| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| श्रावण 14, मंगलवार, शाके 1947- अगस् त 05, 2025 Sravana 14, Tuesday, Saka 1947- August 05, 2025 |
भाग्6 (ग)
्ग्राम्पंचायत्संबंधी्वज्ञिप्ततयां्आद।ि
राज्य ननािाचन आयोग, राजसथान
अधसिूचना
जयपुर, जुलाई 28, 2025
संख्या एफ.4(1)(1)नपा/राननआ/14/2462 :-राजस्थान राज्य में नगरपाललकाओं के ललए सभी ननवााचनों में अीिक्षण, नर्नदेशन तथा ननयन्त्रण की शक्ततयााँ भारत के संववािन के अनुच्र्छेद 243 य क के अन्त्तगात राज्य ननवााचन आयोग में ननहति ैि,
और नगरपाललका अध्यक्षीय र्पदों के ननवााचनों के शुद्ध एवं सुचारू संचालन के ललए ननवााचन प्रतीकों की सूची ववहति करने और प्रतीकों के आरक्षण, चयन, आवंटन एवं तत्संबंीि ववषयों को ववननर्हदाष्ट करने की आवश्यकता ैि,
अत: राज्य ननवााचन आयोग, राजस्थान नगरपाललका (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 20 तथा 78 एवं 78A के साथ पहति भारत के संववािन के अनुच्छे र्द 243 य क द्वारा प्र्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते ुिए और इस ननलमत्त आयोग को समथा बनाने वाली सभी शक्ततयों का प्रयोग करते ुिए अपनी पूवा की अधसिूचना क्रमांक एफ.4(1)(1)नपा/रानिआ/14/2979 र्हदनांक 20.08.2019, संशोधति अधसिूचना क्रमांक एफ. 4(1)(1)नपा/रानिआ/14/3880 र्हदनांक 07.10.2019, अधसिूचना क्रमांक एफ.4(1)(1)नपा/रानिआ/14/1895 र्हदनांक 24.05.2023 एवं अधसिूचना क्रमांक एफ.4(1)(1)नपा/रानिआ/ 14/1431 र्हदनांक 06.05.2025 को अधक्रिलमत करते ुिए ननम्न र्आदेश जारी करता ैि:-
1. संक्षक्षप्त नाम, ववस्तार, लागू ोिना और प्रारम्भ -
(1) इस र्आदेश का नाम राजस्थान नगरपाललका ननवााचन प्रतीक (अध्यक्षीय र्पदों के ननवााचन ेितु सूची और आवंटन) र्आदेश, 2025 ैि,
(2) इसका ववस्तार सम्पूणा राजस्थान राज्य में ैि तथा यि नगरपाललकाओं के अध्यक्षीय र्पदों के ननवााचन के संबंि में लागू ोिगा, और
(3) यि र्आदेश राजपर में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी ोिगा।
2. पररभाषाए - इस र्आदेश में जब तक कक ववषय या र्संदभा से अन्त्यथा अपेक्षक्षत न ोि, -
(i) सववरोि ननवााचन से नगरपाललका के अध्यक्ष के ललए ऐसा ननवााचन अलभप्रेत ैि क्जसमें मर्तदान ोिता ैि102 राजस्थान राज-पर, अगस्त 05, 2025 भाग 6 (ग) (ii) ननवााचन से नगरपाललका के अध्यक्षीय र्पद के ललए साािरण ननवााचन और उप ननवााचन अलभप्रेत ैि
(iii) प्ररूप ग से इस र्आदेश के संलग्न प्ररूप ग अलभप्रेत ैि
(iv) प्ररूप घ से इस र्आदेश के संलग्न प्ररूप घ अलभप्रेत ैि
(v) खण्ड से इस र्आदेश का खण़् अलभप्रेत ैि
(vi) र्दल से मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दल अलभप्रेत ैि
(vii) मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दल से ननवााचन प्रतीक (आरक्षण एवं आवंटन) र्आदेश, 1968 के अीिन राजस्थान राज्य में मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दल अलभप्रेत ैि
(viii) ननयम से राजस्थान नगरपाललका (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम अलभप्रेत ैिैै (ix) सारणी-1 से इस र्आदेश के संलग्न सारणी-1 अलभप्रेत ैि
