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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

Part VII, Ext. No. 21, L. A. BILL No. XXIV OF 2026 A Bill further to amend the Wild Life (Protection) Act, 1972, in its Application to the State of Maharashtra. Tuesday, 17th March 2026.

Published 17 March 2026

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2026-03-17.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi

RNI No. MAHBIL /2009/31730

मांहाराष्ट्रट शोासन राजीपत्र

असाधाराण भाग सात

र्षच १२, अका १३] मांगळारा, मांाच १७, २०२६/फाल्गुन २६, शोकाे १९४७ [पृष्ठे ३, विकांमांत : रुपये ४७.००

असाधाराण क्रमांाका २१

प्राविधाकाृत प्रकाशोन

अध्यादेशो, विधाेयकाे अविधाविनयमां या विहादेी अनुादे (देनागराी विलपी).

मांहाराष्ट्र विधानमांडळ सविालय

मेंहाराष्ट्र र्शिवानोंसभा में र्शिदनोंांके १७ मांाच, २०२६ ई. केो. पुरा:स्थार्शिपुत र्शिनोंम्नों र्शिवेयोके मेंहाराष्ट्र र्शिवानोंसभा र्शिनोंयोमें ११७ के अीनों प्रकेार्शित र्शिकेयोा जाता हाै :–

L. A. BILL No. XXIV OF 2026.

A BILL

FURTHER TO AMEND THE WILD LIFE (PROTECTION) ACT, 1972, IN IT'S APPLICATION TO THE STATE OF MAHARASHTRA.

विधानसभा का विधाेयका क्रमांाका २४ सन् २०२६।

मांहाराष्ट्र राज्य मां यथा प्रयुक्त न्य जी (सराक्षण) अविधाविनयमां, १९७२

मां अविधाकातरा सशोधान काराने सबंधाी विधाेयका।

सनों १९७२ केा ५३।

क्यंविका, इसमें आगे दर्शित प्रयोजनों के र्शिए, मेंहाराष्ट्र राज्यो में उसकेी प्रयोुक्त‍ित में वन्यो जीव (संराक्षण) अर्शिर्शिनोंयोमें, १९७२ में अर्शिकेतरा संोनों केरानोंा इष्टकेरा हाै; अतः भारात गेणराज्यो के सतहात्तरावं वर्षि में, एतद्‌द्वारा, र्शिनोंम्नों अर्शिर्शिनोंयोमें अर्शिर्शिनोंयोर्शिमेंत र्शिकेयोा जाता हाै:—

१. (१) योहा अर्शिर्शिनोंयोमें वन्यो जीव (संराक्षण) (मेंहाराष्ट्र संोनों) अर्शिर्शिनोंयोमें, २०२६ केहाए। संर्शिक्षप्त नोंामें औरा प्राराम्भाण । भागे सात-२१–१२ मांहाराष्ट्रट शोासन राजीपत्र असाधाराण भाग सात, मांाच १७, २०२६/फाल्गुन २६, शोकाे १९४७ (२) योहा ऐसे र्शिदनोंांके से प्रवृत्त हाोगेा र्शिजसे राज्यो सराकेारा, राजीपत्र में प्रकेार्शित अर्शिसूचनोंा द्वारा र्शिनोंयोत केराे।

२. मेंहाराष्ट्र राज्यो में योथा प्रयोुत वन्यो जीव (संराक्षण) अर्शिर्शिनोंयोमें, १९७२ केी, ारा १२ के पुरांतुके के,—

सन् १९७२ केा ५३ सन् १९७२ केा ५३ केी ारा ९२ संोनों।

(एके) खण्ड (के) में, "अनोंुसूची एके में" ब्द औरा अक्षरां के पुश्चात्, "अनोंुसूची झ के के, भागे के मेंॅमेंल्स के अनोंुक्रमेंांके ४३ केी प्र्शिवक्त‍िष्ट में र्शिवर्शिनोंर्शिदिष्ट तंदुआ केो छोडकेरा" ब्द, अंके औरा अक्षरा र्शिनोंर्शिवष्ट र्शिकेए जाएंगे ;

