RNI No. MAHBIL /2009/31730
मांहाष्ट्रट शोासन ाजपत्र
असाधाण भाग सात
षष १२, अका २८(३)] शोुक्रा, जुलै ३, २०२६/आषाढ १२, शोकाे १९४८ [पृष्ठे ५, विकांमांत : रुपये ४७.००
असाधाण क्रमांाका ५३
प्राविधाकाृत प्रकाशोन
अध्यादेशो, विधाेयकाे अविधाविनयमां याचा विहादी अनुाद (देनागी विलैपी)
मांहाष्ट्र विधानमांडळ सविचालैय
मेंहाराष्ट्र र्शिवेंधानोंपरिरार्षद में र्शिदनोंांके ३ जुलै, २०२६ ई.केो. पुरा:स्थार्शिपत र्शिनोंम्नों र्शिवेंधेयोके मेंहाराष्ट्र र्शिवेंधानोंपरिरार्षद र्शिनोंयोमें ११३ के अधीनों प्रकेानों र्शिकेयोा जाता हाै :-
L. C. BILL No. XVII OF 2026.
A BILL
TO AMEND THE BHARATIYA NAGARIK SURAKSHA SANHITA, 2023, IN ITS APPLICATION TO THE STATE OF MAHARASHTRA.
विधान परिषद का विधाेयका क्रमांाका १७ सन् २०२६।
मांहाष्ट्र ाज्य मां यथा प्रयुक्त, भातीय नागरिका सुक्षा सविहाता, २०२३ मां सशोधान काने सबंधाी
विधाेयका |
सन् २०२३ केा ४६।
क्यंविका इसमें आगे दर्शित प्रयोजनों के र्शिए, मेंहाराष्ट्र राज्यो में योथा प्रयोुक्त भारातीयो नोंागेरिराके सुराक्षा संर्शिहाता, २०२३ में संोधनों केरानोंा इष्टकेरा हाै; अत: भारात गेणराज्यो के सतहात्तरावें वेंर्षि में, एतदद्वारा, र्शिनोंम्नों अर्शिधर्शिनोंयोमें अर्शिधर्शिनोंयोर्शिमेंत र्शिकेयोा जाता हाै ;
संर्शिक्षाप्त नोंामें । १. योहा अर्शिधर्शिनोंयोमें भारातीयो नोंागेरिराके सुराक्षा संर्शिहाता (मेंहाराष्ट्र संोधनों) अर्शिधर्शिनोंयोमें, २०२६ केहाए |
(१) २ मांहाष्ट्रट शोासन ाजपत्र असाधाण भाग सात, जुलै ३, २०२६/आषाढ १२, शोकाे १९४८ सन् २०२३ केा ४६ केी धारा १५ में संोधनों |
२. मेंहाराष्ट्र राज्यो में योथा प्रयोुक्त भारातीयो नोंागेरिराके सुराक्षा संर्शिहाता, २०२३ (र्शिजसे इसमें आगे, "उक्त संर्शिहाता" केहा गेयोा हाै), केी धारा १५ में,"पुर्शिस अधीक्षाके" ब्दं के स्थानों परा " सहायोके पुर्शिस आयोुक्त योा उप-र्शिवेंभागेीयो सहायोके पुर्शिस अर्शिधकेाराी" ब्द राखे जाएंगे।
३. उक्त संर्शिहाता केी धारा ९८ केी, उप-धारा (२) के खेंड (खे) में "दृश्यो प्रस्तुतीकेराण" ब्दं के पश्चात, "योा इेक्ट्रॉर्शिनोंके योा र्शिडर्शिजट अर्शिभाेखे" ब्द र्शिनोंर्शिवेंष्ट र्शिकेए जाएंगे।
सन् २०२३ केा ४६ केी धारा ९८ में संोधनों |
४. उ क्त संर्शिहाता केी धारा १०७ केी उप-धारा (१) में, "पुर्शिस आयोुक्त" ब्दं के पश्चात् "योा संयोुक्त पुर्शिस आयोुक्त" ब्द र्शिनोंर्शिवेंष्ट र्शिकेयोे जायोंगे।
सन् २०२३ केा ४६ केी धारा १०७ में संोधनों |
५. उ क्त संर्शिहाता केी धारा १२९ केा, खेंड (चा) के, उप-खेंड (एके) में,—