(x) सारणी-2 से इस र्आदेश के सलंग्न सारणी-2 से अलभप्रेत ैि
(xi) अध्यक्ष से ककसी नगरपाललका मण्डल का अध्यक्ष, नगरपररषद् का सभापनत और नगर ननगम का मेयर अलभप्रेत ैि और
(xii) जो शर्ब्द और र्पद इस र्आदेश में प्रयुतत ककये गये ैिं ककन्त्तु पररभावषत नीिं ककये गये ैिं और राजस्थान नगरपाललका अधनिनयम, 2009 अथवा राजस्थान नगरपाललका (ननवााचन) ननयम, 1994 में पररभावषत ैिं, उनके वीि अथा ोिंगे, जो उतत अधनिनयम और ननयम में क्रमश: समनुर्हदष्ट ककये गये ैिं।
3. ननवााचन प्रतीकों का आवंटन - ननवााचन लडने वाले अभ्याधथायों को इस र्आदेश के उपबन्त्ोिं के अीिन प्रत्येक सववरोि ननवााचन में एक प्रतीक आंवहटत ककया जायेगा तथा ककसी नगरपाललका के अध्यक्ष के ललए ननवााचन में लभन्त्न-लभन्त्न अभ्यधथायों को लभन्त्न-लभन्त्न प्रतीक आवंहटत ककया जायेगा।
4. ननवााचन प्रतीकों का वगीकरण -
(1) इस र्आदेश के प्रयोजन के ललए प्रतीक, या तो आरक्षक्षत ैिं अथवा मुतत। (2) आरक्षक्षत प्रतीक वि प्रतीक ैि जो सारणी-1 के स्तंभ 2 में र्वणात र्दल के ललए, उस र्दल के सम्मुख स्तंभ 3 में ववननर्हदाष्ट ककया गया ैि।
(3) मुतत प्रतीक ऐसा प्रतीक ैि जो आरक्षक्षत प्रतीक से लभन्त्न ैि और क्जसे सारणी-2 के स्तंभ 2 में ववननर्हदाष्ट ककया गया ैि।
5. र्दलों के अभ्यधथायों द्वारा प्रतीकों का चयन तथा उनका आवंटन -
(1) सारणी-1 के स्तम्भ 3 में ववननर्हदाष्ट आरक्षक्षत प्रतीक उसके सम्मुख स्तम्भ 2 में र्वणात र्दल द्वारा ककसी ननवााचन में ख़े ककये गये अभ्यथी को ीि आवंहटत ककया जायेगा, अन्त्य अभ्यथी को नीिं।
(2) सारणी-1 के स्तम्भ 2 में र्वणात र्दल द्वारा ककसी ननवााचन में ख़े ककये गये अभ्यथी को उस र्दल के सम्मुख स्तंभ 3 में ववननर्हदाष्ट प्रतीक ीि आवंहटत ककया जायेगा, कोइा अन्त्य प्रतीक नीिं।
6. कोइा अभ्यथी ककसी र्दल द्वारा ख़ा ककया गया कब माना जायेगा - कोइा अभ्यथी ककसी मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दल द्वारा खडा ककया गया तभी माना जायेगा, जबकक :-
भाग 6 (ग) राजस्थान राज-पर, अगस्त 05, 2025 103(क) उस अभ्यथी ने अपने नाम नर्नदेशन पर में उस आशय की घोषणा की ोि,
(ख) संबंधति राजनैनतक र्दल के अध्यक्ष या राज्य इकाइा के प्रमुख या इस ननलमत्त उनके द्वारा प्राधकिृ त व्यक्तत द्वारा स्तिाक्षररत प्ररूप 'घ' में इस आशय की लर्लखत सूचना नाम नर्नदेशन पर प्रस्तुत करने के अक्न्त्तम र्हदनांक को 3 बजे अपरान्त्ि तक ररटननाग अधकिारी को प्र्रदत्त कर र्दी गइा ोि,
(ग) यर्हद राजनैनतक र्दल के अध्यक्ष या राज्य इकाइा के प्रमुख द्वारा ननयम 12 के उपननयम (2) के प्रावािनों के अन्त्तगात ककसी अन्त्य व्यक्तत को प्राधकिृ त ककया ैि और इस प्रकार प्राधकिृ त व्यक्तत द्वारा ररटननाग अधकिारी को पर प्रेवषत ककया ोि तो प्राधकिृ त व्यक्तत के नमूने के स्तिाक्षर प्ररूप 'ग' में ररटननाग अधकिारी को नाम नर्नदेशन पर प्रस्तुत करने की अक्न्त्तम र्हदनांक के अपरान्त्ि 3.00 बजे तक उपलब्ि करा र्हदये गये ोिं, और
(घ) प्ररूप 'ग' और प्ररूप 'घ' पूवोतत र्पदाधकिारी अथवा प्राधकिृ त व्यक्तत द्वारा के वल स्याीि से स्तिाक्षररत ककये गये ोिं।
