RNI No. MAHBIL /2009/35574
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग एक-अ—कोकण विभागीय पुरिणी
िर्ष १२, अंक २८] शुक्रिार, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ [पृष्टठे १५, वकंमत : रुपये १०.००
असाधारण क्रमांक ७१
ावधकृत काशन
(भाग चैार-ब मध्ये वसद्ध करण्यात आलेले आहेत त्यांव्यवतररक्त) केिळ कोकण विभागाशी संबंवधत असलेले महाराष्ट्र वजल्हा
पररर्षदा ि पंचैायत सवमत्या, ग्ामपंचैायती, नगरपररर्षदा, ाथवमक वशक्षण ि स्थावनक वनधी लेखापरीक्षा अवधवनयमांन्िये
काढण्यात आलेले आदेश ि अवधसूचैना.
वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडून
अवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या- १ (४)/पुसा मांालण / गट स्थापुना / २०२६.— विसाधुदुग विल्हर्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे मांालण पुचार्याती साविमांतीमांधुील १२ सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी ०६ विशासाेना ०६ असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती मांालण मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या विशासाेना र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या ०६ सादुस्र्यानाी वशिसेना पंचैायत सवमती पक्ष र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्री. सार्या विशाी ठाकूरी, (मांालण पुचार्याती साविमांती) र्यानाी लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. सार्या विशाी ठाकूरी, (मांालण पुचार्याती साविमांती) र्याचाे विदुनाक २६/०२/२०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे मांालण पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या वशिसेना पंचैायत सवमती पक्ष गटामध्ये खीालील ०६ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
वशिसेना पंचैायत सवमती पक्ष गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | मांालण | विदुपुक केशा चाव्हाण | ३८ - विशारीडे | विशासाेना | विशासाेना पुचार्याती साविमांती पुक्षां |
| २ | रिरीर्या रीोहीती बाकरी | ४६- पुंडूरी | विशासाेना | ||
| ३ | मांानासाी प्रमांोदु भाोगाकरी | ४७- कं भारीमांाठा | विशासाेना |
(१)
भाग एक-अ (को.वि.पु.)-७१–१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| ४ | मांालण | प्रज्ञा भाऊ चाव्हाण | ४३ - पुोईपु | विशासाेना | विशासाेना पुचार्याती साविमांती पुक्षां |
| ५ | सार्या विशाी ठाकंरी | ४२- मांसाूरीे मांडे | विशासाेना | ||
| ६ | गणेशा लक्ष्मांण तींडळकरी | ४० आचारीे | विशासाेना |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक ६ मांाचा २०२६. विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ ३ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडूनअवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/विपुपुसा/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्हा पुरिरीषदुेचाी ५० सादुस्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे.
ज्र्याअथाी, विल्हा पुरिरीषदुमांधुील ५० सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी २७, विशासाेना १३, विशासाेना (उध् द् बाळासाहेब ठाकरीे) -०३, अपुक्षां-०७ असाे आहे. आविण,
ज्र्याअथाी, विल्हा पुरिरीषदुमांधुूना विनाडूना आलेल्र्या अपुक्षां विशासाेना र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या १४ सादुस्र्यानाी वशिसेना वसंधुदुगष वजल्हा पररर्षद पक्ष गटा र्या नाचा विल्हा पुरिरीषदु गट स्थापुना केला असाल्र्याबाबती लेखी कळविलेले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. केशा रीमांेशा नारीकरी, गटनाेतीा (विशासाेना विसाधुदुग विल्हा पुरिरीषदु पुक्षां), वशिसेना वसंधुदुगष वजल्हा पररर्षद पक्ष गटा र्याचाे विदुनाक २७/०२/२०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे विसाधुदुग विल्हा पुरिरीषदुमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या विल्हा पुरिरीषदु विसाधुदुग विकासा आघाडी गटाच्र्या खीालील १४ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
वशिसेना वसंधुदुगष वजल्हा पररर्षद पक्ष गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | वजल्हा पररर्षद | वजल्हा पररर्षद सदस्याचैे नाि | गटा क्रमांक ि गटाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | विसाधुदुग | केशा रीमांेशा नारीकरी | ३२- घानाळे | विशासाेना | विशासाेना विसाधुदुग विल्हा पुरिरीषदु पुक्षां गट |
| २ | तीुकारीामां चाद्रकाती साईल | २८ - पुाशाी | विशासाेना | ||
| ३ | नागेशा नारीार्याण आईरी | २६ - ेतीाळ बाबडे | विशासाेना | ||
| ४ | कानाडे रुपुेशा रीविद्र | ३३- मांाणगा | विशासाेना | ||
| ५ | सातीोष साती साटविलकरी | २३- पुंडूरी | विशासाेना | ||
