RNI No. MAHBIL /2009/31730
मांहाराष्ट्रट शोासन राजूपत्र
असाधारण भाग सात
षष १२, अका २५] गंरुार, जून २५, २०२६/आषाढ ४, शोकाे १९४८ [पृष्ठे ४, विकांमांत : रुपये ४७.००
असाधारण क्रमांाका ४५
प्राविधाकाृत प्राकाशोन
अध्यादेशो, विधाेयकाे अविधाविनयमां याचा विहादी अनंाद (देनागरी विलपी)
मांहाराष्ट्र विधानमांडळ सविचालय
मंहींाराष्ट्र विधानसभा मं विदोनांके २५ जून, २०२६ ई. केो. पुरा:स्थाविपुत विनम्न विधाेयके मंहींाराष्ट्र विधानसभा विनयमां ११७ के अधाीन प्रकेावित विकेया जाता हींै :–
L. A. BILL No. XXXVIII OF 2026.
A BILL
further to amend the Mumbai Municipal Corporation Act, the Maharashtra
Municipal Corporation Act and Maharashtra Municipal Councils, Nagar
Panchayats and Industrial Townships Act, 1965.
विधानसभा का विधाेयका क्रमांाका ३८ सन् २०२६।
बई नगर विनगमां अविधाविनयमां, मांहाराष्ट्र नगर विनगमां अविधाविनयमां और मांहाराष्ट्र नगर परिरषद, नगर
मां
पचायत और औद्योविगका नगरी अविधाविनयमां, १९६५ मां अविधाकातर सशोधान कारने सबधाी विधाेयका।
क्यंविका राज्य विधानमंडल के दोनं सदोनं केा सत्र नहीं चल राहींा था;
(१)
भाग सात-४५–१२ मांहाराष्ट्रट शोासन राजूपत्र असाधारण भाग सात, जून २५, २०२६/आषाढ ४, शोकाे १९४८ सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या. क्र. ९।
और क्यंविका मंहींाराष्ट्र के राज्यपुाल केा यहीं समंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसी पुरिरास्थिस्थावितया विद्यमंान थां विजानके केाराण उन्हीं इसमं आगे दोवित प्रयोजानं के विलए, मंु ंबई नगरा विनगमं अविधाविनयमं, मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं अविधाविनयमं औरा मंहींाराष्ट्र नगरा पुरिराषदो, नगर पचायत तथा औद्योविगके नगराी अविधाविनयमं, १९६५ मं अविधाकेतरा संोधान केराने के विलए, सद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था ; औरा, इसविलए, मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं विविधायं (संोधान) अध्यादोे, २०२६, १७ जाून २०२६ केो प्रख्याविपुत हींुआ था।
सन् १८८८ केा ३। सन् १९४९ केा ५९। सन् १९६५ केा मंहींा. ४०। और क्यंविका उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडल के अविधाविनयमं मं बदोलना इष्टकेरा हींै ; अत:, भारात गणराज्य के सतहींत्तरां षि मं, एतद् द्वारा, विनम्न अविधाविनयमं अविधाविनयविमंत विकेया जाता हींै :-
अध्याय एके
प्रारम्भिभाका
१. (१) यहीं अविधाविनयमं मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं विविधा (संोधान) अविधाविनयमं, २०२६ केहींलाए। संविक्षीप्त नामं औरा प्राराम्भाण।
(२) यहीं १७ जाून २०२६ केो प्रृत्त हींुआ समंझा जाएगा।।
अध्याय दो
मां बई नगर विनगमां अविधाविनयमां मां सशोधान।
ंबई नगरा विनगमं अविधाविनयमं (विजासे इसमं आगे, इस अध्याय मं, "मंु ंबई नगरा विनगमं अविधाविनयमं" २. मंु
सन् १८८८ केा ३। केहींा गया हींै) केी धारा ५ ख के विद्वातीय पुरांतुके के पुश्चात्, विनम्न पुरांतुके जाोड़ा जाएगा, अथाित् :-
सन् १८८८ केा ३ केी धारा ५ख मं संोधान।
सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या क्र. ९।
"पुरांतु यहीं औरा भाी विके, यविदो ऐसा व्यस्थिक्त १५ जानराी २०२६ केो या के पुश्चात् पुरांतु, मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं विविधायं (संोधान) अध्यादोे, २०२६ के प्राराम्भाण के विदोनांके पुरा या के पुूि हींुए विनािचनं मं विनािविचत हींुआ हींै, औरा विजास विदोनांके पुरा उसकेा विनािचन घोविषत हींुआ हींै उस विदोनांके से बाराहीं मंहींीने केी अविधा के भाीतरा ैधाता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत केराने मं असफल हींोता हींै, तो उसकेा विनािचन भाूतलक्षी प्रभा से समंाप्त हींुआ समंझा जाएगा औरा हीं पुाषिदो हींाेने के विलए अनहींि हींो जाएगा।"।