104 राजस्थान राज-पर, अगस्त 05, 2025 भाग 6 (ग)स्पष्टीकरण-1 इस खण़् के उप खण़् (ख) एवं (ग) में ककसी राजनैनतक र्दल की राज्य
इकाइा के प्रमुख से अलभप्रेत र्दल की राज्य इकाइा के अध्यक्ष और जािं र्दल की राज्य इकाइा का अध्यक्ष र्पद नीिं ैि, वािं सधचव से ैि।
स्पष्टीकरण-2 राजनैनतक र्दलों द्वारा उनके र्दल की राज्य इाकाइा के प्रमुख के स्तिाक्षर ननवााचन की लोकसूचना जारी ोिने की नतधथ से पूवा आयोग को उपलब्ि कराए जायेंगे। आयोग द्वारा उतत नमूने के स्तिाक्षर संबंधति ररटननंिग अधकिारी को क्जला ननवााचन अधकिारी के र्माा त प्रेवषत ककए जायेंगे।
स्पष्टीकरण-3 प्ररूप 'ग' और, यथाक्स्थनत, प्ररूप 'घ' पर यर्हद र्दल के ककसी र्पदाधकिारी या
प्राधकिृ त व्यक्तत के अनुललवप (Facsimile) स्तिाक्षर या रब़ स्टाम्पों के स्तिाक्षर ैि तो उन्त्ेिं नीिं माना जायेगा तथा र्ै तस/इा-मेल/व्ािट्सअप
इत्यार्हद द्वारा प्रेवषत कोइा प्ररूप भी स्वीकार नीिं ककया जायेगा।
7. र्दल द्वारा ख़ा ककया गया प्रनतस्थानी अभ्यथी (Substitute Candidate) -
(1) प्ररूप 'घ' के स्तम्भ 6 में र्वणात प्रनतस्थानी उम्र्मीदवार (Substitute Candidate) क्जसका नाम नर्नदेशन पर संवीक्षा में खाररज नीिं ककया गया ोि एवं उसके द्वारा अभ्यधथाता वापस नीिं ली गइा ोि, को उस र्दल द्वारा ख़ा ककया गया तभी माना जायेगा जबकक उस र्दल के अनुमोर्हदत उम्र्मीदवार का नाम नर्नदेशन-पर को ननयम-13 के अन्त्तगात संवीक्षा में रद्द कर र्हदया गया ोि या उसने अपनी अभ्यधथाता ननयम-16 के अन्त्तगात वापस ले ली ोिं।
(2) ऐसी क्स्थनत में जािाँ र्दल के अनुमोर्हदत अभ्यथी का नाम नर्नदेशन पर स्वीकार कर ललया जाता ैि और वि अपनी अभ्यधथाता वावपस नीिं लेता ैि, यर्हद प्ररूप 'घ' के स्तम्भ 6 में र्वणात प्रनतस्थानी उम्र्मीदवार (Substitute Candidate) का नामनर्नदेशन-पर भी स्वीकार कर ललया जाता ैि तथा ऐसा प्रनतस्थानी उम्र्मीदवार (Substitute Candidate) भी अपनी अभ्यधथाता वावपस नीिं लेता ैि तो ऐसे प्रनतस्थानी उम्र्मीदवार (Substitute Candidate) को र्दल द्वारा ख़ा ककया गया नीिं माना जायेगा और उसे मुतत प्रतीक इस र्आदेश के खण़् 11 के अनुसार आवंहटत ककया जायेगा।
8. र्दल द्वारा अनुमोर्हदत अभ्यथी को प्रनतस्थावपत ककया जाना - यर्हद ककसी र्दल द्वारा पूवा में अनुमोर्हदत अभ्यथी का मनोनयन ननरस्त करते ुिये अन्त्य अभ्यथी को अनुमोर्हदत ककया गया ैिं तो अन्त्य अभ्यथी को ीि र्दल का अनुमोर्हदत अभ्यथी माना जायेगा।
परन्त्तु र्दल द्वारा पूवा में अनुमोर्हदत अभ्यथी का मनोनयन ननरस्त करते ुिये अन्त्य अभ्यथी का मनोनयन तभी माना जायेगा जबकक प्ररूप 'घ' में यि स्पष्ट उल्लेख ोि कक पूवा में अनुमोर्हदत अभ्यथी का मनोनयन ननरस्त कर र्हदया गया ैि और र्दल के अध्यक्ष या प्राधकिृ त व्यक्तत द्वारा स्तिाक्षररत प्ररूप 'घ' इस र्आदेश के खण़् 6 में बतायी गयी समयावधि के भीतर ररटननाग अधकिारी को प्राप्त ोि गया ोि।
