RNI No. MAHBIL /2009/31730
मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र
असाधाराण भागा सात
षंष ११, अका ३१] शाविनारा, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ [पृष्ठे ३१, विकांमांत : रुपये ४७.००
असाधाराण क्रमांाका ५९
प्राविधाकाृत प्राकाशान
अध्यािेशा, विधाेयकाे अविधाविनयमां याचा विहािी अनुाि (िेनागाराी विपी)
मांहाराष्ट्र विधानमांळ सविचाय
महाराष्ट्र धिवाधानसुभा मं धिनांका १३ विसबरा, २०२५ ई. काो. पुरा:स्थाधिपत धिनम्न धिवाधाेयका महाराष्ट्र धिवाधानसुभा विनयमां ११७ काे अधाीन प्रकाधित धिकाया जाता हाै :—
L. A. BILL No. CIX OF 2025.
A BILL
TO CONSOLIDATE LAWS RELATING TO PRISONS, PRISONER'S AND CORRECTIONAL SERVICES IN THE STATE OF MAHARASHTRA AND TO PROVIDE FOR REGULATION THEREOF AND THE MATTERS CONNECTED THEREWITH OR INCIDENTAL THERETO.
विधानसभा का विधाेयका क्रमांाका १०९ सन् २०२५ ।
मांहाराष्ट्र राज्य मां कारागारां, बन्दियं औरा सुधारात्मांका सेाओं से सबविधात विविधायं का समांेकान
औरा उसकाे विविनयमांन काराने काे विए तथा तत्सबविधा या उससे आनुषंविगाका मांामां काे विए उपबधा
काराने सबविधा विधाेयका ।
(१)
क्यंविका महाराष्ट्र राज्य मं कारागारां, बन्दियं औरा सुधारात्मका सुेवाओं सुे सुंबंधिधात धिवाधिधायं का सुमेकान औरा उसुकाे धिवाधिनयमन काराने काे धिए तथा तत्सुंबंधिधा या उसुसुे आनुषंधिगाका मामं का उपबंधा काराना इष्टकारा हाै; अतः भारात गाणराज्य काे धिहात्तरावां वाषंष मं, एतद्द्वारा, धिनम्न अधिधाधिनयम अधिधाधिनयधिमत धिकाया जाता हाै :— भागा सुात-५९-१. एचबी-२५०७-१.
२ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७अध्याय एका
प्रारान्दिभाका
१. (१) यहा अधिधाधिनयम महाराष्ट्र कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं अधिधाधिनयम, २०२५ काहाए। सुंधिप्त नाम औरा प्राराम्भाण ।
(२) यहा ऐसुे धिनांका काो प्रवाृत्त हाोगा, धिजासुे राज्य सुराकारा राजपत्र मं अधिधासुूचना द्वारा धिनयत कारां । परिराभाषंाएँ | २. (१) इसु अधिधाधिनयम मं जाब तका काी सुंिभाष सुे, अयथा अपेधित न हाो,—
(का) "पश्चात् वाती िेखभा सुेवाएँ" का तात्पयष, रिराहा धिकाये गाये बिी काो एका कातषव्यधिनष्ठ नागारिराका काे रूप मं सुधारात्मका जाीवान व्यतीत काराने काे धिये ऐसुे बन्दियं का पुनवाषसुन काराने काे उद्देश्य सुे सुेवा या गाधितधिवाधिधा सुे हाै ;
(ख) "धिसुधिवा बिी" का तात्पयष, काोई बिी, जाो अधिभारा मं धिये गाये अपराधिधाका बिी नहां हाै ;
(गा) "सुंसुूचना उपकाराण" का तात्पयष, सुूचना प्रौद्योधिगाकाी अधिधाधिनयम, २००० काी धारा २ काी सुन् २००० का २१। उप-धारा (१) काे खण्ड (जाका) काे अधाीन यथा परिराभाधिषंत सुंसुूचना उपकाराण, सुे हाै ;
(घ) "िोषंधिसुद्ध बिी" का तात्पयष, एका व्यन्दित, जाो धिकासुी अपराधा मं िोषंी पाया गाया हाै औरा कारागारा मं सुजा काट राहा हाै ;
(ङ) "िन्दिण्डत बिी" का तात्पयष, धिजासुे सुम यायाय द्वारा िन्दिण्डत बिी औरा धिजासुकाी िया याधिचका अस्वाीकाृत काी गाई हाै, सुे हां;
(च) "सुधारात्मका सुेवा" का तात्पयष, ऐसुी काोई सुेवा या कायषक्रम धिजासुका उद्देश्य बिी काो सुधारा औरा पुनवाषसुन काराने सुे हाै औरा इसुमं बिी काे पयषवाेण, प्रधिण, धिनयंत्रण औरा अधिभारा सुे सुंबंधिधात सुेवाएँ सुन्दिम्मधित हाै ;
() "यायाय" मं धिवाधिधाका राीत्या धिसुधिवा, आपराधिधाका या राजास्वा अधिधाकारिराता ेत्र का प्रयोगा कारानेवा काोई अधिधाकाराी सुन्दिम्मधित हाै, सुे हाै ;
सुन् २०२३ का ४६। (जा) " आपराधिधाका बिी" का तात्पयष, काोई बिी जाो यायाय या सुेना यायाय काी सुजा काे अधाीन हाै औरा इसुमं वाहा व्यन्दित भारातीय नागारिराका सुरा सुंधिहाता, २०२३ काे अध्याय नौ काे उपबंधां काे अधाीन कारागारा मं बंि व्यन्दित ाधिम हाै;
(झ) "नजाराबि बिी" का तात्पयष, धिनवाराका राोकाथाम काे धिए उपबंधिधात धिकासुी धिवाधिधा काे अधाीन सुम प्राधिधाकाराण काे आिें परा कारागारा मं नजाराबि धिकासुी व्यन्दित सुे हाै ;
(ञ) (१) "महाधिनिेका" का तात्पयष, कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे महाधिनिेका, सुे हाै ;
(२) "धिवाेषं महाधिनराीका" का तात्पयष, कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे धिवाेषं महाधिनराीका, सुे हाै ;
(३) "उप-महाधिनराीका" का तात्पयष, कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे उप-महाधिनराीका, सुे हाै ;
(४) " अधाीका" का तात्पयष, कांधिय कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे अधाीका, सुे हाै ;
(५) "अपरा अधाीका" का तात्पयष, कांीय कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे अपरा अधाीका, सुे हाै ;
मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ ३(६) "उप-अधाीका" का तात्पयष, कांीय कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे उप अधाीका, सुे हाै ;
(७) "जाेरा" का तात्पयष कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे जाेरा सुे हाै ;
(८) "उप-जाेरा" का तात्पयष, कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे जाेरा सुे हाै ;
(९) "सुहायका जाेरा" का तात्पयष, कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे सुहायका जाेरा सुे हाै ;
(ट) "धिवािेी बिी" का तात्पयष, काोई बिी जाो भारात का नागाराीका नहां हां, सुे हाै ;
(ठ) "सुंधिचत ुट्टी" का तात्पयष, िोषंधिसुद्ध बिी काो, सुजा का धिवाधिहात अवाधिधा भाुगातने काे पश्चात् कारागारा मं अच्ा आचराण बनाए राखने काे पश्चात् प्रोत्सुाहान काे रूप मं धिकासुी िोषंधिसुद्ध बिी काो मंजाूरा काी गाई अल्प ुट्टी, सुे हाै;
(ड़) "आभ्याधिसुका अपराधाी" का तात्पयष, महाराष्ट्र आभ्याधिसुका अपराधाी अधिधाधिनयम काी धारा सुन् १९५९ का ४१।
२ काे खण्ड (ङ) काे अधाीन परिराभाधिषंत आभ्याधिसुका अपराधाी, सुे हाै;
(ढ़) "उच्च जाोधिखम काे बिी" का तात्पयष, धिहांसुा, भागाने, खुि काो चोट पहाु ँचाने या धिवाच्ृख व्यवाहारा, कारागारा मं अांतता फैाने औरा सुावाषजाधिनका व्यवास्था काो खतरा पहाु ँचाने काी प्रवाृत्ती हाोनेवाे बिी, सुे हाै औरा उसुमं सुंघधिठत अपराधा, नीे पिाथाष, मानवाी तस्काराी औरा आतंकावािी गाधितधिवाधिधायं मं धिप्त खतरानाका अपराधाी, आभ्याधिसुका अपराधाी, बन्दियं परा नकारात्मका प्रभावा डानेवाे बिी आधि, सुन्दिम्मधित हाै ;
(ण) "उच्च सुरा कारागारा" का तात्पयष, उच्च जाोधिखमवाे बन्दियं काो राखने काे धिये एका स्वातंत्र यायाय सुंकाु आधि काे प्रावाधान काे सुाथा गाधितधि औरा मजाबूत सुरा प्रणाी का एका स्वातंत्र आत्मधिनभाषरा कारागारा सुंकाु सुे हाै ;
(त) "इधितवाृत पत्रका" का तात्पयष, बन्दियं काे सुंबंधा मं, सुभाी सुसुंगात जानकाराी अतधिवाषष्ट प्रत्य या तो इेट्रॉधिनका काे अधिभाेख, सुे हाै ;
(था) कारागारा काे सुंबंधा मं "धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी" का तात्पयष, कारागारा काे धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी काे रूप मं प्रधितधिनयुत एका अहाषताप्राप्त सुराकाराी धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी सुे हाै ;
(ि) "धिचधिकात्सुा अधाीनस्था कामषचारिरावाृि" का तात्पयष, कारागारा मं धिनयुत फैामाषधिसुस्ट, नसुष, ैब तकानीयन आधि, काे रूप मं अहाषताप्राप्त धिचधिकात्सुा सुहायका सुे हाै ;
(धा) "कारागारा का प्रभाराी अधिधाकाराी" का तात्पयष, कारागारा काे प्रभाराी सुम प्राधिधाकाराी द्वारा धिनयुत अधिधाकाराी सुे हाै ;
(न) "पैराो" का तात्पयष, आपातकाीन न्दिस्थाधितयं मं उपन्दिस्थात राहाने काे धिये िोषंधिसुद्ध बिी काो उसुकाी सुजा राोकाकारा अल्प अवाधिधा काे धिये कारागारा सुे अस्थायी ोडने, जाैसुा धिका वाहा धिवाधिहात धिकाया जाये, सुे हाै ;
(प) "धिवाधिहात" का तात्पयष इसु अधिधाधिनयम काे अधाीन धिनयमं द्वारा धिवाधिहात सुे हाै ;
(फै) "कारागारा" का तात्पयष, बन्दियं काो धिहारासुत मं राखने तथा उहां सुधारात्मका सुेवाएँ िेने काे धिए राज्य सुराकारा काे सुामाय या धिवाेषं आिें काे अधाीन स्थायी या अस्थायी रूप सुे उपयोगा धिकाये जानेवाे काोई स्थान या भावान तथा इसुमं उसुसुे सुंबंधिधात सुभाी भाूधिम औरा भावान ाधिम हां, ेधिकान इसुमं, —
(एका) ऐसुे बन्दियं काो राखने का काोई स्थान जाो धिवाेषं रूप सुे पुधिसु काी अधिभारा मं हाै ;
(िो) भारातीय नागाराीका सुरा सुंधिहाता, २०२३ काी, धारा ४५७ काे अधाीन राज्य सुराकारा सुन् २०२३ का ४६।
द्वारा धिवाेषं रूप सुे धिनधिषष्ट काोई स्थान ; या
(तीन) ऐसुा काोई स्थान धिजासुे राज्य सुराकारा ने सुामाय या धिवाेषं आिे द्वारा पूराका जाे घोधिषंत धिकाया हाै;
४ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७(ब) "कारागारा ि" का तात्पयष, इसु अधिधाधिनयम काी धारा ५ मं धिवाधिनधिषष्ट कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाएं ि, सुे हाै ;
(भा) "बिी" का तात्पयष, धिकासुी यायाय या सुम प्राधिधाकाराण काी राीट याधिचका, वारांट या आिे काे अधाीन कारागारा काी अधिभारा मं सुंपा गाया व्यन्दित, इसुमं आपराधिधाका बिी, धिसुधिवा बिी, अधिभायोगाधाीन बिी, यायाय द्वारा या काोटट माष, काे आिे द्वारा, सुम प्राधिधाकाराण काे आिें काे अधाीन कारागारा काे धिहारासुत मं भाेजा गाया बिी ाधिम हां ;
(ब) "प्रधितबंधिधात वास्तु" का तात्पयष, ऐसुी वास्तु सुे हाै, धिजासुका कारागारा मं प्रवाे या बाहारा धिनकाना इसु अधिधाधिनयम काे अधाीन बनाए गाए धिकासुी धिनयम द्वारा प्रधितधिषंद्ध हाै ;
(य) "िण्ड-पुन्दिस्तका" का तात्पयष, एका राधिजास्टरा सुे हाै, धिजासुमं उद्ग्रहाीत प्रत्येका िण्ड काे सुंबंधा मं, बिी, का नाम, बिी काी पहाचान सुंख्या तथा वाहा धिजासु प्रवागाष सुे हाै उसु प्रवागाष (चाहाे आभ्याधिसुका हाो या नहां हाो), धिजासु कारागारा अपराधा का वाहा िोषंी था, वाहा धिनांका, धिजासु धिन कारागारा अपराधा धिकाये गाये बिी द्वारा धिकाए गाए ऐसुे धिपे कारागारा अपराधा धिकाए जाने का धिनांका, तथा उद्ग्रहाीत िण्ड का धिनांका, अवाधिधा तथा उसुका प्रकारा अधिभाेख मं अतधिवाषष्ट हाै ;
(काका) " पुनरावाती अपराधाी" का तात्पयष, धिकासुी ऐसुे बिी सुे हाै धिजासुे धिकासुी अपराधा काे धिए एका सुे अधिधाका बारा िोषंधिसुद्ध धिकाया गाया हाै ;
(काख) "ूट" का तात्पयष सुम प्राधिधाकाराी द्वारा धिकासुी पात्र िोषंधिसुद्ध बिी काो जाैसुा काी धिवाधिहात धिकाया जा सुकाे, मंजाूरा काी रिरायायत सुे हाै, धिजासुकाे फैस्वारूप बिी काी دसुजा काम हाो सुकाेगाी ;
(कागा) "धिनयमं" का तात्पयष, इसु अधिधाधिनयम काे अधाीन बनाए गाए धिनयमं सुे हाै ;
(काघ) "राज्य सुराकारा" या "सुराकारा" का तात्पयष महाराष्ट्र सुराकारा सुे हाै;
(काङ) " अधिभायोगाधाीन बिी" का तात्पयष, ऐसुा व्यन्दित जाो िोषंधिसुद्ध नहां हाै औरा पुधिसु द्वारा जाँच प्रंधिबत हाै या सुम अधिधाकारिराता काे यायाय द्वारा धिवाचाराण याधियका अधिभारा मं हाै, ऐसुे व्यन्दित सुे हाै ;
(काच) "युवा अपराधाी" का तात्पयष, ऐसुा बिी धिजासुने अठाराहा वाषंष काी आयु पुराी कारा ी हाै औरा इन्दिकासु वाषं काी आयु पूराी नहां काी हाै ।
सुन् २०२३ का ४५। (२) इसु अधिधाधिनयम मं उपयोगा धिकाये गाए धिकातु परिराभाधिषंत न धिकाये गाए ब्िं औरा अधिभाव्यन्दितयं का तात्पयष सुूचना प्रौद्योधिगाकाी अधिधाधिनयम, २०००, भारातीय याय सुंधिहाता, २०२३ औरा भारातीय नागारिराका सुरा सुंधिहाता, २०२३ क्रमः उत अधिधाधिनयम औरा सुंधिहाता मं सुमनुिेधित अथाष सुे हाोगा।
सुन् २०२३ का ४६।
सुन् २००० का २१।
अध्याय िो
कारागारा औरा उसकाे प्रागाष
कारागारा। ३. (१) राज्य सुराकारा, बन्दियं काो राखने काे धिए पयाषप्त सुंख्या मं कारागारा उपब्धा काराएगाी । (२) कारागारा मं बन्दियं काो सुराधित अधिभारा मं राखेगाी ।
(३) कारागारा मं बन्दियं काो सुरा औरा सुंराण काे धिए यथाोधिचत उपाय काराेगाी ।
(४) कारागारा मं इसु अधिधाधिनयम काे उपबंधां औरा तद्धीन बनाए गाए धिनयमं काे अनुसुराण मं अनुासुन औरा िैधिनका धिनचयाष बनाए राखेगाी ।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ ५ (५) कारागारा मं बन्दियं काो भाोजान, वास्त्र, आवासु, अय आवाश्यकाताओं तथा धिचधिकात्सुा उपचारा तथा अय सुधिवाधाएँ जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए, िी जायेगाी।
(६) बन्दियं काो धिवाधिधा का पान कारानेवाे नागारिराकां काे रूप मं सुमाजा मं पुनवाषधिसुत काराने काे उद्देश्य सुे सुधारात्मका सुेवाएँ तथा पश्चात् वाती िेखभा सुेवाएँ िी जायेगाी ।
कारागारा काे प्रवागाष | ४. (१) राज्य सुराकारा धिनम्नधिधिखत कारागारा प्रवागां काी स्थापना काराने का प्रयासु काराेगाी, अथाषत् :—
(का) कांद्रीय कारागारा :—८०० सुे औरा अधिधाका बन्दियं काी मता राखनेवा कारागारा ;
(ख) विजा कारागारा गाष-एका :—३०० सुे ७९९ मता राखने वा कारागारा ;
(गा) विजा कारागारा गाष-िो :—१५१ सुे २९९ बन्दियं काी मता राखने वा कारागारा ;
(घ) विजा कारागारा गाष-तीन :—५१ सुे १५० बन्दियं काी मता राखने वा कारागारा ;
(ङ) विशाेषं कारागारा.—जाहाँ बन्दियं काो अनुासुनात्मका आधारा परा स्थानांतरिरात धिकाया जाता हाै औरा वाे ुट औरा फैराो ुट्टी जाैसुे काु धिवाेषंाधिधाकारां काे धिए अपात्र हाोते हां वाहाँ राज्य सुराकारा काे आिे द्वारा धिवाेषं कारागारा काे रूप मं पिाधिभाधिहात धिजा कारागारा ;
(च) खुा कारागारा :—बन्दियं काो मुत काराने काे पश्चात् उनका पुनवाषसु सुरा हाोने काे धिए धिनयधिमत कारागारा काे बाहारा अधिधाका स्वातंत्रता िेने काे धिए धिनयमं द्वारा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी तं परा पात्र बन्दियं काो कारागारा मं राखने का कारागारा ;
() मांविहा कारागारा.—काेवा मधिहा बन्दियं काो कारागारा मं राखने काे धिए धिवाेषं कारागारा ;
(जा) अस्थायी कारागारा.—आपातकाीन या महामाराी या कारागारा मं भाीड़भाड़ काी न्दिस्थाधित मं धिवाधिनधिषष्ट अवाधिधा काे धिए बन्दियं काो काैि मं राखने काे धिए, सुराकारा या सुराकारा द्वारा प्राधिधाकाृत धिकाया जाये ऐसुे प्राधिधाकाराण द्वारा बन्दियं काे अस्थायी कारागारा काे रूप मं घोधिषंत काोई स्थान या भावान ;
(झ) खुी काोनी.—पात्र बन्दियं काो काैि मं राखने काे धिए एका स्थान, जाहाँ उहां अपने परिरावारां काे सुाथा राहाने का धिवाकाल्प हाो, जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी तं परा, उहां अधिधाका स्वातंत्रता िेने ;
(त्र) बोस्ट सस्था.—युवा अपराधिधायं काो काैि मं राखने काे धिए स्थान ।
(२) सुराकारा, उप-धारा (१) मं उन्दिल्धिखत धिकासुी भाी प्रवागाष काे कारागारा काी सुंख्या तथा वाहा स्थान धिजासुे स्थाधिपत काराने का धिनधाषराण कारा सुकाेगाी ।
(३) प्रत्येका कांीय कारागारा तथा धिजा कारागारा मं उच्च जाोधिखम वाे बन्दियं, आभ्याधिसुका अपराधिधायं तथा बारा-बारा अपराधा कारानेवाे बन्दियं काो राखने काे धिए अगा वाडट या काोठरिरायाँ हांगाी, ताधिका अय बन्दियं काो अगा राखा जा सुकाे तथा उनकाी सुरा सुधिनन्दिश्चत काी जा सुकाे ।
(४) सुभाी कांीय या धिजा कारागारा मं उच्च जाोधिखम वाे बन्दियं काे वाडट काे धिए सुमुधिचत औरा उनत सुरा आधाराभाूत सुंराचना तथा व्यवास्था बनाई जायेगाी । ऐसुे कारागारा यायाय सुनवाई काराने या याधियका जाँच धारिरात काराने काे धिए स्वातंत्र यायाय सुंकाु काे धिए भाी सुमुधिचत उपबंधा धिकाए जा सुकांगाे ।६ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७
अध्याय तीन
कारागारां औरा सुधारात्मांका सेाओं काे सगाठेन
