RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र
असार भाग सात
र्ष १२, अक ८] मगळार, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ [पृष्ठे १८, शिकंमत : रुपयाे ४७.००
असार क्रमाक १२
प्राशिकृत प्राकानी
अध्यादे, शिेयाके अशिशिनीयाम याचा शिहादेी अनीुादे (देनीागरी शिपी)
उच्चतर तथा तकनीकी शिक्षा शिभाग
मंत्रालय, मंादामं कामंा मंागग, हुतात्मंा राजगुरू चौका, ंबई ४०० ०३२, दिदानांांदिकात २२ फ़रावराी २०२६।
मंु
MAHARASHTRA ORDINANCE No. II OF 2026.
AN ORDINANCE
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA UNAIDED PRIVATE PROFESSIONAL EDUCATIONAL INSTITUTIONS (REGULATION OF ADMISSION AND FEES) ACT, 2015.
महाराष्ट्र अध्यादे क्रमाक २ सन् २०२६।
महाराष्ट्र असहायाताप्राप्त शिनीजी ृशिक ैक्षाशिक सस्थाएँ (प्राे तथा फीस का शिशिनीयामनी)
अशिशिनीयाम, २०१५ मं अशिकतर सोनी करनीे सबंी अध्यादे ।
क्यांशिक राज्य दिवधानांमंडल काे दाोनां सादानां का सात्रा नांहुं चौल राहुा हुै ;
सान् २०१५ का मंहुा. २८।
और क्यांशिक मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल का यहु सामंाधानां हुो चौुका हुै दिका, ऐसाी पारिरास्थिदितया दिवद्यमंानां हुं दिजनांकाे काराण उन्हुं इसामं आगे दादिगत प्रयोजनां काे दिलए, मंहुाराष्ट्र असाहुायताप्राप्त दिनांजी वृदिका ैक्षदिणका सांिाए (प्रवे तिा फीसा का दिवदिनांयमंनां) अदिधादिनांयमं, २०१५ मं अदिधाकातरा सांोधानां कारानांे काे दिलए साद्य कायगवाहुी कारानांा आवश्यका हुआ हुै ; भाग सात-१२-१२ महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ अब, इसादिलए, भारात काे सांदिवधानां काे अनांुच्छेदा २१३ काे खण्ड (१) व्दारा प्रदानां स्थितयं का प्रयोग काराते हुए मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल एतद्व्दारा दिनांम्नां अध्यादाे प्रख्यादिपात काराते हुै, अिागत् —
१. (१) यहु अध्यादाे मंहुाराष्ट्र असाहुायताप्राप्त दिनांजी वृदिका ैक्षदिणका सांिा (प्रवे तिा फीसा सांदिक्षप्त नांामं औरा प्राराम्भाण।
का दिवदिनांयमंनां) (सांोधानां) अध्यादाे, २०२६ काहुलाए।
(२) यहु प्रवृ हुोगा।
सान् २०१५ का मंहुा. २८। सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा १ मं सांोधानां |
२. मंहुाराष्ट्र असाहुायताप्राप्त दिनांजी वृदिका ैक्षदिणका सांिाए (प्रवे तिा फीसा का दिवदिनांयमंनां) अदिधादिनांयमं, २०१५ (दिजसाे इसामं आगे, "मंूल अदिधादिनांयमं" काहुा गया हुै) काी धारा १, काी उपा-धारा (१) मं "मंहुाराष्ट्र असाहुायताप्राप्त दिनांजी वृदिका ैक्षदिणका सांिाए (प्रवे तिा फीसा का दिवदिनांयमंनां)" ब्दां काे िानां मं, "मंहुाराष्ट्र वृदिका ैक्षदिणका सांिा (प्रवे का दिवदिनांयमंनां) औरा असाहुायताप्राप्त दिनांजी वृदिका ैक्षदिणका सांिाए (फीसा का दिवदिनांयमंनां)" ब्दा राखे जायंगे।
३. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा २ काे,—
(१) खण्ड (का) काे पाश्चौात्, दिनांम्नां खण्ड दिनांदिवष्ट दिकाया जाएगा, अिागत् :—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा २ मं सांोधानां |
"(का-१) "साहुायताप्राप्त सांिा" का तात्पायग, दिनांजी वृदिका ैक्षदिणका सांिा, जो उनांकाे कामंगचौारिरायं का वेतनां दाेनांे काे काराण कांद्र साराकारा, राज्य साराकारा या िानांीय प्रादिधाकाराण साे साहुायता या अनांुदानां साहुायता प्राप्त काराता हुै ;";
(२) खण्ड (ख) काे पाश्चौात्, दिनांम्नां खण्ड दिनांदिवष्ट दिकाया जाएगा, अिागत् :—
"(ख-१) "अपाील प्रादिधाकाराण" का तात्पायग, धारा १५का काे अधाीनां गदित अपाील प्रादिधाकाराण साे हुै ;";
(३) खण्ड (ग) हुे पाश्चौात्, दिनांम्नां खण्ड दिनांदिवष्ट दिकाया जाएगा, अिागत् :—
"(ग-१) "साीईटी काक्ष" का तात्पायग, धारा १० मं दिनांदिदागष्ट मंहुाराष्ट्र राज्य सामंान्य प्रवे पाराीक्षा काक्ष, साे हुै ;";
(४) खण्ड (छे) हुे िानां मं, दिनांम्नां खण्ड राखा जाएगा, अिागत् :—
"(छे) "फीसा" का तात्पायग, धारा १५ मं उस्थिलदिखत घटकां साे सांबंदिधात हुोनांेवाले फीसा दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण द्वारा फीसा काे रूपा मं दिनांधागरिरात राकामं हुै ; पारांतु उसामं ऐस्थिच्छेका साुदिवधाएं जैसाे दिका छेात्रावासा, दिनांवासािानां, पारिरावहुनां, भाोजनांालय प्रभारा औरा छेात्रा बीमंा फीसा आदिदा काे उपायोग द्वारा दाेय काोई प्रभारा सास्थिम्मंदिलत नांहुं हुै ;";
(५) खण्ड (ट) मं "पाठ्यक्रमं का दिद्वातीय वर्षग" "ब्दां काे िानां मं, "पाठ्यक्रमं का दिद्वातीय या काोई पाश्चौात् वती वर्षग" ब्दा राखे जायंगे ;
(६) खण्ड (ढ) काे पाश्चौात् दिनांम्नां खण्ड दिनांदिवष्ट दिकाया जाएगा, अिागत् :—
"(ढ-१) "भारात काे दिवदाेी नांागरिराका (ओसाीआई)" का वहुी अिग हुोगा दिजसाे नांागरिराकाता सान् १९५५ का ५७। अदिधादिनांयमं, १९५५ काी धारा ७का मं उसाे सामंनांुदाेदित दिकाया हुै ;";
(७) खण्ड (ि) काे उपा-खण्ड (तीनां) काे पाश्चौात्, दिनांम्नां उपा-खण्ड जोड़ा जाएगा, अिागत् :—
"(चौारा) मंहुाराष्ट्र राज्य काौल दिवश्वदिवद्यालय अदिधादिनांयमं, २०२१ काे अधाीनां दिनांगदिमंत रातनां टाटा मंहुाराष्ट्र राज्य काौल दिवश्वदिवद्यालय ; या मंहुाराष्ट्र दिनांजी काौल दिवश्वदिवद्यालय सान् २०२१ का मंहुा. ८ सान् २०२४ का मंहुा. ३५।महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ ३ (िापानांा औरा दिवदिनांयमंनां) अदिधादिनांयमं, २०२४ काी अनांुसाूचौी मं उस्थिलदिखत व-दिव पाोदिर्षत दिनांजी काौल दिवश्वदिवद्यालय या उनां दिवश्वदिवद्यालयं साे सांलग्नां काोई मंहुादिवद्यालय या सांिा, साे हुै ;";
(८) खण्ड (फी) हुे पाश्चौात्, दिनांम्नां खण्ड दिनांदिवष्ट दिकाया जाएगा, अिागत् :—
"(फी-१) "चौयनां सादिमंदित" का तात्पायग, धारा २०का काे अधाीनां गदित सादिमंदित साे हुै ;";
(९) खण्ड (ब) मं "अध्ययनां कारानांेवाले छेात्रा" ब्दां काे िानां मं "सांिा मं प्रवे चौाहुनांेवाले छेात्रा या अध्ययनां कारानांेवाले छेात्रा" ब्दा राखे जाएगे।
(१०) खंड (दासा) मं, "साहुायता अनांुदानां" ब्दां काे िानां मं, "उनांकाे कामंगचौाराीवृन्दा काे वेतनां लेखा पारा "साहुायता अनांुदानां" ब्दा राखे जायंगे।
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा ६ मं सांोधानां। ४. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा ६, काी उपा-धारा (१) मं, "अदिधादिनांयमं २००६" ब्दा औरा अंकां काे पाश्चौात्, "मंहुाराष्ट्र राज्य सामंादिजका औरा ैदिक्षका रूपा दिपाछेड़ाे वगं काे दिलए आराक्षण, २०२४" ब्दा औरा अंका दिनांदिवष्ट दिकाए जाएगे।
सान् २०२४ का मंहुा. १६।
५. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा ६ काे पाश्चौात्, दिनांम्नां धारा दिनांदिवष्ट काी जाएगी, अिागत् :— सानां, २०१५ का मंहुा. २८ मं धारा ६का का दिनांवेनां। "६क. प्रवे काे दिवदिनांयमंनां काे सांबंधा मं धारा ३, ४, ५, औरा ६ काे उपाबंधा तिा साीईटी काक्ष ंबंधा मं धारा १० काे उपाबंधा, साराकाराी सांिा, साराकाराी साहुायताप्राप्त सांिा, औरा लोका
साराकाराी सांिा आदिदा, मं प्रवे काी राीदित। काे सां दिवश्वदिवद्यालय दिवभागं या सांिाओं काो यिावश्यका पारिरावतगनां सामंेत लागू हुंगे।"
६. मंूल अदिधादिनांयमं का अध्याय तीनां काे ीर्षगका काे "औरा राज्य सामंान्य प्रवे पाराीक्षा काक्ष" ब्दा अपामंादिजगत दिकाए जाएंगे।
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काे अध्याय तीनां काे ीर्षगका मं सांोधानां। ७. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा ७ काी,—
(१) उपा-धारा (३) काे,
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा ७ मं सांोधानां। (एका) खण्ड (का) मं, "मंुख्य सादिचौव या अप्पारा मंुख्य सादिचौव काी श्रेणी काे" ब्दां काे िानां मं, "प्रधानां सादिचौव साे अदिनांम्नां श्रेणी काे" ब्दा राखे जाएगे ;
