| राजस्थान राजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 22, शनविार, शाके 1947- सतिम बर 13, 2025 Bhadra 22, Saturday, Saka 1947- September 13, 2025 |
भाग 6 (क)
गिरपासकिाओं ंिबंधी ववज्ञप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,्सतिम््र्ब1 ,्2125
्््ंिख््या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/17261:-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर डीग द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पररषद डीग हेतु वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब ि में प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषषत ककये गये हैं। वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत वाडा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
| र्वाड्ंि. | र्वाो्के ्ीिमांकन्का्वववरण | जनंिख्या |
| 1 | ोिहािि ि के घर ेि उत्तर की ओर चकिर ुिरेश के घर ेि पूवव की ओर मुडकर उत्तरी आबाीि को शासम ि करते हुए महेश के मका ि ेि उत्तर की ओर मुडकर पप्चचम की मिस्त आबाीि को शासम िकरते हुए चामुण्डा मप्दरि ेि पूवव की ओर मुडकर जै िपा िवाेि के घर ेि उत्तर की ओर मुडकर ीिधा चतिे हुए चुदीि जाटव के मका िेि पूवव की ओर मुडकर देििश के मका िेि उत्तर की ओर चकिर पूरेििई के मका िेि पप्चचम की ओर ीिधा चकिर पथवारी का भाग शासम िकरते हुए उत्तर की ओर रेविे ािई िके हिारे पप्चचम की ओर चकिर रेविे फाटक ेि पप्चचम की ओर मुडकर ीिधा चकिर ोिहािि िके घर तक। | 1379 |
| 2 | प्रेम मेडडक िवाेि के घर ेि उत्तर की ओर चकिर रामाधार पप्ण्डत के मका ि ेि पूवव की ओर मुडकर क्षिणि की आबाीि शासम ि करते हुए | 1380 |
| गोववद ि व के ािर के मका ि ेि उत्तर की ओर मुडकर ीिधा चतिे हुए ािरायण ैिीि के घर ेि पूवव की ओर मुडकर ेिवीाि िके घर ेि क्षिणि क े ओर मुडकर दिकिकशोर के मका िेि पूवव की ओर मुडकर रघुवीर के मका िेि क्षिणि की ओर मुडकर भगवाािि िमास्टर जी के मका िेि पूवव की ओर मुडकर ुिदरिपा ि के घर ेि क्षिणि की ओर मुडकर द्वारकाधीश मप्दरि ेि पहेि पतीि गीि में होते हुए आकाश टावर को शासम ि कर क्षिणि में मुडकर क्ष्मिण मप्दरि को शासम ि करते हुए कांमा रोड पर ीिधे चतिे हुए प्रेम मेडडक िवाेि के घर तक। | ||
| 3 | तुीिि ेिवी के घर ेि पप्चचम की ओर चकिर चयाम मास्टर व ीिपक क े घर ेि उत्तर की तरफ मुडकर ीिधे पप्चचम की ओर चकिर उत्तर की आबाीि को शासम िकरते हुए ज्ञाीि हविाई के गोािम ेि क्षिणि की तरफ मुडकर बाबू धोबी ेि बाए तरफ मुडकर क्ष्मिण संिह के घर ेि क्षिणि की तरफ मुडकर ीिधे ािई ओर चकिर कांमा बाईपा िपार कर गुािब शमाव को शासम ि करते हुए डब्बू जाटव के मका ि ेि उत्तर की तरफ मुडकर राजराजेचवर महोवि मप्दरि ेि पप्चचम की तरफ मुडकर मिस्त उत्तर आबाीि शासम ि करते हुए प्जतेदद्र फौजािर के घर को शासम िकरते हुए उत्तर की तरफ मुडकर गौरी शंकर के घर ेि पूवव की ओर मुडकर गंजेचवर महाेिव ेि क्षिणि की तरफ मुडकर मिस्त पप्चचम आबाीि को शासम िकरते हुए तुीिि ेिवी के घर तक। | 1029 |
