महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ८, अंक १३(२) ] गुरुवार, ऑगस्ट २५, २०२२/भाद्रपद ३, शके १९४४ [पृष्ठे ८, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक २२
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).
महाराष्ट्र विधानमंडळ सचिवालय
महाराष्ट्र विधानसभा में दिनांक २५ अगस्त, २०२२ ई.को. पुर:स्थापित निम्न विधेयक महाराष्ट्र विधानसभा नियम ११७ के अधीन प्रकाशन किया जाता है :----
L. A. BILL NO. XXVII OF 2022.
A BILL
TO PROVIDE FOR CREATION OF SUPERNUMERARY POSTS IN THE CADRE OF CIVIL SERVICES AND POSTS OF THE GOVERNMENT, GOVERNMENT DEPARTMENTS AND OFFICES OR AUTHORITIES SUBORDINATE THERETO AND TO APPOINT CANDIDATES SELECTED AND RECOMMENDED BY SELECTION AUTHORITIES THEREON. विधानसभा का विधेयक क्रमांक २७ सन् २०२२।
सरकार, सरकारी विभागों और उसके अधीनस्थ कार्यालयों या प्राधिकरणों में सिविल सेवाअों
और पदों के संवर्ग में अधिसंख्य पदों का निर्माण करने और उसपर चयन प्राधिकरणों द्वारा
चयनित और सिफारिश किए गए उम्मीदवारों की नियुक्ति करने के लिए
उपबंध करने संबंधी विधेयक ।
क्योंकि सरकार, सरकारी विभागों और उसके अधीनस्थ कार्यालयों या प्राधिकरणों में सिविल सेवाअों और पदों के संवर्ग में अधिसंख्य पदों का निर्माण करने और उसपर चयन प्राधिकरणों द्वारा चयनित और सिफारिश किए गए उम्मीदवारों की नियुक्ति करने तथा उससे संबंधित या उससे आनुषंगिक मामलों के लिए उपबंध करना इष्टकर है ; अत:, भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में, एतद्द्वारा, निम्न अधिनियम अधिनियमित किया जाता है :----
संक्षिप्त नाम। १. यह अधिनियम महाराष्ट्र अधिसंख्य पदों का निर्माण और चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ित अधिनियम, २०२२ कहलाए।
(१)
भाग सात-२२—१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑगस्ट २५, २०२२/भाद्रपद ३, शके १९४४ परिभाषाएँ। २. इस अधिनियम में, जब तक की संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,----
(क) " सक्षम प्राधिकारी " का तात्पर्य, अनुसूची में विर्िनदिष्ट संवर्गों में पदों पर उम्मीदवारों का चयन या नियुक्ित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी, से है ;
(ख) " सरकार " का तात्पर्य, महाराष्ट्र सरकार से है ;
(ग) " अनुसूची " का तात्पर्य, इस अधिनियम से संलग्न अनुसूची से है ;
(घ) " चयन प्राधिकरण " का तात्पर्य, सरकार, सरकारी विभागों और उसके अधीनस्थ कार्यालयों या प्राधिकरणों की सेवाअों और पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन करने के लिए सक्षम महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग, जिला चयन समिति और अन्य चयन प्राधिकरणों, से है ;
(ङ) " उम्मीदवार " का तात्पर्य, अनुसूची में उल्लिखित सिविल सेवाअों और पदों के संवर्ग में नियुक्ित के लिए संबंधित चयन समिति द्वारा चयनित और सिफारिश किए गए उम्मीदवारों, से है। अधिसंख्य पदों का सृजन।
३. किसी न्यायालय के किसी न्यायनिर्णय, डिक्री या आदेश में, या सरकार, सरकारी विभागों या उसके अधीनस्थ कार्यालयों या प्राधिकरणों द्वारा जारी भर्ती नियमों या आदेशों में अंर्तविष्ट किसी बात के होते हुए भी, अनुसूची मेंे उल्लिखित सिविल सेवाअों के संवर्ग और पदों में अधिसंख्य पद निर्माण किए जायेंगे।
सिविल सेवाअों और पदों मेंें उम्मीदवारों के चयन और उनकी नियुक्तियों का विधिमान्यकरण।