५. (१) महाराष्ट्र राज्य काे धिए कारागारा ि धिनम्न सुे धिमकारा बनेगा :—
कारागारा ि का गाठन।
(का) कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे महाधिनिेका ;
(ख) कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे धिवाेषं महाधिनिेका ;
(गा) कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे उप-महाधिनराीका ;
(घ) कांीय कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे अधाीका ;
(ङ) कांीय कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे अपरा अधाीका या धिजा कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे अधाीका वागाष एका ;
(च) कांीय कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे उप-अधाीका या धिजा कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे अधाीका वागाष-िो ;
() धिजा कारागारा काे जाेरा या अधाीका वागाष-तीन ;
(जा) उप जाेरा, सुहायका जाेरा ;
(झ) सुभाेिारा, हाेड कांस्टेब, कांस्टेब ;
(ञ) जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे अय अधिधाकाराी ।
(२) कारागारा ि काो, इसु अधिधाधिनयम औरा धिनयमं मं जाैसुा धिका धिवाधिनधिषष्ट धिकाया जाए ऐसुी न्दितयाँ हाोगाी, ऐसुे काृत्यं का अनुपान तथा ऐसुे कातषव्यं का धिनवाषहान कारांगाे ।
(३) कारागारा ि काे प्रत्येका सुिस्य काो, उनकाे कातषव्यं का धिनवाषहान काराने काे धिए, जाैसुा धिका आवाश्यका हाो, आबंधिटत धिकाए गाए हाधिथायारां का उपयोगा काराने काे अधिधाकारा हांगाे ।
(४) कारागारा ि काी सुेवाधिनवाृधित्त, वाेतन, भात्ते औरा सुेवा काी सुभाी अय तं, जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए, ऐसुी हांगाी।
६. (१) कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे अधाीका राज्य सुराकारा काे गाृहा धिवाभागा मं धिनधिहात हांगाे।
कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे अधाीका |
(२) महाधिनिेका, राज्य सुराकारा काे आिें काे अध्यधाीन कारागारा काे सुामाय धिनयंत्रण औरा अधाीण काराेगा।
(३) सुराकारा, एका या अधिधाका धिवाेषं महाधिनिेका औरा उप-महाधिनिेकां काी धिनयुन्दित कारा सुकाेगाी। (४) सुराकारा यहा धिनिेधित कारा सुकाेगाी धिका, इसु अधिधाधिनयम काे अधाीन या तत्सुमय प्रवाृत्त धिकासुी अय धिवाधिधा काे अधाीन महाधिनिेका काे अधिधाकारां, काृत्यं, कातषव्यं औरा िाधियत्वां मं सुे राज्य मं न्दिस्थात सुभाी कारागारा काे बाराे मं धिवाेषं महाधिनराीका द्वारा प्रयोगा, अनुपान या, यथान्दिस्थाधित, धिनवाषहान कारा सुकाे ।
(५) महाधिनिेका यहा धिनिेधित कारा सुकाेगा धिका, इसु अधिधाधिनयम या तत्सुमय प्रवाृत धिकासुी धिवाधिधा काे अधाीन उसुकाी न्दितयं, काृत्यं, कातषव्यं औरा िाधियत्वां तथा प्राधिधाकारा मं सुे उसुकाी अधिधाकारिराता काे अधाीन प्रिें मं न्दिस्थात सुभाी कारागारां काे सुंबंधा मं उप-महाधिनराीका द्वारा प्रयोगा, अनुपान या, यथान्दिस्थाधित, धिनवाषहान कारा सुकाे।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ ७ (६) प्रत्येका कांीय कारागारा काे धिए, अधाीका, अपरा अधाीका औरा कारागारा उप-अधाीका हांगाे। (७) अधाीका, यहा कारागारा का प्रभाराी हाोगा औरा सुभाी अय अधिधाकाराी औरा कामषचाराीवाृ ंि उनकाे अधाीनस्त हांगाे तथा उनकाे आिें, अनुिें औरा धिनिेनं का पान कारांगाे।
(८) कारागारा अपरा अधाीका औरा उप-अधाीका, कारागारा उप महाधिनराीका काे सुामाय या धिवाेषं आिें काे अध्यधाीन, इसु अधिधाधिनयम काे अधाीन उपबंधिधात अधाीका काी सुभाी या धिकाहाी न्दितयं, कातषव्यं औरा काृत्यं काो यधि प्रत्यायोधिजात धिकाया हाै तो वाहा कायाषवायन औरा धिनवाषहान काराेगा।
(९) (का) कांीय कारागारा काे धिए अधाीका काे श्रेणी का एका प्रभाराी अधिधाकाराी हाोगा।
(ख) धिजा कारागारा (वागाष एका) काे धिए अपरा अधाीका काी ेणी का एका प्रभाराी अधिधाकाराी हाोगा। (गा) धिजा कारागारा (वागाष िो) काे धिए उप अधाीका काी श्रेणी का एका प्रभाराी अधिधाकाराी हाोगा।
(घ) धिजा कारागारा (वागाष तीन) काे धिए जाेरा काी श्रेणी का एका प्रभाराी अधिधाकाराी हाोगा । (१०) प्रत्येका कारागारा मं अनुसुधिचवाीय, तकाधिनकाी औरा अध्यापन कामषचारिरावाृ ंि हाोगा ।
अय काधिमषका | ७. राज्य सुराकारा, कारागारा काे उधिचत प्रासुन काे धिए धिजासुे वाहा आवाश्यका सुमझे, ऐसुे अय काधिमषका काी धिनयधिमत आधारा या प्रधितधिनयुन्दित या सुंधिवािा काे आधारा परा धिनयुन्दित कारा सुकाेगाी।
धिसुद्धिोषं सुवाेका| ८. बिी धिसुद्धिोषं सुवाेका काे रूप मं धिनयुत धिकाये गाए हाै वाहा भारातीय याय सुंधिहाता, २०२३ काी सुन् २०२३ का ४५ |
धारा २ काो खण्ड २८ काे अथाषतगाषत ोका सुेवाका सुमझे जायंगाे ।
अध्याय चारा
कारागारा काे अविधाकाराी औरा कामांषचारिराृ
ि काे काृत्य, कातषव्य औरा शान्दिक्तया
कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी काे काृत्य औरा कातषव्य । ९. (१) इसु अधिधाधिनयम काे उपबंधां काे अध्यधाीन औरा महाधिनिेकां काे धिनयमं, आिें औरा धिनिेनं काे अध्यधाीन कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी उनकाे अधाीनस्था अधिधाकारिरायं औरा कामषचारिरावाृ ंि काी मि औरा सुहायता सुे, बन्दियं का प्रवाे, बन्दियं काी सुरा, सुधारात्मका कायषक्रम, कारागारा काे अंिरा काे अभ्यागातं काो अनुमधित िेने, बन्दियं का व्यय, अनुासुन, ान्दिस्त औरा धिनयंत्रण सुमेत सुभाी मामं मं कारागारा का प्रबंधान काराेगा तथा बन्दियं काी रिराहाई काराेगा।
(२) कारागारा का प्रभाराी अधिधाकाराी कारागारा काे प्रबंधान काे सुभाी पहाूओं अनुासुन, श्रेम व्यय, कारागारा काे उधिचत राखराखावा औरा सुभाी उपकाराणं औरा यंत्रणाओं, िण्ड औरा धिनयंत्रण सुे सुंबंधिधात सुभाी मामं काे धिए धिजाम्मेवारा हाोगा औरा उच्चतरा प्राधिधाकारिरायं काे आिें काे अनुसुारा कायष काराेगा।
(३) कारागारा का प्रभाराी अधिधाकाराी सुभाी िस्तावाेजां या अपने िेखभा मं इेट्रॉधिनका रूप मं अधिभाेख सुमेत अधिभाेखं काी सुराधित अधिभारा काे धिए धिजाम्मेवारा हाोगा, तथा कारागारा सुे धिनकाे गाए धान औरा अय वास्तुओं काे धिए ऐसुे अय कातषव्यं का पान काराेगा तथा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे अय कायं का धिनवाषहान काराेगा |
(४) कारागारा का प्रभाराी अधिधाकाराी अधिधाधिनयम काे अधाीन या जाो बन्दियं काे धिवाधिनयमन, कारागारा अनुासुन बनाए राखने औरा उच्च सुरा वाडोसुमेत कारागारा काे उधिचत प्रबंधान काे धिए जाैसुा धिका धिवाधिहात काी जाए, उसुे सुंपी गायी ऐसुी न्दितयं का प्रयोगा औरा अनुपान काराेगा।
(५) कारागारा का प्रभाराी अधिधाकाराी कारागारा काे परिरासुरा का धिन-प्रधितधिन काे राखराखावा औरा गाृहा व्यवास्था काे धिए धिनयमं काे अनुसुराण मं कारागारा काी सुेवाओं का उपयोगा कारा सुकाेगा।
(६) कारागारा का प्रभाराी अधिधाकाराी, धिनम्न अधिभाेखं काो बनाए राखेगा या बनाए राखने का काराण बनेगा :—
(का) बन्दियं काे प्रवाे का राधिजास्टरा;
८ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७(ख) प्रत्येका बिी काी काब रिराहाई हाोनेवाी हाै यहा उल्ेख कारानेवाी धिकाताब ;
(गा) कारागारा अपराधां काे धिए बन्दियं परा अधिधाराोधिपत ान्दिस्त काी प्रधिवान्दिष्ट काे धिए ान्दिस्त धिकाताब ;
(घ) कारागारा काे प्रासुन सुे सुंबंधिधात धिकाहाी मामं काे सुंबंधा मं अभ्यागातं द्वारा धिकाए धिकाहाी आेपं काी प्रधिवाष्ट काे धिए अभ्यागात धिकाताब ;
(ङ) कारागारा मं प्रवाे ेते सुमय बन्दियं सुे जामा काी गाई राधि औरा अय वास्तुओं का अधिभाेख ;
(च) जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए काोई अय अधिभाेख |
१०. (१) प्रत्येका कारागारा काे धिए एका धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी हाोगा।
कारागारा काे धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी औरा उनकाे कातषव्य ।
(२) धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी, बन्दियं काे इाजा काे धिए आवाश्यका उपायं काो अपनाएगा औरा कारागारा काे स्वाच्ता सुंबंधाी प्रासुन काे धिए धिजाम्मेवारा हाोगा औरा अधाीका काे धिनयंत्रण काे अध्यधाीन, जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे अय कातषव्यं का अनुपान काराेगा।
(३) यधि धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी का पि रिरात हाै, तो धिनवासुी धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी या सुराकाराी अस्पता काे प्रभाराी धिचधिकात्सुका द्वारा पिाधिभाधिहात काोई अय धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी कारागारा काे धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी काे रूप मं कायष काराेगा, जाो धिका काम सुे काम पखवाड़े मं एका बारा कांधिय या धिजा कारागारा का िौरा काराेगा। ऐसुा धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी बन्दियं काे उपचारा काे धिए आवाश्यका उपाय काराेगा जाब भाी उसुे कारागारा काे धिकासुी अधिधाकाराी या कामषचारिरावाृि द्वारा बन्दियं काी धिकासुी बीमाराी काे बाराे मं सुूधिचत धिकाया जाता हाै। काधितपय मामो मं धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी काे रिरापोटट िेना।
११. (१) जाब काभाी धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी काो यहा धिवाश्वासु हाो धिका काैिी काे मन परा उसुकाे अनुासुन या उपचारा काे काराण प्रधितकाू प्रभावा पड़ा हाै या पड़ने काी सुंभावाना हाै, तो धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी मामे काी धिधिखत रिरापोटट अधाीका काो िेगा, सुाथा हाी ऐसुी धिटप्पधिणयां भाी िेगा जाो उसुे उधिचत सुमझे। (२) उसुपरा अधाीका काे आिें काी रिरापोटट तुरांत सुूचना काे धिए उप महाधिनराीका काो भाेजाी जायेगाी। बिी काी मृत्यु परा रिरापोटट।
१२. (१) धिकासुी बिी काी मृत्यू हाोने परा धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी यथा धिवाधिनधिषष्ट धिनम्न मामे काी सुभाी सुंबंधिधात धिवावाराण औरा धिवाधिन्दिष्टयं काो तुरांत अधिभाधिखत काराेगा, औरा कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी काो रिरापोटट भाेजाेगा,—
(का) वाहा धिन धिजासु मृतका व्यन्दितने पहाी बारा बीमाराी काी धिकायत काी गायी थाी या बीमारा पाया था ;
(ख) वाहा श्रेम, यधि काोई हाो, धिजासुमं वाहा उसु धिन गा हाुआ था ;
(गा) उसु धिन उसुकाे आहारा का अनुमाप;
(घ) धिजासु धिन उसुे अस्पता मं भाती काराया गाया था;
(ङ) धिजासु धिन धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी काो बीमाराी काे बाराे मं पहाी बारा सुूधिचत धिकाया गाया था ;
(च) बीमाराी काी स्वारूप ;
() मृतका काो उसुकाी मृत्यु सुे पहाे धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी या धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी काे अधिधानस्था द्वारा अंधितम बारा काब िेखा गाया था, वाहा धिन ;
(जा) बिी काे मृत्यू का धिनांका औरा सुमय , औरा
(झ) जाहाँ वा पराीा हाो गायी हाै उन मामं मं धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी द्वारा सुूधिचत धिकाहाी अय ब्योरां काे सुाथा मृत्यु काे पश्चात् का ब्यौरा।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ ९ (२) कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी तत्का कारागारा काे सुंबंधिधात उप-महाधिनराीका औरा महाधिनिेका काो बिी काे मृत्यु काे बाराे मं सुूधिचत काराेगा। वाहा राष्ट्रीय मानवा अधिधाकारा आयोगा औरा सुराकारा काे सुामाय या धिवाेषं आिें मं जाैसुा धिका धिवाधिनधिषष्ट धिकाया जाए ऐसुे अय प्राधिधाकाराणं काो भाी सुूधिचत काराेगा।
१३. जाेरा, उप जाेरा या सुहायका जाेरा, अधाीका काे धिनयंत्रण औरा पयषवाेण काे अध्यधाीन,—
(का) बन्दियं का प्रभाराी तथा अधिभाराका हाोगा औरा बन्दियं काो सुम्पधित्त काी अधिभारा काराेगा ;
जाेरा, उप जाेरा, सुहायका जाेरा काे कातषव्य | (ख) कारागारा मं बिी काी मृत्यु हाोने परा वाहा परिरान्दिस्थाधित धिजासुकाे अधाीन बिी काी मृत्यू हाुई, का सुंधिप्त मं बताते हाुए अधाीका औरा धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी काो तत्का ऐसुे मृत्यू काी रिरापोटट िेगा ;
(गा) बन्दियं द्वारा धिनेधिपत राधि औरा अय वास्तुओं काी सुराधित अधिभारा काे धिए धिजाम्मेवारा हाोगा ;
(घ) जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया धिकाया जाए ऐसुे अय कातषव्यं का अनुपान काराेगा औरा ऐसुे अय काृत्यं का धिनवाषहान काराेगा।
प्रवाेद्वारा अधिधाकाराी का कातषव्य । १४. प्रवाे अधिधाकाराी काे रूप मं अधाीका द्वारा पिाधिभाधिहात कारागारा काे कामषचारिरावाृि या अधिधाकाराी कारागारा काे अंिरा या बाहारा काे सुभाी कायाषवायन का पराीण काराेगा; औरा कारागारा मं या काे बाहारा काोई प्रधितषंेधिधात वास्तुएँ ाने का सुंिेहा हाोनवाे व्यन्दित तथा कारागारा सुे सुंबंधिधात काोई सुम्पधित्त वाहान कारानेवाे सुंधिग्धा धिकासुी व्यन्दित काो राोका सुकाेगा औरा काी जाँच कारा सुकाेगा तथा जाँच का काराण बनेगा औरा यधि काोई ऐसुी वास्तु या सुम्पधित्त पाई जाती हाै तो तत्का उसुकाी सुूचना जाेरा काो िेगा |
१५. (१) कारागारा काे महाधिनिेका, धिवाेषं महाधिनराीका या उप-महाधिनराीका, जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए, धिकासुी कािाचारा काे धिए, धिकासुी अधिधाकाराी या कामषचाराी जाो श्रेणी मं उनसुे अधिधानस्था हाै, काे धिवारुद्ध ऐसुी अनुासुधिनका कायषवाहाी कारा सुकाेगा।
धिकासुी अधिधानस्था अधिधाकाराी या कामषचाराी काे धिवारुद्ध अनुासुनात्मका कायषवाहाी । (२) इसु अधिधाधिनयम काे अधाीन बनाए गाए धिनयमं काे अधाीन उपबंधिधात ान्दिस्त महाराष्ट्र धिसुधिवा सुेवाएँ (अनुासुन औरा अपी) धिनयम, १९७९ मं उन धिवाधिहातं काे अधितरिरात हांगाी।
१६. कारागारा काे सुभाी अधिधाकाराी औरा कामषचाराी कातषव्य परा हाै ऐसुा हामेा सुमझा जायेगा औरा कारागारा काे धिकासुी धिहास्सुे मं या महाराष्ट्र राज्य काे भाीतरा धिकासुी अय स्थान परा तैनाती धिका धिए उपब्धा राहांगाे।
अधिधाकाराी औरा कामषचाराी हामेा कातषव्य परा हाै ऐसुा सुमझा जायेगा।
अध्याय पाचा
कारागारा काे अविधाकारिरायं औरा कामांषचारिरायं का सामांाय आचाराण
सुेवा धिनयम । १७. कारागारा काे सुभाी अधिधाकाराी औरा कामषचाराी, महाराष्ट्र धिसुधिवा सुेवाएं (आचराण) धिनयम, १९७९, महाराष्ट्र धिसुधिवा सुेवाएं (अनुासुन औरा अपी) धिनयम, १९७९ औरा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए, काोई अय धिनयमं द्वारा ाधिसुत हांगाे।
१८. कारागारा काे अधिधाकाराी औरा कामषचाराी औरा उनकाे रिराश्तेिारा बन्दियं काे सुाथा काोई काराोबारिराका काराोबारा ेन-िेन का प्रधितषंेधा । ेन-िेन नहां कारांगाे औरा कारागारा अनुबंधां मं प्रत्य या अप्रत्य रुप सुे काोई रुधिच नहां ंगाे।
१९. कारागारा काे अधिधाकाराी औरा कामषचाराी तथा उनकाे रिराश्तेिारा, बिी या बन्दियं काे रिराश्तेिारां या भांट स्वाीकाृधित का प्रधितषंेधा | उनकाे धिमत्रं सुे काोई भाेट स्वाीकारा नहां कारांगाे।
सुंघ बनाने का प्रधितषंेधा । २०. कारागारा काे अधिधाकाराी औरा कामषचाराी काोई सुंघ या सुंघठन मं ाधिम नहां हांगाे, या काोई गाधितधिवाधिधा, जाो कारागारा काी सुरा, अनुासुन ओरा सुूचारू कामकाजा काो हाधिनकाराका हाै, हाथा मं नहां ंगाे। २१. कारागारा काे अधिधाकाराी औरा कामषचाराी यधि उपब्धा हाै, कारागारा काे धिनवासुस्थानं मं राहांगाे कारागारा काे धिनवासुस्थानं मं राहाना । अयथा अधाीका काी धिधिखत अनुमधित सुे काहां अय स्थान परा राहांगाे । भागा सुात-५९-२. एचबी-२५०७-२.
१० मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७अनधिधाकाृत गाैराहाधिजाराी न हाो ।
२२. कारागारा का काोई कामषचाराी अधाीका सुे अनुमधित प्राप्त धिकाए धिबना रात काे िौरान कारागारा धिनवासुस्थानं सुे अनुपन्दिस्थात नहां राहाेगा औरा यधि कारागारा कामषचाराी काई अपरिराहायष आवाश्यकाता काे काराण, धिबना अनुमधित प्राप्त धिकाए कारागारा धिनवासुस्थानं सुे अनुपन्दिस्थात राहाता हाै, तो वाहा अधाीका काो तत्का उसुकाे काराणं काी रिरापोटट िेगा।
२३. कारागारा काे सुभाी अधिधाकाराी औरा कामषचाराी उनकाे उच्चतरा प्राधिधाकारिरायं काे धिवाधिधा आिें औरा धिवाधिधा आिें का आज्ञापान ।
धिनिेनं का आज्ञापान कारांगाे।
अध्याय छहा
काल्याण विनविधा ।
काल्याण धिनधिधा । २४. (१) सुराकारा, राज्य मं कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे सुभाी अधिधाकारिरायं औरा कामषचारिरायं काे काल्याण काे धिए एका काल्याण धिनधिधा गाधिठत काराेगाी औरा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे प्रयोजानं काे धिए उसुका उपयोगा कारा सुकाेगाी।
(२) काल्याण धिनधिधा मं, धिनम्न राधि धिनेधिपत काी जायेगाी, अथाषत् .—
(का) राज्य सुराकारा द्वारा धिया गाया काोई अनुिान ;
(ख) कारागारा काे सुभाी अधिधाकाराी औरा कामषचाराी सुे प्राप्त माधिसुका अंिान ;
(गा) काोई व्यन्दित या सुंघटन सुे प्राप्त उत्तरािान, िान, धिवायासु या अय अनुिान ;
(घ) धिनधिधा काी ेषं राकाम काे धिनवाेन सुे उपगात ब्याजा ;
(ङ) जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए काोई अय राकाम।
अध्याय सात
कारागारां का विनराीक्षण |
२५. महाधिनिेका यहा सुधिनन्दिश्चत काराेगा धिका, सुभाी कारागारां का धिनराीण उधिचत श्रेणी काे अधिधाकाराी कारागारां का धिनराीण |
द्वारा जाैसुा काी धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे अंतरा परा धिकाया जाएगा।
२६. (१) प्रत्येका कारागारा मं एका अभ्यागात बोडट हाोगा, धिजासुकाे अध्य धिजाधिधाकाराी औरा धिजा अभ्यागातं का बोडट ।
मधिजास्ट्रेट हांगाे तथा अय सुिस्य धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी सुंख्या मं हांगाे।
(२) बोडट इसु अधिधाधिनयम तथा तद्धीन बनाए गाए धिनयमं काे उपबंधां का अनुपान सुधिनन्दिश्चत काराने काे धिए प्रत्येका तीन महाीने मं एका बारा कारागारां का धिनराीण काराेगा ।
(३) प्रत्येका धिनराीण काे पश्चात् बोडट काे धिनिें औरा सुझावां सुधिहात एका रिरापोटट सुंबंधिधात उप- महाधिनराीका या महाधिनिेका काो भाेजाी जाएगाी।
अध्याय आठे
कारागारा ास्तुका औरा आास |
कारागारा वास्तुका।
२७. (१) कारागारा काी वास्तुका औरा धिडझाइन, तपृष्ठ, परिरासुरा वायु सुंचारा, जाे का एकात्म कामरा, बैराका, ौचाय, स्नानगाृहा, रासुोईघरा, कायषस्था, अस्पता आधि, जाैसुा काी धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे मानकां औरा अपेाओं काे अनुरूप हांगाे।
(२) प्रत्येका कारागारा काे धिए सुरा मानका जाैसुा काी धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे हांगाे ।
(३) कारागारा काी धिवाधिभान श्रेधिणयं काे बन्दियं काे पृथाकाराण औरा अगा आवासु काी सुधिवाधा िेने काे धिये औरा बन्दियं काी धिवाेषं आवाश्यकाताओं काो पूरा काराने काे धिये धिडझाइन धिकाया जा सुकाेगा जाैसुा धिका मधिहाएँ, ट्रासुजाेडरा, धिवाकांगा व्यन्दितयं या सुंक्रामका राोगा, मानधिसुका बीमाराी या मािका व्यं काे सुेवान सुे पीधिडत व्यन्दित, वाृद्ध या अत बिी, धिवाचाराधाीन बिी, िोषंी बिी, उच्च सुरा बिी, आद्योतन अपराधाी, पुनरावाती बिी, युवा अपराधाी, धिसुधिवा बिी, बिी धिगाराोहा काे सुिस्य हाै आधि, जाैसुा काी धिवाधिहात धिकाया जाए।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ ११ (४) कारागारा काे ने मं कारागारा काे अधिधाकारिरायं औरा कामषचारिरायं काे काृत्यकाराी आवाश्यकातं काे अनुसुारा सुख सुधिवाधाओं औरा अय सुधिवाधाएं ाधिम काी जा सुकाेगाी।
(५) सुराकारा सुंधिनमाषण काो धिवाधिनयधिमत काराने तथा धिवाधिभान श्रेधिणयं काे कारागारां काी परिराधिधा धिवारां सुे ऐसुी िूराी काे भाीतरा बफैरा जाोन बनाने काे धिए धिनयम बनाएगाी, जाो उसुमं धिवाधिहात धिकाया जा सुकाे।
२८. (१) सुराकारा खुा कारागारा औरा खुी बस्ती मं ऐसुी सुवाधाएं या रिरायायते िे सुकाेगाी, जाो खुा कारागारा औरा खुी बस्ती। बिीयं काो सुमाजा मं उनकाे पुनवाषसु मं सुहायका हाो सुकाे।
(२) खुा कारागारा औरा खुी बस्ती काे प्रबंधान काे धिये धिनयम बंिी काो ऐसुे कारागारा मं स्थानांतरिरात काराने काी प्रधिक्रया तथा पात्रता तथा ऐसुे बंिी काो खुा कारागारा औरा खुी बस्ती मं स्थानांतरिरात काराने काी तं ऐसुी हांगाी, जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जा सुकाे।
अध्याय नौ
बन्दियं का गाीकाराण
वागाीकाराण औरा सुरा धिनधाषराण सुधिमधित। २९. (१) प्रत्येका कारागारा मं वागाीकाराण तथा सुरा धिनधाषराण सुधिमती अधाीका जाो अध्य हाोगा तथा जाेरा (प्रासुन), जाेरा (आंतरिराका सुरा) औरा सुिस्य काे रूप मं ाधिम धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी सुे धिमकारा एका वागाीकाराण औरा सुरा धिनधाषराण सुधिमधित हाोगाी ।
(२) सुधिमधित सुबसुे पहाे धिनम्नधिधिखत मं सुे बंिी काो प्रकारा का अधिभाधिनश्चयन काराेगाी :
(का) धिसुधिवा बंिी ;
(ख) धिसुद्धिोषं बंिी ;
(गा) स्थानबद्ध बंिी;
(घ) नजाराबधा बंिी;
(ङ) बारा-बारा अपराधा कारानेवाे या आद्योतन अपराधाी ;
(च) मृत्युिण्ड काी सुजा पाए गाए बंिी;
() िन्दिण्डत बंिी;
(जा) जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जा सुकाे ऐसुे धिकासुी अय प्रकारा काे बंिी।
(३) सुधिमधित, कारागारा मं भाती बन्दियं काो उनकाी आयु, धिंगा, सुजा, सुरा औरा सुरा आवाश्यकाताओं, सुधारात्मका आवाश्यकाता आधि काे अनुसुारा धिनम्नधिधिखत श्रेणीयं मं वागाीकाृत काराेगाी, अथाषत् .—
(का) धिंगा काे अनुसुारा : पुरुषं, मधिहा औरा ट्रासुजांडरा ;
(ख) बच्चे वाी मधिहा बन्दियं ;
(गा) युवा अपराधाी ;
(घ) वाृद्ध औरा अत बन्दियं ;
(ड़) मानधिसुका बीमारिरायं सुे पीधिड़त बन्दियं ;
(च) पहाी बारा अपराधा कारानेवाे ;
() नी िवाओं औरा राबी अपराधाी ;
(जा) धिवािेी बन्दियं ;
१२ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७(झ) सुंक्रामका राोगा या धिघषकाधिका बीमाराी सुे पीधिड़त बन्दियं ;
(ञ) उच्च जाोधिखम वाे बन्दियं ;
(ट) काोई अय प्रवागाष जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए।
(४) उप-धारा (२) औरा (३) काे अधाीन बन्दियं काे प्रकारा औरा प्रवागाष काी सुधिनन्दिश्चधित काराने काे पश्चात् धिकासुी बंिी काो इसु प्रकारा अगा-अगा राखा जा सुकाेगा धिका एका-िुसुराे काे सुाथा धिकासुी भाी प्रकारा काी बातधिचत न हाो ।
(५) कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी उच्च जाोधिखम वाे बंिी काी सुरा औरा सुराधित अधिभारा सुधिनन्दिश्चत काराने काे धिए धिवाेषं सुावाधानी औरा सुतकाकता बरातेगा, जाैसुा धिका सुराकारा द्वारा इसु सुंबंधा मं धिवाधिनधिषष्ट धिकाया जा सुकाे।
अध्याय िस
बन्दियं का प्राेशा, अतराण औरा छोना |
बंधियं का प्रवाे | ३०. (१) धिकासुी कारागारा का प्रभाराी-अधिधाकाराी धिकासुी ऐसुे व्यन्दित काो, धिजासुे इसु अधिधाधिनयम काे अधाीन, धिकासुी यायाय या धिकासुी सुम प्राधिधाकाराण उसुकाी अधिभारा मं सुम्य् कातया सुंपा गाया हाो, धिकासुी रिराट, वारांट या आिे काी आवाश्यकाता काे अनुसुारा प्राप्त काराेगा औरा तब तका धिनरुद्ध राखेगा, धिजासुकाे द्वारा ऐसुे व्यन्दित काो कारागारा मं सुंपा गाया हाो, जाब तका धिका ऐसुे व्यन्दित काे धिवाधिधा काे अनुसुारा ोडा या हाटाया जायेगा । (२) कारागारा का प्रभाराी अधिधाकाराी ऐसुे रिराट, वारांट या आिे काे धिनष्पािन काे पश्चात् या उसुकाे द्वारा प्रधितबद्ध व्यन्दित काे उमोधिचत हाोने काे पश्चात् उसुे उसु यायाय काो वापसु कारा िेगा धिजासुकाे द्वारा उसुे जाराी धिकाया गाया था, सुाथा मं सुम्यकातया हास्तारिरात प्रमाणपत्र भाी हाोगा, धिजासुमं यहा िाषया जायेगा धिका उसुे धिकासु प्रकारा धिनष्याधित धिकाया गाया हाै या उसुकाे द्वारा प्रधितबद्ध व्यन्दित काो उसुकाे धिनष्पािन सुे पूवाष धिहारासुत सुे यं ोड धिया गाया हाै।
(३) कारागारा का प्रभाराी अधिधाकाराी धिकासुी व्यन्दित काो धिहारासुत मं ेने काे धिए धिकासुी यायाय या सुम प्राधिधाकाराण द्वारा पारिरात या जाराी धिकाए गाए धिकासुी िण्डािे या आिे या वारांट काो प्रभावाी काराेगा, जाो वातषमान मं ागाू धिकासुी धिवाधिधा काे प्रावाधानं काे अंतगाषत हाो ।
(४) धिकासुी सुंिेहा या अस्पष्टता काी न्दिस्थाधित मं कारागारा का प्रभाराी अधिधाकाराी धिनष्पािन काे धिए उसुे भाेजाे गाए वारांट या आिे काो स्पष्टीकाराण काे धिए उसुकाे जाराीकाताष प्राधिधाकाराण काो सुंिधिभाषत कारा सुकाता हाै। धिवांधिबत ऐसुे सुंिभाष बंिी काो, वारांट या आिे मं यथा धिवाधिनधिषष्ट धिकाया जाए ऐसुी राीत्या मं राोका सुकांगाे । (५) धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी द्वारा प्रत्येका बंिी काी उसुकाे प्रवाे काे पश्चात्, यथा सुंभावा ीघ्र, पराीण काराेगा जाो उसुकाे द्वारा बनाए राखे जानेवाे धिवाधिहात धिकाताब या प्रारूप मं ब्यौराे काो िजाष काराेगा या काराने का काराण बनेगा। इसुमं बंिी काी स्वास्थ्य न्दिस्थाधित का धिवावाराण िजाष धिकाया जायेगा, धिजासुमं उसुकाी धिपी काोई बीमाराी, उसुकाे राीरा परा काोई घावा या धिनान, काठोरा कारावासु काी सुजा सुनाई गाई हाै तो श्रेम काी श्रेणी औरा अय अवाोकान ाधिम हाै धिजासुे जाोडना धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी उधिचत सुमझे।
(६) काोई व्यन्दित अवाराोधान काे धिए कारागारा मं प्रवाेधित नहां हाोगा जाब तका धिकासुी यायाय द्वारा या काोई अय सुम प्राधिधाकाराण द्वारा कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी काो सुंबोधिधात कारा अपराधा का काोई सुम्यकातया वारांट या अपराधा काे धिकासुी आिे काे अधाीन का प्रस्तुतीकाराण नहां काराता हाै।
कारागारा काी ताी।
३१. (१) जाब काभाी बंिी कारागारा मं प्रवाे काराता हाै, उसुकाी पूराी ताी ी जायेगाी, औरा सुभाी नकाि, जाेवारा या अय मूल्यवान जाो उधिचत प्राधिधाकाराी सुे कारागारा मं ाया जा सुका हाै, उसुसुे कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी या उसुकाे द्वारा प्राधिधाकाृत धिकासुी अधिधाकाराी द्वारा धिया जायेगा औरा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे राीत्या धिनपटान काराेगा।
(२) यधि बंिी काे पासु काोई प्रधितषंेधिधात वास्तुए पाई जाती हाै तो उसुे जाब्त धिकाया जायेगा ।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ १३ (३) मधिहा या ट्रासुजांडरा बन्दियं काे मामे मं ताी या ऐसुे पराीण जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए सुमुधिचत राीत्या कायाषन्दिवात धिकाया जायेगा।
सुन २०२२ का ११।
(४) कारागारा मं प्रवाेधित प्रत्येका बंिी, आपराधिधाका प्रधिक्रया (पहाचान) अधिधाधिनयम, २०२२ औरा तत्सुमय प्रवाृत्त धिकासुी अय धिवाधिधा काे उपबंधां काे अनुसुराण मं ऐसुे ाराीरिराका औरा बायोमेधिट्रका पहाचान उपायं काी प्रधिक्रया सुे गाुजाराेगा।
(५) कारागारा सुे बाहारा जानेवा या कारागारा मं प्रवाे कारानेवाे प्रत्येका बंिी काो ऐसुे धिनकासु परा या कारागारा मं प्रवाे ेने परा भाी सुंपूणष ताी औरा ाराीरिराका तथा बायोमेधिट्रका पहाचान सुे गाुजाराना हाोगा। (६) काोई बिी काोई प्रधितषंेधिधात वास्तु काी खोजा काे धिए धिकासुी सुमय परा सुंपूणष ताी ेने काे धिए िायी हाोगा ।
बंिी का अंतराण । ३२. (१) सुभाी बन्दियं काो काोई अय कारागारा मं अंतराण काराने काे पूवाष धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी द्वारा जाँच काी जायेगाी।
(२) जाहाँ काोई व्यन्दित, राज्य काे कारागारा मं कारावासु काे िण्डािे काे अधाीन, या मृत्यु काे िण्डािे काे अधाीन या जामाषने काी अिायगाी मं चूका काराने या ांती बनाए राखने या सुद्वातषन बनाए राखने काे धिए सुरा िेने मं चूका काराने काे अधाीन राज्य काे कारागारा मं नजाराबि हाै, वाहाँ सुराकारा अय राज्य काी पारास्परिराका सुहामधित सुे, आिे द्वारा बंिी काो उसु कारागारा सुे राज्य काे अय कारागारा मं अंतराण काराने काे धिए उपबंधा काराेगाी।