(दाो) खण्ड (ख) मं, "दिवश्वदिवद्यालय काे काुलपादित" ब्दां काे िानां मं, "लोका दिवश्वदिवद्यालय काे काुलपादित या प्रदित-काुलपादित" ब्दा राखे जाएगे ;
(तीनां) खण्ड (ख) काे पाश्चौात्, दिनांम्नां खण्ड दिनांदिवष्ट दिकाया जाएगा, अिागत् :—
"(ख-१) सांयुत सादिचौव साे अदिनांम्नां श्रेणी का सादाय "
साेवादिनांवृ साराकाराी अदिधाकाराी दिजसानांे दिवदिधा औरा न्याय दिवभाग काे कानांूनांी दिवभाग मं कामं दिकाया हुै
(चौारा) खण्ड (ङ) काे पाश्चौात्, दिनांम्नां खण्ड दिनांदिवष्ट दिकाया जाएगा, अिागत् :—
"(ङ-१) दिचौदिकात्सा दिक्षा औरा अनांुसांधानां काे . . सादाय
दिनांदाेका
भाग सात-१२-१अ४ महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ (ङ-२) आयुर्ष काे दिनांदाे
. . सादाय
(ङ-३) काला दिनांदाेका
. . सादाय "
(२) उपा-धारा (४) मं,—
(एका) "(ख)" काोष्का औरा अक्षरा काे िानां मं, "(ख), (ख-१)" काोष्का, ब्दा औरा अंका राखे जाएंगे ;
(दाो) "राज्य साराकारा" ब्दां काे पाश्चौात्, "चौयनां सादिमंदित काे दिसाफीारिरा पारा दिवदिहुत राीत्या" ब्दा जोडे जाएगे।
८. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा ८ काी, उपा-धारा (१) औरा (२) काे िानां मं दिनांम्नां उपा-धारा राखी जाएगी, अिागत् :—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा ८ मं सांोधानां |
"(१) अध्यक्ष औरा सादाय का पादावदिधा, उनांकाे पादा धाराण कारानांे काे दिदानांांका साे तीनां वर्षं तका या उनांकाी ७० वर्षग काी आयु पाूराी हुोनांे तका जो भाी पाहुले हुो, हुोगी ;
सान् २०२६ का मंहुा. अध्या. क्र. २। पारांतु, प्रत्येका व्यस्थित, जो मंहुाराष्ट्र असाहुायताप्राप्त दिनांजी वृदिका ैक्षदिणका सांिा (प्रवे तिा फीसा का दिवदिनांयमंनां) (सांोधानां) अध्यादाे, २०२६ काे प्राराम्भाण काे दिदानांांका पारा अध्यक्ष या सादाय काे रूपा मं साेवा कारा राहुा हुै, ऐसाे प्राराम्भाण पारा तिा साे अध्यक्ष या, यिास्थिदित, सादाय राहुंगे औरा उनांकाी पादावदिधा पाूराी हुोनांे तका उसाी दिनांबंधानां तिा तो पारा, दिजसापारा वे दिनांयुत हुए िे, दिनांरांतरा अपानांा पादा धाराण कारांगे।
(२) अध्यक्ष औरा सादाय तीनां वर्षं काी लगातारा काेवल एका अदिधाका अवदिधा काी पाुनांदिनांगयुस्थित काे दिलए पात्रा हुंगे ।"।
९. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा ९ काी,—
(१) उपा-धारा (१) काे,—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा ९ मं सांोधानां |
(एका) खण्ड (एका) काे िानां मं, दिनांम्नां खण्ड राखा जाएगा, अिागत् :—
"(एका) इसा अदिधादिनांयमं काे प्रयोजनां काो कायागस्थिन्वत कारानांे काे दिलए दिनांयमं बनांानांे मं साराकारा काी साहुायता कारानांा ;";
(दाो) खण्ड (तीनां) काे पाश्चौात्, दिनांम्नां खण्ड दिनांदिवष्ट दिकाया जाएगा, अिागत् :—
"(तीनां-का) प्रादिधाकाराण काे सादाय-सादिचौव द्वारा तैयारा दिकाया गया उसाका बजट प्राकालनां सामंेत पाुनांराीदिक्षत बजट प्राकालनां प्राप्त कारानांा औरा उसाे साराकारा काो, उसाकाे अनांुमंोदानां काे दिलए प्रतुत कारानांा ;
(तीनां-ख) जैसा दिका दिवदिहुत दिकाया जाए ऐसाीराीत्या उसाका खाता बनांाए राखनांा औरा चौाटटडट अकाउंटंट द्वारा, जो भारातीय चौाटटडट अकाउंटंट सांिा का सादाय हुै, साे उसाे सांपारिराक्षीत कारानांा ;
(तीनां-ग) छेात्रां काो साी ए पाी प्रदिक्रया मं साहुायता तिा मंागगदागनां कारानांे काे दिलए सारालीकाराण कांद्र (एफी साी) औरा छेात्रा साहुायता कांद्र (एसा ए साी) िापानां कारानांा औरा उसाे मंान्यता दाेनांा ;
(तीनां-घ) काोई अन्य आनांुर्षंदिगका कायग कारानांा ;
(तीनां) खण्ड (चौारा) काे िानां मं, दिनांम्नां खण्ड राखे जाएगे, अिागत् :—
"(चौारा) प्रवें साे सांबंदिधात दिकायत प्रदिततोर्ष यंत्राणा काे उपाबंधा द्वारा
पाणधारिरायं काी दिकायत का प्रदिततोर्ष कारानांा ;
महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ ५(पाचौ) पाणधारिरायं साे प्रवें साे सांबंदिधात यिाक्रमं सांसाूचौनांा साुदिनांस्थिश्चौत कारानांा;";
(२) उपा-धारा (३) अपामंादिजगत काी जाएगी ;
(३) उपा-धारा (५) काे िानां मं, दिनांम्नां उपा-धारा राखी जाएगी, अिागत् :—
"(५) (का) इसा अदिधादिनांयमं काे अधाीनां उनांकाे काृत्यं औरा कातगव्यं का कायागन्वयनां कारानांे काे दिलए प्रादिधाकाराण औरा दिनांदाेालयं साि हुी साि, प्रत्येका असाहुायताप्राप्त सांिा दिनांम्नां प्रदिक्रया अपानांाएगी, अिागत् :—
(एका) प्रत्येका असाहुायताप्राप्त सांिा, प्रवे काे अंदितमं दिदानांांका साे पांद्रहु दिदानां काे भाीतरा सांबंदिधात दिनांदाेालय काो इलेट्रॉदिनांका रूपा साे 'प्रवे अनांुमंोदानां प्रतावं' काो प्रतुत काराेगी।
(दाो) सांबंदिधात दिनांदाेालय प्रवे अनांुमंोदानां प्रताव काी सांवीक्षा काराेगी औरा यदिदा काोई असाहुमंदित हुो तो प्रमंादिणत काराेगी औरा ऐसाी सांिा साे प्रताव काी प्रास्थिप्त काे दिदानांांका साे पाचौासा दिदानां काे भाीतरा उसाकाी दिसाफीारिरा प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काो इलेट्रॉदिनांका रूपा साे भाेज दाेगी। दिनांदाेालय काे दिसाफीारिरा काी प्रती सांबंदिधात सांिा काो इलेट्रॉदिनांका रूपा साे भाेजी जाएगी।
(तीनां) दिनांदाेालय साे प्राप्त प्रत्येका ऐसाी दिसाफीारिरा औरा प्रवे अनांुमंोदानां प्रताव काे प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण द्वारा सांवीक्षा काी जाएगी औरा ऐसाे प्रताव पारा प्रत्येका अकादादिमंका वर्षग काे ३१ जनांवराी पाूवग प्रादिधाकाराण दिवदिनांणगय लेगा।
पारांतु, प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण सामंय-सामंय साे सामंुदिचौत प्रादिधाकाराण द्वारा यिा दिवदिनांदिणगत वृदिका दिक्षा काे दिवदिष्ट पाठ्यक्रमं काे प्रवे काे दिलए अंदितमं दिदानांांका सांबंधा मं हुोनांे वाले उसाकाे काराणं काो अदिभादिलदिखत कारानांे काे पाश्चौात् प्रत्येका अकादादिमंका वर्षग काे ३१ जनांवराी काे पाश्चौात् एका सामंय पारा तीनां मंहुीनां तका उनांका दिवदिनांणगय कारानांे का दिदानांांका दिवतारिरात दिकाया जा साकाेगा, पारांतु दिकासाी मंामंले मं ं, सांबंदिधात वृदिका पाठ्यक्रमं काे उसा अकादादिमंका वर्षग काी सामंास्थिप्त काे पाराे उसाे बढाया नांहुी जाएगा।
(चौारा) प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण, सांबंदिधात सांिा औरा दिवश्वदिवद्यालय काो उसाकाे अनांुमंोदानां काी जानांकाराी जदा हुी साूदिचौत काराेगी।
(पाचौ) पाणधाराी द्वारा काोई दिकायत प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काे सामंक्ष दादिखल कारा साकाेगी औरा प्रादिधाकाराण जदा हुी तिा दिकासाी मंामंले मं उसा अकादादिमंका वर्षग काी सामंास्थिप्त काे पाूवग उसापारा दिवदिनांणगय ले साकाेगा।
(छेहु) प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काो या तो वप्रेराणा साे या पाणधाराी काे आवदानां पारा, उसाकाे दिलए काराणं काो अदिभादिलदिखत कारानांे काे पाश्चौात् उसाकाे अपानांे दिवदिनांणगय का पाूनांराीक्षण कारानांे काी स्थित हुोगी पारांतु दिद्वातीय पाुनांराीक्षण अनांुज्ञेय नांहुी हुै।
(सात) जहुा दिकासाी दिवदिष्ट वृदिका पाठ्यक्रमं काे सांबंधा मं इलेट्रॉदिनांका प्रणाली द्वारा प्रवे अनांुमंोदानां काे प्रताव का प्रतुतीकाराण सांभाव नांहुी हुै तो प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काे पाूवागनांुमंोदानां साे प्रताव भाौदितका रूपा साे दादिखल दिकाया जा साकाेगा।
