RNI No. MAHBIL /2009/36619
महाराष्ट्रट शासन राजपत्र
असाधाराण भाग एक–कोकण विभागीय पुराणी
र्ष १२, अंक ५९] गुरुारा, जुलै २३, २०२६/श्राण १, शाके १९४८ [पृष्ठे ४, विकंमत : रुपये ११.००
असाधाराण क्रमांक ८९
प्राविधाकृत प्राकाशान
उप विजल्हाविधाकाराी (भाूसंपादन), मेट्रो संटरा क्र.३, ठेाणे यांजकडून
अविधासूचना
क्रमांाक उवि/भाूसं/मांेट्रो-३/ऐरोली-काटई रोस्ता/२०२५.– ज्याअर्थी, भाूविमांसंपुादन, पुनवसंन पुनवसंाहता करोताना उविता भारोपुाई विमांळण्या आवि पुारोदर्शवकताेा हक्क अविविनयामां, २०१३ (२०१३ ा ३०) (ज्या उल्लीेख पुढे "उक्ता अविविनयामां" असंा करोण्याता आलीा आहे) च्या कलीमां ३ च्या खड(इ) च्या द्वारोे प्रदान करोण्याता आलीेल्या अविकारोा ापुरो करून काढेण्याता आलीेली र्शासंकीया अविसंूना, मांहसंूली न विभाग क्र. संकीव ११/२०१४/प्र.क्र.७७/अ-२, विदनाक १९ ानेारोी २०१५ (या पुढे विा विनदेर्श "उक्ता अविसंूना" असंा करोण्याता आलीा आहे) याद्वारोे असंे अविसंूविता केलीे आहे की, उक्ता अविविनयामांाच्या कलीमां ३ च्या खड(झेड अ) मांध्याे व्याख्या केलीेल्या एखाद्या संावविनक प्रयाोनासंाठी, एखाद्या विल्ह्याताीली ५०० हेक्टरोपुेक्षा अविक नसंेली इताक्या क्षाेत्राकरिरोता मांीन संपुादन करोण्याच्या संबंाता, अर्शा विल्ह्या विल्हाविकारोी हा उक्ता अविविनयामांाच्या प्रयाोनासंाठी संमांुविता र्शासंन असंल्याे मांानण्याता याेईली;
आवि, ज्याअर्थी, उक्ता अविविनयामांाच्या कलीमां ३ च्या खड(छ) अन्याे, संमांुविता र्शासंन असंलीेलीे विल्हाविकारोी, ठीाे उक्ता अविविनयामांाखालीली विल्हाविकाऱ्याी कायाे पुारो पुाडण्यासंाठी उपु विल्हाविकारोी (भाूसंपुादन), मांेट्रो संटरो क्र.३, ठीाे, यासं पुद विनदेविर्शता केलीे आहे;
आवि, ज्याअर्थी, महाराष्ट्र शासन राजपत्र असंारो भाग एक-कोक विभागीया पुरोी, असंारो क्रमांाक ७८ विदनाक ०७/०७/२०२४ अन्याे उक्ता अविविनयामांाे कलीमां १०क अन्याे संावविनक भागीदारोीखालीली प्रकल्पुासंह पुायाभाूता संुविा प्रकल्पु, ज्याता विमांनी मांालीकी रोाज्या र्शासंनाकडे विविहता असंण्याे ालीू रोाहीली. अर्शा संदरो प्रकल्पुासं उक्ता अविविनयामांाच्या प्रकरो दोन ताीन याच्या तारोताुदी लीागू करोण्यापुासंून संूट देण्याता आली आहे. त्यामांुळे या प्रकल्पुासंाठी संामांाविक प्रभा विनावरो करोण्याी आश्याकता उरोलीेली नाही;
आवि, ज्याअर्थी, उक्ता अविविनयामांाच्या कलीमां ४३ च्या पुोट-कलीमां (१) अन्याे पुनवसंन पुनवसंाहता या प्रयाोनासंाठी विनयाुक्ता केलीेल्या प्र्शासंकाी विनयाुक्ताी करोण्याी तारोताूद ठीेली आहे.