४. (१) किसी न्यायालय के न्याय निर्णय, डिक्री या आदेश या सरकार द्वारा जारी भर्ती नियमों या आदेशों में अंर्तविष्ट किसी बात के होते हुए भी, सरकार, सरकारी विभागों तथा उसके अधीनस्थ कार्यालयों या प्राधिकरणों के उम्मीदवार जो सिविल सेवाअों और पदों की उनकी नियुक्ित के लिए चयन प्राधिकरण द्वारा चयनित हुए है और जिनका नाम अनुसूची में उल्लिखित सिविल सेवाअों के संवर्ग और पदों में ९ सितम्बर २०२० को या के पूर्व सरकार या सरकारी विभाग और उसके अधीनस्थ कार्यालयों या प्राधिकरणों को ऐसी नियुक्ति के लिए सुझावित किया गया है वह वैध रूप से चयनित है ऐसा समझा जायेगा और ऐसे उम्मीदवारों को उक्त संवर्गों और पदों को लागू संबंधित नियमों की प्रक्रिया के अनुसरण में, सरकार, सरकारी विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों या प्राधिकरणों के संबंधित संवर्गों में धारा ३ के अधीन सृजित अधिसंख्य पदों पर नियुक्त किया जायेगा।
(२) संबंधित सरकारी विभाग और उसके अधीनस्थ कार्यालयों या प्राधिकरणों के उक्त उम्मीदवारों को, इसलिए निम्न प्रक्रिया द्वारा नियुक्ित दे देंगे।
(३) ऐसे उम्मीदवारों को सेवा में शामिल होने के लिए विकल्प दिया जायेगा। उम्मीदवार, उसमें विर्िनदिष्ट अवधि के भीतर सेवा में शामिल होगा । उक्त अवधि के अवसान के पश्चात् किसी उम्मीदवार को सेवा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
(४) सरकार, इस अधिनियम के अनुपालन के लिए आवश्यक अनुदेश या आदेश जारी कर सकेगी। ॅह्य ॅ ह्यन्ॅन् ॅ्र ्र
५. (१) इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में यदि कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो, सरकार, जैसा अवसर उद्भूत हो, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, इस अधिनियम से असंगत न होनेवाली ऐसी कोई बात कर सकेगी, जो उसे कठिनाई के निराकरण के लिए आवश्यक या इष्टकर प्रतित हो :
परंतु, इस अधिनियम के प्रारम्भण के दिनांक से दो वर्षों की अवधि के अवसान के पश्चात्, ऐसा कोई आदेश नहीं बनया जायेगा।
(२) इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक आदेश, उसके बनाए जाने के पश्चात्, यथासंभव शीघ्र, राज्य विधानमंडल के समक्ष रखा जायेगा।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑगस्ट २५, २०२२/भाद्रपद ३, शके १९४४ ३
अनुसूची
(देखिए धारा ३ और ४)
| अनु- क्रमांक (१) | विभाग का नाम (२) | संवर्ग (३) | समूह (४) | उम्मीदवारों की संख्या (५) | |
| १ | सामान्य प्रशासन विभाग। | (एक) | अनुभाग अधिकारी | बी | १ |
| (दो) | लिपिक सहित टंकलेखक | सी | १२ | ||
| २ | राजस्व और वन विभाग। | (एक) | उप जिलाधिकारी | ए | ३ |
| (दो) | तहसिलदार | ए | १० | ||
| (तीन) | उप अधीक्षक | बी | १ | ||
| (चार) | नायब तहसिलदार | बी | १३ | ||
| (पाँच) | वन रक्षक | सी | १० | ||
| (छह) | लिपिक | सी | ४ | ||
| (सात) | तलाठी | सी | १० | ||
| (आठ) | चपरासी | डी | २ | ||
| ३ | क षि, पशु पालन, दुग्ध विकास ृ और मत्स्यउद्योग विभाग। | (एक) | कृषि सहायक | सी | १३ |
| (दो) | पशुधन पर्यवेक्षक | सी | १ | ||
| ४ | वित्त विभाग। | (एक) | राज्य कर सहायक आयुक्त | ए | ३ |
| (दो) | राज्य कर निरीक्षक | बी | १३ | ||
| (तीन) | वरिष्ठ सहायक (लेखा) | बी | १ | ||
| (चार) | कर सहायक | सी | १२ | ||
| ५ | ग्रामविकास विभाग। | (एक) | स्वास्थ्य कर्मचारी (पुरुष) | सी | ४ |
| (दो) | ग्राम सेवक | सी | १ | ||
| (तीन) | स्वास्थ्य कर्मचारी (महिला) | सी | १ | ||