| 4 | यावि धमवशााि ेि पप्चचम की तरफ चकिर मूचिद ियावि के घर ेि क्षिणि की ओर मुडकर तेजसंिह के घर ेि पप्चचम के ओर मुडकर उत्तर की मिस्त आबाीि को शासम ि करते हुए ीिधा चकिर भूपसहि जाटव क े घर ेि क्षिणि की ओर मुडकर पप्चचम की मिस्त आबाीि को शासम ि करते हुए प्रेम गुरूजी के घर ेि पप्चचम की ओर मुडकर ीिधे चकिर ोिहािि िैिीि के घर ेि उत्तर की ओर मुडकर भगवत ैिीि ेि पूवव की ओर मुडकर ददिोि पप्ण्डत ेि उत्तर की ओर मुडकर हरभा ि यावि के ोिहरे ेि पूवव की ओर मुडकर कांमा बाईपा ि पार कर ीिधे चतिे हुए ािाि मास्टर के घर ेि क्षिणि की ओर चतिे हुए रामगोपा ि पचौरी के घर ेि पूवव की ओर मुडकर क्षिणि की मिस्त आबाीि को शासम ि करते हुए प्रकाश शमाव की ुिका ि ेि क्षिणि की ओर मुडकर क्रय-ववक्रय ेि उत्तर-पूवव चकिर राजपुतााि मैरीज होम ेि क्षिणि की ओर मुडकर हेमदत मास्टर के घर ेि पप्चचम की ओर डिक पारकर यावि धमवशााि तक। | 1074 |
| 5 | गणेश जी मप्दरि ेि उत्तर की ओर चतिे हुए कांमा रोड पर चकिर सशव मप्दरि होते हुए मिस्त पूवी आबाीि को शासम िकर ग्रामीण बैंक ि े पूवव मेाि ग्राउण्ड की ओर मुडकर ककशविीर चैयरमे िके ािमेि उत्तर की ओर चकिर राजपूतााि मैररज होम कपूर टा ि ेि पप्चचम की ओर | 1146 |
| मुडकर पूर िके मका िेि उत्तर की ओर मुडकर डिक पार कर महेदद्र डेयरी की ुिका िेि पप्चचम की ओर चकिर उत्तर की मिस्त आबाीि को शासम िकर रामगोपा िपचौरी के मका िको शासम िकर उत्तर की ओर मुडकर पूवव की मिस्त आबाीि को शासम िकर मुरारी ुिबेश के घर को शासम ि करते हुए प्जत ि गुजवर ेि पप्चचम की ओर मुडकर म िि रिोगा के घर ेि उत्तर की ओर मुडकर ीिवा िपरमरिा के घर ेि पूवव की ओर मुडकर चैत ि गेस्ट हाउ ि को शासम ि करते हुए कांमा डिक पार कर बद्री पापे वाेि को शासम ि कर ीिधे चकिर मिस्त क्षिणिी आबाीि को शासम ि करते हुए चदद्रमोह ि पप्ण्डत के घर ेि क्षिणि की ओर मुडकर मुके श ोिीि के मका ि को शासम ि करते हुए गुरू आशीष स्कू िके पीछे होते हुए क्षिणि की ओर मुडकर ीिधे चकिर पप्चचम की मिस्त आबाीि को शासम िकरते हुए गणेश मप्दरि तक। | ||
| 6 | गणेश मंदरि ेि पप्चचम दशिा की ओर चतिे हुए फौजािर बाडे को शासम ि कर वहां की मिस्त उत्तरी दशिा की आबाीि को शासम ि कर जग्गो कोीि के मका िेि पप्चचम दशिा की ओर चतिे हुए चचरंजी कोीि क े मका िेि उत्तरी दशिा की ओर चतिे हुए बबूि कोीि ेि पूवव दशिा की ओर मुडकर क्षिणि दशिा की मिस्त आबाीि को शासम िकर ौिति ैिीि के मका िको शासम िकर उत्तर की ओर मुडकर राजा बच्चू संिह चौक को शासम ि करते हुए वावप ि क्षिणि की ओर चतिे हुए पप्चचम दशिा की आबाीि को शासम िकरते हुए गणेश मदरि तक। | 1022 |
