| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| आषाढ़ 06, शुक्रवार, शाके 1947- जून 27, 2025 Asadha 06, Friday, Saka 1947- June 27, 2025 |
भाग-1(ख)
महत्वर्पूण सरकारी आज्ञायें।
प्रपत्र-M
वन ववभाग
ववज्ञप्त ि
जयपुर,्अप्रेल्07,्2025
््संख््या् प. 2 (5) वन/2025 ् :-चू ूंकि सूंलग्न अनुसूची में र्वणिि वन भूमम एवूं बूंजर भूमम सरािर ीि सम्पप्तयिाूं है या उनमें सरािर ेि स्वाममतव अधाििर है या उनीि सम्पूणि या आूंमशि वन उपज पर सरािर ाि अधाििर है,
और चू ूंकि ऊपर धििि वन भूमम या बूंजर भूमम ोि सरािर, राजस्ािन वन अधनिनयम, 1953 ीि ािरा 29 ीि उप ािरा (1) ेि अन्गििि सूंरक्षिि वन ेि रुप में घोवषि रिने ाि ववचार रखीि है,
और चू ूंक,ि पूवोक्ि भूमम पर सरािर और ननजी व्यप्क्यिों ेि अधाििरों ीि सीमा एवूं स्वरुप अभी िि कसिी प्रािर से लेखबद्ध नह ूं कयिे गये है,
और चू ूंक,ि सरािर यह भी ववचार रखीि है कि पूवोक्ि वनभूमम या बूंजर भूमम में या पर सरािर एवूं ननजी व्यप्क्यिों ेि अधाििरों ीि सीमा एवूं स्वरुप ेि सूंबूंि में जाूंच कयिा जाना एवूं उन्हें लेखबद्ध कयिा जाना आवश्यि ूंकि इन ाियों ेि सम्पादन में प्जनिा समय लगेगा कि इस प्रकक्रया ेि समाति होने िि सरािर ेि ̆चाने ीि आश्ूंाि रहेगी।
है, परन्ुि चू अधाििरों ोि निि पहु अब इसमलए, राजस्ािन वन अधनिनयम, 1953 (1953 ाि अधनिनयम सूं. 13) ीि ािरा 29 ीि उप ािरा (3) द्वारा प्रदति शप्क्यिों ेि प्रयोग में सरािर वन बन्दोबस्ि अधाििर ोि पूवोक्ि वनभूमम या बूंजर भूमम में या सरािर एवूं ननजी व्यप्क्यिों ेि अधाििरों ीि जाूंच रिेि उन्हें लेखबद्ध रिने हेुि ननयुप्क्ि रिीि है और ऐसी जाूंच, साक्ष्य एवूं अमभलेख उस प्रणाल में कयिा जायेगा जैसा कि इस अधनिनयम ीि ािरा 6,7,8,10,11(1), 12, 13, 14, 17, 18 और 19 में प्रवहहि है।
और, इस अधनिनयम ीि ािरा 29 ीि उपािरा (3) ेि परन्ुिि द्वारा प्रदति शप्क्यिों ेि अनुसरण में, राजस्ािन सरािर ऊपर धििि जाूंच एवूं अमभलेख ेि ववचारािि रहेि, धििि वनभूमम एवूं बूंजर भूमम ोि इस ववज्ञप्ति ेि द्वारा सूंरक्षिि (Protected Forest) वन ेि रूप में घोवषि रिीि है, परन्ुि इससे व्यप्क्यिों या वगि ववशेष ेि वमििान अधाििरों में कसिी भी प्रािर ीि मिी नह ूं होगी और न ह उन पर ोिई ववपररि प्रभाव पड़ेगा।
और इस अधनिनयम ीि ािरा 30 द्वारा प्रदति शप्क्यिों ेि अग्रेतरि अनुसरण में सरािर यह भी घोषणा रिीि है कि उक्ि रक्षिि वन (Protected Forest) ेि वृि जो इसेि सूंलग्न द्ववीिय अनुसूची में अूंकिि कयिे गये है, इस अधसिूचना ेि राजपत्र में प्रािमशि होने ीि नधिि से आरक्षिि (Reserved) हो जावेंगे और पूवोक्ि ािर ख से धििि वन में पतरि खोदना या चूना या लड़िी ाि ोियला जलाया जाना अविा कसिी भी प्रािर ीि वन 7090 राजस्ािन राज-पत्र, जून 27, 2025 भाग 1(ख) उपज ाि सूंग्रहण कयिा जाना या ननष्ािसन रिना या हटाया जाना और उक्ि वन में कसिी भूमम ीि खुदाई या ृि वष हेुि या भवन ननमाणि हेुि या मवेशी चराने या अन्य प्रयोजनािि वन ीि सफाई रिना या वन भूमम ोि खप्डिि कयिा जाना ननवषद्ध रिीि है।
