RNI No. MAHBIL /2009/31730
मांहाराष्ट्रट शोासन राजापत्र
असाधाराण भाग सात
र्ष १२, अका २२ (२)] साेमांारा, जाून २२, २०२६/आर्षाढ १, शोकाे १९४८ [पृष्ठे ३, विकांमांत : रुपये ४७.००
असाधाराण क्रमांाका ३८
प्राविधाकाृत प्राकाशोन
अध्यादेशो, विधाेयकाे अविधाविनयमां या विहादेी अनुादे (देनागराी विपी).
मांहाराष्ट्र विधानमांडळ सविाय
मंहींाराष्ट्र विधानसभा मं विदोनांके २२ जाून, २०२६ ई. केो. पुरा:स्थाविपुत विनम्न विधाेयके मंहींाराष्ट्र विधानसभा विनयमं ११७ के अधाीन प्रकेावित विकेया जाता हींै :-
L. A. BILL No. XXXIV OF 2026.
A BILL
TO AMEND THE MAHARASHTRA STATE COMMISSION FOR SCHEDULED CASTES ACT, 2025.
विधानसभा का विधाेयका क्रमांाका ३४ सन् २०२६।
मांहाराष्ट्र राज्य अनुसूवित जावित आयाेग अविधाविनयमां, २०२५ मां सशोधान काराने
सबंविधा विधाेयका ।
क्यंविका राज्य विधानमंडल के दोनं सदोनं केा सत्र नहीं चल राहींा था ;
(१)
भाग सात ३८—१२ मांहाराष्ट्रट शोासन राजापत्र असाधाराण भाग सात, जाून २२, २०२६/आर्षाढ १, शोकाे १९४८ औरा क्यंविका मंहींाराष्ट्र के राज्यपुाल केा यहीं समंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसी पुरिरास्थिस्थावितया विद्यमंान थां विजानके केाराण उन्हीं इसमं आगे दोवित प्रयोजानं के विलए, मंहींाराष्ट्र राज् य अनुसूविच त जावित आयाेग सन् २०२५ केा मंहींा. ३७। अविधाविनयमं, २०२५ मं अविधाकेतरा संोधान केराने के विलए, सद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था ; औरा, इसविलए मंहींाराष्ट्र राज्य अनुसूविचत जावित आयोग (संोधान) अध्यादोे, २०२६, २५ मंई २०२६ केो प्रख्याविपुत विकेया गया था;
सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या क्र. ३। औरा क्यंविका उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडल के अविधाविनयमं मं बदोलना इष् टकेरा हींै, अतः भारात गणराज्य के सतहींत्तरां र्षि मं, एतद् द्वारा, विनम्न अविधाविनयमं अविधाविनयविमंत विकेया जाता हींै:—
१. (१) यहीं अविधाविनयमं मंहींाराष्ट्र राज्य अनुसूविचत जावित आयाेग(संोधान) अविधाविनयमं, २०२६ संविक्षप्त नामं औरा प्राराम्भाण ।
केहींलाए।
(२) यहीं २५ मंई २०२६ केो प्रृत्त हींुआ समंझा जाएगा।
२. मंहींाराष्ट्र राज् य अनुसूविच त जावित आयाेग अविधाविनयमं, २०२५(विजास े इसमं आगे, "मंूल सन् २०२५ केा मंहींा. ३७। सन् २०२५ केा मंहींा. ३७ केी धारा २ मं संोधान। अविधाविनयमं" केहींा गया हींै) केी, धारा २ के खण्ड (ख) मं "अध्यक्ष" ब्दो के पुश्चात्, "उपुाध्यक्ष" ब्दो विन विष्ट विकेया जाएगा।
३. मंूल अविधाविनयमं केी धारा ३ केी, उपु-धारा (२) के खण्ड (के) के पुश्चात्, विनम्न खण्ड विन विष्ट विकेया जायेगा अथाित् :-
सन् २०२५ केा मंहींा. ३७ केी धारा ३ मं संोधान।
"(के-१) उपुाध् यक्ष, विजासे सदोस्यां मं से नामंविनदोे वि त विकेया जाएगा ;"।
४. (१) मंहींाराष्ट्र राज्य अनुसूविचत जावित आयोग (संोधान) अध्यादोे, २०२६ एतद्द्वारा, २०२६ विनराविसत विकेया जाता हींै।
सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या. क्र. ३ केा विनरासन औरा व्याृवित्त।
सन् २०२६ केा मंहींा अध्या. क्र. ३ । (२) ऐसे विनरासन के हींोते हींुए भाी उक्त अध्यादोे द्वारा यथा संोविधात मंूल अविधाविनयमं के तत्स्थानी उपुबंधां के अधाीन केृत केोई बात या केी गई केाेइ केायाहींी (जाराी विकेसी अविधासूचना या आदोे समंेत) इस अविधाविनयमं द्वारा यथा संोविधात मंूल अविधाविनयमं के तत्स्थानी उपुबंधां के अधाीन केृत, केी गई या, यथास्थिस्थावित, जाराी केी गई समंजाी जाएगी।मांहाराष्ट्रट शोासन राजापत्र असाधाराण भाग सात, जाून २२, २०२६/आर्षाढ १, शोकाे १९४८ ३
उद्देश्यं औरा काराणं का क्तव्य
मंहींाराष्ट्र राज्य अनुसूविचत जावित आयाेग अविधाविनयमं, २०२५ (सन् २०२५ केा मंहींा. ३७) यहीं मंहींाराष्ट्र राज्य मं अनुसूविचत जावितयां के विहींतां केा संराक्षण औरा राक्षा केराने तथा उनके केल्याण औरा विकेास केराने के विलए सुधारात्मंके उपुायां केी विसफारिरा केराने केी दोृस्थिष्ट से, मंहींाराष्ट्र राज्य अनुसूविचत जावित आयाेग केा गठन केराने के विलए उपुबंधा केराने तथा तत्संबंविधात या उससे आनुर्षंविगके मंामंलां केा उपुबंधा केराने के विलए अविधा विनयविमंत विकेया हींै।
२. उक्त अविधा विनयमं केी धारा ३, मंहींाराष्ट्र राज्य अनुसूविचत जावित आयाेग केा गठन केराने के विलए उपुबंधा केराती हींै, जाे अध्यक्ष औरा सदोस्यां से विमंलकेरा बनेगा। भारात के संविधान के अनुच्छेदो ३३८ के अधाीन अध् यक्ष, उपुाध् यक्ष औरा अन् य सदोस् यां से विमं लकेरा राष् ट्रीय अनुसूविच त जावित आयाेग केा गठन विकेया गया हींै। राष्ट्रीय आयाेग के गठन के समंान राज्य आयाेग पुरा उपुाध्यक्ष केी विनयुस्थिक्त केराना भाी इष्टकेरा समंझाती हींै।
३. चू विके, राज्य विधानमंडल के दोनं सदोनं केा सत्र नहीं चल राहींा था औरा मंहींाराष्ट्र के राज्यपुाल केा यहीं समंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसी पुरिरास्थिस्थावितया विद्यमंान थां विजानके केाराण उन्हीं इसमं आगे दोवित िक्त प्रयोजानं के विलए, मंहींाराष्ट्र राज्य अनुसूविचत जावित आयाेग अविधाविनयमं, २०२५ मं संोधान केराने उपुयु के विलए, सद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था, अत: मंहींाराष्ट्र के राज्यपुाल द्वारा मंहींाराष्ट्र राज्य अनुसूविचत जावित आयाेग (संोधान) अध्यादोे २०२६ (सन् २०२६ केा मंहींा अध्या क्र. ३) २५ मंई २०२६ केाे े प्रख्याविपुत हींुआ था।
४. प्रस्तुत विधाेयके केा आय उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडल के अविधाविनयमं मं बदोलना हींै।
ंबई,
सजाय विशोरासाट,
मंु विदोनांविकेत १६ जाून, २०२६। सामंाविजाके न्याय मंत्री।
(यथाथाि अनुादो), श्री. अरूण कामांळाबंाई ाळू विगते, प्रभाराी भार्षा संचालके, मंहींाराष्ट्र राज्य।
ंबइि,
विधान भान, मंु विदोनांविकेत २२ जाून, २०२६ ।
विजातंद्र भाेळे, सविच - १, मंहींाराष्ट्र विधानसभा ।
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