| 7 | राजा बच्चू संिह चौक ेि क्षिणि की ओर मुडते हुए मंग िैिीि के घर को शासम ि कर पप्चचम की ओर चतिे हुए उत्तरी दशिा की मिस्त आबाीि को शासम ि कर हररओम के मका ि ेि क्षिणि की ओर मुडकर क ु द ििकोीि ेि पप्चचम की ओर मुडकर बंधा वाईपा ितक मंक िकोीि क े मका िेि उत्तर की ओर चतिे हुए मिस्त पूवव दशिा की आबाीि को शासम िकर प्रभूयिा िजाटव के मका िेि पूवव दशिा की ओर चतिे हुए क्षिणि दशिा की मिस्त आबाीि को शासम ि करते हुए प्रमो ि कु मार कामां रोड ेि क्षिणि की ओर मुडते हुए पप्चचमी दशिा को शासम िकरते ह ुए राजा बच्चू संिह के चौक तक। | 1187 |
| 8 | बदधा वाईपा िरत िसंिह कोीि के घर ेि हिर हिर पप्चचम दशिा की ओर चतिे हुए श्रीमनत चदद्रवती के मका ि ेि पहेि गीि में मुडकर उत्तर की ओर चकिर कु ण्डा भगवाािि ि तक ेि पप्चचम की ओर मुडकर जगीिश यावि के तॉिट के ािमेि होते हुए ािािि िमप्दरि ेि पप्चचम की ओर मुडकर गढ पार कर रेविे ािई ि तक के हिारे हिारे र ेविे फाटक ेि वावप ि क्षिणि दशिा में कांमा रोड पर चतिे हुए गौरी शंकर के मका ि ेि पहेि क्षिणि की ओर मुडकर जीतेदद्र फौजािर के मका ि ेि पूवव की ओर मुडकर राजराजेचवर महाेिव मप्दरि ेि क्षिणि | 1246 |
| दशिा में मुडकर पप्चचम दशिा की मिस्त आबाीि को शासम िकरते हुए ददिोि पप्ण्डत के मका ि ेि पप्चचम की ओर मुडकर भगवत ैिीि के मका ि ेि क्षिणि की ओर मुडकर मिस्त पप्चचमी आबाीि को शासम ि कर ोिहािि िैिीि के मका िेि पूवव की ओर मुडकर कांमा बाई पा ि तक मिस्त क्षिणिी आबाीि को शासम ि कर प्रेम गुरूजी के मका ि ेि क्षिणि की ओर मुडकर रत िसंिह कोीि तक। | ||
| 9 | महोिं के मुख्य द्वार संिह पो िगेट ेि चकिर पूवव की ओर पेट्रो िपमप त्यिेदद्र वकी,ि रामववाि ि मास्टर की आबाीि को ेिते हुए ािऊजी मप्दरि वल्ोि पंडडत के मकाोिं को शासम िकरते हुए कदया स्कू ितक यहां ेि क्षिणि की तरफ मुडकर भोेिचवर महाेिव मप्दरि ेि डीएपिी कायावयि को शासम िकर ब्रजराज पाषव िके मका िको शासम िकरते हुए मोदहत कमतयूटर के पीछे गीि में चतिे हुए ेिर मिभर के पीछे होते ह ुए मासिंिह की बग िवाीि गीि में होते हुए भरतपुर रोड मुख्य मागव बजररया चौराहे तक वहां ेि पप्चचम की तरफ चतिे हुए ुिरेश नतवारी ेि थासिंिह जेई ि व मिस्त पूवी उत्तरी आबाीि को शासम ि करते हुए दयायायि परररि को ेिते हुए महोि के पीछे ेि ब िस्टेण्ड के आगे ेि चतिे हुए जयसंिह ािंवरवा ितक वहा ेि उत्तर की ओर चतिे हुए पूवी आबाीि को शासम िकरते हुए डीग स्के प की क्षिणिी ािइड ेि वंधा रोड पर मुडते हुए पप्चचमी में चतिे हुए पुराेि वंधा गेट की उत्तरी आबाीि को शासम िकरते हुए वंधा रोड ेि गढ पर उत्तर में मुडते हुए पूवव की आबाीि को शासम िकर ािािि िजी मप्दरि ेि क्षिणि की ओर मुडकर जगीिश यावि के तॉिट के ािमेि होते हुए भगवाािि िकु ण्डा के ािमेि गीि में श्रीमनत चदद्रवती के मका िको शासम िकर पूवव की ओर स्के प केिा िके हिारे चतिे हुए क्षिणिी आबाीि को शासम िकरते हुए महोि क े मे ि रोड जग्गो की ुिका ि तक वहा ेि ािमेि ुिक्ख ि समचत्री के मका िुिका िको शासम िकरते हुए आगे संिह पो िगेट महोिं तक। | 1289 |