(आ) प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काे आदाें या दिवदिनांणगय साे व्यदित पाणधाराी, प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काे आदाे काी प्रास्थिप्त काे दिदानांांका साे पांद्रहु दिदानां काे भाीतरा अपाील प्रादिधाकाराण काे सामंक्ष अपानांा अपाील दादिखल कारा साकाेगा। अपाील प्रादिधाकाराण, ऐसाे अपाील६ महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ काी प्रास्थिप्त काे दिदानांांका साे तीसा दिदानां काे भाीतरा ऐसाे अपाील का दिनांपाटानां काराेगा तिा उसापारा अपाील प्रादिधाकाराण का दिनांणगय अंदितमं हुोगा।
(ख) प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण का काृत्य या कायगवाहुी काेवल इनां काराणं द्वारा अदिवदिधामंान्य सामंझी नांहुं जाएगी दिका उसाकाे गनां मं काोई रिरास्थित हुै या काोई त्राुदिट हुै।
(ग) प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण दिवदिनांयमं द्वारा दिजसाे वहु दिका सामंझीे, प्रवे प्रतावं काी सांवीक्षा औरा दिकायत प्रदिततोर्ष यंत्राणा साे सांबंदिधात उसाकाी प्रदिक्रया दिवदिहुत काराेगा।
(घ) सादाय-सादिचौव प्रादिधाकाराण काे कायागलय का प्रासाकाीय प्रमंुख हुोगा औरा दिवदिनांयमं द्वारा उसाे सांपाी जाए ऐसाी अन्य स्थितयं का प्रयोग काराेगा।
(६) प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण, प्रवें काे सांबंधा मं उसाे प्रमंादिणत कारानांे तिा उसाकाी रिरापाोटट प्रादिधाकाराण काो दाेनांे काे दिलए अदिधाकारिरायं औरा दिवेर्षज्ञें काी जाचौ सादिमंदित गदित काराेगी।
(७) उपा-धारा (६) काे अधाीनां जाचौ सादिमंदितयं काी सांख्या औरा बैका तिा ऐसाे सादायं काो दाेय अन्य भाे, सामंय-सामंय पारा प्रादिधाकाराण द्वारा दिवदिनांदिदागष्ट दिकाए जाए ऐसाे हुंगे।
(८) अध्यक्ष, काो दिनांमंदित्रात कारा साकाेगा,—
(एका) मंहुाराष्ट्र राज्य काे दिकासाी लोका दिवश्वदिवद्यालय का रादिजट्रारा, दिनांमंदित्राती सादाय काे रूपा मं दिनांमंदित्रात दिकाया जा साकाेगा जब प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण का कारा ोबारा उसा दिवश्वदिवद्यालय साे सांबंदिधात वृदिका पाठ्यक्रमं साे सांबंदिधात दिकाया हुै ;
(दाो) उच्चौतरा दिक्षा, तकानांीकाी दिक्षा, सांसाूचौनांा प्रौद्योदिगकाी, दिचौदिकात्सा औरा वाथ्य दिवज्ञेानां, वातुकाला, काृदिर्ष, आयुवेदा दावाई, हुोमंोपाॅदिका, दांत, पारिराचौयाग या और्षधा दिवज्ञेानां दिक्षा साे काोई व्यस्थित या अदिधाकाराी काो उनांकाी दिवेर्षज्ञे राय प्राप्त कारानांे काे दिलए दिनांमंदित्रात दिकाया जा साकाेगा। ऐसाे दिवेर्षज्ञे दिनांमंदित्राती प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काी बैकां काी कायगवाहुीयं दिहुसा ले साकांगे, पारांतु उन्हुे मंत दाेनांे का अदिधाकारा नांहुं हुोगा।"।
१०. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा १० काे िानां मं, दिनांम्नां धारा राखी जाएगी, अिागत् :—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा १० मं सांोधानां |
अध्याया तीनी-क
महाराष्ट्र राज्या सामान्या प्राे परीक्षा कक्षा
राज्य सामंान्य प्रवे पाराीक्षा काक्ष |
१० (१) इसा अदिधादिनांयमं काे अधाीनां प्रदा स्थितयं का प्रयोग कारानांे औरा सामंनांुदाेदित काृत्यं का दिनांवगहुनां कारानांे काे दिलए एका "मंहुाराष्ट्र राज्य सामंान्य प्रवे पाराीक्षा काक्ष" हुोगा। राज्य साीईटी काक्ष उपायु गत नांामं का अपानांा ाश्वत उरादिधाकारा हुोनांेवाला दिनांगदिमंत दिनांकाय हुोगा, उसाकाी सामंान्य मंुद्रा हुोगी तिा उसाे चौल औरा अचौल दाोनां साम्पादियं काे अजेनां, धाराण तिा दिनांपाटानां कारानांे काी स्थित हुोगी तिा इसा अदिधानांयमं काे प्रयोजनां काे दिलए आवश्यका साभाी कायग कारानांे काी स्थित हुोगी तिा उसाकाे नांामं साे या उसाकाे नांामं पारा वादा चौलाया जा साकाेगा।
(२) राज्य साीईटी काक्ष,—
(का) साराकारा द्वारा राज्य साीईटी काक्ष काे आयुत काे रूपा ..... अध्यक्ष
मं प्रदितदिनांयुत सांयुत सादिचौव साे अदिनांम्नां श्रेणी का अदिधाकाराी।महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ ७ (ख) दिचौदिकात्सा, तकानांीकाी काृदिर्ष, उच्चौतरा दिक्षा, काला, ..... सादाय ;
आयुर्ष काे क्षेत्रा मं साे राज्य साराकारा काे उपा-दिनांदाेका साे अदिनांम्नां श्रेणी काे छेहु अदिधाकाराी।
(३) अध्यक्ष काी दिनांयुस्थित राज्य साराकारा द्वारा काी जाएगी औरा उपा-धारा (२) काे खण्ड (ख) काे अधाीनां उसाकाे सादायं दिका दिनांयुस्थित क्रमं: दिचौदिकात्सा तकानांीकाी, काृदिर्ष, उच्चौतरा दिक्षा, काला औरा आयुर्ष काे दिनांदाेकां द्वारा काी जाएगी।
(४) राज्य साीईटी काक्ष काे अध्यक्ष या सादाय, अध्यक्ष या सादाय हुोनांे साे पारिरादिवरात हुो जाएंगे, यदिदा वहु काोई ऐसा कायग काराते हुै जो राज्य साराकारा या दिनांदाेका काी राय मं, राज्य सीईटी कक्षा काे अध्यक्ष या सादाय काे दिलए अोभानांीय हुै।
(५) अध्याय, राज्य साीईटी काक्ष काे बैकां काी अध्यक्षता काराेगा औरा दिजसाे वहु दिका सामंझीं, दिवदिनांयमं द्वारा उसाकाी प्रदिक्रयाओं काो अपानांा साकाेगा।
१०क. राज्य साीईटी काक्ष काी स्थितया औरा काृत्य—
(का) असाहुायताप्राप्त वृदिका ैक्षदिणका सांिा मं प्रवें काे दिलए सामंान्य प्रवे पाराीक्षा काो
राज्य साीईटी काक्ष काी स्थितया तिा काृत्य। दाक्ष, पारादादिग साुचौारु तिा उदिचौत राीत्या आयोजनां कारानांा तिा मंादिनांटरिरांग कारानांा ।
पारांतु राज्य साराकारा कांद्रीय साराकारा काे प्रादिधाकारिरायं द्वारा आयोदिजत साीईटी काे मंाध्यमं साे ऐसाे प्रवे काी अनांुमंदित दाे साकाती हुै ;
(ख) साीईटी पाराीक्षा काे प्रश्नां तैयारा कारानांे औरा उनांकाे गोपानांीय सांचौालनां काे दिलए दिवर्षय़ दिवेर्षज्ञें काी पाहुचौानां कारानांा औरा उन्हुं पाैनांल मं ादिमंल कारानांा ;
(ग) सामंान्य प्रवे पाराीक्षा काे सांचौालनां काे सांबंधा मं साभाी दिनांणगय उदिचौत राीदित साे लेनांा औरा अपाेदिक्षत गोपानांीयता बनांाए राखनांा। यहु पाराीक्षा सांचौालनां, मंूयांकानां औरा पारिराणामं प्रसांकाराण काे दिलए आवश्यका पाराीक्षकां, मंूयांकानांकातागओं, मंॉडराेटरां औरा साॉफ्टवेयरा दिवकासा काे दिलए दिनांयुत व्यस्थितयं दिका दिनांयुस्थित काराेगा, औरा ऑनांलाइनां या ऑफीलाईनां पाराीक्षा काे सांचौालनां काे दिलए आवश्यका साेवा प्रदाताओं काी दिनांयुस्थित भाी काराेगा तिा दिवदिभान्नां दातावंजं काी छेपाई आदिदा का कायग काराेगा । यहु सामंान्य प्रवे पाराीक्षा काे सांचौालनां साे सांबंदिधात साभाी गदितदिवदिधायं काे दिनांष्पादानां काे दिलए दिवीय स्थितयं का प्रयोग काराेगा ;
(घ) सामंान्य प्रवे पारिराक्षाओं काो अनांुकाूलनांीय, जवाबदाेहु, दिवश्वसानांीय, त्राुदिटरादिहुत, दिवद्यािी- दिहुतैर्षी, साुरादिक्षत, छेडछेाड-रादिहुत, पारादाी औरा काुल राीदित साे आयोदिजत कारानांे काे दिलए साभाी आवश्यका उपाय कारानांा ;
(ङ) पाराीक्षण दाल औरा पायगवेक्षकां काे दिलए प्रदिक्षण, दिदादिनांदाे प्रदानां कारानांा ;
(चौ) पाराीक्षा पाूवग औरा साीईटी मं छेात्रां काी साहुायता औरा मंागगदागनां काे दिलए साुदिवधा कांद्र (एफीसाी) औरा छेात्रा साहुायता कांद्र (एसाएसाी) िादिपात कारानांा औरा उन्हुं मंान्यता दाेनांा ;
(छे) राज्य मं दिवदिभान्नां िानां पारा ऑनांलाईनां साीईटी आयोदिजत कारानांे काे दिलए दिक्षण एवं पाराीक्षा कांद्र (एँटीसी) िादिपात कारानांा ;
(ज) सीईटीएँस साे सांबंदिधात दिकायत प्रदिततोर्ष यंत्राणा का उपाबंधा कारानांा ;
(झी) प्रत्येका वर्षग २८ फ़रावराी साे पाहुले अगले वर्षग काे दिलए आय औरा व्यय काे अपानांे बजट अनांुमंानां तैयरा कारानांा ;
८ महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७(ञ) अपानांे दावारा तैयारा दिकाए गए बजट अनांुमंानां पारा दिवचौारा कारानांा औरा उन्हुं खंड(झी) मं दिनांदिदाष्ट दिदानांांका काो या उसाकाे बादा अनांुमंोदानां काे दिलए साराकारा काो प्रतुत कारानांा ;