| (चार) | सूक्ष्म सिंचन कनिष्ठ अभियंता | सी | १ | ||
| (पाँच) | सहायक सिविल अभियंता | सी | ३ | ||
| (छह) | कनिष्ठ अभियंता (ग्रामीण जल आपर्ूति) | सी | १ | ||
| (सात) | स्वास्थ्य कर्मचारी (महिला) | सी | १ | ||
| (आठ) | पशुधन पर्यवेक्षक | सी | १ | ||
| (नौं) | चपरासी | डी | २ | ||
| ६ | नगरविकास विभाग। | (एक) | पशु चिकित्सा अधिकारी | ए | २ |
| (दो) | कनिष्ठ अभियंता (सिविल) | बी | २ | ||
| (तीन) | उप अभियंता (सिविल) | बी | २ | ||
| (चार) | उप अभियंता (मैकेनिक और इलेक्टि्रक) | बी | १ | ||
| (पाँच) | जन्म रजिस्ट्रीकरण लिपिक/ मृत्यु रजिस्ट्रीकरण लिपिक/ सूचना लिपिक | सी | ९ |
अनुसूची---चालू
(देखिए धारा ३ और ४)
| अनु- क्रमांक (१) | विभाग का नाम (२) | संवर्ग (३) | समूह (४) | उम्मीदवारों की संख्या (५) | |
| (छह) | अनुभाग अभियंता | बी | १ | ||
| (सात) | कनिष्ठ अभियंता | सी | १ | ||
| (आठ) | कनिष्ठ अभियंता (संकेतन और दूरसंचार) | सी | १ | ||
| (नौं) | भण्डार कनिष्ठ अभियंता | सी | १ | ||
| (दस) | स्टेशन नियंत्रक | सी | ३ | ||
| (ग्यारह) | सुरक्षा पर्यवेक्षक II | सी | १ | ||
| (बारह) | सिविल तकनीकी II | सी | १ | ||
| (तेरह) | तकनीकी (आपातकालीन रखरखाव) | सी | १ | ||
| (चौदह) | तकनीकी II (आपातकालीन रखरखाव) | सी | २ | ||
| (पंद्रह) | तकनीकी I | सी | १ | ||
| (सोलह) | तकनीकी II (संकेतन और दूरसंचार) | सी | ९ | ||
| (सत्रह) | तकनीकी II | सी | १६ | ||
| (अठारह) | सहायक | डी | २ | ||
| ७ | उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभाग (उद्योग निदेशालय)। | (एक) | उद्योग उप निदेशक (तकनीकी) | ए | २ |
| (दो) | उद्योग अधिकारी | बी | १२ | ||
| महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआयडीसी)। | (एक) | कार्यकारी अभियंता (सिविल) | बी | १ | |
| (दो) | उप अभियंता (मेकैनिक और इलेक्टि्रक) | बी | १ | ||
| महाजेनको। | तकनीकी III | सी | ८५ | ||
| महाडिस्कॉम। | (एक) | अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता (सिविल) | वेतन समूह १ | १ | |
| (दो) | अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता (वितरण) | वेतन समूह १ | ४ | ||
| (तीन) | उप कार्यकारी अभियंता (वितरण) | वेतन समूह २ | ७ | ||
| (चार) | उप कार्यकारी अभियंता (सिविल) | वेतन समूह २ | १ | ||
| (पाँच) | कार्यकारी अभियंता (सिविल) | वेतन समूह २ | ४ |
अनुसूची---समाप्त
(देखिए धारा ३ और ४)
| अनु- क्रमांक (१) | विभाग का नाम (२) | संवर्ग (३) | समूह (४) | उम्मीदवारों की संख्या (५) | |
| (छह) | कनिष्ठ अभियंता (सिविल) | वेतन समूह ३ | २ | ||
| (सात) | सहायक (विद्युत) | वेतन समूह ४ | ३९१ | ||
| (आठ) | स्नातक अभियंता प्रशिक्षणार्थी (सिविल) | बी | ४ | ||
| (नौं) | डिप्लोमा अभियंता प्रशिक्षणार्थी (वितरण) | सी | ४३ | ||
| (दस) | डिप्लोमा अभियंता प्रशिक्षणार्थी (सिविल) | सी | २ | ||
| (ग्यारह) | डिप्लोमा अभियंता प्रशिक्षणार्थी (वितरण) (आंतरिक अधिसूचना) | सी | ५ | ||
| (बारह) | उप केंद्र सहायक | सी | २७९ | ||
| ८. | जनजाति विकास विभाग। | अधीक्षक (महिला) | सी | १ | |
| ९. | लोक निर्माण विभाग। | (एक) | सिविल अभियांत्रिकी सहायक | बी | ३ |
| (दो) | कनिष्ठ लिपिक | सी | ३ | ||
| (तीन) | कनिष्ठ लिपिक-टंकलेखक | सी | ३ | ||
| (चार) | खानसामा | डी | २ | ||
| (पाँच) | मील मजूर | डी | ६ | ||
| (छह) | चौकीदार | डी | २ | ||
