RNI No. MAHBIL /2009/36619
महाराष्ट्र शासन राजपत्र
असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी
िर्ष १२, अंक ४४] गुरुिार, जून ११, २०२६/ज्येष्टठ २१, शके १९४८ [पृष्टठे ४, वकंमत : रुपये ११.००
असाधारण क्रमांक ६७
प्ावधकृत प्काशन
वजल्हावधकारी कायाषलय, पालघर यांजकडून
घोर्षणा
भूवमसंपादन, पुनिषसन ि पुन:र्स्थाषपना, करताना िाजिी भरपाई वमळण्याचा आवण पारदशषकतेचा हक्क अवधवनयम, २०१३.
क्रमांाक/भाूसंपुादन/खोलसंापुाडा/पुाटबंधारे योजना/कलमां-१९/कावि-८४/२०२६.— ज्योाअर्थी, संमांूवित शासंन असंलेल्योा पुालघरे विजल्ह्याच्योा विजल्हाविधाकाऱ्योाने, भाूविमांसंपुादन, पुनवसंन पुनवसंाहात करेताना उवित भारेपुाई विमांळण्योा आवि पुारेदशावकतेा हाक्क अविधाविनयोमां, २०१३ (२०१३ ा ३०) (योात योापुढे ज्योा विनदेशा "उक्त अविधाविनयोमां" असंा केला आहाे.) योाच्योा कलमां ११ े पुोट-कलमां (१) योाद्वारे प्रदान करेण्योात आलेल्योा अविधाकारेा ापुरे करून विदनाक १३/०४/२०२६ अन्योे प्रारेविभाक अविधासंूना काढेली आहाे, आवि त्योाद्वारे असंे अविधासंूवित केले आहाे की, योासंोबंत जोडालेल्योा अनुसंूी-एक मांध्योे अविधाक तपुशाीलारे वन केलेल्योा जविमांनी, अनुसंूी-दोन मांध्योे अविधाक तपुशाीलारे विविनविदवष्ट केलेल्योा संावजविनक प्रयोजनासंाठी आश्योकता आहाे विकंा विती आश्योकता भासंण्योाी शाक्योता आहाे ;
आवि ज्योाअर्थी, संई तालुक्योाे संक्षमां प्राविधाकारेी योानी कलमां १५ च्योा पुोट-कलमां (२) अन्योे विदलेला अहाल कोताहाी असंल्योासं, विारेात घेतल्योानतरे, उक्त संावजविनक प्रयोजनासंाठी उक्त जमांीन संपुाविदत करेण्योाी आश्योकता आहाे, योाबंाबंत त्योाी खोात्री पुटली आहाे आवि म्हाून उक्त अविधाविनयोमांाच्योा कलमां १९ च्योा पुोट-कलमां (१) च्योा तरेतुदीन्योे, उक्त संावजविनक प्रयोजनासंाठी उक्त जविमांनी आश्योकता आहाे, असंे योाद्वारे घोवित करेण्योात योेत आहाे ;
आवि ज्योाअर्थी, अनुसंूी-तीन मांध्योे अविधाक तपुशाीलारे वन केलेले क्षेत्री हाे बंाविधात कुटं विबंयोाच्योा पुनवसंन पुनवसंाहातीच्योा प्रयोजनासंाठी पुनवसंाहात क्षेत्री म्हाून विनधावरिरेत केले असंल्योाे योाद्वारे घोवित केले जात असंून, पुनवसंन पुनवसंाहात योजनेा संारेाशा अनुसंूी-ारे मांध्योे विविनविदवष्ट केला आहाे ;
आवि ज्योाअर्थी, उक्त अविधाविनयोमांाच्योा कलमां ३ च्योा खोडा (छ) अन्योे, संमांुवित शासंन असंलेल्योा विजल्हाविधाकारेी योानी उक्त अविधाविनयोमांाखोालील, विजल्हाविधाकारेी ज्योाी कायोे पुारे पुाडाण्योासंाठी संई तालुक्योाकरिरेता उपुविभागीयो अविधाकारेी संई योासं पुदविनदेविशात केले आहाे ;
(१)
भाग एक (को.वि.पु.)-६७–१२ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी, जून ११, २०२६/ज्येष्टठ २१, शके १९४८ अनुसूचाी -एक
