RNI No. MAHBIL/2009/31730
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष ९, अंक ३१] शुक्रवार, डिसेंबर १५, २०२३/अग्रहायण २४, शके १९४५ [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक ६१
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी)
महाराष्ट्र विधानमंडळ सचिवालय
महाराष्ट्र विधानसभा में दिनांक १५ दिसेंबर, २०२३ ई.को पुर:स्थापित निम्न विधेयक महाराष्ट्र विधानसभा नियम ११७ के अधीन प्रकाशन किया जाता है :--
L. A. BILL No. LIII OF 2023.
A BILL
TO AMEND THE MAHARASHTRA INTERNATIONAL SPORTS UNIVERSITY ACT, 2020.
विधानसभा का विधेयक क्रमांक ५३ सन् २०२३।
महाराष्ट्र आंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा विश्वविद्यालय अधिनियम, २०२० में अधिकतर संशोधन करने संबंधी विधेयक।
सन् २०२० का महा. ३५।
क्योंकि इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिये, महाराष्ट्र आंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा विश्वविद्यालय अधिनियम, २०२० में अधिकतर संशोधन करना इष्टकर है; अत: भारत गणराज्य के चौहत्तरवे वर्ष में, एतद्द्वारा, निम्न अधिनियम अधिनियमित किया जाता है :----
संक्षिप्त नाम। १. (१) यह अधिनियम, महाराष्ट्र आंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, २०२३ कहलाए।
भाग सात--६१-१. एचबी-१७४९-१
(१)२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, डिसेंबर १५, २०२३/अग्रहायण २४, शके १९४५ २. महाराष्ट्र आंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा विश्वविद्यालय अधिनियम, २०२० की धारा १२ की,----
सन् २०२० का महा. ३५। (१) उप-धारा (३) के,
सन् २०२० का महा. ३५ की धारा १२ में संशोधन।
(क) खण्ड (क) में,
(एक) " समिति " शब्द के स्थान में, " खोजबीन-नि-चयन समिति " शब्द रखे जायेंगे ;
(दो) उप-खण्ड (एक) के स्थान में, निम्न खण्ड, प्रतिस्थापित किया जायेगा, अर्थात :-
-
(दो) उप-खण्ड (एक) के स्थान में, निम्न उप-खण्ड, रखा जायेगा, अर्थात् :--
" (एक) कुलाधिपति द्वारा नामनिर्देशित सदस्य, जो उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में का एक विख्यात व्यक्त्ति होगा और या तो शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कोई विख्यात विद्वान होगा या शिक्षा के क्षेत्र में पद्म पुरस्कार प्राप्तकर्ता होगा ; " ;
(तीन) उप-खण्ड (तीन) के पश्चात्, निम्न उप-खण्ड जोडा जायेगा,
अर्थात् :--
" (चार) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष द्वारा नामनिर्देशित
किया जानेवाला एक सदस्य. " ;
(ख) खण्ड (ग) के स्थान में, निम्न खण्ड रखा जायेगा, अर्थात् :--
" (ग) समिति पर नामनिर्देशित होनेवाले सदस्य ऐसे व्यक्त्ति होंगे जो विश्वविद्यालय के साथ किसी रित्या में संबंधित नहीं है या उस विश्वविद्यालय के किसी महाविद्यालय या किसी मान्यताप्राप्त संस्था से संबंधित नहीं है. " ;
(ग) खण्ड (घ) में " तीन " शब्द अपमर्ाजित किया जायेगा ;
(घ) खण्ड (च) में,----
(एक) " के साथ व्यक्त्ति " शब्दों के पश्चात्, " न्यूनतम दस वर्षों " शब्द जोडे
जायेंगे ;
(दो) उप-खण्ड (चार) में " शैक्षिक अर्हताएँ " शब्दों के स्थान में, "अतिरिक्त्त
शैक्षिक अर्हताएँ " शब्द रखे जायेंगे ;
(२) उप-धारा (४) में,---
(क) विद्यमान परंतुक के पूर्व, निम्न परंतुक निविष्ट किया जायेगा, अर्थात्,----
