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Maharashtra Gazette · Government of Maharashtra

भाग सात, असा. क्रमांक ४१, विधानपरिषद का विधेयक क्रमांक १० सन् २०२६। महाराष्ट्र लोक विश्वविद्यालय अधिनियम, २०१६ में अधिकतर संशोधन करने संबंधी विधेयक। मंगळवार, २३ जून २०२६.

Published 23 June 2026

Type
Extra - Ordinary
Part
Part 7 (Hindi)
Division
CENTRAL SECTION
Identifier
in.gazette.maharashtra.2026-06-23.Extra-Ordinary_CENTRAL-SECTION_Part-7-Hindi-
Languages
English, Marathi

RNI No. MAHBIL /2009/31730

मांहाष्ट्रट शोासन ाजपत्र

असाधाण भाग सात

षष १२, अका २३] मांगळा, जून २३, २०२६/आषाढ २, शोकाे १९४८ [पृष्ठे ३, विकांमांत : रुपये ४७.००

असाधाण क्रमांाका ४१

प्राविधाकाृत प्राकाशोन

अध्यादेशो, विधाेयकाे अविधाविनयमां याचा विहादी अनुाद (देनागी विलोपी)

मांहाष्ट्र विधानमांडलो सविचालोय

मंहींाराष्ट्र विधानपरिराषदो मं विदोनांके २३ जून, २०२६ ई.केो. पुरा:स्थाविपत विनम्न विधाेयके मंहींाराष्ट्र विधानपरिराषदो विनयमं ११३ के अधाीन प्रकेावित विकेया जाता हींै :-

L. C. BILL No. X OF 2026.

A BILL

FURTHER TO AMEND THE MAHARASHTRA PUBLIC UNIVERSITIES

ACT, 2016.

विधानपरिषद का विधाेयका क्रमांाका १० सन् २०२६।

मांहाष्ट्र लोका विश्विद्यालोय अविधाविनयमां, २०१६ मां अविधाकात

सशोधान काने सबंधाी विधाेयका।

क्यंविका राज्य विधानमंडल के दोनं सदोनं केा सत्र नहीं चल राहींा था ;

(१)

भाग सात-४१–१२ मांहाष्ट्रट शोासन ाजपत्र असाधाण भाग सात, जून २३, २०२६/आषाढ २, शोकाे १९४८ सन् २०१७ केा मंहींा. ६। औ क्यंविका मंहींाराष्ट्र के राज्यपाल केा यहीं समंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसी परिरास्थिस्थावितया विद्यमंान थां, विजानके केाराण उन्हीं इसमं आगे दोवित प्रयोजानं के विलए, मंहींाराष्ट्र लोके विश्विद्यालय अविधाविनयमं, २०१६ मं अविधाकेतरा संोधान केराने के विलए सद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था ; औरा, इसविलए, मंहींाराष्ट्र लोके विश्विद्यालय (वितीय संोधान) अध्यादोे, २०२६, १६ जाून २०२६ केो प्रख्याविपत हींुआ था ;

सन् २०२६ केा मंहींा. ६। औ क्यंविका उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडल के अविधाविनयमं मं बदोलना इष्टकेरा हींै; अतः भारात गणराज्य के सतहींत्तरां षि मं, एतद् ारा, विनम्न अविधाविनयमं अविधाविनयविमंत विकेया जाता हींै:—

१. (१) यहीं अविधाविनयमं मंहींाराष्ट्र लोके विश्विद्यालय (तृतीय संोधान) अविधाविनयमं, २०२६ संविक्षप्त नामं औरा प्राराम्भण।

केहींलाए।

(२) यहीं १६ जाून २०२६ केो प्रृत हींुआ समंझा जायेगा।

२. मंहींाराष्ट्र लोके विश्विद्यालय अविधाविनयमं, २०१६ (विजासे इसमं आगे, "मंूल अविधाविनयमं" केहींा सन् २०१७ केा मंहींा. ६। गया हींै) केी धारा १०९ केी,—

सन् २०१७ केा मंहींा. ६ केी धारा १०९ मं संोधान।

(१) उप-धारा (३) के,—

(एके) खण्ड (घ) केा वितीय परान्तुके अपमंाविजाित विकेया जायेगा ;

(दो) खण्ड (छ) के विद्यमंान परान्तुके के पश्चात् विनम्न परान्तुके जाोड़ा जायेगा, अथाित् :—

" परान्तु आगे यहीं विके, ैक्षविणके षि २०२६-२७ के विलए राज्य सराकेारा, ३० जाून २०२६ केो या के पूि नीन मंहींाविद्यालय या संस्था ुरू केराने के विलए अंवितमं मंजाुराी दोे सकेगी। " ;

(२) उप-धारा (४) के खण्ड (घ) के,—

(एके) वितीय परांतुके औरा साराणी अपमंाविजाित केी जाएगी ;

(दो) विद्यमंान परान्तुके के पश्चात, विनम्न परान्तुके जाोड़ा जायेगा अथाित् :—

" परान्तु आगे यहीं विके, ैक्षविणके षि २०२६-२७ के विलए राज्य सराकेारा, ३० जाून २०२६ केो या के पूि अध्ययन के नए पाठ्य्क्रमं, विषय, संकेाय, अवितरिराक्त गि या उपग्रहीं केंद्र ुरू केराने केी अनुमंवित दोे सकेगी।"।

