RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष १०, अंक १६] सोमवार, सप्टेंबर १६, २०२४/भाद्रपद २५, शके १९४६ [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक ३०
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).
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राजस्व तथा वन विभाग
मंत्रालय, मादाम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मुंबई ४०० ०३२, दिनांक ६ सितम्बर २०२४।
MAHARASHTRA ORDINANCE No. VII OF 2024.
AN ORDINANCE FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA FELLING OF TREES (REGULATION) ACT, 1964.
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक ७ सन् २०२४।
महाराष्ट्र वृक्ष कटाई (नियमन) अधिनियम, १९६४ में अधिकतर
संशोधन करने संबंधी अध्यादेश।
क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;
और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र वृक्ष कटाई (नियमन) अधिनियम, १९६४ में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;
सन् १९६४ का महा. ३४।
भाग सात----३०-१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, सप्टेंबर १६, २०२४/भाद्रपद २५, शके १९४६ अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३ के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्ितयों का प्रयोग करते हुए, महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं, अर्थात् :-----
१. (१) यह अध्यादेश महाराष्ट्र वृक्ष कटाई (नियमन) (संशोधन) अध्यादेश, २०२४ कहलाए। संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण।
(२) यह तुरंत प्रवृत्त होगा।
२. महाराष्ट्र वृक्ष कटाई (नियमन) अधिनियम, १९६४ (जिसे इसमें आगे, "मूल अधिनियम" कहा गया है) की, धारा २ के,----
सन् १९६४ का महा. ३४। सन् १९६४ का महा. ३४ की धारा २ में संशोधन।
(१) खण्ड (ङ) के स्थान में, निम्न खण्ड रखा जायेगा, अर्थात् :-----
"(ङ) " वृक्ष कटाई " जिसमें वृक्ष मर जाने या उसको नष्ट करने के लिए वृक्ष को जलाने या काटने या छाँटने या घेरा बनाने या उसकी छाल तराशना सम्मिलित हे ;";
(२) खण्ड (छ) के स्थान में, निम्न खण्ड रखा जायेगा, अर्थात् :-----
"(छ) " नगरीय क्षेत्र " का तात्पर्य, वह नगर निगम क्षेत्र, जिसके लिए मुंबई नगर निगम अधिनियम या महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के अधीन नगर निगम गठित किया गया है या महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक नगरी अधिनियम, १९६५ की, धारा २ का खण्ड (२४) के अर्थान्तर्गत नगर निगम क्षेत्र से है, और वह अधिसूचित क्षेत्र सम्मिलित है जिसके लिए महाराष्ट्र प्रादेशिक और नगर योजना अधिनियम, १९६६ की धारा ४० के अधीन विशेष योजना प्राधिकरण गठित या नियुक्त किया गया है या वह क्षेत्र नए शहर के लिए स्थल के रूप में र्िनदिष्ट किया गया है जिसके लिए महाराष्ट्र प्रादेशिक और नगर योजना अधिनियम, १९६६ की धारा ११३ के अधीन विकास प्राधिकरण गठित किया गया है ;"।
सन् १९८८ का ३। सन् १९४९ का ५९। सन् १९६५ का महा. ४०। सन् १९६६ का महा. ३७। सन् १९६६ का महा. ३७। ३. मूल अधिनियम की धारा ४ में, "दायी होगा" शब्दों से प्रारम्भ होनेवाले तथा "अधिरोपित करना उचित समझा गया है" से समाप्त होनेवाले शब्दों के स्थान में, निम्न भाग रखा जायेगा, अर्थात् :-----
सन् १९६४ का महा. ३४ की धारा ४ में संशोधन।
"पचास हजार रुपयों की शास्ति के लिये दायी होगा। धारा ३ के अधीन सशक्त वृक्ष अधिकारी जाँच करने के पश्चात् तथा ऐसे व्यक्ित को सुनवाई का युक्ितयुक्त अवसर देने के पश्चात् शास्ति अधिरोपित कर सकेगा ; "।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, सप्टेंबर १६, २०२४/भाद्रपद २५, शके १९४६ ३
वक्तव्य
महाराष्ट्र वृक्ष कटाई (नियमन) अधिनियम, १९६४ (सन् १९६४ का महा. ३४) महाराष्ट्र राज्य में कतिपय वृक्षों की कटाई करने के नियमन करने, उसके परिरक्षण करने के प्रयोजन के लिए बेहतर उपबंध करने के लिए अधिनियमित किया गया है। यह शहरी क्षेत्र को छोड़कर संपूर्ण महाराष्ट्र राज्य में लागू होगा।
२. उक्त अधिनियम की धारा ४, वृक्ष अधिकारी की अनुमति के बिना वृक्ष कटाई पर एक हजार रुपयों से अनधिक शास्ति के लिए उपबंध करती है। एक हजार रुपयों की शास्ति की उक्त अधिकतम सीमा वर्ष १९६४ से अबतक बढ़ाई नहीं गई है। शास्ति की इस अत्यंत अल्प रकम के कारण वृक्षों की अनधिकृत कटाई की घटनाएँ बडे पैमाने पर बढ़ रही है। पर्यावरण का संरक्षण करने के लिए वृक्षों को काटने के प्रभावी नियमन करना आवश्यक हुआ है। इसलिए, वृक्ष को अनधिकृत रूप से गिराने पर कठोर शास्ति के लिए उपबंध करना आवश्यक हुआ है। इसलिए, वृक्ष काटने पर पचास हजार रुपयों की शास्ति की रकम नियत करने का उपबंध करने की दृष्टि से उक्त अधिनियम की धारा ४ में संशोधन करना इष्टकर समझा गया है।
३. उक्त अधिनियम और महाराष्ट्र (नगरीय क्षेत्रों) वृक्षों का संरक्षण और परिरक्षण अधिनियम, १९७५ (सन् १९७५ का महा. ४४) में " नगरीय क्षेत्र " पद की परिभाषा भिन्न है जिससे उसे लागू करने के बारे में संदिग्धता बढ़ाती है। इसलिए, उक्त अधिनियम में उक्त पद की परिभाषा को प्रतिस्थापित करने का प्रस्तावित किया गया है ताकि सन् १९७५ का महाराष्ट्र अधिनियम ४४ में यथा उपबंधित उसके समान परिभाषा हो।
४. चूँकि, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हे इसमें उपयर्ुक्त प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र वृक्ष कटाई (नियमन) अधिनियम, १९६४ (सन् १९६४ का महा. ३४) में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है।
मुंबई,
सी. पी. राधाकृष्णन,
दिनांक ५ सितम्बर २०२४।
महाराष्ट्र के राज्यपाल।
महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,
श्री. वेणुगोपाल रेड्डी,
सरकार के प्रधान सचिव।
(यथार्थ अनुवाद),
विजया ल. डोेनीकर,
भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।
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