RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग सात
वर्ष १०, अंक २१ (२)] बुधवार, ऑक्टोबर २३, २०२४/कर्ातिक १, शके १९४६ [पृष्ठे ३, किंमत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांक ४०
प्राधिकृत प्रकाशन
अध्यादेश, विधेयके व अधिनियम यांचा हिंदी अनुवाद (देवनागरी लिपी).
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उच्चतर और तकनीकी शिक्षा विभाग
मंत्रालय, मादाम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मुंबई ४०० ०३२, दिनांक १५ अक्तूबर २०२४।
MAHARASHTRA ORDINANCE No. XVII OF 2024.
AN ORDINANCE
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA PUBLIC
UNIVERSITIES ACT, 2016.
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमांक १७ सन् २०२४।
महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ में अधिकतर संशोधन करने
संबंधी अध्यादेश।
क्योंकि राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है ;
सन् २०१७ का महा. ६।
और क्योंकि महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हें इसमें आगे र्दशित प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ में अधिकतर संशोधन करने के लिए सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है ;
(१)
भाग सात-४०--१महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर २३, २०२४/कर्ातिक १, शके १९४६ २ अब, इसलिए, भारत के संविधान के अनुच्छेद २१३के खण्ड (१) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, महाराष्ट्र के राज्यपाल, एतद्द्वारा, निम्न अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं, अर्थात् :—
१. (१) यह अध्यादेश महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, २०२४ कहलाए। संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भण ।
(२) यह तुरंत प्रवृत्त होेगा।
२. महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ (जिसे इसमें आगे " मूल अधिनियम " कहा सन् २०१७ का महा. ६। गया है।) की धारा १०९,----
सन् २०१७ का महा. ६ की धारा १०९ में संशोधन।
(१) उप-धारा (३) के खंड (छ) के द्वितीय परन्तुक और सारणी के स्थान में निम्न परन्तुक और सारणी रखी जायेगी, अर्थात् :—
" परन्तु आगे यह कि, शैक्षणिक वर्ष २०२५-२०२६ के लिये उच्चस्तर शिक्षा के नवीन महाविद्यालय या परिसंस्थान शुरू करने के लिये आशयपत्र प्राप्त करने के लिये आवेदन करने और संवीक्षा बोर्डद्वारा आवेदन की जाँच करने और उसे राज्य सरकार को अग्रेषित करनेवाले दिनांकों को बढ़ाने की दृष्टि से, नीचे दी गयी सारणी के स्तंभ (२) में यथा विर्िनदिष्ट उप-धारा (३) के खंड (क) और (ग) में र्िनदिष्ट दिन या दिनांकोंे को उक्त सारणी के स्तंभ (३) में यथा उपबंधित दिये गये अनुसार पढ़ा जायेगा :—
सारणी
खंड विद्यमान उपबंध में शैक्षणिक वर्ष २०२५-२६ के लिये उपबंधित दिन या दिनांक। उपबंधित दिन या दिनांक।
(१) (२)
(३)
(क) जिस वर्ष में आशयपत्र चाहा गया है उस वर्ष के ३१ अक्तूबर २०२४ को पूर्ववर्ती वर्ष के सितम्बर के अंतिम दिन के पूर्व, या के पूर्व ;
(ग) जिस वर्ष में ऐसा आवेदन विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त १५ दिसम्बर, २०२४ को या हुआ है उस वर्ष के ३० नवम्बर को या के पूर्व, के पूर्व। "
(२) उप-धारा (४) के खण्ड (घ) के द्वितीय परन्तुक और सारणी के स्थान में निम्न परन्तुुक और सारणी रखी जायेगी, अर्थात् :----
