RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्रा श्रा रा
अ ाधारण्भाग् ात
र्ष् ८्अ ्१] मगळार८्मार् १८् २ २५/ाग्श् ८्र श् १९ [रृषठे्७८्वि ंमत्:्रुरये्१ .२२
अ ाधारण्क्रमा ्१
प्राविध ृत्प्रा ारश
अध्यादेर८्विधेय श्अविधविशयम्यारा्विहदेी्अश्ादे्(देशागरी्विरी)
महाराष्विधाशमडळ् विराय
मेंहाराष्ट्र र्शिवेंानोंसभा में र्शिदनोंांके १्मार्८् २ २ ई.केो. पुरा:स्थार्शिपत र्शिनोंम्नों र्शिवेंेयोके मेंहाराष्ट्र र्शिवेंानोंसभा र्शिनोंयोमें ११७ के अीनों प्रकेार्शित र्शिकेयोा जाता हाै :-
L. A. BILL No. XXIII OF 2025.
A BILL
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA STAMP ACT.
विधाश भा् ा्विधेय ्क्रमा ् ३् न् २ २।
महाराष्स्टाम्र्अविधविशयम्मं्अविध तर् रोधश् रशे् बंधी्विधेय ्।
सन् १९५८ केा ६०।
क्यंवि इसमें आगे दर्शित प्रयोजनों के र्शिए, मेंहाराष्ट्र स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें में अर्शिकेतरा संोनों केरानोंा इष्टाकेरा हाै ; अत: भारात गेणराज्यो के र्शिहात्तरावें वेंर्षि में, एतद् द्वारा, र्शिनोंम्नों अर्शिर्शिनोंयोमें अर्शिर्शिनोंयोर्शिमेंत र्शिकेयोा जाता हाै :–
भागे सात-४–१२ महाराष्ट्रा श्रा रा अ ाधारण्भाग् ात, मार् १८् २ २५/ाग्श् ८्र श् १९ संर्शिक्षप्त नोंामें। . योहा अर्शिर्शिनोंयोमें मेंहाराष्ट्र स्टाम्प (संोनों) अर्शिर्शिनोंयोमें, २०२५ केहाए।
. मेंहाराष्ट्र स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें (र्शिजसे इसमें आगे, "मेंू अर्शिर्शिनोंयोमें" केहां गेयोा हां) केी ारा ४ केी,
सन् १९५८ केा ६०। सन् १९५८ केा ६०। उप-ारा (१) में, "एके सौ रुपयों" ब्दं के स्थानों में, "पाच सौ रुपयोे" ब्द राखे जायोंगे।
३. मेंू अर्शिर्शिनोंयोमें केी ारा १० केी,–
(१) उप-ारा (३) के स्थानों में र्शिनोंम्नों उप-ारा राखेी जायोेगेी, अथाित् :–
सन् १९५८ केा ६० केी ारा ४ में संोनों। सन् १९५८ केा ६० केी ारा १० में संोनों।
"(३) (के) उप-ारा (१) में अन्तर्शिवेंिष्टा र्शिकेसी बात के हाोते हाुए भाी, मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रण राजस्वें प्रार्शिकेाराी उक्त अनोंुसूची के स्तंभा (२) में योथा र्शिवेंर्शिनोंर्शिदिष्टा प्रभायोि ुल्के रा रा में अर्शिसूचनोंा द्वारा अनोंुसूची एके संबां में उनों र्शिखेतं केो र्शिवेंर्शिनोंर्शिदिष्टा केराेगेा र्शिजसके संबां में,–
(एके) फ्रैंर्शिकेंगे मेंीनों के मेंाध्योमें से; योा
(दो) सराकेाराी रासीद ेखेा प्रणाी (जी. आरा. ए. एस.) के ज़रिराए आभासी केोर्षागेारा में योा, केोई अनोंुज्ञेयो नोंेटा बांर्शिकेगे पद्धर्शित के ज़रिराए इस र्शिनोंर्शिमेंत्त में उक्त प्रार्शिकेाराी द्वारा रा रा में र्शिवेंर्शिनोंर्शिदिष्टा र्शिकेसी बांके खेाते में ई-भाुगेतानों द्वारा भाुगेतानों र्शिकेयोा जायोेगेा।
