RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्रट शासन राजपत्र
असाधृाराण भाग सा
वर्ष ११, अक २४] मगळवारा, नोव्हांबंरा ४, २०२५/काविषक १३, शके १९४७ [पृष्ठे ४, विकंम : रुपयाे ४७.००
असाधृाराण क्रमाक ३७
प्राविधृकृ प्राकाशन
अध्यादेश, विवधृेयाके व अविधृविनयाम याचा विहादेी अनुवादे (देवनागराी विपी).
राजस्व औरा वन विवभाग
मंत्रालय, मंादामं कामंा मंागग, हुतात्मंा राजगुरू चौका, ंबई ४०० ०३२, दिदानांांदिकात ३ नांवम्बरा २०२५।
मंु
MAHARASHTRA ORDINANCE No. X OF 2025.
AN ORDINANCE
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA PREVENTION OF FRAGMENTATION AND CONSOLIDATION OF HOLDINGS ACT.
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमाक १० सन् २०२५।
महाराष्ट्र धृवि के खंडकराण की राोकथाम औरा समेकन कराने से सबंधृी
अविधृविनयाम मं अविधृकरा सशोधृन कराने सबंविधृ अध्यादेश।
क्यांविक राज्य दिवधानांमंडल काे दाोनां सदानां का सत्रा नांहुं चौल राहुा हुै ;
(१)
भाग सात ३७–१२ महाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधृाराण भाग सा, नोव्हांबंरा ४, २०२५/काविषक १३, शके १९४७ औरा क्यांविक मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल का यहु समंाधानां हुो चौुका हुै दिका, ऐसी पारिरास्थिदितया दिवद्यमंानां हुं दिजनांकाे काराण उन्हुं इसमं आगे दादिगत प्रयोजनां काे दिलए, मंहुाराष्ट्र धाृदित काे खंडकाराण काी राोकािामं औरा सन् १९४७ का ६२। समंेकानां कारानांे संबंधाी अदिधादिनांयमं मं अदिधाकातरा संोधानां कारानांे काे दिलए, सद्य कायगवाहुी कारानांा आवश्यका हुआ हुै ;
अबं, इसविए, भारात काे संदिवधानां काे अनांुच्छेदा २१३ काे खंण्ड (१) द्वारा प्रदात्त स्थितयं का प्रयोग काराते हुए, मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल, एतद् द्वारा, दिनांम्नां अध्यादाे प्रख्यादिपात काराते हुं, अिागत् :—
१. (१) यहु अध्यादाे मंहुाराष्ट्र धाृदित काे खंडकाराण काी राोकािामं औरा समंेकानां कारानांे संबंदिधा संदिक्षेप्त नांामं औरा प्राराम्भण ।
(संोधानां) अध्यादाे, २०२५ काहुलाए।
(२) यहु तुरांत प्रवृत्त हुोगा।
२. मंहुाराष्ट्र धाृदित काे खंडकाराण काी राोकािामं औरा समंेकानां कारानांे संबंधाी अदिधादिनांयमं (दिजसे इसमं सन् १९४७ का ६२। आगे, "मंूल अदिधादिनांयमं" काहुा गया हुै) काी धारा ८खं का पारांतुका अपामंादिजगत दिकाया जायेगा।
सन् १९४७ का ६२ काी धारा ८खं मं संोधानां।
३. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा ९ काी,—
सन् १९४७ का ६२ काी धारा ९ मं संोधानां।
(का) उपा-धारा (३) का पारांतुका औरा स्पष्टिष्कराण अपामंादिजगत दिकाया जायेगा ;
(खं) उपा-धारा (३) काे पाश्चौात्, दिनांम्नां उपा-धारा जोडी जायेगी, अिागत्—
