RNI No. MAHBIL /2009/31730
मांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र
असाधाराण भा सात
र्ष १२, अका २४] बंुधारा, जून २४, २०२६/आर्षाढ ३, शोकाे १९४८ [पृष्ठे ३, विकांमांत : रुपये ४७.००
असाधाराण क्रमांाका ४२
प्राविधाकाृत प्राकाशोन
अध्यादेशो, विधाेयकाे अविधाविनयमां याचा विहादेी अनुादे (देनाराी विपी)
मांहाराष्ट्र विधानमांडळ सविचाय
मंहींाराष्ट्र विधानसभा मं विदोनांके २४ जून, २०२६ ई.केो. पुरा:स्थाविपुत विनम्न विधाेयके मंहींाराष्ट्र विधानसभा विनयमं ११७ के अधाीन प्रकेावित विकेया जाता हींै :-
L. A. BILL No. XXXVI 2026.
A BILL
further to amend the Maharashtra Industrial Development Act, 1961.
विधानसभा का विधाेयका क्रमांाका ३६ सन् २०२६ ।
मांहाराष्ट्र औद्योविका विकास अविधाविनयमां, १९६१ मां अविधाकातरा सशोधान काराने सबंधाी विधाेयका।
क्यंविका राज्य विधानमंडल के दोनं सदोनं केा सत्र नहीं चल राहींा था ;
(१)
भाग सात-४२–१२ मांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र असाधाराण भा सात, जून २४, २०२६/आर्षाढ ३, शोकाे १९४८ औरा क्यंविका मंहींाराष्ट्र के राज्यपुाल केा यहीं समंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसी पुरिरास्थिस्थावितया विद्यमंान थां विजानके केाराण उन्हींे इसमं आगे दोवित प्रयोजानं के विलए, मंहींाराष्ट्र औद्योविगके विकेास अविधाविनयमं, १९६१ मं अविधाकेतरा संोधान केराने के विलए सद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था ; औरा, इसविलए, मंहींाराष्ट्र औद्योविगके विकेास (संोधान) अध्यादोे, २०२६, १६ जाून २०२६ केो प्रख्याविपुत हींुआ था ;
सन् १९६२ केा मंहींा. ३। सन् २०२६ केा मंहींा. ७। औरा क्यंविका उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडल के अविधाविनयमं मं बदोलना इष्टकेरा हींै; अतः, भारात गणराज्य के सतहींत्तरां र्षि मं, एतद् द्वारा विनम्न अविधाविनयमं अविधाविनयविमंत विकेया जाता हींै:-
१. (१) यहीं अविधाविनयमं मंहींाराष्ट्र औद्योविगके विकेास (संोधान) अविधाविनयमं, २०२६ केहींलाए। संविप्त नामं औरा प्राराम्भाण ।
(२) यहीं १६ जाून २०२६ केो प्रृत्त हींुआ समंझा जायेगा।
सन् १९६२ केा मंहींा. ३ सन् १९६२ केा मंहींा. ३ केी धारा २२ मं संोधान ।
२. मंहींाराष्ट्र औद्योविगके विकेास अविधाविनयमं, १९६१ (विजासे इसमं आगे, " मंूल अविधाविनयमं " केहींा गया हींै) केी, धारा २२ केी, उपु-धारा (२) मं, " पुचहींत्तरा केराोड़ रुपुए " ब्दों के स्थान मं, " छहीं हींजारा केराोड़ रुपुए " ब्दो राखे जायंगे।
३. (१) मंहींाराष्ट्र औद्योविगके विकेास (संोधान) अध्यादोे, २०२६, एतद् द्वारा, विनराविसत विकेया जाता हींै।
सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या. क्र. ७। सन् २०२६ केा मंहींा. अध्यादोे क्रमंांके ७ केा विनरासन तथा व्याृवित्त।
(२) ऐसे विनरासन के हींोते हींुए भाी, उक्त अध्यादोे द्वारा यथा संोविधात मंूल अविधाविनयमं के तत्स्थानी उपुबंधां के अधाीन केृत केोई बात या केी गई केोई केायिाहींी (जाराी विकेसी अविधासूचना या आदोे समंेत), इस अविधाविनयमं द्वारा यथा संोविधात, मंूल अविधाविनयमं के तत्स्थानी उपुबंधां के अधाीन केृत, केी गई या, यथास्थिस्थावित, जाराी केी गई समंझाी जायेगी।मांहाराष्ट्रट शोासन राजपत्र असाधाराण भा सात, जून २४, २०२६/आर्षाढ ३, शोकाे १९४८ ३
उद्देश्यं औरा काराणं का क्तव्य
