| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| आषाढ़ 23, सोमवार, शाके 1947- जुलाई 14, 2025 Asadha 23, Monday, Saka 1947- July 14, 2025 |
भाग-1(ख)
महत्वर्पूण सरकारी आज्ञायें।
वन ववभाग
अधसिूचना
जयपुर,्अप्रेल्26,्2023
संख््या्एफ 3(20)वन/2013 :-वन्य जीव (संरक्षण) अधनिनयम, 1972 (1972 का के न्रीय अधनिनयम सं. 53) की ािरा 36 क द्वारा प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुये राज्य सरकार एतद्द्वारा बांरा क्जले की अन्ता तहसील की 427.22 हैतटेयर भूमम क्जसका वववरण अनुसूची-1 में है तथा क्जसका सीमा वववरण अनुसूची -2 के अनुसार हैं, को पाररक्थथनतकीय एवं प्राणी जातीय, वनथपनत, भू-संरचना संबंधति, नैसधगकि एवं प्राणी शाथरीय महत्व को ध्यान में रखते हुये सोरसन संरक्र्ष आरक्षक्षती द्ववतीय (Conservation reserve) घोवषत करती है, क्जसे भववष्य में सोरसन संरक्र्ष आरक्षक्षती द्ववतीय के नाम से जाना जावेगा I
| क्र॰ सं॰ | नाम कन्जवेशन ररजव ि | सक्मममलत वनखण्डों के नाम | सक्मममलत क्षेर का वववरण | क्षैरफल (हैतटर) | वन भूमम की वैािननक क्थथनत |
| 1 | सोरसन संरक्र्ष आरक्षक्षती द्ववतीय | सोरसन "बी" | समपूणि वनखण्ड | 427.22 | रक्षक्षत |
| क्जला | तहसील | वनखण्ड | मौजा | क्षेरफल हैतटर में | |
| खसरा नमबर | क्षेरफल | ||||
| बारां | अन्ता | सोरसन "बी" | सोरसन | 1524 | 20.06 |
| 1525 | 21.38 | ||||
| 1526 | 16.06 | ||||
| 1527 | 26.00 | ||||
| 1528 | 32.85 | ||||
| 1529 | 31.50 | ||||
| 1530 | 17.60 | ||||
| 1531 | 21.00 | ||||
| 1532 | 20.00 | ||||
| 1533 | 15.00 | ||||
| 1543 | 12.49 | ||||
| 1544 | 11.45 | ||||
| 1548 | 24.36 | ||||
| 1552 | 20.00 | ||||
| 1781 | 15.26 | ||||
| 1784 | 6.31 | ||||
| 1785 | 9.00 | ||||
| 1786 | 9.00 | ||||
| 1787 | 9.00 | ||||
| 1788 | 9.00 | ||||
| 1789 | 9.00 | ||||
| 1790 | 13.34 | ||||
| 1791 | 6.00 | ||||
| 1795 | 12.00 | ||||
| 1796 | 11.10 | ||||
| 1797 | 8.00 | ||||
| 1798 | 12.00 | ||||
| 1799 | 7.56 | ||||
| 1796/1968 | 0.90 | ||||
| योग | 29 | 427.22 |
अनुसूची-2
सोरसन संरक्र्ष आरक्षक्षतत – द्ववतीय की सीमाऐं
उततरी सीमा:- वनखण्ड सोरसन ''बी'' के उत्तर पक्चचमी कोने से पूवि ददशा में सोरसन ब्रहमाणी माताजी के मंददर तक।
पूवी सीमा:- ब्रहमाणी माताजी के मंददर के पास वनखण्ड सोरसन ''बी'' के उत्तर पूवी कोने से दक्षक्षण ददशा में सोरसन सांगोद पतकी सड़क तक, यह ं से पतकी सड़क के ककनारे-ककनारे दक्षक्षण पक्ष्चम की ओर ग्राम डाबला की ओर जाने वाली ग्रेवल सड़क तक।
दक्षक्र्षी सीमा:- सोरसन-सांगोद पतकी सड़क पर क्थथत वनखण्ड सोरसन ''बी'' के दक्षक्षण पूवी कोने से पक्ष्चम में परवन नदी के ककनारे क्थथत ग्राम डाबला तक।
पश्चचमी सीमा:- ग्राम डाबला के पास वनखण्ड सोरसन ''बी'' के दक्षक्षण पक्ष्चमी कोेेने से उत्तर ददशा में परवन नदी के समानांतर ग्राम आसन नकटी का होते हुए वनखण्ड सोरसन ''बी'' के उत्तर पक्ष्चमी कोने तक।
इसका कु ल क्षेत्रफल 427.22 हेक्टर होगा।
भाग 1(ख) राजथथान राज-पर, जुलाई 14, 2025 7450 इस प्रकार सोरसन संरक्र्ष आरक्षक्षतत (सोरसन कन्जवेशन्ररजवण) द्ववतीय घोवषत हो जाने के उपरान्त ऐसा प्रत्येक व्यक्तत जो कक सोरसन कन्जवेशन्ररजवण द्ववतीय की सीमाओं के ननकट ननवास करता है, उसका यह दानयत्व होगा कक:-
1. वह इन कन्जवेशन ररजवि में वनों एवं वन्य प्राणणयों के प्रनत होने वाले अपराोिं को रोके गा।
2. यदद उसकी जानकारी में ऐसी कोई बात आती है कक इस कन्जवेशन ररजवि में वनों एवं वन्य प्राणणयों के प्रनत ककसी प्रकार का अपराि घदटत हो गया है तो वह अपराधयिों को पहचानने एवं उन्हे धगरफ्तार कराने में थथानीय वन अधकिाररयों एवं पुमलस अधकिाररयों के साथ सहयोग करें।
3. ककसी भी वन्यजीव की मृत्यु होने पर उसके शव की तब तक रक्षा करेगा जब तक कक मुख्य वन्यजीव प्रनतपालक, राजथथान अथवा उनके द्वारा प्राधकिृ त वनाधकिारी उसको अपने कब्जे मे नही ले लेता है।
4 कन्जवेशन ररजवि क्षेर में न तो आग जलाएगा और न ही आग को जंगल में जलता हुआ छोड़ेगा। जंगल में आग लगने अथवा आग लगने की जानकारी होने पर उसके शमन का पूणि प्रयत्न करेगा तथा उसको जंगल में फै लने से रोके गा तथा वन अधकिाररयों का सहयोग करेगा।
5. कन्जवेशन ररजवि की सीमा धचन्हों को न तो नुकसान पहुचायेगा और न ही उन्हे पररवनतति अथवा खक्ण्डत करने का प्रयास करेगा।
6. कन्जवेशन ररजवि की सीमा में थवछं द ववचरण करने वाले वन्यजीवों के साथ न तो छे ड़खानी करेगा और न उन्हे सता कर परेशान करेगा।
7. कन्जवेशन ररजवि के क्षेर में गंदगी नही फै लाएगा।
8. कन्जवेशन ररजवि के क्षेर में वन्यजीवों के मलए हाननकारक एवं घातक रसायन अथवा ववथफोटक पदाथि लेकर प्रवेश नही करेगा।