| ६ | साुदुना साोनाू कठाणकरी | ४६-आरींदुा | विशासाेना | ||
| ७ | साक्षांी विशाती तीळडेकरी | ४८ - मांणेरी | विशासाेना | ||
| ८ | र्याज्ञा दुेदुत्त साळगाकरी | ३४-म्हापुण | विशासाेना | ||
| ९ | विदु पुलक्ष्मांी साुशाती पुडतीे | २५-आब्रुड | विशासाेना | ||
| १० | साूमांेधुा सातीाेष पुातीाडे | २२-साुकळाड | विशासाेना | ||
| ११ | षा मांाविग रीशा साबारी | २०-आचारीा | विशासाेना | ||
| १२ | साेनाली साुविना ल घाडीगाकरी | १९-आडली मांालडी | विशासाेना | ||
| १३ | अक्षांतीा रीाना गाडे | २४-ार्यारी भाूतीनाथा | अपुक्षां | ||
| १४ | रुविह तीा रीाेशा तीाबे | ०६-ानाली | विशासाेना |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक १७ फेब्रुारी २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
भाग एक-अ (को.वि.पु.)-७१–१अ४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडून
अवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/विपुपुसा/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्हा पुरिरीषदुेचाी ५० सादुस्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे.
ज्र्याअथाी, विल्हा पुरिरीषदुमांधुील ५० सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी २७, विशासाेना १३, विशासाेना (उद्ध बाळासाहेब ठाकरीे) ०३, अपुक्षां-०७ असाे आहे. आविण, ज्र्याअथाी, विल्हा पुरिरीषदुमांधुूना विनाडूना आलेल्र्या भारीतीर्या नातीा पुाटी र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या २७ सादुस्र्यानाी भारतीय जनता पाटाी गटा, वसंधुदुगष र्या नाचा विल्हा पुरिरीषदु गट स्थापुना केला असाल्र्याबाबती लेखी कळविलेले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. सार्या नामांदुे बंबडी, गटनाेतीा (भारीतीर्या नातीा पुाटी गट विसाधुदुग), भारतीय जनता पाटाी गटा वसंधुदुगष, र्याचाे विदुनाक ०६/०३/२०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे विसाधुदुग विल्हा पुरिरीषदुमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या भारीतीर्या नातीा पुाटी गट विसाधुदुग गटाच्र्या खीालील २७ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
भारतीय जनता पाटाी गटा वसंधुदुगष गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | वजल्हा पररर्षद | वजल्हा पररर्षद सदस्याचैे नाि | गटा क्रमांक ि गटाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | विसाधुदुग | बंबडी सार्या नामांदुे | १२- पुरीळ | भारीतीर्या नातीा पुाटी | भारीतीर्या नातीा पुाटी गट विसाधुदुग |
| २ | प्रमांोदु पु डविलक रीारीाणे | ०१-कोळपुे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ३ | श्रीाणी रीोहना रीारीाणे | ०२ - कोविकसारीे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ४ | रिरीद्धी रिरीतीेशा साुतीारी | ०३- लोरीे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ५ | प्राचाी दुेानादु इस्लकरी | ०४-खीारीेपुाटण | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ६ | पुारीकरी सातीोष चाद्रकाती | ०५- कासाडे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ७ | मांनाो तीुळशाीदुासा रीारीाणे | ०८ - हरीकंळ बुद्रुक | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ८ | साुविप्र्या साविदुपु मांेस्ी | ०९ कलमांठा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ९ | विशातील अविमांती दुळी | १० - कळसाुली | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १० | सादुेशा श्रीधुरी साती | ११- नाटळ | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ११ | साुर्याोगी रीविद्र घाडी | १३- पुडेल | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १२ | अनाी अमांोल तीेली | १४- बापुडे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १३ | अनाुरीाधुा मांहेशाकंमांारी नारीकरी | १५-पुंभाुले | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १४ | दुेदुत्त दुामांोदुरी कदुमां | १६- विशारीगा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १५ | साी गगारीामां लोके | १७- विकडे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १६ | साुविनाल बाळकृष्ण पुारीकरी | १८ - कंणकेश्री | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १७ | क्षांमांा सादुीपु हडकरी | २१- मांसाुरीे मांडे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १८ | साुविप्र्या सातीोष ालालकरी | २७- ओरीोसा बुद्रुक | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १९ | आरीती हरिरीश्चाद्र पुाटील | ३०-तींडोली | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| २० | विप्रतीेशा शाकरी रीाऊळ | ३८ - रीेडी | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| २१ | शाोभा गुलाबरीा गाडे | ४० - आबोली | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| २२ | साविदुपु एकनाथा गाडे | ४२ - तीळडे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| २३ | विक्राती विकासा साती | ४३- मांागा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| २४ | अपुणा साती सातीोसाकरी | ४५-मांळेाड | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| २५ | प्रमांाेदु मांधुकरी कामांती | ४७-बादुा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| २६ | श्र्ेतीा साुर्याकाती धुणे | ४९-साटेली भाेडशाी | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| २७ | रीामांा दुशारीथा गसा | ५०-मांाटणे | भारीतीर्या नातीा पुाटी |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक ६ मांाचा २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
६ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडूनअवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/पुसा मांालण/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्ह्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे मांालण पुचार्याती साविमांतीमांधुील १२ सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी ०६ विशासाेना ०६ असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती मांालण मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या भारीतीर्या नातीा पुाटी र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या ०६ सादुस्र्यानाी भारतीय जनता पाटाी पंचैायत सवमती मालिण गटा र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्री. विदुपुक भागोी साुे, सादुस्र्या (मांालण पुचार्याती साविमांती ) र्यानाी लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. विदुपुक भागोी साुे, सादुस्र्या (मांालण पुचार्याती साविमांती ) र्याचाे विदुनाक २६/०२/२०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे मांालण पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या भारतीय जनता पाटाी पंचैायत सवमती मालिण गटामध्ये खीालील ०६ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
पंचैायत सवमती मालिण भारतीय जनता पाटाी पक्षीय गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | मांालण | विदुपुक भागोी साुे | ३९ - विचादुरी | भारीतीर्या नातीा पुाटी | भारीतीर्या नातीा पुाटी पुचार्याती साविमांती मांालण गट |
| २ | साीमांा सावितीशा पुरुळेकरी | ३७-आडली मांालडी | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ३ | मांाधुरी मांोहना मांसाुरीकरी | ४५- रीाड | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ४ | घानाश्र्यामां चाद्रकाती झाड | ४८ - ार्यारी भाूतीनाथा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ५ | सातीोष दुत्तार्या गाडे | ४४- साुकळाड | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ६ | र्याोना र्यारीामां काबळी | ४१- कोळंब | भारीतीर्या नातीा पुाटी |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक २६ फेब्रुारी २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ ७ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडूनअवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/पुसा कंडाळ/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्ह्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे कंडाळ पुचार्याती साविमांतीमांधुील १८ सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी ०७, विशासाेना ०६ विशासाेना (उद्ध बाळासाहेब ठाकरीे-०५) असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती कंडाळ मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या विशासाेना (उद्ध बाळासाहेब ठाकरीे) र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या ०५ सादुस्र्यानाी वशिशक्ती विकास गटा र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्री. र्याोगेशा दुत्तारीामां धुरी, सादुस्र्या (कंडाळ पुचार्याती साविमांती ) लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. र्याोगेशा दुत्तारीामां धुरी, (सादुस्र्या, कंडाळ पुचार्याती साविमांती ) र्याचाे विदुनाक २६ / ०२ / २०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे कंडाळ पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या वशिशक्ती विकास गटा मध्ये खीालील ०५ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
पंचैायत सवमती कुडूाळ वशिशक्ती विकास गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | कंडाळ | धुरी र्याोगेशा दुत्तारीामां | ६५ - मांाणगा | विशासाेना (उ.बा.ठा) | विशा शाक्ती वि कासा गट |