| (सात) | चपरासी | डी | ३ | ||
| १०. | गृह विभाग। | पुलिस उप अधीक्षक/ सहायक पुलिस आयुक्त | ए | १ | |
| राज्य उत्पाद शुल्क। | (एक) | सहायक आयुक्त | बी | १ | |
| (दो) | उप अधीक्षक | बी | ५ | ||
| (तीन) | उप निरीक्षक | सी | ३ | ||
| ११. | विद्यालय शिक्षा विभाग। | उप शिक्षा अधिकारी | ए | ४ | |
| १२. | चिकित्सा शिक्षा तथा औषधी विभाग/जिला परिषद। | औषध निर्माता | बी | १ | |
| कुल | ... १०६४ |
उद्देश्यों और कारणों का वक्तव्य ।
राज्य के अधीन लोक सेवाअों और पदों में नियुक्ित के लिये सीटों का आरक्षण महाराष्ट्र राज्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (एस इ बी सी) के लिये आरक्षण (राज्य में शैक्षणिक संस्थाअों में प्रवेश और राज्य के अधीन लोक सेवाअों और पदों में नियुक्ितयों के लिये सीटों का) अधिनियम, २०१८ (सन् २०१८ का महा. ६२) द्वारा मराठा समुदाय समेत नागरिकों के सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को दिया गया था। संविधान (एक सौ तीसरा संशोधन) अधिनियम, २०१९ द्वारा यथा संशोधित संविधान के अनुच्छेद १६(६) के उपबंधों के अनुसार शैक्षणिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) को भी आरक्षण दिया गया था।
२. सन् २०१८ का उक्त्त महाराष्ट्र अधिनियम क्र. ६२ को मुंबई उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने, उक्त्त अधिनियम के उपबंधों को बरकरार रखा ; तथापि, उसे उच्चतम न्यायालय के समक्ष अपील में चुनौती दी गई थी। उच्चतम न्यायालय ने, दिनांकित ५ मई २०२१ के अपने आदेश द्वारा डॉ. जयश्री लक्ष्मणराव पाटील बनाम मुख्यमंत्री और अन्य (सन् २०२० का सिविल अपील क्रमांक ३१२३) और संबंधित अपीलों और रिट याचिकाअों को उक्त्त अधिनियम को रद्द कर दिया है। सम्मानीय उच्चतम न्यायालय ने, यह निर्णय दिया है कि, ""दिनांकित २७-६-२०१९ के उच्च न्यायालय के न्यायनिर्णय के पश्चात्, मराठा समुदाय के सदस्यों को लोक सेवाअों में की गयी सभी नियुक्त्तियाँ ९-९-२०२० पर न्यायालय द्वारा पारित आदेश तक सुरक्षित होंगी। तथापि, अधिनियम, २०१८ के अधीन राज्य में लोक सेवाअों में जो नियुक्त्त किये गये थे उन छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेनेवाले ऐसे मराठा छात्रों या मराठा छात्रों द्वारा आगे कोई लाभ का दावा नहीं किया जा सकेगा।""। ३. लोक सेवाअों और पदों में सीधे भर्ती, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग, जिला चयन समितिअों और अन्य चयन प्राधिकरणों द्वारा सामाजिक तथा शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के उम्मीदवारों समेत सभी प्रवर्गों के उम्मीदवारों के लिये प्रतियोगिता चयन प्रक्रिया के ज़रिये, सरकार, सरकारी विभागों और कार्यालयों या उसमें के अधीनस्थ प्राधिकरणों के लिये की गई थी। उक्त्त प्रवर्गों के कई उम्मीदवारों को प्रतियोगिता परीक्षाअों में के उनके मेरीट के अनुसार नियुक्त्तियाँ दी गई थीं। लोक सेवाअों में सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के उम्मीदवारों को, उच्च न्यायालय के दिनांक २७ जून २०१९ के न्यायनिर्णय के पश्चात्, उच्चतम न्यायालय द्वारा ९ सितम्बर २०२० को पारित किये जाने के आदेश तक दी जाती थी वह उच्चतम न्यायालय के आदेश द्वारा सुरक्षित की गई है। तथापि, उक्त्त प्रवर्ग के कुछ उम्मीदवार जो की गई प्रक्रिया के द्वारा संबंधित चयन प्राधिकरणों द्वारा ९ सितम्बर २०२० के पूर्व चयनित किये गये थे, किंतु, राज्य में कोविड़-१९ महामारी और तालाबंदी के कारण, उक्त्त चयनित उम्मीदवारों को नियुक्त्ति पत्र जारी करना संभव नहीं हुआ था, इसलिये ऐसी नियुक्त्तियों से वंचित रह गये थे।