३. (१) मंहींाराष्ट्र लोके विश् विद्यालय (वितीय संोधान) अध्यादोे २०२६, एतद् ारा, विनराविसत विकेया जाता हींै।

सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या. क्र. ६। सन् २०२६ केा मंहींा. अध्यादोे क्रमंांके ६ केा विनरासन तथा व्याृवित्त।

(२) ऐसे विनरासन के हींोते हींुए भी, उक्त अध्यादोे ारा यथा संोविधात मंूल अविधाविनयमं के तत्स्थानी उपबंधां के अधाीन केृत केोई बात या केी गई केायिाहींी (जाराी विकेसी अविधासूचना या आदोे समंेत), इस अविधाविनयमं ारा यथा संोविधात, मंूल अविधाविनयमं के तत्स्थानी उपबंधां के अधाीन केृत, केी गई या, यथास्थिस्थावित, जाराी केी गई समंझाी जायेगी।मांहाष्ट्रट शोासन ाजपत्र असाधाण भाग सात, जून २३, २०२६/आषाढ २, शोकाे १९४८ ३

उद्देश्यं औ काणं का क्तव्य।

मंहींाराष्ट्र लोके विश्विद्यालय अविधाविनयमं, २०१६ (सन् २०१७ केी मंहींा. ६) केी धारा १०९ मं नए मंहींाविद्यालय या संस्थान या नए अध्ययन पाठ्य्क्रमं, विषय, संकेाय, गि या उपग्रहीं केंद्र ुरू केराने विके प्रविक्रया के उपबंधा हींै। उक्त धारा १०९ केी, उप-धारा (३) के खंड (छ) मं यहीं उपबंधा हींै विके, राज्य सराकेारा १५ जाून केो या के पूि नए मंहींाविद्यालय या संस्थान ुरू केराने के विलए अंवितमं मंजाूराी दोे सकेगी औरा उक्त धारा १०९ केी, उप-धारा (४) के खंड (घ) मं यहीं उपबंधा हींै विके, राज्य सराकेारा नए अध्ययन पाठ्य्क्रमं, विषय, संकेाय, अवितरिराक्त गि या उपग्रहीं केंद्र के विलए विजास षि अनुमंती मंांगी गई हींै उस षि के १५ जाून केो या के पूि मंजाूराी दोे सकेगी।

२. मंहींाराष्ट्र विधान परिराषदो के विाविषिके विनािचन के विलए आदोि आचारा संविहींता लागू हींोने के केाराण उक्त धारा १०९ मं विविनविदोिष्ट अविधा के भीतरा नए मंहींाविद्यालय या संस्थान ुरू केराने औरा नए अध्ययन पाठ्य्क्रमं, विषय, संकेाय या अवितरिराक्त गि या उपग्रहीं केंद्र ुरू केराने केी प्रविक्रया पूराी नहीं केी जा सकेी। अतः, उक्त धारा १०९ मं यथाोविचत संोधान ारा ैक्षविणके षि २०२६-२७ के विलए नए मंहींाविद्यालय या संस्थान ुरू केराने तथा नए अध्ययन पाठ्य्क्रमं, विषय, संकेाय, अवितरिराक्त गि या उपग्रहीं केंद्र ुरू केराने के विलए राज्य सराकेारा ारा अनुमंोदोन या मंजाूराी दोेने केा विदोनांके बढ़ाना इष्टकेरा समंझा गया हींै।

३. चू ंविके, राज्य विधानमंडल के दोनं सदोनं केा सत्र नहीं चल राहींा था औरा मंहींाराष्ट्र के राज्यपाल केा यहीं समंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसी परिरास्थिस्थावितयां विद्यमंान थां विजानके केाराण उन्हीं उपयु िक्त प्रयोजानं के विलए, मंहींाराष्ट्र लोके विश्विद्यालय अविधाविनयमं, २०१६ (सन् २०१७ केा मंहींा. ६) मं अविधाकेतरा संोधान केराने के विलए सद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था, अतः, मंहींाराष्ट्र के राज्यपाल ारा मंहींाराष्ट्र लोके विश्विद्यालय (वितीय संोधान) अध्यादोे, २०२६ (सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या क्र. ६) १६ जाून २०२६ केो प्रख्याविपत हींुआ था।

४. प्रस्तुत विधाेयके केा आय उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडल के अविधाविनयमं मं बदोलना हींै। मंु ंबई,

विदोनांविकेत २३ जाून, २०२६। उच्चतरा तथा तकेनीकेी विक्षा मंत्री।

(यथाथाि अनुादो),

विधान भान : श्री. अरुण कामांळाबंाई ाळू विगते,

मंु ंबई,

भाषा संचालके,

विदोनांविकेत २३ जाून, २०२६ ।

मंहींाराष्ट्र राज्य।

डॉ. विलोास आठेलोे,

सविच (३),

मंहींाराष्ट्र विधानपरिराषदो।

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