परन्त्तु यि और कक यर्हद अध्यक्ष र्पद के ननवााचन के ललये एक से अधकि प्ररूप 'घ' लभन्त्न लभन्त्न अभ्यधथायों का मनोनयन र्वणात करते ुिये ररटननाग अधकिारी को प्राप्त ोिते ैिं और र्दल यि बताने मेंभाग 6 (ग) राजस्थान राज-पर, अगस्त 05, 2025 105 अर्सल रतिा ैि कक पूवावती प्ररूप 'घ' वावपस ले ललया गया ैि या ले ललये गये ैिं, तो ररटननाग अधकिारी के वल ऐसे एक अभ्यथी को ीि उतत र्दल द्वारा ख़ा ककया ुिआ मानेगा क्जसका नाम नर्नदेशन पर सबसे पलिे प्राप्त ुिआ ैि और शेष अभ्यथी या अभ्यधथायों के ललये यि माना जायेगा कक वे र्दल द्वारा खडे नीिं ककये गये ैिं।
9. ववननर्हदाष्ट प्रतीकों से लभन्त्न प्रतीकों के चयन व आवंटन पर ननषेि - जो अभ्यथी मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दलों द्वारा खडे नीिं ककये गये ोिं, उन्त्ेिं नगरपाललका अध्यक्ष के ननवााचन में संलग्न सारणी-2 के स्तम्भ 2 में ववननर्हदाष्ट मुतत प्रतीकों में से ीि ननवााचन प्रतीक आवंहटत ककये जायेंगे। अभ्यधथायों को ननवााचन प्रतीक आवंहटत करते समय उनके द्वारा नामनर्नदेशन-पर में उक्ल्र्लखत रूधच को ध्यान में रखा जायेगा। कोइा भी अभ्यथी उपरोततानुसार ववननर्हदाष्ट ननवााचन प्रतीकों के अनतररतत अन्त्य ककसी प्रतीक की मांग नीिं कर सकता ैि और यर्हद उसके द्वारा अपने नामनर्नदेशन-परों में ककसी अन्त्य प्रतीक का उल्लेख ककया गया ोि तो उस पर ववचार नीिं ककया जायेगा।
10. प्रथम नाम नर्नदेशन-पर में चुने गये प्रतीकों पर ववचार ककया जाना - अभ्यथी द्वारा प्रस्तुत प्रथम नामनर्नदेशन-पर में र्दशााये गये प्रतीकों पर ीि ववचार ककया जायेगा, भले ीि वि नामनर्नदेशन-पर संवीक्षा के र्दौरान खाररज तयों न ोि गया ोि। अभ्यथी द्वारा प्रस्तुत र्बाद के ककसी नामनर्नदेशन-पर में उक्ल्र्लखत (Mentioned) प्रतीकों को ववचार में नीिं ललया जायेग
परन्त्तु ककसी र्दल द्वारा खडे ककये अभ्यथी के प्रकरण में ऐसे नामनर्नदेशन पर, क्जसमे अभ्यथी ने स्वयं को उस र्दल द्वारा ख़ा ककया जाने की घोषणा की ोि, में र्दशााये गये र्दल के आरक्षक्षत प्रतीक पर ववचार ककया जायेगा, भले ीि ऐसा नाम नर्नदेशन पर प्रथम नीिं ोि
परन्त्तु यि और कक यर्हद ककसी अभ्यथी ने अपने लभन्त्न-लभन्त्न नामनर्नदेशन परों में लभन्त्न-लभन्त्न र्दलों द्वारा स्वयं को ख़ा ककया जाने की घोषणा इस अधसिूचना के खण़् 6(क) के अन्त्तगात की ैि तो ऐसे नाम नर्नदेशन पर, क्जसमें र्दशााये गये र्दल ने खण़् 6 के अन्त्तगात नोहटस द्वारा अभ्यथी का मनोनयन ककया ैि, पर ववचार ककया जायेगा और यर्हद अभ्यथी का एक से अधकि र्दलों ने खण़् 6 के अंतगात नोहटस द्वारा मनोनयन ककया ैि तो ऐसे नामनर्नदेशन परों में पश्चात्वती नामनर्नदेशन पर में की गयी घोषणा पर ीि ववचार ककया जायेगा तथा पूवावती नामनर्नदेशन परों में की गयी घोषणाओं पर ववचार नीिं ककया जायेगा।
स्पष्टीकरण- 1. यर्हद अभ्यथी ने प्रथम नाम नर्नदेशन पर में स्वयं को ककसी र्दल द्वारा ख़ा ककये जाने की घोषणा की ैि, साथ ीि मुतत ननवााचन प्रतीकों का भी चयन ककया ैि और अभ्यथी को र्दल द्वारा अनुमोर्हदत नीिं ककया जाता ैि तब उतत प्रथम नाम नर्नदेशन पर में र्दशााये गये मुतत प्रतीकों पर ीि ववचार ककया जायेगा।
