महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधाराण
प्राधिधाकृत प्राकृाशान
वर्ष ११, अंकृ ६०] सामवारा, नोव्हांबरा ३, २०२५/ कृाधितषकृ १२, शाकृे १९४७ [पृष्ठे २३, धिकृंमत : रुपये १८.००
स्वतंत्र संकृलन म्हाणून फाईल कृराण्येासाठेी प्रात्येकृ धिवभागाच्येा पुरावणीला वगाळे पृष्ठे क्रमांकृ धिल आहात.
भागा एकृ-अ-नागापूरा धिवभागाीये पुरावणी
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(भागा चारा-ब मध्ये प्राधिसध् कृराण्येात आलल आहात त्येांव्येधितरिराक्त) कृेवळे नागापूरा धिवभागाशाी संबंधिधात असलल महाराष्ट्र
धिजल्हा परिरार्षा व पंचायेत सधिमत्येा, ग्रामपंचायेती, नगारापाधिलकृा बरा, धिजल्हा नगारापाधिलकृा, प्राथधिमकृ धिशाक्षण व स्थाधिनकृ धिनधाी
लखापराीक्षा अधिधाधिनयेम येा अन्वये कृाढण्येात आलल आशा व अधिधासूचाना.
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भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८३०.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(अ)
नागापूरा धिजल्हा परिरार्षतील अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.-२, विनाक १२ ूना, २०२५ १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा नागपुूरा विल्हा पुरिराषेच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता ५७ विनाडीणुूक विभागाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे नागपुूरा विल्हा पुरिराषेताील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासागय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा ना.-एक-अ-१(१८०८).
(१)२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७ मागासागय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे आराक्षणु साोडीता काढूना त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा नागपुूरा विल्हा पुरिराषेताील आराविक्षता विनाडीणुूक विभागाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील साुनाणुी घेऊना अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्रमाक राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५अन्याे नागपुूरा विल्हा पुरिराषेताील विनाडीणुूक विभागाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी नागपुूरा याद्वाराे नागपुूरा विल्हा पुरिराषेच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनाडीणुूक विभागामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे.
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | १० | ५ |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | ८ | ४ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | १५ | ८ |
| ४ | सायसाराणु | २४ | १२ |
| एकूणु | ५७ | २९ | |
| अ.क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | सानाेरा | १-बडीेगा | सायसाराणु |
| २-ाघेोडीा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | ||
| ३-केळ | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | ||
| ४-पुाटणुसागी | सायसाराणु | ||
| ५-लनाी | सायसाराणु (मविहाला) | ||
| ६-चनाकापुूरा | अनाुसाूविचता ाताी | ||
| ७-विचचोली | अनाुसाूविचता ाताी | ||
| २ | पुाराविशानाी | ८-माहाुली | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) |
| ९-कराभाडी | सायसाराणु (मविहाला) | ||
| १०-गंडीेगा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | ||
| ११-टेकाडी (को.खू.) | सायसाराणु | ||
| ३ | रामटेक | १२-डीाम्बा | अनाुसाूविचता माताी |
| १३-बोविर्थीया (पुालोरा) | अनाुसाूविचता माताी | ||
| १४-साोनाेघेाट | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) |
धिवभागाधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील—चालू
(१) (२) (३) (४)
| १५-मनासारा | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) | ||
| १६-नागराना | नागारिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | ||
| ४ | मौा | १७-अराोली | सायसाराणु |
| १८-खूाता | सायसाराणु (मविहाला) | ||
| १९-चाचेरा | सायसाराणु | ||
| २०-तारासा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | ||
| २१-ानाला | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | ||
| ५ | कुहाी | २२-राोला | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) |
| २३-ेलताूरा | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) | ||
| २४-विसाल्ली | सायसाराणु | ||
| २५-माढूळ | अनाुसाूविचता ाताी | ||
| ६ | कामठी | २६-कोराडी | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) |
| २७-विभालगा | सायसाराणु (मविहाला) | ||
| २८-गुमर्थीळा | सायसाराणु (मविहाला) | ||
| २९-डीोा | सायसाराणु | ||
| ७ | नागपुूरा ग्रामीणु | ३०-भाोकारा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) |
| ३१-कापुसाी खूुय | सायसाराणु | ||
| ३२-लामेटी | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) | ||
| ३३-साोनाेगा विनापुानाी | सायसाराणु | ||
| ३४-बोराखूेडी फाटक | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | ||
| ८ | कळमेरा | ३५-ताेलकामठी | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) |
| ३६-ापुेाडीा | सायसाराणु | ||
| ३७-गंडीखूैराी | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | ||