सूंलग्न:- अनुसूची (वन भूमम एवूं बूंजर भूमम) द्ववीिय अनूसूची (आरक्षिि वृि)
राज्यपाल की आज्ञा से,
बीजो जॉय,
वशिशष्ट श सन सध िि(नि)।
प्रथम अनुसूची (वन भूमम एवं बंजर भूमम)
| क्र. स. | नाम ब्ला ि | नाम हिसील | नाम प्जला | हदशा | हदशावार सीमा वववरण | राजस्व ग्राम | वववरण | ||
| खसरा नूंबर | ैित्रफ ल (है0) | भूमम कस्मि | |||||||
| 1 | वन ववभाग नसरि साूंचौर | साूंचोर | साूंचौर | उतरि द क्षणि प प्श्चम प व ि ू | खसरा न उक्ि 780 खसरा वमििान म ें नगर पामलाि साूंचौर आबाद ि े नाम दजि है। ख सरा न. 1465/343 उक्ि 1 खसरा वमििान म ें नगर पामलाि साूंचोर आबाद ि े नाम दजि है। ख सरा नूं. 1466/147 0 जो नगर पामलाि साूंचोर आबाद ि े नाम दजि है। ख सरा नूं. 1454 जो नौ नगर पामलाि साूंचोर आबाद ि े नाम दजि है। | साूंचौर | 1465 | 0.16है 0 | गेर मुमकनि |
| योग | योग -1 | 0.16 ह ै0 |
मिविीर मील, देवेन्र मसूंह भाट ,
क्षैत्रीय वन अधकिारी, उप वन संरक्षक,
रानीवाड़ा। जालोर(राज.)।
द्ववतीय अनुसूची पेि/पौोि ीि सूची प्रस्ािववि वनखडि में आने वाल वनस्पनयिों ेि वानस्पनिि नामों ीि सूची
| क्र ूं .सूं. | बोटेननलि नाम | हहन्द नाम |
| 1 | Azadirachta indica | नीम |
| 2 | Prosopis juliflora | ववलायीि बबूल |
मिविीर मील, देवेन्र मसूंह भाट ,
क्षैत्रीय वन अधकिारी, उप वन संरक्षक,
रानीवाड़ा। जालोर(राज.)।
प्रर्मा- पत्र
वनखडि – वन ववभाग नसरि साूंचौर 7092 राजस्ािन राज-पत्र, जून 27, 2025 भाग 1(ख) रेंज- रानीवााि
वनमडलि- जालोर (राज.)
1. सूंलग्न प्रारूप में दशायिी गई भूमम गेर मुमकनि ेि रूप में दज ि है। प्रस्ािवव ि भूमम ाि मौजा मौखुपुरा ेि खसरा नम्र्ब1465्रकबा्0.16्हें0्ाि इन्राज राजस्व रराि ििमें गेर मुमकनि ेि रूप में वन ववभाग ेि नाम दज िहै।
2. ववज्ञप्ति प्रपत्र में उल्र्लेखि भूमम ेित्र ववभाग ेि अीिन है। प्रस्ािववि भूमम में ोिई अनक्रिमण, खनन ाियि नह ूं हुए है।
3. खसरा नम्बर 1465 ीि वन भूमम वन ववभाग ेि नाम पुवि में ह है।
4. प्रस्ािववि भूमम पर वृोिं ाि घनतव 0.1 से 0.2 िि ाि है एवूं इन ेित्रों में नीम, ववलायीि बबूल आहद प्रजानि ेि पेड़ है।
5. समीपवीि प्स्िि ेित्र ीि ािि चारो और ीि सीमओूं ाि ववस्ृििि ेि ॉिलम स.05 में रि हदया गया है 6. प्रस्ािववि भूमम ाि मानधचत्र सूंलग्न है एवूं ववज्ञतीि में दशाईि गई हदशाओ,सीमाओ एवूं प्स्निि ेि अनुरुप है।
प्रस्ािववि वन ेित्र ीि सीमा ोि नक्सो मे लाल स्याह से इूंधगि कयिा गया है।
7. उल्र्लेखि वन ेित्र ोि ािनूनी स्वरुप देने ेि हेुि प्रचमलि ननयमो ेि अनुरुप शासीिय गजट में प्रािशन होना ननािूंि आवश्यि है प्जससे ीि वन भूमम पर वन ववभाग ाि साक्ष्य मसद्ध हो सेि ।
8. इस वन भूमम ाि पूवि में राजपत्र में प्रािशन नह ूं हुआ है
मिविीर मील, देवेन्र मसूंह भाट ,
क्षैत्रीय वन अधकिारी, उप वन संरक्षक,
रानीवाड़ा। ््् जालोर(राज.)।