ंबई नगरा विनगमं अविधाविनयमं केी धारा ३७ केी, उपु-धारा (२के) मं, विद्वातीय पुरांतुके के पुश्चात्, ३. मंु
विनम्न पुरांतुके जाोड़ा जाएगा, अथाित् :-
सन् १८८८ केा ३ केी धारा ३७ मं संोधान।
सन् २०२६ केा मंहींा. ९। "पुरांतु औरा यहीं भाी विके, ऐसा व्यस्थिक्त १५ जानराी २०२६ केो या के पुश्चात् पुरांतु, मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं विविधायं (संोधान) अध्यादोे, २०२६ के प्राराम्भाण के विदोनांके पुरा या के पुूि हींुए विनािचनं मं विनािविचत हींुआ हींै औरा विजास विदोनांके पुरा उसकेा विनािचन घोविषत हींुआ हींै उस विदोनांके से बाराहीं मंहींीने केी अविधा के भाीतरा ैधाता मंान्यता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत केराने मं असफल हींोता हींै, तो उसकेा विनािचन भाूतलक्षी प्रभा से समंाप्त हींुआ समंझा जाएगा औरा हीं मंहींापुौरा बनने के विलए अनहींि हींो जाएगा।"।
अध्याय तीन
मांहाराष्ट्र नगर विनगमां अविधाविनयमां मां सशोधान
सन् १९४९ केा ५९। ४. मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं अविधाविनयमं (विजासे इसमं आगे, इस अध्याय मं, "मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं अविधाविनयमं" केहींा गया हींै) केी, धारा ५ख के विद्वातीय पुरांतुके के पुश्चात्, विनम्न पुरांतुके जाोड़ा जाएगा, अथाित् :-
सन् १९४९ केा ५९ केी धारा ५ख मं संोधान।
सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या क्र. ९। "पुरांतु यहीं औरा भाी विके, यविदो ऐसा व्यस्थिक्त १५ जानराी २०२६ केो, या के पुश्चात्, पुरांतु मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं विविधा (संोधान) अध्यादोे, २०२६ के प्राराम्भाण के विदोनांके पुरा या के पुूि हींुए विनािचनं मं विनािविचत हींुआ हींै औरा हीं विजास विदोनांके पुरा विनािविचत घोविषत हींुआ हींै उस विदोनांके से बाराहीं मंहींीने केी अविधा के भाीतरा ैधाता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत केराने मं असफल हींोता हींै तो उसकेा विनािचन भाूतलक्षी प्रभा से समंाप्त हींुआ समंझा जाएगा औरा हीं पुाषिदो हींाेने के विलए अनहींि हींो जाएगा।"।मांहाराष्ट्रट शोासन राजूपत्र असाधारण भाग सात, जून २५, २०२६/आषाढ ४, शोकाे १९४८ ३ ५. मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं अविधाविनयमं केी धारा १९ केी, उपु-धारा (१) के, विद्वातीय पुरांतुके के पुश्चात्, विनम्न पुरांतुके जाोड़ा जाएगा, अथाित् :-
सन् १९४९ केा ५९ केी धारा १९ मं संोधान। सन् २०२६ केा मंहींा. ९।
"पुरांतु यहीं औरा भाी विके, ऐसा व्यस्थिक्त १५ जानराी २०२६ केो या के पुश्चात्, पुरांतु मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं विविधा (संोधान) अध्यादोे, २०२६ के प्राराम्भाण के विदोनांके पुरा या के पुूि आयोविजात हींुए विनािचनं मं विनािविचत हींुआ हींै, औरा हीं विजास विदोनांके पुरा विनािविचत घोविषत हींुआ हींै उस विदोनांके से बाराहीं मंहींीने केी अविधा के भाीतरा ैधाता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत केराने मं असफल हींोता हींै तो उसकेा विनािचन भाूतलक्षी प्रभा से समंाप्त हींुआ समंझा जाएगा औरा हीं मंहींापुौरा हींोने के विलए अनहींि हींो जाएगा।"।
अध्याय चार
मांहाराष्ट्र नगर परिरषद, नगर पचायत और औद्योविगका नगरी अविधाविनयमां, १९६५ मां सशोधान।
सन् १९६५ केा मंहींा. ४०।
