| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| आषाढ़ 18, बुधवार, शाके 1947- जुलाई 09, 2025 Asadha 18, Wednesday, Saka 1947- July 09, 2025 |
भाग-1(ख)
महत्वर्पूण सरकारी आज्ञायें।
(Form M)
नि वभि ग
वज्ञिप्त ि
जयपुर,्अप्रेल्07,्2025
््््््संख््या्प.2(5)नि/2025 :-चू
ूंक िसूंलग्न अनुसूची में र्वणति वन भूमम एवूं बूंजर भूमम सरािर ीि सम्पत्ततयाूं है या उनमें सरािर ेि स्वाममतव अधधािर है या उनीि सम्पूण िया आूंम ििवन उपज पर सरािर ाि अधधािर है,
और चू ूंक िऊपर धिति वन भूमम या बूंजर भूमम ोि सरािर, राजस्ािन वन अधधननयम, 1953 ीि धारा 29 ीि उप धारा (1) ेि अन्तगति सूंरक्षति वन ेि रुप में घोषषत रिने ाि षवचार रखती है, और चू ूंक,ि पूवोक्त भूमम पर सरािर और ननजी व्यत्क्तयों ेि अधधािरों ीि सीमा एवूं स्वरुप अभी त िकसिी प्रािर से लेखबद्ध नह ूं कयिे गये है,
और चू ूंक,ि सरािर यह भी षवचार रखती है क िपूवोक्त वनभूमम या बूंजर भूमम में या पर सरािर एवूं ननजी व्यत्क्तयों ेि अधधािरों ीि सीमा एवूं स्वरुप ेि सूंबूंध में जाूंच कयिा जाना एवूं उन्हें लेखबद्ध
ूंक िइन ाियों ेि सम्पादन न में त्जतना समय लगेगा क िइस प्रकाया कयिा जाना आवश्य िहै, परन्तु चू
̆चाने ीि आश्ूंाि रहेगी।
ेि समाप्त होने त िसरािर ेि अधधािरों ोि नित पहु
अब इसमलए, राजस्ािन वन अधधननयम, 1953 (1953 ाि अधधननयम सूं. 13) ीि धारा 29 ीि उप धारा (3) द्वारा प्रदन तत त्क्तियों ेि प्रयोग में सरािर वन बन्दन ोबस्त अधधािर ोि पूवोक्त वनभूमम या बूंजर भूमम में या सरािर एवूं ननजी व्यत्क्तयों ेि अधधािरों ीि जाूंच रिेि उन्हें लेखबद्ध रिने हेतु ननयुत्क्त रिती है और ऐसी जाूंच, साक्ष्य एवूं अमभलेख उस प्रणाल में कयिा जायेगा जैसा क ि इस अधधननयम ीि धारा 6,7,8,10,11(1), 12, 13, 14, 17, 18 और 19 में प्रवहहत है।
और, इस अधधननयम ीि धारा 29 ीि उपधारा (3) ेि परन्तु िद्वारा प्रदन तत त्क्तियों ेि अनुसरण में, राजस्ािन सरािर ऊपर धिति जाूंच एवूं अमभलेख ेि षवचारा िि रहते, धिति वनभूमम एवूं बूंजर भूमम ोि इस षवज्ञत्प्त ेि द्वारा सूंरक्षति (Protected Forest) वन ेि रूप में घोषषत रिती है, परन्तु इससे व्यत्क्तयों या वग िषवेिष ेि वतमिान अधधािरों में कसिी भी प्रािर ीि मिी नह ूं होगी और न ह उन पर ोिई षवपररत प्रभाव पड़ेगा।
और इस अधधननयम ीि धारा 30 द्वारा प्रदन तत त्क्तियों ेि अग्रेततर अनुसरण में सरािर यह भी घोषणा रिती है क िउक्त रक्षति वन (Protected Forest) ेि वृ िजो इसेि सूंलग्न द्षवतीय अनुसूची में अूंकति कयिे गये है, इस अधधसूचना ेि राजपत्र में प्रािमति होने ीि नतध ि से आरक्षति (Resarved) हो जावेंगे और पूवोक्त तार ख से धिति वन में पतरि खोदन ना या चूना या लड़िी ाि 7270 राजस्ािन राज-पत्र, जुलाई 09, 2025 भाग 1(ख) ोियला जलाया जाना अविा कसिी भी प्रािर ीि वन उपज ाि सूंग्रहण कयिा जाना या ननष्ािसन रिना या हटाया जाना और उक्त वन में कसिी भूमम ीि खुदन ाई या ृि षष हेतु या भवन ननमाणि हेतु या मवेीि चराने या अन्य प्रयोजना ििवन ीि सफाई रिना या वन भूमम ोि खत्डति कयिा जाना ननषषद्ध रिती है।