(ट) आवश्यकातानांुसारा बजट अनांुमंानां काो सांोदिधात कारानांा औरा अनांुमंोदानां काे दिलए साराकारा काो प्रतुत कारानांा ;
(ि) अपानांे खातं काो ऐसाे प्रारूपा मं औरा ऐसाी राीत्या साे राखनांा, जैसा दिका दिवदिहुत दिकाया जाए ;
(ड) अपानांे खातं का लेखापाराीक्षा ऐसाे लेखापाराीक्षका साे कारावानांा जो भारातीय चौाटटडट अकाउंटंटसा सांिानां का सादाय हुो ;
(ढ) प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण या साराकारा द्वारा जैसादिका अपाेदिक्षत हुो ऐसाी रिरापाोटट, दिववराण औरा कािनां प्रतुत कारानांा ;
(ण) यहु साुदिनांस्थिश्चौत कारानांा दिका इसा अदिधादिनांयमं, दिनांयमं औरा दिवदिनांयमं तिा राज्य साराकारा द्वारा तदिनां बनांाए गए दिनांदाें का दिनांष्ापाूवगका पालनां दिकाया जाए।
(२) साीईटी काक्ष का आयुत आपात स्थिदित मं ऐसाी कारागवाई या दिनांणगय ले साकाता हुै जो वहु उदिचौत सामंझीे।
(३) साीईटी काक्ष का आयुत दिकासाी भाी ऐसाे व्यस्थित काो, जो उसाकाी राय मं दिवर्षय का दिवेर्षज्ञे हुो, अपानांी बैका मं उपास्थित हुोनांे काे दिलए आमंदित्रात कारा साकाता हुै, यदिदा वहु दिवर्षय दिजसा पारा दिवेर्षज्ञे काे उसा बैका मं चौचौाग या दिवचौारा हुोनांे काी सांभावनांा हुो ।
(४) साीईटी काक्ष अपानांे काृत्यं काे काुल अनांुपालनां कारानांे काे दिलए ऐसाी सादिमंदितयं का गनां कारा साकाता हुै दिजन्हुे वहु आवश्यका सामंझीे । सादायं काी सांख्या, उनांकाे कातगव्य औरा काृत्य तिा बैकां मं भाग लेनांे काे दिलए सादायं काो दाेय भाते दिवदिनांयमं द्वारा दिनांदिदागष्ट दिकाए जा साकाते हुै।
(५) साीईटी काक्ष, साराकारा द्वारा अनांुमंोदिदात अपानांे बजट काे अध्यधाीनां, साीईटी, काे आयोजनां साे सांबंदिधात साभाी गदितदिवदिधायं काे दिनांष्पादानां काे दिलए दिवीय स्थितयं का प्रयोग कारानांे।
(६) साीईटी, काक्ष काो ऐसाी अन्य स्थितया प्राप्त हुंगी औरा वहु ऐसाे अन्य काृत्यां का दिनांवगहुनां काराेगा तिा पाराीक्षा का सांचौालनां ऐसाी राीत्या साे काराेगा जैसा दिका दिवदिहुत दिकाया जा साकाे।
(७) प्रत्येका साीट पारा प्रवे राज्य काी आराक्षण नांीदित काे अध्यधाीनां, राज्य काी कांद्रीकाृत प्रवे प्रदिक्रया द्वारा अपानांाई गई सामंान्य प्रवे पाराीक्षा (साीईटी) मं प्राप्त गुणागुण काे आधारा पारा दिकाया जाएगा :
पारांतु, सांिागत काोटा मं प्रवे धारा ४ काे खंड (का) काे प्रिमं पारांतुका मं उपाबंदिधात दिकाए गए राीदित साे हुोगा ।
११. मंुल अदिधादिनांयमं काी धारा ११ काी,—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा ११ मं सांोधानां।
(१) उपा-धारा (३) मं खंड (का) काे िानां मं दिनांम्नांदिलदिखत खंड राखा जाएगा, अिागत्:—
"(का) दिजला न्यायालय का साेवादिनांवृ न्यायाधाी या
सादिचौव साे अदिनांम्नां साराकारा का साेवादिनांवृ अदिधाकाराी श्रेणी का । . . अध्यक्ष";
(२) उपा-धारा (४) मं, "साराकारा द्वारा" ब्दां काे पाश्चौात् चौयनां "सादिमंदित काी दिसाफीारिरा पारा दिवदिहुत राीत्या साे" ब्दा जोड़ाे जाएंगे ;
(३) उपा-धारा (७) काे बादा, दिनांम्नांदिलदिखत उपा-धारा दिनांदिवष्ट काी जाएगी, अिागत् :—
"(७का) सादाय-सादिचौव प्रादिधाकाराण काे कायागलय का प्रासादिनांका प्रमंुख हुोगा औरा दिवदिनांयमं द्वारा उसाे सांपाी गई अन्य स्थितयं का प्रयोग काराेगा । "।महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ ९ १२. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा १३ मं,—
(१) उपा-धारा (१) मं खंड (पाचौ) काे पाश्चौात् दिनांम्नांदिलदिखत खंड जोड़ाे जाएंगे,
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा १३ मं सांोधानां। (छेहु) सामंय-सामंय पारा फीसा प्रताव प्रतुत कारानांे काे दिलए मंानांदांड अदिधाकादित कारानांा ;
(सात) फीसा साे सांबंदिधात दिकासाी भाी सांदाभाग पारा साराकारा काो सालाहु दाेनांा।";
(२) उपा-धारा (२) मं खंड (दाो) औरा (तीनां) काे िानां मं दिनांम्नांदिलदिखत खंड राखे जाएंगे, अिागत् :—
"(दाो) असाहुायता प्राप्त दिनांजी वृदिका ैक्षदिणका सांिानां द्वारा छेात्रां काो उपाबंदिधात काी जानांे वाली बुदिनांयादाी ढांचौागत साुदिवधाओं औरा साुख-साुदिवधाओं काे सात्यापानां काे दिलए तंत्रा दिवकादिसात कारानांा ;
(तीनां) फीसा औरा फीसा प्रतावं साे सांबंदिधात दिकायतं काे दिनांवाराण काे दिलए उपाय कारानांा ;
(चौारा) यहु अदिभादिनांस्थिश्चौत कारानांा, सात्यादिपात कारानांा औरा साुदिनांस्थिश्चौत कारानांा दिका फीसा वसाूली मं काोई मंुनांाफीाखोराी नां हुो ;";
(३) उपा-धारा (३) अपामंादिजगत काी जाएगी ;
(४) उपा-धारा (५) काे िानां पारा दिनांम्नांदिलदिखत उपा-धाराए राखी जाएंगी, अिागत् :—
"(५) फीसा दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण, छेात्रां साे वसाूले गए फीसा काे मंुकाबले सांिानां द्वारा प्रदानां काी गई बुदिनांयादाी ढांचौागत साुदिवधाओं औरा साुखसाुदिवधाओं काे सांबंधा मं प्रादिधाकाराण काो सात्यादिपात कारानांे औरा रिरापाोटट कारानांे काे दिलए अदिधाकारिरायं औरा दिवेर्षज्ञें काी दिनांराीक्षण सादिमंदितयं का गनां कारा साकाता हुै।
(६) उपा-धारा (५) काे अधाीनां दिनांराीक्षण सादिमंदित काे सादायं काी सांख्या तिा ऐसाै सादायं काो दाेय बैका एवं अन्य भाे ऐसाे हुंगे जो प्रादिधाकाराण द्वारा सामंय-सामंय पारा दिनांदिदागष्ट दिकाए जाएंगे।
(७) फीसा दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काो दिकासाी भाी असाहुायता प्राप्त सांिा औरा उसाकाे बुदिनांयादाी ढांचौे, जैसाे दिका भावनां, छेात्रावासा, प्रयोगालाएं, पाुतकालय, उपाकारा, दिक्षण औरा ऐसाी दिकासाी सांिा द्वारा दिकाए जानांे वाले अन्य कायं का दिनांराीक्षण या जांचौ कारानांे का अदिधाकारा हुोगा, जैसा वहु दिनांदाेदित काराे।
(८) प्रादिधाकाराण, प्रत्येका मंामंले मं दिनांराीक्षण या जांचौ कारानांे काे अपानांे आय काी साूचौनांा सांिा काो उदिचौत रूपा साे दाेगा औरा सांिा काो एका प्रदितदिनांदिधा दिनांयुत कारानांे का अदिधाकारा हुोगा, दिजसाे ऐसाे दिनांराीक्षण या जांचौ मं उपास्थित राहुनांे औरा अपानांी बात राखनांे का अदिधाकारा हुोगा।"।
१३. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा १४ काे िानां पारा दिनांम्नांदिलदिखत धारा राखी जाएगी, अिागत् :—
"१४. (१) फीसा सांराचौनांा काी तकाकसांगतता दिनांधागरिरात कारानांे मं दिनांम्नांदिलदिखत उपाबंधा लागू हुंगे :—
(का) प्रादिधाकाराण प्रत्येका वर्षग असाहुायता प्राप्त सांिानां काे प्रबंधानां द्वारा फीसा प्रताव प्रतुत कारानांे काे दिलए मंानांदांड दिनांधागरिरात काराेगा औरा उन्हुं अपानांी वेबसाइट पारा अदिमं मं प्रकादित काराेगा ;
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा १४ काी प्रदितिापानांा। फीसा दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण द्वारा अपानांाई जानांेवाली प्रदिक्रया। (ख) असाहुायता प्राप्त सांिा का प्रबंधानां, फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण द्वारा दिनांदिदागष्ट प्रारुपां मं फीसा प्रताव, तत्काल पाूवग दिवीय वर्षग काे लेखापाराीदिक्षत कािं काी प्रमंादिणत प्रदितयं औरा सांबंदिधात अदिभालेख एवं साक्ष्यं काे साि, दिपाछेले ैक्षदिणका वर्षग काे ३१ अटूबरा तका अनांुमंोदानां हुेतु फीसा दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काो प्रतुत काराेगा। प्रताव खंड (का) काे अधाीनां दिनांधागरिरात मंानांदांडं काी पाुस्थिष्ट काराेगा : भाग सात-१२-२१० महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ पाूवग ै
पारांतु प्रादिधाकाराण पायागप्त काराण बताए जानांे पारा औरा लागतं काे भाुगतानां काे अध्यधाीनां राहुते हुए, ैक्षदिणका वर्षग काे ३१ दिदासांबरा तका फीसा प्रताव काो वीकारा कारा साकाता हुै ;