सन् १९६५ केा मंहींा. ४० केी धारा ९के मं संोधान। ६. मंहींाराष्ट्र नगरा पुरिराषदो, नगर पचायत औरा औद्योविगके नगराी अविधाविनयमं, १९६५ (विजासे इसमं आगे, इस अध्याय मं, "मंहींाराष्ट्र नगरा पुरिराषदो अविधाविनयमं" केहींा गया हींै) केी, धारा ९के के, विद्वातीय पुरांतुके के पुश्चात्, विनम्न पुरांतुके जाोड़ा जाएगा, अथाित् :-
सन् २०२६ केा मंहींा. ९।
"पुरांतु यहीं औरा भाी विके, ऐसा व्यस्थिक्त २ विदोसम्बरा २०२५ केो, या के पुश्चात्, पुरांतु मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं विविधा (संोधान) अध्यादोे, २०२६ के प्राराम्भाण के विदोनांके पुरा या के पुूि हींुए विनािचनं मं विनािविचत हींुआ हींै, औरा हीं विजास विदोनांके पुरा विनािविचत घोविषत हींुआ हींै उस विदोनांके से बाराहीं मंहींीने केी अविधा के भाीतरा ैधाता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत केराने मं असफल हींोता हींै तो उसकेा विनािचन भाूतलक्षी प्रभा से समंाप्त हींुआ समंझा जाएगा औरा हीं पुाषिदो हींाेने के विलए अनहींि हींो जाएगा।"।
७. मंहींाराष्ट्र नगरा पुरिराषदो अविधाविनयमं केी धारा ५१-१ख के, विद्वातीय पुरांतुके के पुश्चात्, विनम्न पुरांतुके जाोड़ा जाएगा, अथाित् :-
सन् १९६५ केा मंहींा. ४० केी धारा ५१-१ख मं संोधान। सन् २०२६ केा मंहींा. ९।
"पुरांतु यहीं औरा भाी विके, ऐसा व्यस्थिक्त २ विदोसंबरा २०२५ केो, या के पुश्चात्, पुरांतु, मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं विविधा (संोधान) अध्यादोे, २०२६ के प्राराम्भाण के विदोनांके पुरा या के पुूि हींुए विनािचनं मं विनािविचत हींुआ हींै औरा हीं विजास विदोनांके पुरा विनािविचत घोविषत हींुआ हींै उस विदोनांके से बाराहीं मंहींीने केी अविधा के भाीतरा ैधाता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत केराने मं असफल हींोता हींै तो उसकेा विनािचन भाूतलक्षी प्रभा से समंाप्त हींुआ समंझा जाएगा औरा हीं अध्यक्षी हींोने के विलए अनहींि हींो जाएगा।"।
८. (१) मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं विविधा (संोधान) अध्यादोे, २०२६, एतद् द्वारा, विनराविसत विकेया जाता हींै।
सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या क्र. ९।
सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या क्र. ९ केा विनरासन तथा व्याृवित्त। (२) ऐसे विनरासन के हींोते हींुए भाी, उक्त अध्यादोे द्वारा यथा संोविधात मंु
सन् १८८८ केा ३। सन् १९४९ केा ५९। सन् १९६५ केा ४०।
ंबई नगरा विनगमं अविधाविनयमं, मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं तथा औद्योविगके नगराी अविधाविनयमं औरा मंहींाराष्ट्र नगरा पुरिराषदो, नगर पचायत तथा औद्योविगके नगराी अविधाविनयमं, १९६५ के तत्स्थानी उपुबंधां के अधाीन केृत केोई बात या केी गई केोई केायिाहींी (जाराी विकेसी अविधासूचना या आदोे समंेत) इस अविधाविनयमं द्वारा यथा संोविधात, सुसंगत अविधाविनयमं के तत्स्थानी उपुबंधां के अधाीन केृत, केी गई या, यथास्थिस्थावित, जाराी केी गई समंझाी जाएगी।४ मांहाराष्ट्रट शोासन राजूपत्र असाधारण भाग सात, जून २५, २०२६/आषाढ ४, शोकाे १९४८
उद् देश्यं और कारणं का क्तव्य।
मंु
े विपुछडे गाे
ंबई नगरा विनगमं अविधाविनयमं (सन् १८८८ केा ३) केी धारा ५ख औरा ३७, मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं अविधाविनयमं (सन् १९४९ केा ५९) केी धारा ५ख औरा १९ तथा मंहींाराष्ट्र नगरा पुरिराषदो, नगर पचायत औरा औद्योविगके नगराी अविधाविनयमं, १९६५ (सन् १९६५ केा मंहींा. ४०) केी, धारा ९के औरा ५१-१ख यहीं उपुबंधा केराती हींै विके, अनुसूविचत जावित, अनुसूविचत जानजावित, या, यथास्थिस्था वित, नागरिराकेां के के संबंविधात व्यस्थिक्तयां के विलए पुाषदो, मंहींापुाैरा या अध्यक्षी के विलए आराविक्षीत सीट से विनािचन लड़ाने के इच्छुके प्रत्येके व्यस्थिक्त नामंविनदोेन पुत्र के साथा सक्षीमं प्राविधाकेाराी द्वारा जाराी जावित प्रमंाणपुत्र औरा संीक्षीा सविमंवित द्वारा जाराी ैधाता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत केराेगा।