आवि, त्याअर्थी, यासंोबंता ोडलीेल्या अनुसंूी एकमांध्याे दर्शवविलीेली मांीन (यापुढे विा विनदेर्श "उक्ता मांीन" असंा करोण्याता आलीा आहे) मांु बंई मांहानगरो प्रदेर्श विकासं प्राविकरोामांार्फता "ऐरोली-काटई रोस्ता" या प्रकल्पुाच्या कारोडेपुो या प्रकल्पुासंाठी आश्याक आहे अर्थीा विताी आश्याकता भासंण्याी र्शक्याता आहे, असंे ाटताे (प्रकल्पुाच्या स्रूपुाे विरो यासंोबंता ोडलीेल्या अनुसंूी दोनमांध्याे विदलीेलीे आहे) आवि म्हून उक्ता अविविनयामांाच्या कलीमां ११ च्या पुोट-कलीमां(१) च्या तारोताुदीन्याे याद्वारोे असंे अविसंूविता
(१)
भाग एक (को.वि.पु.)-८९–१२ महाराष्ट्रट शासन राजपत्र असाधाराण भाग एक–कोकण विभागीय पुराणी, जुलै २३, २०२६/श्राण १, शाके १९४८ बंई मांहानगरो प्रदेर्श विकासं प्राविकरोामांार्फता "ऐरोली-काटई रोस्ता" या प्रकल्पुाच्या या संावविनक करोण्याता याेताे की, उक्ता विमांनी मांु प्रयाोनासंाठी विमांनी आश्याकता भासंण्याी र्शक्याता आहे ;
त्याअर्थी आता, असंे घोविता करोण्याता याेताे की, उक्ता अविविनयामांाच्या कलीमां ११ च्या पुोट-कलीमां (४ )अनुसंारो कोताीही व्याक्ताी, ही अविसंूना प्रविसंद्ध झेाल्याच्या विदनाकापुासंून ताे उक्ता अविविनयामांाच्या प्रकरो ारो खालीली कायावाही पुूव होईली त्या कालीाीपुयांता उक्ता विमांनीा अर्थीा विताच्या भागा कोताही व्याहारो करोारो नाही विकंा उक्ता विमांनीरो कोताही भारो विनमांाव करोारो नाही;
पुरोताु, उक्ता विमांनीच्या अर्थीा विताच्या भागाच्या मांालीकाने अव केल्यारो, विल्हाविकाऱ्यासं विर्शे पुरिरोस्थिस्र्थीताीता, लीेखी कारोे नमांूद करून अर्शा मांालीकासं उपुरोक्ता तारोताुदीच्या प्रतावनाताून संूट देता याेईली ;
पुरोताु आखी असंे की, रो कोत्याही व्याक्ताीने या तारोताुदीे बंुद्धीपुरोस्संरो उल्लीघोन केल्यामांुळे वितालीा झेालीेल्या कोत्याही हानी विकंा क्षाताी विल्हाविकाऱ्याकडून भारोपुाई विदली ारो नाही.
तासंे, उक्ता अविविनयामांाच्या कलीमां ११ च्या पुोट-कलीमां(५) अनुसंारो, विल्हाविकारोी, भाूविमां अविभालीेखाच्या अद्याताीकरोाे कामां हाताी घोेारो असंल्याे पुूव करोारो असंल्याेदेखीली घोविता करोीता आहेता.
संदरो अविसंूनेद्वारोे ज्या विमांनी संावविनक प्रयाोनासंाठी आश्याकता आहे विकंा आश्याकता भासंण्या संभा असंल्याे कायाद्याे ११ े उपु-कलीमां(०१) खाली अविसंूविता करोेता आलीे आहे. त्याविरुद्ध आक्षाेपु नंदविण्याे असंल्यासं प्रारोविभाक अविसंूनेच्या तारोखेपुासंून ६० विदसंाच्या आता उपु विल्हाविकारोी (भाूसंपुादन), मांेट्रो संटरो क्र.३, ठीाे याे कायावलीयाता आक्षाेपु नंदविेता याेताीली.
