| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 22, शनविार, शाके 1947- सतिम बर 13, 2025 Bhadra 22, Saturday, Saka 1947- September 13, 2025 |
भाग 6 (क)
गिरपासकिाओं ंिबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,्सतिम््र्ब1 ,्2125 ्््ंिख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/17601:-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर सवाई माोिपुर द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा वजीरपुर हेतु र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। र्वाा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज ्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत र्वाा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
नगर प शलक जिीरपुर सीम वरििण प्रपत्र-क षिष -2025
| र्वाड ंि. | वववरण | जंििख्या |
| 1 | र्मंेरू बाािजी र्रो ेि क्षिणि की ओर शााि तािई को शासम ि करते ह ुए सशवजी मंदरि व ंिस्कृ त स्कू िको छोड़ते हुए आगे चकिर हररराम व जीतू ैिीि के मका िको शासम िकरके गगराडज माीि के मका िको छोड़ते हुए बल्ूि वाीि गीि व थासिंिह के मका ि को शासम ि करते ह ुए प्रताप संिह जाट व ज्ञा िसंिह के मका िको शासम िकरते अशोक जाट, रामेश्वर जाट व पाीि की टंकी को छोड़ते हुए महाेिव जाट के मका िेि बायीं तरफ मुड़ते हुए भरोीि कोीि के मका िको छोड़ते हुए जगीिश व भगत संिह के मका िको शासम िकरते हुए भरोीि, गोपा ि ैिीि के मका ि को छोड़कर आरा मशी ि को शासम ि करते हुए पूवड दशिा में घूमकर गोपा िमाीि के मका िको छोड़कर उत्तर दशिा की ुँच कर क्षिणि दशिा की ओर घूम कर गिर पासकिा की ीिमा पर पहु | 712 |
| तरफ घूमते हुए गिर पासकिा ीिमा ेि बायीं तरफ घूमकर प्रारंसभक ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 01 कहाियेगा l स्था िशााि तािई पर पहु | ||
| 2 | शााि तािई ेि र्मंेरू वाेि बाािजी के रास्ते-रास्ते गिरपासकिा ीिमा ुँच कर बायीं तरफ क्षिणि दशिा की ओर शीताि माता र्रो वाीि पहु ोिोिं तरफ की आबाीि को शासम ि करते हुए जासमि जाट व सशव हिरी के मका ि को शासम ि करके कल्ाि जाट व ािफसंिह जाट के मका ि को छोड़ते हुए आगे चकिर कु बेर जाट के मका ि को शासम ि करके भारती स्कू िव ािई मिाज के मंदरि को छोड़कर श्याम ािई के मका ि को ेिते हुए बायीं तरफ उत्तर दशिा की तरफ घूमकर राके श जाट के मका िको शासम िकरके जगीिश जाट के मका िको छोड़कर बायीं तरफ क्षिणि दशिा की ओर मुड़कर श्री जाट का मका ि को शासम िकरते हुए व महाेिव एवम रामस्वरूप ुिखाड़ड़या जाट के मका ि को छोड़कर अशोक जाट के मका िको शासम िकरते हुए ज्ञा िसंिह व प्रताप जाट के मका िको छोड़ कर वीर संिह के मका िवर् ी.पी. को शासम िकरते हुए बल्ूि वाीि गीि व जीतू ैिीि के मका िको छोड़कर ंिस्कृ त स्कू िव सशवजी के मंदरि करके प्रारंसभक स्था िशााि तािई ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 02 कहाियेगा l पर पहु | 601 |