(खे) ई-भाुगेतानों द्वारा अदा र्शिकेयोे गेयोे र्शिकेसी ुल्के केो,–
(एके) इस प्रयोजनों के र्शिए मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रण राजस्वें प्रार्शिकेाराी द्वारा सम्य् के अर्शिसूचीत उर्शिचत अर्शिकेाराी द्वारा र्शिखेत परा र्शिकेयोे गेए उस पृष्ठांांकेनों द्वारा ; योा
(दो) ऐसी र्शिखेत से संबांर्शित इेक्ट्रार्शिनोंके अर्शिभाेखे के र्शिए समेंेर्शिकेत भाुगेतानों के मेंामेंे में ऐसे समेंुर्शिचत अर्शिकेाराी द्वारा जाराी र्शिकेयोे गेए प्रमेंाणपत्र द्वारा ; योा
(तीनों) मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रण राजस्वें प्रार्शिकेाराी द्वारा जैसा र्शिके र्शिवेंर्शिहात र्शिकेयोा जाए इेक्ट्रार्शिनोंके मेंाध्योमें औरा पद्धर्शित के ज़रिराए जाराी ई-स्टाम्प प्रमेंाणपत्र द्वारा,
दाियोा जायोेगेा।
(गे) योर्शिद, समेंुर्शिचत अर्शिकेाराी नोंे, खेण्ड (खे) अीनों र्शिखेत केो समेंर्शिथाित नोंहां र्शिकेयोा हाै योा प्रमेंाणपत्र जाराी नोंहां र्शिकेयोा हाै योा, योथास्थिस्थार्शित, र्शिवेंर्शिहात इेक्ट्रार्शिनोंके सानों योा प्रणाी के ज़रिराए ई-स्टाम्प प्रमेंाणपत्र जाराी नोंहां र्शिकेयोा हाै तो तबा खेण्ड (के) के अीनों केवें ई-अदायोगेी इस अर्शिर्शिनोंयोमें के र्शिकेसी प्रयोजनों के र्शिए ुल्के भाुगेतानों के रूप में समेंझी नोंहां जायोेगेी।
(घ) ई-अदायोगेी केा उपयोगे, समेंुर्शिचत अर्शिकेाराी द्वारा पृष्ठांांकेनों योा प्रमेंाणीकेराण औरा ई-स्टाप्में प्रमेंाणपत्र तैयोारा केरानोंे केा र्शिवेंर्शिनोंयोमेंनों केरानोंे केी प्र्शियोा ऐसी हाोगेी र्शिजसे मेंुख्यो राजस्वें प्रार्शिकेाराी आदे द्वारा अवेंारिरात केरां ।"।
(२) उप-ारा (३के) अपमेंार्शिजित केी जायोेगेी ;
(३)उप-ारा (४) में,–
(एके) "र्शिकेयोा गेयोा पृष्ठांांकेनों" ब्दं के पश्चात् "जाराी र्शिकेयोा गेयोा प्रमेंाणपत्र योा तैयोारा र्शिकेयोा गेयोा ई-स्टाम्प प्रमेंाणपत्र" ब्द र्शिनोंर्शिवेंष्टा र्शिकेए जायोंगे ;
(दो)" पृष्ठांांकेनों में " ब्दं के पश्चात् "प्रमेंाणपत्र योा ई-स्टाम्प प्रमेंाणपत्र" ब्द औरा अक्षरा र्शिनोंर्शिवेंष्टा र्शिकेए जायोंगे।महाराष्ट्रा श्रा रा अ ाधारण्भाग् ात, मार् १८् २ २५/ाग्श् ८्र श् १९ ३ १. मेंू अर्शिर्शिनोंयोमें केी ारा १० घ केी,–
सन् १९५८ केा ६० केी ारा १० घ में संोनों। (१) उप-ारा (३) के स्थानों में, र्शिनोंम्नों उप-ारा राखेी जायोेगेी, अथाित् :–
"(३) उप-ारा (२) के अीनों इस प्रकेारा प्रार्शिकेृत समेंुर्शिचत अर्शिकेाराी केा योहा केतिव्यो हाोगेा र्शिके, योथा र्शिनोंम्नों चानों के र्शिवेंरुपण के पश्चात्, र्शिखेत परा पृष्ठांांकेनों केरानोंा :–
र्शिदनोंांर्शिकेत ....... "जी आरा एनों मेंांके ......... सी आयो एनों..... ई-चानों द्वारा.... अदा र्शिकेयोा गेयोा ई-स्टाम्प ुल्के..........