2. ऐसे मामले में जािाँ अभ्यथी ने ककसी र्दल द्वारा खडे ककये जाने की उम्र्मीद में प्रथम नाम नर्नदेशन पर में स्वयं को र्दल द्वारा ख़ा ककया जाना घोवषत ककया ैि, लेककन ननवााचन प्रतीकों का चयन नीिं ककया ैि और र्दल ने उसे अनुमोर्हदत नीिं ककया ैि तो द्ववतीय नाम नर्नदेशन पर में उक्ल्र्लखत ननवााचन प्रतीक के आवंटन के प्रयोजनाथा106 राजस्थान राज-पर, अगस्त 05, 2025 भाग 6 (ग) प्रथम माना जायेगा। यर्हद द्ववतीय और तृतीय नाम नर्नदेशन पर भी इसी प्रकार र्दल द्वारा ख़े ककये जाने की घोषणा करते ुिए प्रस्तुत ककये गये ैिं और प्रतीकों का चयन नीिं ककया गया ैि तो चतुथा नाम नर्नदेशन पर में र्दशााये गये प्रतीकों पर ववचार ककया जायेगा। यर्हद ककसी भी नाम नर्नदेशन पर में प्रतीकों का चयन नीिं ककया गया ैि तो
खण्ड 11 के अर्न्तगत मुतत प्रतीक आवंहटत ककये जायेंगे।
भाग 6 (ग) राजस्थान राज-पर, अगस्त 05, 2025 10711. अन्त्य अभ्यधथायों (नर्नदालीय अभ्यधथायों) को प्रतीकों का आवंटन - ऐसे अभ्यथी, क्जन्त्ेिं ककसी र्दल ने ख़ा नीिं ककया ैि, उनके प्रथम नामनर्नदेशन पर में अंककत प्राथलमकता के आािर पर सारणी-2 में से ननम्नानुसार ननवााचन प्रतीक आवंहटत ककया जायेगा :- (क) यर्हद रूधच में प्रथम वरीयता पर उक्ल्र्लखत प्रतीक को एक ीि अभ्यथी द्वारा चााि गया ैि तो वि प्रतीक उसी उम्र्मीदवार को आवंहटत कर र्हदया जायेगा,
(ख) यर्हद एक ीि प्रतीक को एक से अधकि अभ्यधथायों ने अपनी रूधच की प्रथम वरीयता पर रखा ोि तो मुतत प्रतीक के आवंटन का ननणाय 'लॉट' (Lot) द्वारा ककया जायेगा। क्जस अभ्यथी के पक्ष में लॉट (Lot) ननकले उसे ीि वि प्रतीक आवंहटत ककया जायेगा। लॉट (Lot) ननकालने की कायावाीि उपक्स्थत अभ्यधथायों या उनके ननवााचन अलभकतााओं के समक्ष की जाएगी, (ग) रूधच में प्रथम वरीयता पर उक्ल्र्लखत प्रतीकों का आवंटन ोि जाने पर, शेष बचे अभ्यधथायों को उनकी रूधच की द्ववतीय वरीयता पर उक्ल्र्लखत प्रतीकों का आवंटन उपरोतत के अनुसार ककया जायेगा।
(घ) तत्पश्चात ् शेष रेि अभ्यधथायों को उनकी रूधच की तृतीय वरीयता पर उक्ल्र्लखत ननवााचन प्रतीकों का आवंटन उपरोततानुसार ीि ककया जायेगा, और
(ड.) प्रथम, द्ववतीय एवं तृतीय वरीयता के सभी ननवााचन प्रतीक आवंहटत ोि जाने के पश्चात ् यर्हद कोइा अभ्यथी ऐसा रि जाता ैि, क्जसे अपनी रूधच का (तीन में से) कोइा प्रतीक आवंहटत न ुिआ ोि या क्जसने कोइा रूधच ीि न र्दी ोि तो उसे सारणी-2 के स्तम्भ 2 में ववननर्हदाष्ट मुतत ननवााचन प्रतीकों में से क्रम में सबसे ऊपर वाला वि प्रतीक आवंहटत ककया जायेगा जो ककसी को आवंहटत नीिं ककया गया ैि। प्रतीकों का क्रमवार इस प्रकार का आवंटन, अभ्यधथायों को हन्र्त्दिी वणाक्रमानुसार चुनाव लडने वाले अभ्यधथायों की सूची में, उनके नामों के अनुसार (एक के र्बाद एक) ककया जायेगा।
12. ननवााचन प्रतीकों के आवंटन में ररटननंिग अधकिारी का ननणाय एवं उनका पुनरीक्षण :- ररटननंिग अधकिारी द्वारा ककसी अभ्यथी को ककसी प्रतीक का आवंटन अंनतम ोिगा लसवाय वािं के जािाँ वि राज्य ननवााचन आयोग द्वारा इस ननलमत्त जारी ककये गये नर्नदेशों से असंगत ैि, उस क्स्थनत में राज्य ननवााचन आयोग आवंटन को ऐसी रीनत से पुनरीक्षक्षत कर सके गा जो वि ीिक समझे।