(ग) यदिदा फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण द्वारा दिनांदिदागष्ट सामंय साीमंा काे भाीतरा फीसा सांोधानां काे दिलए प्रताव प्रतुत नांहुं दिकाया जाता हुै, तो प्रादिधाकाराण द्वारा अनांुमंोदिदात औरा पाूवग ैक्षदिणका वर्षग काे दाौरानां लागू फीसा सांराचौनांा अगले ैक्षदिणका वर्षग काी अवदिधा काे दिलए हुी लागू राहुेगी ;
(घ) दाो या दाो साे अदिधाका लगातारा ैक्षदिणका वर्षं काे दिलए फीसा प्रताव प्रतुत नां दिकाए जानांे काी स्थिदित मं, ुका दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण द्वारा तत्काल अतीत मं अनांुमंोदिदात फीसा मं प्रादिधाकाराण द्वारा बीसा प्रदितत काी कामंी काी जाएगी ;
(ङ) फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण प्रतुत प्रतावं काी जांचौ काे दिलए सांवीक्षा काक्ष िादिपात काराेगा औरा दिवदिभान्नां पाठ्यक्रमं काे दिलए अलग-अलग सांवीक्षा काक्ष िादिपात दिकाए जा साकाते हुं ;
(चौ) सांवीक्षा काक्ष काी रिरापाोटट औरा अन्य साभाी साुसांगत घटकां पारा दिवचौारा कारानांे काे पाश्चौात्, फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण प्रतादिवत फीसा काे दिववराण प्राप्त हुोनांे काे दिदानांांका साे एका साौ बीसा दिदानां काी अवदिधा काे भाीतरा फीसा प्रताव काो मंजुराी दाेगा औरा सांबंदिधात सांिा काे प्रबंधानां काो इसा सांबंधा मं दिनांणगय काी साूचौनांा दाेगा ;
(छे) यदिदा फीसा प्रताव पारा फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण का दिनांणगय असाहुायता प्राप्त सांिा काे प्रबंधानां काो वीकायग नांहुं हुै, तो वहु सामंीक्षा काे दिलए दिनांणगय काी साूचौनांा प्राप्त हुोनांे काे दिदानांांका साे पांद्रहु दिदानां काे भाीतरा फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण काे सामंक्ष दिवतृत तकाक सादिहुत सामंीक्षा आवेदानां प्रतुत कारा साकाता हुै। फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण पाूवग ैक्षदिणका वर्षग काे ३१ मंाचौग साे पाहुले ऐसाे सामंीक्षा आवेदानां पारा दिनांणगय लेगा औरा तद्नांुसारा सांबंदिधात प्रबंधानां काो अपानांे दिनांणगय काी साूचौनांा दाेगा;
(ज) फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण ुका प्रतावं काी जांचौ औरा दिकायत प्रदिततोर्ष यंत्राणा काे सांबंधा मं अपानांी प्रदिक्रया दिवदिहुत कारा साकाता हुै, जैसा वहु उदिचौत सामंझीे।
(२) फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण काे दिनांणगय लंदिबत राहुनांे तका, सांिा प्रादिधाकाराण काी पाूवग वीकाृदित साे, फीसा प्रताव पारा अंदितमं दिनांधागराण तका अंतरिरामं या यिास्थिदित तदािग फीसा, वसाूल कारा साकाती हुै। (३) यदिदा काोई सांिा दिपाछेले ैक्षदिणका वर्षग काे दिलए फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण द्वारा दिनांधागरिरात फीसा काो दिवद्यमंानां ैक्षदिणका वर्षग मं अध्ययनांरात छेात्रां पारा दिबनांा दिकासाी पारिरावतगनां काे लागू कारानांा चौाहुती हुै, तो उसाे फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण काी वीकाृदित साे ऐसा कारानांे काी अनांुमंदित दाी जा साकाती हुै, लेदिकानां सांिा काो सामंय पारा फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण काो ऐसा प्रताव प्रतुत कारानांा हुोगा। (४) फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण उनां दिवदिभान्नां ीर्षं काो साूदिचौत काराेगा दिजसाकाे अधाीनां फीसा उद्दिहुत औरा सांदिहुत काी जा साकाती हुं।
(५) (का) प्रत्येका असाहुायता प्राप्त सांिा अपानांे नांोदिटसा बोडट औरा अपानांी वेबसाईट पारा पाठ्यक्रमंवारा औरा ीर्षगकावारा फीसा (अंतरिरामं फीसा औरा तदािग फीसा सादिहुत, जैसा भाी मंामंला हुो) प्रदादिगत काराेगी, जैसा दिका फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण द्वारा मंराी औरा अंेजी मं अनांुमंोदिदात दिकाया गया हुो;
(ख) भार्षाई अपासांख्यका सांिानां काे मंामंले मं, प्रदागनां भाी उसा अपासांख्यका काी भार्षा मं हुोगा दिजसासाे ऐसा सांिानां सांबंदिधात हुै ;
(ग) इसाप्रकारा प्रदादिगत फीसा छेात्रां औरा सांिानां पारा बाध्यकाराी हुोगी।महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ ११ (६) (का) काोई भाी सांिा दिकासाी ैक्षदिणका वर्षग मं दिकासाी उम्मंीदावारा साे एका वर्षग काे फीसा साे अदिधाका फीसा सांदिहुत नांहुं काराेगी;
सान् १९८८ का मंहुा. ६।
(ख) एका ैक्षदिणका वर्षग मं एका साे अदिधाका वर्षं काे दिलए फीसा का सांहु काैदिपाटेनां फीसा काे सांहु काे रूपा मं मंानांा जाएगा औरा ऐसाी सांिा मंहुाराष्ट्र ैक्षदिणका सांिा (प्रदितबता फीसा दिनांर्षेधा) अदिधादिनांयमं, १९८७ औरा इसा अदिधादिनांयमं काे प्रावधानां काे अनांुसारा कायगवाहुी काे दिलए उरादायी हुोगी;
(ग) यदिदा दिकासाी दिकायत काी प्रास्थिप्त पारा या अन्यिा, प्रादिधाकाराण जांचौ काे पाश्चौात इसा दिनांष्कार्षग पारा पाहु ंचौता हुै दिका दिकासाी सांिा नांे प्रादिधाकाराण द्वारा अनांुमंोदिदात फीसा साे अदिधाका फीसा दिलया हुै, तो ऐसाी सांिा छेात्रा काो वहु अदितरिरात फीसा वापासा कारानांे काे दिलए उरादायी हुोगी औरा इसा अदिधादिनांयमं मं यिा उपाबंदिधात दांड काे दिलए भाी उरादायी हुोगी।
पारांतु, जहुा दिकायतकाताग सांिा का पाुनांरावती या पाूवग छेात्रा हुै, तो उसानांे सांिा छेोडनांे काे एका वर्षग काी अवदिधा सामंाप्त हुोनांे काे बादा प्रादिधाकाराण द्वारा ऐसाी काोई दिकायत वीकारा नांहुं काी जाएगी। (७) काोई भाी सांिा छेात्रा काो दिलदिखत मं काराण बताए दिबनांा उसाकाी पाढ़ाई जाराी राखनांे काे दिलए आवश्यका मंाकाकीट, िानांांतराण प्रमंाण पात्रा या काोई अन्य दातावेज नांहुं राोकाेगी।
(८) ुका दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराी द्वारा अनांुमंोदिदात एवं साूदिचौत फीसा उसा अकादादिमंका वर्षग मं असाहुायता प्राप्त सांिा मं प्रवे लेनांेवाले दिवद्यािी पारा लागू हुंगे तिा सांबंदिधात सांिा मं दिवद्यािी काे पाठ्यक्रमं काी सामंास्थिप्त तका उनांमं सांोधानां नांहुं दिकाया जाएगा:
पारांतु, दिका काोई असाहुायता प्राप्त सांिा, फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराी काी पाूवग वीकाृदित साे, कारां मं सांोधानां, दिनांयदिमंत, व्यय मं अचौानांका सांोधानां आदिदा जैसाे काराणं साे दिद्वातीय या पाश्चौातवती वर्षग काे दिलए फीसा मं सांोधानां कारा साकाती हुै।
१४. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा १५ काे पाश्चौात दिनांम्नांदिलदिखत दिनांदिवष्ट दिकाया जाएगा, अिागत्:— सान् २०१५ का मंहुा. २८ मं अध्याय चौारा-का का दिनांवेनां।
अध्याया चार-क
अशिपीया प्राशिकर
अपाीलीय प्रादिधाकाराी। १५क. (१) प्रवे दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण औरा फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण काे आदाेओं या दिनांणगयं साे उद्भाूत अपाीलं का दिनांणगय कारानांे औरा इसा अदिधादिनांयमं काे अधाीनां उसाे सांपाे गए कायं का दिनांवगहुनां कारानांे काे दिलए एका अपाीलीय प्रादिधाकाराण हुोगा।
(२) राज्य साराकारा राजीपत्र मं अदिधासाूचौनांा द्वारा एका अपाीलीय प्रादिधाकाराण का गनां कारा साकाती हुै। गत नांामं साे दिनांगदिमंत दिनांकाय हुोगा, दिजसाका ाश्वत उरादिधाकारा औरा सामंान्य मंुद्रा मंुहुरा उत प्रादिधाकाराण उपायु हुोगी औरा उसाे इसा अदिधादिनांयमं काे प्रयोजनां काे दिलए आवश्यका साभाी कायग कारानांे का अदिधाकारा हुोगा।
(३) अपाीलीय प्रादिधाकाराण मं दिनांम्नांदिलदिखत सादाय हुंगे :—
(का) उच्चौ न्यायालय का साेवादिनांवृ न्यायाधाी या . . अध्यक्ष
अदितरिरात मंुख्य सादिचौव साे अदिनांम्नां श्रेणी का साराकारा का साेवादिनांवृ अदिधाकाराी.