अनुसूची-एक
जविमनीचा तपशाीलै
तालैुका कल्याण, विजल्हा ठेाणे
| अ. क्र. (१) | गाचे ना (२) | सर्व्हेहाे नंबरा (३) | विहास्सा नंबरा (४) | ७/१२ राीलै क्षेत्र (५) | संपादनासाठेी आश्यक क्षेत्र (६) |
| १ | काटई | २०/५/१पुै | ३०/५/अ | ०.४५५० | ०.०३३३ |
| २ | काटई | १२२ | १२२ | १.३३०० | ०.१४१० |
| ३ | काटई | २८/१पुै | २८/१ | ०.०१५० | ०.००८० |
| ४ | काटई | २८/२ पुै | २८/२पुै | ०.३२४० | ०.०१७५ |
| ५ | काटई | २९/१/१पुै | २९/१/अ | ०.२०२० | ०.०९४० |
| ६ | काटई | ३०/२पुै | ३०/२ | ०.०९९० | ०.०१६५ |
| ७ | काटई | ३१/१ | ३१/१ | ०.१५४० | ०.१११० |
| ८ | काटई | ३१/२ | ३१/२ | ०.३३९० | ०.२५३० |
| ९ | काटई | ३२/२/१ | ३२/२/१ | ०.२५३० | ०.०१३५ |
| १० | काटई | ३२/२/२ | ३२/२/२ | ०.१९३० | ०.०५७० |
| ११ | काटई | ३२/२/३ | ३२/२/क | ०.१६९० | ०.०१४० |
| १२ | काटई | ३२/३ | ३२/३ | ०.२०७० | ०.२०७० |
| १३ | काटई | ३३ | ३३ | ०.२४३० | ०.१०२८ |
| १४ | काटई | ३५ पुै | ३५ पुै | ०.१०६० | ०.०९०० |
| १५ | काटई | ३६/१ पुै | ३६/१पुै | ०.३७७० | ०.०२१० |
| १६ | काटई | ४०/६/१पुै | ४०/६/अ | ०.१८७० | ०.०२७० |
| १७ | काटई | ४०/६/२ पुै | ४०/६/बं | ०.१७७० | ०.११३४ |
| १८ | काटई | ४०/६/३ पुै | ४०/६/क | ०.२१०० | ०.०१७५ |
| १९ | काटई | ४०/८ पुै | ४०/८ पुै | ०.५७२० | ०.२८९० |
| २० | काटई | ४०/११ पुै | ४०/११ | ०.०५३० | ०.०२९० |
| २१ | काटई | ४१/३ पुै | ४१/३ | ०.४२५० | ०.००२५ |
| २२ | काटई | ४१/४ पुै | ४१/४ | ०.०९८० | ०.०९४० |
| २३ | काटई | ४१/५ पुै | ४१/५ | ०.१०४० | ०.०३०० |
| २४ | काटई | ४१/६पुै | ४१/६ | ०.०४८० | ०.००५० |
| २५ | काटई | ४१/७ पुै | ४१/७ | ०.१४२० | ०.१४१० |
| २६ | काटई | ४१/८ पुै | ४१/८ | ०.०८१० | ०.०२३६ |
| २७ | काटई | ७५/३/अ पुै | ७५/३/अ पुै | ०.९०७५ | ०.१९६८ |
| २८ | काटई | ७५/४ पुै | ७५/४ | ०.१११० | ०.१०७५ |
| २९ | काटई | ७५/५ पुै | ७५/५ | ०.१०६० | ०.०३६० |
| ३० | काटई | ७६/१ पुै | ७६/१ | ०.३४६० | ०.१३२० |
| ३१ | काटई | ७६/२ पुै | ७६/२ | ०.७१३० | ०.२३६० |
| ३२ | काटई | ७६/३/१ पुै | ७६/३/अ | ०.१३२० | ०.०४७० |
| ३३ | काटई | ७६/३/२ पुै | ७६/३बं | ०.२७१० | ०.०८२० |
| ३४ | काटई | ७६/३/३ पुै | ७६/३/क | ०.०६३० | ०.०६३० |
| ३५ | काटई | ७६/४ पुै | ७६/४/अ | ०.२९१० | ०.१६३० |
| ३६ | काटई | ७६/७ पुै | ७६/७ | ०.३४४० | ०.०६५० |
| ३७ | काटई | ९१/१पुै | ९१/१ | ०.२१०० | ०.०२०० |
| ३८ | काटई | ८९ पुै | ८९ | ०.०४०० | ०.०१७८ |