13. अर्नुदेश तथा नर्नदेश ननकालने की आयोग की शक्तत - राज्य ननवााचन आयोग,-
(क) इस र्आदेश के उपबन्त्ोिं मे से ककसी का स्पष्टीकरण करने के ललए
(ख) ककसी ऐसी कहनिाइा को र्दूर करने के ललए, जो ककन्त्ीिं ऐसे उपबंोिं के कायाान्त्वयन के संबंि में उत्पन्त्न ोि तथा
(ग) प्रतीकों के आरक्षण तथा आबंटन के ककसी मामले के संबंि में क्जसके ललए इस र्आदेश में कोइा उपबन्त्ि नीिं ैि या उपबन्त्ि अपयााप्त ैि, तथा क्जसके ललए ननवााचनों के ननबााि तथा व्यवक्स्थत संचालन के ललए आयोग की राय में उपबन्त्ि करना आवश्यक ैि, अर्नुदेश तथा नर्नदेश ननकाल सके गा।
108 राजस्थान राज-पर, अगस्त 05, 2025 भाग 6 (ग)सारणी-1
(मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दल व आरक्षक्षत प्रतीक)
| क्र.सं. | मान्त्यता प्राप्त र्दल | आरक्षक्षत प्रतीक |
| 1. | 2. | 3. |
| A- राष्रीयर् दल | ||
| 1. | आम र्आदमी पाटी | झाडू |
| 2. | बुिजन समाज पाटी | ािथी |
| 3. | भारतीय जनता पाटी | कमल |
| 4. | कम्युननस्ट पाटी र्ऑ इंडडया (मार्क्सलसस्ट) | थिौ़ा, ािँलसया और लसतारा |
| 5. | इ ंडडयन नेशनल कााँग्रेस | ािथ |
| 6. | न ेशनल पीपुल्स पाटी | ककताब |
| B- राज्यीयर् दल (राजस्थान राज्य के ललए) | ||
| 1. | राष्रीय लोकतांत्ररक पाटी | बोतल |
| 2. | भारत आर्हदवासी पाटी | ॉिकी और बॉल |
सारणी-2
(नगरपाललका अध्यक्ष के ननवााचन के ललए मुतत प्रतीकों की सूची)
| क्र.सं. | ननवााचन आयोग की सूची म ें र्वणात क्र.सं. | मुतत प्रतीक | क्र.सं. | ननवााचन आयोग की सूची म ें र्वणात क्र.सं. | मुतत प्रतीक |
| 1. | 87 | प्रेस | 2. | 145 | स्लेट |
| 3. | 88 | कटलि | 4. | 147 | जुराबें |
| 5. | 89 | क े तली | 6. | 148 | र्सोा |
| 7. | 91 | लभंडी | 8. | 149 | स्पैनर |
| 9. | 92 | लेडी पसा | 10. | 152 | स्टू ल |
| 11. | 94 | क ु न्त्डी | 12. | 154 | झूला |
| 13. | 95 | लैटर बातस | 14. | 156 | लसररन्त्ज |
| 15. | 99 | माधचस की डडब्बी | 16. | 158 | मेज |
| 17. | 100 | माइाक | 18. | 163 | ट ैन्त्ट |
| 19. | 106 | क़ाीि | 20. | 165 | टीलर |
| 21. | 109 | नाशपाती | 22. | 167 | धचमटा |
| 23. | 110 | मटर | 24. | 168 | र्दााँत ब्रुश |
| 25. | 117 | मूसल और खरल | 26. | 169 | ट ू थपेस्ट |
| 27. | 118 | पेरोल पम्प | 28. | 172 | रक |
| 29. | 121 | करनी | 30. | 176 | टायर |
| 31. | 124 | ािन्त्डी | 32. | 179 | छ़ी |
| 33. | 125 | प्रैशर कु कर | 34. | 180 | टी ं र्दीवार खू |
| 35. | 127 | र ेजर | 36. | 182 | अखरोट |
| 37. | 129 | अंगूीि | 38. | 183 | तरबूज |
| 39. | 130 | रोड रोलर | 40. | 184 | पानी का टैंक |
प्ररूप - 'ग'
राज्य में मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दल द्वारा खडे ककये गये उम्र्मीदवारों के नामों
की सूचना के ललये प्राधकिृ त व्यक्ततयों के संबंि में सूचना
(र्र्देखए अधसिूचना संख्या र्ए 4(1)(1)नपा/राननआ/14/2462 र्हदनांक 28.07.2025 का खण़् 6)
प्रेवषनत-
ररटननाग अधकिारी,
नगरपाललका ............................
