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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

HB-2404 Part VII Extra 40 Date 8-12-2025, Publication of a bill further to amend the Maharashtra Shops & Establishments (Regulation of Employment and Conditions of Services) Act, 2017 as L.A. Bill No. LXXXIX of 2025 by Secretary-1, Maharashtra Legislative Assembly. Extra Ordinary No. 40, Ank 26.

Published 08 December 2025

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2025-12-08.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi

RNI No. MAHBIL /2009/31730

मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र

असाधाराण भागा सार्तों

र्ष ११, अका २६] सोमांारा, विसंबंरा ८, २०२५/अग्रहायण १७, शकाे १९४७ [पृष्ठे ५ , विकांमांर्तों : रुपये ४७.००

असाधाराण क्रमांाका ४०

प्राविधाकाृर्तों प्राकाशन

अध्यादुेश, विधाेयकाे अविधाविनयमां याचा विहादुी अनुादु (दुेनागाराी विपी)

मांहाराष्ट्र विधानमांळ सविचाय

मंहींाराष्‍ट्र विधानसभा मं विदोनांके ८ विदुसबंरा, २०२५ ई. केो पुरा:स्‍थाविपुत विनम्‍न विधाेयके मंहींाराष्‍ट्र विधानसभा विनयमं ११७ के अधाीन प्रकेावित विकेया जाता हींै :-

L. A. BILL No. LXXXIX OF 2025.

A BILL

FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA SHOPS AND ESTABLISHMENTS (REGULATION OF EMPLOYMENT AND CONDITIONS OF SERVICE) ACT, 2017.

विधानसभा का विधाेयका क्रमांाका ८९ सन् २०२५।

मांहाराष्ट्र दुकान औरा आस्थापना (राोजगारा औरा सेा काी शर्तों का विविनयमांन) अविधाविनयमां,

२०१७ मां अविधाकार्तोंरा सशोधान काराने सबंधाी विधाेयका।

क्यंविका राज्य विधानमंडल के दोनं सदोनं केा सत्र नहीं चल राहींा था;

(१)

भाग सात - ४०-१. एच बी २४०४-४०–१.

२ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सार्तों, विसंबंरा ८, २०२५/अग्रहायण १७, शकाे १९४७

सन् २०१७ केा मंहींा. ६१। सन् २०२५ केा मंहींा. अध्या. क्र. ८।

औरा क्यंविका मंहींाराष्‍ट्र के राज्यपुाल केा यहीं समंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसी पुरिरास्थिस्‍थावितया विद्यमंान थाी विजानके केाराण उन्हीं इसमं आगे दोवित प्रयोजानं के विलए, मंहींाराष्‍ट्र दोुकेान औरा आस्‍थापुना (राोज़गारा औरा सेा केी तं केा विविनयमंन) अविधाविनयमं, २०१७ मं अविधाकेतरा संोधान केराने के विलए, सद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था; औरा, इसविलए, मंहींाराष्‍ट्र दोुकेान औरा आस्‍थापुना (राोज़गारा औरा सेा केी तं केा विविनयमंन) (संोधान) अध्यादोे, २०२५, १ अक्तूबीरा २०२५ केो प्रख्याविपुत विकेया गया था ;

औरा क्यंविका उक्त अध्यादोे केो राज्य विधान मंडल के अविधाविनयमं मं बीदोलना इष्‍टकेरा हींै; अत: भारात गणराज्य के विहींत्तराे र्षि मं, एत् द् द्वारा, विनम्‍न अविधाविनयमं अविधाविनयविमंत विकेया जाता हींै :—

१. (१) यहीं अविधाविनयमं मंहींाराष्‍ट्र दोुकेान औरा आस्‍थापुना (राोज़गारा औरा सेा केी तं केा विविनयमंन) संविप्त नामं औरा प्राराम्‍भाण।