केायोाियो केी मेंुद्रा। अर्शिकेाराी के हास्ताक्षरा।"
(२) परांतुके में, "प्रास्थिप्त (इ-एस बाी टाी आरा)" ब्द, केोष्ठांके औरा अक्षरां के पश्चात् "उप-ारा (३) के अीनों र्शिनोंर्शिमेंित ई-स्टाम्प प्रमेंाणपत्र" ब्द, अक्षरा, केोष्ठांके औरा अंके र्शिनोंर्शिवेंष्टा र्शिकेए जायोंगे।
२. मेंू अर्शिर्शिनोंयोमें केी ारा ३१ केी,–
सन् १९५८ केा ६० केी ारा ३१ में संोनों। (१) उप-ारा (१) " एके सौ रुपयों केी फ़ीस" ब्दं के स्थानों में, "एके हाजारा रुपयों केी फ़ीस" ब्द राखे जायोंगे ;
(२) उप-ारा (१) के पश्चात्, र्शिनोंम्नों परांतुके र्शिनोंर्शिवेंष्टा र्शिकेयोा जायोेगेा, अथाित् :–
सन् २०२५ केा मेंहा ..... ।
"परांतु, र्शिनोंष्पार्शिदत र्शिखेतं के संबां में, मेंहाराष्ट्र स्टाम्प (संोनों) अर्शिर्शिनोंयोमें, २०२५ के प्राराभ्मेंण के पश्चात्, जबा तके व्योस्थिक्त नोंे र्शिजार्शिकेाराी केो र्शिनोंक्षेर्शिपत नोंहां र्शिकेयोा हाै, तबा तके अर्शिर्शिनोंणियो के र्शिए केोई आवेंेदनों स्वेंीकेृत नोंहां र्शिकेयोा जायोेगेा,-
(एके) जहा स्टाम्प ुल्के सम्पर्शित्त के बाजारा मेंूल्यो परा प्रभायोि हाै, जो ऐसे र्शिखेत केी र्शिवेंर्षयो वेंस्तु हाै, व्योस्थिक्त के अनोंुसारा र्शिखेत में योा ऐसी सम्पर्शित्त के बाजारा मेंूल्यो में र्शिवेंवेंरार्शिणत प्र्शितफ के मेंूल्यो के अनोंुसारा प्रभायोि स्टाम्प ुल्के के बाीच ेर्ष राक़में जो भाी उच्चतरा हाै औरा स्टाम्प ुल्के र्शिखेत परा पहाे से हाी अदा केी गेई हाै ; औरा–
(दोो) अन्य माामालोंो मां, व्यक्ति केे अनुुसाार प्रभाार्यय स्टााम्प शुुल्क और लिलोंखतोंो पर पहलोंे साे ही अदा र्शिकेए गेए स्टाम्प ुल्के के बाीच केी ेर्ष राकेमें :
परांतु आगे योहा र्शिके, र्शिजार्शिकेाराी अंर्शितमें रूप से अवेंारिरात स्टाम्प ुल्के के रूप में ऐसी र्शिनोंक्षेर्शिपत राक़में समेंायोर्शिजत केराेगेा औरा र्शिनोंक्षेर्शिपत केी गेई अर्शिके राक़में योर्शिद केोई हाो, तो र्शिनोंक्षेर्शिपत र्शिकेए जानोंे के पंतार्शिस र्शिदनों केी अवेंर्शि के भाीतरा उसे र्शिबानोंा र्शिकेसी ब्योाज के व्योस्थिक्त केो प्र्शितदायो केराेगेा।"।
भागे सात-४–१अ४ महाराष्ट्रा श्रा रा अ ाधारण्भाग् ात, मार् १८् २ २५/ाग्श् ८्र श् १९
उद्देश्यं्और् ारणं् ा्क्तव्य।
वेंर्षि २०२५-२६ के बाजटा अर्शिभाभार्षण में अंतर्शिवेंिष्टा में प्रस्तावें केो प्रभावेंी बानोंानोंे केी दृस्थिष्टा से, सराकेारा, मेंहाराष्ट्र स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें (सन् १९५८ केा ६०) में संोनों केरानोंा इष्टाकेरा समेंझीती हाै।
२. मेंहाराष्ट्र स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें (र्शिजसे इसमें आगे, "स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें" केहा गेयोा हाै) के प्रस्तार्शिवेंत संोनों योथा र्शिनोंम्नों हाै :–
