महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ८, अंक १० ] बुधवार, ऑगस्ट १०, २०२२/श्रावण १९, शके १९४४ [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक १२
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).
उच्चतर तथा तकनिकी शिक्षा विभाग
मंत्रालय, मादाम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मुंबई ४०० ०३२, दिनांकित ३ अगस्त २०२२।
MAHARASHTRA ORDINANCE No. VI OF 2022.
AN ORDINANCE
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA PUBLIC UNIVERSITIES ACT, 2016.
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक ६ सन् २०२२।
महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ में अधिकतर संशोधन करने संबंधी अध्यादेश।
क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;
सन् २०१७ का महा. ६।
और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं, जिनके कारण उन्हें, इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ में अधिकतर संशोधन करने के लिये सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;
(१)
भाग सात-१२—१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑगस्ट १०, २०२२/श्रावण १९, शके १९४४ अब, इसलिये, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शिक्ितयों का प्रयोग करते हुए, महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश, प्रख्यापित करते हैं, अर्थात् :---
१. (१) यह अध्यादेश महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, २०२२ कहलाए।
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण।
(२) यह तुरंत प्रवृत्त होगा।
२. महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ की धारा १०९ की,----
(एक) उप-धारा (३) के, खण्ड (छ) के, द्वितीय परंतुक की तालिका में, खण्ड (घ), (च) और (छ)
सन् २०१७ का महा. ६। सन् २०१७ का महा. ६ की धारा १०९ में संशोधन।
के स्थान में, निम्न खण्ड, रखा जायेगा, अर्थात् :----
"(घ) विश्वविद्यालय की सिफारिशों के ठिक पश्चात्वर्ती वर्ष के ३१ जनवरी को या के पूर्व। १७ अगस्त २०२२ को या के पूर्व। (च) जिस वर्ष में अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त हो गई है, उस वर्ष के १ मई को या के पूर्व। २४ अगस्त २०२२ को या के पूर्व। (छ) जिस वर्ष में ऐसा नया महाविद्यालय या संस्था शुरू करना प्रस्तावित किया गया है उस वर्ष के १५ जून को या के पूर्व।
१ सितम्बर २०२२ को या के पूर्व।";
(दो) उप-धारा (४) के द्वितीय परंतुक की तालिका में, खण्ड (घ) के स्थान में, निम्न खण्ड, रखा जायेगा, अर्थात् :----
"(घ) जिस वर्ष में राज्य सरकार द्वारा अनुमति दी है, उस वर्ष के १५ जून को या के पूर्व। १७ अगस्त २०२२ को या के पूर्व।"।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑगस्ट १०, २०२२/श्रावण १९, शके १९४४ ३
वक्तव्य
महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ (सन् २०१७ का महा. ६) की धारा १०९, नए महाविद्यालय या नए पाठ्यक्रम विषय संकाय डिविजन या उपग्रह केंद्र शुरू करने के लिए अनुमति देने की प्रक्रिया का उपबंध करती है।
उक्त धारा १०९ की, उप-धारा (३) उच्चतर अध्ययन के नए महाविद्यालय या संस्था शुरू करने के लिए आशय पत्र देने के लिए आवेदन करने, सरकार द्वारा आशय पत्र देने, संवीक्षा के पश्चात्, विश्वविद्यालय द्वारा राज्य सरकार को अनुपालन रिपोर्ट अग्रेषित करने और नए महाविद्यालय या संस्था शुरू करने के लिए अंतिम अनुमोदन देने की समय सीमा के लिए उपबंध करती है।
उक्त धारा १०९ की, उप-धारा (४) नए पाठ्यक्रम, विषय, संकाय, डिविजन या उपग्रह केंद्र शुरू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनुमति देने के लिए समय सीमा का उपबंध करती है।
२. औरंगाबाद प्रदेश में कई संस्थाअों ने डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय, औरंगाबाद की वर्ाषिक योजना २०२२-२३ में कई स्थानों पर आपत्ति जताते हुए, मुंबई उच्च न्यायालय के औरंगाबाद न्यायपीठ में रिट याचिका दाखिल की है। उच्च न्यायालय ने नए महाविद्यालयों को शुरू करने के लिए एक परिप्रेक्ष्य योजना से संबंधित डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर मराठवाडा विश्वविद्यालय औरंगाबाद द्वारा जारी किये गये दिनांकित २५ अप्रैल २०२२ के विज्ञापन पर रोक लगाई है और अगली सुनवाई तक ऐसे मामलों में सरकार द्वारा आशय पत्र जारी करने पर भी रोक लगाई गई है।
उक्त रोक आदेश को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने, उक्त विश्वविद्यालय के अधीन नए महाविद्यालयों को शुरू करने के लिए संस्थाअों को आशय पत्र नहीं दिया है।
इसके अलावा, कतिपय संस्थाअों ने जिनका दावा यह है कि उनके प्रस्ताव आवश्यकताअों को पूरा करते है, उनके प्रस्तावों को विचार-विमर्श लेने के लिए सरकार को अभ्यावेदन किये गये है। तथापि, सरकार इसके लिए उक्त धारा १०९ में विर्िनदिष्ट समय सीमा के अवसित होने के कारण ऐसे प्रस्तावों पर विचार-विमर्श नहीं कर सकी।
३. इसलिए, उक्त धारा १०९ में यथोचित संशोधन करना इष्टकर समझा गया है, ताकि अकादमिक वर्ष २०२२-२०२३ में नए महाविद्यालय और नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए आशय पत्र देने तथा पश्चात्वर्ती अनुमोदनों के लिए समय-सीमा विस्तारित की जा सके।
४. चूँकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चूका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें उपयर्ुक्त प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ में अधिकतर संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक है, अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है।
मुंबई, दिनांकित ३ अगस्त २०२२।
भगत सिंग कोश्यारी, महाराष्ट्र के राज्यपाल।
महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,
विकास चंद्र रस्तोगी, सरकार के प्रधान सचिव।
(यथार्थ अनुवाद), विजया ल. डोनीकर, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।
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