ववषय:- नगरपाललका अध्यक्ष र्पद के ननवााचन ेितु ननवााचन प्रतीकों का आवंटन- उम्र्मीदवारों के नामों की सूचना र्देने के ललये व्यक्ततयों का प्राधकिृ त ककया जाना।
र्मोिदय,
अधसिूचना संख्या र्ए 4(1)(1)/नपा/राननआ/14/2462 र्हदनांक 28.07.2025 के खण़् (6) के अनुसरण में, मैं, इसके द्वारा संसूधचत करता/करती ि ं कक ऊपर उद्धृत ननवााचन में र्दल द्वारा खडे ककये जाने के ललये प्रस्ताववत उम्र्मीदवारों के नामों की सूचना र्देने के ललये ....................................... (र्दल का नाम), जो ननवााचन प्रतीक (आरक्षण एवं आवंटन) र्आदेश 1968 के अंतगात राजस्थान में मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दल ैि, द्वारा ननम्नलर्लखत व्यक्तत/व्यक्ततयों को प्राधकिृ त ककया गया ैि :-
| सूचना भेजने के ललये प्राधकिृ त व्यक्तत का नाम | र्दल में ािररत र्पद का नाम | नगरपाललका का नाम क्जसके संबंि में उसे प्राधकिृ त ककया गया ैि |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. 2. 3. |
2. इस प्रकार प्राधकिृ त ऊपर उक्ल्र्लखत व्यक्तत/व्यक्ततयों के स्तिाक्षरों के नमूने नीचे र्हदये गये ैिं :-
110 राजस्थान राज-पर, अगस्त 05, 2025 भाग 6 (ग)1. श्री ................................................................... के नमूना स्तिाक्षर (1) ............................. (2) ........................... (3) ...........................
2. श्री .................................................................. के नमूना स्तिाक्षर (1) ........................ (2) .......................... (3) ................................
3. श्री .................................................................. के नमूना स्तिाक्षर (1) ........................ (2) .......................... (3) ................................
भर्वदीय,
स्थान: .........................
र्हदनांक .........................
अध्यक्ष/र्दल के प्रधकिृ त व्यक्तत का नाम एवं स्तिाक्षर व र्दल का नाम र्दल की मोरि सहति नोट:- 1. यि प्ररूप नाम नर्नदेशन-पर प्रस्तुत करने की अंनतम तारीख को 3.00 बजे अपरान्त्ि तक ररटननाग अधकिारी को आवश्यक रूप से प्रस्तुत ोि जाना चाहयिे।
2. प्ररूप उपयु ातत र्पदाधकिारी या प्राधकिृ त व्यक्तत द्वारा स्याीि से स्तिाक्षररत ककया जाना चाहयिे। ककसी र्पदाधकिारी या प्राधकिृ त व्यक्तत के अनुललवप (Facsimile) स्तिाक्षर अथवा रब़ स्टाम्प के स्तिाक्षरों को स्वीकार नीिं ककया जायेगा।
3. र्ै तस/इा-मेल/व्ािट्सअप इत्यार्हद से भेजा गया प्ररूप मान्त्य नीिं ोिगा।
प्ररूप-'घ'
राज्य में मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दल द्वारा खडे ककये गये उम्र्मीदवारों के नामों के बारे में सूचना (नगरपाललका अध्यक्षीय र्पद के ललए ननवााचन)
(र्र्देखए अधसिूचना संख्या र्ए4(1)(1)नपा/राननआ/14/2462 र्हदनांक 28.07.2025 का खण़् 6)
प्रेवषत:-
ररटननाग अधकिारी,
नगरपाललका -----------------
ववषय :- नगरपाललका अध्यक्षीय र्पद के ननवााचन ेितु उम्र्मीदवार खडे करना ।
र्मोिदय,
