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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

भाग सात, असा. क्रमांक ३३, MAHARASHTRA ORDINANCE No. X OF 2024. AN ORDINANCE to amend the Maharashtra Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains Act, 1960. Wednesday, 16th October 2024.

Published 16 October 2024

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2024-10-16.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi

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महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर १६, २०२४/आश्िवन २४, शके १९४५ १

RNI No. MAHBIL /2009/31730

महाराष्ट्र शासन राजपत्र

असाधारण भाग सात

वर्ष १०, अंक १९] बुधवार, ऑक्टोबर १६, २०२४/आश्िवन २४, शके १९४६ [पृष्ठे ४, किंमत : रुपये ४७.००

असाधारण क्रमांक ३३

प्राधिकृत प्रकाशन

अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).

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पर्यटन और सांस्कृतिक कार्य विभाग

मादाम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मंत्रालय, मुंबई ४०० ०३२, दिनांक १४ अक्त्तूबर २०२४।

MAHARASHTRA ORDINANCE No. X OF 2024.

AN ORDINANCE

TO AMEND THE MAHARASHTRA ANCIENT MONUMENTS AND

ARCHAEOLOGICAL SITES AND REMAINS ACT, 1960.

महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक १० सन् २०२४।

महाराष्ट्र प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, १९६० में अधिकतर

संशोधन करने संबंधी अध्यादेश।

क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;

सन् १९६१ का महा. १२।

और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, १९६० में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ; (१)

भाग सात-३३--१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर १६, २०२४/आश्िवन २४, शके १९४६ अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं, अर्थात् :—

१. (१) यह अध्यादेश, महाराष्ट्र प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्व स्थल और अवशेष (संशोधन) संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण ।

अध्यादेश, २०२४ कहलाए।

(२) यह तुरंत प्रवृत्त होेगा।

२. महाराष्ट्र प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, १९६० (जिसे इसमें आगे, सन् १९६१ का महा. १२। "मूल अधिनियम" कहा गया है) की, धारा ३३ की,----

सन् १९६१ का महा. १२ की धारा ३३ मेंें संशोधन।

" (१) उप-धारा (१) में "जिसे ऐसी अवधि के कारावास से जिसे तीन महीने तक बढ़ाया जा सके, या ऐसे जुर्माने से जिसे पाँच हजार रुपयों तक बढ़ाया जा सके" शब्दों के स्थान में, "जिसे ऐसी अवधि के कारावास से जो दो वर्षों तक बढ़ाए जा सके या ऐसे जुर्माने से जो दस हजार रुपयों से कम नही परंतु, जिसे एक लाख रुपयों तक बढ़ाया जा सके" शब्द रखे जायेंगे ;

(२) उप-धारा (१) के पश्चात् निम्न उप-धारा निविष्ट की जायेगी, अर्थात् :—

"(१क) जो कोई,---

(एक) संरक्षित स्मारकों के परिसरों में शराब या कोई भी मादक पदार्थ का सेवन करता है या अपने पास रखता है, या

(दो) संरक्षित स्मारकों के परिसर में कोई अश्लील कृत्य करता है, या

(तीन) संरक्षित स्मारकों के परिसर में जुआ खेलने का कृत्य करता है,

तो, उसे दोषसिद्धि पर, उसे ऐसी अवधि के कारावास जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सके या ऐसे जुर्माने से जो एक लाख रुपयों तक बढ़ाया जा सके या दोनों से दण्डित किया जायेगा।";

(३) उप-धारा (२) में,-----

(क) "ऐसे जुर्माने से जिसे दो हजार रुपयों तक बढ़ाया जा सके" शब्दों के स्थान में " ऐसे जुर्माने से जो दस हजार रुपयों से कम न हो परंतु, जिसे एक लाख रुपयों तक बढ़ाया जा सके " शब्द रखे जायेगें ;

(ख) "पच्चीस रुपए" शब्दों के स्थान में, "पाँच सौ रुपए" शब्द रखे जायेंगे ;

(४) उप-धारा (३) में "ऐसे जुर्माने से जिसे पाँच हजार रुपयों तक बढ़ाया जा सके" शब्दों के स्थान में, " ऐसे जुर्माने से जो दस हजार रुपयों से कम न हो परंतु, जिसे एक लाख रुपयों तक बढ़ाया जा सके" शब्द रखे जायेंगे ।

३. मूल अधिनियम की धारा ३५ में,---

(१) "दण्ड प्रक्रिया की संहिता, १८९८" शब्दों और अंकों के स्थान में, "भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, २०२३" शब्द और अंक रखे जायेंगे ;

सन् १९६१ का महा. १२ की धारा ३५ मेंें संशोधन।

सन् १८९८ का ५। सन् २०२३ का ४६। (२) "संहिता" शब्द के स्थान में, "संहिता" शब्द रखा जायेगा ।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर १६, २०२४/आश्िवन २४, शके १९४५ ३ ४. मूल अधिनियम की धारा ३६ में,---