(संोधान) अविधाविनयमं, २०२५ केहींलाए।

(२) यहीं १ अक्तूबीरा २०२५ केो प्रृत्त हींुआ समंझा जायेगा।

२. मंहींाराष्‍ट्र दोुकेान औरा आस्‍थापुना (राोज़गारा औरा सेा केी तं केा विविनयमंन) अविधाविनयमं, २०१७ (विजासे इसमं आगे, "मंूल अविधाविनयमं" केहींा गया हींै) केी धारा १ केी, उपु-धारा (३) के,—

सन् २०१७ केा मंहींा. ६१ केी धारा १ मं संोधान।

सन् २०१७ केा मंहींा. ६१। (१) खण्ड (के) मं, "दोस" ब्दो के स्‍थान मं, "बीस" ब्दो राखा जायेगा;

(२) खण्ड (ख) मं, "दोस" ब्दो के स्‍थान मं, "बीस" ब्दो राखा जायेगा।

३. मंूल अविधाविनयमं केी धारा ६ केी उपु-धारा (१) मं, "दोस" ब्दो के स्‍थान मं "बीस" ब्दो राखा जायेगा ।

सन् २०१७ केा मंहींा. ६१ केी धारा ६ मं संोधान।

४. मंूल अविधाविनयमं केी धारा ७ केी,—

(१) उपु-धारा (१) मं,—

सन् २०१७ केा मंहींा. ६१ केी धारा ७ मं संोधान।

(के) "दोस" ब्दो के स्‍थान मं, "बीस" ब्दो राखा जायेगा;

(ख) प्रथामं पुरांतुके मं, "दोस" ब्दो के स्‍थान मं, "बीस" ब्दो राखा जायेगा;

(२) उपु-धारा (२) मं, "दोस" ब्दो के स्‍थान मं, "बीस" ब्दो राखा जायेगा;

(३) पुाश्ि विटप्पुणी मं, "दोस" ब्दो के स्‍थान मं, "बीस" ब्दो राखा जायेगा।

५. मंूल अविधाविनयमं केी धारा १२ मं,—

सन् २०१७ केा मंहींा. ६१ केी धारा १२ मं संोधान।

(१) "नौ" ब्दो के स्‍थान मं, "दोस" ब्दो राखा जायेगा;

(२) "पुंच" ब्दो के स्‍थान मं, "हीं" ब्दो राखा जायेगा ;

(३) विद्यमंान पुरांतुके अपुमंाविजाित विकेया जायेगा।

६. मंूल अविधाविनयमं केी धारा १४ के स्‍थान मं, विनम्‍न धारा राखी जायेगी, अथाित् :—

सन् २०१७ केा मंहींा. ६१ केी धारा १४ केी प्रवितस्‍थापुना।

"१४. आस्‍थापुना मं एके श्रविमंके केा केायि-विस्‍तारा विकेसी विदोन मं बीाराहीं घंटे से अविधाके नहीं आस्‍थापुना मं केायि-विस्‍तारा ।

हींोगा।"।

७. मंूल अविधाविनयमं केी धारा १५ मं,"एके सौ पुच्चीस घंटे" ब्दों के स्‍थान मं, "एके सौ चौालीस घंटे" ब्दो राखे जायंगे ।

सन् २०१७ केा मंहींा. ६१ केी धारा १५ मं संोधान।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सार्तों, विसंबंरा ८, २०२५/अग्रहायण १७, शकाे १९४७ ३ ८. (१) मंहींाराष्‍ट्र दोुकेान औरा आस्‍थापुना (राोजागारा औरा सेा केी केी तं केा विविनयमंन) (संोधान) अध्यादोे, २०२५ एत द् द्वारा, विनराविसत विकेया जाता हींै।

सन् २०२५ केा अध्यादोे क्रमंांके ८ केा विनरासन औरा व्याृवित्त। सन् २०२५ केा मंहींा. अध्या. क्र. ८।

(२) ऐसे विनरासन के हींोते हींुए भाी, उक्त अध्यादोे द्वारा यथा संोविधात मंूल अविधाविनयमं के तत्स्‍थानी उपुबींधां के अधाीन केृत, केोई बीात या केी गयी केोई केायिाहींी (जाराी विकेसी अविधासूचना या आदोे समंेत) इस अविधाविनयमं द्वारा यथा संोविधात, मंूल अविधाविनयमं के तत्स्‍थानी उपुबींधां के अधाीन केृत, केी गई या, यथास्थिस्‍थावित, जाराी केी गई समंझाी जायेगी।४ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सार्तों, विसंबंरा ८, २०२५/अग्रहायण १७, शकाे १९४७