(एके) अनोंुपूराके दस्तावेंेज के मेंामेंे में योर्शिद संव्योवेंहारा पूणि केरानोंे के र्शिए एके दस्तावेंेज से अर्शिके दस्तावेंेज के उपयोगे र्शिकेयोे जाते हाै जो बाहाुत पहाे र्शिदनों केी नोंामेंमेंात्र एके सौ रुपयों केी राक़में पाच सौ रुपयों तके स्टाम्प ुल्के दरा बाढ़ानोंे केी दृस्थिष्टा से, स्टाम्प ुल्के अर्शिर्शिनोंयोमें केी ारा ४ में संोनों केरानोंा प्रस्तार्शिवेंत केराती हाै।
(दो) स्टाम्प ुल्के अर्शिर्शिनोंयोमें केी ारा १० औरा १० घ, राज्यो सराकेाराी केोर्षागेारा में "ई-स्टाम्प प्रमेंाणपत्र" के र्शिए नोंए उपबां केरानोंे में ई-अदायोगेी के र्शिए तथा "स्टाम्प ुल्के केा प्रमेंाणपत्र" केी अदायोगेी के र्शिए ऑनोंाईनों प्रणाी सुकेरा केरानोंे तार्शिके ोगे केहां से भाी, र्शिकेसी समेंयो परा ऑनोंाईनों स्टाम्प ुल्के अदा केरा सके, केी दृस्थिष्टा से संोनों केरानोंा प्रस्तार्शिवेंत केराती हाै।
(तीनों) स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें केी ारा ३१ केी, उप-ारा (१) र्शिखेत के प्रभायोा के र्शिए, अर्शिर्शिनोंणियो फ़ीस १०० रुपयों से बाढ़ाकेरा १००० रुपयों तके केरानोंे के र्शिए र्शिजार्शिकेाराी केी रायो ेनोंे के आवेंेदनों के र्शिए औरा र्शिनोंष्पार्शिदत र्शिखेत के अर्शिर्शिनोंणियो के र्शिए आवेंेदनों दार्शिखे केराते समेंयो उसमें र्शिवेंर्शिनोंर्शिदिष्टा स्टाम्प ुल्के केी केर्शितपयो राक़में केो र्शिनोंक्षेर्शिपत केरानोंे के र्शिए उपबां केरानोंे केी दृस्थिष्टा से, संोर्शित केरानोंा प्रस्तार्शिवेंत केराती हाै।
३. प्रस्तुत र्शिवेंेयोके केा आयो उपयोु िक्त उद् देश्यों केो प्राप्त केरानोंा हाै।
ंबाई,
मेंु र्शिदनोंांर्शिकेत १७ मेंाचि, २०२५।
रद्ररेखर्बंाळ ुळे८ राजस्वें मेंत्री।महाराष्ट्रा श्रा रा अ ाधारण्भाग् ात, मार् १८् २ २५/ाग्श् ८्र श् १९ ५
प्रात्याय्क्त्विधाश् बंधी्ज्ञारश।
प्रस्तुत र्शिवेंेयोके में र्शिवेंायोी स्थिक्त के प्रत्योायोजनों के र्शिए र्शिनोंम्नों प्रस्तावें अन्तिग्रस्त हाै, अथाित् :–
खण्ड्३( ).–्इस खेण्ड के अीनों, मेंहाराष्ट्र स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें केी ारा १० केी र्शिवेंद्यमेंानों उपारा केी प्र्शितस्थापनोंा केरानोंा र्शिजसकेा आयो हाै,–
(एके) खेण्ड (के) में, मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रण राजस्वें प्रार्शिकेाराी केो, अनोंुसूची एके में र्शिखेत, र्शिजसके संबां में उक्त अनोंुसूची के स्तंभा (२) में योथा र्शिवेंर्शिनोंर्शिदिष्टा ुल्के प्रभायोि हाै केी अदायोगेी फ्रैंॅस्थिन्केगे मेंीनों के सानों सराकेाराी प्रास्थिप्त ेखेा प्रणाी (जी. आरा. ए. एस) के ज़रिराए आभासी केोर्षागेारा में ई-अदायोगेी योा उसमें र्शिवेंर्शिनोंर्शिदिष्टा र्शिकेसी बाके खेाते में के ज़रिराए अदा केी जायोेगेी, केो रा रा में अर्शिसूचनोंा द्वारा र्शिवेंर्शिनोंर्शिदिष्टा केरानोंे केी स्थिक्त प्रदानों गेई हाै।
