RNI No. MAHBIL /2009/36619
महाराष्ट्रट शासन राजपत्र
असाधाराण भाग एक–कोकण विभागीय पुराणी
र्ष १२, अंक २१(२)] बुधारा, एविल १, २०२६/चैत्र ११, शाके १९४८ [पृष्ठे ४, विकंमत : रुपये ११.००
असाधाराण क्रमांक ३१
ाविधाकृत काशान
सक्षम ाविधाकाराी तथा उपविभागीय अविधाकाराी, उल्हासनगरा यांजकडून
अविधासूचैना
भाूमी संपादन, पुनषसन पुनषसाहात कराताना उविचैत भारापाई विमळण्याचैा पारादशाषकतेचैा हाक्क अविधाविनयम, २०१३.
मौजे उसाटणे बुदु
षल ता. अंबुरानाथ, विज. ठेाणे येथील मु
ंबुई महानगरा देशा विकास ाविधाकराणामार्फत तळोजा एम.आय.
डी.सी. ते एन.एचै-४ रास्तयाचैे बुांधाकाम या कल्पासाठेी भाूसंपादन.
क्रमांक भाुसं/तळो. एम.आय.डी.सी ते एन.एच-४/उसाटणे, बुर्ु दुल/फेरमुर्ताढ/जा.क्र. २८/२०२६.— भाूमी संपुार्न, पुनदुसन पुनदुसाहत करताना उविचत भारपुाई विमळण्याचा आविण पुारर्र्दुकतेचा हक्क अविविनयम, २०१३ चे कलम २५ मध्ये नमूर् केले आहे की, विजल्हाविकारी कलम १९ अन्ये घोषणा प्रविसद्ध केल्याच्या तारखेपुासून बारा मविहन्यांच्या कालािीत विनाडा र्ेतील आविण जर त्या कालािीत विनाडा र्ेण्यात आला नाही तर, भाूमी संपुार्नाची संपुूणदु कायदुाही व्यपुगत होईल.
पुरंतु, समुविचत सरकारला, त्याचे समर्थदुन करणारी पुरिरस्थिर्थती अस्थितत्ात असेल तर, बारा मविहन्यांच्या कालािीत ाढ करण्याचा अविकार असेल अर्ी तरतूर् आहे.
पुरंतु, आणखी असे की, कालािी ाढविण्याचा असा कोणताही विनणदुय, लेखी रुपुात नंर्विण्यात येईल आविण तो अविसूविचत करण्यात येईल आविण संबंवित प्राविकरणाच्या संकेतर्थळार टाकण्यात येईल.
मौजे आसोडे नाऱ्हेण, ता. अंबरनार्थ, विज. ठाणे येर्थील भाूसंपुार्न प्रकरणात प्रारुपु/अंवितम विनाड्ाची प्रविक्रया प्र्ासकीय सौकायादुच्या र्ृष्टीने मंजुर करण्याकरिरता अडचणी येत होत्या. त्यामुळे सर्र अविविनयमाचे कलम २५ मिील तरतुर्ी विचारात घेता १२ मविहन्यांच्या कालािी पुययंत समूविचत र्ासन यांचे तरारून मुर्ताढ घेणे आश्यक होते. जर विनाड्ास मुर्ताढ न विमळाल्यास सर्र प्रकरणात पुन्हा नव्याने कलम ११ (१) पुासून सदु प्रविक्रया कराी लागणार होती. त्यामुळे र्ासनाचे आविर्थदुक नुकसान होऊन भाूसंपुार्न प्रविक्रयेस विलंब होण्याची र्क्यता होती.
उक्त अविविनयमाच्या कलम २५ अन्ये समूविचत र्ासन असलेले मा. विजल्हाविकारी या नात्याने प्रकरणात १२ मविहन्याच्या कालािीत ाढ करण्याचा असलेला अविकार ापुरुन खालील प्रकरणातील अंवितम विनाडा पुारिरत करण्याच्या कालािीत मा. विजल्हाविकारी, ठाणे यांनी ६ (सहा) मविहन्यांची फेरमुर्ताढ मंजुर केलेली असून सर्र मुर्ताढीचे अनुषंगाने अविसूचना विनगदुविमत करून ती संकेतर्थळार प्रविसद्ध करण्याचे विनर्देर् विर्ले आहेत.
