RNI No. MAHBIL /2009/31730
मांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र
असाधाराण भाग साता
र्ष ११, अका ३०] शोुक्रारा, विसंबंरा १२, २०२५/अग्रहायण २१, शोकाे १९४७ [पृष्ठे ६ , विकांमांता : रुपये ४७.००
असाधाराण क्रमांाका ५७
प्रोाविधाकाृता प्रोकाशोन
अध्यादेशो, विधाेयकाे अविधाविनयमां याचा विहादेी अनुादे (देनागराी विलैपी)
मांहाराष्ट्र विधानमांळ सविचालैय
मेंहाराष्ट्र र्शिवाधानोंसभा में र्शिदनोंांके १२ विदेसबंरा, २०२५ ई. केो. पुरा:स्थार्शिपुत र्शिनोंम्नों र्शिवाधेयोके मेंहाराष्ट्र र्शिवाधानोंसभा र्शिनोंयोमें ११७ के अधीनों प्रकेार्शित र्शिकेयोा जाता हाै :-
L. A. BILL No. CVIII OF 2025.
A BILL
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA OWNERSHIP FLATS (REGULATION OF THE PROMOTION OF CONSTRUCTION, SALE,
MANAGEMENT AND TRANSFER) ACT, 1963.
विधानसभा का विधाेयका क्रमांाका १०८ सन् २०२५।
मांहाराष्ट्र स्ाविमांत् फ्लैट (सविनमांाण काो प्रोत्साहान देना, विक्रय, प्रोबंधान औरा हास्तान्ताराण का
विविनयमांन) अविधाविनयमां, १९६३ मां अविधाकातारा सशोधान काराने सबंधाी विधाेयका ।
सन् १९६३ केा. मेंहा. ४५।
क्यंविका इसमें आगे दर्शित प्रयोजनों के र्शिए, मेंहाराष्ट्र स्वार्शिमेंत्वा फ्ैट (संर्शिनोंमेंािण केो प्रोत्साहानों देनोंा, र्शिवाक्रयो, प्रबंधनों औरा हास्तान्तराण केा र्शिवार्शिनोंयोमेंनों) अर्शिधर्शिनोंयोमें, १९६३ में अर्शिधकेतरा संोधनों केरानोंा इष्टकेरा हाै; अत:, भारात गेणराज्यो के र्शिहात्तरावां वार्षि में, एतद् द्वारा, र्शिनोंम्नों अर्शिधर्शिनोंयोमें अर्शिधर्शिनोंयोर्शिमेंत र्शिकेयोा जाता हाै :–
संर्शिप्त नोंामें। १. (१) योहा अर्शिधर्शिनोंयोमें मेंहाराष्ट्र स्वार्शिमेंत्वा फ्ैट (संर्शिनोंमेंािण केो प्रोत्साहानों देनोंा, र्शिवाक्रयो, प्रबंधनों औरा हास्तान्तराण केा र्शिवार्शिनोंयोमेंनों) (संोधनों औरा र्शिवार्शिधमेंान्योता) अर्शिधर्शिनोंयोमें, २०२५ केहाए।
(१)
भागे सात-५७-१. एचबंी-२४८९–१.
२ मांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र असाधाराण भाग साता, विसंबंरा १२, २०२५/अग्रहायण २१, शोकाे १९४७सन् २०१६ केा १६। सन् १९६३ केा मेंहा. ४५ केी नोंवाीनों धारा १के केा र्शिनोंवाेनों।
२. मेंहाराष्ट्र स्वार्शिमेंत्वा फ्ैट (संर्शिनोंमेंािण केो प्रोत्साहानों देनोंा, र्शिवाक्रयो, प्रबंधनों औरा हास्तान्तराण केा र्शिवार्शिनोंयोमेंनों) अर्शिधर्शिनोंयोमें, १९६३ (र्शिजसे इसमें आगे, " मेंू अर्शिधर्शिनोंयोमें " केहा गेयोा हाै) केी धारा १ के पुश्चात् र्शिनोंम्नों धारा र्शिनोंर्शिवाष्ट केी जायोेगेी औरा १ मेंई २०१६ के प्रभावा से र्शिनोंर्शिवाष्ट केी गेयोी समेंझी जायोेगेी, अथाित् :–
सन् २०१६ केा १६। अर्शिधर्शिनोंयोमें केी प्रयोुस्ट्रिक्त।
"१ का. योहा अर्शिधर्शिनोंयोमें स्थावारा संपुदा पुरिरायोजनोंा केो ागेू नोंहां हाोगेा जो स्थावारा संपुदा (र्शिवार्शिनोंयोमेंनों औरा र्शिवाकेास) अर्शिधर्शिनोंयोमें, २०१६ योहा धाराएँ ५के, ११के, १३ख, १३गे, १३घ औरा समें प्रार्शिधकेाराी से संबंर्शिधत अन्यो उपुबंधं केो ोडकेरा ागेू हाै। "।
३. मेंू अर्शिधर्शिनोंयोमें केी धारा ५के में, "औरा ११" ब्दं औरा अंकें के स्थानों में, "११ औरा ११के" अंके, ब्द औरा अरा राखे जायोंगे औरा १ मेंई २०१६ से राखे गेए समेंझीा जायोंगे।
सन् १९६३ केा मेंहा. ४५ केी धारा ५के में संोधनों।
४. मेंू अर्शिधर्शिनोंयोमें केी धारा ११ के पुश्चात् र्शिनोंम्नों धारा र्शिनोंर्शिवाष्ट केी जायोेगेी औरा १ मेंई २०१६ के प्रभावा से र्शिनोंर्शिवाष्ट केी गेयोी समेंझी जायोेगेी, अथाित् :–
सन् १९६३ केा मेंहा. ४५ केी नोंवाीनों धारा १के केा र्शिनोंवाेनों।
मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण।
सन् २०१६ केा १६। "११ का. (१) र्शिजस स्थावारा संपुदा पुरिरायोजनोंा केी, स्थावारा संपुदा (र्शिवार्शिनोंयोमेंनों औरा र्शिवाकेास) अर्शिधर्शिनोंयोमें, २०१६ के अधीनों रार्शिजस्ट्रीकेृत र्शिकेयोा हाै ऐसी स्थावारा संपुदा पुरिरायोजनोंा के प्रवाितके मेंहाराष्ट्र स्थावारा संपुदा (र्शिवार्शिनोंमेंनों औरा र्शिवाकेास) स्थावारा संपुदा पुरिरायोजनोंाओं केा रार्शिजस्ट्रीकेराण, स्थावारा संपुदा अर्शिभाकेताि केा रार्शिजस्ट्रीकेराण, व्योाज दरां औरा वाेबंसाईट केा प्रकेटीकेराण, र्शिनोंयोमें, २०१७ के र्शिनोंयोमें ९के उपु-र्शिनोंयोमें (२) औरा (३) के अधीनों आवांर्शिटर्शित योा आवांर्शिटर्शितयों के संघ के पु में रार्शिजस्ट्रीकेृत स्वार्शिमेंत्वा हास्तांतराण र्शिनोंष्पुार्शिदत केरानोंे में र्शिवाफ राहाता हाै तबं आवांर्शिटर्शित योा अवांर्शिटर्शितओं केा संघ भाी उक्त धारा १७ के अधीनों योथा उपुबंर्शिधत औरा हास्तांतराण के समेंानों उनोंके पु में एकेतफाि मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण र्शिनोंष्पुार्शिदत केरानोंे औरा इसे रार्शिजस्ट्रीकेृत केराणे केा हाक्केदारा हाोगेा औरा उस प्रयोजनों के र्शियोे इस अर्शिधर्शिनोंयोमें केी धारा ११ केी, उपु-धारा (३) में र्शिवार्शिनोंर्शिदिष्ट प्र्शिक्रयोा के अनोंुसारा सुसंगेत दस्तावाेजं के साथा समें प्रार्शिधकेाराी केो आवाेदनों केरा सकेगेा।