| 3 | हररमोह िपंर्ड़त के मका िेि उत्तर की ओर खटीक मौहल्ेि में होकर भरोीि खटीक व ािफ़ संिह के मका ि को छोड़कर कल्ाि जाट के मका ि को शासम ि करके व जासमि जाट के मका ि को छोड़ते हुए ुँचते है एवम बायीं तरफ बायीं तरफ मुड़कर गिर पासकिा ीिमा पहु ं ए वाेि रास्ते ेि ाििम खां के घूम कर गिरपासकिा ीिमा ेि खारे कु ुँच जाते है यह र्वाड मका िको शासम िकरके प्रारंसभक स्था िपर पहु मिबर 03 कहाियेगा l | 598 |
| 4 | हररमोह ि पंर्ड़त के मका ि के ािमेि ेि पूवड दशिा की ओर चकिर कासमि मका ि व तेीि मप्स्ज ि को शासम ि करते हुए अमर्बेकर धमडशााि व जमी िके मका िको छोड़ते हुए बायीं तरफ उत्तर पूवड की ओर मुड़कर अमी ि की ुिका ि व ब्रहमांि ि के मका ि को छोड़कर ीिािधर के मका िको शासम िकरके बायीं तरफ घूमकर ािई मिाज का मंदरि व भारती स्कू ि को शासम ि करके कु बेर, सशव हिरी जाट, जासमि जाट के मकााित को छोड़कर ािफसंिह जाट को शासम िकरके बायीं तरफ घूमकर खटीक मौहल्ेि ेि भरोीि खटीक के मका ि को शासम ि करके पाीि टंकी वाेि ेित्र को छोड़कर प्रारंसभक स्था ि ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 04 हररमोह ि पंर्ड़त के मका ि पर पहु कहाियेगा l | 632 |
| 5 | ं ए हररमोह िपंर्ड़त के मका िेि पप्श्चम दशिा की ओर चकिर खारा कु ुँच कर गिर पासकिा ीिमा ेि वााि रास्ते ेि गिर पासकिा ीिमा पहु बायीं तरफ क्षिणि दशिा की ओर मुड़ते हुए आगे चकिर गिरपासकिा ीिमा ेि बायीं तरफ पूवड दशिा की ओर मुड़कर आगे चकिर द्दिू रहमा ि व कासमि के मका ि को छोड़कर अमर्बेकर धमडशााि को ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 05 शासम िकरते हुए प्रारंसभक स्था िपर पहु कह्ाियेगा l | 618 |
| 6 | आमी ि की ुिका ि ेि पप्श्चम की ओर तेीि मप्स्ज ि व कासमि के मका िको छोड़कर ज़मी िमास्टर व द्दिू रहमा िके मका िको शसम ि करके बायीं तरफ पप्श्चम की ओर मुड़कर रास्ते ेि गिर पासकिा ुँचते है गिर पासकिा ीिमा-ीिमा आगे चकिर बायीं तरफ पूवड ीिमा पहु की ओर मुड़कर अमज़ िका व नाििर का मका िको छोड़कर प्रारंसभक ुँच जाते है स्था ि आमी ि की ुिका ि तेीि मिाज की मप्स्ज ि पर पहु यह र्वाड मिबर 06 कहाियेगा l | 682 |
| 7 | तेीि मिाज मप्स्ज ि ेि आमी ि की ुिका ि को शासम ि करके ज़मी ि मास्टर व अमज़ िखां के मका िको छोड़कर बायीं तरफ पूवड दशिा की ुँच कर इमाम ओर मुड़कर नाििर के मका िको छोड़कर इमाम चौक पहु चौक ेि ाियीं तरफ क्षिणि दशिा की ओर कै ाि मैया के मंदरि को शासम िकरके पाीि की छोटी टंकी को छोड़कर पुराीि बैंक वाीि गीि ि ंच कर मैं िर्रो ेि बायीं तरफ मुड़कर पुस ििथााि े मैं िर्रो पर पहु व पंजाब ेिश ििबैंक को शासम िकरके कै ािश हविाई की ुिका िको शासम ि करके बायीं तरफ मुड़कर मैं ि बाजार में मोदहत र्रेीमेट को शासम ि करके बंित ाि ि ककरााि व उमेश वस्त्र र्भंार को छोड़कर प्रकाश गारमेंट् ि को शासम ि करके बायीं तरफ मुड़कर पप्श्चम दशिा की ओर ब्रहमांि िशमाड के मका िको शासम िकरके बायीं तरफ मुड़कर ीिािधर के मका िको छोड़ते हुए प्रारंसभक स्था ितेीि मप्स्ज िआमी ि ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 07 कहाियेगा l की ुिका िपर पहु | 554 |