सन् १८९८ का ५।

सन् १९६१ का महा. १२ की धारा ३६ मेंें संशोधन। (१) "दण्ड प्रक्रिया की संहिता, १८९८ की धारा ३२" शब्दों और अंकों के स्थान में, "भारतीय सन् २०२३ का ४६। नागरिक सुरक्षा संहिता, २०२३ की धारा २३" शब्द और अंक रखे जायेंगे ;

(२) "दो हजार रुपए" शब्द, दोनों स्थानों पर जहाँ कहीं वे आए हो, "पचास हजार रुपए" शब्द रखे जायेंगे।

५. मूल अधिनियम की धारा ४१ की, उप-धारा (३) के,---

सन् १९६१ का महा. १२ की धारा ४१ मेंें संशोधन। (१) खण्ड (एक) में, "ऐसे जुर्माने से जिसे पाँच हजार रुपयों तक बढ़ाया जा सके," शब्दों के स्थान मे, "जुर्माने से जो दस हजार रुपयों से कम न हो परंतु, जिसे एक लाख रुपयों तक बढ़ाया जा सके" शब्द रखे जायेंगे ;

(२) खण्ड (दो) में "ऐसे जुर्माने से जिसे पाँच हजार रुपयों तक बढ़ाया जा सके" शब्दों के स्थान मे, "ऐसे जुर्माने से जो दस हजार रुपयों से कम न हो परंतु, जिसे एक लाख रुपयों तक बढ़ाया जा सके" शब्द रखे जायेंगे ;

(३) खण्ड (तीन) में, "ऐसे जुर्माने से जिसे पाँच सौ रुपयों तक बढ़ाया जा सके" शब्दों के स्थान मे, "ऐसे जुर्माने से जो दस हजार रुपयों से कम न हो परंतु, जिसे एक लाख रुपयों तक बढ़ाया जा सके" शब्द रखे जायेंगे ।४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर १६, २०२४/आश्िवन २४, शके १९४६

वक्तव्य

महाराष्ट्र प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, १९६० (सन् १९६१ का महा. १२) महाराष्ट्र राज्य में (राष्ट्रीय महत्व के घोषित किये गये को छोडकर अन्य) प्राचीन तथा ऐतिहासिक स्मारकों और अभिलेखोंे तथा पुरातत्व स्थलों और अवशेषों के परिरक्षण करने के लिए बेहतर उपबंध करने और उससे संबंधित मामलों के लिए उपबंध करता है ।

मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज ने कई किलोंे का संनिर्माण किया था। यह किले महाराष्ट्र के सुनहरे इतिहास के साक्षी है । महाराष्ट्र सरकार ने, उक्त अधिनियम के अधीन कई ऐतिहासिक किलेंे संरक्षित संस्मारक के रूप में घोषित किए हैं। हाल ही में, भारत सरकार ने, वैश्िवक विरासत के रूप में, चार किलों समेत, जिसे उक्त अधिनियम के अधीन संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित किया है कोे "मराठा मिलिटरी लँडस्केप" का नामांकन करने के लिये संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (युनेस्को) को प्रस्ताव दिया है । २. उक्त अधिनियम की धारा ३३, इस अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन करने पर, ऐसी अवधि के कारावास से जिसे तीन महीने तक बढ़ाया जा सके या ऐसे जुर्माने से जो पाँच हजार रुपयों तक बढ़ाया जा सके या दोनों से दण्डित किया जायेगा। उक्त अधिनियम की धारा ४१, नियमों के उपबंधों का उल्लंघन करने के लिये शास्तियों के लिए उपबंध करती है । यह शास्तियाँ चँूकी, वर्ष १९६० से अब तक बढ़ाई नहीं गई है । भारत सरकार ने, वर्ष २०१० में प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, १९५८ (सन् १९५८ का २४) के अधीन उसके समान अपराधों की शास्ति में वृद्धि की है। उक्त अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन के लिए कठोर शास्ति का उपबंध करने के लिए दो वर्षों तक के कारावास या एक लाख रुपयों तक के जुर्माने की शास्ति में वृद्धि करने के लिये प्रस्तावित किया गया है । नियमों के उपबंधों का उल्लंघन करने पर शास्तियों में भी वृद्धि करने के लिये प्रस्तावित किया गया है।

३. किलोंे और प्राचीन स्मारकों की पवित्रता बनाए रखने के लिए, किलों या प्राचीन स्मारकों के परिसरों के भीतर कोई अश्लील कृत्य करने या जुआ खेलने, या शराब या अन्य मादक पदार्थ का सेवन करने या अपने पास रखने के लिए शास्तिका उपबंध करना भी प्रस्तावित है। इसलिए, उक्त अधिनियम की धारा ३३ और ४१ में यथोचित संशोधन करने के लिये प्रस्तावित किया गया है।

४. चूँकि, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें इसमें उपयर्ुक्त प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम, १९६०, में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ; अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है।

मुंबई,

सी. पी. राधाकृष्णन,

दिनांकित १४ अक्त्तूबर २०२४।

महाराष्ट्र के राज्यपाल। महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,

विकास खारगे, सरकार के अपर मुख्य सचिव।

(यथार्थ अनुवाद),

विजया ल. डोेनीकर, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।

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Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 16 October 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2024-10-16.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2024-10-16.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.