सूंलग्न:- अनुसूची (वन भूमम एवूं बूंजर भूमम)
द्षवतीय अनूसूची (आरक्षति वृ)ि
र ज्यप ल की आज्ञ से,
बीजो जॉय,
वशिशष्ट श सन सध िि(नि)।
प्रथम्अनुसूची्(वन्भूमम्एवं्बंर्जभूमम)
| ा.स. | नाम ब्ला ि | नाम तहसील | नाम त्जला | हदन ाि | हदन ािवार सीमा षववरण | राजस्व ग्राम | षववरण | ||
| खसरा न ूंबर | ैित्रफल (है0) | भूमम कस्मि | |||||||
| 1 | मोदन राूं | जसवूंतपुरा | जालोर | उततर दन क्षणि प त्श्चम प ूव ि | खसरा न ूं. 1452,1451, 1450 ख सरा न ूं. 1586,1588, 1589,1446,1422 ख सरा न ूं. 1575,1547, 2359 /1546,1542,154 1 खसरा न ूं. 1312,1313, 1314,1318,1319 ,1320,1378 | मोदन रा | 1447 | 23.73 ह ै0 | बारानी दन ोयम |
| 1449 | 0.53 ह ै0 | बारानी दन ोयम | |||||||
| 1587 | 0.24 ह ै0 | बारानी दन ोयम | |||||||
| योग | योग्-2 | 24.50 ह ै0 |
ृि ष्ण ुि मार परमार, दन ेवेन्र मसूंह भाट ,
क्षैत्रीय्वनअधकिारी, उप्वन्संरक्षक,
रानीवाड़ा।् जालोर(राज.)।
द्ववतीय्अनुसूची
पे/िपौधो ीि सूची
प्रस्ताषवत वनखड िमें आने वाल वनस्पनतयों ेि वानस्पनत िनामों ीि सूची
| ा ूं .सूं. | बोटेननलि नाम | हहन्दन नाम |
| 1 | Acacia Leucophloea | रौंझ |
| 2 | Prosopis juliflora | षवलायती बबूल |
| 3 | Zizyphus jujube | बेर |
| 4 | Salvadora oleoides | जाल |
ृि ष्ण ुि मार परमार, दन ेवेन्र मसूंह भाट ,
क्षैत्रीय्वनअधकिारी, उप्वन्संरक्षक,
रानीवाड़ा।् जालोर(राज.)।
प्रर्मा-्पत्र
वनखड-ि मोदन राूं
रेंज- जसवूंतपुरा
वनमडलि- जालोर (राज.)
1. सूंलग्न प्रारूप में दन ाियिी गई भूमम ाि वगीरिण बारानी दन ोयम ेि रूप में दन ज िहै। प्रस्ताषवत भूमम ाि मौजा मोदन राूं ेि खसरा नम्बर 1447,1449,1587 ाि इन्राज राजस्व रराि ििमें बारानी दन ोयम ेि रूप में वन षवभाग ेि नाम दन ज िहै।
2. षवज्ञत्प्त प्रपत्र में उल्र्लेखत भूमम ेित्र षवभाग ेि अधीन है। प्रस्ताषवत भूमम में ोिई अनतामण, खनन ािय िनह ूं हुए है।
3. खसरा नम्बर 1447,1449,1587 ीि वन भूमम वन षवभाग ेि नाम पुव िमें ह दन ज िहै। 4. प्रस्ताषवत भूमम पर वृोिं ाि घनतव 0.10 से 0.40 त िाि है एवूं इन ेित्रों में मुख्य रौंझ, षवलायती बबुल, बेर, जाल, एवूं ममधति प्रजानतयों ेि पेड़ एवूं झाड़ड़याूं है।
5. प्रस्ताषवत वन ेित्र ीि समस्त भूमम षवभाग ेि अधीन है ताि समीपवती खातेदन ार भूममयाूं वन सीमाओूं से पृ ििहै एवूं इससे प्रस्ताषवत वन ेित्रों ेि सूंरणि में ोिई अवरोध नह ूं होगा। 6. प्रस्ताषवत भूमम ाि मानधचत्र सूंलग्न है एवूं षवज्ञत्प्त में दन ािईि गई हदन ािओ,सीमाओ एवूं त्स्नित ेि अनुरुप है। प्रस्ताषवत वन ेित्र ीि सीमा ोि नक्सो मे लाल स्याह से इूंधगत कयिा गया है। 7. उल्र्लेखत वन ेित्र ोि ािनूनी स्वरुप दन ेने ेि हेतु प्रचमलत ननयमो ेि अनुरुप ािसीिय गजट में प्रािनि होना ननताूंत आवश्य िहै त्जससे ीि वन भूमम पर वन षवभाग ाि साक्ष्य मसद्ध हो सेि ।
8. इस वन भूमम ाि पूव िमें राजपत्र में प्रािनि नह ूं हुआ है।
ृि ष्ण ुि मार परमार, दन ेवेन्र मसूंह भाट ,
क्षैत्रीय्वनअधकिारी, उप्वन्संरक्षक,
रानीवाड़ा।् जालोर(राज.)।