२. तथाविपु, उम्मंीदोारां केो उपुराोक्त धारा के उपुबंधां के अधाीन आराविक्षीत सीट के विनािचन के विलए नामंविनदोेन पुत्र के साथा, ैधाता प्रमंाणपुत्र जाराी केराने के विलए संीक्षीा सविमंवित केो उनके द्वारा प्रस्तुत आेदोन केी असली प्रवितविलविपु या उसकेा केोई अन्य सबूत ; औरा े अपुने विनािचन के विदोनांके से छहीं मंहींीने केी अविधा के भाीतरा संीक्षीा सविमंवित द्वारा जाराी ैधाता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत केरांगे, यहीं पुथापुत्र जामंा केराने केी अनुमंवित हींै। विविनविदोिष्ट छहीं मंहींीने केी अविधा के भाीतरा ऐसा ैधाता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत केराने मं विफल राहींने से ऐसे व्यस्थिक्तयं के विनािचन केी समंास्थिप्त भाूतलक्षी प्रभा से हींोगी औरा हीं पुाषिदो, मंहींापुौरा या, यथास्थिस्थावित, अध्यक्षी केा पुदो धाराण केराने के विलए अनहींि हींो जायंगे।
३. चू विके विदोसम्बरा २०२५ औरा जानराी २०२६ के मंहींीनं मं बड़ाी संख्या मं नगरा पुाविलकेा के विनािचन विलए जाने से, संीक्षीा सविमंवितयं पुरा जावित प्रमंाणपुत्रं के सत्यापुन औरा ैधाता प्रमंाणपुत्र जाराी केराने के केायि केा अत्यविधाके बोझा पुड़ा हींै। इस केाराण से, ऐसे विनािचन मं विनािविचत पुाषिदों केो विविनविदोिष्ट समंय सीमंा मं ैधाता प्रमंाणपुत्र प्राप्त केराने मं केविनाईयं केा सामंना केराना पुड़ा राहींा हींै। इसविलए, यहीं सुविनस्थिश्चत केराना आश्यके हींै विके विनािविचत पुाषिदो, मंहींापुौरा औरा अध्यक्षी विजान्हीं संीक्षीा सविमंवित के समंक्षी उनके आेदोनं के लंविबत राहींने के केाराण ैधाता प्रमंाणपुत्र प्राप्त नहीं हींुआ हींै, े एके विविनविदोिष्ट समंय-सीमंा के भाीतरा ैधाता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत न केराने से अनहींि घोविषत नहींी हींगे। इसविलए, सुसंगत नगरा पुाविलकेा विविधायां केी उपुराोक्त धाराओं मं यथाोविचत संोधान द्वारा ऐसे विनािचनं मं पुाषिदो, मंहींापुौरा औरा अध्यक्षी द्वारा ैधाता प्रमंाणपुत्र प्रस्तुत केराने के विलए छहीं मंहींीने केी अविधाकेतरा अविधा दोेना इष्टकेरा समंझा गया हींै।
४. चू ंविके राज्य विधानमंडल के दोनं सदोनं केा सत्र नहीं चल राहींा था औरा मंहींाराष्ट्र के राज्यपुाल िक्त प्रयोजानं केा यहीं समंाधान हींो चुकेा था विके, ऐसी पुरिरास्थिस्थावितया विद्यमंान थाी विजानके केाराण उन्हीं इसमं उपुयु के विलए, मंु ंबई नगरा विनगमं अविधाविनयमं, मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं अविधाविनयमं औरा मंहींाराष्ट्र नगरा पुरिराषदो, नगरा पुंचायत औरा औद्योविगके नगराी अविधाविनयमं, १९६५ मं अविधाकेतरा संोधान केराने के विलए सद्य केायिाहींी केराना आश्यके हींुआ था; अतः मंहींाराष्ट्र के राज्यपुाल द्वारा, मंहींाराष्ट्र नगरा विनगमं विविधा (संोधान) अध्यादोे, २०२६ (सन् २०२६ केा मंहींा. अध्या. क्र. ९) १७ जाून २०२६ केो प्रख्याविपुत विकेया गया था।
५. प्रस्तुत विधाेयके केा आय उक्त अध्यादोे केो राज्य विधानमंडल के अविधाविनयमं मं बदोलना हींै। मंु ंबई,
एकानाथ विशोदे,
विदोनांके २२ जाून, २०२६.
उपु-मंुख्यमंत्री, (नगरा विकेास)।
(यथाथाि अनुादो),
श्री. अरुण कामांळाबाई ाळू विगते,
भाषा संचालके,
मंहींाराष्ट्र राज्य, मंु ंबई।
विधान भान,
विजूतंद्र भाोळे,
ंबई,
मंु विदोनांके २५ जाून, २०२६.
सविच-१, मंहींाराष्ट्र विधानसभा।
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