(१) परिराच्छेद (छे) में, "योा" ब्द अपमेंार्शिजित र्शिकेयोा जाएगेा ;
सन् २०२३ केा ४६ केी धारा १२९ में संोधनों |
(२) परिराच्छेद (छे) के पश्चात्, र्शिनोंम्नोंर्शिर्शिखेत परिराच्छेद जोड़ा जाएगेा, अथाित्:-
"(ज) स्वेंापके और्षर्शिध औरा मेंनों:प्रभावेंी पदाथाि अर्शिधर्शिनोंयोमें, १९८५ ; योा"।
सन् १९८५ केा ६१ | ६. उक्त संर्शिहाता केी धारा १७० केी,-
सनों २०२३ केा ४६ केी धारा १७० में संोधनों | (१) उप-धारा (२) में, "आवेंश्योके योा प्रार्शिधकेृत " ब्दं के पश्चात्, "उप-धारा (३) के अधीनों योा" ब्द, केोष्ठके औरा अंके र्शिनोंर्शिवेंष्ट र्शिकेए जाएंगे;
(२) उप-धारा (२) के पश्चात्, र्शिनोंम्नोंर्शिर्शिखेत उप-धारा जोड़ाी जाएगेी,
अथाित्:-
"(३) (के) जहा र्शिकेसी व्योक्तिक्त केो इस धारा के अधीनों र्शिगेराफ्तारा र्शिकेयोा जाता हाै औरा र्शिगेराफ्ताराी केरानोंे वेंाे अर्शिधकेाराी, योा उस पुर्शिस स्टेनों के प्रभाराी अर्शिधकेाराी, र्शिजसके समेंक्षा र्शिगेराफ्तारा व्योक्तिक्त केो पे र्शिकेयोा जाता हाै, के पास योहा मेंानोंनोंे के र्शिए उर्शिचात आधारा हां र्शिके, र्शिगेराफ्तारा व्योक्तिक्त केो र्शिगेराफ्ताराी के समेंयो से चाौबीस घंटे से अर्शिधके समेंयो तके (र्शिगेराफ्ताराी के स्थानों से न्योार्शियोके मेंर्शिजस्ट्रेट के न्योायोायो तके े जानोंे में गेनोंे वेंाे समेंयो केो छेोड़ाकेरा) र्शिहारासत में राखेनोंा आवेंश्योके हाै, इस केाराण से र्शिके,—
(एके) वेंहा व्योक्तिक्त अपनोंी रिराहाई के पश्चात उप-धारा (१) में र्शिनोंर्शिदिष्ट संज्ञेयो अपराध केरानोंे केी योजनोंा केो जाराी राखेनोंे केी संभावेंनोंा राखेता हाै, योा अपराध केरानोंे केी संभावेंनोंा राखेता हाै; औरा (दो) योर्शिद मेंामेंे केी परिराक्तिस्थार्शितयोा ऐसी हां र्शिके उसकेा फरारा राहानोंा सावेंिजर्शिनोंके व्योवेंस्था बीनोंाए राखेनोंे के र्शिए हार्शिनोंकेाराके हाो सकेता हाै, तो र्शिगेराफ्ताराी केरानोंे वेंा अर्शिधकेाराी योा पुर्शिस स्टेनों केा प्रभाराी अर्शिधकेाराी, ऐसे र्शिगेराफ्तारा व्योक्तिक्त केो र्शिनोंकेटतमें न्योार्शियोके मेंर्शिजस्ट्रेट के समेंक्षा पे केराेगेा, साथा हाी एके र्शिर्शिखेत रिरापोटट भाी प्रस्तुत केराेगेा र्शिजसमें चाौबीस घंटे से अर्शिधके समेंयो तके ऐसे व्योक्तिक्त केो र्शिहारासत में राखेनोंे के केाराणं केा उल्ेखे हाोगेा।