| २ | कादुळकरी सातीोष शाकरी | ५४-कसाल | विशासाेना (उ.बा.ठा) | ||
| ३ | बगे अचाना आत्मांारीामां | ५८-नाेरुरी दुेऊळाडा (दुविक्षां ण भाग) | विशासाेना (उ.बा.ठा) | ||
| ४ | मांमांतीा दुत्तगुरु रीाऊळ | ६१-विपु गुळी | विशासाेना (उ.बा.ठा) | ||
| ५ | विदुप्ती प्रदुीपु नाईक | ५७-नाेरुरी दुेऊळाडा (उत् तीरी भाग) | विशासाेना (उ.बा.ठा) |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक २६ फेब्रुारी २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
८ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडूनअवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/पुसा कंडाळ/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्ह्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे कंडाळ पुचार्याती साविमांतीमांधुील १८ सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी ०७, विशासाेना ०६ विशासाेना (उद्ध बाळासाहेब ठाकरीे) - ०५ असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती कंडाळ मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या विशासाेना र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या ०६ सादुस्र्यानाी कुडूाळ वशिसेना पंचैायत सवमती पक्ष र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्री. विनाखील विनात्र्यानादु कादुळगाकरी, सादुस्र्या (कंडाळ पुचार्याती साविमांती ) र्यानाी लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. विनाखील विनात्र्यानादु कादुळगाकरी, सादुस्र्या (कंडाळ पुचार्याती साविमांती ) र्याचाे विदुनाक २७/०२/२०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे कंडाळ पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या कुडूाळ वशिसेना पंचैायत सवमती पक्ष गटामांध्र्याे खीालील ०६ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
कुडूाळ वशिसेना पंचैायत सवमती पक्ष गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | कंडाळ | विनाविखील विनात्र्यानादु कादुळगाकरी | ५५-विड गसा | विशासाेना | कंडाळ विशासाेना पुचार्याती साविमांती पुक्षां गट |
| २ | विमां विल दु साती नाईक | ६२-साळगा | विशासाेना | ||
| ३ | बाळकृष् ण वि ष् णू मांड | ५०-ाभाडे | विशासाेना | ||
| ४ | ळी विप्र र्याका सामांीरी | ५९-पुाट | विशासाेना | ||
| ५ | अस्तिश्र् नाी उदुर्या साती | ५२-ेतीाळबाबडे | विशासाेना | ||
| ६ | विदु व्र्यानाी धुाकं खीरीाती | ६४-गाेठाेसा | विशासाेना |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक २७ फेब्रुारी २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ ९ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडूनअवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/पुसा सा.ाडी/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्ह्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे सातीाडी पुचार्याती साविमांतीमांधुील १८ सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी ०६, विशासाेना ०६ विशासाेना (उद्ध बाळासाहेब ठाकरीे) - ०१ अपुक्षां - ०५ असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती सातीाडी मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या विशासाेना र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या ०६ सादुस्र्यानाी सािंतिाडूी वशिसेना पंचैायत सवमती गटा र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्री. शारीदु र्यादुे धुाऊसाकरी, सादुस्र्या (सातीाडी पुचार्याती साविमांती ) र्यानाी लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. शारीदु र्यादुे धुाऊसाकरी, सादुस्र्या (सातीाडी पुचार्याती साविमांती) र्याचाे विदुनाक ०२/०३/२०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे सातीाडी पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या सािंतिाडूी वशिसेना पंचैायत सवमती गटामध्ये खीालील ०६ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
सािंतिाडूी वशिसेना पंचैायत सवमती पक्ष गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | सातीाडी | शारीदु र्यादुे धुाऊसाकरी | ९०-न्हाेली | विशासाेना | सातीाडी विशासाेना पुचार्याती साविमांती गट |
| २ | मांार्याकल कोमांा विडसाोा | ७९-आबाेली | विशासाेना | ||
| ३ | प्रणाली विर्या विटळे | ८१-काेलगा | विशासाेना | ||
| ४ | विप्र्याका श्रीपुतीरीा दुेसाई | ९४-तीाबाेळी | विशासाेना | ||
| ५ | साुस्तिस्मांतीा साुधुाकरी ाधु | ८३-तीळडे | विशासाेना | ||