४. सन्मानीय उच्चतम न्यायालय के न्यायनिर्णय के पश्चात्, मूल चयन सूचीयों को संबंधित चयन प्राधिकरणों द्वारा पुनरीक्षित किया गया था। मूल चयन सूचीयों के पुनरीक्षण के कारण, सभी आरक्षित प्रवर्गों के उम्मीदवार जो मूल चयन सूचीयों के तल में थे समेत कई उम्मीदवार अपनी पुनरीक्षित चयन सूचीयाँ नहीं बना पाए और अत: सिविल सेवा में नियुक्ित से वंचित रहे हैं। सरकार का यह मत है कि, उक्त उम्मीदवारों की किसी भी गलति के बिना यह नियुक्तियाँ अस्वीकृत की गई है।
५. उम्मीदवार जो ९ सितम्बर २०२० से पूर्व चयनित किये गये है, किंतु ९ सितम्बर २०२० से पूर्व सिविल सेवाअों में नियुक्त्तियाँ प्रदान नहीं की गयी हैं उम्मीदवार जिन्हे उस दिनांक से पूर्व नियुक्त्तियाँ प्रदान की गई है और वह परिस्थितियों के शिकार हुये वह समान रूप से रखे गये है। इसलिये ऐसे उम्मीदवारों के लिये सरकार अनुसूची में विर्िनदिष्ट काडर में अधिसंख्य पदों को सृजित करना इष्टकर समझती है जिनकी चयन प्रक्रिया ९ सितम्बर २०२० के पूर्व संपन्न हुई है और सिविल सेवाअों में उन्हें महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग, जिला चयन समितियों और अन्य चयन प्राधिकारणों द्वारा नियुक्त्तियों के लिये सिफारिश की गई थी, किंतु, जिनके नियुक्त्ति पत्र राज्य में कोविड़-१९ महामारी और तालाबंदी के कारण उस दिनांक के पूर्व जारी नहीं किये जा सके और उन्हे एक कानून अधिनियमित करने के द्वारा उक्त्त पदों पर नियुक्त्तियाँ दी जाये।
६. प्रस्तुत विधेयक का आशय ऊपयर्ुक्त्त उद्देश्यों को प्राप्त करना है।
मुंबई,
एकनाथ संभाजी शिंदे,
दिनांकित २४ अगस्त २०२२।
मुख्यमंत्री।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑगस्ट २५, २०२२/भाद्रपद ३, शके १९४४ ७
प्रत्यायुक्त विधान संबंधी ज्ञापन ।
प्रस्तुत विधेयक में, विधायी शक्ति के प्रत्यायोजन के लिए, निम्न प्रस्ताव अंतर्ग्रस्त है, अर्थात्:---
खंड ४ (४).----इस खण्ड के अधीन, राज्य सरकार को, इस अधिनियम का अनुपालन करने के लिए आवश्यक अनुदेश या आदेशों को जारी करने की शक्ति प्रदान की गई है ।
खंड ५.----इस खण्ड के अधीन, राज्य सरकार को, राजपत्र में प्रकाशित किसी आदेश द्वारा, इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने मेंे उद्भूत कोई कठिनाई दूर करने की शक्ति प्रदान की गई है ।
२. विधायी शक्ति के प्रत्यायोजन के लिये, उपरोल्लिखित प्रस्ताव सामान्य स्वरूप के है ।८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑगस्ट २५, २०२२/भाद्रपद ३, शके १९४४
वित्तीय ज्ञापन।
प्रस्तुत विधेयक का खण्ड ४, सिविल सेवाअों, पदों और उनके नियुक्तियों में उम्मीदवारों के चयन की विधिमान्यता के लिए उपबंध करता है ; खण्ड ४ का उप-खण्ड (१) अनुसूचि में उल्लिखित खण्ड ३ के अधीन सृजित अधिसंख्य पदों पर नियुक्ति के लिए उपबंध करता है। यह विधेयक राज्य विधानमंडल के अधिनियम के रूप में उसकी अधिनियमिति पर राज्य की समेकित निधि में से पूरा किए जाने के लिए प्रत्येक वर्ष लगभग ७.४० करोड़ रुपयों का अतिरिक्त व्यय आवश्यक होगा।
(यथार्थ अनुवाद), श्रीमती विजया डोनीकर, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।
विधान भवन : मुंबई, दिनांकित २५ अगस्त, २०२२।
राजेन्द्र भागवत, प्रधान सचिव, महाराष्ट्र विधानसभा।
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