(खे) इस संर्शिहाता में योा तत्समेंयो प्रवेंृत्त र्शिकेसी अन्यो र्शिवेंर्शिध में अंतर्शिवेंिष्ट र्शिकेसी बीात के हाोते हाुए भाी, योर्शिद मेंर्शिजस्ट्रेट, र्शिजसके समेंक्षा ऐसे र्शिगेराफ्तारा व्योक्तिक्त केो पे र्शिकेयोा जाता हाै, संतुष्ट हाो र्शिके ऐसे व्योक्तिक्त केो चाौबीस घंटे से अर्शिधके समेंयो तके अस्थायोी र्शिहारासत में राखेनोंे के र्शिए उर्शिचात आधारा हां, तो वेंहा समेंयो-समेंयो परा आदे द्वारा ऐसे व्योक्तिक्त केो, जैसा वेंहा उर्शिचात समेंझे। ऐसी अर्शिभाराक्षा में भाेज सकेता हाै:
परांतु, इस धारा के अंतगेित र्शिकेसी भाी व्योक्तिक्त केो एके बीारा में पंद्रहा र्शिदनों से अर्शिधके केीमांहाष्ट्रट शोासन ाजपत्र असाधाण भाग सात, जुलै ३, २०२६/आषाढ १२, शोकाे १९४८ ३ अवेंर्शिध के र्शिए औरा ऐसे व्योक्तिक्त केी र्शिगेराफ्ताराी केी र्शिदनोंांके से केु तीस र्शिदनों से अर्शिधके केी अवेंर्शिध के र्शिए र्शिहारासत में नोंहां राखेा जाएगेा।
(गे) जबी र्शिकेसी व्योक्तिक्त केो खेंड (खे) के अधीनों अर्शिभाराक्षा में भाेजा जाता हाै, तो मेंर्शिजस्ट्रेट योथाीघ्र उस व्योक्तिक्त केो आदे के आधारां केी सूचानोंा देगेा औरा वेंहा व्योक्तिक्त सत्र न्योायोायो में आदे के र्शिवेंरुद्ध अभ्योावेंेदनों केरा सकेता हाै। सत्र न्योायोाधी, ऐसा अभ्योावेंेदनों प्राप्त हाोनोंे परा,र्शिजसे वेंहा उर्शिचात समेंझे ऐसी जांचा केरानोंे के पश्चात, योा तो अभ्योावेंेदनों केो अस्वेंीकेारा केरा सकेता हाै, योा योर्शिद वेंहा समेंझेता हाै र्शिके र्शिगेराफ्तारा व्योक्तिक्त केो आगे र्शिहारासत में राखेनोंा आवेंश्योके नोंहां हाै, योा ऐसा केरानोंा अन्योथा उर्शिचात औरा न्योायोसंगेत हाै, तो आदे केो राद्द केरा सकेता हाै औरा र्शिगेराफ्तारा व्योक्तिक्त केो तत्केा रिराहा केरा र्शिदयोा जाएगेा। "।
७. उक्त संर्शिहाता केी धारा १७३,केी उप-धारा (३) के खेण्ड (एके) में, "चाौदहा र्शिदनों" ब्दं के स्थानों परा "छेहा सप्ताहा" ब्द राखे जाएंगे।
सन् २०२३ केा ४६ केी धारा १७३ में संोधनों | ८. उक्त संर्शिहाता केी धारा ४८२ केी, उप-धारा (१) के पश्चात् र्शिनोंम्नों उप-धारा र्शिनोंर्शिवेंष्ट केी जायोेगेी, अथाित् :—
सन् २०२३ केा ४६ केी धारा ४८२ में संोधनों | "(१के) अर्शिमें जमेंानोंत चाहानोंेवेंाे आवेंेदके केी उपक्तिस्थार्शित आवेंेदनों केी अंर्शितमें सुनोंवेंाई औरा न्योायोायो द्वारा अंर्शितमें आदे पारिरात केरानोंे के समेंयो अर्शिनोंवेंायोि हाोगेी, योा योर्शिद ोके अर्शिभायोजके द्वारा र्शिकेए गेए आवेंेदनों परा न्योायोायो न्योायो के र्शिहात में ऐसी उपक्तिस्थार्शित केो आवेंश्योके समेंझेता हाै।"। ४ मांहाष्ट्रट शोासन ाजपत्र असाधाण भाग सात, जुलै ३, २०२६/आषाढ १२, शोकाे १९४८