| 8 | मैं ि वजीरपुर र्रो पर रिकारी गोािम ेि दर्हंौ ि की तरफ चतिे हुए जामा मप्स्ज िको शासम िकरके बायीं तरफ घूमते हुए पुस ििचौकी व क ै ाि मैया के मंदरि को छोड़कर पाीि की टंकी को शासम ि करके इमाम चौक ेि बायीं तरफ पप्श्चम की ओर घूमकर आवव िके मका ि को छोड़कर नाििर के मका िको शासम िकरते हुए अमज़ िका मका ि व मप्स्ज ि को छोड़कर हमिु कु रैशी के मका ि को ेिते हुए प्रारंसभक ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 08 स्था िमैं िर्रो रिकारी गोािम पर पहु कहाियेगा l | 560 |
| 9 | मैं िर्रो ेि उत्तर की ओर पूवड जुममा रिपंच व राश िकी ुिका िको शासम ि करते हुए हमिु कु रैशी व नाििर के मका ि को छोड़कर अमज़ िके मका िको शासम िकर बायीं तरफ पप्श्चम दशिा की ओर मुड़कर मप्स्ज ि वाेि ेित्र को शासम ि करते हुए मुन्ाि खां के मका ि को छोड़ते हुए फारुक के मका िको शासम िकरते हुए क्षिणि दशिा की ओर आगे चकिर मैं ि र्रो पर चाुँ ि खां के मका ि को शासम ि कर बायीं तरफ मुड़ते हुए मैं ि र्रो ेि प्रारंसभक स्था ि जुममा रिपंच के ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 09 कहाियेगा l मका िपर पहु | 661 |
| 10 | मैं ि र्रो कब्रब्रस्ता ि के ािमेि ेि उत्तर – पप्श्चम दशिा की ओर चकिर मुमताज खां के मका ि को शासम ि करके चाुँ ि खां के मका ि को छोड़ते हुए आगे चकिर मुन्ाि खां के मका ि को शासम ि करके बायीं तरफ मुड़कर ािब्रबर समस्त्री, मुममू खां एवम अब्ुि ि खां और ुँच कर रफीक खां के मका िको शासम िकरके गिर पासकिा ीिमा पहु ुँच जाते है मैं ि र्रो ेि बायीं बायीं तरफ मुड़ते हुए मैं ि र्रो पर पहु तरफ मुड़कर आ.रो.तािंट को छोड़ते हुए रफीक, अमी,ि विी ि एवम अफज िके मका िको शासम िकरते हुए प्रारंसभक स्था ि मुमताज खां क ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 10 कहाियेगा l े मका िपर पहु | 556 |
| 11 | मै ि र्रो ेि गिर पासकिा ीिमा में क्षिणि पूवड की ओर चतिे हुए र्पाड ि मोहमम ि ािही ि के मका ि को शासम ि करते हुए बायीं तरफ ुँच जाते है खातीपुरा पूवड दशिा की ओर मुड़कर खाती पूरा र्रो पर पहु र्रो ेि अफजा ि उप रिपंच मुीिम खां व मरिाि को शासम ि करते ह ुए अक्ाि मप्स्ज ि व वीिम के मका ि को छोड़ते हुए मैं ि र्रो ुँच जाते है मैं ि र्रो ेि बायीं तरफ मुड़कर रिकारी गोािम पर पहु मरिाि, कब्रब्रस्ता िव आरो तािंट को शासम िकरते हुए प्रारंसभक स्था ि ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 11 कहाियेगा l गिरपासकिा ीिमा पहु | 680 |