जविमांनीे वन
(अ) गाि वतल्हेर, ता. िसई, वज. पालघर
भूसंपादन प्करण ०१/२०२५
| अ.क्र. | भूमापन वकंिा गट क्रमांक | संपावदत क्षेत्र (हे.आर.मध्ये) |
| १. | ३१८ | ०.८०.०० |
| एकूण | ०.८०.०० |
(ब) गाि करंजोण, ता. िसई, वज. पालघर
भूसंपादन प्करण ०२/२०२५
| अ.क्र. | भूमापन वकंिा गट क्रमांक | संपावदत क्षेत्र (हे.आर.मध्ये) | NaN |
| १ | ११० | ०.४७.१० | NaN |
| २ | ११० | ०.१४.०१ | NaN |
| ३ | ११० | ०.३०.०० | NaN |
| ४ | ११० | ०.३२.३१ | NaN |
| ५ | ११० | ०.३७.१० | NaN |
| ६ | ११० | ०.२८.०० | NaN |
| ७ | ११० | ०.१०.९० | NaN |
| ८ | ११० | ०.०४.९० | NaN |
| ९ | ११० | ०.४९.३० | NaN |
| १० | ११० | ०.२३.०० | NaN |
| ११ | ११० | ०.२८.६० | NaN |
| १२ | ११० | ०.०८.२० | NaN |
| १३ | ११० | ०.४८.३१ | NaN |
| १४ | ११० | ०.४६.१७ | NaN |
| १५ | ११० | ०.२२.१८ | NaN |
| १६ | ११० | ०.२२.५० | NaN |
| १७ | ११५/७ | ०.८१.०० | NaN |
| १८ | ११५/८ | ०.८१.०० | NaN |
| १९ | ११५/९ | ०.८१.०० | NaN |
| २० | ११५/१० | ०.८१.०० | NaN |
| २१ | ११५/११ | १.६२.०० | NaN |
| २२ | ११५/१२ | १.६२.०० | NaN |
| २३ | ११५/१३ | ०.८१.०० | NaN |
| २४ | ३५ | ०.२१.०० | NaN |
| एकूण संावजविनक प्रयोजन स्रुपुात विरे | १२.०२.५८ | NaN | |
| प्कल्पाचाे नाि | खोलसापाडूा-१ लघु पाटबंधारे योजना प्कल्प | NaN | |
| प्कल्पाचाे िणषन | खोलसापाडूा-१ लघु पाटबंधारे योजना प्कल्प पुालघरे विजल्ह्यातील संई तालुक्योातील मांहारेाष्ट्र शासंन (जलसंपुदा विभाग) योानी संपुूव (१०० टक्के) खोव करून कायोवकारेी अविभायोता, रेायोगडा पुाटबंधारे विभाग क्र. २ (बंा), कंकभान, नी मांु बंई. योाेकडांन संपुादन करेण्योात योेत आहाे. संई तालुक्योातील मांौजे करेजो योेर्थीे खोलसंापुाडा-१ लघु पुाटबंधारे योजना प्रकल्पुाे बंाधाकामां संुरू आहाे. पुालघरे विजल्ह्यात संई योा तालुक्योात मांौजे करेजो मांौजे वितल्हाेरे योेर्थीे खोलसंापुाडा-१ लघु पुाटबंधारे योजना धारे बंाधाकामां विसंन प्रकल्पुाकरिरेता एकू मांौजे करेजोकरिरेता १२.०२.५८ हाे.आरे. मांौजे वितल्हाेरेकरिरेता ०.८०.०० हाे.आरे. जविमांनी आश्योक्ता असंून संपुादन संस्र्थीेकडांन संपुाविदत क्षेत्री मांौजे करेजोकरिरेता १२.०२.५८ हाे.आरे. मांौजे वितल्हाेरे करिरेता ०.८०.०० हाे.आरे. संपुादन करे बंाकी आहाे. | NaN | |
| समाजाला वमळणारे लाभ | पुालघरे विजल्ह्यामांधाील संई तालुक्योातील मांौजे करेजो मांौजे वितल्हाेरे योा गाकरिरेता तसंे संई तालुक्योातील इतरे गाकरिरेता खोलसंापुाडा-१ लघु पुाटबंधारे योजना धारे बंाधाकामां विसंन प्रकल्पुामांुळे कुटीरे उद्योग, लघुउद्योग, मांत्स्योव्योसंायो, पुयोवटन इतरे लाभा. | NaN |
अनुसूचाी - तीन
बाधीत व्यक्तंचाे विर्स्थापन करण्यास भाग पाडूणारी कारणे.