(दो) खण्ड (ख) में, " केोई अन्यो वन्यो प्राणी" ब्दं के पुश्चात्, "अनोंुसूची एके के भागे केः मेंॅमेंल्स के अनोंुक्रमेंांके ४३ में केी प्र्शिवक्त‍िष्ट में र्शिवर्शिनोंर्शिदिष्ट तंदुआ सक्त‍िम्मेंर्शित" ब्द, अंके औरा अक्षरा र्शिनोंर्शिवष्ट र्शिकेए जाएंगे।मांहाराष्ट्रट शोासन राजीपत्र असाधाराण भाग सात, मांाच १७, २०२६/फाल्गुन २६, शोकाे १९४७ ३

उद्देश्यं औरा काराणं का क्तव्य

वन्यो जीव (संराक्षण) अर्शिर्शिनोंयोमें, १९७२ (सन् १९७२ केा ५३) दे केी पुारिराक्त‍िस्थार्शितर्शिके औरा पुयोािवराण सुराक्षा सुर्शिनोंक्त‍िश्चत केरानोंे केी दृक्त‍िष्ट से जंगेी जानोंवरां के संराक्षण औरा उससे संबंर्शित योा सहायोके योा अनोंुर्षंर्शिगेके मेंामें के र्शिए उपुबं केराता हाै। योहा अर्शिर्शिनोंयोमें मेंहाराष्ट्र वन्यो जीव (संराक्षण) र्शिनोंयोमें, २०१४ औरा संबंर्शित वनों अर्शिर्शिनोंयोमें औरा र्शिनोंयोमें के साथा र्शिमेंकेरा वन्योजीवं के संराक्षण केो मेंजबंूत केरानोंे के र्शिए केड़े प्रावानों केराता हाै। सख्त संराक्षण औरा सुराक्षा उपुायों के केाराण, राज्यो में वन्यो प्रार्शिणयों, र्शिवेर्ष रूपु से तंदुओं केी आबंादी बंढ़ राहाी हाै।

२. राज्यो के केई वनों क्षेत्रों में, तंदुओं केी जनोंसंख्योा में उस क्षेत्रों केी वहानों क्षमेंता से अर्शिके वृर्शि गेई हाै। इससे असरा उनोंके बंीच क्षेत्रोंीयो र्शिनोंयोंत्रोंण के र्शिए ड़ेाई हाोती हाै, र्शिजसमें केमेंजोरा तंदुए क्षेत्रों छोड़े देते हां औरा जंगें से सटे गेैरा-वनोंीयो क्षेत्रों में चे जाते हां।

चु र्शिके, तंदुए अपुनोंी आवास संबंी आवश्योकेताओं औरा भाोजनों केी आवश्योकेताओं के संबं में अत्योार्शिके अनोंुकेूनोंीयो समेंयोानोंुवती र्शिकेाराी हाोते हाै, इसर्शिए वे केृर्शिर्ष क्षेत्रों, बंागेानों औरा मेंानोंव बंक्त‍िस्तयों के पुास पुाए जाते हाै।

तंदुओं नोंे ऐसे क्षेत्रों केो अपुनोंा क्षेत्रों बंनोंा र्शियोा हाै औरा वे ऐसे गेैरा-वनों क्षेत्रों में प्रजनोंनों भाी केराते हां। अन्यो जंगेी तंदुआ पुरिरावारा के जानोंवराे के ावकें केी तुनोंा में तंदुआ ावकें के जीर्शिवत राहानोंे केी दरा अर्शिके हाै। ऐसे तंदुए पुातू पुओं के र्शिए मेंानोंव आवास में आते हाै जो उनोंके र्शिए आसानों र्शिकेारा हाोते हां औरा मेंनोंुष्यों पुरा हामेंा भाी केराते हां र्शिजससे गेातारा औरा बंढ़ते मेंानोंव-वन्योजीव संघर्षि हाोते हां।