| 12 | खाती पूरा र्रो ेि पप्श्चम दशिा की ओर उप रिपंच अफज िके मका ि को छोड़कर आगे चकिर र्पाड िमोहमद्द ािही िके मका िको छोड़कर ुँचते है गिरपासकिा ीिमा ेि ुिल्ता ि पूरा गिरपासकिा ीिमा पर पहु ढाणी को शासम िकरते हुए खातीपुरा ढाणी को छोड़ते हुए खातीपुरा र्रो ि े पाीि की टंकी को छोड़कर मुस्ताक का मका,ि अविर फे ब्रब्रक व मोहमम ि वीिम के मका ि को शासम ि करते हुए प्रारंसभक स्था ि पर ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 12 कहाियेगा l पहु | 652 |
| 13 | खातीपुरा र्रो ेि वीिम का मका िव अक्ाि मप्स्ज िको शासम िकरते ह ुए और उपरिपंच अफज िके मका िको छोड़कर पाीि की टंकी को शासम िकरते हुए खातीपुरा ढाणी में ेि मीाि मौहल्ाि, माीि मौहल्ाि को शासम िकरके खेड़ा वाेि बाािजी को छोड़ते हुए गुबिी का पुरा र्रो ेि इाि का मका िको शासम िकरके कल्ीि का मका िव पॉवर हाउ ि | 640 |
| ुँच को छोड़कर प्रारंसभक स्था िखातीपुरा नतराहे वीिम का मका िपर पहु जाते है यह र्वाड मिबर 13 कहाियेगा l | ||
| 14 | खातीपुरा ढाणी में ेि बैरवा मौहल्ाि को शासम िकरते हुए गिरपासकिा ीिमा में पूवड की ओर चतिे हुए बाढ़ की ढाणी में ेि बैरवा बस्त्ती को शासम िकरते हुए खेड़ा वाेि हुिमा िजी को छोड़ते हुए प्रारंसभक स्था ि ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 14 कहाियेगा l खातीपुरा ढाणी में पहु | 672 |
| 15 | बाढ़ की ढाणी में ेि राजपूत मौहल्ाि को शासम ि करते हुए गिरपासकिा ीिमा में उत्तर दशिा की ओर चकिर बजरंग पूरा की मिपूणड आबाीि को शासम िकरते हुए भोेि का पूरा व गुबिी का पूरा ुँच जाते है यह र्वाड को छोड़कर बाढ़ की ढाणी राजपूत मौहल्ेि में पहु मिबर 15 कहाियेगा l | 553 |
| 16 | करौीि-बजरंग पुरा र्रो पॉवर हाउ ि नतराहे ेि क्षिणि दशिा की ओर चकिर कल्ीि का मका िको छोड़कर बायीं तरफ क्षिणि पूवड की ओर मुड़कर ईाि के मका ि को छोड़कर खेड़ा के बाािजी, गुबिी का पूरा, भोेि का पूरा व गंगे का पूरा को शासम ि करके उत्तर-पूवड की ओर मुड़कर बजरंगपुरा – करौीि र्रो ेि आगे बैरवा बस्ती को शासम िकरते ह ुए महेश रिाफ, मुके श रिपंच व रिूि हविाई के मका िको छोड़कर आर.के .प्क्निकि को शासम िकरते हुए प्रारंसभक स्था िपॉवर हाउ िपर ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 16 कहाियेगा l पहु | 560 |
| 17 | करौीि – बजरंग पूरा र्रो पर रिूि हविाई की ुिका िेि प्रारंभ होकर पूवड दशिा की ओर मुके श रिपंच, महेश रिाफ के तरफ की बैरवा बस्ती को शासम ि करते हुए आगे चकिर बजरंग पूरा र्रो ेि बायीं तरफ उत्तर की दशिा की ओर मुड़ते हुए आगे चकिर बायीं तरफ पप्श्चम दशिा की ओर मुड़कर आगे चतिे है कं च ि बैरवा का मका ि को शासम ि करते हुए बाग़ वााि व मुीिम कॉोिीि को छोड़ते हुए प्रारंसभक स्था िकरौीि – बजरंग पूरा र्रो रिूि हविाई की ुिका िपर ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 17 कहाियेगा l पहु | 644 |
