RNI No. MAHBIL /2009/31730
मांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र
असाधाराण भाग सात
र्ष १२, अका ७] गुरुारा, मांार्चष ५, २०२६/फाल्गुन १४, शोकाे १९४७ [पृष्ठे ३, विकांमांत : रुपये ४७.००
असाधाराण क्रमांाका ११
प्राविधाकाृत प्राकाशोन
अध्यादेशो, विधाेयकाे अविधाविनयमां यार्चा विहादेी अनुादे (देनागराी विपी).
मांहाराष्ट्र विधानमांडळ सविर्चाय
मेंहाराष्ट्र र्शिवेंानोंसाभा में र्शिदनोंांके ५ मांार्चष, २०२६ ई. केो. पुरा:स्थार्शिपत र्शिनोंम्नों र्शिवेंेयोके मेंहाराष्ट्र र्शिवेंानोंसाभा र्शिनोंयोमें ११७ काे अीनों प्रकेार्शित र्शिकेयोा जाता हाै :-
L. A. BILL No. IX OF 2026.
A BILL
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA STAMP ACT.
विधानसभा का विधाेयका क्रमांाका ९ सन् २०२६।
मांहाराष्ट्र स्टाम्प अविधाविनयमां मां अविधाकातरा सशोधान काराने सबंधाी विधाेयका।
सान् १९५८ केा ६०।
क्यंविका इसामें आगे दर्शित प्रयोजनों के र्शिए, मेंहाराष्ट्र स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें में अर्शिकेतरा सांोनों केरानोंा इष्टाकेरा हाै ; अत: भारात गणराज्यो के सातहात्तरावें वेंर्षि में, एतद्द्वारा, र्शिनोंम्नों अर्शिर्शिनोंयोमें अर्शिर्शिनोंयोर्शिमेंत र्शिकेयोा जाता हाै :—
सांर्शिप्त नोंामें। १. (१) योहा अर्शिर्शिनोंयोमें मेंहाराष्ट्र स्टाम्प (सांोनों) अर्शिर्शिनोंयोमें, २०२६ केहाए।
(१)
भाग सात-११–१२ मांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र असाधाराण भाग सात, मांार्चष ५, २०२६/फाल्गुन १४, शोकाे १९४७ २. मेंहाराष्ट्र स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें (र्शिजसाे इसामें आगे, "मेंू अर्शिर्शिनोंयोमें" केहा गयोा हाै) केी, ारा सान् १९५८ केा ६०। ५२ के केी,-
सान् १९५८ केा ६० केी ारा ५२ के में सांोनों।
(के) उप-ारा (१) में,—
(एके) "पाच ाख" ब्दं के स्थानों में, "बीसा ाख" ब्द राखे जायोंगे ;
(दो) खंड (ख) में "सांबींर्शित" ब्द के स्थानों में, "रार्शिजस्ट्रीकेराण के सांयोुक्त मेंहार्शिनोंराीके औरा स्टाम्प अीके तथा सांबींर्शित" ब्द राखे जायोंगे।
(ख) उप-ारा (२) के स्थानों में, र्शिनोंम्नों उप-ारा राखी जायोेगी, अथाित्:—
"(२) (के) ऐसाे आवेंेदनों केी प्राप्तिप्त परा,-
(एके) स्टाम्प के अर्शितरिराक्त र्शिनोंयोंत्रके, योर्शिद भात्ते केी रार्शि बीसा ाख रुपयों साे अर्शिके हाै तथा एके केराोड़ रुपयों तके हाो ;
(दो) रार्शिजस्ट्रीकेराण के सांयोुक्त मेंहार्शिनोंराीके, औरा स्टाम्प के अीके योर्शिद, भात्ते केी रार्शि पचासा ाख रुपयों साे अर्शिके तथा एके केराोड़ रुपयों तके हाो ;
(तीनों) सांबींर्शित प्रभाग के रार्शिजस्ट्रीकेराण के उप-मेंहार्शिनोंराीके तथा स्टाम्प के उप-र्शिनोंयोंत्रके, योर्शिद, भात्ते केी रार्शि बीसा ाख रुपयोे साे अर्शिके हाै तथा पचासा ाख रुपयोे तके हाो ;
उक्त आवेंेदनों परा र्शिवेंचारा केरांगे औरा योहा र्शिनोंणियो केरांगे र्शिके, ऐसा भात्ता र्शिदयोा जाए योा नोंहां, तथा तदनोंुसारा उसाे स्वेंीकेृत केरांगे।
(ख) खंड (के) में उप्तिर्शिखत प्रार्शिकेाराी योर्शिद, भात्ते केी रार्शि एके केराोड़ रुपयोे साे अर्शिके हाो, तो अपनोंे अर्शिभामेंत सार्शिहात ऐसा आवेंेदनों र्शिनोंणियो हाेतु मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रके राजस्वें प्रार्शिकेाराी केो प्रस्तुत केरांगे।"।मांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र असाधाराण भाग सात, मांार्चष ५, २०२६/फाल्गुन १४, शोकाे १९४७ ३