"(४) इस अदिधादिनांयमं मं अंतदिव ष् ट दिकासी बात काे हुोते हुए भी, इस अदिधादिनांयमं काे उपाबंधां काे उल्लंघनां मं भूदिमं का हुतांतराण या दिवभाजनां १५ नांवम्बरा १९६५ काो या काे पाश्चौात् औरा १५ अतूबरा २०२४ काे या काे पाूवग दिकाया गया हुै, यदिदा ऐसी भूदिमं दिकासी वास्विवक गैरा-काृदि उपायोग काी जाती हुै या उपायोग दिकाये जानांे का इरादा राखंती हुै औरा वहु,—
(का) नांगरा दिनांगमं, नांगरा पारिरादां औरा नगरा पचायां काी सीमंा काे भीतरा काे क्षेत्रा मं हुै ; या
(खं) वहु क्षेत्रा मंु
सन् १९७५ का मंहुा. ४।
सन् २०१७ का मंहुा. ३।
सन् १९६६ का मंहुा. ३७।
ंबई मंहुानांगरा प्रदाे दिवकास प्रादिधाकाराण अदिधादिनांयमं, १९७४ काे अधाीनां ंबई मंहुानांगरा क्षेत्रा दिवकास प्रादिधाकाराण, मंहुाराष्ट्र मंहुानांगरा क्षेत्रा दिवकास प्रादिधाकाराण िादिपात मंु अदिधादिनांयमं, २०१६ काे अधाीनां िादिपात मंहुाराष्ट्र मंहुानांगरा क्षेत्रा दिवकास प्रादिधाकाराणं, मंहुाराष्ट्र प्रादाेदिका औरा नांगरा योजनांा अदिधादिनांयमं, १९६६ काे अधाीनां अदिधासूदिचौत दिवे योजनांा प्राधाीकाराणं काी अदिधाकारिराता क्षेत्रा काे अधाीनां आवासीय, वादिणस्थिज्यका, औद्योदिगका या काोई अन्य गैरा-काृदि उपायोग काे दिलए पादादिभदिहुत क्षेत्रां मं हुै ; या
(ग) ऐसे क्षेत्रा दिजसकाे दिलए छेावणी अदिधादिनांयमं, २००६ काे अधाीनां छेावणी गदित हुै ; या सन् २००६ का ४१।
सन् १९६६ का मंहुा. ३७। (घ) आवासीय, वादिणस्थिज्यका, औद्योदिगका या दिकासी अन्य गैरा-काृदि उपायोग काे दिलए पादादिभदिहुत क्षेत्रां मं हुै या मंहुाराष्ट्र प्रादाेदिका औरा नांगरा योजनांा अदिधादिनांयमं, १९६६, या तत्समंय प्रवृत्त दिकासी अन्य दिवदिधा काे अधाीनां तैयारा दिकाए गए प्रारुपा या अंदितमं प्रादाेदिका योजनांा मं दिवदिनांदिदागष्ट संवृदि कांद्र मं सस्थिम्मंदिलत क्षेत्रां मं हुै ; या
(ङ) प्रारूपा या अंदितमं प्रादाेदिका योजनांा मं आवासीय, वादिणस्थिज्यका, औद्योदिगका या दिकासी अन्य गैरा-काृदिका उपायोग काे दिलए पादादिभदिहुत क्षेत्रां मं औरा दिजसकाो एकाीकाृत दिवकास दिनांयंत्राण औरा प्रचौालनां दिवदिनांयमं लागू हुो, ऐसे दिकासी ग्रामं, हुरा या नांगरा काी सीमंाओं मं पारिराघीय क्षेत्रा मं हुै, तब ऐसे भूदिमं का हुतांतराण या दिवभाजनां उसकाे दिलए काोई अदिधामंूल्य प्रभारिरात दिकाए दिबनांा दिवदिनांयदिमंत दिकाया गया ऐसा समंझा जायेगा।"।महाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधृाराण भाग सा, नोव्हांबंरा ४, २०२५/काविषक १३, शके १९४७ ३
वक्व्या।