उद्देश्यं औ काणं का क्तव्य
भारातीयो नोंागेरिराके सुराक्षा संर्शिहाता, २०२३ (सन् २०२३ केा ४६) भारातीयो न्योायो संर्शिहाता, २०२३ (सन् २०२३ केा ४५) औरा दांर्शिडके अपराधं केो र्शिनोंयोंर्शित्रत केरानोंेवेंाे र्शिकेसी अन्यो र्शिवेंर्शिध के अधीनों अपराधं केी जांचा, पूछेताछे औरा अपराधं के र्शिवेंचाराण केी प्र्शियोा केो र्शिवेंर्शिनोंयोर्शिमेंत केराती हाै।
२. पुर्शिस बी केी दक्षाता औरा केायोिक्षामेंता बीढ़ानोंे के र्शिए, सराकेारा मेंहाराष्ट्र राज्यो में उसकेी प्रयोुक्तिक्त में योथा ागेू भारातीयो नोंागेरिराके सुराक्षा संर्शिहाता, २०२३ के केुछे अनोंुभागें में संोधनों केरानोंा इष्टकेरा समेंझेती हाै। ३. प्रस्तार्शिवेंत संोधनों योथा र्शिनोंम्नोंर्शिर्शिखेत हां:-
(एके) उक्त संर्शिहाता केी धारा १५ में योहा उपबींध हाै र्शिके राज्यो सराकेारा पुर्शिस अधीक्षाके योा समेंकेक्षा से अर्शिनोंम्नों श्रेणी के र्शिकेसी भाी पुर्शिस अर्शिधकेाराी केो र्शिवेंेर्ष केायोिकेाराी मेंर्शिजस्ट्रेट के रूप में र्शिनोंयोुक्त केरा सकेगेी। सहायोके पुर्शिस आयोुक्त योा उप-प्रभागेीयो पुर्शिस अर्शिधकेाराी केी अपनोंे अर्शिधकेारा क्षाेत्र के भाीतरा आनोंे वेंाे अपराधं केी जांचा में अर्शिधके सुसंगेत परिराचानों केी भाूर्शिमेंकेा हाोती हाै। इसर्शिए, प्रासर्शिनोंके संराचानोंा में परिरावेंतिनों के केाराण, सराकेारा उक्त धारा १५ में योथाोर्शिचात संोधनों द्वारा सहायोके पुर्शिस आयोुक्त योा उप प्रभागेीयो पुर्शिस अर्शिधकेाराी योा समेंकेक्षा से अर्शिनोंम्नों श्रेणी के र्शिकेसी भाी पुर्शिस अर्शिधकेाराी केो र्शिवेंेर्ष केायोिकेाराी मेंर्शिजस्ट्रेट के रूप में र्शिनोंयोुक्त केरानोंा इष्टकेरा समेंझेती हाै।
(दो) उक्त संर्शिहाता केी धारा ९८ में योहा उपबींध हाै र्शिके, योर्शिद र्शिकेसी समेंाचारा पत्र, र्शिकेताबी योा दस्तावेंेज, चाहाे वेंहा केहां भाी छेपा हाो, राज्यो सराकेारा केो ऐसी केोई सामेंी र्शिदखेाई देती हाै, र्शिजसकेा प्रकेानों 'भारातीयो न्योायो संर्शिहाता, २०२३ (सन् २०२३ केा ४५) केी, धारा १५२, १९६, १९७, २९४, २९५ योा २९९ के अधीनों दंडनोंीयो हाै, तो राज्यो सराकेारा ऐसे समेंाचारा पत्र, र्शिकेताबी योा दस्तावेंेज़ों केो ज़ोंब्त केरानोंे केी घंोर्षणा केरा सकेगेी औरा उसके र्शिए ताी वेंारांट जाराी केरा सकेगेी। उक्त धारा में 'दस्तावेंेज' र्शिनोंबींधनों में, केोई पंर्शिटंगे, ड्राइंगे योा फ़ोटोाफ़ो योा केोई अन्यो दृश्यो रूप प्रस्तुतीकेराण संक्तिम्मेंर्शित हाै। भारातीयो न्योायो संर्शिहाता, २०२३ केी, धारा २ के खेंड (८) के अंतगेित 'दस्तावेंेज़ों' र्शिनोंबींधनों केी परिराभार्षा दी गेई हाै, र्शिजसमें इेक्टॉर्शिनोंके औरा र्शिडर्शिजट अर्शिभाेखे भाी सक्तिम्मेंर्शित हाै। इसर्शिए 'भारातीयो नोंागेरिराके सुराक्षा संर्शिहाता' केी धारा ९८ के प्रयोजनों में स्पष्टता ानोंे के र्शिए, सराकेारा नोंे 'दस्तावेंेज़ों' र्शिनोंबींधनों के अथातगेित इेक्ट्रॉर्शिनोंके औरा र्शिडर्शिजट अर्शिभाेखे केो सक्तिम्मेंर्शित केरानोंे के उद्देश्यो से इसमें संोधनों केरानोंा इष्टकेरा समेंझेा हाै।
(तीनों) उक्त संर्शिहाता केी धारा १०७ केी उप-धारा (१) में योहा उपबींध हाै र्शिके, पुर्शिस अर्शिधकेाराी, पुर्शिस अधीक्षाके योा पुर्शिस आयोुक्त के अनोंुमेंोदनों से, र्शिकेसी आपरार्शिधके गेर्शितर्शिवेंर्शिध योा र्शिकेसी अपराध के घंर्शिटत हाोनोंे के परिराणामेंस्वेंरूप प्राप्त संपर्शित्त केी केुकेी हाेतु न्योायोायो योा मेंर्शिजस्ट्रेट के समेंक्षा आवेंेदनों केरा सकेगेा। ऐसे अनोंुमेंोदनों में ीघ्रता ानोंे केी दृक्तिष्ट से, सराकेारा, उक्त-धारा १०७ केी, उप-धारा (१) में योथाोर्शिचात संोधनों द्वारा ऐसी क्तिक्तयों केा र्शिवेंकेंद्रीकेराण केरानोंा औरा ऐसी क्तिक्तयोा स्थानोंीयो स्तरा परा संयोुक्त पुर्शिस आयोुक्त केो संपनोंा भाी इष्टकेरा समेंझेती हाै।
(चारा) उक्त संर्शिहाता केी धारा १२९ केर्शितपयो अर्शिधर्शिनोंयोमें के अधीनों अपराध केरानोंे वेंाे आद्यतनों अपरार्शिधयों के अच्छे आचाराण के र्शिए सुराक्षा केा प्रदानों केराती हाै। स्वेंापके और्षधी औरा मेंनों:प्रभावेंी पदाथाि अर्शिधर्शिनोंयोमें , १९८५ (सन् १९८५ केा ६१) के अधीनों आनोंेवेंाे अपराध उक्त धारा १२९ के अंतगेित नोंहां आते हां। मेंादके पदाथां से संबींर्शिधत अपराधं से र्शिनोंपटनोंे के र्शिए र्शिवेंर्शिध प्रवेंतिनों एजंर्शिसयों केी क्षामेंता बीढ़ानोंे के उद्देश्यो से, सराकेारा उक्त धारा १२९ में योथाोर्शिचात संोधनों द्वारा स्वेंापके और्षधी औरा मेंनों:प्रभावेंी पदाथाि अर्शिधर्शिनोंयोमें, १९८५ (सन् १९८५ केा ६१) के अंतगेित आनोंे वेंाे अपराधं केो उक्त धारा १२९ के दायोराे में सक्तिम्मेंर्शित केरानोंा इष्टकेरा समेंझेती हाै।मांहाष्ट्रट शोासन ाजपत्र असाधाण भाग सात, जुलै ३, २०२६/आषाढ १२, शोकाे १९४८ ५ (पाचा) उक्त संर्शिहाता केी धारा १७० में संोधनों प्रस्तार्शिवेंत हाै र्शिजसमें उपयोु टक्त मेंामें में, न्योार्शियोके मेंर्शिजस्ट्रेट के अर्शिधकेारा के अधीनों र्शिगेराफ्तारा व्योक्तिक्त केो र्शिहारासत में राखेनोंे केा उपबींध हाै, जहा उसके फरारा राहानोंे से केानोंूनों