(ख) एका प्रदितस्थिष्त चौाटटडट अकाउंटंट जो भारातीय . . सादाय
चौाटटडट अकाउंटंट्स सांिानां का कामं साे कामं दासा वर्षं काी अवदिधा काे दिलए सादाय हुो।
भाग सात-१२-३१२ महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७
(ग) एका प्रदितस्थिष्त लागत लेखाकारा जो भारातीय लागत.....सादाय
एवं कायग लेखाकारा सांिानां का कामं साे कामं दासा वर्षं काी अवदिधा काे दिलए सादाय हुो।
(घ) वृदिका दिक्षा काे क्षेत्रा साे प्रदितस्थिष्त दिवेर्षज्ञे.....सादाय
(ङ) तकादिनांकाी दिक्षा दिवभाग का एका अदिधाकाराी।.....सादाय-सादिचौव।
(४) उपा-धारा (३) काे खंड (का), (ख), (ग) औरा (घ) काे अधाीनां अपाीलीय प्रादिधाकाराण काे अध्यक्ष औरा सादायं काी दिनांयुस्थित राज्य साराकारा द्वारा चौयनां सादिमंदित काी दिफीारिरा पारा काी जाएगी।
(५) अपाीलीय प्रादिधाकाराण काे सादाय-सादिचौव काी दिनांयुस्थित तकानांीकाी दिक्षा दिवभाग साे उपा दिनांदाेका काे पादा साे नांीचौे काे अदिधाकाराी काी प्रदितदिनांयुस्थित द्वारा काी जाएगी।
(६) काोई भाी व्यस्थित जो दिकासाी दिनांजी साहुायता प्राप्त या असाहुायता प्राप्त वृदिका दिक्षण सांिानां साे सांब हुै, अपाीलीय प्रादिधाकाराण का अध्यक्ष या सादाय या दिवेर्षज्ञे बनांनांे काे दिलए पात्रा नांहुं हुोगा।
(७) अपाीलीय प्रादिधाकाराण का अध्यक्ष या सादाय, अध्यक्ष या सादाय हुोनांे साे पारिरादिवरात हुोगा यदिदा वहु ऐसा काोई कायग काराता हुै जो राज्य साराकारा काी राय मं अपाीलीय प्रादिधाकाराण काे अध्यक्ष या सादाय काे दिलए अनांुदिचौत हुो।
(८) अध्यक्ष, अपाीलीय प्रादिधाकाराण काी बैकां काी अध्यक्षता काराेगा औरा जैसा वहु उदिचौत सामंझीे दिवदिनांयमं द्वारा अपानांी प्रदिक्रया काो अपानांा साकाेगा।
(९) अपाीलीय प्रादिधाकाराण का काोई भाी कायग या कायगवाहुी काेवल उसामं रिरास्थित हुोनांे या उसाकाे गनां मं दिकासाी त्राुदिट काे काराण अमंान्य नांहुं मंानांी जाएगी।
(१०) धारा ८ काे उपाबंधा अध्यक्ष औरा सादायं काे कायगकाल औरा साेवा तं काे सांबंधा मं यिावश्यका पारिरावतगनां सामंेत लागू हुंगे।
(११) साराकारा अपाीलीय प्रादिधाकाराण काे साुचौारू सांचौालनां काे दिलए कामंगचौाराी उपालब्धा काराएगी। (१२) अपाीलीय प्रादिधाकाराी काे साभाी व्यय फीसा दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण काे दिनांदिधा साे दिकाए जाएंगे। १५ख. (१) अपाीलीय प्रादिधाकाराी काी स्थितया औरा काृत्य इसा प्रकारा हुंगे:—
(का) पाणधारिरायं काी अपाील पारा दिनांणगय लेनांा औरा उसाे अंदितमं अनांुमंोदानां दाेनांा।
अपाीलीय प्रादिधाकाराी काी स्थितयां औरा काृत्य.
(ख) प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण औरा फीसा दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काे आदाें औरा दिनांणगयं पारा अपाील का दिनांणगय काे दिलए जैसा वहु उदिचौत सामंझीे अपानांी प्रक्रीया दिवदिहुत कारानांा।
(२) उपा-धारा (१) अधाीनां अपानांे कायं काे दिनांवगहुनां मं औरा इसा अदिधादिनांयमं काे अधाीनां अपाील का दिनांणगय कारानांे काे प्रयोजनां साे, अपाीलीय प्रादिधाकाराी काो दिनांम्नांदिलदिखत मंामंलं काे सांबंधा मं, दिसादिवल प्रदिक्रया सांदिहुता, १९०८ काे अधाीनां दिकासाी दिसादिवल न्यायालय काी साभाी स्थितया प्राप्त हुंगी, अिागत्:—
सान् १९०८ का ५। (एका) दिकासाी गवाहु काो बुलानांा औरा उसाकाी उपास्थिती साुदिनांस्थिश्चौत कारानांा तिा पाि पारा उसासाे पाूछेताछे कारानांा:
(दाो) दिकासाी भाी दातावेज़ काी खोज औरा प्रतुदित;
(तीनां) पािपात्रां पारा साक्ष्य काी वीकाृदित;
(चौारा) गवाहु काी पाराीक्षा काे दिलए कामंीनां जाराी कारानांा।
(३) प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण या फीसा दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काे आदाें औरा दिनांणगयं साे व्यदित काोई पाणधाराी, प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण या फीसा दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण काे आदाे काी प्रास्थिप्तमहाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ १३ काे दिदानांांका साे पांद्रहु दिदानां काे भाीतरा अपाीलीय प्रादिधाकाराण काे सामंक्ष अपाील कारा साकाता हुै। अपाीलीय प्रादिधाकाराण ऐसाी अपाील काी प्रास्थिप्त काे दिदानांांका साे तीसा दिदानां काे भाीतरा उसाका दिनांपाटारा काराेगा औरा उसा पारा अपाीलीय प्रादिधाकाराण का दिनांणगय अंदितमं हुोगा।"।
१५. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा १६ काे िानां मं दिनांम्नांदिलदिखत राखा जाएगा, अिागत्:—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा १६ मं सांोधानां।
अध्याया चार-ख
शिशिनीयामक प्राशिकर और सीईटी कक्षा का शिनीशि
१६. (१) दिनांयामंका प्रादिधाराकाण साीईटी काक्ष काे दिलए एका अलग दिनांदिधा हुोगी।
(२) उत प्रादिधाकाराणं औरा साीईटी काक्ष काी दिनांदिधा मं दिनांम्नांदिलदिखत ादिमंल हुंगे:—
दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण औरा साीईटी काक्ष का दिनांदिधा। (एका) दिनांजी वृदिका दिक्षण सांिानां द्वारा दाेय प्रसांकाराण ुका;
(दाो) दिनांक्षेपा पारा ब्याज;
(तीनां) राज्य साराकारा, कांद्र साराकारा, दिवश्वदिवद्यालय अनांुदानां आयोग औरा अन्य सांिानां साे प्राप्त अनांुदानां (यदिदा काोई हुो);
(चौारा) काोई अन्य धानांरादि दिजसामं फीसा, राॉयटी, लगाए गए जुमंागनांे औरा एकादित्रात साेवा फीसा आदिदा ादिमंल हुं, जो दिनांयामंका प्रादिधाकाराण औरा साीईटी काक्ष द्वारा प्राप्त काी जा साकाती हुं।
(३) (एका) दिनांयामंका प्रादिधाकाराण औरा साीईटी काक्ष, साीईटी आयोदिजत कारानांे काे दिलए प्रसांकाराण फीसा औरा फीसा दिनांधागराण तिा प्रसांकाराण फीसा आदिदा वसाूल साकातं हुं, जैसा दिका प्रादिधाराणं औरा साीईटी साेल द्वारा सामंय-सामंय पारा तय दिकाया जाए।
(दाो) प्रत्येका वर्षग काे दिलए प्रसांकाराण फीसा सांबंदिधात अदिधाकारिरायं औरा साीईटी साेल द्वारा उनांकाे दाैदिनांका व्यय काो ध्यानां मं राखते हुए तय दिकाया जा साकाता हुै, दिजसामं वेतनां, भाे, प्रासादिनांका व्यय, मंानांदाेय, बुदिनांयादाी ढांचौागत आवश्यकाताएं औरा अपानांे कायं काे अनांुसाराण मं काी जानांे वाली काोई अन्य गदितदिवदिधा ादिमंल हुै।
(४) सांबंदिधात अदिधाकाराी औरा साीईटी काक्ष राष्ट्रीयकाृत बंका मं अलग-अलग बंका खाते खोलंगे औरा प्रास्थिप्तयं साे अपानांे खचौं काी पाूदितग कारांगे।"।
१६. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा १७ काे िानां पारा दिनांम्नांदिलदिखत धारा प्रदितिादिपात काी जाएगी, अिागत् :—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा १७ काी प्रदितिापानांा।
"१७.(१) दिनांयामंका प्रादिधाकाराण औरा साीईटी काक्ष अपानांे-अपानांे खाते वादिणस्थिज्यका लेखा प्रणाली काे खातं का राखराखाव।
आधारा पारा राखंगे।
(२) दिनांयामंका प्रादिधाकाराणं औरा साीईटी काक्ष काे खाते ऐसाे प्रारूपा मं राखे जाएंगे, जैसा दिका दिनांधागरिरात दिकाया जा साकाता हुै।
१७. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा १८ काो उसाकाी उपा-धारा (१) काे रूपा मं पाुनां:क्रमंांदिकात दिकाया जाएगा, औरा,—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा १८ मं सांोधानां।
(१) इसा प्रकारा पाुनां: क्रमंांदिकात उपा-धारा (१) मं, "दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण" ब्दां काे पाश्चौात "औरा साीईटी काक्ष" ब्दा दिनांदिवष्ट दिकाए जाएंगे;
(२) इसा प्रकारा पाुनां: क्रमंांदिकात उपा-धारा (१) काे बादा, दिनांम्नांदिलदिखत उपा-धारा जोड़ाी जाएगी, अिागत् :—