(१) प्रकल्पुाे बंाधाकामां
(२) प्रकल्पुाे पुरिरेालक
(३) प्रकल्पुाच्योा देखोभालीखोाली
योा कारेाकरिरेता जविमांनी आश्योकता
अनुसूचाी - चार
(संामांाविजक प्रभा विनधावरे अभ्योासं करेाऱ्योा अविधाकाऱ्योाने विदलेला संामांाविजक प्रभा विनधावरे संारेाशा) शासंन मांहासंूल नविभाग, मांत्रीालयो, मांु बंई ३२ योानी त्योाे अविधासंूना क्र. संकीव -०१/२०१५/ प्र.क्र.३/अ-२, विदनाक १३.०३.२०१५ अन्योे भाूविमांसंपुादन, पुनवसंन पुनवसंाहात करेताना उवित भारेपुाई विमांळण्योा आवि पुारेदशावकतेा हाक्क (संुधारेा) अध्योादेशा, २०१४ (२०१४ ा अध्योा.९) योाद्वारे भाूविमांसंपुादन, पुनवसंन पुनवसंाहात करेताना उवित भारेपुाई विमांळण्योा आवि पुारेदशावकतेा हाक्क अविधाविनयोमां, २०१३ (२०१३ ा ३०) योा मांध्योे कलमां १० क संमांाविष्ट केले असंून त्योामांध्योे अशाी तरेतूद केली आहाे की, संमांुवित शासंनाला जनविहाताच्योा दृष्टीने अविधासंुनेद्वारे, उक्त अविधाविनयोमांाच्योा प्रकरे दोन प्रकरे तीन योाच्योा तरेतुदी लागू करेण्योापुासंून संुट देता योेते. त्योानुसंारे महाराष्ट्र शासन राजपत्र असंाधारे क्र. २०९ विदनाक ०६.१०.२०२३ नुसंारे जनविहाताच्योा दृष्टीने लोकविहातकारेी प्रकल्पु असंल्योाकारे प्रकरे दोन आवि प्रकरे तीन च्योा तरेतुदी लागू करेण्योापुासंून उक्त प्रकल्पुाला संूट देण्योात आली आहाे.
४ महाराष्ट्र शासन राजपत्र असाधारण भाग एक–कोकण विभागीय पुरिणी, जून ११, २०२६/ज्येष्टठ २१, शके १९४८ अनुसूचाी - पाचा| अ | प्शासक म्हणून वनयुक्त करण्यात आलेल्या अवधकाऱ्याचाे पदनाम | संक्षमां प्राविधाकारेी तर्थीा उपुविभागीयो अविधाकारेी संई |
| ब | प्शासकाच्या कायाषलयाचा पत्ता | श्रीप्रस्र्थी, नालासंोपुारेा-विरेारे विलक रेोडा, विनळेमांोरे, नालासंोपुारेा (पु.), ता. संई, विज. पुालघरे, विपुन. न. ४०१ २०३. |
| क | ज्या अवधसुचानेद्वारे प्शासकाचाी वनयुक्ती करण्यात आली आहे त्या अवधसूचानेचा तपशील | भाूविमांसंपुादन पुनवसंन पुनवसंाहात करेताना उवित भारेपुाई विमांळण्योा आवि पुारेदशावकतेा हाक्क अविधाविनयोमां, २०१३ अतगवत जविमांनीे संपुादन करेबंाबंत आश्योक ती कायोवाहाीकामांी मांा. विजल्हाविधाकारेी पुालघरे, उपुविजल्हाविधाकारेी (भाूसंपुादन) संमांन्यो, पुालघरे योाेकडाील जा.क्र. भाूसंपुादन/ कक्ष-१/टे-१/कावि-८४९/२०२५ संमांक्रमांाकाे पुत्री क्र. भाूसंपुादन कक्ष-१/टे-१/कावि-८०२/२०२५ विद. २८/०५/२०२५ रेोजी अन्योे उपुविभागीयो अविधाकारेी संई योाी संक्षमां प्राविधाकारेी म्हाून विनयोुक्ती करेत आली आहाे. |
डूॉ. इंदु राणी जाखोड़, विजल्हाविधाकारेी, पुालघरे.
शेखोर घाडूगे, संक्षमां प्राविधाकारेी तर्थीा उपुविभागीयो अविधाकारेी, संई.
पुालघरे,
विदनाक १० जून २०२६.
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