RNI No. MAHBIL /2009/31730
महाराष्ट्रट शासन रार्जापत्र
असाराण भाग सात
र्ष १२, अक २०] गुरुारा, र्जाून १८, २०२६/ज्याेष्ठ २८, शके १९४८ [पृष्ठे ३, विकंमत : रुपयाे ४७.००
असाराण क्रमाक ३३
प्राविकृत प्राकाशन
अध्यादेश, विेयाके अविविनयाम याचा विहादेी अनुादे (देनागराी विपी)
उद्योग, ऊर्जा, श्रम तथा खनन विभाग
मंत्रालय, मंादामं कामंा मंार्ग, हुतात्मंा राजर्गुरू चौका, ंबई ४०० ०३२, दिदानांांदिकाता १६ जूनां २०२६।
मंु
MAHARASHTRA ORDINANCE No. VII OF 2026.
AN ORDINANCE
FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA INDUSTRIAL DEVELOPMENT ACT, 1961.
महाराष्ट्र अध्यादेश क्रमाक ७ सन् २०२६ ।
महाराष्ट्र औद्योविगक विकास अविविनयाम, १९६१ मं अविकतरा सशोन कराने सबंी अध्यादेश।
क्यांविक राज्य दिधानांमंडल काे दाोनां सदानां का सत्रा नांहुं चौल राहुा हुै;
(१)
भार्ग साता-३३–१२ महाराष्ट्रट शासन रार्जापत्र असाराण भाग सात, र्जाून १८, २०२६/ज्याेष्ठ २८, शके १९४८ सन् १९६२ का मंहुा. ३ । औरा क्यांविक मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल का यहु समंाधानां हुो चौुका हुै दिका, ऐसी पारिरास्थिदिताया दिद्यमंानां हुं दिजनांकाे काराण उन्हुे इसमं आर्गे दादिगता प्रयोजनां काे दिलए, मंहुाराष्ट्र औद्योदिर्गका दिकास अदिधादिनांयमं, १९६१ मं अदिधाकातारा संोधानां कारानांे काे दिलए सद्य कायगाहुी कारानांा आश्यका हुआ हुै ;
अबं, इसविए, भाराता काे संदिधानां काे अनांुच्छेदा २१३ काे खण्ड (१) द्वारा प्रदात्त स्थितायं का प्रयोर्ग काराताे हुए, मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल, एताद् द्वारा, दिनांम्नां अध्यादाे प्रख्यादिपाता काराताे हुै, अिागत् :—
१. (१) यहु अध्यादाे मंहुाराष्ट्र औद्योदिर्गका दिकास (संोधानां) अध्यादाे, २०२६ काहुलाए । संदिप्ता नांामं औरा प्राराम्भण ।
(२) यहु ताुरान्ता प्रृता हुोर्गा।
२. मंहुाराष्ट्र औद्योदिर्गका दिकास अदिधादिनांयमं, १९६१ काी, धारा २२ काी, उपा-धारा (२) मं, सन् १९६२ का मंहुा. ३ " पाचौहुत्तरा काराोड़ रुपाए " ब्दां काे िानां मं, " छेहु हुजारा काराोड़ रुपाए " ब्दा राखे जायंर्गे।
सन् १९६२ का मंहुा. ३ काी धारा २२ मं संोधानां ।महाराष्ट्रट शासन रार्जापत्र असाराण भाग सात, र्जाून १८, २०२६/ज्याेष्ठ २८, शके १९४८ ३
क्तव्या
मंहुाराष्ट्र औद्योदिर्गका दिकास अदिधादिनांयमं, १९६१ (सन् १९६२ का मंहुा. ३) यहु मंहुाराष्ट्र राज्य मं उद्योर्गं काे औद्योदिर्गका ेत्रां औरा औद्योदिर्गका संपादाओं मं सुव्यस्थिता संिापानांा काो सुदिनांस्थिश्चौता कारानांे, औरा इनांकाे संर्गठनां मं सामंान्य रूपा से सहुायता कारानांे, तािा उस प्रयोजनां काे दिलए एका औद्योदिर्गका दिकास दिनांर्गमं काी िापानांा कारानांे औरा उपायु गता मंामंलं से संबंदिधाता प्रयोजनां काे दिलए, अदिधादिनांयदिमंता दिकाया र्गया हुै।