(२) धारा ११ केी उपु-धारा (४) औरा (५) के उपुबंध औरा इस अर्शिधर्शिनोंयोमें के अधीनों एकेतफाि मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण के सुसंगेत उपुबंध मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण केी मेंजुराी के र्शिए ऐसे आवाेदनों यथाश्यका परिरातान सविहाता ागेू हांगे।
र्शिवार्शिधमेंान्योता औरा व्योावाृर्शित्त।
सन् २०२५ केा मेंहा. .... । ५. र्शिकेसी भाी न्योायोायो योा प्रार्शिधकेराण के र्शिकेसी भाी न्योायोर्शिनोंणियो, र्शिडक्री योा आदे में अन्तर्शिवािष्ट र्शिकेसी बंात के हाोते हाुए भाी, मेंू अर्शिधर्शिनोंयोमें के उपुबंधं के अनोंुसारा समें प्रार्शिधकेाराी योा संबंर्शिधत समेंुर्शिचत रार्शिजस्ट्रीकेराण अर्शिधकेाराी द्वारा जाराी केी गेई केोई अर्शिधसूचनोंा, आदे, सूचनोंा, योा पुरिरापुत्रके योा र्शिकेयोे गेयोे र्शिनोंयोमें योा र्शिनोंष्पुार्शिदत योा रार्शिजस्ट्रीकेृत मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण, ुरू गेी गेई र्शिकेसी केायोिवाहाी पुरा र्शिकेयोा गेयोा र्शिनोंणियो योा पुारिरात र्शिकेयोा गेयोा आदे योा जाराी र्शिकेयोे गेयोे र्शिनोंदें समेंेत, मेंहाराष्ट्र स्वार्शिमेंत्वा फ्ैट (संर्शिनोंमेंािण केो प्रोत्साहानों देनोंा, र्शिवाक्रयो, प्रबंधनों, हास्तांतराण केा र्शिवार्शिनोंयोमेंनों) (संोधनों औरा र्शिवार्शिध मेंान्योकेराण) अर्शिधर्शिनोंयोमें, २०२५ के प्रारांभानों के पुूवाि, मेंू अर्शिधर्शिनोंयोमें के र्शिकेन्हाी उपुबंधं के अधीनों केी गेई योा केरानोंे के र्शिए तात्पुर्शियोित र्शिकेसी बंात योा केरानोंे के र्शिए तात्पुर्शियोित र्शिकेसी केायोिवाहाी योा ुरू केी गेई केायोिवाहाी, योर्शिद इस अर्शिधर्शिनोंयोमें द्वारा योथा संोर्शिधत मेंू अर्शिधर्शिनोंयोमें के उपुबंध सभाी सारावानों समेंयो में र्शिनोंरांतरा प्रवाृत्त थाे ऐसा मेंानोंकेरा र्शिवार्शिध के अनोंुसराण में सम्य् केतयोा वाैध रूपु से जाराी केी गेई अर्शिधसूचनोंा, र्शिदए गेयोे आदे, जाराी केी गेयोी सूचनोंा, जाराी र्शिकेयोा गेयोा पुरिरापुत्रके योा बंनोंायोे गेयोे र्शिनोंयोमें योा र्शिनोंष्पुार्शिदत योा रार्शिजस्ट्रिस्ट्रकेराण र्शिकेए गेयोे मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण, केी गेई योा ुरू केी गेई केायोिवाहाी समेंझी जायोेगेी औरा सदैवा जाराी केी गेयोी अर्शिधसूचनोंा, र्शिदयोा गेयोा आदे, जाराी केी गेई सूचनोंा, जाराी र्शिकेयोा गेयोा पुरिरापुत्रके, बंनोंायोे गेयोे र्शिनोंयोमें योा र्शिनोंष्पुार्शिदत र्शिकेए गेयोे औरा रार्शिजस्ट्रीकेराण र्शिकेए गेयोे मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण केी गेई