| ६ | उत्कषा उमांेशा गाकरी | ८६-चारीाठाे | विशासाेना |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक २ मांाचा २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
भाग एक-अ (को.वि.पु.)-७१–२१० महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडून
अवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/पुसा ंगुला/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्ह्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे ंगुला पुचार्याती साविमांतीमांधुील १० सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी ०५ विशासाेना ०३ अपुक्षां २ असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती ंगुला मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या भारीतीर्या नातीा पुाटी, विशासाेना अपुक्षां र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या ०९ सादुस्र्यानाी िंगुलाष तालुका विकास आघाडूी गटा र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्री. विष्णू विठ्ठल फेणसाेकरी, सादुस्र्या (ंगुला पुचार्याती साविमांती ) र्यानाी लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. विष्णू विठ्ठल फेणसाेकरी, सादुस्र्या (ंगुला पुचार्याती साविमांती ) र्याचाे विदुनाक ०४/०३/२०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे ंगुला पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या िंगुलाष तालुका विकास आघाडूी गटामध्ये खीालील ०९ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
िंगुलाष तालुका विकास आघाडूी गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणांचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | ंगुला | विष्णू विठ्ठल फेणसाेकरी | ६७-म्हापुण | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ंगुला तीालुका वि कासा आघाडी गट |
| २ | विशातील बाबू रीाऊती | ७०-ार्यागणी | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ३ | शाकरी शाविशाकाती घारीे | ७२-मांातीांड | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ४ | साकेती सादुीपु धुरी | ७४-आसाेली | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ५ | विप्र्याका शाकरी घाटळ | ७५-रीेडी | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ६ | साविचाना दुामांोदुरी दुेसाई | ६८-पुरुळे | विशासाेना | ||
| ७ | साुविचातीा दुत्तार्या रीाठाकरी | ७१-रीाट | विशासाेना | ||
| ८ | साक्षांी शाैलेशा नाेकरी | ७३-उभादुाडा | विशासाेना | ||
| ९ | विनातीना रीामांचाद्र मांारीेकरी | ६९-आडेली | अपुक्षां |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक ४ मांाचा २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ ११ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडूनअवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/पुसा कणकली/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्ह्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे कणकली पुचार्याती साविमांतीमांधुील १६ सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी १४ विशासाेना ०२ असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती कणकली मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या भारीतीर्या नातीा पुाटी विशासाेना र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या १६ सादुस्र्यानाी महायुती पंचैायत सवमती गटा र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्री. पुना प्रकाशा भालेकरी, सादुस्र्या (कणकली पुचार्याती साविमांती ) र्यानाी लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. पुना प्रकाशा भालेकरी, सादुस्र्या (कणकली पुचार्याती साविमांती) र्याचाे विदुनाक ०४/०३/२०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे कणकली पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या महायुती पंचैायत सवमती गटामध्ये खीालील १६ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
महायुती पंचैायत सवमती गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | कणकली | रीाेशा अनाती ाधु | ०७-तीळेरीे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | मांहार्याुती पुचार्याती साविमां ती गट |
| २ | गुरुप्रसादु विदुपुक विशादुे | ०८-खीारीेपुाटण | विशासाेना | ||
