RNI No. MAHBIL/2009/31730
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L. A. BILL No. XXXV OF 2022.
A BILL
TO AMEND THE REGULARISATION OF UNAUTHORISED
DEVELOPMENT IN THE CITY OF ULHASNAGAR ACT, 2006.
विधानसभा का विधेयक क्रमांक ३५ सन् २०२२ ।
उल्हासनगर शहर में अनधिकृत विकास का नियमितीकरण अधिनियम, २००६ में संशोधन।
सन् २००६ का ९।
क्योंकि इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, उल्हासनगर शहर में अनधिकृत विकास का नियमितीकरण अधिनियम, २००६ में अधिकतर संशोधन करना इष्टकर है ; अत: भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में, एतद्द्वारा, निम्न अधिनियम अधिनियमित किया जाता है :----
संक्षिप्त नाम । १. यह अधिनियम उल्हासनगर शहर में अनधिकृत विकासों का नियमितीकरण (संशोधन) अधिनियम, २०२२ कहलाए ।
(१)
भाग सात--३८-१. एचबी-१४५५-१.
२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, डिसेंबर २२, २०२२/पौष १, शके १९४४२. उल्हासनगर शहर में अनधिकृत विकासों का नियमितिकरण अधिनियम, २००६ (जिसे इसमें आगे ""मूल अधिनियम"" कहा गया है) की धारा ३ की, उप-धारा (३) के खण्ड (क) में,----
सन् २००६ का महा. ९। सन् २००६ का महा.९ की धारा ३ में संशोधन ।
""(१) ""निचे दी गई तालिका के अनुसरण में, निर्धारित"" शब्दों के स्थान में ""जैसा कि विहित किया जाए"" शब्द रखे जायेंगे ;
(दो) फीस की तालिका अपर्मजित की जायेगी।
३. मूल अधिनियम की धारा ४ की, उप-धारा (३) के खण्ड (क) के परंतुक में, ""४.०० से अधिक फर्श क्षेत्र सूचकांक (एफ.एस.आय)"" शब्दों, अक्षरों और अंकों के स्थान में, ""उल्हासनगर शहर के नगर निगम सन् २००६ का महा. ९ की धारा ४ में संशोधन ।
को यथा प्रयुक्त महाराष्ट्र एकीकृत विकास नियंत्रण और उन्नयन विनियमन में यथा विर्िनदिष्ट फर्श क्षेत्र सूचकांक (एफ.एस.आय)"" शब्द रखे जायेंगे।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, डिसेंबर २२, २०२२/पौष १, शके १९४४ ३
उद्देश्यों और कारणों का वक्तव्य
उल्हासनगर शहर में अनधिकृत विकासों का नियमितिकरण अधिनियम, २००६ (सन् २००६ का महा.९), उल्हासनगर शहर में अनधिकृत संरचना के अधिभोगियों की दयनीयता को कम करने उपाय के साथ उल्हासनगर शहर में अनधिकृत सन्निर्माण के नियमितिकरण के लिए एक बारगी उपाय के रूप में अधिनियमित किया गया था। उल्हासनगर शहर में अनधिकृत संन्निर्माण के नियमितिकरण के लिए नागरिकों से पर्याप्त प्रतिसाद नहीं मिला था, इसलिए, उक्त अधिनियम का प्रभावी कार्यान्वयन करने की सिफारिश देने के लिए सरकार द्वारा एक समिति गठित की गई थी। उक्त समिति ने, प्रशमन फीस के दर घटाने और उसे एकीकृत विकास नियंत्रण और उन्नयन विनियमन के अधीन विर्िनदिष्ट फर्शी क्षेत्र सूचकांक (एफ.एस.आय.) लागू करने के सुझाव दिए थे। सरकार ने, उक्त समिति की सिफारिशें स्वीकृत की है।
२. उपयर्ुक्त र्िनदिष्ट प्रयोजनों के लिये सरकार उल्हासनगर शहर में अनधिकृत विकासों का नियमितिकरण अधिनियम, २००६ की, धारा ३ की, उप-धारा (३) और धारा ४ की, उप-धारा (३) में यथोचित संशोधन करना इष्टकर समझती है।
३. प्रस्तुत विधेयक का आशय उपयर्ुक्त उद्देश्यों को प्राप्त करना है।
नागपुर,
एकनाथ शिंदे,
दिनांकित २१ दिसंबर, २०२२ ।
मुख्यमंत्री ।४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, डिसेंबर २२, २०२२/पौष १, शके १९४४
प्रत्यायुक्त विधान संबंधी ज्ञापन
प्रस्तुत विधेयक में, विधायीशक्ति के प्रत्यायोजन के लिए निम्न प्रस्ताव अंतर्ग्रस्त है, अर्थात् :---
खण्ड ३ (एक). इस खण्ड के अधीन, राज्य सरकार को, उल्हासनगर शहर में अनधिकृत विकासों का नियमितिकरण अधिनियम, २००६ के अधीन अनधिकृत विकासों का नियमितीकरण के लिए प्रशमन फीस नियमों द्वारा विहित करने की, शक्ति प्रदान की गई है।
३. विधायीशक्ति के प्रत्यायोजन के लिए उपरोल्लिखित प्रस्ताव सामान्य स्वरूप का है।
(यथार्थ अनुवाद),
विजया ल. डोनीकर, भाषा संचालक,
महाराष्ट्र राज्य।
विधान भवन, नागपुर, दिनांकित २२ दिसंबर, २०२२ ।
राजेन्द्र भागवत, प्रधान सचिव, महाराष्ट्र विधानसभा । ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT PRESS AND BOOK DEPOT, CIVIL LINES, NAGPUR-440 001 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004, EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.