योा ुरू केी गेई केायोिवाहाी समेंझी जायोेगेी। औरा तद्नोंुसारा र्शिकेसी न्योायोायो में योा र्शिकेसी अर्शिधकेराण योा र्शिकेसी प्रार्शिधकेराण के समें इस आधारा पुरा र्शिके, ऐसे प्राराम्भाण केो पुूवाि उक्त मेंू अर्शिधर्शिनोंयोमें के उपुबंध राेरा अर्शिधर्शिनोंयोमें के अधीनों रार्शिजस्ट्रीकेृत स्थावारा सम्पुदा पुरिरायोजनोंा के संबंध में एकेतराफा मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण के र्शिए उपुबंध नोंहां केरातामांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र असाधाराण भाग साता, विसंबंरा १२, २०२५/अग्रहायण २१, शोकाे १९४७ ३ हाै, केोई वाद, अर्शिभायोजनों योा अन्यो र्शिवार्शिधके केायोिवार्शिहायोाँ संस्ट्रिस्थात नोंहां केी जाएगेी ।
६. (१) इस अर्शिधर्शिनोंयोमें द्वारा योथा संोर्शिधत मेंू अर्शिधर्शिनोंयोमें के, उपुबंधं केो प्रभावाी केरानोंे में योर्शिद केोई केर्शिनोंाई उद्दभाूत हाोती हाै, तो राज्यो सराकेारा जैसा अवासरा हाो, राजपत्र में प्रकेार्शित आदे द्वारा, मेंू अर्शिधर्शिनोंयोमें के उपुबंधं से असंगेत नों हाोनोंे वाी केोई भाी केायोिवाहाी केरा सकेगेी, जो उसे केर्शिनोंाई के र्शिनोंराकेराण केरानोंे के प्रयोजनों के र्शिए आवाश्योके योा इष्टकेरा प्र्शितत हाो :
पुरान्तु, ऐसा केोई आदे इस अर्शिधर्शिनोंयोमें के प्राराम्भाण के र्शिदनोंांके से दो वार्षा केी अवार्शिध केी समेंास्ट्रिप्त के पुश्चात् नोंहां बंनोंायोा जाएगेा।
(२) उपु-धारा (१) के अधीनों बंनोंायोा गेयोा प्रत्योेके आदे, उसके बंनोंाए जानोंे के पुश्चात् योथासंभावा ीघ्र, राज्यो र्शिवाधानोंमेंड के प्रत्योेके सदनों के समें राखा जाएगेा।४ मांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र असाधाराण भाग साता, विसंबंरा १२, २०२५/अग्रहायण २१, शोकाे १९४७
उद्देश्यं औरा काराणं का क्ताव्य।
मेंहाराष्ट्र स्वार्शिमेंत्वा फ्ैट (संर्शिनोंमेंािण केो प्रोत्साहानों देनोंा, र्शिवाक्रयो, प्रबंधनों औरा हास्तांतराण केा र्शिवार्शिनोंयोमेंनों) अर्शिधर्शिनोंयोमें,१९६३ ( सन् १९६३ केा मेंहाराष्ट्र ४५ ) ( र्शिजसे इसमें आगे, " मेंोफ़ा" अर्शिधर्शिनोंयोमें केहा गेयोा हाै) केी धारा ११ (१) इस प्रवातिके पुरा योहा दार्शियोत्वा डाती हाै र्शिके, वाहा अपुनोंा स्वार्शिमेंत्वा पुूणि केरानोंे के र्शिए सभाी आवाश्योके केदमें उानोंे के औरा सहाकेाराी संस्था, केंपुनोंी योा फ्ैट ेनोंे वाे व्योस्ट्रिक्तयों के संघ केो भाूर्शिमें औरा भावानों में अपुनोंा अर्शिधकेारा, स्वार्शिमेंत्वा औरा र्शिहात हास्तांतरिरात केरानोंे तथा सहाकेाराी संस्था योा केंपुनोंी रार्शिजस्ट्रीकेृत हाै योा फ्ैट ेनोंेवाे संघ सम्य् केतयोा गेीत हाै, के र्शिदनोंांके से चारा मेंहाीनोंे केी र्शिवार्शिहात अवार्शिध के भाीतरा योा सहामेंत अवार्शिध के भाीतरा सभाी सुसंगेत दस्तावाेज र्शिनोंष्पुार्शिदत केरानोंा।