| ३ | हषदुा हनाुमांती ाळके | ०९-नादुगा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ४ | साहदुे सादुानादु खीाडर्याे | १०-कासाडे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ५ | मांहेश्री मांहेशा चाव्हाण | ११-ानाली | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ६ | साना सातीोष रीाणे | १२-विब डाडी | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ७ | मांानासाी बाळकृष्ण मांरीाठाे | १३-लाेरीे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ८ | पुना प्रकाशा भालेकरी | १४-फेांडा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ९ | चाद्रहासा र्याती साती | १५-हरीकंळ खीुदु | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १० | विदुव्र्या विदुनाकरी पुेडणेकरी | १६-हरीकंळ बुद्रुक | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ११ | रीाेशा मांधुकरी साती | १७-रीडे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १२ | गुरुनाथा रीविकाती दुेकरी | १८-कलमांठा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १३ | लक्ष्मांण मांनाोहरी गाडे | १९-कळसाुली | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १४ | अक्षांतीा अरुण रीाणे | २०-ओसारीगा | विशासाेना | ||
| १५ | सार्याली सार्या कृपुाळ | २१-नाटळ | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १६ | रीाेश्री रीाेशा पुारी | २२-नारीडे | भारीतीर्या नातीा पुाटी |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक ४ मांाचा २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
भाग एक-अ (को.वि.पु.)-७१–२अ१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडून
अवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/पुसा दुोडामांाग/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्ह्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे दुोडामांाग पुचार्याती साविमांतीमांधुील ०६ सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी ०३ विशासाेना ०३ असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती दुोडामांाग मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या भारीतीर्या नातीा पुाटी र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या ०३ सादुस्र्यानाी पंचैायत सवमती दोडूामागष भाजपा विकास आघाडूी गटा र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्री. सार्या पुाडुरीग सातीाडेकरी, सादुस्र्या (दुोडामांाग पुचार्याती साविमांती ) लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. सार्या पुाडुरीग सातीाडेकरी, सादुस्र्या (दुोडामांाग पुचार्याती साविमांती ) र्याचाे विदुनाक ०४ - ०३ - २०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे दुोडामांाग पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या पंचैायत सवमती दोडूामागष भाजपा विकास आघाडूी गटामध्ये खीालील ०३ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
पंचैायत सवमती दोडूामागष भाजपा विकास आघाडूी गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणांचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | दुाेडामांाग | साेविना र्या वि श्रीामां कंबल | ९६-मांणेरी | भारीतीर्या नातीा पुाटी | पुचार्याती साविमां ती दुाेडामांाग भापुा वि कासा आघाडी गट |
| २ | सार्या पुाडुरीग सातीाडे करी | ९८-साटेली भाेडशाी | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ३ | पुाती मांहादुे गसा | १००-मांाटणे | भारीतीर्या नातीा पुाटी |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक ४ मांाचा २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ १३ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडूनअवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/पुसा कंडाळ/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्ह्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे कंडाळ पुचार्याती साविमांतीमांधुील १८ सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी ०७ विशासाेना ०६ विशासाेना (उद्ध बाळासाहेब ठाकरीे) ०५ असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती कंडाळ मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या भारीतीर्या नातीा पुाटी र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या ०७ सादुस्र्यानाी भारतीय जनता पाटाी कुडूाळ पंचैायत सवमती सदस्य गटा र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्री. अविमांती मांनाोहरी भाोगले, सादुस्र्या (कंडाळ पुचार्याती साविमांती ) र्यानाी लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती विहीती नामांुन्र्यातील मांाविहती आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. अविमांती मांनाोहरी भाोगले, सादुस्र्या (कंडाळ पुचार्याती साविमांती ) र्याचाे विदुनाक ०४ मांाचा २०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे मांालण पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या भारतीय जनता पाटाी कुडूाळ पंचैायत सवमती सदस्य गटामध्ये खीालील ०७ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