३. उत अर्शिर्शिनोंयोमें केी ारा १२ योहा उपुबं केराती हाै र्शिके, मेंुख्यो वन्योजीव वाडडनों केंद्र सराकेारा केी पुूवि अनोंुमेंर्शित से उत अर्शिर्शिनोंयोमें केी अनोंुसूची एके में र्शिनोंर्शिदिष्ट र्शिकेसी भाी जंगेी जानोंवरा के संबं में र्शिकेारा (र्शिजसमें पुकेड़ेनोंा औरा स्थानोंांतराण ार्शिमें हाै) के र्शिए वैज्ञार्शिनोंके प्रबंनों के प्रयोजनों के र्शिए अनोंुमेंर्शित दे सकेता हाै र्शिजसमें र्शिकेसी भाी जंगेी जानोंवरा केो वैकेक्त‍िल्पुके उपुयोुत र्शिनोंवास स्थानों से पुरा स्थानोंांतरिरात केरानोंा, वन्योजीवं केा जनोंसंख्योा प्रबंनों आर्शिद ार्शिमें हाै। तंदुए केो उत अर्शिर्शिनोंयोमें से संग्नों अनोंुसूची एके में प्र्शिवक्त‍िष्ट ४३ में र्शिनोंर्शिदिष्ट र्शिकेयोा गेयोा हाै। इसर्शिए, मेंानोंव-तंदुआ संघर्षि में केंद्र सराकेारा केी अनोंुमेंर्शित के र्शिबंनोंा उत ारा १२ के अीनों मेंुख्यो वन्यो जीव वाडडनों केोई केदमें नोंहां उठा सकेता हाै। योहा अत्योर्शिके र्शिवर्शिनोंयोर्शिमेंत बंोर्शिझ प्र्शिक्रयोा समेंयो ेनोंे वाी हाै औरा राज्यो में मेंानोंव-तंदुआ संघर्षि के प्रबंनों में तंदुओं केा प्रभावी वैज्ञार्शिनोंके प्रबंनों औरा स्थानोंांतराण साथा हाी साथा उनोंसे र्शिनोंपुटनोंे में देराी केा केाराण बंनों राहाी हाै।

इसर्शिए, सराकेारा, वन्यो जीव (संराक्षण) अर्शिर्शिनोंयोमें, १९७२ केी ारा १२ में योथार्शिचत संोनों केरानोंा इष्टकेरा समेंझती हाै तार्शिके मेंुख्यो वन्योजीव वाडडनों राज्यो सराकेारा केी अनोंुमेंर्शित से तंदुओं के वैज्ञार्शिनोंके प्रबंनों के र्शिए आवश्योके केदमें उठा सकें, र्शिजसमें स्थानोंांतराण औरा जनोंसंख्योा प्रबंनों ार्शिमें हाै।

४. प्रस्तुत र्शिवेयोके केा आयो उपुराोत उद्देश्यों केो प्राप्त केरानोंा हाै।

मेंु ंबंई,

गणेशो नाईका,

र्शिदनोंांर्शिकेत १६ मेंाचि, २०२६।

वनों मेंत्रोंी।

(योथाथाि अनोंुवाद), श्री. अरुण कामांळाबंाई ाळू विगते, प्रभाराी भार्षा संचाके, मेंहाराष्ट्र राज्यो।

ंबंई,

विधान भान: मेंु र्शिदनोंांर्शिकेत १७ मेंाचि, २०२६।

विजीतंद्र भाोळे, सर्शिचव-१, मेंहाराष्ट्र र्शिवानोंसभा।ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.

Cite this issue. Maharashtra Gazette, Government of Maharashtra, 17 March 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.maharashtra.2026-03-17.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-/. Archive identifier in.gazette.maharashtra.2026-03-17.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-.