| 10 | दविा ि संिह के ौिहरे ेि पादहौरी रिवाजा ेि मुडकर पप्चचम की ओर चतिे हुए मिस्त उत्तरी आबाीि को शासम िकरते हुए ािहब संिह डागुर क े माक िेि मुडकर उत्तर की ओर चतिे हुए मिस्त पूवी आबाीि को शासम िकर बदधा गेट तक पहाि िािई भवपिुररया, कु मम िचदरि जाट ि े होते हुए क्षिणि दशिा की ओर चतिे हुए मिस्त पप्चचमी दशिा की आबाीि को शासम िकर पादहौरी गेट तक मिस्त शाहपुर आबाीि। | 917 |
| 11 | यिे ब ि स्टेण्ड ेि क्षिणि की ओर चतिे हुए कै ािश सपिाही, राजकीय महाववद्यायि को शासम िकर ेिव फोटो व पप्चचमी आबाीि को शासम ि करते हुए एप्क् ििबैंक ेि महावीर पेट्रो िपमप को ेिते हुए पप्चचम की ओर मुडकर हिारई रोड पर ीिधे चतिे हुए क्षिणि की आबाीि को शासम ि कर भूेिव जाट के मका ि को शासम ि कर क्षिणि की ओर | 1166 |
| मुडकर ररंकु मास्टर के मका िेि पप्चचम की ओर मुडकर उडा िबबयर बार व मिस्त उत्तरी आबाीि को शासम ि कर गिर रोड पे क्षिणि पप्चचम की ओर चकिर बीएएिएि ि कायावयि ेि दयायनयक अचधकाररयों के क्वाटरों व भीम हॉट िको शासम िकरते हुए पप्चचम ेि पूवव की ओर की मिस्त आबाीि को शासम िकरते हुए पूवव रीको ेित्र को शासम िकरते हुए चौटााि होट िको शासम िकर उत्तर की ओर मुडकर कॉेिज के पीछे कच्चे रास्ते ेि होते हुए बंधा गेट तक गेट ेि पूवव में मुडकर कामां बाई पा ि तक की मिस्त क्षिणिी आबाीि को शासम ि करते हुए विाव पाषव ि के मका ि को शासम ि करते हुए हाई स्कू ि ेि यिे ब िस्टेण्ड तक। | ||
| 12 | बाबू मीणा के मका ि ेि चकिर उत्तर दशिा की ओर चतिे हुए ंिजू धमव संिह मीणा ववक्कीराम वमिी मीणा मिस्त पूवी आबाीि को शासम ि कर परमा ैिीि के मका िेि होते हुए ूिरज ैिीि थिोीि के मका िेि पूवव की ओर चतिे हुए मिस्त क्षिणिी आबाीि को शासम िकर ुिािमा मीणा के मका ि ेि मुडकर क्षिणि दशिा की ओर चतिे हुए मिस्त पप्चचमी दशिा की आबाीि को शासम िकर कु वंर ैि िजाटव के मका िेि बाबू मीणा के मका ितक की मिस्त चयौपुरा आबाीि को शासम िकरते ह ुए। | 1115 |
| 13 | बबहारी संिह व रघुवर मिबािर फॉमव हाउ िपूवव दशिा की ओर चतिे हुए पतप िगुजवर के यिे मका िको शासम िकरते हुए क्षिणि की ओर चतिे ह ुए मिस्त पप्चचम दशिा की आबाीि को शासम ि करते हुए टममो व दिूि, ववश्राम गुजवर, बरिाम गुजवर के मका ि को शासम ि करते हुए क े शर गुजवर के मका ि ेि पप्चचम दशिा की ओर चतिे हुए मिस्त उत्तरी आबाीि को शासम ि कर वप्रया मैररज होम तक गिर रोड तक इीि क्रम में वावप ि उत्तर पूवव दशिा में चतिे हुए मिस्त पूवव क्षिणि दशिा की आबाीि को शासम ि कर खि ि संिह भोंट के मका ि मुडकर क्षिणि की ओर चतिे हुए मिस्त पप्चचमी आबाीि को शासम ि करते ह ुए जग्गो गुजवर के मका िको शासम िकर वावप िउत्तर दशिा की ओर चतिे हुए मिस्त पूवी दशिा की आबाीि को शासम ि कर बबहारी संिह राणा के मका ितक मिस्त ग्राम रामबाग की आबाीि। | 992 |
| 14 | भूेिव जाट के मका िेि पूवव दशिा की ओर हिारई रोड चतिे हुए क्षिणि की आबाीि को ेिते हुए बहतााि रोड पर प्मिमसति करते हुए ेिवी मप्दरि के नतराये ेि पप्चचम दशिा की आबाीि को शासम ि करते हुए रामजीाि िकी कोठरी ेि पप्चचम दशिा की ओर रामबाग के कच्चे रास्ते चतिे हुए उत्तर पूवव की आबाीि को शासम िकरते हुए अािज मण्डी के पीछे होते हुए रघुबर मिबरािर फॉमव हाउ ि ेि क्षिणि की ओर मुडकर जग्गो गुजवर के मका ि ेि पहेि उत्तर की ओर मुडकर मिस्त पूवी | 1171 |