भारतीय जनता पाटाी कुडूाळ पंचैायत सवमती सदस्य गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | कंडाळ | अविमां ती मांनाेहरी भाेगले | ५३-ओरीाेसा बुद्रुक | भारीतीर्या नातीा पुाटी | भारीतीर्या नातीा पुाटी कंडाळ पुचार्याती साविमां ती सादुस्र्या गट |
| २ | श्रीाणी घानाश् र्यामां तीेरीसाे | ५१-आळेगा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ३ | विना विती ना मांधुकरी मांहाडेश्र्री | ४९-आब्रुड | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ४ | करुणा चाद्रकाती पुासाकरी | ५६-पुाशाी | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ५ | मांगेशा श्रीकृष् ण प्रभाू | ६०-तींडाेली | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ६ | अचाना अविना ल घानाळकरी | ६३-घानाळे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ७ | विसा तीारीामां श्रीधुरी तीेली | ६६-झारीापु | भारीतीर्या नातीा पुाटी |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक २६ फेब्रुारी २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
१४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडूनअवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक/साशा-१/कार्या-१(४)/पुसा ंगुला/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्ह्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे दुेगड पुचार्याती साविमांतीमांधुील १० सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी ११ विशासाेना ०२ विशासाेना (उद्ध बाळासाहेब ठाकरीे) -०१ असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती दुेगड मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या भारीतीर्या नातीा पुाटी विशासाेना र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या १३ सादुस्र्यानाी देिगडू पंचैायत सवमती विकास गटा र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्रीमां. साना सात्र्याना आळे, सादुस्र्या (दुेगड पुचार्याती साविमांती ) र्यानाी लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती मांहारीाष्ट्र स्थाविनाक प्राविधुकरीण सादुस्र्या अनाहतीा विनार्यामां १९८७ मांधुील नामांुना ना. १ [विनार्यामां ३ (१) अ] नामांुना ३ [ विनार्यामां ४ (१)] मांध्र्याे विहीती नामांुन्र्याती मांाविहती, साभाेचाे इवितीृत्त, गटाचाी विनार्यामांाली (घाटना) इत्र्यादुी आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्रीमां. साना सात्र्याना आळे, सादुस्र्या (दुेगड पुचार्याती साविमांती ) र्याचाे विदुनाक ०४ मांाचा २०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे दुेगड पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या देिगडू पंचैायत सवमती विकास गटामध्ये खीालील १३ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
देिगडू पंचैायत सवमती विकास गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | दुेगड | विशातील साुरीेशा तीाडे | ३१-विशा रीगा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | दुेगड पुचार्याती साविमां ती वि कासा गट |
| २ | सालोनाी सातीोष तीळडेकरी | ३२-तीळडे | विशासाेना | ||
| ३ | स्नाेहा श्रीकृष्ण अनाभाणे | ३३-विक डे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ४ | ऋतीुा रीाकेशा खीाणाडकरी | ३४-काेटकामांतीे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ५ | सादुाविशा पुरुषोत्तमां ओगले | ३५-मांुणगे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ६ | अमांोल विर्या लोके | ३६-कंणकेश्री | विशासाेना | ||
| ७ | साना सात्र्याना आळे | २३-पुरीळ | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ८ | रीविद्र रीारीामां वितीलोटकरी | २४-विती लाे ट | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ९ | अकंशा र्याशाती टुकरील | २५-पुडेल | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १० | गणेशा सादुाविशा रीाणे | २६-नाडण | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ११ | साना सार्या लाड | २७-बापुडे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १२ | सामांृद्धी सातीोष चाव्हाण | ३०-फेणसागा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| १३ | सादुीक ैनाुद्दीना डंगरीकरी | २९-पुांभाुले | भारीतीर्या नातीा पुाटी |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक ६ मांाचा २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक-अ–कोकण विभागीय पुरिणी, एवल १०, २०२६/चैत्र २०, शके १९४८ १५ वजल्हावधकारी, वसंधुदुगष यांजकडूनअवधसूचैना
महाराष्ट्र स्थावनक ावधकरण सदस्य अनहषता वनयम, १९८७ चैा वनयम ३, ४ ि ५.