" परंतु, यदि कुलाधिपति द्वारा चयनित व्यक्त्ति, कुलपति के पद का प्रभार ग्रहण नहीं करता है तो, कुलाधिपति, एक पॅनल से शेष व्यक्त्तियों में से एक अन्य यथोचित व्यक्त्ति का चयन कर सकेगा या वह उसी समिति से या तो एक नए पॅनल को बुला सकेगा या ऐसी नई समिति से इसी प्रयोजन के एक नई समिति के गठन के पश्चात् नए पॅनल को बुला सकेगा ; " ;
(ख) विद्यमान परंतुक में, " परंतु यह कि " शब्दों के स्थान में, " परंतु आगे यह कि " शब्द रखे जायेंगे।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, डिसेंबर १५, २०२३/अग्रहायण २४, शके १९४५ ३
उद्देश्यों और कारणों का वक्तव्य ।
महाराष्ट्र आंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा विश्वविद्यालय अधिनियम, २०२० (सन् २०२० का महा. ३५) की धारा १२ कुलपति की नियुक्त्ति करने के लिए कुलाधिपति को उचित नामों की सिफारिश करने हेतु पात्रता मानदण्ड और समिति के गठन के लिए उपबंध करती है।
२. कुलपति की नियुक्त्ति करने के लिए कुलाधिपति को उचित नामों की सिफारिश करने हेतु पात्रता मानदण्ड और समिति के गठन के उपबंध विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा तत्पश्चात् उपांतरित किए गए हैं देखिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, १९५६ (सन १९५६ का ३) के अधीन विरचित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में अध्यापकों और अन्य अकादमिक कर्मचारीवृंद की नियुक्त्ति के लिए न्यूनतम अर्हताएँ और उच्चतम शिक्षा में मानक बनाए रखने के लिए अन्य उपाय) विनियम, २०१८ विरचित किया गया था।
३. उच्चतम न्यायालय ने, गंभीरदान के. गढवी बनाम गुजरात सरकार और अन्य (सन् २०१९ की रिट याचिका (सिविल) क्रमांक १५२५ और प्राध्यापक (डॉ.) श्रीजीत पी. एस बनाम राजश्री एम. एस. और अन्य (सन् २०२२ की सिविल अपील क्रमांक ७६३४-७६३५) के मामलों में, हाल ही में यह ठहराया गया है कि, कुलपति के पात्रता मानदण्ड और नियुक्त्ति के लिये प्रक्रिया हमेशा सुसंगत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियमों के अनुसार होंगी और राज्य अधिनियम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियमों का एक हिस्सा है तो उसे संशोधित किया जाना चाहिए और जब तक वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम लागू रहेंगे तब तक वह अभिभावी होंगे।
४. उपयर्ुक्त्त को ध्यान में रखते हुए, उक्त्त धारा १२ में यथा अंर्तविष्ट कुलपति की नियुक्त्ति करने से संबंधित विद्यमान उपबंध उक्त्त विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विनियमों के अनुसार, संशोधित करना आवश्यक है। इसलिए, सरकार, महाराष्ट्र आंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा विश्वविद्यालय अधिनियम, २०२० की धारा १२ का यथोचित संशोधन करना इष्टकर समझती है।
५. प्रस्तुत विधेयक का आशय उपयर्ुक्त्त उद्देश्यों को प्राप्त करना है।
नागपूर,
संजय बनसोडे,
दिनांकित १४ दिसंबर, २०२३।
क्रीड़ा तथा युवा कल्याण मंत्री।
(यथार्थ अनुवाद),
श्रीमती विजया ल. डोनीकर, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।
विधान भवन, नागपूर, दिनांकित १५ दिसंबर, २०२३।
जितेंद्र भोळे, सचिव (१) (कार्यभार), महाराष्ट्र विधानसभा।
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