| ९ | काटोल | ३८- याेना | अनाुसाूविचता ाताी |
| ३९-रिराोरा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | ||
| ४०-पुाराडीविसागा | अनाुसाूविचता ाताी | ||
| ४१-ुाळा | सायसाराणु (मविहाला) | ||
| १० | नाराखूेडी | ४२-बेलोना | सायसाराणु (मविहाला) |
| ४३-सारागा | सायसाराणु (मविहाला) | ||
| ४४-लालखूेडीा | सायसाराणु (मविहाला) | ||
| ४५-विभाष्णुरा | सायसाराणु | ||
| ११ | विहागणुा | ४६-रायापुूरा | सायसाराणु (मविहाला) |
| ४७-ईसासानाी | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) | ||
| ४८-टाकळघेाट | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) |
धिवभागाधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील—चालू
(१) (२) (३) (४)
| ४९-सागी (ेळी) | अनाुसाूविचता माताी | ||
| ५०-कान्हाोलीबारा | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) | ||
| १२ | उमराेडी | ५१-मकराोकडीा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय |
| ५२-ायागा | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) | ||
| ५३-बेला | सायसाराणु | ||
| ५४-विसासाी | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | ||
| १३ | विभापुूरा | ५५-तासा | सायसाराणु (मविहाला) |
| ५६-मालेाडीा | सायसाराणु (मविहाला) | ||
| ५७-ना | अनाुसाूविचता माताी |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
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भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८३१.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
सावनरा पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा सानाेरा पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता १४ विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे सानाेरा पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा सानाेरा पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे सानाेरा पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
५ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे सानाेरा पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
सावनरा पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ. क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | ३ | २ |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | १ | १ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | ३ | २ |
| ४ | सायसाराणु | ७ | २ |
| एकूणु | १४ | ७ |
सावनरा पंचायेत सधिमतीमधाील धिनवाषचाकृ गाणधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) | (५) |
| १ | सानाेरा | १-बडीेगा | १-बडीेगा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय |
| २-खूुबाळा | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) | |||
| २ | २-ाघेोडीा | ३-ाघेोडीा | सायसाराणु | |
| ४-मगसा | सायसाराणु (मविहाला) | |||
| ३ | ३-केळ | ५-केळ | सायसाराणु | |
| ६-नागोमुखू | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | |||
| ४ | ४-पुाटणुसागी | ७-पुाटणुसागी | सायसाराणु (मविहाला) | |
| ८-टाकळी (भा.) | सायसाराणु | |||
| ५ | ५-लनाी | ९-लनाी | सायसाराणु | |
| १०-ाकोडी | सायसाराणु | |||
| ६ | ६-चनाकापुूरा | ११-चनाकापुूरा | अनाुसाूविचता ाताी | |
| १२-विसाल्लेाडीा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | |||
| ७ | ७-विचचोली | १३-विचचोली | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) | |
| १४-भानाेगा | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
६ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८३२.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
पाराधिशावनी पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा पुाराविशानाी पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता ०८ विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुाराविशानाी पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा पुाराविशानाी पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे पुाराविशानाी पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे पुाराविशानाी पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
पाराधिशावनी पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | १ | ० |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | १ | १ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | २ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ४ | २ |
| एकूणु | ८ | ४ | |
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | पुाराविशानाी | ८-माहाुली | १५-चारागा |
| १६-माहाुली | |||
| २ | ९-कराभाडी | १७-कराभाडी | |
| १८-तामसाडी | |||
| ३ | १०-गंडीेगा | १९-गंडीेगा | |
| २०-बनापुराी | |||
| ४ | ११-टेकाडी (को.खू.) | २१-टेकाडी (को.खू.) | |
| २२-खूडीाळा (घेटाटे) |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
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भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८३३.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
