धारा ४३ के उपबंध पंचायत समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की अवधि के संबंध में यथा आवश्यक परिवर्तन समेत लागू होगी ।
२. राज्य के कई जिलों में जिला परिषदों के विद्यमान अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष और पंचायत समितियों के विद्यमान अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष की पदावधियाँ जल्द ही समाप्त होनेवाली है। जिला परिषद और पंचायत समिति के उक्त पीठासीन प्राधिकारियों के पदों का निर्वाचन, आरक्षण प्रक्रिया के कार्यान्वयन द्वारा कार्यान्विन करने की आवश्यकता है। राज्य में प्रभावी रूप से आरक्षण नीति के कार्यान्वयन के लिये और जिला परिषद और पंचायत समिति और उनके प्रशासन के हित में यह तत्काल उपबंध करना आवश्यक है कि राज्य सरकार जिला परिषद और पंचायत समिति के उक्त पीठासीन प्राधिकारी की अवधि तीन महीनों तक बढ़ा सकेगी, उस उपबंधों के अध्यधीन, उक्त पीठासीन प्राधिकारियों की उक्त बढ़ाई गई अवधियाँ उक्त अधिनियम की धारा १० में यथा उपबंधित निर्वाचित पार्षदों की पदावधियाँ सहविस्तारी होगी ।
३. क्योंकि, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का समाधान हो चूका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान है जिनके कारण उन्हें, उपयर्ुक्त प्रयोजनों के लिए महाराष्ट्र जिला परिषद और पंचायत समिति अधिनियम, १९६१ (सन् १९६२ का महा. ५) में अधिकतर संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है।
मुंबई,
भगत सिंह कोश्यारी,
दिनांकित १४ जुलाई २०२२।
महाराष्ट्र के राज्यपाल।
महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,
राजेश कुमार,
शासन के अपर मुख्य सचिव।
(यथार्थ अनुवाद),
श्रीमती विजया डोनीकर,
भाषा संचालक,
महाराष्ट्र राज्य।
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