(३) धिकासुी धिवाचाराधिधान बिी का एका राज्य सुे अय राज्य मं अंतराण प्रधितप्रेषंण यायाय काे सुहामधित सुे हाोगा ।
(४) महाधिनिेका या धिवाेषं महाधिनराीका, धिकासुी बिी का राज्य काे भाीतरा एका कारागारा या अय कारागारा मं अंतराण कारानेवा सुम प्राधिधाकाराण हाोगा।
(५) उप महाधिनिेका, उसुकाी अपनी अधिधाकारिराता काे भाीतरा धिकासुी बिी काो एका कारागारा सुे अय कारागारा मं अंतराण कारानेवा सुम प्राधिधाकाराण हाोगा |
(६) धिवाचाराधिधान बन्दियं का अंतराण धिवाचाराधिधान यायाय काे सुूचना काे अधाीन अतरिरात धिकाया जायेगा।
धिवािेी बन्दियं का प्रवाे ओरा सुंप्रत्यावातषन । ३३. (१) कारागारा मं धिवािेी बिी काे प्रवाे काी जानकाराी, महाधिनिेका काो तुरांत भाेजाी जायेगाी, जाो उसुे, भारात सुराकारा काे धिवािे कायष मंत्राय या काोई अय अधिभाकाराण धिजासुे कां सुराकारा या राज्य सुराकारा द्वारा धिवाधिनधिषष्ट धिकाया जाए, अग्रेधिषंत काराेगा ।
सुन् २००३ का ४९ ।
(२) काधितपय बन्दियं का भारात सुे भारात काे बाहारा अय िे या स्थान मं अंतराण, औरा काधितपय बन्दियं का अय िे या भारात सुे बाहारा स्थान सुे भारात मं अधिभाग्रहाण, बिी सुंप्रत्यावातषन अधिधाधिनयम, २००३ काे उपबंधां काे अनुसुराण मं धिकाया जायेगा ।
बन्दियं काी रिराहाई। ३४. काोई बिी का यधि वाहा तीव्र या भायानका सुंकाटपूणष बीमाराी काे अधाीन हाै तो जाब तका धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी यहा प्रमाधिणत नहां काराता हाै धिका ऐसुा, धिनवाषहान सुराधित हाै, तब तका बिी का कारागारा सुे धिनवाषहान नहां धिकाया जायेगा।
अध्याय ग्याराहा
बन्दियं का अनुशासन ।
कारागारा अपराधा । ३५. धिनम्न काृत्य, जाब बन्दियं द्वारा घधिटत हाोते हाै, वाहा कारागारा अपराधा हाोगा :
(का) इसु अधिधाधिनयम या तद्धीन धिवाराधिचत धिनयमं काे अधाीन यथा धिवाधिहात कारागारा का काोई धिनयम या धिवाधिनयम काी जानबूझकारा अवाज्ञा काराता हाै ;
(ख) धिकासुी व्यन्दित परा हामा काराता हाै या ब का प्रयोगा काराता हाै ;
(गा) जान-बूझकारा औरा गातारा अपमानजानका या धामकाीभाराी भाषंा का उपयोगा काराता हाै ;
१४ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७(घ) अनैधितका या अनुधिचत या उत्पाती आचराण ;
(ङ) जानबुझकारा खुि काो श्रेम काराने सुे असुमथाष बनाना ;
(च) जाहाँ बिी काो काठोरा कारावासु काी सुजा िी जाती हाै वाहाँ काम काराने सुे गातारा अस्वाीकारा काराना ;
() काठोरा कारावासु का िण्डािे धिए हाुए धिकासुी िोषंधिसुद्ध बिी द्वारा काम काे प्रधित जानबूझकारा आस्य काराना या उपेा काराना ;
(जा) काठोरा कारावासु का िण्डािे धिए हाुए धिकासुी धिसुद्धिोषं बिी द्वारा जानबूझकारा कायष का काुप्रबंधान काराना ;
(झ) कारागारा काी सुम्पधित्त का जानबूझकारा नुकासुान काराना ;
(ञ) भाौधितका या इेट्रॉधिनका प्ररूप मं बनाए राखे गाए इधितवाृत्त पत्रका, अधिभाेख या िस्तावाेजां मं हास्तेप काराना या उनकाो धिवारूधिपत काराना :
(ट) काोई प्रधितषंेधिधात वास्तु काो प्राप्त काराना, काब्जाे मं ेना या अंतराण काराना ;
(ठ) धिकासुी कारागारा पिधाराी या कामषचारिरावाृि काे धिवारूद्ध धिमथ्या अधिभायोगा गाना ;
(ङ) उसुकाी जानकाराी मं घधिटत काोई आगा, षंडयंत्र या सुाधिजा घटने काे तुरांत रिरापोटट िेने सुे ोड िेना या अस्वाीकारा काराना, मोबाई, नी िवा, हाधिथायारा, मुा जाैसुे धिवाधिनधिषंद्ध वास्तु का उपयोगा काराना या भागाने का प्रयासु काराना या भागाने काी तैयाराी काराना या धिकासुी बिी या काोई अय व्यन्दित या कारागारा काे पिधाराी परा हामा काराना ;
(ढ़) भागाना या भागाने का प्रयासु काराना, भागाने सुाधिजा काराना या भागाने मं सुहायता काराना ;
(ण) ताराधिवाहाीन सुंसुूचना यंत्र, मोबाई फैोन, इेट्रॉधिनका उपकाराण औरा उनकाे सुहायका घटका का अनधिधाकाृत रूप सुे उपयोगा काराना या अपने पासु राखना ;
(त) कारागारा परिरासुरां मं या उसुकाे चारां तराफै, जाहाँ प्रवाे काराने काी अनुमधित नहां हाै, अधितक्रमण काराना या अधितक्रमण काराने का प्रयासु काराना, आवारा धिफैराना ;
(था) कारागारा सुे बाहारा काे धिकासुी व्यन्दित सुे अनधिधाकाृत सुम्पकाक काराना ;
(ि) कारागारा का पिाधिधाकाराी या कामषचाराी हाोने का िावा काराना या धिकासुी प्रकारा का मरूपण ;
(धा) काोई प्रधितषंोधिधात वास्तु काो तस्काराी काराना, या तस्काराी काराने का प्रयासु काराना ;
(न) कारागारा पिाधिधाकारिरायं या कामषचारिरायं काे धिवारूद्ध धिमथ्या अभ्यावाेिन बनाने काे धिए सुहाचरा बन्दियं काो धामकाना ;
(प) सुामूधिहाका भाूख हाड़ता, आंिोन या अवाज्ञा या अनुासुनहाीनता काे धिकासुी अय कायष मं भागा ेना या उसुे भाडकाना ;
(फै) यौन उत्पीड़न या गाुिामैथाुन ;
(ब) जाुआ, सुट्टीा आधि जाैसुी असुामाधिजाका गाधितधिवाधिधायं मं भागा ेना उनका आयोजान काराना ;
(भा) उपयु षत धिकासुी भाी अपराधा काो काराने मं सुहायता काराना या उसुे बढावा िेना ;
(म) बीमाराी का बहाना काराना;
(य) काोई अय काृत्य धिजासुे धिवाधिहात धिकाया जा सुकाे।
३६. (१) कारागारा का प्रभाराी अधिधाकाराी, इसु अधिधाधिनयम काे उपबंधाो औरा तद्धीन बनाए गाए धिनयमं काे अनुसुारा कारागारा मं बन्दियं काे बीच अनुासुन बनाए राखने काे धिए उत्तरािायी हाोगा।
बन्दियं काे धिए अनुासुन प्राधिधाकाराी।
(२) कारागारा मं अनुासुन प्रवाृत्त काराने काी राीधित जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी हाोगाी । बन्दियं का कातषव्य।
३७. प्रत्येका बिी का यहा कातषव्य हाोगा धिका, कारागारा काे अधिधाकारिरायं औरा कामषचारिरायं काे आिें औरा अनुिें का आज्ञापान कारां औरा इसु अधिधाधिनयम काे उपबंधां का पान कारां औरा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे अय धिनिेनं अनुपान कारां।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ १५ कारागारा अपराधां काे धिए ान्दिस्त। ३८. कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी, इसु अधिधाधिनयम औरा धिनयमं काे अधाीन यथा धिवाधिनधिषष्ट जाँच आयोधिजात काराने काे पश्चात् धारा ३५ मं धिवाधिनधिषष्ट कारागारा अपराधां काे सुंबंधा मं धिनम्नधिधिखत ान्दिस्तयं मं सुे काोई ान्दिस्त अधिधाराोधिपत कारा सुकाेगा, अथाषत् :-
(का) औपचारिराका चेतावाणी. जाो अधाीका द्वारा बिी काो व्यन्दितगात रूप सुे सुंबोधिधात काराकाे िी हाै औरा वाहा ान्दिस्त धिकाताब मं औरा बन्दियं काे इधितवाृत्त पत्रका मं अधिभाधिधिखत काी जायेगाी ;
(ख) एका महाीने काी अवाधिधा तका कांधिटन सुधिवाधा सुमेत मनोरांजानात्मका सुधिवाधाएं राोकाना ;
(गा) श्रेम मं बिावा काराना ;
(घ) तीन महाीने तका ूट अवाधिधा का सुमपहाराण काराना ;
(ङ) अपराधाी धिनराीका, रात्रकाीत चौकाीिारा आधि, जाैसुी धिजाम्मेिारिरायं सुे स्थायी रूप सुे हाटाना ;
(च) अय बन्दियं सुे अगा राखना (एकात परिराराोधा नहाी) ;
() एका महाीने सुे अनधिधाका अवाधिधा काे धिए सुभाी अभ्यागातं सुे धिमना बंि काराना (अधिधावाता सुे धिमने का ोडकारा) ;
(जा) अय कारागारा मं अंतराण काराना;
(झ) जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी अय ान्दिस्तयाँ।
प्रधितषंेधिधात काृत्य आरा ान्दिस्तयं का प्रकान । ३९. अधाीका, धारा ४१ काे अधाीन प्रधितषंेधिधात काृत्यं औरा उनकाे घधिटत हाोने परा उपगात ान्दिस्तयाँ धिवाधिनधिषष्ट अंग्रेजाी औरा िेी भाषंा मं प्रिधिषत काी गाई सुूचना कारागारा काे बाहाराी स्थान परा सुहाजा सुिृश्य स्थान सुस्पष्ट रूप मं धिचपकायी जायेगाी।
४०. (१) प्रत्येका कारागारा मं ान्दिस्त धिकाताब बनाए राखी जायेगाी।
ान्दिस्त धिकाताब मं प्रधिवान्दिष्टयाँ। (२) प्रत्येका गांभाीरा कारागारा अपराधा काे मामे मं सुाक्ष्यी काे रूप मं सुा िेने वाे बन्दियं काे नाम अधिभाधिधिखत धिकाए जायंगाे।
(३) कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी सुाक्ष्यीयं काे सुा काी वास्तधिवाकाता, बिी काी सुरा औरा उसुकाे धिए काराणं सुधिहात धिनष्काषंष अधिभाधिधिखत काराेगा।
(४) अधाीका औरा जाेरा प्रत्येका ान्दिस्त सुे सुंबंधिधात प्रधिवान्दिष्टयं परा प्रधिवान्दिष्ट काे सुधारा प्रमाधिणत काराने काे धिए अपने हास्तारा कारांगाे।
अध्याय बाराहा
कारागारां से सबविधात अपराधा ।
४१. जाो काोई, इसु अधिधाधिनयम काे उपबंधां या तद्धीन बनाए धिनयमं काे उल्ंघन मं,—
कारागारा सुे सुंबंधिधात अपराधा । (का) धिकासुी कारागारा सुे धिकासुी बिी काो हाटाने या हाटाने का प्रयासु काराेगा;
(ख) धिकासुी बिी काो काोई प्रधितषंेधिधात वास्तु काी आपूधितष काराना या आपूधितष काराने का प्रयासु काराेगा ;
(गा) धिकासुी बिी सुे सुम्पकाक काराेगा, या सुम्पकाक काराने का प्रयासु कारांगा या ;
(घ) इसु धारा द्वारा ान्दिस्त योग्य काोई अपराधा काराने काे धिए उकासुायेगा, काे िोषंधिसुन्दिध्ि परा हा महाीने काी अवाधिधा तका बढ़ाए जा सुकानेवाे कारावासु सुे, या पच्चीसु हाजारा रुपयं तका काे जाुमाषने सुे, या िोनं सुे िन्दिण्डत धिकाया जायेगा।१६ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ ४२. (१) बंधि कारावासु मं मोबाई फैोन औरा अय इेट्रॉधिनका सुंसुचना उपकाराण अपने पासु नहां राखेगा या उपयोगा नहां काराेगा।
(२) जाो काोई बन्दि या अभ्यागात कामषचाराी हाोकारा अधिधाधिनयम काे धिकाहाी उपबंधां या तद्धीन बनाए गाए धिनयमं काे उल्ंघन मं,—
मोबाई फैोन या अय धिवाधिनधिषंद्ध उपकाराण अपने पासु राखने या उपयोगा काराने परा ान्दिस्त ।
(एका) कारावासु काे अधिधाकाराी या ऐसुे उपकाराणं काो अपने पासु राखता हाै या उपयोगा काराते हाुए पाया जाता हाै या ऐसुे उपकाराणं काो ाता हाै या हाटाता हाै ;
(िो) धिकासुी भाी तराहा सुे धिकासुी भाी जाे या आपूधितष मं काोई धिनधिषंध्ि वास्तु ाने या हाटाने का प्रयासु काराता हाै या धिकासुी बंधि काो आपूधितष काराने का प्रयासु काराता हाै ;
(तीन) जानबूझकारा धिकासुी ऐसुी वास्तू धिकासुी कारावासु मं ाने या वाहाँ सुे े जाने काी अनुमधित िेना, धिकासुी बंधि काे काब्जाे मं राखना या धिकासुी बंधि काी आपूधितष काराना ;
(चारा) धिकासुी बंिी सुे वाताषाप काराता हाै या काराने का प्रयासु काराता हाै, या
(पाँच) इसु धारा काे अधाीन िंडनीय धिकासुी अपराधा काो िुष्प्रेरिरात काराेगा, िोषंधिसुन्दिध्ि परा कारावासु सुे, धिजासुकाी अवाधिधा तीन वाषंष तका काी हाो सुकाेगाी या पच्चीसु हाजारा रुपयं तका काे जाुमाषने सुे, या िोनं सुे िंधिडत धिकाया जायेगा।
(३) जाो काोई बंिी या अभ्यागात या कारावासु काे अधिधाकाराी या कामषचाराी हाोते हाुए धिकासुी इेट्रॉधिनका उपकाराण या वायराेसु सुंचारा उपकाराण या धिकासुी भाी उसुकाे सुहायका घटका काो अपने काब्जाे मं या सुंचाधित या उपयोगा काराते हाुए पाया जाता हाै या यधि ऐसुा काोई व्यन्दित उसुकाे आपूधितष मं सुहायता काराते या उकासुाते या उकासुाते पाया जाता हाै या यधि ऐसुा काोई व्यन्दित कारावासु मं धिकासुी भाी उपकाराण इेट्रॉधिनका या अयथा मं हाेराफैेरा काराते, नुकासुान काराते या नष्ट काराते हाुए पाया जाता हाै, तो िोषंधिसुन्दिध्ि परा उसुे िो वाषंष सुे अधिनम्न परांतु धिजासुे तीन वाषं तका बढ़ाई जा सुकाने वाी अवाधिधा काे कारावासु सुे या पच्चीसु हाजारा रुपयं तका काे जाुमाषने सुे, या िोनं सुे, िंधिडत धिकाया जायेगा।
(४) यधि बंिी पहाे सुे हाी काोई सुजा काट राहा हाै तो उसुे अपनी सुजा पूराी हाोने परा इसु धारा काे अधाीन िी गाई सुजा काटनी हाोगाी ।
कारावासु अपराधा बारा-बारा काराने काी प्रधिकाया।
४३. (१) यधि कारावासु परिरासुरा मं काोई बंधि कारावासु अनुासुन काे धिवारुध्ि धिकासुी अपराधा का िोषंी हाै, जाो उसुकाे व्िारा बारा-बारा ऐसुा अपराधा धिकाये जाने काे काराण या अयथा, भारा सुाधाका अधिधाकाराी काी राय मं धिकासुी ऐसुे िंड व्िारा पयाषप्त रुप सुे िंडनीय नहाी हाै, धिजासुे िेने काी न्दित उसुे इसु अधिधाधिनयम काे अधाीन हाै, तो भारासुाधाका अधिधाकाराी ऐसुे बंधि काे मामे काो परिरान्दिस्थाधित काे काथान काे सुाथा अधिधाकारिराता राखनेवाे मधिजास्ट्रेट काो भाेजाेगा औरा ऐसुा मधिजास्ट्रेट तत्पश्चात् बंधि काे धिवारूध्ि इसु प्रकारा ाए गाए आराोप का धिवाचाराण काराेगा औरा िोषंधिसुधिद्ध परा कारावासु सुे, धिजासुकाी अवाधिधा तीन वाषंष तका काी हाो सुकाेगाी, िंधिडत धिकाया जायेगा ।