रामटेकृ पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा रामटेक पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता १० विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे रामटेक पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा रामटेक पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७ अन्याे रामटेक पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे रामटेक पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
रामटेकृ पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | १ | ० |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | ४ | २ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | २ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ३ | २ |
| एकूणु | १० | ५ |
रामटेकृ पंचायेत सधिमतीतील धिनवाषचाकृ गाणधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) | (५) |
| १ | रामटेक | १२-डीाम्बा | २३-डीाम्बा | अनाुसाूविचता माताी |
| २४-पुर्थीराई | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) | |||
| २ | १३-बोविर्थीया (पुालोरा) | २५-बोविर्थीया (पुालोरा) | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) | |
| २६-उमराी | अनाुसाूविचता माताी | |||
| ३ | १४-साोनाेघेाट | २७-भाडीाराबोडी | सायसाराणु (मविहाला) | |
| २८-साोनाेघेाट | सायसाराणु (मविहाला) | |||
| ४ | १५-मनासारा | २९-काद्री | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | |
| ३०-मनासारा | अनाुसाूविचता ाताी | |||
| ५ | १६-नागराना | ३१-विसातालाडी | सायसाराणु | |
| ३२-नागराना | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
९ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८३४.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
मौा पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा मौा पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता १० विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे मौा पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा मौा पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे मौा पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे मौा पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे. :-
मौा पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ. क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | १ | १ |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | १ | १ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | २ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ६ | २ |
| एकूणु | १० | ५ |
मौा पंचायेत सधिमतीतील धिनवाषचाकृ गाणधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) | (५) |
| १ | मौा | १७-अराोली | ३३-अराोली | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) |
| ३४-कोामंढूी | सायसाराणु | |||
| २ | १८-खूाता | ३५-खूाता़ | सायसाराणु | |
| ३६-राेराल | सायसाराणु (मविहाला) | |||
| ३ | १९-चाचेरा | ३७-विनामखूेडीा | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) | |
| ३८-चाचेरा | सायसाराणु | |||
| ४ | २०-तारासा | ३९-तारासा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | |
| ४०-ामणुगा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | |||
| ५ | २१-ानाला | ४१-ानाला | सायसाराणु | |
| ४२-विचराव्हा | सायसाराणु (मविहाला) |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
______________
भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८३५.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
कृुहाी पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा कुहाी पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता ०८ विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे कुहाी पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा कुहाी पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची११ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७ ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे कुहाी पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे कुहाी पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
कृुहाी पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | २ | १ |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | ० | ० |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | २ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ४ | २ |
| एकूणु | ८ | ४ |
कृुहाी पंचायेत सधिमतीतील धिनवाषचाकृ गाणधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) | (५) |
| १ | कुहाी | २२-राोला | ४३-साळा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) |
| ४४-राोला | सायसाराणु (मविहाला) | |||
| २ | २३-ेलताूरा | ४५-ेलताूरा | सायसाराणु | |
| ४६-पुचखूेडी | अनाुसाूविचता ाताी | |||
| ३ | २४-विसाल्ली | ४७-विसाल्ली | सायसाराणु | |
| ४८-विताताूरा | सायसाराणु (मविहाला) | |||
| ४ | २५-माढूळ | ४९-माढूळ | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | |
| ५०-ताराणुा | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८३६.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
