RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्रट शासन राजपत्र
असारण भाग सात
षष १२, अका १] साेमार, फेब्रुारी २३, २०२६/फेाल्गुन ४, शकाे १९४७ [पृष्ठे ३, विकांमत : रुपयाे ४७.००
असारण क्रमाका १
प्राविकाृत प्राकाशन
अध्यादेश, विेयाकाे अविविनयाम याचा विहादेी अनुादे (देनागरी विपी)
नगरविकास विभाग
मंत्रालय, मंादामं कामंा मंार्ग, हुतात्मंा राजर्गुरू चौका, मंु ंबई ४०० ०३२,
दिदानांांदिकाता २६ दिदास्मंबरा २०२५। MAHARASHTRA ORDINANCE No. XIII OF 2025.
AN ORDINANCE
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA MUNICIPAL COUNCILS, NAGAR PANCHAYATS AND INDUSTRIAL TOWNSHIP ACT, 1965.
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमाका १३ सन् २०२५।
महाराष्ट्र नगर परिरषदे, नगर पचायात और औद्योविगका नगरी अविविनयाम, १९६५ मं अविकातर
सशोन कारने सबंवि अध्यादेश ।
सन् १९६५ का ४०।
क्यांविका राज्य दिधानांमंडल काे दाोनां सदानां का सत्रा नांहुं चौल राहुा हुै ; और क्यांविका मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल का यहु समंाधानां हुो चौुका था दिका, ऐसी पारिरास्थिस्थादिताया दिद्यमंानां हुं, दिजनांकाे काराण उन्हुं इसमं आर्गे दादिगता प्रयोजनां काे दिलए, मंहुाराष्ट्र नांर्गरा पारिराषदा, नगर पचायात औरा औद्योदिर्गका नांर्गराी अदिधादिनांयमं, १९६५ मं अदिधाकातारा संोधानां कारानांे काे दिलए सद्य कायगाहुी कारानांा आश्यका हुआ हुै ;
अबं, इसविए, भाराता काे संदिधानां काे अनांुच्छेदा २१३ काे खण्ड (१) द्वारा प्रदात्त स्थितायं का प्रयोर्ग काराताे हुए, मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल, एताद् द्वारा, दिनांम्नां अध्यादाे प्रख्यादिपाता काराताे हुं, अथागत् :—
(१)
भार्ग साता-१—१२ महाराष्ट्रट शासन राजपत्र असारण भाग सात, फेब्रुारी २३, २०२६/फेाल्गुन ४, शकाे १९४७ १. (१) यहु अध्यादाे मंहुाराष्ट्र नांर्गरा पारिराषदा, नगर पचायात औरा औद्योदिर्गका नांर्गराी (ताृताीय संदिक्षप्ता नांामं औरा प्राराम्भाण। संोधानां) अध्यादाे, २०२५ काहुलाए।
(२) यहु ताुरांता प्रृत्त हुोर्गा।
सन् १९६५ का मंहुा. ४०। २. मंहुाराष्ट्र नांर्गरा पारिराषदा, नगर पचायात औरा औद्योदिर्गका नांर्गराी अदिधादिनांयमं, १९६५ (दिजसं इसमं आर्गे, " मंूल अदिधादिनांयमं " काहुा र्गया हुै) काी धारा ५१का-१का काी, उपा-धारा (३) काे पाश्चौात् दिनांम्नां उपा- धारा दिनांदिष्ट काी जाएर्गी, अथागत् :—
सन् १९६५ का मंहुा. ४० काी धारा ५१का-१का मं संोधानां।
"(३का) (एका) यदिदा काोई व्यस्थिता अध्यक्ष काे रूपा मं औरा पाषगदा काे रूपा मं दिनांागदिचौता हुआ हुै ताब हु एका साथा दाोनां पादां काो धाराण कारा सकाेर्गा ।
(दाो) एका साथा अध्यक्ष औरा पाषगदा का पादा धाराण कारानांेाले व्यस्थिता काो या ताो अध्यक्ष या पाषगदा काे रूपा मं काेल एका मंता दाेनांे का अदिधाकारा हुोर्गा :
पारांताु, मंतां काी समंानांता काे मंामंले मं, अध्यक्ष का मंता दिनांणागयका हुोर्गा। " ।
३. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा ३४१ ख-१का, काी उपा-धारा (३) काे पाश्चौात्, दिनांम्नां उपा-धारा दिनांदिष्ट काी जाएर्गी, अथागत् :—
सन् १९६५ का मंहुा. ४०काी धारा ३४१ ख-१का मं संोधानां ।
"(३का) (एका) यदिदा काोई व्यस्थिता अध्यक्ष औरा पाषगदा रूपा मं दिनांागदिचौता हुआ हुै ताब हु एका साथा दाोनां पादां काो धाराण कारा सकाेर्गा ।