(२) यधि बन्दि धिकासुी िंडािे काी पहाे सुे हाी सुजा काट राहा हाो तो वाहा पूराी हाोने परा इसु धारा काे अधाीन िी गाई सुजा काटनी हाोगाी।
अध्याय तेराहा
बन्दियं काो सुविधाए
४४. (१) सुभाी बन्दियं काो सुराकाराी व्यय परा भाोजान का उपबंधा धिकाया जायेगा तथा पराोसुे जानेवाे भाोजान काी मात्रा धिनयमं द्वारा धिवाधिहात हाोगाी।
बन्दियं काे धिए भाोजान, कापड़ा औरा धिबस्तरा |
(२) प्रत्येका धिसुद्धिोषं बिी काो जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए, एकासुमान पोषंाका परिराधान काराना आवाश्यका हाोगा ।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ १७ (३) सुभाी काे बन्दियं काो सुराकाराी व्यय परा धिबस्तरा का उपबंधा धिकाया जायेगा। धिवाचाराधिधान औरा धिसुधिवा बन्दियंकाो कारागारा प्राधिधाकाराणं द्वारा जाँच काराने काे अध्यधाीन अपने खुि काे धिबस्तरा का उपयोगा कारा सुकाेगां।
(४) धिकासुी बिी सुे सुंबंधिधात भाोजान, कापड़ा, धिबस्तरा या अय आवाश्यकाताओं का काोई धिहास्सुा धिकासुी अय बिी काो नहाी िेगा या भाडे पे नहां िेगा या धिवाक्रय नहां काराेगा, औरा काोई बिी जाो इसु धारा काे उपबंधाो का उल्ंघन काराने परा कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी धिजासुे वाहा उधिचत सुमझे ऐसुे सुमय काे धिए वास्तुएं खराीिने काे धिवाेषंाधिधाकारा काो गाँवा िेगा।
काॅटीन सुधिवाधा । ४५. सुराकारा, कारागारा परिरासुरां मं काॅटीन सुधिवाधा उपब्धा कारा सुकाेगाी, धिजासुमं सुे बिी धिनयमं काे अनुसुराण मं अनुमधितत वास्तुएं खराीि सुकांगाी।
काम औरा वाेतन। ४६. (१) प्रत्येका िोषंधिसुद्ध बिी काो जाबतका वाहा अधिभारा मं हाै काम धिया जायेगा, धिवाचाराधिधान बन्दियं, धिसुधिवा बन्दियं औरा सुामाय कारावासु काे िण्डािे वाे बिी जाब वाहा अधिभारा मं हाै, यधि इच्ा औरा उपब्धा हाो, काम काराने का अवासुरा धिया जा सुकाेगा, औरा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए, अनुपधितका मजािूराी अिा काी जायेगाी।
(२) धिकासुी बिी द्वारा प्राप्त मजािूराी औरा व्यय, स्थाधिगात मजािूराी काो धिवाधिष्टताएँ औरा उसुसुे सुंबंधिधात मामे कारागारा काे प्रभाराी-अधिधाकाराी द्वारा बनाए राखी जायेगाी।
(३) िोषंधिसुद्ध बिी काो उसुे सुमनुिेधित धिकाए गाए कायष काे धिए तथा उसुकाी काैि काे िौरान काे उसुकाे आचराण काे धिए, धिनयमं काे अधाीन यथा धिवाधिहात िण्डािे मं ूट प्रिान काी जा सुकाेगाी।
४७. (१) सुभाी बिीयं काो जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए पयाषप्त स्वास्थ्य िेखभा सुधिवाधाएं िी जायंगाी। बंधियं काे धिए स्वास्थ्य िेखभा सुधिवाधाएं । (२) जाब काभाी बिी काो धिचधिकात्सुा इाजा काे धिए कारागारा सुे बाहारा भाेजाे जाने काी आवाश्यकाता हाोती हाै तब पुधिसु धिवाभागा औरा ोका स्वास्थ्य धिवाभागा, कारागारा ि काी आवाश्यकाता काो तत्का प्रधितधिक्रया िंगाे।
सुन् २०१७ का १०।
(३) सुराकारा, सुामाय या धिवाेषं आिे द्वारा मानधिसुका बीमाराीवाे धिकासुी बिी काो जाहाँ उसुे सुानबध्ि राखा हाै वाहाँ सुे राज्य मं अय धिकासुी मानधिसुका स्वास्थ्य कां मं, मानधिसुका स्वास्थ्य िेखभा अधिधाधिनयम २०१७ काी धारा १०३ काे अधाीन बोडट काी पूवाषनुमधित सुे अंतराण काराने काे धिनिे िे सुकाेगाी।
(४) इसु धारा काे अधाीन बन्दियं का अंतराण धिकाया जाता हाै वाहा पद्धधित, रूपराेखा औरा प्रधिक्रया जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी हाोगाी ।
४८. (१) कारागारा प्राधिधाकाराण काे उधिचत पयषवाेण काे अधाीन बिीयं का भाौधितका या आभासुी पद्धधित काे जारिराए उनकाे रिराश्तेिारां औरा धिमत्रं सुे सुम्पकाक कारा सुकांगाे। बन्दियं काे पासु आनेवाे सुभाी इन अभ्यागातं का बायोमेधिट्रका प्रमाधिणकाराण या पहाचान काे जारिराए सुत्याधिपत या प्रमाधिणकाृत धिकाया जायेगा ।
रिराश्तेिारां, धिमत्रं सुाधिथायं औरा धिवाधिधा सुाहाकारां सुे सुम्पकाक | (२) प्रत्येका अभ्यागात काी पहाचान सुत्याधिपत काी जायेगाी औरा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे राीत्या, अधिभाेख बनाये राखा जाएगा।
(३) धिवािेी बन्दियं का जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी राीत्या मं उनकाे रिराश्तेिारां औरा िूतावासु प्रधितधिनधिधायं सुे सुम्पकाक कारा सुकांगाे।
(४) बन्दियं काो जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी राीत्या मं धिवाधिधा सुाहाकारा सुे सुम्पकाक कारा सुकांगाे।
धिवाधिधा सुहायता । ४९. सुराकारा, धिवाधिधा सुेवा प्राधिधाकाराण अधिधाधिनयम, १९८७ काे उपबंधां तथा तद्धीन बनाए गाए धिनयमं सुन् १९८७ का ३९ ।
औरा धिवाधिनयमं काे अनुसुराण मं बिी काो मुफ्त कानूनी सुहायता िे सुकाेगाी।
५०. (१) फैो औरा पॅराो ुट्टी धिसुद्धिोषं बन्दियं काो, जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी पात्रता फैो औरा पॅराो ुट्टी। काे अनुसुारा औरा ऐसुे तं परा मंजाूरा काी जा सुकाेगाी।
(२) बिी द्वारा फैो या पॅराो ुट्टी धिकासुी तं काे उल्ंघन परा फैो या पॅराो ुट्टी राद्दे काी जायेगाी। भागा सुात-५९-३. एचबी-२५०७-३.
१८ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७(३) धिसुद्धिोषं उच्च जाोधिखमवा, काठोरा औरा आभ्याधिसुका बन्दियं काो, ऐसुे बन्दियं धिका गाधितधिवाधिधा औरा धिक्रयाकापं का माधिनटरिरांगा काराने काे धिए इेट्रॉधिनका खोजा उपकाराण या जाीपीएसु उपकाराण परिराधान काराने काी सुम्मधित काी तष परा, उसुकाे धिए बनाए गाए धिनयमं काे उपबंधां काे अनुसुारा फैो या पॅराो मंजाूरा िी जा सुकाेगाी।
(४) ऐसुे बन्दि द्वारा धिकासुी उल्ंघन परा फैो या पॅराो राद्दे काी जायेगाी इसुकाे अावा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए, भाधिवाष्य मं काोई फैो या पॅराो मंजाूरा काराने काे धिए धिनराहाष हाो जाएगा।
(५) सुमाजा औरा पीधिड़त काी सुरा काो ध्यान मं राखते हाुए, सुराकारा उच्च जाोधिखमवाे बन्दियं, काठोरा अपराधाीयं औरा आभ्याधिसुका अपराधाी औरा ऐसुे अय बन्दियं काो, सुम प्राधिधाकाराी द्वारा सुम्य् का धिनधाषराण काे पश्चात्, पॅराो या फैो परा ोडे जाने परा धिनबंधा गा सुकाेगाी।
फैो या पेराॉ आधि, ुट्टी काी तं काे उल्ंघन हाोने परा वारांट काे धिबना धिकासुी व्यन्दित काो धिगाराफ्तारा काराने काी न्दित |
५१. यिी काोई सुजा स्थाधिगाधित काी हाै या माफै हाै या फैो या पेराॉ ुट्टी परा ोड िेने काी धिकासुी ऐसुी तं परा या धिजासुकाे अध्यधाीन ऐसुे अधिधाकारां का प्रयोगा कारानेवाे प्राधिधाकाराण काी राय मं उसुने मंजाूरा काी गायी तष काी परिरापूधितष नहां काी हाे तो, ऐसुा प्राधिधाकाराी ऐसुा स्थाधिगाती माफै या फैो या पॅराो ुट्टी परा ोडने का उसुका मंजाूराी आिे राद्दे कारा सुकाेगा औरा उसुपरा, उसु व्यन्दित काे प मं ऐसुा आिे धिया गाया था तो उसुे वारांट काे धिबना काोई पुधिसु अधिधाकाराी धिगाराफ्तारा काराेगा औरा उसुे अपनी सुज़ा का ेषं अवाधिधा भाुगातने काे धिये रिरामांड परा धिया जा सुकाेगा।
सुजा आधि काी स्थाधिगाती काे तं काे उल्ंघन काे धिए आपराधिधाका िाधियत्वा |
५२. (१) यधि काोई बिी धिजासुकाी सुज़ा स्थाधिगात या माफै काी गायी थाी या फैो या पॅराो ुट्टी िेने काी अनुमधित िी गायी थाी तो उसुने धिबना पयाषप्त काराणं सुे उन तं काे धिये धिकासुी भाी िाधियत्त्वा का पान काराने मं धिवाफै राहाता हाै, तो उसुे िोषंधिसुधिद्ध परा, ऐसुी सुजा उसु सुजा काे अधितरिरात हाोगाी, जाो ऐसुे बिी ने ऐसुा अपराधा धिकाया था उसु सुमय सुजा भाुगाती थाी। िो वाषं तका काी अवाधिधा काे कारावासु या वाीसु हाजारा रुपयं तका बढाए जाने काे जाुमाषने सुे या िोनं सुे िन्दिण्डत धिकाया जा सुकाेगा।
(२) काोई यायाय, राज्य सुराकारा या प्राधिधाकाराण, धिजासुने सुजा काो ऐसुी स्थाधिगाधित या माफैी मंजाूरा काी हाै, काी पूवाष मंजाूराी काे धिसुवाय इसु धारा काे अधाीन धिकासुी अपराधा का सुंज्ञान नहां ेगाी ।
काटौती | ५३. (१) िोषंधिसुद्ध बिी काी जाब सुजा काी ताधिम हाो राहाी हाै, उसु सुमय उसु काे सुंपूणष अच्े बताषवा औरा आचराण काे अध्यधाीन ऐसुे बिी काो सुम प्राधिधाकाराी द्वारा सुजा मं काटौती काी मंजाूराी िी जा सुकाेगाी । (२) सुजा मं काटौधित मंजाूरा काराने काी अवाधिधा औरा धिनकाषं जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुे हांगाे । ५४. (१) बन्दियं काो, धिवाधिहात राीत्या, धिा काे धिए अवासुरा उपबंधिधात धिकाये जा सुकांगाे । (२) प्रत्येका कारागारा मं बन्दियं काे धिए पुस्तकाय सुधिवाधाएँ हाोगाी ।
बन्दियं काे धिए धिा औरा काौ धिवाकासु |
(३) बन्दियं काो सुधारात्मका कायषक्रम काे भागा काे रूप मं व्यावासुाधियका प्रधिण औरा काौ धिवाकासु कायषक्रम उपबंधिधात धिकाया जायेगा । यहा कायषक्रम जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए, बन्दियं काे पुनवाषसु सुधिवाधा काे स्वारूप मं धिभान रूप मं हाोगा ।
५५. (१) कारागारा प्राधिधाकाराी, बन्दियं काे धिए अध्यान्दित्मका, सुांस्काृधितका औरा मनोरांजानात्मका कायषक्रम आधि, का आयोजान काराेगाी।
बन्दियं काे धिए मनोरांजानात्मका सुधिवाधाएँ ।
(२) खे, क्रीड़ा औरा योगा काे धिए सुधिवाधाएँ कारागारा मं उपबंधिधात काी जायेगाी ।
५६. सुराकारा, राज्य मं बन्दियं काे काल्याण काे धिए काल्याण धिनधिधा गाधिठत काराेगाी औरा उसुमं धिनेधिपत बन्दियं काे धिए काल्याण धिनधिधा। काी जानेवाी राधि औरा उसुका उपयोगा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुा हाोगा ।
धिवाक्रय िुकान | ५७. सुराकारा बन्दियं, कारागारा कामषचाराी औरा आम जानता काे द्वारा बनाए गाए धिवाधिनमाषण काी धिबक्री काराने काे धिए धिवाक्रय िुकान काी स्थापना काराेगाी ।
५८. बन्दियं काे धिकायत का प्रधिततोषं काराने धिए जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी धिकायत धिकायत प्रधिततोषं यंत्रणा ।
प्रधिततोषं यंत्रणा हाोगाी ।
५९. राज्य सुराकारा, कारागारा सुे रिराहा हाुए सुभाी जारूरातमंि बन्दियं काो उनकाे पुनवाषसुन औरा सुमाजा मं एकारूप हाोना सुधिनन्दिश्चत हाोने काे िृन्दिष्ट सुे, जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी िेखभा सुेवा िेने का प्रयासु काराेगा ।
रिराहाई काे पश्चात् िेखभा सुेवा औरा पुनवाषसु काराना ।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ १९
अध्याय चाौिहा
मांविहा बन्दियं से सबविधात उपबधा ।
६०. (१) सुराकारा मधिहा बन्दियं काी जारूरात काो ध्यान मं राखकारा कारागारा काी स्थापना काराेगाी। मधिहा बन्दियं काे धिये अगा धिनवासुस्थान । (२) मधिहा औरा पुरूषं िोनं बन्दियं काो धिनवासुी कारागारा मं, मधिहा बन्दियं काो अगा भावानं या उसु भावान काे अगा अगा भागा मं अगा प्रवाेद्वारा सुधिहात ऐसुी राीत्या राखा जायेगा काी उनका पुरूषं बन्दियं सुे सुंपकाक न हाो ।
(३) पुरुषं काो कारागारा मं यथा उपबंधिधात िी गायी सुभाी मुभाूत सुधिवाधाएँ जाैसुी धिका, मधिहा बन्दियं काो भाी उनका धिंगाभावा धिवाेषं जारुरातं, प्रसुवा पूवाष औरा प्रसुवाोत्तरा बच्चं काे धिये धिुग्रहां या बावाडी िेने काे सुाथा अय सुधिवाधा धि जायेगाी ।
६१. बिी अस्पता मं मधिहा बन्दियं काे धिये अगा मधिहा वाडट सुृधिजान धिकाया जायेगा | अस्पतां मं मधिहा वाडट | ६२. (१) मधिहा कारागारा औरा मधिहाओं काो राखे जानेवाे स्थान या मधिहा वाडट मं काेवा मधिहा पिाधिधाकाराी औरा कामषचारिरावाृि। मधिहा कारागारा पिाधिधाकाराी औरा कामषचारिरावाृि तैनात धिकाये जायंगाे।
(२) पुरुषं कारागारा पिाधिधाकाराी औरा सुरा कामषचारिरावाृि काो ऐसुा कारागारा या बंि जागाहा काे बाहारा कातषव्यं काे धिये तैनात धिकाया जायेगा, औरा कारागारा प्रभाराी या पिाधिधाकाराी या कातषव्य परा का अधिधाकाराी काो काेवा आकान्दिस्मका न्दिस्थाधित या कारागारा अपराधां काे मामे मं अंिरा आ सुकाेगा।
६३. मधिहा बन्दियं काे धिंगाभावा धिवाधिष्ट जारुरातं काो ध्यान मं राखकारा सुधारात्मका कायषक्रम औरा धिवाधिभान कायषक्रमं काो प्रवाे । गाधितधिवाधिधायं काी जायंगाी औरा उसुकाे धिये उहां प्रवाे धिये जायंगाे ।