कृामठेी पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा कामठी पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता ०८ विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे कामठी पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा कामठी पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे कामठी पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे कामठी पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
कृामठेी पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | १ | ० |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | ० | ० |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | २ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ५ | ३ |
| एकूणु | ८ | ४ |
कृामठेी पंचायेत सधिमतीतील धिनवाषचाकृ गाणधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) | (५) |
| १ | कामठी | २६-कोराडी | ५१-कोराडी | अनाुसाूविचता ाताी |
| ५२-कठीा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | |||
| २ | २७-विभालगा | ५३-विभालगा | सायसाराणु | |
| ५४-आनाी | सायसाराणु (मविहाला) | |||
| ३ | २८-गुमर्थीळा | ५५-गुमर्थीळा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | |
| ५६-महालगा | सायसाराणु (मविहाला) | |||
| ४ | २९-डीोा | ५७-डीोा | सायसाराणु (मविहाला) | |
| ५८-भाुगा | सायसाराणु |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
______________
भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८३७.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
नागापूरा (ग्रामीण) पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा नागपुूरा (ग्रामीणु) पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता १० विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे नागपुूरा (ग्रामीणु) पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा नागपुूरा (ग्रामीणु) पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता१४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७ हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे नागपुूरा (ग्रामीणु) पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे नागपुूरा (ग्रामीणु) पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
नागापूरा (ग्रामीण) पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | २ | १ |
| १ | अनाुसाूविचता माताी | १ | ० |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | २ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ५ | ३ |
| एकूणु | १० | ५ |
नागापूरा (ग्रामीण) पंचायेत सधिमतीतील धिनवाषचाकृ गाणधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) | (५) |
| १ | नागपुूरा (ग्रामीणु) | ३०-भाोकारा | ५९-भाोकारा | सायसाराणु (मविहाला) |
| ६०-फाेटराी | सायसाराणु (मविहाला) | |||
| २ | ३१-कापुसाी खूुय | ६१-कापुसाी खूय | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | |
| ६२-खूापुराी राेल्े | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | |||
| ३ | ३२-लामेटी | ६३-लाव्हा | अनाुसाूविचता ाताी | |
| ६४-लामेटी | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) | |||
| ४ | ३३-साोनाेगा विनापुाणुी | ६५-साोनाेगा विनापुाणुी | सायसाराणु | |
| ६६-बारागा | सायसाराणु | |||
| ५ | ३४-बोराखूेडी फाटक | ६७-बोराखूेडी फाटक | सायसाराणु (मविहाला) | |
| ६८-बोराखूेडी (राेल्े) | अनाुसाूविचता माताी |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
१५ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८३८.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
कृळेमश्वरा पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा कळमेरा पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता ०६ विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे कळमेरा पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा कळमेरा पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे कळमेरा पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे कळमेरा पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
कृळेमश्वरा पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | १ | १ |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | १ | १ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | १ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ३ | ० |
| एकूणु | ६ | ३ |
कृळेमश्वरा पंचायेत सधिमतीतील धिनवाषचाकृ गाणधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) | (५) |
| १ | कळमेरा | ३५-ताेलकामठी | ६९-ताेलकामठी | सायसाराणु |
| ७०-कोहाळी | सायसाराणु | |||
| २ | ३६-ापुेाडीा | ७१-ापुेाडीा | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) | |
| ७२-उबाळी | सायसाराणु | |||
| ३ | ३७-गंडीखूैराी | ७३-गंडीखूैराी | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | |
| ७४-साेलू | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
______________
भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८३९.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
