Servants of Knowledge
Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

PART VIII EXT. No. 5, L. A. BILL No. II OF 2026 A BILL further to amend the Maharashtra Zilla Parishads and Panchayat Samitis Act, 1961. Tuesday, 24th February 2026.

Published 24 February 2026

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 8 (English)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2026-02-24.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-8-English-
Languages
English, Marathi

RNI No. MAHBIL /2009/31730

मांहाराष्ट्रट शोासन रापत्र

असाधाराण भाग सात

षष १२, अका २(३)] मांगळारा, फेब्रुाराी २४, २०२६/फेाल्गुन ५, शोकाे १९४७ [पृष्ठे ३, विकांमांत : रुपये ४७.००

असाधाराण क्रमांाका ५

प्राविधाकाृत प्राकाशोन

अध्यादेशो, विधाेयकाे अविधाविनयमां याचा विहादी अनुाद (देनागराी विलापी).

मांहाराष्ट्र विधानमांडळ सविचालाय

मंहींाराष्ट्र विधानसाभा मं विदोनांके २४ फेराराी, २०२६ ई. केो. पाुरा:थाविपात विनम्न विधाेयके मंहींाराष्ट्र विधानसाभा विनयमं ११७ के अधाीन प्रकेावित विकेया ाता हींै :-

L. A. BILL No. II OF 2026.

A BILL

further to amend the Maharashtra Zilla Parishads and

Panchayat Samitis Act, 1961.

विधानसभा का विधाेयका क्रमांाका २ सन् २०२६।

मांहाराष्ट्र विला परिराषद तथा पचायत सविमांवित अविधाविनयमां, १९६१ मां अविधाकातरा सशोधान काराने

सबंविधा विधाेयका।

क्यंविका राज्य विधानमंडल के दोनं सादोनं केा सात्र नहीं चल राहींा था ;

सान् २०२५ केा मंहींा. अध्या. १४ | १९६२ केा मंहींा. ५।

औरा क्यंविका मंहींाराष्ट्र के राज्यपाल केा यहीं सामंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसाी पारिरास्थिथावितया विद्यमंान थां, विनके केाराण उन्हीं, इसामं आगे दोवित प्रयोनं के विलए, मंहींाराष्ट्र विला पारिराषदो औरा पांचायत साविमंवित अविधाविनयमं, १९६१ मं अविधाकेतरा सांोधान केराने के विलए साद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था ; औरा

(१)

भाग सात-५-१२ मांहाराष्ट्रट शोासन रापत्र असाधाराण भाग सात, फेब्रुाराी २४, २०२६/फेाल्गुन ५, शोकाे १९४७ इसाविलए, मंहींाराष्ट्र विला पारिराषदो औरा पांचायत साविमंवित (सांोधान) अध्यादोे, २०२५,२६ विदोसाम्बरा २०२५ केो प्रख्याविपात हींुआ था ;

औरा क्यंविका, उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडल के अविधाविनयमं मं बदोलना इष्टकेरा हींै ; अत: भारात गणराज्य के सातहींत्तराे षि मं, एतद् द्वारा, विनम्न अविधाविनयमं अविधाविनयविमंत विकेया ाता हींै :—

१. (१) यहीं अविधाविनयमं मंहींाराष्ट्र विला पारिराषदो औरा पांचायत साविमंवित (सांोधान) अविधाविनयमं, सांविप्त नामं, औरा प्राराम्भाण।

२०२६ केहींलाए।

(२) यहीं २६ विदोसाम्बरा २०२५ केो प्रृत्त हींुआ सामंझा ायेगा।

१९६२ केा मंहींा. ५ केी धारा १४ मं सांोधान।

१९६२ केा मंहींा. ५ | २. मंहींाराष्ट्र विला पारिराषदो औरा पांचायत साविमंवित अविधाविनयमं, १९६१ (विसाे इसामं आगे, "मंूल अविधाविनयमं" केहींा गया हींै) केी धारा १४ केी, उपा-धारा (२) के थान मं विनम्न उपा-धारा राखी ायेगी, अथाित :—

"(२) राज्य साराकेारा ऐसाे विनािचनं केा आयोन केराने के विलए विनयमं बनाएगी औरा उसा विनयमं के अनुसाराण मं विनािचन केराेगी।

(३) नामंविनदोेन प्रपात्र ीकेृत या अीकेृत केराने केा अंवितमं विनणिय विनािचन अविधाकेाराी केा हींोगा औरा उसाे विकेसाी न्यायालय मं प्रश्नगत नहीं विकेया ाएगा। "।

३. (१) मंहींाराष्ट्र विला पारिराषदो औरा पांचायत साविमंवित (सांोधान) अध्यादोे, २०२५, एतद् द्वारा, विनराविसात विकेया ाता हींै।

सान् २०२५ केा मंहींा. अध्या. क्र. १४ । सान् २०२५ केा मंहींा. अध्या. क्र. १४ केा विनरासान औरा व्याृवित्त।

(२) ऐसाे विनरासान के हींोते हींुए भाी, उक्त अध्यादोे द्वारा यथा सांोविधात मंूल अविधाविनयमं के तत्थानी उपाबंधां के अधाीन केृत केोई बात या केी गई केोई केायिाहींी (ाराी विकेसाी अविधासाूचना, विनयमं या आदोे सामंेत) इसा अविधाविनयमं द्वारा यथा सांोविधान मंूल अविधाविनयमं के तत्थानी उपाबंधां के अधाीन केृत, केी गई, या यथास्थिथावित, ाराी केी गई सामंझाी ायेगी।मांहाराष्ट्रट शोासन रापत्र असाधाराण भाग सात, फेब्रुाराी २४, २०२६/फेाल्गुन ५, शोकाे १९४७ ३