(दो) खेण्ड (खे) में, मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रण राजस्वें प्रार्शिकेाराी केो, इेक्ट्रार्शिनोंके सानों औरा प्रणाी र्शिजसके ज़रिराए ुल्के केी ई-अदायोगेी के र्शिए ई-स्टाम्प प्रमेंाणपत्र र्शिनोंर्शिमेंित र्शिकेए जा सकेंगे, केो र्शिवेंर्शिहात केरानोंे केी स्थिक्त प्रदानों केी गेई हाै ;
(तीनों) खेण्ड (घ) में मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रण राजस्वें प्रार्शिकेाराी केो, समेंुर्शिचत अर्शिकेाराी द्वारा ई-अदायोगेी, पृष्ठांांकेनों योा प्रमेंाणपत्र के उपयोगे केो र्शिवेंर्शिनोंयोर्शिमेंत केरानोंे औरा ई-स्टाम्प प्रमेंाणपत्र केो तैयोारा केरानोंे केी प्र्शियोा आदे द्वारा अवेंारिरात केरानोंे केी स्थिक्त प्रदानों केी गेई हाै।
२. र्शिवेंायोी स्थिक्त के प्रत्योायोाेजनों के र्शिए उपराोस्थिल्र्शिखेत प्रस्तावें सामेंान्यो स्वेंरुप के हाै।६ महाराष्ट्रा श्रा रा अ ाधारण्भाग् ात, मार् १८् २ २५/ाग्श् ८्र श् १९
वित्तीय्ज्ञारण।
र्शिवेंेयोके में मेंहाराष्ट्र स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें (सनों १९५८ केा ६०) केी ाराए ४,१०,१०घ औरा ३१ में संोनों केरानोंे के र्शिए प्रस्तार्शिवेंत हाै, तार्शिके र्शिवेंत्तीयो वेंर्षि २०२५-२०२६ के र्शिए बाजटा भार्षण में अन्तर्शिवेंिष्टा प्रस्तावें केो प्रभावेंी बानोंायोा जा सके। प्रस्तुत र्शिवेंेयोके में राज्यो र्शिवेंानोंमेंड के अर्शिर्शिनोंयोमें के रूप में उसकेी अर्शिर्शिनोंयोर्शिमेंर्शित परा राज्यो के समेंेर्शिकेत र्शिनोंर्शि से आवेंती योा अनोंावेंती व्योयो ार्शिमें हाोनोंे संबांी केोई प्रावेंानों नोंहां हाै।
(योथाथाि अनोंुवेंाद),
वि या्डोशी र८ भार्षा संचाके, मेंहाराष्ट्र राज्यो।महाराष्ट्रा श्रा रा अ ाधारण्भाग् ात, मार् १८् २ २५/ाग्श् ८्र श् १९ ७
भारत् विधाश् श्अश्च्छेदे् २ ् श्अधीश्राज्यरा् ी्अश्र ा
(मेंहाराष्ट्र ासनों, र्शिवेंर्शि वें न्योायो र्शिवेंभागे, आदे र्शिके प्रत)
भारात संर्शिवेंानों के अनोंुच्ेद २०७ के खेंण्ड (१) द्वारा प्रदत्त स्थिक्तयों केा प्रयोगे केराते हाुए, मेंहाराष्ट्र राज्योपा मेंहाोदयो, मेंहाराष्ट्र स्टाम्प (संोनों) र्शिवेंेयोके, २०२५ ई. परा पुरा:स्थापनोंा केरानोंे केी अनोंुंसा केराते हाै। ंबाई,
विधाश्भश्:् मेंु र्शिदनोंांके १८ मेंाचि, २०२५।
वि तंद्र्भोळे८ सर्शिचवें (१) (केायोिभारा), मेंहाराष्ट्र र्शिवेंानोंसभा।
ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.