उद्देश्यं औरा काराणं का क्र्तोंव्य।

मंहींाराष्‍ट्र राज्य यहीं, भारात केा सबीसे अविधाके आविथािके रूपु से गवितील राज्य हींै, विजासमं बीडी संख्या मं श्रविमंके केायिरात हींै, ऐसे बीड़े पुैमंाने पुरा औद्योविगके औरा सेा ेत्रं केो समंायोविजात विकेया गया हींै। विविभान्न श्रविमंके विविधायं के अधाीन श्रविमंकें के विलए विनरांतरा सुरा सुविनस्थिश्चत केराते समंय, आविथािके ृवि केो बीढ़ा दोेने के विलए ोटे केाराोबीारिरायं केा अनुपुालन बीोझा केमं केराने के विलए राज्य प्रयासरात हींै। केायािन्यन, लविचलापुन औरा अनुपुालन बीोझा केमं केराने संबींविधा विविनयामंके सुधारा केराने से राज्य केी आविथािके ृवि हींोगी।

२. केाराोबीारा केराने औरा आजाीविकेा मं सुकेराता लाने से संबींविधात विविनयमं औरा प्रविक्रयाओं मं सुधारा के साथा तालमंेल विबीठाने के विलए ोटी आस्‍थापुनाओं पुरा अनुपुालन केा बीोझा केो केमं केराना आश्यके समंझा गया हींै। साप्ताविहींके अड़ेताविलस घंटो के केायि केी विनयत सीमंा मं बीदोला विकेए विबीना केायि घंटो मं पुरिराचालन लविचलेपुन केा उपुबींधा केराना भाी आश्यके समंझा गया हींै। उपुयु िक्त प्रयोजानं के विलए सराकेारा, मंहींाराष्‍ट्र दोुकेान औरा आस्‍थापुना (राोज़गारा औरा सेा केी तं केा विविनयमंन) अविधाविनयमं, २०१७ (सन् २०१७ केा मंहींा. ६१) मं यथाोविचत संोधान केराना इष्‍टकेरा समंझाती हींै।

३. प्रस्‍तावित संोधानं केी प्रमंुख विेर्षताए यथा विनम्‍न हींै, अथाित् :—

(के) ोटे उद्योगं के विलए अनुपुालन बीोझा केमं केराने, राोजागारा विनविमंिती केो प्रोत्साविहींत केराने औरा अनुपुालन केा भाय दोूरा केराने के उद् दोेश्य से राविजास्‍ट्रीकेराण केराने औरा उक्त अविधाविनयमं के अन्य विविनयामंके उपुबींधां के विलए विकेसी आस्‍थापुना मं १० या अविधाके केमंिचारिरायं केी असीमंा २० या उससे अविधाके बीढ़ाना । २० से केमं श्रविमंकें केी आस्‍थापुनाओं ने, सुविधाकेताि से राविजास्‍ट्रीकेृत प्रमंाणपुत्र प्राप्त केराने केी विदोघंिकेाल तके जारूरात नहीं राहींेगी, पुरांतु उनकेो केल उनके केाराोबीारा केी सूचना दोेने केी आश्यकेता हींै। तथाविपु, उनके श्रविमंकें केी अन्य सांविविधाके सुरा ेर्ष हींी राहींेगी ;

(ख) दोैविनके केायि घंटो मं, विकेसी सप्ताहीं मं अविधाकेतमं अड़ेतालीस घंटो के अध्यधाीन विश्रामं अंतराल समंेत विद्यमंान नौ घंटो से दोस घंटो तके बीढ़ाना हींै। बीडे पुैमंाने पुरा आविथािके विक्रयाकेलापु विनमंािण केराने, राोजागारा के असरा बीढ़ाने तथा विकेसी व्यधान के विबीना आपुात पुरिरास्थिस्‍थावित, अविधाकेतमं मंाग या केमंिचाराीृन्दो केी केमंी से विनपुटाने केा लविचलेपुन आस्‍थापुनाओं केो दोेना;