उद्देश्यं औरा काराणं का क्तव्य।

भारातीय सांविधान के अनुच्छेदो २४३ट औरा मंहींाराष्ट्र विला पारिराषदो औरा पांचायत साविमंवित अविधाविनयमं, १९६१ (सान् १९६२ केा मंहींा. ५) केी धारा ९के यहीं उपाबंधा केराती हींै विके, विला पारिराषदो औरा पांचायत साविमंवितयं के साभाी विनािचन केराने के विलए विनािचके नामंाली तैयारा केराने औरा विला पारिराषदो तथा पांचायत साविमंवितयं के विनािचन लेने के विलए अधाीण, विनदोेन औरा विनयंत्रण राज्य विनािचन आयोग मं विनविहींत हींोगा ।

२. उक्त अविधाविनयमं केी धारा १४ (२) यहीं उपाबंधा केराती हींै विके, राज्य साराकेारा, नामंविनदोेन प्रपात्र केी ीकेृवित या अीकेृत केराने के विनािचन अविधाकेाराी के विविनणिय के विरुद्ध विला न्यायालय मं अपाील केराने सामंेत ऐसाे विनािचनं केा आयोन केराने के विलए विनयमं बनाएगी । तद्नुसारा, मंहींाराष्ट्र विला पारिराषदों (विनािचके ेत्र औरा विनािचन केा आयोन) विनयमं, १९६२ केा विनयमं २० औरा मंहींाराष्ट्र पांचायत साविमंवित (विनािचके गण औरा विनािचन केा आयोन) विनयमं, १९६२ केा विनयमं १९के मं, नामंविनदोेन प्रपात्र केी ीकेृवित या अीकेृवित के विनािचन अविधाकेाराी के विविनणिय के विरुद्ध विला न्यायालय के सामं अपाील दोाविखील केराने के बाराे मं औरा विला न्यायालय ने, ऐसाे अपाीलं केी साुनाई विदोन प्रवितविदोन केराने के आधारापारा केरानी हींोगी औरा यथा सांभा ीघ्र उनकेा विनपाटारा केराने के विलए उपाबंधा केराती हींै।

३. राज्य विनािचन आयोग ने राज्य साराकेारा केो यहीं सांसाूविचत विकेया हींै विके, ऐसाे अपाील विविभान्न न्यायालयं मं अलग-अलग अविधा के विलए ेष प्रलंविबत राहींे हीं औरा यहीं भाी विनस्थिश्चत नहीं विकेया हींै विके ऐसाे अपाीलं केा विनपाटान केब हींोगा। आयोग ने यहीं भाी सांसाूविचत विकेया हींै विके, सांविधान के अनुच्छेदो २४३ण विनािचके मंामंलं मं न्यायालयं द्वारा हींतेपा केराने पारा राोके लगाने केा भाी उपाबंधा केराता हींै। इसाविलए, आयोग ने सामंयबद्धराीत्या विनािचनं केो पाूरा केराने केी दोृस्थिष्ट साे, ऐसाे अपाीलं साे सांबंविधात उपाबंधां केा अपामंािन केराने िक्त विनदोेवित विनयमं मं यथाोविचत सांोधान केराने केा प्रता राज्य साराकेारा केो अग्रेविषत विकेया हींै। के विलए उपायु

इसाविलए, उक्त अविधाविनयमं केी धारा १४ मं यथाोविचत सांोधान केराना इष्टकेरा हींै।

४. चू विके राज्य विधानमंडल के दोनं सादोनं केा सात्र नहीं चल राहींा था औरा मंहींाराष्ट्र के राज्यपाल केा यहीं सामंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसाी पारिरास्थिथावितया विद्यमंान थाी विनके केाराण उन्हीं उपायु िक्त प्रयोनं के विलए, मंहींाराष्ट्र विला पारिराषदो औरा पांचायत साविमंवित अविधाविनयमं, १९६१ मं अविधाकेतरा सांोधान केराने के विलए, साद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था; अतः मंहींाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा मंहींाराष्ट्र विला पारिराषदो औरा पांचायत साविमंवित सांोधान अध्यादोे, २०२५ (सान् २०२५ केा मंहींा. अध्या. १४) २६ विदोसाम्बरा २०२५ केो प्रख्याविपात हींुआ था ।

५. प्रतुत विधाेयके केा आय उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडळ के अविधाविनयमं मं बदोलना हींै । मंु ंबई,

विदोनांविकेत १७ फराराी, २०२६। यकाुमांारा गोराे, ग्रेामंविकेासा मंत्री | (यथाथाि अनुादो),

श्री. अरुण कामांळाबंाई ाळू विगते, प्रभाराी भाषा सांचालके, मंहींाराष्ट्र राज्य।

ंबई, साविच-१,

विधान भान, वितंद्र भाोळे, मंु विदोनांविकेत २४ फराराी, २०२६। मंहींाराष्ट्र विधानसाभा।

ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.

Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 24 February 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2026-02-24.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-8-English-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2026-02-24.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-8-English-.