महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ९, अंक ७] मंगळवार, मार्च २१, २०२३/फाल्गुन ३०, शके १९४४ [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक १३
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी)
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महाराष्ट्र विधानमंडळ सचिवालय
महाराष्ट्र विधानसभा में दिनांक २१ मार्च, २०२३ ई.को. पुर:स्थापित निम्न विधेयक महाराष्ट्र विधानसभा नियम ११७ के अधीन प्रकाशन किया जाता है :----
L. A. BILL No. XIV OF 2023.
A BILL
TO AMEND THE MAHARASHTRA UNAIDED PRIVATE PROFESSIONAL EDUCATIONAL INSTITUTIONS (RAGULATION OF ADMISSIONS AND FEES) ACT, 2015.
विधानसभा का विधेयक क्रमांक १४ सन् २०२३ ।
महाराष्ट्र असहायताप्राप्त निजी वृत्तिक शिक्षा संस्था (प्रवेश तथा फीस का विनियमन)
अधिनियम, २०१५ में अधिकतर संशोधन करने संबंधी विधेयक।
सन् २०१५ का महा. २८ ।
क्योंकि इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र असहायताप्राप्त निजी वृत्तिक शिक्षा संस्था (प्रवेश तथा फीस का विनियमन) अधिनियम, २०१५ में अधिकतर संशोधन करना इष्टकर है; अत: भारत गणराज्य के चौहत्तरवें वर्ष में, एतद्द्वारा, निम्न अधिनियम अधिनियमित किया जाता है :----
(१)
भाग सात---१३-----१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, मार्च २१, २०२३/फाल्गुन ३०, शके १९४४ संक्षिप्त नाम। १. यह अधिनियम महाराष्ट्र असहायताप्राप्त निजी वृत्तिक शिक्षा संस्था (प्रवेश तथा फीस का विनियमन) (संशोधन) अधिनियम, २०२३ कहलाए।
२. महाराष्ट्र असहायताप्राप्त निजी वृत्तिक शिक्षा संस्था (प्रवेश तथा फीस का विनियमन) सन् २०१५ का महा. २८ की धारा ११ में संशोधन।
सन् २०१५ का महा. २८ । अधिनियम, २०१५ की धारा ११ की,------
(१) उप-धारा (३) में, (क) खंड (ग) और (घ) के स्थान में, निम्न खंड, रखा जायेगा, अर्थात :---
"" (३) फीस विनियमन प्राधिकरण, राज्य सरकार द्वारा नियुक्त निम्न व्यक्तियों से मिलकर गठित होगा, अर्थात :---
""(ग) दो प्रख्यात चार्टर्ड एकाउंटेन्ट जो दस वर्ष से अनिम्न ... सदस्य ;
अवधि के लिए भारत के चार्टर्ड एकाउंटेन्ट की संस्था के सदस्य रहे है
(घ) दो विख्यात लागत लेखापाल जो दस से अनिम्न वर्ष ... सदस्य " ;
की अवधि के लिए भारत के लागत और कार्य लेखापाल की संस्था के सदस्य रहे है या विख्यात वित्तीय विशेषज्ञ;
(ख) खंड (च), अपर्मजित किया जायेगा ;
(ग) खंड (ज) के पश्चात्, निम्न खंडनिविष्ट किया जायेगा, अर्थात् :-----
(ज-१) आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा
(ज-२) आयुष निदेशालय महाराष्ट्र राज्य के निदेशक ... सदस्य;
(घ) (घ) खंड (ञ) के स्थान में, निम्न खंड, रखा जायेगा, अर्थात् :-----
(ञ) संयुक्त सचिव से अनिम्न श्रेणी का सरकार का कोई ... सदस्य-सचिव,;
अधिकारी।
(२) उप-धारा (४) के पश्चात्, निम्न धारायें, निविष्ट की जायेगी, अर्थात् :--
(४क) अध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य में के किसी भी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को जब किस विनियम प्राधिकरण का कारोबार उसे संबंधित वृत्तिक पाठयक्रमों संबधि है तब एक आमांत्रित सदस्य के रुप मंे आमंत्रित करेगा ।