(दाो) एका साथा अध्यक्ष औरा पाषगदा काे रूपा मं पादा धाराण कारानांेाले व्यस्थिता काे या ताो अध्यक्ष या पाषगदा काे रूपा मं काेल एका मंता दाेनांे का अदिधाकारा हुोर्गा :
पारांताु, मंतां काी समंानांता काे मंामंले मं अध्यक्ष का मंता दिनांणागयका हुोर्गा । " ।महाराष्ट्रट शासन राजपत्र असारण भाग सात, फेब्रुारी २३, २०२६/फेाल्गुन ४, शकाे १९४७ ३
क्तव्या
मंहुाराष्ट्र नांर्गरा पारिराषदा, नांर्गरा पांचौायता औरा औद्योदिर्गका नांर्गराी अदिधादिनांयमं, १९६५ (सन् १९६५ का मंहुा. ४०) काी धारा ५१का-१का औरा ३४१ ख -१का क्रमंः नांर्गरा पारिराषदां औरा नांर्गरा पांचौायतां काे सभापादिता का सीधा दिनांागचौनां कारानांे काे दिलए उपाबंधा काराताी हुै ।
२. नांर्गरा पारिराषदां औरा नांर्गरा पांचौायतां काे पाषगदा काे रूपा मं दिनांागदिचौता हुोनांे काे दिलए अहुगताप्राप्ता प्रत्येका व्यस्थिता उसकाे अध्यक्ष काे रूपा मं दिनांागदिचौता हुोनांे काे दिलए भाी अहुगता प्राप्ता हुै । इसदिलए, यहु संभा हुै दिका, व्यस्थिता एका साथा अध्यक्ष औरा पाषगदा काे रूपा मं भाी चौुनांा लड़ सकाेर्गा औरा दाोनां पादां पारा दिनांागदिचौता भाी हुो सकाेर्गा । ऐसे व्यस्थिता काो दाोनांो पादां काे दिलए लोर्गं का दिनांागचौका जनांादाे दिमंला हुै । अध्यक्ष काे रूपा मं अप्रत्यक्ष रूपा से दिनांागदिचौता व्यस्थिता पाषगदा काे रूपा मं भाी दिनांरांतारा राहुेर्गा औरा अध्यक्ष औरा पाषगदा काे रूपा मं एका साथा कायग काराेर्गा ।
इसदिलए, सराकारा यहु इष्टकारा समंझताी हुै दिका, प्रत्यक्ष रूपा से दिनांागदिचौता अध्यक्ष पाषगदा काे रूपा मं भाी दिनांरांतारा राहुनांे मं समंथाग बनांे। इसदिलए, दिेष रूपा से यहु उपाबंधा कारानांे काी, प्रत्यक्ष रूपा से अध्यक्ष औरा पाषगदा काे रूपा मं दिनांागदिचौता व्यस्थिता एका साथा दाोनां पादां काो धाराण कारा सकाेर्गा, उता अदिधादिनांयमं, १९६५ काी धारा ५१का-१का औरा ३४१ख-१का मं संोधानां कारानांा प्रस्तादिता दिकाया र्गया हुै। यहु भाी उपाबंधा कारानांे का प्रस्तादिता दिकाया र्गया हुै दिका, ऐसे व्यस्थिता काो या ताो अध्यक्ष काे रूपा मं या पाषगदा काे रूपा मं काेल एका मंता हुोर्गा औरा मंतां काी समंानांता काे मंामंले मं अध्यक्ष का मंता दिनांणागयका हुोर्गा ।
३. चौू दिका, राज्य दिधानांमंडल काे दाोनां सदानां का सत्रा नांहुं चौल राहुा हुै औरा मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल का यहु समंाधानां हुो चौुका हुै दिका, ऐसी पारिरास्थिस्थादिताया दिद्यमंानां हुं दिजनांकाे काराण उन्हुं इसमं उपायु गता प्रयोजनां काे दिलए, मंहुाराष्ट्र नांर्गरा पारिराषदा, नांर्गरा पांचौायता औरा औद्योदिर्गका नांर्गराी अदिधादिनांयमं, १९६५ मं अदिधाकातारा संोधानां कारानांे काे दिलए, सद्य कायगाहुी कारानांा आश्यका हुआ हुै, अताः यहु अध्यादाे प्रख्यादिपाता दिकाया जाता हुै।
मंु ंबई, आचायाष देव्रत,
दिदानांांदिकाता २५ दिदास्मंबरा २०२५। मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल।
मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल काे आदाे ताथा नांामं से,–
डॉ. काे. एचा. गोविदे राज, सराकारा काे अप्पारा मंुख्य सदिचौ।
(यथाथाग अनांुादा),
श्री. अरूण कामळाबंाई ाळाू विगते, प्रभाराी भाषा संचौालका, मंहुाराष्ट्र राज्य।
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