कृाटोल पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा काटोल पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता ०८ विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१x ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे काटोल पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा काटोल पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे काटोल पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
१७ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे काटोल पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | १ | १ |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | १ | १ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | २ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ४ | १ |
| एकूणु | ८ | ४ | |
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | काटोल | ३८- याेना | ७५-याेना |
| ७६-विलपुा | |||
| २ | ३९-रिराोरा | ७७-रिराोरा | |
| ७८-डीोराली विभागाराे | |||
| ३ | ४०-पुाराडीविसागा | ७९-पुाराडीविसागा | |
| ८०-लाडीगा | |||
| ४ | ४१-ुाळा | ८१-ुाळा | |
| ८२-मासाो |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
______________
भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८४०.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
नराखाडू पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा नाराखूेडी पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता ०८ विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
१८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे नाराखूेडी पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा नाराखूेडी पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे नाराखूेडी पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे नाराखूेडी पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | १ | १ |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | १ | १ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | २ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ४ | १ |
| एकूणु | ८ | ४ | |
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | नाराखूेडी | ४२-बेलोना | ८३-बेलोना |
| ८४-खूरासाोली | |||
| २ | ४३-सारागा | ८५-सारागा | |
| ८६-विपुपुळा के. | |||
| ३ | ४४-लालखूेडीा | ८७-लालखूेडीा | |
| ८८-मंढूला | |||
| ४ | ४५-विभाष्णुरा | ८९-विभाष्णुरा | |
| ९०-लोहाराी सागा |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
१९ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८४१.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
धिहांगाणा पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा विहागणुा पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता १० विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७,विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे विहागणुा पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा विहागणुा पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे विहागणुा पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे विहागणुा पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
धिहांगाणा पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | १ | ० |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | २ | १ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | २ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ५ | ३ |
| एकूणु | १० | ५ |
धिहांगाणा पंचायेत सधिमतीतील धिनवाषचाकृ गाणधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) | (५) |
| १ | विहागणुा | ४६-रायापुूरा | ९१-रायापुूरा | सायसाराणु (मविहाला) |
| ९२-डीामना | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | |||
| २ | ४७-ईसासानाी | ९३-ईसासानाी | अनाुसाूविचता ाताी | |
| ९४-गुमगा | सायसाराणु | |||
| ३ | ४८-टाकळघेाट | ९५-टाकळघेाट | सायसाराणु (मविहाला) | |
| ९६-सातागा | सायसाराणु | |||
| ४ | ४९-सागी (ेळी) | ९७-सागी (ेळी) | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) | |
| ९८-नाेराी मानाकरा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | |||
| ५ | ५०-कान्हाोलीबारा | ९९-कान्हाोलीबारा | सायसाराणु (मविहाला) | |
| १००-खूडीकी | अनाुसाूविचता माताी |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
______________
भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८४२.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
उमराडू पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा उमराेडी पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता ०८ विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे उमराेडी पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा उमराेडी पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक२१ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७ १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे उमराेडी पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे उमराेडी पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