गाभाषवाती मधिहा बन्दियं । ६४. जाब काोई मधिहा बिी कारागारा मं प्रवाे काराने सुमय या बाि मं गाभाषवाती पायी जाती हाै तो धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी काो इसु तथ्य काी रिरापोटट काराेगा । उसुे जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी धिचधिकात्सुा िेखभा औरा आहारा िेने काे धिये आवाश्यका प्रबंधा काराेगा।
बच्चं काे सुाथा मधिहा बन्दियं । ६५. यधि काोई मधिहा बिी उनकाे बच्चं काो हा वाषं काी आयु पूराी हाोने तका उनकाे सुाथा राख सुकाेगाी। कारागारा मं उनकाी माताओं काे सुाथा राहानेवाे बच्चं काी स्वास्था िेखभा सुेवा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी अय सुधिवाधाएँ िी जायेगाी ।
६६. मधिहा बन्दियं का ंधिगाका उत्पीड़न काी धिकासुी धिकायत या जानकाराी धिवाधिधा काे उपबंधां काे अनुसुारा धिकासुी धिवांब काे धिबना कायाषवाहाी काी जायेगाी।
ंधिगाका उत्पीडन काी धिकायतं मं जाँच |
अध्याय पद्रीहा
ट्रासजेरा बन्दियो ।
६७. ट्रासुजाेडरा बन्दियं काे धिये ट्रासुजाेडरा पुरुषं औरा ट्रासुजाेडरा मधिहा िोनं काे धिये अगा आहाता या वाॉडट धिया जायेगा, धिजासुे धिनयमं काे अधाीन यथा धिवाधिहात उपबंधा धिकाये जा सुकांगाे।
ट्रासुजाेडरा बन्दियं काे धिये अगा आवासु सुधिवाधाएँ। ६८. ट्रासुजाेडरा बन्दियं काो स्वास्था िेखभा, सुधारात्मका कायषक्रम औरा अय धिक्रयाकापं काे धिये प्रवाे धिया जायेगा।
धिवाधिभान कायषक्रम ेने औरा स्वास्थ्य िेखभा सुेवा िेना ।
अध्याय सोहा
बन्दियं काी अविभाराक्षा औरा सुराक्षा |
बन्दियं काी सुराधित अधिभारा औरा सुरा | ६९. कारागारा काे प्रभावाी अधिधाकाराी बन्दियं काी सुराधित अधिभारा औरा सुरा सुधिनन्दिश्चत काराने काे धिए प्रभावाी उपाय हाथा मं ेने काे धिये धिजाम्मेिारा हाोगा। इन उपयं मं सुरा धिवारा, गाेट, सुव्यवान्दिस्थात प्रका प्रणाी, कांधिय सुधिनयंत्रण प्रणाी, धिनगाराणी बुजाष, धिबजाी बाड़ गाना, प्रधितबंधिधात वास्तुओं काे अधिभागाम काी२० मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ राोकाथाम, खुधिफैया जानकाराी जाुटाना, ोजा सुधिकाकट टी. व्हाी., औरा धिनगाराणी काे धिए अय आधाुधिनका गाैजाेट तथा उपकाराण आधि सुन्दिम्मधित हाै।
पुधिसु प्राधिधाकाराणं काी धिजाम्मेिाराी ।
७०. (१) कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी काे अनुराोधा परा स्थानीय पुधिसु प्राधिधाकाराण, कारागारा प्राधिधाकाराणं काो बिी काो यायाय मं या अस्पता मं े जाने या पॅराो ुट्टी परा ोडने आधि मं अनुराण काराने औरा कारागारा मं िंगा या आगाजानी काे मामे मं बन्दियं काी सुराधित अधिभारा सुधिनन्दिश्चत काराने काे धिए कारागारा प्राधिधाकाराणं काो आवाश्यका सुहायता का उपबंधा काराेगाी।
(२) बिी कारागारा सुे बाहारा अस्पता मं िाधिख हां, काे मामे मं उसुकाी सुराधित अधिभारा काे धिए स्थानीय पुधिसु प्राधिधाकाराणं द्वारा पयाषप्त पुधिसु राका कां काी तैनाती काी जायेगाी ।
ब का उपयोगा । ७१. िंगा, जाे तोडने, या धिहांसुा का सुहारा ेने धिजासुसुे सुहाचरा बन्दियं या कारागारा अधिधाकारिरायं ंि या अभ्यागातं का जाीवान खतराे मं डाने काे मामे मं बन्दियं परा राोका गाने औरा बप्रयोगा या कामषचारिरावाृ काराने काी राीधित, जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी हाोगाी ।
बन्दियं काी बाहाराी अधिभारा धिनयंत्रण औरा राोजागारा |
७२. धिकासुी बिी काो धिकासुी ऐसुे कारागारा मं े जाते या उसुे बाहारा े जाते सुमय धिजासुमं वाहा धिवाधाीपूवाषका परिरारुद्ध हाो सुकाता हाै, या जाब काभाी वाहा धिकासुी ऐसुे कारागारा काी सुीमाओं काे बाहारा काम कारा राहा हाो या अयथा ऐसुे कारागारा सुे सुंबंधिधात धिकासुी कारागारा अधिधाकाराी काो धिवाधिधापूवाषका अधिभारा या धिनयंत्रण मं हाो, तो उसुे कारागारा मं हाै ऐसुा सुमझा जायेगा औरा उसुकाे सुाथा उसुकाे सुमान घटनाएँ घटेगाी मानो काी वाहा वास्तवा मं कारागारा मं था ।
अध्याय सत्रहा
उच्चा जोविखुमां, आभ्याविसका अपराधा औरा काठेोरा अपराविधाका
बन्दियं काी अपराविधाका गावितविविधायं से समांाज काी सुराक्षा |
७३. (१) उच्च जाोधिखमवाे बन्दियं, आभ्याधिसुका अपराधिधायं औरा काठोरा अपराधिधायं काी आपराधिधाका गाधितधिवाधिधायं सुे सुमाजा काो सुराधित राखने काे धिए सुभाी सुमुधिचत उपाय हाथा मं ेना यहा कारागारा ि औरा राज्य पुधिसु काी धिजाम्मेिाराी हाोगाी।
बन्दियं काी अपराधिधाका गाधितधिवाधिधायं काे धिवारूद्ध सुमुधिचत उपाय काराना |
(२) काैिी द्वारा धिकाए गाए अपराधा का ब्यौरा, उपब्धा पृष्ठभाूधिम अधिभाेख, इधितहासु वाृतात आधि काे आधारा परा काैधि काो उसुकाी अय काैधियं परा नकारात्मका प्रभावा डाने काी प्रवाृधित्त औरा सुामथ्यष काे धिए यथाोधिचत अगा श्रेणी मं धिवाभाधिजात, धिनधाषरिरात धिकाया जाएगा औरा जाैसुा धिका सुमुधिचत हाो, अगा बैराका या का मं राखा जाएगा।
७४. (१) सुराकारा, कारावासु मं राहाते हाुए धिगाराोहा गाधितधिवाधिधायाँ, सुाक्ष्यीयंकाो धामकाने आधि सुमेत सुंगाधिठत अपराधा या धिनरांतरा गाधितधिवाधिधायं काो राोकाने काे धिए उच्च जाोधिखमवाे बन्दियं, खतरानाका अपराधिधायं औरा आितन अपराधिधायं परा धिवाेषं ध्यान राखेगाी औरा धिनगारानी सुधिनन्दिश्चत काराेगाी।
सुरा राखने, खुधिफैया जानकाराी जाुटाने औरा धिनगाराणी काराने काे धिए धिवाेषं उपबंधा| (२) कारावासु मं गाधितधि सुरा सुधिनन्दिश्चत काराने, भागाने, काहा काी घटनाएँ औरा अपराधिधाका गाधितधिवाधिधायं काो राोकाने काे धिए राज्य पुधिसु काी खुधिफैया धिवांगा काे सुाथा धिमकारा कारावासु ि द्वारा बन्दियं सुे खुधिफैया जानकाराी इकाट्ठा काराने, बन्दियं का सुावाधानी सुे धिनराीण काराने, उनकाी धिनगाराणी काराने औरा सुसुंगात जानकाराी का धिवाश्ेषंण धिकाया जा सुकाेगा।
(३) सुराकारा, उच्च जाोधिखमवाे बन्दियं औरा खतरानाका अपराधा कारानेवाे अपराधिधायं काी काोठरिरायं औरा बराैकां मं सुमय-सुमय सुे, तस्काराी काी चीजां, सुे फैोन आधि काी ताी ेने औरा उनका पता गाने काे धिए मजाबूत औरा प्रभावाी उपायं काी सुधिनन्दिश्चधित काराेगाी औरा ऐसुे ेत्रं मे प्राय: जाँ ंच सुमेत उनत जाधिमंगा उपाय काराेगाी, धिजासुमं बारा-बारा सुराप्राइज़ा चेका काराना भाी ाधिम हाै।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ २१ (४) सुराकारा, कारावासु काी गाधितधि सुरा मजाबूत काराने काे धिए खुधिफैया जानकाराी जाुटाने काे धिए धिनधिधा का उपबंधा काराेगाी।
(५) सुंवाेिनी बैराका औरा सुे मं तैनात कारावासु औरा अय सुरा कामषचारिरावाृ ंि काो सुमय-सुमय परा अि-बि धिकाया जायेगा ताधिका सुरा मं धिकासुी भाी तराहा काी सुांठगांठ औरा ापरावाहाी काो राोका जा सुकाे।
(६) उच्च जाोधिखमवाे, काठोरा औरा आितन अपराधाी काी सुजा पूराी हाोने परा या जामानत परा पैराो या फैो आधि, परा काु सुमय काे धिए रिराहा हाुए काैधि काी रिराहाई काी जानकाराी सुंबंधिधात धिजाे काे पुधिसु अधाीका काो िी जाएगाी, जाो ऐसुे बन्दि काी गाधितधिवाधिधायं परा नजारा राखेगा।
(७) पुधिसु प्रासुन, प्राधिधाकाराण काी याधिचका, वारांट या, यथान्दिस्थाधित, आिे काे अनुसुारा याधियका प्रधिक्रया काे धिए यायायीन गाधितधिवाधिधायं काे क्रम मं, धिचधिकात्सुा उपचारा काे धिए अस्पता या काोई अय स्थान परा बन्दि काी गाधितधिवाधिधा पूणष रूप सुे सुराधित राखेगा।
अध्याय अठेाराहा
बन्दि का जावित आधारिरात भाेिभा का प्रावितषंेधा |
७५. (१) बन्दियं का कारागारा मं, वागाीकाराण, पृथाकाराण मं बन्दियं काे जाधित काे आधारा परा काोई जाधित आधारा काे भाेिभावा परा राोका | भाेिभावा नहां धिकाया जाता हाै।
(२) यहा सुख्त रूप सुे सुधिनन्दिश्चत धिकाया जाता हाै धिका, कारागारा मं काोई कातषव्य या कायष काे आबंटन मं बिीयं काी जाधित काे आधारा परा भाेिभावा नहां धिकाया जाता हाै।
(३) कारागारा औरा सुधारात्मका सुंस्थाओं मं 'हाथा सुे मैा उठानेवाे काधिमषयं काे धिनयोजान का प्रधितषंेधा औरा उनका पुनवाषसु अधिधाधिनयम, २०१३' काे उपबंधा सुख्त रूप सुे अपनाए जायंगाे।
(४) कारागारा काे भाीतरा हाथा सुे मैा उठाने या म जा धिनकासु या सुेन्दिप्टका टंका काी जाोधिखमवाी सुन् २०१३ का २५ ।
सुफैाई अनुमत नहां हाै।
अध्याय उनीस
विकागा बिीयं काे भाेिभा का प्रावितषंेधा |
धिवाकांगा बन्दियं काे अधिधाकारा| ७६. (१) धिकासुी बन्दि काे धिवाकांगाता काे आधारा परा भाेिभावा नहां धिकाया जाएगा। सुभाी धिवाकांगा बन्दियं काो अय बन्दियं काे सुमान आधारा परा उनकाी अखंडता काे धिए सुमानता, गारिरामा औरा आिरा काे हाकािारा हांगाे।
(२) का, ौचाय, धिचधिकात्सुा युधिनट, ैधिणका औरा व्यावासुाधियका प्रधिण कां, औरा धिकायत प्रधिततोषं प्रणाी सुमेत पूराे कारागारा काी मूभाूत सुंराचना गाृहा कायषकाप मंत्राय भारात सुराकारा द्वारा अधिधासुूधिचत सुगाम्यता, मानका औरा मागाषिषका धिसुद्धांतं काे अधाीन धिवाधिनधिषष्ट मानकां काे अनुसुारा सुगाम्य बनाए जायंगाे।
(३) धिवाकांगा बन्दियं काो मनोधिचधिकान्दित्सुय औरा मनोवाैज्ञाधिनका सुेवाओं सुमेत सुमुधिचत स्वास्थ्य िेखभा सुधिवाधा सुाथा हाी पूनवाषसु कायषक्रम औरा धिचधिकात्सुा अधिभागाम का उपबंधा धिकाया जायेगा।
(४) आनेवाे सुभाी बन्दियं काी प्रवाे काे सुमय परा धिवाकांगाता काी जाँच काी जायेगाी। सुसुंगात कारागारा काे अधिभाेख मं उनका यथाोधिचत धिनवासुस्थान औरा सुहायता सुधिनन्दिश्चत काराने काे धिए कारागारा काे सुंबंधिधात अधिभाेख मं उनकाी धिवाधिनधिषष्ट जारुरातं काो धिखाना चाधिहाए।
(५) कारागारा कामषचारिरावाृ ंि काो, धिवाकांगा बन्दियं काे अधिधाकारां, जारूरातं औरा िेखभा काे बाराे मं सुंवाेिनी राहाने काे धिनयधिमत प्रधिण धिया जाना चाधिहाए।२२ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७
अध्याय बीस
विविधा |
सुधारिरात बन्दियं परा ोटी धिफैल्मे|
७७. सुराकारा सुधाराे गाए काैधियं काे जाीवान काी काहाधिनयं परा ोटी धिफैल्मे बनाएगाी औरा धिखाएगाी ताधिका, उनकाे पुनवाषसु औरा सुकारात्मका परिरावातषन काो धिखाया जा सुकाे, अय बन्दियं काो प्रेरिरात काराने, ोगाो मं जागारूकाता बढाने, बिनामी काो काम काराने औरा सुमाजा मं धिफैरा सुे ाधिम हाोने मं मि काी जा सुकाे। ७८. (१) कारागारा काे सुभाी अधिधाकारिरायं औरा कामषचारिरावाृि कारागारा मं प्रत्येका प्रवाे औरा कारागारा सुे प्रत्येका धिनगाषमन परा पुराी तराहा सुे ताी ी जायेगाी ।
कारागारा मं प्रवाे कारानेवाे प्रत्येका व्यन्दित काी अधिनवायष ताी। (२) कारागारा मं प्रवाे चहानेवाे प्रत्येका व्यन्दित औरा आगांतुका काी पूराी ताी ी जायेगाी, काी धिनयमं द्वारा धिवाधिहात धिकाया जाए ।
(३) ताी सुे इकारा कारानेवाे धिकासुी भाी व्यन्दित काो कारागारा या आगांतुका का मं प्रवाे सुे इकारा धिकाया हाै औरा ऐसुा धिनणषय कारागारा काे अधिभाेख मं प्रधिवाष्ट धिकाया हाै।
प्रत्येका धिजाे काे धिये धिवाचाराधाीन पूनरिराण सुधिमधित का गाठान।
७९. (१) प्रत्येका धिजाे काे धिये धिजा औरा सुत्र यायाधाी काी अध्यता मं, धिजा मधिजास्ट्रेट, पुधिसु अधाीका, धिजा धिवाधिधा-सुहायता सुेवा प्राधिधाकाराण काे सुधिचवा काे रूप मं औरा कारागारा अधाीका (धिजाे का वारिराष्ठतम) सुिस्य सुधिचवा काे रूप मं, धिजाे काे सुभाी कारागारा मं धिजाे काे सुभाी धिवाचाराधाीन आवाधिधाका पूनराीण काराने काे धिये औरा मामं का तात्का धिनपटान काराने काे उपाय काराने काे धिये सुभाी धिवाचाराधाीन पूनराीण सुधिमती हाोगाी।
(२) सुधिमधित धिनयतकाीका बैठका ेगाी औरा धिजाे काे सुभाी कारागारां मं पात्र बन्दियं काे मामे मं पूनराीण काराेगाी औरा धिवाचाराण यायायं काो सुमुधिचत धिसुफैारिरां काराेगाी।
८०. काोई भाी बिी, अगांतुका या कारागारा मं धिनयोधिजात कामषचारिरायं काो काोई भाी अनुराोधा या मांगा प्राप्त काराने काे धिये हाडता या आिोन ुरू काराने या जाराी राखने का अधिधाकारा नहां हाोगा ।
हाडता औरा आिोन काे धिये प्रधितषंेधा ।
बन्दियं काे धिये आकान्दिस्मका योजाना |
सुन् २००५ का ५३ । ८१. प्रभाराी अधिधाकाराी जाैसुा काी धिवाधिहात धिकाया जाए, कारागारा मं काोई आपतकाीन न्दिस्थाधित काी राोकाथाम काराने काे धिये औरा आवाश्यका उपकारानं काी खराीि काराने औरा आकान्दिस्मका योजाना तैयारा काराने काे धिये इन सुभाी सुमुधिचत उपाय काराेगाी औरा तात्का प्रधितसुाि ि, आधि काी उपब्धाता सुधिनन्दिश्चत काराने काे धिये धिवापिा प्रबंधामंड अधिधाधिनयम, २००५ काी पुन्दिष्ट मं धिकासुी अय उपबंधां औरा राज्य सुराकारा द्वारा जाराी आिें का सुमावाे हाोगा।
