| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| श्रावण 29, बुधवार, शाके 1947- अगस्त 20, 2025 Sravana 29, Wednesday, Saka 1947- August 20, 2025 |
भाग्5्(घ)
कर्मचारी्राज्य्र्बीा अधनिनर्य्के ्अन््तगमत् िये्गये्ननर्मय।
श्र्र वभिाग
अधधसूचना जयपुर, अगस्त्2 , 2025 ्््््््संख््या् एफ.14(14)(1)श्र्र/ई0एस0आई0/2017/00178 :-कर्मचारी राज्य र्बीा अधधननर्य, 1948 (1948 के के न्द्रीय अधधननर्य संख्या-34) की धारा-87 के द्वारा प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुये राज्य सरकार द्वारा र्ैससम रास न्द्यू र्सीेन्द्ट यूननट, (यूननट आॅ फ श्री र्सीेन्द्ट लर्लिटेड), ग्र्रा रास तहसीि जैतारण क्जाि पाीि को ददनांक 17.10.2025 से 16.10.2026 तक की अवधध के लएि उतत अधधननर्य के ािगू होने से ननम्नलखिति शतो पर छू ट प्रदान की जाती है।
शते:-
1. ननयोजक द्वारा देय धचककत्सा सुववधा का ािभ सभी कर्मचारी क्जर्नें असथाई या ठेका श्रर्लक भी सक्र्म्लति हैं, को भी ददये जायेगें।
2. पूवामवत ् संसथान क्जर्सें कर्मचारी ननयोक्जत है, एक रक्जसटर रेिगा, क्जर्सें छू ट प्राप्त कर्मचाररयों के र्ना और पद दशामये जायेंगे।
3. इस छू ट के होते हुए भी कर्मचारी उतत अधधननर्य के अंतगमत ऐसे दहतािभ प्राप्त करते रहेंगे क्जनके लएि इस अधधसूचना द्वारा प्रदत्त छू ट के ािगू होने की नतधथ से पूवम प्रदत्त अंशदानों के आधार पर हकदार हो जाते हैं।
4. छू ट प्राप्त अवधध के लएि यदद कोई अंशदान की अदायगी पहेि ही की जा चुकी है तो वह वापस नहीं की जावेगी।
5. उतत संसथान का ननयोजक उस अवधध की बाबत ् क्जसके दौरान उस संसथान पर उतत अधधननर्य ािगू था (क्जसे इर्सें इसके पश्चात ्''उतत अवधध'') कहा गया है ऐसी वववरखणयां, ऐसे प्रारूप और ऐसे ब्यौरे देतें हुए प्रसतुत करेगा जो कर्मचारी राज्य र्बीा (र्साान्द्य) ववननर्य 1950 के अन्द्तगमत उतत अवधध के दौरान भेजी जानी अपेक्षति है।
6. उतत अधधननर्य की धारा-45 की उपधारा(1) के अंतगमत ननर्ग द्वारा ननयुतत कोई ननरीकि अथवा इस संबंध र्ें ननर्ग का प्राधधकृ त कोई अन्द्य अधधकारी ननम्नलखिति प्रयोजनों के लएि अधधकृ त होंगे:-
प्रयोजन
(क) धारा-44 की उपधारा(1) के अन्द्तगमत प्रसतुत उतत अवधध की ककसी वववरणी र्ें ददए गए ब्यौरों का सत्यापन अथवा 71 राजस्थान राज-पत्र,्अगस्त्20,्2025् ््््््््् ्््भाग्5 (घ) (ग) इस अधधननर्य के अन्द्तगमत प्रदान की गई छू ट के प्रनतफि सवरूप ननयोजक द्वारा ददए जाने वाेि नकद तथा वसतुरूपी दहतािभों के लएि कर्मचाररयों का ऐसे दहतािभ के लएि हकदार बने रहना सुननक्श्चत करना अथवा
(घ) यह अलभननक्श्चत करने के प्रयोजनाथम कक उस अवधध के दौरान जब उतत कारािने/सथापन के संबंध र्ें अधधननर्य के उपबन्द्धों की अनुपानिा की गई थी या नहीं। कायम क्जनके लएि सशतत होंगे:-
(क) प्रधान अथवा आसन्द्न ननयोजक से ऐसी सूचना प्रसतुत करने के लएि कह सके गा, क्जसे वह आवश्यक र्सझता है अथवा
(ि) ऐसे प्रधान अथवा आसन्द्न ननयोजक के कब्जे र्ें ककसी कारािने, सथापन कायामयि या अन्द्य पररसर र्ें ककसी उपयुतत र्सय र्ें प्रवेश कर सके गा और उसके प्रभारी से ननयोक्जत व्यक्ततयों के रोजगार या र्जदूरी की अदायगी के संबंध र्ें ऐसे ेिेि, बदहयां तथा अन्द्य दसतावेज प्रसतुत करने के लएि कह सके गा क्जसको वह आवश्यक र्सझता है अथवा
(ग) प्रधान या आसन्द्न ननयोजक की उसके अलभकताम या सेवक की या ऐसे ककसी व्यक्तत की जो ऐसे कारािने, सथापन कायामयि या अन्द्य पररसर र्ें पाया जावे या ऐसे ककसी व्यक्तत की क्जसके बारे र्ें उतत ननरीकि या अन्द्य अधधकारी के पास ववश्वास करने का युक्ततयुतत कारण है कक वह कर्मचारी है, परीाि कर सके गा अथवा
(घ) ऐसे कारािने सथापन कायामयि अथवा अन्द्य पररसर र्ें रेि गए ककसी रक्जसटर, ेिाि पुसतक या अन्द्य दसतावेज के उद्धरण या उसकी प्रनतलविप ेि सके गा।
राज्यपाल के आ ेश से,
धर्मपाि लसंह,