उमराडू पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | २ | १ |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | १ | १ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | २ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ३ | १ |
| एकूणु | ८ | ४ |
उमराडू पंचायेत सधिमतीतील धिनवाषचाकृ गाणधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) | (५) |
| १ | उमराेडी | ५१-मकराोकडीा | १०१-पुाचगा | सायसाराणु (मविहाला) |
| १०२-मकराोकडीा | सायसाराणु | |||
| २ | ५२-ायागा | १०३-ायागा | सायसाराणु | |
| १०४-साे | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) | |||
| ३ | ५३-बेला | १०५-ेळी (आमगा) | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) | |
| १०६-बेला | नागरिराकाचा मागासा प्रगय | |||
| ४ | ५४-विसासाी | १०७-विसासाी | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) | |
| १०८-नाेगा (साू) | अनाुसाूविचता ाताी |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
२२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक-अ नागपूरा विभागीय पुराणी, नोव्हांबरा ३, २०२५/ काविक १२, शाके १९४७भाग १-अ (असा.)(ना. वि. पु.) म. शा. रा., अ. क्र. ८४३.
धिजल्हाधिधाकृाराी, येांजकृडून
परिराधिशाष्ट-१३(ब)
धिभावापूरा पंचायेत सधिमती अंधितम आराक्षणाबाबतचाी अधिधासूचाना
क्रमाक ५६७-२०२५.—
ज्याअर्थी, राज्या शासानाकडील क्रमाक विपुविना-२०२५-प्र.क्र.३६-पु.रा.२, विनाक १२ ूना, २०२५ विनाक १२ ूना, २०२५ राोीच्या पुत्रान्याे विलेल्या प्रभाग राचना कायायक्रमानाुसारा विभापुूरा पुचायाता साविमताीच्या आगामी सायवित्राक विनाडीणुकीकरिराता ०६ विनायचक गणुाच्या भाौगोविलक विसामा क्र. भाग १-अ (असा.) (ना.वि. पु.) म. शा. रा., अ.क्र. ३६६, विनाक २२ ऑगस्ट, २०२५ च्या अविसाूचनाेन्याे शासाना रापुत्राता प्रविसाध् कराण्याता आल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, महाराष्ट्र विल्हा पुरिराषा पुचायाता साविमत्या अविविनायाम, १९६१ मील ताराताुी अन्याे आविणु राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.२९-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे विभापुूरा पुचायाता साविमताीमील अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाठी (अनाुसाूविचता ाताी, अनाुसाूविचता माताी, नागरिराकाचा मागासा गय प्रगय स्त्रिस्त्रायासाहा) राखूना ठीेायाच्या ागा विनास्त्रिचता केल्या आहाेता;
आविणु ज्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगाकडील क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ च्या आेशान्याे पुचायाता साविमताी विनायचक गणुाच्या आराक्षणु साोडीताीनातारा त्याची अवितामरिरात्या प्रविसाध्ी कराण्याचे अविकारा साबविता विल्हाविकाराी याना प्राना केले असाूना सारा आेशान्याे विलेल्या कायायक्रमानाुसारा विभापुूरा पुचायाता साविमताीमील आराविक्षता विनायचक गणुाची ाहाीरा साोडीता विनाक १३ ऑक्टोबरा, २०२५ राोी काढूण्याता आली विनाडीणुूक विभागविनाहाया आराक्षणु प्रविसाध् करूना त्यारा विनाक १४ ऑक्टोबरा, २०२५ ताे १७ ऑक्टोबरा, २०२५ या कालाीता हाराकताी साूचना मागविण्याता आल्या. सारा प्राप्ता हाराकताी साूचनाराील अविभाप्राया विचाराता घेऊना राज्या विनाडीणुूक आयाोगाचे पुत्रा क्र. राविनाआ-विपुपुसा-२०२५-प्र.क्र.३०-का-७, विनाक ०१ ऑक्टोबरा, २०२५ अन्याे विभापुूरा पुचायाता साविमताीमील विनायचक गणुाच्या आराक्षणुासा विभागीया आयाुक्ता, नागपुूरा विभाग, नागपुूरा यानाी मान्याता विली आहाे;
आविणु त्याअर्थी, राज्या विनाडीणुूक आयाोगानाे अविसाूचना क्र. ३९, विनाक १८ ूना, २०२५ अन्याे प्राना केलेल्या अविकाराचा ापुरा करूना मी डीॉ. विपुीना, विल्हाविकाराी, नागपुूरा याद्वाराे विभापुूरा पुचायाता साविमताीच्या साभायता शासाना रापुत्राता प्रविसाध् केलेल्या विनायचक गणुामध्याे पुढूील सायवित्राक विनाडीणुूकीच्या प्रयाोनार्थीय खूालीलप्रमाणुे आराक्षणु अविसाूविचता कराीता आहाे :-
धिभावापूरा पंचायेत सधिमतीमधाील एकृूण जागांचा तपशाील
| अ.क्र. | प्रगय | एकूणु ागाची साख्या | पुैकी मविहालाकरिराता आराविक्षता ागा |
| (१) | (२) | (३) | (४) |
| १ | अनाुसाूविचता ाताी | १ | १ |
| २ | अनाुसाूविचता माताी | १ | १ |
| ३ | नागरिराकाचा मागासागय प्रगय | १ | १ |
| ४ | सायसाराणु | ३ | ० |
| एकूणु | ६ | ३ |
धिभावापूरा पंचायेत सधिमतीतील धिनवाषचाकृ गाणधिनहाये आराक्षणाचा तपशाील
| अ. क्र. | तालुका | विनाडीणुूक विभागाचा क्रमाक ना | विनायचक गणुाचा क्रमाक ना | आराक्षणु |
| (१) | (२) | (३) | (४) | (५) |
| १ | विभापुूरा | ५५-तासा | १०९-तासा | नागरिराकाचा मागासा प्रगय (मविहाला) |
| ११०-कारागा | सायसाराणु | |||
| २ | ५६-मालेाडीा | १११-मोखूेबडी - विकन्हाीकला - विकन्हाीखूुय (पुनायसाना) | अनाुसाूविचता ाताी (मविहाला) | |
| ११२-मालेाडीा | सायसाराणु | |||
| ३ | ५७-ना | ११३-बेसाूरा | सायसाराणु | |
| ११४-ना | अनाुसाूविचता माताी (मविहाला) |
नागपुूरा : विनाक ३ नाोव्हांबरा, २०२५.
डूॉ. धिवपीन, विल्हाविकाराी, नागपुूरा.
ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT PRESS AND BOOK DEPOT, CIVIL LINES, NAGPUR-440 001 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI-400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.