| ३९ | काटई | ९०/१/१ पुै | ९०/१/अ | ०.१७०० | ०.००४० |
| ४० | काटई | ९३ पुै | ९३ पुै | ०.४००० | ०.०३२३ |
| ४१ | काटई | ११३ पुै | ११३ पुै | ०.०१०० | ०.००२६ |
| एकूण संपाविदत करायाचे क्षेत्र | ३.१५६६ |
अनुसूची-दोन
साषजविनक प्रायोजनाच्या स्रूपाचे विराण
| प्राकल्पाचे ना | मांु बंई मांहानगरो प्रदेर्श विकासं प्राविकरोाच्या प्रस्ताविता "ऐरोली-काटई रोस्ता" या प्रकल्पुाकरिरोता आश्याक असंलीेल्या विमांनीे भाूसंपुादन करोे. |
| प्राकल्पाचे णषन | मांु बंई मांहानगरो प्रदेर्श विकासं प्राविकरोाच्या प्रस्ताविता "ऐरोली-काटई रोस्ता" या प्रकल्पुाकरिरोता आश्याक असंलीेल्या विमांनीे भाूसंपुादन करोे, या प्रकल्पुाता ठीाे विल्ह्याताीली कल्या तालीुक्याताीली १ गाे संमांाविष्ट आहेता. त्या गाताीली अदाविता एकू क्षाेत्रा ३.१५६६ हे.आरो.आहे. |
| समाजालैा विमळणाराे लैाभा | मांु बंई मांहानगरो प्रदेर्श विकासं प्राविकरोाच्या प्रस्ताविता "ऐरोली-काटई रोस्ता" या प्रकल्पुाकरिरोता आश्याक असंलीेल्या विमांनीे भाूसंपुादन करोे या प्रकल्पुामांुळे संावविनक दळळ बंळकट होऊन प्रासंी ाहताुकी संी ृद्धंगता होऊ र्शकेली. |
अनुसूची-तीन
बाविधात र्व्हेयक्तंचे विस्थापन कराण्यास भाग पाडूणाराी काराणे
| अ. क्र | काराणे |
| १ | प्रकल्पुाे बंाकामां |
| २ | प्रकल्पुाे पुरिरोालीन |
| ३ | प्रकल्पुाी देखभाली |
या कारोाकरिरोता विमांनी आश्याकता.
अनुसूची-चारा
(सामाविजक प्राभा विनधाषराण अभ्यास कराणाऱ्या अविधाकाऱ्याने विदलैेल्या सामाविजक प्राभा विनधाषराण सारांशा)
भाूमांीसंपुादन, पुनवसंन पुनवसंाहता करोताना उविता भारोपुाई विमांळण्या आवि पुारोदर्शवकताेा हक्क अविविनयामां, २०१३ (२०१३ ा ३०) यामांध्याे कलीमां १०(क) संमांाविष्ट केलीे असंून, त्यामांध्याे अर्शी तारोताूद केली आहे की, संमांुविता र्शासंनालीा नविहताच्या दृष्टीने अविसंूनेव्दारोे, उक्ता अविविनयामांाच्या प्रकरो दोन प्रकरो ताीन याच्या तारोताुदी लीागू करोण्यापुासंून संूट देता याेताे. त्यानुसंारो महाराष्ट्र शासन राजपत्र असंारो भाग एक-कोक विभागीया पुरोी, असंारो क्रमांाक ७८, विदनाक ०७/०७/२०२४ अन्याे नुसंारो उक्ता प्रकल्पुालीा नविहताच्यादृष्टीने लीोकविहताकारोी प्रकल्पु असंल्या कारोाने प्रकरो दोन आवि प्रकरो ताीनच्या तारोताुदी लीागू करोण्यापुासंून संूट देण्याता आली आहे.
ठीाे,
रुणकुमारा सहाराे,
विदनाक :२३ ुलीै, २०२६.
उपु विल्हाविकारोी (भाूसंपुादन), मांेट्रो संटरो क्रमांाक ३, ठीाे.
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