(१)
भाग एक (को.वि.पु)-३१–१२ महाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक–कोकण विभागीय पुराणी, एविल १, २०२६/चैत्र ११, शाके १९४८ अनुसूचैी - एक
जविमनीचैा तपशाील
| अ.क्र. (१) | गाचैे ना (२) | तालुका (३) | स. नं. (४) | खराेदी करायाचैे क्षेत्र (हाे. आरा.) (५) |
| १ | उसाटणे | अंबरनार्थ | २३ | ०.०४.८८ |
| २ | उसाटणे | अंबरनार्थ | २४/१/१ | ०.१५.४७ |
| ३ | उसाटणे | अंबरनार्थ | २४/१/२ | ०.११.९८ |
| ४ | उसाटणे | अंबरनार्थ | २८/११ | ०.१३.०५ |
| ५ | उसाटणे | अंबरनार्थ | २५/१/१ | ०.२१.९५ |
| ६ | उसाटणे | अंबरनार्थ | २५/१/२ | ०.०१.५६ |
| ७ | उसाटणे | अंबरनार्थ | २७/१/१ | ०.०८.६६ |
| ८ | उसाटणे | अंबरनार्थ | २७/१/२ | ०.०९.४० |
| ९ | उसाटणे | अंबरनार्थ | २७/२ | ०.०२.१६ |
| १० | उसाटणे | अंबरनार्थ | २७/३ | ०.२१.४८ |
| ११ | उसाटणे | अंबरनार्थ | ४०/१ | ०.००.९५ |
| १२ | उसाटणे | अंबरनार्थ | ४०/३ | ०.०४.१० |
| १३ | उसाटणे | अंबरनार्थ | ४०/४ | ०.१८.४६ |
| १४ | उसाटणे | अंबरनार्थ | ४०/५ | ०.३२.६५ |
| १५ | उसाटणे | अंबरनार्थ | ४०/६/अ | ०.१४.१६ |
| १६ | उसाटणे | अंबरनार्थ | ४०/६/ब | ०.२९.४४ |
| १७ | उसाटणे | अंबरनार्थ | ४०/८ पुै | ०.०२.०० |
| १८ | उसाटणे | अंबरनार्थ | ३९/२/ब | ०.०५.४७ |
| एकूण | २.१७.८२ | |||
| अ.क्र. (१) | गाचैे ना (२) | तालुका (३) | स. नं. (४) | खराेदी करायाचैे क्षेत्र (हाे. आरा.) (५) |
| १ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | ६/१२/अ | ०.२०.९८ |
| २ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | ६/१२/ब | ०.२७.३६ |
| ३ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | ६/१२/क | ०.३३.५५ |
| ४ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | १८/१ | ०.०५.५३ |
| ५ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | १८/२ | ०.०३.८५ |
| ६ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | १८/३ | ०.०२.९२ |
| ७ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | १७ | ०.३५.७२ |
| ८ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | २५ | ०.०६.६५ |
| ९ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | २६ | ०.६७.४० |
| १० | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | २७ | ०.३०.२८ |
| ११ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | २९/१ | ०.१९.०० |
| १२ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | २९/२ | ०.००.३७ |
| १३ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | २९/३ | ०.०८.७१ |
| १४ | बुर्ु दुल | अंबरनार्थ | २९/७ | ०.१९.३० |
| एकूण | २.८१.६२ |
अनुसूचैी दोन
साषजविनक योजनाच्या स्रुपाबुाबुत विराण
| प्रकल्पुाचे ना | :- | मु बई महानगर प्र्ेर् विकास प्राविकरणाच्या वितारीत मु ं बई नागरी पुायाभाूत सुविा ं प्रकल्पुांतगदुत विकास आराखड्ातील प्रतावित तळोजा एम.आय.डी.सी. ते एन.एच.-४ रता प्रकल्पु. |
| प्रकल्पुाचे णदुन | :- | मु बई महानगर प्र्ेर् विकास प्राविकरणाच्या वितारीत मु ं बई नागरी पुायाभाूत सुविा ं प्रकल्पुांतगदुत विकास आराखड्ातील प्रतावित तळोजा एम.आय.डी.सी. ते एन.एच.-४ रता प्रकल्पु या प्रकल्पुात ठाणे विजल्ह्ातील अंबरनार्थ तालुक्यातील मौजे उसाटणे बुर्ु दुल यांचे एकूण क्ेत्र ४.९९.४४ हे.आर. संपुाविर्त होत आहे. |
| समाजाला विमळणारे लाभा | :- | मु बई महानगर प्र्ेर् विकास प्राविकरणाच्या वितारीत मु ं बई नागरी पुायाभाूत सुविा ं प्रकल्पुांतगदुत विकास आराखड्ातील प्रतावित तळोजा एम.आय.डी.सी. ते एन.एच.-४ रता प्रकल्पुाचे बांिकाम करणे, त्याचा ापुर करणे र्ेखभाल करणे या कामी रोजगाराच्या संिी उपुलब्ि होणार आहेत. र्थाविनक लोकांना त्यांचे कौर्ल्य आविण अनुभा यानुसार त्या जागेतील प्रचविलत विनयमानुसार रोजगाराच्या संिी विमळतील. तसेच त्या प्रकल्पुामुळे प्रासी ाहतुक ाढ, सुरविक्त आविण जलर् प्रास, भाौगोविलक आविण सामाविजक र्ृष्टीने सदुकषविकास, मोठ्ा प्रमाणात रोजगार विनविमदुती पुयादुरण स्थिर्थरता या बाबी अविभाप्रेत आहेत. |
अनुसूचैी तीन
पुनषसन क्षेत्राचैे णषन
गाचैे ना : मौजे उसाटणे बुदु
षल, तालुका -अंबुरानाथ विज. ठेाणे
| अ.क्र. | भाूमापन क्रमांक विकंा गट नंबुरा | अंदाविजत क्षेत्र (हाेक्टरामध्ये) |
| १ | विनरंक | विनरंक |
(पुनषसन पुनषसाहात योजनेचैा सारांशा)
मौजे उसाटणे बुर्ु दुल, तालुका अंबरनार्थ, विज. ठाणे येर्थील एकूण क्ेत्र ४.९९.४४ हे.आर. मु ंबई महानगर प्र्ेर् विकास प्राविकरणाच्या वितारीत मु ंबई नागरी पुायाभाूत सुविा प्रकल्पुांतगदुत विकास आराखड्ातील प्रतावित तळोजा एम.आय.डी.सी. ते एन.एच-४ रता प्रकल्पुासाठी संपुार्न होत आहे. कोणीही खातेर्ार विर्थाविपुत होत नसल्याने पुनदुसन पुनदुसाहत करणेचा प्रश्न उद्भात नाही.
उल्हासनगर, विर्नांक ३० जानेारी २०२६.
विजयानंद शामाष, सक्म प्राविकारी तर्था उपुविभागीय अविकारी, उल्हासनगर उपुविभाग उल्हासनगर.
ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.