मंहुाराष्ट्र धाृदित काे खंडकाराण काी राोकािामं औरा समंेकानां कारानांे संबंदिधा अदिधादिनांयमं (सन् १९४७ का ६२) राज्य मं काृदि धाृदितयं काे खंडकाराण काी राोकािामं औरा उसकाी बेहुतरा जुताई कारानांे काे प्रयोजनां काे दिलए काृदि धाृदित का समंेकानां कारानांे काे दिलए उपाबंधा कारानांे हुेतु अदिधादिनांयदिमंत दिकाया गया हुै। सराकारा नांे, उत अदिधादिनांयमं काे अधाीनां जो मंानांका क्षेत्रा काे रूपा मं मंानांे जानांेवाले ऐसे िानांीय क्षेत्रां मं भूदिमं काे ऐसे प्रत्येका श्रेणी काे दिलए एका अलग भूभाग काे रूपा मं लाभप्रदा रूपा से जुताई कारानांे काे दिलये न्यूनांतमं क्षेत्रा काो अदिधासूदिचौत दिकाया हुै। उत अदिधादिनांयमं खंडकाराण अिागत् मंानांका क्षेत्रा से भूदिमं काे न्यूनांतमं भूदिमं का अंतराण, दिवभाजनां या पाट्टे पारा दाेनांे से प्रदितबंधा लगानांे काे दिलए भी उपाबंधा काराता हुै।
२. समंय काे साि हुरां औरा अन्य दिवकादिसत नांगरापादिलका क्षेत्रा से सदिटका काृदि भूदिमं दिकासी भी प्रारूपा या अंदितमं प्रादाेदिका योजनांा मं दिवदिनांदिदागष्ट आवासी, वादिणस्थिज्यका या औद्योदिगका क्षेत्रा काे अधाीनां आती हुै वहुा ऐसी भूदिमं का गैरा-काृदि उपायोग अनांुज्ञेय हुो गया हुै, इनां क्षेत्राो मं उत अदिधादिनांयमं काे उल्लंघनां मं भूदिमं काे काई हुतांतराण या दिवभाजनां हुए हुं, दिजसकाे पारिराणामं वरूपा दिवखंडकाराण हुआ हुै। तिादिपा, उत अदिधादिनांयमं काे अधाीनां प्रदितबन्धा काे काराण ऐसे अवैधा भूदिमं संव्यवहुारा भूदिमं अदिभलेखं मं अदिभदिलदिखंत नांहुं हुो सकाे हुं। इसदिलए, ऐसे खंडकाराण काे अदिधाभोगी ऐसे खंडकाराण का इरादा गैरा-काृदि उपायोग ुरू नांहुी कारा सकाते औरा पाष्ट वादिमंत्व पानांे काे दिलए प्रादिधाकाराीयं से उसकाे दिलए आवश्यका अनांुमंदितया प्राप्त नांहुी कारा सकाते िे। ३. उत मंुद्दों काो हुल कारानांे काे दिलए, वग २०१६ मं उत अदिधादिनांयमं मं धारा ८खं काो ादिमंल दिकाया गया िा तादिका यहु उपाबंधा दिकाया जा सकाे दिका, धारा ७, ८ औरा ८काका काे उपाबंधा नांगरा दिनांगमं या नांगरा पारिरादा, या दिवे योजनांा प्रादिधाकाराण या नांए नांगरा दिवकास प्रादिधाकाराण काी सीमंाओं काे भीतरा स्थित भूदिमं पारा लागू नांहुी हुंगे, औरा मंहुाराष्ट्र प्रादाेदिका औरा नांगरा दिनांयोजनां अदिधादिनांयमं, १९६६ (सन् १९६६ का मंहुाराष्ट्र ३७) या तत्समंय प्रवृत्त दिकासी अन्य दिवदिधा काे अधाीनां तैयारा दिकाए गए प्रारूपा या अंदितमं प्रादाेदिका योजनांा मं आवासीय, वादिणस्थिज्यका, औद्योदिगका या दिकासी अन्य गैरा-काृी उपायोग काे दिलए आवंदिटत दिकासी भी भूदिमं पारा भी लागू नांहुं हुंगे। धारा ८खं काे पारान्तुका मं यहु उपाबंधा हुै दिका, काोई भी व्यस्थित भूदिमं काे ऐसे टुकाड़े काो तब तका िानांांतरिरात नांहुं काराेगा, जब तका दिका वहु, मंहुाराष्ट्र प्रादाेदिका औरा नांगरा दिनांयोजनां अदिधादिनांयमं, १९६६ गत दिकासी अन्य दिवदिधा काे उपाबंधां काे अधाीनां, योजनांा प्रादिधाकाराण या, यिास्थिती, कालटरा या तत्समंय प्रवृ द्वारा अनांुमंोदिदात उपा-दिवभाजनां या लेआउट काे पारिराणामंवरूपा बनांाया गया हुै। तिादिपा, अनांुमंोदिदात लेआउट या उपा-दिवभाजनां काी तं का काराण, ऐसे काई टुकाड़े उत धारा ८खं काे अधाीनां ादिमंल नांहुं दिकाया जा सका िा।