कारागारा प्रासुन मं प्रौद्योधिगाकाी का उपयोगा |
८२. (१) सुराकारा, प्रभावाी प्रबंधा मंड औरा कारागारां काे अधाीण काराने काे धिये औरा कारागारा औरा बन्दियं काी सुरा औरा सुंराण काराने काे धिये सुमूधिचत प्रौद्योधिगाकाी का एकाीकाृत औरा अंतःस्थापन काी सुधिनन्दिश्चती काराेगा धिजासुमं बायोमेट्रीका, ोजा सुकाीट टेधिधिवाजान (सुीसुीटीव्हाी), स्काॅधिनंगा औरा जाँच उपकाराण, राेधिडओ धिवाेसुी आईडंटीधिफैकाेन (आरा.एफै.आय.डी.) न्दिव्हाडीओ काॉफैरासु, सुधिवाधाऐं, अधि, सुन्दिम्मधित हाोगाी, बन्दियं काी गाधितधिवाधिधायं काे धिये प्रत्येका कारागारा मं बन्दियं काे धिये सुीमेसु बायोमेधिट्रका ॲसुेसु धिनयंत्रण प्रणाी काे धिये यायाय काी सुनवाई मं उपन्दिस्थात राहाने या धिवाचाराण काे धिये प्रबंधा धिकाया जायेगा। (२) सुराकारा, सुंपूणष कारागारा प्रासुन का सुंगाधिणकाीकाराण काराेगाी औरा इंटरा - ऑपराेब धिक्रमीन जास्टीसु धिसुस्टम काे सुाथा डाटा सुंग्रधिहात काराेगाी । सुराकारा जानकाराी काी सुहाजा आिान-प्रिान काराने काे धिये यथाोधिचत प्रणाी भाी धिवाकाधिसुत काराेगाी औरा कारागारा औरा बिी प्रबंधान प्रणाी सुकारा काराेगाी ।
(३) सुराकारा, कारागारा मं बन्दियं द्वारा िूराभाषं (सुे फैोन) औरा अय इेट्रॉधिनका उपकाराणं का उपयोगा कारानेवां काी ताी ेने औरा प्रधितराोधा काराने काे आधाुधिनका प्रौद्योधिगाकाी उपकाराणं का उपयोगा काराेगाी। (४) सुराकारा, कारागारा सुे अस्थायी रिराहाई या ुट्टी परा ोड़े गाये या यायाय काी सुनवाई काे धिये उपन्दिस्थात राहाने काे धिये गाये बन्दियं काी ताी ेने काे धिये उपकाराणं काे उपयोगा सुे इेट्रॉधिनका मानीटरांगा औरा ट्रैधिकांगा प्रौद्योधिगाकाी का उपयोगा कारा सुकाेगाी ।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ २३ (५) कारागारा काी इेट्रॉधिनका या धिडजाीट डाटा काी गाोपनीयता कारागारा काे सुभाी अधिधाकारिरायं औरा कामषचारिरावाृि सुे बनायी राखी जायेगाी औरा उसुे कारागारा काे महाधिनिेका धिजाम्मेवारा हाोगा ।
८३. (१) राज्य सुराकारा राजपत्र मं अधिधासुूचना द्वारा इसु अधिधाधिनयम काे प्रयोजानं काो कायाषन्दिवात धिनयम बनाने काी न्दितयाँ । काराने काे धिये धिनयम बनाएगाी ।
(२) इसु अधिधाधिनयम काे अधाीन बनाया गाया प्रत्येका धिनयम, उसुकाे बनाए जाने काे पश्चात् तथा सुंभावा ीघ्र, राज्य धिवाधानमंड काे प्रत्येका सुिन काे सुम, जाब वाहा सुत्र मं हाो, काु तीसु धिनं काी अवाधिधा काे धिये राखा जायेगा, जाो धिका चाहाे वाहा एका सुत्र मं हाो या िो या अधिधाका अनुक्रधिमका सुत्रं मं हाो, औरा यधि, उसुे सुत्र मं धिजासुमं उसुे राखा गाया हाै, उसुकाे ठीका बाि काे सुत्र या सुत्रं काे अवासुान काे पूवाष िोनं सुिन धिनयम मं काोई परिरावातषन काराने काे धिए सुहामत हाोते हां या िोनं सुिन इसु बात काे धिए सुहामत हाोते हां धिका धिनयम न बनाया जाए ऐसुा धिवाधिनश्चय राजपत्र मं अधिधासुूधिचत काराते हां तो धिनयम ऐसुे धिवाधिनश्चय काे प्रकान काे धिनांका सुे परिरावाधितषत रूप मं हां प्रभावाी हाोगा, या, यथान्दिस्थाधित, धिनष्प्रभावाी हाो जायेगा ; तथापी, ऐसुा काोई परिरावातषन या बाधितधिकाराण, उसु धिनयम काे अधाीन पहाे काी गाई धिकासुी बात या धिवाुन्दिप्त काी धिवाधिधामायता परा प्रधितकाू प्रभावा नहां डाेगा।
न्दितयं का प्रत्यायोजान । ८४. सुराकारा राजपत्र मं अधिधासुूचना द्वारा इसु अधिधाधिनयम या तिधाीन बनाए गाये धिनयमं द्वारा यहा धिनिे िे सुकांगाी धिका, सुराकारा का काोई भाी अधिधाकाराी उसुमं धिवाधिनधिषष्ट धिकाया जाए, ऐसुे धिनबषधानं औरा तं काे अध्यधाीन यधि काोई हाो, धिनयम काराने काी न्दित सुे अय धिकासुी भाी न्दितयं का उपयोगा कारा सुकाेगाी।
८५. सुराकारा द्वारा जाैसुा धिका धिवाधिहात धिकाया जाए ऐसुी राीत्या, प्रत्येका कारागारा का ेखा बनाए राखेगा ेखा तथा ेखा सुंपराीा | औरा उसुकाी ेखा सुंपराीा काी जायेगाी ।
सुद्भावानापूवाषका काृत कायषवाहाी काे धिये सुंराण | ८६. इसु अधिधाधिनयम या तद्धीन बनाए गाये धिनयमं या आिें काे अधाीन सुद्भावानापूवाषका काृत या काराने काे धिये आधियत धिकासुी बात काे हाोते हाुए भाी वाि, अधिभायोजान या अय धिवाधिधाका कायषवाधिहायाँ सुराकारा काे धिकासुी अधिधाकाराी या प्राधिधाकाराी या धिकासुी व्यन्दित काे धिवारूद्ध नहां काी जायेगाी ।
८७. इसु अधिधाधिनयम काे उपबंधा तत्सुमय प्रवाृत्त धिकासुी अय धिवाधिधा उपबंधां काे अधितरिरात औरा अल्पीकाराण कारानेवाे नहां हांगाे ।
अधिधाधिनयम धिकासुी अय धिवाधिधा काे अल्पीकाराण कारानेवा नहां हाोगा । ८८. (१) महाराष्ट्र राज्य मं यथा प्रयुत कारागारा अधिधाधिनयम, १८९४ औरा बिी अधिधाधिनयम, धिनरासुन औरा व्यावाृधितयाँ। १९०० एतद्दे्वारा, धिनराधिसुत धिकाया जाता हाै ।
सुन् १८९४ का ९ । सुन् १९०० का ३ ।
(२) इसु अधिधाधिनयम मं अतधिवाषष्ट धिकासुी बात काे हाोते हाुए भाी, इसु अधिधाधिनयम काे प्राराम्भाण काे सुद्यो पूवाष प्रवाृत्त सुभाी धिनयमं, धिवाधिनयमं, आिें, धिनिें, बिी सुे सुंबंधिधात अधिधासुूचनाओं औरा इन अधिधाधिनयम काे अधाीन उपबंधां या जाराी धिकाये गाये असुंगात या एतधिवारुद्ध हाोते हाुए भाी, इन अधिधाधिनयम काे अधाीन बनाए गाए या जाराी धिकाये गाये धिनयमं द्वारा परिरावाधितषत, सुंोधिधात या धिनराधिसुत हाोने तका ागाू हांगाे ।
काधिठनाईंयं काे धिनराकाराण काी न्दित। ८९. (१) इसु अधिधाधिनयम काे उपबंधां काो प्रभावाी काराने मं यधि काोई काधिठनाई उद्भाूत हाोती हाै तो, राज्य सुराकारा, जाैसुा अवासुरा उद्भाूत हाो, राजपत्र मं प्रकाधित धिकासुी आिे द्वारा, इसु अधिधाधिनयम काे उपबंधां सुे अनसुंगात काोई बात कारा सुकाेगाी, जाो उसु काधिठनाई काे धिनराकाराण काे धिये आवाश्यका या इष्टकारा प्रतीत हाो :
परांतु, ऐसुा काोई भाी आिे, इसु अधिधाधिनयम काे प्रारांभाण काे धिनांका सुे िो वाषं काी अवाधिधा काे अवासुान काे बाि, नहां बनाया जायेगा ।
(२) उप-धारा (१) काे अधाीन बनाया गाया प्रत्येका आिे, उसुकाे बनाये जाने काे पश्चात्, यथा सुंभावा ीघ्र, राज्य धिवाधानमंड काे िोनं सुिनं काे सुम राखा जायेगा ।२४ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७
उद्देश्यं औरा काराणं का क्तव्य ।
कारागारा यहा अपराधिधाका याय प्रणाी का एका महात्वापूणष औरा धिवाधिभान भागा हाै । वातषमान मं कारागारा कारागारां, कारागारां काे अधिधाकारिरायं का धिवाधिनयमन, उनकाे अधिधाकारां औरा कातषव्यं, कारागारां मं अनुासुन का प्रवातषन, बन्दियं काे प्रवाे, हाटाना या धिनष्काधिसुत काराने सुंबंधिधा उपबंधा, बन्दियं काो िी जानेवाी सुधिवाधाएँ, कारागारा औरा बन्दियं सुे सुंबंधिधात अपराधा काे धिवाधिनयमन का सुंधिवाधान पूवाष धिवाधिधा अथाषत् कारागारा अधिधाधिनयम, १८९४ (सुन् १८९४ का ९) औरा बन्दि अधिधाधिनयम, १९०० (सुन् १९०० का ३) मं उपबंधा धिकाया हाै । २. बन्दियं काे सुधारा औरा पुनवाषसु औरा काी धिवाचारा धारा मं सुूचना प्रौद्योधिगाकाी काे धिवाकासु काे धिये इन स्वातंत्रता- पूवाष पुरानी धिवाधिधायं काो सुमय बीतने काे सुाथा, धिनराधिसुत काराने औरा उनकाे स्थान परा एका सुमेधिकात, प्रगाधितधि औरा मजाबूत अधिधाधिनयम सुमेकान द्वारा प्रधितस्थाधिपत काराने काी आवाश्यकाता हाै जाो सुमकाधिन आधाुधिनका जारूरातं औरा सुधारात्मका धिवाचाराधारा काे अनुरूप हाै । कारागारा प्रासुन सुे सुंबंधिधात सुभाी सुसुंगात मुद्दें काो सुमग्र रूप सुे सुंबोधिधात काराने काे उद्देश्य सुे, भारात सुराकारा ने सुभाी राज्य सुराकारां काे धिए एका व्यापका मॉडे कारागारा धिवाधाेयका, २०२३ परा धिवाचारा-धिवामष काराने काे धिये एका सुधिमधित भाेजाी हाै, धिजासुमं पुधिसु अनुसुंधान ब्यूराो औरा धिवाकासु, राज्य कारागारा प्राधिधाकाराी औरा काई सुधारा धिवाेषंज्ञां काे सुाथा धिवाचारा-धिवामष धिकाया गाया हाै ।
३. उपयु षत काो ध्यान मं राखकारा, सुराकारा, महाराष्ट्र राज्य मं कारागारा, बन्दि सुधारात्मका सुेवाओं औरा बन्दियं काे धिवाधिनयमन सुे सुंबंधिधात धिवाधिधायं काो सुमेधिकात काराना औरा उसुका धिवाधिनयमन काराने काे धिए उपबंधा काराना इष्टकारा सुमझती हाै ।
४. धिवाधिधायं काी मुख्य धिवाेषंताएँ यथा धिनम्न हां,—
(१) मधिहाओं काे धिये धिवाेषं कारागारा, खुा कारागारा, अस्थायी कारागारा, खुी काॉोनी, बोस्टट सुंस्थानं जाैसुी कारागारा काी श्रेधिणयं काे धिये उपबंधा काराना ;
(२) खुे कारागारा औरा खुी काॉनी काे बन्दियं काो उनकाे पुनवाषसु औरा रिराहाई काराने काे पश्चात् सुमाजा मं पुन: एकाीकाराण काे धिये उपबंधा काराना;
(३) कारागारा काे गाठन काे धिये उपबंधा काराना ;
(४) कारागारा काे सुभाी अधिधाकारिरायं औरा कामषचारिरावाृि काे धिये काल्याण धिनधिधा सुाथा हाी सुाथा बन्दियं काे धिये काल्याण धिनधिधा काे गाठन काे धिये उपबंधा काराना ;
(५) बन्दियं काी धिवाधिभान श्रेधिणयं का कारागारा मं पृथाकारान काराने औरा उनकाी धिवाेषं जारूरातं जाैसुे धिका, मधिहा, ट्रांसुजांडरा, धिवाचाराधाीन बिी, िोषंधिसुद्ध बिी, उच्च सुरावाे बिी, आितन बिी, पुनरावाती बिी, युवा अपराधाी, धिसुधिवा बिी आधि काे धिये उपबंधा काराना ;
(६) कारागारा मं धिकाये गाये अपराधां औरा बन्दियं द्वारा धिकाये गाये अपराधां औरा उनकाे िंड काे धिये उपबंधा काराना;
(७) धिवाधिहात पात्रता औरा तं काे अनुसुारा फैो औरा पैराो ुट्टी मंजाूराी काे धिये उपबंधा ;
(८) बन्दियं काे धिये धिकायत प्रधिततोषं यंत्रणा काे धिये उपबंधा काराना;
(९) मधिहा बन्दियं औरा ट्रांसुजांडरा बन्दियं काे धिये कारागारा अस्पतां मं अगा मधिहा वाडट सुमेत धिवाेषं प्रावाधान काराने काे धिये उपबंधा काराना ;
(१०) कारागारा सुे रिराहा धिकाये गाये सुभाी जारूरातमंि बन्दियं काो उनकाे पुनवाषसु औरा सुमाजा मं पुन: एकाीकाराण सुधिनन्दिश्चत काराने काी िृन्दिष्ट सुे िेखभा पुनवाषसु सुेवा काे धिये उपबंधा काराना;
(११) प्रत्येका धिजाे मं धिवाचाराधाीन पूनराीण सुधिमधित काे गाठन का उपबंधा काराती हाै ताधिका धिजां काे सुभाी कारागारां मं बिी हाुए सुभाी धिवाचाराधाीन बन्दियं का सुमय-सुमय सुे पूनराीण काी जा सुकाे औरा मामं काे ीघ्र धिनपटान काे धिये उपाय धिकाये जा सुकां औरा धिवाचाराण याययं काो उधिचत धिसुफैारिरां काी जा सुकाे ;
मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ २५(१२) यहा सुधिनन्दिश्चत काराने काे धिए उपबंधा काराना हाै धिका, बन्दियं काी जाधित काे आधारा परा कारागारा मं काोई कातषव्य या कायष काे वागाीकाराण, पृथ्यकाराण औरा आवांटन मं काोई भाेिभावा नहां हाो, काे धिए उपबंधा काराना ;
(१३) यहा सुधिनन्दिश्चत काराने काे धिए उपबंधा काराना हाै धिका, बन्दियं काो धिवाकांगाता काे आधारा परा काोई भाेिभावा न काराने काे धिए उपबंधा काराना औरा मनोधिचधिकात्सुा तथा मनोधिवाज्ञान सुेवाओं सुमेत सुमुधिचत स्वास्थ्य धिनगारानी साथा हाी साथा पुनवाषसु कायषक्रम धिचधिकात्सुा का उपबंधा काराना ;
(१४) उपबंधा काराने काी िृन्दिष्ट सुे त्वारिरात प्रधितधिक्रया ि आधि काी उपब्धाता सुधिनन्दिश्चत काराने, सुमेत कारागारां मं धिकासुी भाी आपातकाीन न्दिस्थाधित काो राोखने औरा धिनयंधित्रत काराने औरा आपिा प्रबंधान अधिधाधिनयम, २००५ काे अनुरूप काोई अय उपबंधा काराना ;
(१५) कारागारा काे प्रभावाी प्रबंधान औरा अधाीण काराने, कारागारा औरा बन्दियं काी सुरा काराने धिये प्रौद्योधिगाकाी काे उपयोगा का उपबंधा काराने धिजासुमं बायोमेधिट्रसु, ोजाड सुधिकाकट टेधिधिवाजान, (सुीसुीटीव्हाी), स्काॅधिनंगा औरा धिडटेन धिडवाईसु, राेधिडयो धिवांसुी, आईडंधिटधिफैकाेन (आराएफैआयडी) धिवाधिडयो काॉंसु सुधिवािायं आधि, सुन्दिम्मधित हाो सुकाे;
(१६) सुंपूणष कारागारा प्रासुन काे सुंगाणीकाराण औरा डेटाबेसु काी अंतरा-सुंचानीय आपराधिधाका याय प्रणाी काे सुाथा एकाीकाृत काराने काे धिये उपबंधा काराना ।
षत उद्देश्यं काो प्राप्त काराना हाै ।
५. प्रस्तुत धिवाधाेयका का आय उपयु
ंबई,
मु धिनांधिकात १२ धिसुंबरा, २०२५।
िेंद्री फणीस, मुख्यमंत्री ।
भागा सुात-५९-४. एचबी-२५०७-४.