अधसिूचना संख्या र्ए 4(1)(1)नपा/राननआ/2014/2462 र्हदनांक 28.07.2025 के खण़् (6) के अनुसरण में............................................... (र्दल का नाम) जो ननवााचन प्रतीक (आरक्षण एवं आवंटन) र्आदेश, 1968 के अंतगात राजस्थान में मान्त्यता प्राप्त राजनैनतक र्दल ैि, ने ननम्नलर्लखत व्यक्ततयों को ऊपर उद्धृत ननवााचन में
ाँ कक वि व्यक्तत अपने उम्र्मीदवारों के रूप में खडा ककया ैि । मैं उतत र्दल की ओर से एर्त्दद्वारा सूचना र्देता ूि क्जसका वववरण नीचे :-
1.(i) स्तम्भ 3 से 5 में र्हदया गया ैि उतत र्दल का अनुमोर्हदत अभ्यथी ैि, औरभाग 6 (ग) राजस्थान राज-पर, अगस्त 05, 2025 111 (ii) वि व्यक्तत क्जसका वववरण नीचे स्तम्भ 6 से 8 में र्वणात ैि, र्दल का प्रनतस्थानी अभ्यथी ैि, जो अनुमोर्हदत अभ्यथी के नाम नर्नदेशन-पर की संवीक्षा में खाररज ककये जाने अथवा उसके अभ्यधथाता वापस लेने पर उसका स्थान लेगा, यर्हद प्रनतस्थानी अभ्यथी अभी भी ननवााचन ल़ने वाला अभ्यथी ैि :-
| न गर- पाललका का नाम | वाडा संख्या | अनुमोर्हदत उम्र्मीदवार का नाम | अनुमोर्हदत उम्र्मीदवार क े *वपता/मा ता /पनत का नाम | अनुमोर्हदत उम्र्मीदवार का डाक का पता | प्रनतस्थानी उम्र्मीदवार का नाम (जो अनुमोर्हदत उम्र्मीदवार क े नामनर्नदेशन- पर को संवीक्षा म ें रद्द कर र्हदये जाने/अभ्यधथाता वापस लेने पर उसका स्थान ल ेगा, यर्हद प्रनतस्थानी अभ्यथी अभी भी ननवााचन ल़ने वाला अभ्यथी ैि। | प्रनतस्थानी उम्र्मीदवार क े *वपता/माता/ पनत का नाम | प्रनतस्थानी उम्र्मीदवार के डाक का पता |
| 1. | 2. | 3. | 4. | 5. | 6. | 7. | 8. |
2. प्ररूप 'घ' में र्दल के अनुमोर्हदत अभ्यथी के रूप में श्री/श्रीमती/सुश्री ...................................... र्दल के प्रनतस्थानी अभ्यथी के रूप में श्री/श्रीमती/सुश्री ....................................... के पक्ष में पलिे र्दी गइा सूचना एर्त्दद्वारा ववखंड़त की जाती ैि।
3. यि प्रर्माणत ककया जाता ैि कक प्रत्येक अभ्यथी क्जसके नाम का ऊपर उल्लेख ककया गया ैि, इस राजनैनतक र्दल का एक र्सदस्य ैि उसका नाम, इस र्दल के र्सदस्यों की नामावली में ववधवित ् शालमल ैि।
भर्वदीय,
स्थान: ....................
र्हदनांक: ..................
अध्यक्ष/र्दल के प्रधकिृ त व्यक्तत का नाम एवं स्तिाक्षर व र्दल का नाम र्दल की मोरि सहति
नोट:- 1. यि प्ररूप नाम नर्नदेशन-पर प्रस्तुत करने की अंनतम तारीख को 3.00 बजे अपरान्त्ि से पूवा ररटननाग अधकिारी को आवश्यक रूप से प्रस्तुत ोि जाना चाहयिे।
112 राजस्थान राज-पर, अगस्त 05, 2025 भाग 6 (ग)2. प्ररूप उपयु ातत र्पदाधकिारी या प्राधकिृ त व्यक्तत द्वारा स्याीि से स्तिाक्षररत ककया जाना चाहयिे। ककसी र्पदाधकिारी या प्र ्राधकिृ त व्यक्तत के अनुललवप (Facsimile) स्तिाक्षर अथवा रब़ स्टाम्प आर्हद के माध्यम से ककये गये स्तिाक्षर स्वीकार नीिं ककये जायेगें।
3. र्ै तस/इा-मेल/व्ािट्सअप से भेजा गया प्ररूप स्वीकार नीिं ककया जायेगा।
4. यर्हद लागू न ोि तो प्ररूप का पैरा 2 काट र्दें और यर्हद लागू ोि तो उसे उधचत रूप से भरा जाना चाहयिे।
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* जो लागू नीिं ोि उसे काट र्दीक्जये --------------------------------------------------------
आज्ञा से,
नललनी कोिनतया,
सचच।ि