योर्शिद प्रवातिके ऐसे हास्तांतराण केो र्शिनोंष्पुार्शिदत केरानोंे में र्शिवाफ राहाता हाै, तो ऐसी सहाकेाराी संस्था, केंपुनोंी योा अपुाटटमेंट मेंार्शिकें के संघ के सदस्यो अपुनोंे पु में एकेतफाि मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण केो र्शिनोंष्पुार्शिदत केरानोंे के हाक़दारा हाै औरा उक्त धारा ११ केी, उपु-धारा(३) के अधीनों सुसंगेत दस्तऐवाजं के साथा समें प्रार्शिधकेाराी केो आवाेदनों द्वारा इसे रार्शिजस्ट्रीकेृत केरानोंा।
२. स्थावारा संपुदा (र्शिवार्शिनोंयोमेंनों औरा र्शिवाकेास) अर्शिधर्शिनोंयोमें, २०१६ ( सन् २०१६ केा १६ ) (र्शिजसे इसमें आगे," राेरा अर्शिधर्शिनोंयोमें" केहा गेयोा हाै) केी धारा १७ में योहा भाी उपुबंध हाै र्शिके, प्रवातिके स्थानोंीयो र्शिवार्शिध के अधीनों प्रदानों केी गेई स्वाीकेृत योजनोंाओं के अनोंुसारा र्शिवार्शिनोंर्शिदिष्ट अवार्शिध के भाीतरा योा र्शिकेसी स्थानोंीयो र्शिवार्शिध के अभावा में अर्शिधभाोगे प्रमेंाणपुत्र जाराी केरानोंे के र्शिदनोंांके से तीनों मेंहाीनोंे के भाीतरा आवांर्शिटर्शित औरा आवांर्शिटर्शितयों के संघ के पु में एके रार्शिजस्ट्रीकेृत हास्तांतराण र्शिवाेख र्शिनोंष्पुार्शिदत केराेगेा। मेंहाराष्ट्र स्थावारा संपुदा (र्शिवार्शिनोंयोमेंनों औरा र्शिवाकेास) (स्थावारा संपुदा पुरिरायोजनोंाओं केा रार्शिजस्ट्रीकेराण, स्थावारा संपुदा अर्शिभाकेताि केा रार्शिजस्ट्रीकेराण, व्योाज दरां औरा वाेबंसाईट पुरा प्रकेर्शिटकेराण ) र्शिनोंयोमें, २०१७ के र्शिनोंयोमें ९ के उपु-र्शिनोंयोमें (४) में योहा उपुबंध हाै र्शिके, सहाकेाराी संस्था, केंपुनोंी योा आवांर्शिटर्शितयों केा संघ भाी अपुनोंे पु में एकेतफाि हास्तांतराण र्शिनोंष्पुार्शिदत केरानोंे औरा इसे मांोफा अर्शिधर्शिनोंयोमें के उपुबंधं के अनोंुसारा उसके पु में र्शिनोंष्पुार्शिदत मेंानोंा गेयोा एकेतराफा हास्तांतराण रार्शिजस्ट्रीकेृत केरानोंे के हाक़दारा हांगे।
३. राेरा अर्शिधर्शिनोंयोमें केी धारा ८८ योहा स्पुष्ट केराती हाै र्शिके, राेरा अर्शिधर्शिनोंयोमें के तत्समेंयो प्रवाृत्त उपुबंध र्शिकेसी अन्यो र्शिवार्शिध के अर्शितरिराक्त हाै औरा उसकेा अस्ट्रिपुकेराण केरानोंे वाे नोंहां हां। मांोफा अर्शिधर्शिनोंयोमें, राेरा अर्शिधर्शिनोंयोमें औरा तद् धीनों बंनोंायोे गेयोे र्शिनोंयोमें में अंतर्शिवािष्ट उपुयोु िक्त र्शिनोंर्शिदिष्ट उपुबंधं केी दृस्ट्रिष्ट से तत्समेंयो प्रवाृत्त र्शिवाद्यमेंानों स्थानोंीयो र्शिवार्शिध के अनोंुसारा समें प्रार्शिधकेाराी, सहाकेाराी संस्था, केंपुनोंी योा फ्ैट योा अपुाटटमेंट मेंार्शिकें के संघ के पु में एकेतफाि मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण जाराी केरा राहाे हाै। संस्थाओं योा संघं केा पुनोंर्शिवािकेास के र्शिए भाूर्शिमें योा भावानों केा हास्तांतराण हाोनोंा आवाश्योके हाै। एकेतफाि मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण के उपुबंध बंडे पुैमेंानोंे पुरा जनोंता के सामेंार्शिजके केयोाण के र्शिए र्शिकेए हाै। राज्यो में बंहाुत साराी संस्थाएँ अभाी तके अस्ट्रिस्त्वा में हाै जहाँ प्रवातिके नोंे इस संबंध में र्शिवाद्यमेंानों उपुबंध हाोनोंे के बंावाजूद उनोंके पु में हास्तांतराण र्शिनोंष्पुार्शिदत नोंहां र्शिकेयोा हाै । पुूनोंर्शिवािकेास के र्शिए संस्थाओं योा आबंर्शिटर्शितयों के संघ केो भाूर्शिमें योा भावानों के हास्तातंराण केी जरुरात हाै ।
४. इसर्शिए, स्थावारा संपुदा पुरिरायोजनोंाओं पुरा रार्शिजस्ट्रीकेृत मांोफा अर्शिधर्शिनोंयोमें केी प्रयोज्योता में स्पुष्टता ानोंे औरा राेरा अर्शिधर्शिनोंयोमें के अधीनों रार्शिजस्ट्रीकेृत पुरिरायोजनोंाओं के संबंध में एकेतफाि मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण के र्शिए स्पुष्ट उपुबंध केरानोंे के र्शिए सराकेारा मांोफा अर्शिधर्शिनोंयोमें में योथाोर्शिचत संोधनों केरानोंा इष्टकेरा समेंझीती हाै। र्शिकेसी भाी अर्शिधसूचनोंा, आदे, नोंोटीस योा जाराी र्शिकेयोे गेयोे पुरिरापुत्र योा बंनोंायोे गेयोे र्शिनोंयोमें योा र्शिनोंष्पुार्शिदत औरामांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र असाधाराण भाग साता, विसंबंरा १२, २०२५/अग्रहायण २१, शोकाे १९४७ ५ रार्शिजस्ट्रीकेृत मेंानोंा गेयोा हास्तांतराण योा उसके र्शिए ुरू केी गेई र्शिकेसी भाी केायोिवाहाी केो र्शिवार्शिधमेंान्यो केरानोंे के र्शिए आवाश्योके र्शिवार्शिधमेंान्योकेराण उपुबंधं के र्शिए उपुबंध केरानोंे केा भाी प्रस्तावा हाै।
५. प्रस्तुत र्शिवाधेयोके केा आयो उपुयोु िक्त उद्दें केो प्राप्त केरानोंा हां।
नोंागेपुरा,
र्शिदनोंांर्शिकेत ११ र्शिदसंबंरा, २०२५।
एकानाथा विशोदे,
उप-मांुख्यमांत्री।
(आवास )
भागे सात-५७-२. एचबंी-२४८९–२.
६ मांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र असाधाराण भाग साता, विसंबंरा १२, २०२५/अग्रहायण २१, शोकाे १९४७प्रोत्यायोविजता विधान सबंधाी ज्ञापन ।
प्रस्तुत र्शिवाधेयोके में र्शिवाधायोीस्ट्रिक्त के प्रत्योायोजनों के र्शिए र्शिनोंम्नों प्रस्तावा अंतगेिस्त हां :—
खं ६. इस खंड के अर्शिधनों, राज्यो सराकेारा केो इस अर्शिधर्शिनोंयोमें के उपुबंधो केो प्रभावाी केरानोंे में उद्भाूत हाोनोंे वाी र्शिकेसी भाी केर्शिनोंाई केो दूरा केरानोंे के र्शिए राजपत्र में आदे जाराी केरानोंे केा अर्शिधकेारा र्शिदयोा गेयोा हां। २. र्शिवाधायोीस्ट्रिक्त के प्रत्योायोजनों के र्शिए उपुयोु िक्त प्रस्तावा सामेंान्यो स्वारूपु केा हाै।
(योथाथाि अनोंुवाद ), श्री. अरूण कामांळाबंाई ाळू विगताे, प्रभाराी भार्षा संचाके,
मेंहाराष्ट्र राज्यो।
विधान भान,
विजतांद्र भाोळे,
नोंागेपुरा,
सर्शिचवा-१,
र्शिदनोंांर्शिकेत : १२ र्शिदसंबंरा, २०२५। मेंहाराष्ट्र र्शिवाधानोंसभा।
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