| 18 | मैं ि र्रो रिकारी गोािम के ािमेि क्षिणि – पूवड खाती पुरा र्रो पर चकिर कािम, हफीज, बफाती के मका ि व आरीफ की ुिका ि को शासम ि करके वीिम का मका ि व अक्ाि मप्स्ज ि को छोड़ते हुए कल्ीि के मका ि ेि बायीं तरफ उत्तर की ओर मुड़कर पॉवर हाउ ि रिकारी हॉप्स्पट िको शासम िकरते हुए राधा कृ ष्णा मंदरि को छोड़कर मैं ि र्रो ेि बायीं तरफ पप्श्चम की ओर मुड़कर रिकारी व इमरा ि होट ि को शासम ि करते हुए पंजाब ेिश िि बैंक व पुस िि चौकी को ुँच जाते है यह र्वाड छोड़ते हुए प्रारंसभक स्था िरिकारी गोािम पर पहु मिबर 18 कहाियेगा l | 609 |
| 19 | मैं िर्रो जग्गा फ़ू र् के ािमेि ेि करौीि – बजरंग पूरा र्रो पर चकिर ाििम फ्रू ट् ि की ुिका ि को शासम ि करते हुए रिकारी हॉप्स्पट ि व पॉवर हाउ ि को छोड़ते हुए राधा कृ ष्ण मंदरि व मुीिम कॉोिीि को शासम ि करते हुए अरमा ि ऑटो पाट्ड ि ेि बायीं तरफ मुड़कर रिूि हविाई व बैरवा बस्ती को छोड़कर बाग वााि ेित्र को शासम ि करते ह ुए ाियीं तरफ पूवड की ओर मुड़कर कं च िबैरवा के मका िको छोड़कर ुँच जाते बायीं उत्तर दशिा की ओर चतिे है और गस्ती पूरा र्रो पर पहु ह ै गस्ती पूरा र्रो ेि बायीं तरफ पप्श्चम की ओर मुड़कर पाीि की ट ुँच जाते है मैं ि ंकी व सशवजी के मंदरि को छोड़कर मैं िर्रो पर पहु र्रो ेि बायीं तरफ मुड़कर ऍम आई मोबाइ ि की ुिका ि को शासम ि करते हुए महात्मा गाुँधी स्कू िको शासम िकरते हुए प्रारंसभक मैं िर्रो ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 19 जग्गा फ्रू ट् ि की ुिका ि पर पहु कहाियेगा l | 650 |
| 20 | मैं िर्रो तुीिि फोटोज के ािमेि ेि पूवड दशिा की ओर हिकारी बैंक को शासम िकरते हुए सशवजी के मंदरि व पाीि की टंकी को ेिते हुए बजरंग पुरा ढाणी को छोड़कर गिर पासकिा ीिमा ेि बायीं तरफ उत्तर ुँचते है गिर की ओर मुड़कर गिर पासकिा ीिमा मैं ि र्रो पर पहु पासकिा ीिमा मैं िर्रो पर बायीं तरफ मुड़कर पेट्रो िपंप, गामा स्कू ि व ववजय र्हौंा को शासम िकरते हुए कन्या महाववधायि, गिर पासकिा ऑकफ ि व पुस िि स्टेश ि को छोड़कर बी.एम.बी. कॉेिज व आशा मोटडि को ेिते हुए रॉय ि हॉप्स्पट ि व जाििय ऑकफ ि को ेिते हुए ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 20 प्रारंसभक स्था ि तुीिि फोटोज पर पहु कहाियेगा l | 642 |
| 21 | मैं िर्रो जग्गा फ्रू ट् िेि उत्तर – पूवड की ओर चकिर महात्मा गाुँधी स्कू ि को छोड़कर पल्ीि र्घी की ुिका ि ेि बायीं तरफ मुड़कर सशव समष्ठा ि को छोड़कर बाजार वाीि गीि ेि श्री राम ज्वैडिि व पुराीि बैंक वाीि गीि को शासम िकरते हुए धजिी का मका,ि ए.िआर.आई. कटाि व हीराम िबाबा के मंदरि को छोड़ते हुए जयशंकर की चक्की व गोपा िजी के मंदरि को शासम िकरते हुए भंवर संिह माीि के मका ि ि े बायीं क्षिणि दशिा की ओर मुड़कर ुिरेश जै िव अमका के मका ि को शासम ि करते हुए श्याम ािई, ािई मिाज मंदरि, ीिाि धर व ब्रहमांि ि के मका िको छोड़ते हुए जीतेन्द्र स्टोर व उमेश वस्त्र र्भंार को शासम िकरते हुए बंिता ाि िव जग्गा फ़ू र् ेिंटर को शासम िकरते ह ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 21 कहाियेगा l ुए प्रारंसभक स्था िपर पहु | 574 |