(ग) आस्‍थापुनाओं मं, दोैविनके केायि घंटं केो बीढ़ाने से औरा बीेहींतरा समंयसाराणी के उपुबींधा समंायोविजात केराने के विलए विद्यमंान साढ़ाे दोस केायि घंटं केा केायि-विस्‍तारा बीाराहीं घंटं तके विस्‍तारिरात केराना ;

(घं) दोैविनके अविधाकेतमं केायि घंटो मं लविचलेपुन लाने औरा सुचारू समंायोजान केा प्राधान केराने के विलए विबीना विश्रामं अंतराल के अविधाकेतमं विनरांतरा केायि घंटं के पुाच घंटो से हीं घंटो तके बीढ़ाना;

(ङ) एके वितमंाहींी के भाीतरा अवितकेाविलके अविधा १२५ घंटं से १४४ घंटं तके बीढ़ाना, ताविके असाधाराण केायि बीोझा केो केमं केराने के विलए आस्‍थापुनाओं केो प्रवितवितमंाहींी बीढ़ाई गयी अविधा के विलए श्रविमंकें केो अवितकेाविलके केायि के विलए अनुमंवित दोे सकेगी। इस बीदोला से श्रविमंकें केी केमंाने केी मंता बीढ़ाेगी औरा अवितकेाविलके प्रथाओं केो औपुचारिराके बीनाया जायेगा, विजाससे यहीं सुविनस्थिश्चत हींोगा विके, सभाी अवितरिराक्त घंटो केो उविचत राीत्या दोजाि विकेया गया हींै औरा मंुआजा विदोया जा राहींा हींै, विजाससे श्रविमंकें के ोर्षण केो राोकेने मं मंद् दो हींोगी। तथाविपु, श्रविमंकें केो अवितकेाविलके केायि केराना अविनायि नहीं हींोगा।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सार्तों, विसंबंरा ८, २०२५/अग्रहायण १७, शकाे १९४७ ५ ४. चू विके, राज्य विधानमंडल के दोनं सदोनं केा सत्र नहीं चल राहींा था औरा मंहींाराष्‍ट्र के राज्यपुाल केा यहीं समंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसी पुरिरास्थिस्‍थावितया विद्यमंान थां विजानके केाराण उन्हीं इसमं उपुयु िक्त प्रयोजानं के विलए, मंहींाराष्‍ट्र दोुकेान औरा आस्‍थापुना (राोज़गारा औरा सेा केी तं केा विविनयमंन) अविधाविनयमं, २०१७ मं अविधाकेतरा संोधान केराने के विलए सद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था, अत: मंहींाराष्‍ट्र के राज्यपुाल द्वारा मंहींाराष्‍ट्र दोुकेान औरा आस्‍थापुना (राोज़गारा औरा सेा केी तं केा विविनयमंन) (संोधान) अध्यादोे, २०२५, (सन् २०२५ केा मंहींा. अध्यादोे क्र.८), १ अक्तूबीरा २०२५ केो प्रख्याविपुत हींुआ था।

५. प्रस्‍तुत विधाेयके केा आय उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडल के अविधाविनयमं मं बीदोलना हींै। मंु ंबीई, आकाश फुं ंकारा,

विदोनांविकेत ४ नंबीरा, २०२५। श्रमं मंत्री।

(यथाथाि अनुादो),

श्री. अरूण कामांळाबंाई ाळू विगार्तोंे,

प्रभाराी भार्षा संचालके,

मंहींाराष्‍ट्र राज्य।

विधान भान, नागपुरा,

विजर्तोंद्र भाेळे, सविच-१,

विदोनांविकेत ८ विदोसंबीरा, २०२५। मंहींाराष्‍ट्र विधानसभा।

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Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 08 December 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2025-12-08.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2025-12-08.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.