" परन्तु आगे यह कि, शैक्षणिक वर्ष २०२५-२०२६ के लिये अध्ययन के नए पाठयक्रम, विषयों, संकायों, अतिरिक्त कक्षाअों या सॅटेलाईट केंद्रोंे को शुरू करने की अनुमति माँगने के लिये राज्य सरकार को आवेदन करने के दिनांक को बढ़ाने की दृष्िट से, नीचे दी गयी सारणी के स्तंभ (२) में यथा विर्िनदिष्ट उप-धारा (४) के खण्ड (क) में विर्िनदिष्ट दिन उक्त सारणी के स्तंभ (३) में यथा उपबंधित दिये गये अनुसार पढ़ा जायेगा :-----
सारणी
खंड विद्यमान उपबंधों में शैक्षणिक वर्ष २०२५-२६ के लिये उपबंधित दिन या दिनांक। उपबंधित दिन या दिनांक।
(१) (२)
(३)
(क) जिस वर्ष में अनुमती चाही गयी है उस वर्ष के ३१ अक्तूबर २०२४ को
पूर्ववर्ती वर्षे के सितम्बर के अंतिम दिनांक के पूर्व, या के पूर्व। ;।महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग सात, ऑक्टोबर २३, २०२४/कर्ातिक १, शके १९४६ ३
वक्तव्य
महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ (सन् २०१७ का महा. ६) की धारा १०९, नये महाविद्यालय या नए पाठयक्रम, विषय, संकायों, अतिरिक्त कक्षाअों या सॅटेलाईट केंद्रोंे को शुरू करने के लिये अनुमति की प्रक्रिया के लिये उपबंध करती है। उक्त धारा १०९ की, उप-धारा (३) यह उपबंध करती है कि, उच्चतर अध्ययन के नये महाविद्यालय या परिसंस्था शुरू करने के लिये आशयपत्र चाहनेवाला प्रबंध मंडल जिस वर्ष में आशयपत्र चाहा गया है उस वर्ष के पूर्ववर्ती वर्ष के सितम्बर के अंतिम दिन के पूर्व विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को विहित प्रपत्र में आवेदन करेगा।
२. उस तरह, उक्त धारा १०९ की, उप-धारा (४) यह उपबंध करती है कि, अध्ययन के नए पाठयक्रम विषयों, संकायों, अतिरिक्त कक्षाएँ या सॅटेलाईट केंद्रोंे को शुरू करने की अनुमति चाहनेवाला प्रबंधमंडल, जिस वर्ष से अनुमति चाही गई है उस वर्ष के पूर्ववर्ती वर्ष के सितम्बर के अंतिम दिनांक के पूर्व विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को विहित प्ररुप में आवेदन करेगा।
३. कई प्रशासकीय कारणों के फलस्वरुप, नए महाविद्यालय या नए पाठयक्रम, विषयों विद्याशाखा संकायों, अतिरिक्त कक्षाएँ या सॅटेलाईट केंद्रोंे को शुरू करने के लिए अनुमति देने की प्रक्रिया विहित अवधि के भीतर कार्यान्वित नहीं हो सकती। अत: शैक्षणिक वर्ष २०२५-२०२६ के लिए नए महाविद्यालय शुरू करने या अध्ययन के नए पाठयक्रम आदि, शुरू करने के लिए आशयपत्र की माँग करने के लिए आवेदन करने की नयी समय-सूची विर्िनदिष्ट करना इष्टकर समझा गया है। उपयर्ुक्त प्रयोजन के लिए सरकार, उक्त धारा १०९ में यथोचित संशोधन करना इष्टकर समझती है।
४. चूँकि, राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सत्र नहीं चल रहा है और महाराष्ट्र के राज्यपाल का यह समाधान हो चुका है कि, ऐसी परिस्थितियाँ विद्यमान हैं जिनके कारण उन्हे इसमें उपयर्ुक्त प्रयोजनों के लिए, महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ में अधिकतर संशोधन करने के लिए, सद्य कार्यवाही करना आवश्यक हुआ है, अत: यह अध्यादेश प्रख्यापित किया जाता है।
मुम्बई,
सी. पी. राधाकृष्णन,
दिनांकित १५ अक्तूबर, २०२४।
महाराष्ट्र के राज्यपाल। महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेश तथा नाम से,
विकासचंद्र रस्तोगी, शासन के प्रधान सचिव।
(यथार्थ अनुवाद),
विजया ल. डोेनीकर, भाषा संचालक, महाराष्ट्र राज्य।
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