भाग सात-१२-३अ१४ महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ (२) उपा-धारा (१) काे प्रावधानां पारा प्रदितकाूल प्रभाव डाले दिबनांा, दिनांयामंका प्रादिधाकाराणं औरा साीईटी काक्ष काे वादिर्षगका खातं का लेखापाराीक्षा सांबंदिधात प्रादिधाकाराणं औरा साीईटी साेल द्वारा दिनांयुत भारातीय चौाटटडट अकाउंटंट्स सांिानां काे सादाय द्वारा दिकाया जाएगा।"।
१८. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा १९ मंे,—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा १९ मं सांोधानां। (१) पाश्वग दिटप्पाणी मं, "दिनांयामंका प्रादिधाकाराण" ब्दां काे बादा "औरा साीईटी काक्ष" ब्दा जोड़ाे जाएंगे;
(२) "दिनांयामंका प्रादिधाकाराण" ब्दां काे बादा "औरा साीईटी काक्ष" ब्दा जोड़ाे जाएंगे।
१९. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा २० काी,—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा २० मं सांोधानां।
(१) उपा-धारा (१) मं खंड (का) औरा (ख) काे िानां पारा दिनांम्नांदिलदिखत खंड राखे जाएंगे, अिागत्:—
"(का) प्रिमं उलंघनां काे दिलए, जो तीनां लाख रुपाये साे कामं नांहुं हुोगा या इसा अदिधादिनांयमं काे अधाीनां दिनांधागरिरात फीसा साे अदिधाका ली गई रादि का दाुगुनांा, जो भाी अदिधाका हुो;
(ख) दाूसाराे या उसाकाे बादा काे उलंघनां काे दिलए, जो पांद्रहु लाख रुपाये साे कामं नांहुं हुोगा या इसा अदिधादिनांयमं काे अधाीनां दिनांधागरिरात फीसा साे अदिधाका ली गई रादि का दितगुनांा हुोगा, जो भाी अदिधाका हुो।";
(२) उपा-धारा (३) मं, "सांज्ञेय हुोगा" ब्दां काे बादा, "औरा न्यायालय काी अनांुमंदित साे सामंझीौता योग्य हुोगा" ब्दा जोड़ाे जाएंगे;
(३) उपा-धारा (३) काे बादा, दिनांम्नांदिलदिखत उपा-धारा दिनांदिवष्ट काी जाएगी, अिागत्:—
"(३का) काोई भाी न्यायालय इसा अदिधादिनांयमं काे अधाीनां दांडनांीय अपाराधा का सांज्ञेानां तब तका नांहुं लेगा, जब तका दिका प्रादिधाकाराण द्वारा या प्रादिधाकाराण द्वारा इसा उद्देश्य काे दिलए दिवदिधावत अदिधाकाृत दिकासाी अदिधाकाराी द्वारा दिलदिखत मं दिकायत नां काी गई हुो। "।
२०. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा २० काे बादा दिनांम्नांदिलदिखत धाराए दिनांदिवष्ट काी जाएगी, अिागत्:—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ मंे नांई धारा २०का का दिनांवेनां।
"२०क. (१) प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण, फीसा दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण औरा अपा ीलीय प्रादिधाकाराण काे अध्यक्ष औरा सादायं काे उपायुत नांामं काी दिसाफीारिरार्ष कारानांे औरा इसा अदिधादिनांयमं काे अधाीनां इसाे सांपाे गए कायं का दिनांवगहुनां कारानांे काे दिलए एका चौयनां सादिमंदित हुोगी।
(२) चौयनां सादिमंदित मं दिनांम्नांदिलदिखत सादाय हुंगे :—
(का) मंुख्य सादिचौव, मंहुाराष्ट्र साराकारा . . . . अध्यक्ष
(ख) सामंान्य प्रासानां दिवभाग काे अप्पारा मंुख्य . . . . सादाय सादिचौव या प्रधानां सादिचौव
(ग) उच्चौ एवं तकानांीकाी दिक्षा दिवभाग काे अप्पारा . . . . सादाय मंुख्य सादिचौव या प्रधानां सादिचौव
(घ) दिचौदिकात्सा दिक्षा एवं और्षदिधा दिवभाग काे अप्पारा . . . . सादाय मंुख्य सादिचौव या प्रधानां सादिचौव या सादिचौव
(ङ) दिवदिधा एवं न्याय दिवभाग काे प्रधानां सादिचौव एवं . . . . सादाय। दिवदिधा पारामंीमहाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ १५ (३) चौयनां सादिमंदित द्वारा अपानांाई जानांेवाली प्रदिक्रया—
(एका) प्रादिधाकाराण काे अध्यक्ष औरा सादायं काी दिनांयुस्थित काे दिलए या जब प्रादिधाकाराण मं अध्यक्ष या सादाय काे पादा पारा काोई रिरास्थित उत्पान्नां हुोती हुै या उत्पान्नां हुोनांे काी सांभावनांा हुोती हुै, तो साराकारा चौयनां सादिमंदित काो सांदाभाग भाेजेगी।
प्रादिधाकाराण काे अध्यक्ष या सादाय काे चौयनां काे उद्देश्य साे चौयनां सादिमंदित ऐसाी प्रदिक्रया का पालनां कारा साकाती हुै दिजसाे वहु उदिचौत सामंझीे।
(दाो) चौयनां सादिमंदित राज्य साराकारा द्वारा दिनांदिदागष्ट रिरास्थित या रिरास्थितयं काो भारानांे काे दिलए अदिधाकातमं तीनां व्यस्थितयं काे पाैनांल काे रूपा मं अलग-अलग दिसाफीारिरा राज्य साराकारा काो दिवचौारा काे दिलए प्रतुत काराेगी।
(तीनां) चौयनां सादिमंती खंड (झी) काे अधाीनां दिकाए गए सांदाभाग काे दिदानांांका साे तीसा दिदानां साे अदिधाका काी अवदिधा काे भाीतरा राज्य साराकारा काो अपानांी दिसाफीारिरां प्रतुत काराेगी।
(चौारा) चौयनां सादिमंती काी बैका काे दिलए नांोदिटसा या एजंडा, जैसा भाी मंामंला हुो, सांयोजका द्वारा चौयनां सादिमंदित काे अध्यक्ष साे पारामंग काराकाे ऐसाी बैका का दिदानांांका औरा िानां दिनांधागरिरात कारानांे काे बादा जाराी दिकाया जाएगा।
(पाचौ) उच्चौ एवं तकानांीकाी दिक्षा दिवभाग काे सादिचौव चौयनां सादिमंदित काे सांयोजका हुंगे। (छेहु) राज्य साराकारा प्रादिधाकाराण काे अध्यक्ष औरा सादायं काी दिनांयुस्थित या रिरात पादा काो भारानांे काे दिलए चौयनां सादिमंदित काी दिसाफीारिरां पारा दिवचौारा काराेगी।"।
२१. मंुख्य अदिधादिनांयमं काी धारा २१ मं, "प्रादिधाकाराण काे कायागलय" ब्दां काे बादा "औरा साीईटी काक्ष" ब्दा जोड़ाे जाएंगे।
सान् २०१५ का मंहुा. २८ काी धारा २१ मं सांोधानां।
२२. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा २१ काे बादा दिनांम्नांदिलदिखत धाराए दिनांदिवष्ट काी जाएगी, अिागत्,—
सान् २०१५ का मंहुा. २८ मंे नांई धारा २१का साे २२ ड का दिनांवेनां।
पादाेनां सादायं काी उपास्थिदित।
"२१क. दिनांयामंका प्रादिधाकाराण का काोई पादाेनां सादाय, जो अपानांे आदिधाकारिराका कायग काे काराण प्रादिधाकाराण काी बैका मं उपास्थित हुोनांे मं असामंिग हुै, अपानांे तत्काल अधाीनांि काो ऐसाी बैका मं उपास्थित हुोनांे काे दिलए अदिधाकाृत कारा साकाता हुै औरा सांबंदिधात सादाय-सादिचौव काो इसा तराहु काे प्रादिधाकाराण काी अदिमं साूचौनांा दाे साकाता हुै।
प्रदितदिनांयुस्थित पारा साराकाराी कामंगचौारिरायं काी दिनांयुस्थित।
"२१ख. साराकारा द्वारा दिनांयुत औरा दिनांयामंका प्रादिधाकाराणं या, जैसा भाी मंामंला हुो, साीईटी काक्ष मं प्रदितदिनांयुत कामंगचौारिरायं काी साेवा काी तं औरा दिनांयमं वहुी हुंगे जो साराकाराी कामंगचौाराीयं पारा लागू हुोते हुं:
पारांतु, दिनांयामंका प्रादिधाकाराण, आदाे द्वारा, ऐसाे साराकाराी कामंगचौारिरायं काो अदितरिरात लाभा प्रदानां कारा साकाता हुै, जैसा वहु उदिचौत सामंझीे।
अध्यक्ष, सादाय औरा अदिधाकाराी लोका साेवका हुंगे।
सानां २०२३ का ४५। २१ग. प्रादिधाकाराणं काे अध्यक्ष औरा सादाय, दिनांयामंका प्रादिधाकाराणं काे अदिधाकाराी औरा कामंगचौाराी तिा साीईटी प्रकाोष्, इसा अदिधादिनांयमं काे उपाबंधां काे अनांुसाराण मं कायग काराते सामंय या कायग कारानांे का आय राखते सामंय, भारातीय न्याय सांदिहुता, २०२३ काी धारा २ काे खंड (२८) काे अिग मं लोका साेवका मंानांे जाएंगे। अध्यक्ष, पादादिधाकाराी आदिदा, सादाय औरा लोका साेवका हुोनांे चौादिहुए।१६ महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ २१घ. प्रवे दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण या साीईटी प्रकाोष् काे बीचौ दिकासाी दिववादा या मंतभाेदा काी स्थिदित मं, इसा सांबंधा मं दिका काोई दिवेर्ष मंामंला दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण या साीईटी प्रकाोष् साे सांबंदिधात हुै या नांहुं, साक्षमं प्रादिधाकाराी द्वारा मंामंले काो उच्चौ एवं तकानांीकाी दिक्षा दिवभाग काे प्रभाराी सादिचौव काो भाेजा जाएगा, दिजसाका दिनांणगय अंदितमं हुोगा। "।
