महाराष्ट्रट शासन राजपत्र
असाधाराण भाग एक-अ—कोकण विभागीय पुराणी
र्ष १२, अंक २(२)] गुरुारा, जानेाराी ८, २०२६/पौर्ष १८, शाके १९४७ [पृष्ठे २, विकंमत : रुपये १०.००
असाधाराण क्रमांक ११
प्राविधाकृत प्राकाशान
(भाग चारा-ब मध्ये प्राविसद्ध कराण्यात आलेले आहाेत त्यांव्यवितरिराक्त) केळ कोकण विभागाशाी संबंविधात असलेले महाराष्ट्र
विजल्हा परिरार्षदा पंचायत सविमत्या, ग्रामपंचायती, नगरापरिरार्षदा, प्राथविमक विशाक्षण स्थाविनक विनधाी लेखापराीक्षा अविधाविनयमांन्ये
काढण्यात आलेले आदाेशा अविधासूचाना.
विजल्हाविधाकाराी तथा विजल्हादांडाविधाकाराी, पालेघरा यांजकडाून
अविधासूचाना
क्रमांाक न. प्रशासन/क-१/टे-१/न.पु.विनडणूक/कावि-३४/२६.—मांहाराष्ट्र स्थाविनक प्राविकराणू सदस्य अनहाहता विनयमां, १९८७ चे कलमां ४ (३) अन्ये प्राप्ता झालेल्या अविकारानुसारा मांी, डॉ. इंदु राणूी जाखड़ , विजाल्हाविकाराी पुालघरा या प्रगटेनाद्वाराे असे जाहाीरा दन सखे, विशासेना विजाल्हाप्रमांुख, पुालघरा याचे विदनाक ६ जानेाराी २०२६ राोजाीचे पुत्रानुसारा त्यानी खालील ताक्त्याता कराताे की, श्री. कं स्ताभा क्र. २ मांध्ये विविनविदहष्टे केलेल्या नगरापुरिराषदेसाठी स्ताभा क्र. ४ मांध्ये विविनविदहष्टे केल्याप्रमांाणूे गटे स्थापुन केला असून सदरा गटेाता स्ताभा क्र. ३ मांध्ये विविनविदहष्टे केलेल्या नगरासेकाचेी नंद या कायाहलयाचे अविभालेखाता कराण्याता आली आहाे.
| अ.क्र (१) | नगरापुरिराषदेचे ना (२) | विनडून आलेल्या नगरासेकाचे ना (३) | नगरापुरिराषद गटेाचे ना (४) |
| १ | पुालघरा नगरापुरिराषद | घराता उत्तमां मांोराेश्वरा | विशासेना |
| २ | म्हात्राे विप्रयका राजांद्र | ||
| ३ | कोताी मांहाेशा पुाडुराग | ||
| ४ | राऊता आनद जानादहन | ||
| ५ | मांोराे विप्रताी रामांाकाता | ||
| ६ | पुाटेील राजांद्र आत्मांारामां | ||
| ७ | जाैन पुष्पुा विहाम्मांतालाल | ||
| ८ | खान राईस मांोबीन | ||
| ९ | पुालघरा नगरापुरिराषद | जा ज्योताी विदपुक | विशासेना |
| १० | आघा मांेघा विनय | ||
| ११ | पुाटेील अमांोल प्रकाशा | ||
| १२ | चेपुानेराकरा विभाूताी विपुल | ||
| १३ | सखे विनलमांकंमांारा मांनोहारा | ||
| १४ | डॉ. सौ. काळे उज्ज्ला केदारा | ||
| १५ | डे चेद्रशाेखरा गोपुीनाथा | ||
| १६ | बीाजापुेई विशाल्पुा अमांरा | ||
| १७ | घराता विदनेशा विशाजाी | ||
| १८ | मांाने गीताजाली हाषहल | ||
| १९ | सापुटे मांाुराी मांोहान | ||
| २० | घराता जाश्वश्विन मांनोजा |
स्थाळे पुालघरा, विदनाक ७ जानेाराी २०२६.
डाॉ. इंदाु राणी जाखाड़, विजाल्हाविकाराी, पुालघरा.