२. उता अदिधादिनांयमं काी धारा २२ यहु उपाबंधा काराताी हुै दिका, दिनांर्गमं अपानांे दिलए पायागप्ता स्रोतां का उपाबंधा कारानांे काे प्रयोजनां काे दिलए खुले बाजारा से या दिकासी अनांुसूदिचौता बंका या दित्तीय संिानां से धानां ऋण पारा ले सकाेर्गा। उता धारा २२ काी उपा-धारा (२) यहु उपाबंधा काराताी हुै दिका, दिनांर्गमं दिकासी भी समंय पारा, ऋण पारा ऐसी अदिधाकातामं राकामं ले सकाेर्गा, हु पाचौहुत्तरा काराोड़ रुपाए हुोर्गी। उता ऋण काी अदिधाकातामं राक़मं र्षग १९७५ से अिागत् पाचौास र्षग से अदिधाका समंय से इसमं बढ़ोताराी नांहुं काी र्गई हुै।
३. दिनांर्गमं नांे राज्य मं औद्योदिर्गका दिकास कारानांे काे दिलए औद्योदिर्गका ेत्रां, दिेर्ष आदिगका झोनां औरा आश्यका आधाराभूता संराचौनांा का दिकास हुाि मं दिलया हुै। राज्य मं बढ़ोताे औद्योदिर्गका दिनांे काे दिलए दिनांर्गमं द्वारा नांई औद्योदिर्गका पारिरायोजनांाए औरा मंूलभूता सुदिधाए दिकादिसता कारानांे काे दिलए अदितारिराता दित्तीय स्रोतां काी आश्यकाता हुै। ऐसे औद्योदिर्गका दिकास काे दिलए बड़े पाैमंानांे पारा भूदिमं अदिधाग्रहुण कारानांा भी आश्यका हुोता हुै औरा उसकाे फलरूपा भूदिमंादिमंयं काी भूदिमं का अजगनां, पाुनांागस औरा पाुनांव्यगिापानां मं उदिचौता दितापाूदिताग औरा पारादादिगता का अदिधाकारा अदिधादिनांयमं, २०१३ (सन् २०१३ का ३०) काे उपाबंधां काे अनांुसारा उदिचौता दितापाूदिताग काी अदायर्गी कारानांा भी आश्यका हुै।
उपायु गता काो ध्यानां मं राखताे हुए, उता अदिधादिनांयमं काी धारा २२ काी, उपा-धारा (२) मं संोधानां द्वारा दिनांर्गमं ऋण ले सकाे ऐसी रादि काी अदिधाकातामं सीमंा पाचौहुत्तरा काराोड़ रुपाये से बढ़ोाकारा छेहु हुजारा काराोड़ रुपाए कारानांा इष्टकारा समंझोा र्गया हुै।
४. चौू ंदिका, राज्य दिधानांमंडल काे दाोनां सदानां का सत्रा नांहुं चौल राहुा हुै औरा मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल गता प्रयोजनांां काे का यहु समंाधानां हुो चौुका हुै दिका, ऐसी पारिरास्थिदिताया दिद्यमंानां हुं दिजनांकाे काराण उन्हुं उपायु दिलए, मंहुाराष्ट्र औद्योदिर्गका दिकास अदिधादिनांयमं, १९६१ मं अदिधाकातारा संोधानां कारानांे काे दिलए सद्य कायगाहुी कारानांा आश्यका हुआ हुै, अताः, यहु अध्यादाे प्रख्यादिपाता दिकाया हुै।
मंु ंबई,
विर्जाष्णु दे मा,
दिदानांांदिकाता १६ जूनां २०२६। मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल ।
मंहुाराष्ट्र काे राज्यपाल काे आदाे तािा नांामं से,
डॉ. पी. अन् बंगन,
सराकारा काे प्रधानां सदिचौ।
(यिािग अनांुादा)
श्री. अरुण कमाबंाई ाळू विगते,
भार्षा संचौालका, मंहुाराष्ट्र राज्य।
ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.