दिवदिनांयामंका प्रादिधाकाराण औरा साीईटी काक्ष काे बीचौ दिववादा या मंतभाेदा।
दिवदिनांयामंका प्रादिधाकारिरायं काे बीचौ दिवदिनांयमंनां काो लेकारा मंतभाेदा।
२१ड. यदिदा दिनांयामंका प्रादिधाकाराणं काे बीचौ इसा बात पारा मंतभाेदा हुो दिका काोई दिवेर्ष मंामंला प्रवे दिनांयामंका प्रादिधाकाराण या फीसा दिनांयामंका प्रादिधाकाराण काे अंतगगत आता हुै, तो व मंामंला दिकासाी भाी सादाय-सादिचौव द्वारा उच्चौ एवं तकानांीकाी दिक्षा दिवभाग काे प्रभाराी सादिचौव काो भाेजी जाएगी, दिजसाका दिनांणगय अंदितमं हुोगा।
२३. धारा २२ मं, "दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण" ब्दां काे िानां पारा "दिवदिनांयमंनां प्रादिधाकाराण, अपाीलीय प्रादिधाकाराण औरा साीईटी काक्ष" ब्दा राखे जाएंगे।
सानां २०१५ का मंहुा २८ काी धारा २२ मं सांोधानां।
२४. मंूल अदिधादिनांयमं काी धारा २२ काे बादा दिनांम्नांदिलदिखत धारा जोड़ाी जाएगी, अिागत्:—
सानां २०१५ का मंहुा. २८ मं नांई धारा २२का का दिनांवेनां।
" २२क. साभाी व्यावसादियका दिक्षा सांिानां दिनांयामंका प्रादिधाकाराणं, अपाीलीय प्रादिधाकाराण औरा साीईटी प्रकाोष् काो इसा अदिधादिनांयमं काे तहुत् अपानांे कातगव्यं औरा कायं काो पाूरा कारानांे औरा दिनांवगहुनां कारानांे काे दिलए आवश्यका साहुायता औरा साहुयोग प्रदानां कारांगे। "।
व्यावसादियका दिक्षा सांिानां काे कातगव्य औरा उनांसाे प्राप्त हुोनांेवाली साहुायता।
कादिनांाई काो दाूरा कारानांे काी स्थित।
२५. (१) यदिदा इसा अध्यादाे द्वारा सांोदिधात मंूल अदिधादिनांयमं काे प्रावधानां काो प्रभावी कारानांे मं काोई कादिनांाई उत्पान्नां हुोती हुै। तो राज्य साराकारा, आवश्यकातानांुसारा, अदिधाकारिराका राजपात्रा मं प्रकादित आदाे द्वारा, इसा अध्यादाे काे प्रावधानां काे साि असांगत नां हुोनांेवाला काोई भाी कायग कारा साकाती हुै, जो उसाे कादिनांाई काो दाूरा कारानांे काे दिलए आवश्यका या उपायुत प्रतीत हुोता हुै ।
(२) उपा-धारा (१) काे अधाीनां बनांाया गया प्रत्येका आदाे, उसाकाे पारिरात हुोनांे काे दिदानांांका काे बादा यिाीघ्र, राज्य दिवधानांमंडल काे प्रत्येका सादानां काे सामंक्ष राखा जाएगा।महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७ १७
क्तव्या
मंहुाराष्ट्र गैरा-साहुायता प्राप्त दिनांजी व्यावसादियका ैक्षदिणका सांिानां (प्रवे औरा फ़ीसा का दिवदिनांयमंनां) अदिधादिनांयमं, २०१५ (सानां २०१५ का मंहुा २८). मंहुाराष्ट्र राज्य मं गैरा-साहुायता प्राप्त दिनांजी व्यावसादियका ैक्षदिणका सांिानां मं प्रवे औरा फ़ीसा काे दिवदिनांयमंनां का उपाबंधा कारानांे काे दिलए अदिधादिनांयदिमंत दिकाया गया हुै। उत अदिधादिनांयमं गैरा-साहुायता प्राप्त दिनांजी व्यावसादियका ैक्षदिणका सांिानां मं प्रवे औरा फ़ीसा काो दिवदिनांयदिमंत कारानांे काे दिलए प्रादिधाकाराणं काे गनां औरा "काॉमंनां एंट्रंसा टेट" काे मंाध्यमं साे, कांद्रीकाृत प्रवे प्रदिक्रया काे सांचौालनां का उपाबंधा काराता हुै।
२. उत अदिधादिनांयमं काे कायागन्वयनां काे दाौरानां काुछे कादिनांाईया सामंनांे आई िी, इसादिलए, अदिधादिनांयमं काे उपाबंधां काी सामंीक्षा कारानांा आवश्यका सामंझीा गया हुै। ऐसाी सामंीक्षा काे बादा, साराकारा उत अदिधादिनांयमं काी दिवदिभान्नां धाराओं मं उपायु गत सांोधानां कारानांा इष्टकारा सामंझीती हुै।
३. सांोधानां काी मंुख्य दिवेर्षताएं यिा दिनांम्नां हुै:—
(एका) उत अदिधादिनांयमं काी प्रयोज्यता साराकाराी साहुायता प्राप्त व्यावसादियका ैक्षदिणका सांिानां औरा साराकाराी व्यावसादियका पाठ्यक्रमं काे प्रवें तका बढ़ानांा;
(दाो) धारा ६ मं सांोधानां कारानांा हुै, तादिका गैरा-साहुायता प्राप्त सांिानां मं उनां छेात्रां काे दिलए साीटं आवंदिटत काी जा साकां जो मंहुाराष्ट्र राज्य सामंादिजका औरा ैक्षदिणका रूपा साे दिपाछेड़ा वगग आराक्षण अदिधादिनांयमं, २०२४ (सानां २०२४ का मंहुा. १६) काे अंतगगत आते हुं;
(तीनां) नांई धारा ६का दिनांदिवष्ट कारानांा हुै तादिका, साराकाराी औरा साराकाराी साहुायता प्राप्त व्यावसादियका ैक्षदिणका सांिानां औरा व्यावसादियका पाठ्यक्रमं मं प्रवे काी राीदित का उपाबंधा दिकाया जा साकाे;
(चौारा) धारा ८ मं सांोधानां कारानांा हुं तादिका, यहु उपाबंधा दिकाया जा साकाे दिका, अध्यक्ष औरा सादायं का पादावदिधा तीनां वर्षं तका हुोगा या जब तका वे ७० वर्षग काी आयु प्राप्त नांहुं कारा लेत, जो भाी पाहुले हुो, औरा वे काेवल तीनां वर्षं काे एका औरा पादावदिधा काे दिलए पाुनांदिनांगयुस्थित काे पात्रा हुंगे;
(पांचौ) धारा १० काो राखनांा हुै तादिका साीइटी साेल काे गनां, स्थितयं औरा कायं का उपाबंधा दिकाया जा साकाे;
(छेहु) धारा १३ मं सांोधानां कारानांा हुै तादिका, ुका दिनांयामंका प्रादिधाकाराण काो गैरा-साहुायता प्राप्त सांिानां काे जांचौ कारानांे का दिनांराीक्षण या कारानांे का अदिधाकारा दिदाया जा साकाे, दिजसासाे यहु साुदिनांस्थिश्चौत दिकाया जा साकाे दिका सांिानां द्वारा ली जानांेवाली फ़ीसा उदिचौत औरा न्यायसांगत हुै;
(सात) धारा १४ काो प्रदितिादिपात कारानांा हुै तादिका, फ़ीसा दिनांयामंका प्रादिधाकाराण द्वारा अपानांाई जानांेवाली प्रदिक्रया का उपाबंधा दिकाया जा साकाे;
(आ) अध्याय चौारा-का सास्थिम्मंदिलत कारानांा हुै तादिका, प्रवे काे सांबंधा मं, 'प्रवे दिनांयामंका प्रादिधाकाराण' औरा फ़ीसा प्रताव पारा 'फ़ीसा दिनांयामंका प्रादिधाकाराण' काे दिनांणगय काे दिवरु अपाील कारानांे काे दिलए अपाीलीय प्रादिधाकाराण काे गनां का उपाबंधा दिकाया जा साकाे;
(नांौ) अध्याय चौारा-ख सास्थिम्मंदिलत कारानांा हुै, तादिका दिनांयामंका प्रादिधाराणं औरा साीईटी साेल काे दिलए दिनांधाी साे सांबंदिधात उपाबंधा दिकाए जा साकां;
(दासा) धारा २० मं सांोधानां कारानांा हुै तादिका, उत अदिधादिनांयमं काे दिकासाी भाी उपाबंधाो काे उलंघनां काे दिलए ास्थितयं काो बढ़ाया जा साकाे;
१८ महाराष्ट्रट ासनी राजीपत्र असार भाग सात, माचष १०, २०२६/फीाल्गुनी १९, के १९४७(ग्याराहु) नांई धारा २०का दिनांदिवष्ट कारानांा हुै तादिका, राज्य साराकारा काो प्रादिधाकाराणं काे अध्यक्ष औरा सादायं काे उपायुत नांामं काी दिसाफीारिरा कारानांे काे दिलए एका चौयनां सादिमंदित का गनां दिकाया जा साकाे;
(बाराहु) नांई धाराए २१का, २१ख, २१ग, २१घ औरा २१ड़ा सास्थिम्मंदिलत कारानांा हुै तादिका, दिनांयामंका प्रादिधाकाराणं औरा साीईटी साेल काे साुचौारू कामंकाज काो साुदिनांस्थिश्चौत दिकाया जा साकाे।
४. चौू ंदिका, राज्य दिवधानांमंडल काे दाोनां सादानां का सात्रा नांहुं चौल राहुा हुै औरा मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल का यहु सामंाधानां हुो चौुका हुै दिका, ऐसाी पारिरास्थितीया दिवद्यमंानां हुै, दिजनांकाे काराण उन्हुं उपायु गत प्रयोजनां काे दिलए, मंहुाराष्ट्र गैरा-साहुायता प्राप्त दिनांजी व्यावसादियका ैक्षदिणका सांिा (प्रवे औरा फ़ीसा का दिवदिनांयमंनां) अदिधादिनांयमं, २०१५ मं अदिधाकातरा सांोधानां कारानांे काे दिलए, साद्य कायगवाहुी कारानांा आवश्यका हुआ हुै; अत: यहु अध्यादाे, प्रख्यादिपात हुआ हुै।
ंबई,
मंु दिदानांांदिकात २१ फ़रावराी, २०२६।
आचायाष देव्रत, मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल।
मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल काे आदाे तिा नांामं साे,—
बंी. ेुगोपा रेड्डी, साराकारा काे अप्पारा मंुख्य सादिचौव।
(यिािग अनांुवादा),
श्री. अरू कमळाबंाई ाळू शिगते, प्रभाराी भार्षा सांचौालका, मंहुाराष्ट्र राज्य।
ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.