मंहींाराष्ट्र औद्योविगके विकेास अविधाविनयमं, १९६१ (सन् १९६२ केा मंहींा. ३) यहीं मंहींाराष्ट्र राज्य मं उद्योगं के औद्योविगके ेत्रं औरा औद्योविगके संपुदोाओं मं सुव्यस्थिस्थात संस्थापुना केो सुविनस्थिश्चत केराने, औरा इनके संगठन मं सामंान्य रूपु से सहींायता केराने, तथा उस प्रयोजान के विलए एके औद्योविगके विकेास विनगमं केी स्थापुना केराने औरा उपुयु िक्त मंामंलं से संबंविधात प्रयोजानं के विलए अविधाविनयविमंत विकेया गया हींै।
२. उक्त अविधाविनयमं केी धारा २२ यहीं उपुबंधा केराती हींै विके, विनगमं अपुने विलए पुयािप्त स्रोतं केा उपुबंधा केराने के प्रयोजान के विलए खेुले बाजारा से या विकेसी अनुसूविचत बंके या वित्तीय संस्थानं से धान ऋण पुरा ले सकेगा। उक्त धारा २२ केी, उपु-धारा (२) यहीं उपुबंधा केराती हींै विके, विनगमं विकेसी भाी समंय पुरा, ऋण पुरा ऐसी अविधाकेतमं राक़मं ले सकेगा, हीं पुचहींत्तरा केराोड़ रुपुए हींोगी। उक्त ऋण केी अविधाकेतमं राक़मं र्षि १९७५ से अथाित् पुचास र्षि से अविधाके समंय से इसमं बढ़ोतराी नहीं केी गई हींै।
३. विनगमं ने राज्य मं औद्योविगके विकेास केराने के विलए औद्योविगके ेत्रं, विेर्ष आविथािके झाोन औरा आश्यके आधाराभाूत संराचना केा विकेास केा केायि हींाथा मं विलया हींै। राज्य मं बढ़ोते औद्योविगके विने के विलए विनगमं द्वारा नई औद्योविगके पुरिरायोजानाए औरा मंूलभाूत सुविधाए विकेविसत केराने के विलए अवितरिराक्त वित्तीय स्रोतं केी आश्यकेता हींै। ऐसे औद्योविगके विकेास के विलए बड़े पुैमंाने पुरा भाूविमं अविधाग्रहींण केराना भाी आश्यके हींोता हींै औरा उसके फलस्रूपु भाूविमंस्ाविमंयं केी भाूविमं केा अजािन, पुनािस औरा पुनव्यिस्थापुन मं उविचत वितपुूविति औरा पुारादोविता केा अविधाकेारा अविधाविनयमं, २०१३ (सन् २०१३ केा ३०) के उपुबंधां के अनुसारा उविचत वितपुूविति केी अदोायगी केराना भाी आश्यके हींै।
उपुयु िक्त केो ध्यान मं राखेते हींुए, उक्त अविधाविनयमं केी धारा २२ केी, उपु-धारा (२) मं संोधान द्वारा विनगमं ऋण ले सके ऐसी रावि केी अविधाकेतमं सीमंा पुचहींत्तरा केराोड़ रुपुयं से बढ़ोाकेरा छहीं हींजारा केराोड़ रुपुए केराना इष्टकेरा समंझा गया हींै।
४. चू ंविके, राज्य विधानमंडल के दोनं सदोनं केा सत्र नहीं चल राहींा था औरा मंहींाराष्ट्र के राज्यपुाल केा यहीं समंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसी पुरिरास्थिस्थावितया विद्यमंान थां विजानके केाराण उन्हीं उपुयु िक्त प्रयोजानां के विलए, मंहींाराष्ट्र औद्योविगके विकेास अविधाविनयमं, १९६१ मं अविधाकेतरा संोधान केराने के विलए सद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था, अतः, मंहींाराष्ट्र के राज्यपुाल द्वारा मंहींाराष्ट्र औद्योविगके विकेास (संोधान) अध्यादोे, २०२६ (सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या. क्र. ७) १६ जाून २०२६ केो प्रख्याविपुत हींुआ था।
५. प्रस्तुत विधाेयके केा आय उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडल के अविधाविनयमं मं बदोलना हींै। मंु ंबई,
उदेय सामांत,
विदोनांविकेत २२ जाून, २०२६।
उद्योग मंत्री।
(यथाथाि अनुादो),
श्री. अरुण कामांाबंाई ाळू विते, भार्षा संचालके, मंहींाराष्ट्र राज्य।
ंबई,
सविच-१,
विधान भान : श्री. विजतंद्र भाोळे, मंु विदोनांविकेत २४ जाून, २०२६। मंहींाराष्ट्र विधानसभा।
ON BEHALF OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATION, PRINTED AND PUBLISHED BY DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE, PRINTED AT GOVERNMENT CENTRAL PRESS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004 AND PUBLISHED AT DIRECTORATE OF GOVERNMENT PRINTING, STATIONERY AND PUBLICATIONS, 21-A, NETAJI SUBHASH ROAD, CHARNI ROAD, MUMBAI 400 004. EDITOR : DIRECTOR, RUPENDRA DINESH MORE.