क्रमांाक साशा-१/कार्या-१(४)/पुसा सा.ाडी/गट स्थापुना/२०२६.— विसाधुदुग विल्ह्यातील ८ पुचार्याती साविमांत्र्याचाी साविक विनाडणूक मांाहे फेब्रुारी, २०२६ मांध्र्याे झालेली आहे, त्र्यामांध्र्याे सातीाडी पुचार्याती साविमांतीमांधुील १८ सादुस्र्या आहेती त्र्याती रीाकीर्या पुक्षांाचाे साख्र्याबळ भारीतीर्या नातीा पुाटी ०६, विशासाेना ०६ विशासाेना (उद्ध बाळासाहेब ठाकरीे ) - ०१ अपुक्षां - ०५ असाे आहे.
ज्र्याअथाी, पुचार्याती साविमांती सातीाडी मांधुूना विनाडूना आलेल्र्या भारीतीर्या नातीा पुाटी र्या पुक्षांाच्र्या विचान्हारी विनाडूना आलेल्र्या ०६ सादुस्र्यानाी पंचैायत सवमती सािंतिाडूी भाजपा विकास आघाडूी र्या नाचा पुचार्याती साविमांती गट स्थापुना केला असालेबाबती श्री. मांहेशा मांोहना धुरी, सादुस्र्या (सातीाडी पुचार्याती साविमांती ) र्यानाी लेखी कळविले असाूना, त्र्यासाोबती मांहारीाष्ट्र स्थाविनाक प्राविधुकरीण सादुस्र्या अनाहतीा विनार्यामां १९८७ मांधुील नामांुना ना. १ [ विनार्यामां ३ (१) अ ] नामांुना ३ [ विनार्यामां ४ (१) ] मांध्र्याे विहीती नामांुन्र्याती मांाविहती, साभाेचाे इवितीृत्त, गटाचाी विनार्यामांाली (घाटना) इत्र्यादुी आश्र्याक तीे कागदुपु ोडलेले आहेती.
त्र्याअथाी, मांी तीृप्ती धुोडविमांसाे, विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग असाे साूविचाती करीती आहे विक, श्री. मांहेशा मांोहना धुरी, सादुस्र्या (सातीाडी पुचार्याती साविमांती) र्याचाे विदुनाक ०६ मांाचा २०२६ च्र्या पुाप्रमांाणे सातीाडी पुचार्याती साविमांतीमांध्र्याे स्तीपुणे अस्तिस्तीत्ाती आलेल्र्या पंचैायत सवमती सािंतिाडूी भाजपा विकास आघाडूी गटामांध्र्याे खीालील ०६ सादुस्र्याचाी नांदु र्या कार्यालर्याचाे अविभालेखीाती विहीती नामांुन्र्यातील नांदुहीती करीण्र्याती आली आहे.
पंचैायत सवमती सािंतिाडूी भाजपा विकास आघाडूी गटातील सदस्यांचैी नािे
| अ.क्र. | पंचैायत सवमती | पंचैायत सवमती सदस्याचैे नाि | वनिाषचैन गण क्रमांक ि गणाचैे नाि | पक्ष | आघाडूी / पक्ष /गटांचैे नाि |
| १ | सातीाडी | प्रशाती प्रभाकरी साुकी | ८०-वि लडे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | पुचार्याती साविमां ती सातीाडी भापुा वि कासा आघाडी गट |
| २ | प्राक्तीा प्रविदु पु केळूसाकरी | ८२-कारिरी डे | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ३ | गाैरी गाेपुाळ मांुळीक | ८४-मांळगा | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ४ | मांहेशा मांाेहना धुरी | ८८-शाेले | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ५ | धुनाश्री हेमांती मांरीाठाे | ८९-मांळेाड | भारीतीर्या नातीा पुाटी | ||
| ६ | नाेहा नारीार्याण काबळी | ९१-आरीांदुा | भारीतीर्या नातीा पुाटी |
विसाधुदुग नागरी, तृप्ती धोडूवमसे,(भा.प्र.साे.), विदुनाक ६ मांाचा २०२६.
विल्हाविधुकारी, विसाधुदुग.
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