व्योवेंस्था बीनोंाए राखेनोंे में बीाधा उत्पन्नों हाोनोंे केी संभावेंनोंा हाो, एके बीारा में पंद्रहा र्शिदनों केी अवेंर्शिध के र्शिए, परांतु केु अवेंर्शिध तीस र्शिदनों से अर्शिधके नोंहां हां। प्रस्तार्शिवेंत संोधनों मेंहाराष्ट्र राज्यो में उसकेी प्रयोुक्तिक्त में योथा ागेू दंड प्र्शियोा संर्शिहाता, १९७३ (सन् १९७४ केा २) में मेंहाराष्ट्र अर्शिधर्शिनोंयोमें मेंांके ७ सन् १९८१ द्वारा र्शिकेयोा गेयोा था। उक्त संर्शिहाता, उक्त संर्शिहाता द्वारा र्शिनोंरार्शिसत केी गेई हाै औरा योहा उपबींध उक्त संर्शिहाता में अन्तर्शिवेंिष्ट नोंहां हाै। इसर्शिए, योहा संोधनों प्रस्तार्शिवेंत हाै।
(छेहा) संज्ञेयो मेंामें में केायोिवेंाहाी केरानोंे के र्शिए प्रथामें दृष्टयोा मेंामेंा हाोता हाै योा नोंहां, योहा सुर्शिनोंक्तिश्चात केरानोंे के र्शिए प्रारांर्शिभाके जाचा केरानोंे केी समेंयोावेंर्शिध केो उक्त संर्शिहाता केी धारा १७३ में योथाोर्शिचात संोधनों द्वारा चाौदहा र्शिदनों से बीढ़ाकेरा सहा सप्ताहा केरानोंे केा प्रस्तावें हाै।
(सात) उक्त संर्शिहाता केी धारा ४८२ में संोधनों केरानोंा प्रस्तार्शिवेंत हाै तार्शिके, अर्शिमें जमेंानोंत मेंांगेनोंेवेंाे र्शिगेराफ्ताराी केी आंकेा राखेनोंेवेंाे व्योक्तिक्त केी अंर्शितमें सुनोंवेंाई औरा न्योायोायो द्वारा अंर्शितमें आदे पारिरात केरानोंे के समेंयो उपक्तिस्थार्शित सुर्शिनोंक्तिश्चात केी जा सके, औरा साथा हाी जहा ोके अर्शिभायोजके द्वारा र्शिकेए गेए आवेंेदनों परा न्योायोायो के न्योायो र्शिहात में ऐसी उपक्तिस्थार्शित आवेंश्योके समेंझेता हाै। प्रस्तार्शिवेंत संोधनों मेंहाराष्ट्र अर्शिधर्शिनोंयोमें (सन् १९९३ केा अर्शिध. . २४) द्वारा मेंहाराष्ट्र राज्यो परा ागेू दंड प्र्शियोा संर्शिहाता, १९७३ में र्शिकेयोा गेयोा था आपरार्शिधके दण्ड प्र्शियोा, १९७३ उक्त संर्शिहाता द्वारा र्शिनोंरास्त केरा दी गेई हाै औरा उक्त उपबींध उक्त संर्शिहाता में र्शिनोंर्शिहात नोंहां हां। इसर्शिए, योहा संोधनों प्रस्तार्शिवेंत हाै।
िक्त उद्दें केो प्राप्त केरानोंा हाै|
४. प्रस्तुत र्शिवेंधेयोके केा आयो उपयोु
मेंु ंबीई,
देंद्र फडणीस,
र्शिदनोंांर्शिकेत २ जुाई, २०२६।
मेंुख्योमेंत्री।
(योथाथाि अनोंुवेंाद),
श्री. अरुण कामांळाबंाइट ाळू विगते,
प्रभाराी भार्षा संचाके,
मेंहाराष्ट्र राज्यो।
विधान भान : डॉ. विलैास आठेलैे,
मेंु ंबीई,
सर्शिचावें-३,
र्शिदनोंांर्शिकेत २ जुाई, २०२६। मेंहाराष्ट्र र्शिवेंधानोंपरिरार्षद।
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