४. इसे ध्यानां मं राखंते हुए सराकारा नांे, ऐसी भूदिमं काे दिवद्यमंानां बाजारा मंूल्य काे २५ प्रदितत तका काे दिवदिनांयामंका अदिधामंूल्य काी अदायगी पारा सन् २०१७ का मंहुाराष्ट्र अदिधादिनांयमं क्र. ५८ प्राराम्भण काे दिदानांांका तका ऐसे संव्यवहुारा दिवदिनांयदिमंत कारानांे काे दिलए उत अदिधादिनांयमं काी धारा ९ संोदिधात काी हुै। सराकारा नांे, सन् २०२५ का मंहुाराष्ट्र अदिधादिनांयमं क्रमंांका ५ द्वारा उत अदिधादिनांयमं काे संोधानां द्वारा ऐसी भूदिमं काे दिवद्यमंानां बाजारा मंूल्य काे अदिधाकातरा ५ प्रदितत दिवदिनांयामंका अदिधामंूल्य घटाया हुै। तिादिपा, यहु ध्यानां मं आया हुै दिका, अदिधामंूल्य मं काटौदित कारानांे काे प्रश्चौात् भी ऐसे खंडकाराण काे अदिधाभोगी बड़ेी संख्या मं दिवदिनांयमंनां कारानांे काे दिलए आगे नांहुं आए हुं।
इसदिलए, अदिधाकारां का अदिभलेखं अद्यतनां कारानांे काे उद्दोंेश्य से सराकारा ऐसा खंडकाराण उसकाे दिलए दिकासी अदिधामंूल्य काो प्रभारिरात दिकाए दिबनांा दिवदिनांयमंनां समंझाे, का उपाबंधा कारानांे काे दिलए उत अदिधादिनांयमं मं यिोदिचौत संोधानां कारानांा इष्टकारा समंझाती हुै।४ महाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधृाराण भाग सा, नोव्हांबंरा ४, २०२५/काविषक १३, शके १९४७ ५. चौू दिका, राज्य दिवधानांमंडल काे दाोनां सदानां का सत्रा नांहुं चौल राहुा हुै औरा मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल का यहु समंाधानां हुो चौुका हुै दिका, ऐसी पारिरास्थिदितया दिवद्यमंानां हुं, दिजनांकाे काराण उन्हुं इसमं उपायु गत प्रयोजनां काे दिलए, मंहुाराष्ट्र धाृदित काे खंडकाराण काी राोकािामं औरा समंेकानां कारानांे संबंदिधा अदिधादिनांयमं मं अदिधाकातरा संोधानां कारानांे काे दिलए, सद्य कायगवाहुी कारानांा आवश्यका हुआ हुै, अत: यहु अध्यादाे प्रख्यादिपात हुआ हुै।
मंु ंबई, आचायाष देवव्र,
दिदानांांदिकात २ नांवम्बरा २०२५। मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल।
मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल काे आदाे तिा नांामं से,
विवकास खंरागे, सराकारा काे अपारा मंुख्य सदिचौव ।
(यिािग अनांुवादा), श्री. अरूण कमळाबंाई वाळू विगे, प्रभाराी भा संचौालका, मंहुाराष्ट्र राज्य।
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