२६ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७प्रात्यायुक्त विधान सबविधा ज्ञापन
प्रस्तुत धिवाधाेयका मं, धिवाधायी न्दित काे प्रत्यायोजान काे धिए धिनम्नधिधिखत प्रस्तावा अंतग्रषस्त हाै, अथाषत् :—
खुण् १ (२).—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, राजपत्र मं अधिधासुूचना द्वारा वाहा धिनांका, धिजासु धिनांका परा यहा अधिधाधिनयम प्रवाृत्त हाोगा, धिनयत काराने काी न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् २ (का खु)—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो ूट िेने काे धिनयम बनाने काी न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ४ ( १ ).—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो,—
(एका) परिराच्ेि (च) काे अधाीन, मुत कारागारा मं काैि बन्दियं काी अहाषता काे धिए ते धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने ;
(िो) परिराच्ेि (झ) काे अधाीन मुत काॉोनी मं काैि बंन्दियं काी अहाषता काे धिए ते धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ५.—इसु खण्ड काे अधाीन, राज्य सुराकारा काो,—
(एका) उप-खण्ड (१) (ञ) काे अधाीन कारागारा ि काे अय अधिधाकाराीयं काो धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने ;
(िो) उप-खण्ड (४) काे अधाीन, कारागारा ि काी धिनवाृधित्त, वाेतन, भात्ते औरा सुेवा काी सुभाी अय ते धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ९.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो,—
(एका) उप-खण्ड (३) काे अधाीन, कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी काी अय काृत्य औरा कातषव्य धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने ;
(िो) उप-खण्ड (४) काे अधाीन बन्दियं काो धिवाधिनयम काराने, कारागारा काो बनाए राखने औरा उच्च सुरा वाडट सुमेत कारागारा काे अनुासुन औरा उधिचत प्रबंधान काे धिए कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी काी अनुासुधिनका न्दितयाँ धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित ;
(तीन) उप-खण्ड (६) (च) काे अधाीन कारागारा काे प्रभाराी अधिधाकाराी द्वारा बनाया राखा जानेवा काोई अय अधिभाेख धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् १० (२).—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो धिचधिकात्सुा अधिधाकाराी काे कातषव्य धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दितयाँ प्रिान काी गाई हाै।
खुण् १३ (घ).—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, जाेरा, उप जाेरा या सुहायका जाेरा काे कातषव्य औरा काृत्य धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् १५ (१).—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो कारागारा काे काोई अधिधाकाराी या कामषचाराी काे धिवारुद्ध काी कािाचारा काे धिए काी जानेवाी अनुासुधिनका कायषवाहाी धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै;
खुण् १७.—इसु खण्ड काे अधाीन वाहा धिनयम धिजासुकाे अधाीन कारागारा काे अधिधाकाराी औरा कामषचाराी ाधिसुत हाो जायंगाे, धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी न्दित प्रिान काी गाई हाै ।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ २७ खुण् २४.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो,—
(एका) उप-खण्ड (१) काे अधाीन, काल्याण धिनधिधा का उपयोगा काराने काे प्रयोजानं काो धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने;
(िो) उप-खण्ड (२) (ड़) काे अधाीन, काल्याण धिनधिधा मं धिनेधिपत का जानेवाी अय राकाम धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् २५.—इसु खण्ड काे अधाीन, राज्य सुराकारा काो कारागारा का धिनराीण काराने काे धिए काधिका अंतरा धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् २६(१).—इसु खण्ड काे अधाीन, राज्य सुराकारा काो, अभ्यागात बोडट काे सुिस्यं काी सुंख्या धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् २७.—इसु खण्ड काे अधाीन, राज्य सुराकारा काो,—
(एका) उप-खण्ड (१) काे अधाीन, कारागारा का वास्तूतज्ञा औरा आराेखन मानका औरा आवाश्यकाताओं काो धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने ;
(िो) उप-खण्ड (२) काे अधाीन, कारागारा काे सुरा काे मानका धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने ;
(तीन) उप-खण्ड (३) बन्दियं काे धिवाधिभान प्रवागां काे धिए पृथाका औरा अगा आवासु मं राखने काी सुधिवाधा का कारागारा का ना धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै ;
(चारा) उप खंड (५) काे अधाीन धिवाधिभान श्रेधिणयं काे कारागारां काी परिराधिधा िीवारा सुे ऐसुी िूराी काे भाीतरा सुंधिनमाषण काे धिवाधिनयमन औरा बफैरा जाोन बनाने काे धिए धिनयमं व्िारा धिवाधिहात काराना।
खुण् २८.—(१) इसु खण्ड काे अधाीन, राज्य सुराकारा काो,—
(एका) उप-खण्ड (१) काे अधाीन खुा कारागारा औरा मुत काोनी मं अनुमधितत काी जानेवाी सुधिवाधा या रिरायायत धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दितयाँ प्रिान काी गाई हाै ;
(िो) उप-खण्ड (२) काे अधाीन राज्य सुराकारा काो खुा कारागारा औरा मुत काोनी काो ऐसुे कारागारा काे बन्दियं काे अतराण काे धिए प्रधिक्रया औरा पात्रता औरा ऐसुे बन्दियं काे अतराण काी तं काो धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी हाै।
खुण् २९.—इसु खण्ड काे अधाीन, राज्य सुराकारा काो,—
(एका) उप-खण्ड (२) (जा) काे अधाीन, वागाीकाराण औरा सुरा धिनधाषराण सुधिमधित द्वारा बन्दियं काे अय प्रकारां का अधिभाधिनश्चयन धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै ;
(िो) उप-खण्ड (३) (ट) काे अधाीन, वागाीकाराण औरा सुरा धिनधाषराण सुधिमधित द्वारा बन्दियं काे प्रकारा उनकाी आयु, धिंगा या िण्डािे आधि, काे अनुसुारा अधिभाधिनश्चेयन, बन्दियं काे अय प्रवागाष धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी न्दित प्रिान काी गाई हाै ;
(तीन) उप-खण्ड (४) काे अधाीन राज्य सुराकारा काो यहा न्दित प्राप्त हाै धिका, धिनयमं व्िारा बन्दियों काो एका-िुसुराे काे सुाथा धिकासुी भाी प्रकारा काे टकारावा काो राोकाने काे धिए अगा-अगा राखने काी, रिराधित धिनयमं व्िारा धिवाधिहात काराना।
खुण् ३१.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो,—
(एका) उप-खण्ड (१) काे अधाीन, कारागारा मं िाधिख काराते सुमय बन्दियं सुे धिनपटान काी, राीधित धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने,२८ मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ (िो) उप-खण्ड (३) काे अधाीन, मधिहा औरा ट्रांसुजांडरा बिी काी ताी औरा पराीा काी राीधित धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित राज्य सुराकारा काो प्रिान काी हाै।
खुण् ३५(का).—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, कारागारा अपराधा धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ३६(२).—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, कारागारा मं अनुासुन प्रवाृत्त काराने काी राीधित धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ३८.—इसु खण्ड काे अधाीन, कारागारा अपराधां काे धिए ान्दिस्त, धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काे धिये राज्य सुराकारा काो, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ४४.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो,—
(एका) उप-खण्ड (१) काे अधाीन बन्दियं काो तामी धिकाया जानेवाी खाद्यो औरा खाद्यो काी मात्रा, धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी हाै;
(िो) उप-खण्ड (२) काे अधाीन िोषंधिसुद्ध बन्दियं काे गाणवाे, धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ४६ (१).—इसु खण्ड काे अधाीन, राज्य सुराकारा काो बन्दियं काो मजािूराी, धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ४७.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो,—
(एका) उप-खण्ड (१) काे अधाीन बन्दियं काो स्वास्थ्य िेखभा सुधिवाधा धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी हां ;
(िो) उप-खण्ड (४) काे अधाीन बन्दियं काे अतराण काी पद्धधित, रूपराेखा औरा प्रधिक्रया धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ४८.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो—
(एका) उप-खण्ड (२) काे अधाीन अभ्यागातं काे अधिभाेख बनाए राखने काी राीधित धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी हाै ;
(िो) उप-खण्ड (३) औरा (४) काे अधाीन उनकाे नातेसुंबंधाी, वाधिणज्यिूत प्रधितधिनधाीयं औरा धिवाधिधा परामी काे सुाथा धिवािेी बन्दियं सुे सुंवाि काराने काी राीधित धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै ;
(तीन) उप-खण्ड (४) काे अधाीन उनकाी धिवाधाी सुाहाकारा काे सुाथा सुंवाि काराने काी राीधित धिनयमं व्िारा धिवाहाीत काराने काी, न्दित प्रिान काी हाै।
खुण् ५०.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो,—
(एका) उप-खण्ड (१) काे अधाीन फैो औरा पॅराो काे धिये तं धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गायी हाै;
(िो) उप-खण्ड (३) औरा (४) काे अधाीन इेट्रॉधिनका ट्रॅधिकांगा उपकाराण काे ज़ारिराए फैो औरा पॅराो परा रिराहा धिकाये गाये बंन्दियं काी गाधितधिवाधिधायाँ धिनयंधित्रत काराने काे धिए धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ५३ (२).—इसु खण्ड काे अधाीन, राज्य सुराकारा काो ूट मंजाूरा काराने काे धिये अवाधिधा औरा मानिण्ड धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ २९ खुण् ५४ (१) औरा (३).—इसु खण्ड काे अधाीन, राज्य सुराकारा काो बन्दियं काे धिये धिा, व्यावासुाधियका प्रधिण औरा काौल्य धिवाकासु कायषक्रमं काे अवासुरा धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ५६.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो काल्याण धिनधिधा का गाठन, उत धिनधिधा मं धिनेधिपत काी जानेवाी राधि औरा उसुका उपयोगा धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ५८.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, बन्दियं काे धिए धिकायत प्रधिततोषं यंत्रणा, धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै ।
खुण् ५९.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो बन्दियो सुे उनका सुमाजा मं पुनवाषसु औरा पूनः एकाीकाराण सुधिनन्दिश्चत काराने काे धिए रिराहा धिकाए गाए बन्दि काी िेखभा सुेवा काे धिए उपबंधा धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै ।
खुण् ६४.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, गाभाषवाती मधिहाओं काी धिचधिकात्सुा जाँच औरा भाोजान काे धिए उपबंधा धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै ।
खुण् ६५.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, कारागारा मं उनकाी माँ काे सुाथा राहानेवाे बच्चं का स्वास्थ्य िेखभा औरा अय सुधिवाधा िेने काे उपबंधा धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै ।
खुण् ६७.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो ट्रांसुजांडरा बन्दि काे धिए अगा अंतःेत्र या वाडट िेने काे उपबंधा धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै ।
खुण् ७१.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, बन्दियं परा धिनयंत्रण ाने औरा ब प्रयोगा काराने काी राीधित धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान जाती हाै ।
खुण् ७८(२).—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, कारागारा मं व्यन्दित औरा अभ्यागातं काी प्रधिवान्दिष्ट हाोने परा उनकाी ताी ेने काे धिए प्रधिक्रया धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी हाै । खुण् ८१.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, कारागारा मं धिकासुी आपातका न्दिस्थाधित मं धिनयंत्रण औरा राोकाथाम काराने काे धिए सुमुधिचत उपाय, धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित प्रिान काी जाती हाै ।
खुण् ८३(१).—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो राजापत्र मं अधिधासुचना व्िारा जाराी इसु अधिधाधिनयम काे प्रयोजानं काो कायाषन्दिवात काराने काे धिए धिनयम बनाने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै ।
खुण् ८४.—इसु खण्ड काे अधाीन राज्य सुराकारा काो, इसु अधिधाधिनयम काे अधाीन, या तध्िीन बनाए धिनयमं काे अधाीन राज्य सुराकारा काे धिकासुी अधिधाकाराी काो राजापत्र मं अधिधासुचना व्िारा जाराी ऐसुे काोई धिनबषधानं या तं काे अध्यधाीन, उसुकाे द्वारा प्रयोज्य न्दित सुे अय न्दित का प्रत्ययोजान काराने काे धिए ऐसुे धिनबधानं औरा तं काो धिवाधिनधिषष्ट काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै।
खुण् ८५.—इसु खण्ड काे अधाीन कारागारा काे ेखा सुंपरिरा काराने काी राीधित धिनयमं द्वारा धिवाधिहात काराने काी, न्दित राज्य सुराकारा काो प्रिान काी जाती हाै ।
खुण् ८९.—इसु खण्ड काे अधाीन, राज्य सुराकारा काो इसु अधिधाधिनयम काे उपबंधां काो प्रभावाी काराने उद्भाूत काोई काधिठनाई का धिनराकाराण काराने काे धिए राजपत्र मं आिे जाराी काराने काी, न्दित प्रिान काी गाई हाै ।
२. धिवाधायी न्दित काे प्रत्यायोजान काे धिए उपराोन्दिल्धिखत प्रस्तावा सुामाय स्वारूप काे हाै ।३० मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७
वित्तीय ज्ञापन |
प्रस्तुत धिवाधाेयका का खण्ड २४ यहा उपब ंधा काराता हाै धिका, कारागारा काे सुभाी अधिधाकारिरायं औरा कामषचारिरावाृि औरा सुधारात्मका सुेवाओं काे धिये काल्याण धिनधिधा का गाठन काराना औरा राज्य सुराकारा द्वारा धिया गाया अनुिान उत धिनधिधा मं जामा धिकाया जायेगा ।
प्रस्तुत धिवाधाेयका का खण्ड ५६ बन्दियं काे काल्याण धिनधिधा काे गाठन काे धिये उपबंधा काराता हाै । प्रस्तुत धिवाधाेयका राज्य धिवाधान मंड काे अधिधाधिनयम काे रूप मं उसुकाी अधिधाधिनयधिमधित परा, काल्याण धिनधिधा मं राज्य सुराकारा द्वारा धिकाये गाये अनुिानं सुे राज्य काी सुमेधिकात धिनधिधा सुे आवाती व्यय ाधिम हाोगा। तथाधिप, इसु धिनधिमत्त उपगात धिकाया जानेवा वास्तधिवाका आवाती व्यय का अनुमान िेना इसु चराण परा सुंभावा नहाी हां ।
(यथाथाष अनुवाि), श्री. अरूण कामांळाबाई ाळू विगाते, प्र. भाषंा सुंचाका, महाराष्ट्र राज्य |मांहाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भागा सात, विसंबरा १३, २०२५/अग्रहायण २२, शाकाे १९४७ ३१
भारात सविधान काे अनुच्छेि २०७ काे अधाीन राज्यपा काी अनुशासा
(महाराष्ट्र ासुन, धिवाधिधा वा याय धिवाभागा, आिे धिका प्रत)
भारात सुंधिवाधान काे अनुच्ेि २०७ काे खंड (३) द्वारा प्रित्त न्दितयं का प्रयोगा काराते हाुए, महाराष्ट्र कारागारा औरा सुधारात्मका सुेवाओं धिवाधाेयका, २०२५ ई. परा धिवाचारा काराने काी अनुंसुा काराते हाै।
विधान भान, नागापूरा, धिनांधिकात १३ धिसुंबरा, २०२५।
विजतंद्री भाोळे, सुधिचवा-१, महाराष्ट्र धिवाधानसुभा।
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