(४ख) अध्यक्ष, जैसा और जब आवश्यक हो, उच्चतर शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा और स्वास्थ विज्ञान, शिल्पकला, कृषि, आयुर्वेद चिकित्सा, होमियोपॅथी, दंतशास्त्र, नर्सिंग या औषधविज्ञान शिक्षा के क्षेत्र से किसी व्यक्ति या अधिकारियों को भी उनके विशेष विचार प्राप्त करने के लिए निमंत्रित कर सकेगा। ऐसा विशेष निमंत्रित, फीस विनियामक प्राधिकरण की बैठकों कीे कार्यवाहियों में सम्मिलित होगा, किन्तु उनको मत देने का अधिकार नहीं होगा ।"" ;
(३) उप-धारा (५) मे ""सदस्य"" शब्द के स्थान में, "" सदस्य या विशेषज्ञ "" शब्द रखे जायेंगे।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, मार्च २१, २०२३/फाल्गुन ३०, शके १९४४ ३
उद्देश्यों और कारणों का वक्तव्य।
महाराष्ट्र असहायताप्राप्त निजी वृत्तिक शैक्षिक संस्था (प्रवेश तथा फीस का विनियमन) अधिनियम, २०१५ (सन् २०१५ का महा. २८) की धारा ११, असहायताप्राप्त निजी वृत्तिक शैक्षिक संस्थाअों द्वारा प्रदान की गई वृत्तिक शिक्षा के फीस संरचना की युक्तियुक्तता अवधारित करने के लिए, फीस विनियमन प्राधिकरण के गठन के लिए, उपबंध करता है। उक्त प्राधिकरण, एक अध्यक्ष, जो उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधिश या मुख्य सचिव के श्रेणी के सरकार के निवृत्त अधिकारी है और प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, एक चार्टर्ड एकाउंटेन्ट, एक लागत लेखापाल, एक वृत्तिक शिक्षा विशेषज्ञ और अन्य शासकीय सदस्यों से मिलकर गठित होगी।
२. उक्त प्राधिकरण, युक्तियुक्त फीस संरचना का प्रस्ताव और उसे अंतिम रुप देने के निर्णय लेते समय पूर्वर्वति वर्ष के दौरान, संस्था द्वारा उपगत आय और व्यय, विद्यमान शैक्षिक वर्ष के लिए प्राक्कलित बजट, मंजूर ग्रहण क्षमता, आदि पर प्राथमिक रूप से विचार करेगा।
प्राधिकरण को व्यक्तिगत संस्था द्वारा, व्यक्तिगत प्रस्तावों की संवीक्षा करने और आय और व्यय संबंधी बनाए गए तथ्यात्मक विवरण के सत्यता निर्धारण करने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेन्ट और लागत लेखापाल के सहायता की प्राथमिक आवश्यकता है। अत: उक्त प्राधिकरण पर अतिरिक्त एक चार्टर्ड एकाउंटेन्ट और एक लागत लेखापाल सदस्य प्रस्तावित किया गया है।
३. सरकार यह भी आवश्यक समझ रही है कि प्राधिकरण के सदस्य के रूप में, आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा और निदेशक आयुष निदेशालय, महाराष्ट्र राज्य को नियुक्त किया जाये।
यह, उपबंध भी प्रस्तावित है कि अध्यक्ष, महाराष्ट्र राज्य में के किसी भी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को और उच्चतर शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा तथा स्वास्थ्य विज्ञान आणि वृत्तिक शिक्षा, के विभिन्न क्षेत्रों से विशेषज्ञों को निमंत्रित करे जो प्राधिकरण को सलाह दे सकें।
४. उक्त प्रयोजनों के लिये सरकार, महाराष्ट्र असहायताप्राप्तनिजी वृत्तिक शैक्षिक संस्था (प्रवेश तथा विनियमन), अधिनियम, २०१५ की धारा ११ में यथोचित संशोधन करना इष्टकार समझती है
५. प्रस्तुत विधेयक का आशय उपयर्ुक्त उद्देश्यों को प्राप्त करना है।
मुंबई, दिनांकित २० मार्च, २०२३।
चंद्रकांत (दादा) पाटील, उच्चतर तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री।
विधान भवन, मुंबई, दिनांकित २१ मार्च, २०२३।
राजेन्द्र भागवत, प्रधान सचिव, महाराष्ट्र विधानसभा।
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