| 22 | मैं िर्रो सशव समष्ठा िेि उत्तर – पूवड की ओर चकिर तुीिि फोटोज को शासम ि करके बायीं तरफ मुड़कर रूपसंिह प्रजापत व रामसंिह प्रजापत के मका ि को शासम ि करते हुए उमेश बी.ए.िओ. / ववजय क ं र्ेरा एवम ठाकु र जी के मंदरि को छोड़ते हुए एम ्.पी.जै.िस्कू ि शासम िकरके बायीं तरफ मुड़कर एम ्.पी.जै िवाीि गीि ेि कोीि पाड़ा धजिी के मका िको शासम िकरके ए.िआर.आई.कटाि एवम श्री राम ुँच जाते है यह र्वाड मिबर ज्वैडिि को छोड़ते हुए प्रारंसभक स्था ि पहु 22 कहाियेगा l | 575 |
| 23 | बाजार वाीि ेि ए.िआर.आई.कटाि को शासम िकरते हुए उत्तर दशिा की ओर धजिी के मका ि व एम ्.पी.जै ि स्कू ि को छोड़कर रामसंिह प्रजापत के मका ि को ेिते हुए बायीं तरफ मुड़कर र्ी.पी. , मासिंिह जाट एवम पमि संिह अध्य िके मका िको शासम िकरके बायीं तरफ मुड़कर ओमप्रकाश जाट, उप प्रधा ि पुष्कर एवम जगीिश जाट के मका िको छोड़ते हुए बायीं तरफ मुड़कर अमर संिह जाट, भगत जी की ुिका िएवम हीराम िबाबा के मंदरि को शासम िकरते हुए प्रारंसभक ुँच जाता है यह र्वाड मिबर 23 स्था ि ए.िआर.आई.कटाि पर पहु कहाियेगा l | 562 |
| 24 | मैं ि र्रो तुीिि फोटोज के ािमेि ेि दर्हंौ ि की ओर चतिे हुए पंचायत भव,ि आशा मोटडि, को छोड़ते हुए बीकाेिरी स्वीट् ि व जाििय ववभाग के ऑकफ ि को छोड़कर ववजय र्हौंा, गामा स्कू िको छोड़कर पुस ििथााि एवम गिर पासकिा ऑकफ िको शासम िकरते हुए ुँच कर बायीं तरफ मुड़कर आगे मैं ि र्रो गिर पासकिा ीिमा पर पहु चतिे हुए महाववधायि को शासम ि करते हुए मथुरा ाि ि जाट व अशोक जाट के मका िको छोड़ कर आर.ओ.तािंट व पशु हॉप्स्पट िको शासम िकरते हुए रत िमाीि के मका िको छोड़ते हुए और ओमप्रकाश जाट के मका ि को शासम ि करके बायीं तरफ मुड़ते हुए रामसंिह प्रजापत व एम.पी.जै िस्कू िको छोड़ते हुए ववजय कं र्ेरा एवम उमेश जी बी.ए.िओ. के मका ि को शासम ि करते हुए प्रारंसभक स्था ि मैं ि ुँच जाते है यह र्वाड मिबर 24 कहाियेगा l र्रो तुीिि फोटोज पर पहु | 679 |
| 25 | श्री जाट के मका िके ािमेि ेि पूवड दशिा की ओर चतिे हुए भरोीि खटीक के मका ि को शासम ि करके बायीं तरफ मुड़ते हुए अमर संिह जाट एवम हुिमा िमंदरि को छोड़कर उप प्रधा िपुष्कर व रत िमाीि क े मका ि को शासम ि करते हुए पशु हॉप्स्पट ि व आ.रो. तािंट को छोड़कर ओमप्रकाश जाट व मथुरा ाि ि जाट के मका ि को शासम ि करते हुए गिर पासकिा ीिमा में पहु ुँच कर बायीं तरफ मुड़ते हुए आगे चकिर कफर ेि बायीं ओर मुड़कर गोपा ि ैिीि व भरोीि का मका ि को शासम िकरके बायीं तरफ मुड़ते हुए भगत संिह जाट व जगीिश के | 649 |
| ुँच जाते मका िको छोड़कर प्रारंसभक स्था िश्री जाट के मका िपर पहु ह ै यह र्वाड मिबर 25 कहाियेगा l |