उद्देश्यं औरा काराणं का क्तव्य।
मेंहाराष्ट्र स्टाम्प अर्शिर्शिनोंयोमें, १९५८ (सान् १९५८ केा ६०) केी ारा ५२ के में स्टाम्पं योा चानों के अीनों अदा केी गई नोंक़द रार्शि परा स्टाम्प ुके के प्र्शितदायो के उपबीं हाै, जो नोंष्टा हाो गए हां, दुरुपयोग में आए हां योा उपयोग के र्शिए आवेंश्योके नों राहाे हां। उक्त ारा ५२ के के अीनों मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रके राजस्वें प्रीर्शिकेराण ( साी साी आरा ए ) के अीनों र्शिवेंर्शिभान्नों प्रार्शिकेराणं केो बीसा ाख रुपयों साे अर्शिके नों हाो, केी रार्शि के ुके के प्र्शितदायो स्वेंीकेृत केरानोंे के र्शिए साक्त र्शिकेयोा गयोा हाै तथा बीसा ाख रुपयों साे अर्शिके के रार्शि के ुके केा प्र्शितदायो स्वेंीकेृत केरानोंे के र्शिए मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रके राजस्वें अर्शिकेराण केो साक्त र्शिकेयोा गयोा हाै।
२. सांपर्शित्तयों के सांव्योवेंहारां में र्शिदनों-प्र्शितर्शिदनों वेंृर्शि हाो राहाी हाै, र्शिजसाके परिराणामेंस्वेंरुप स्टाम्प ुके के प्र्शितदायो के र्शिए केई आवेंेदनों दार्शिख हाो राहाे हां। सामेंयोावेंर्शि के दौरानों साम्पर्शित्तयों के मेंुयोांकेनों में वेंृर्शि केरानोंे के केाराण , मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रके राजस्वें अर्शिकेराण के अीनों र्शिवेंर्शिभान्नों प्रार्शिकेारिरायों के केवें बीसा ाख रुपयों तके स्टाम्प ुके के आर्शिथािके अर्शिकेारा-साीमेंा हाोनोंे के केाराण, मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रके राजस्वें अर्शिकेराण के सामें ऐसाे आवेंेदनों केी सांख्योा में वेंृर्शि हाुई हाै। मेंुख्यो र्शिनोंयोंत्रके राजस्वें प्रार्शिकेराण के सामें ऐसाे आवेंेदनों केी सांख्योा बीढ़ जानोंे साे ऐसाे आवेंेदनों के र्शिनोंपटानों केी प्र्शियोा ीमेंी हाो गई हाै।
इसार्शिए, साराकेारा, मेंुख्योर्शिनोंयोंत्रके राजस्वें प्रार्शिकेराण के अीनों प्रार्शिकेारिरायों केी आर्शिथािके अर्शिकेारा-साीमेंा बीढ़ानोंे औरा ऐसाे आवेंेदनों के ीघ्र र्शिनोंपटानों केरानोंे के र्शिए अर्शिकेारां केा र्शिवेंकेंद्रीकेराण केरानोंा इष्टाकेरा सामेंझती हाै। साथा हाी, र्शिवेंद्यमेंानों प्रार्शिकेारिरायों के अर्शितरिराक्त, सांयोुक्त मेंहार्शिनोंराीके रार्शिजस्ट्रीकेराण औरा स्टाम्प अीके केो भाी ऐसा प्र्शितदायो केरानोंे के अर्शिकेारा देनोंे केा प्रस्तावें हाै। उपयोु िक्त प्रयोजनों के र्शिए, उक्त अर्शिर्शिनोंयोमें केी ारा ५२ के में योथाोर्शिचत सांोनों र्शिकेए जानोंे केा प्रस्तार्शिवेंत हाै।
३. प्रस्तुत र्शिवेंेयोके केा आयो उपयोु िक्त उद्देश्यों केो प्राप्त केरानोंा हाै ।
मेंु ंबीई,
र्शिदनोंांर्शिकेत ४ मेंाचि, २०२६। र्चद्रशोेखरा बंानकाुळे,
राजस्वें मेंत्री |
(योथाथाि अनोंुवेंाद),
श्री. अरुण कामांळाबंाई ाळू विगते, प्रभाराी भार्षा सांचाके, मेंहाराष्ट्र राज्यो।
ंबीई,
विधान भान, मेंु र्शिदनोंांर्शिकेत ५ मेंाचि, २०२६।
विजतंद्र भाोळे, सार्शिचवें-१, मेंहाराष्ट्र र्शिवेंानोंसाभा।
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