| आबाीि को शासम ि कर गिर रोड पर पूवव की ओर चतिे हुए मिस्त क्षिणिी आबाीि को शासम ि करते हुए गै ि एजेदीि, कृ वष उपज मण्डी पुराीि चु ंगी के पीछे की आबाीि को शासम िकरते हुए फौजी स्टी ि ेि ं मास्टर के मका िेि उत्तर की ओर मुडकर क्षिणि की ओर मुडकर ररकु भूेिव जाट के मका ितक। | ||
| 15 | बबजीि घर के उत्तर- पूवी छोर ेि क्षिणि की ओर चकिर ंिजय शमाव क े मका िेि पप्चचम की ओर मुडकर सशब्बो की ुिका िको शासम िकर क्षिणि की ओर चकिर काजरा सिविग होम को शासम िकर पूवव की ओर मुडकर कृ ष्ण बेििव के घर ेि क्षिणि की ओर मुडकर ुिरेदद्र जोशी के मका िको शासम िकर पप्चचम की मिस्त आबाीि को शासम िकरते हुए ंचकर ािईफ ािई ि मॉ ि को शासम ि कर गिर रोड हिारई रोड पर पहु की तरफ पप्चचम की ओर चतिे हुए उत्तर आबाीि को शासम ि कर गिर रोड पर नतराये पर राजेदद्र जै िकी टा ि तक ेि उत्तर में घूमते ह ुए राजीव कोोिीि की आबाीि को शासम िकर इदरि मास्टर की तरफ आबाीि को ेिकर पीडब्ल्यूडी ेि घूमकर वाटर वक् िवहॉ ेि कच्चा बाग ि े बबजीि घर के पूवी उत्तरी छोर तक। | 1023 |
| 16 | मुरारी ैिीि टैण्ट हाउ ि ेि पूवव दशिा में भरतपुर रोड पर चतिे हुए बजररया चौराहे ेि क्षिणि की ओर मुडकर ीिधे बहताेि की तरफ चतिे ह ुए मिस्त पप्चचमी आबाीि को शासम ि करते हुए ुिखराम पटवारी ेि पप्चचम की ओर मुडकर मिस्त उत्तरी आबाीि को शासम ि कर योगेश शास्त्री के तॉिट ेि क्षिणि की ओर मुडकर एमजेएफ स्कू िको शासम ि कर हिारई रोड तक दहमांशु प्जम ेि पप्चचम की ओर मुडकर ािईफ ािई ि मॉ ि ेि पहेि गीि में उत्तर की ओर मुडकर ुिरेदद्र जोशी व क ृ ष्ण बेििव के मका िेि पूवव की ओर चकिर ब्ूिवडव स्कू िेि उत्तर ही ओर चकिर मिस्त पूवी आबाीि को शासम ि कर सशब्बो की ुिका ि ि े पूवव की ओर चकिर मिस्त क्षिणि की आबाीि को शासम ि कर ुिवप ि ेि उत्तर की ओर मुडकर पूवी आबाीि को शासम ि कर मुरारी ैिीि टैण्ट हाउ ितक। | 1238 |
| 17 | गििी ैिीि के मका िव ुिका िेि शुरू होकर पूवी दशिा में चतिे हुए पूर ि ैिीि, त्थिी ढोाि वाेि व मवाीि ैिीि की बाखर के मिस्त मकाोिं को शासम ि कर मिस्त पप्चचमी आबाीि को ेिते हुए ीिधे चकिर ीिड चद ि गुजवर के मका ि ेि क्षिणि की तरफ मुडकर ीिधे चतिे हुए मिस्त पप्चचमी आबाीि को शासम ि कर रमेश चाहर, रताि चाहर, के शवेिव वकी िव ािकि के मका ितक वहॉ ेि रोड ेि क्षिणि म ें ीिधे चकिर फामेीि को शासम िकर रामेििही के मका,ि चूराम िके मका िेि गढ पार कर चूराम िव ूिखा मास्टर व हरप्राि िके मका िेि | 1297 |
| जग ि टैंकर वाेि रिेश ड्राईवर के मका ि को शासम ि कौशल्या ेिवी कॉेिज ेि पप्चचम की ओर मुडकर बहतााि रोड ेि उत्तर की ओर बहतााि रोड पर चतिे हुए ेिवी मप्दरि के आ-िपा िकी व पूवी आबाीि को शासम ि कर मोह िसंिह के मका ि ेि पप्चचम की ओर हिारई रोड पर मुडकर दहमांशु प्जम ेि पहेि उत्तर की ओर मुडकर एमजेएफ स्कू ि वाीि गीि ेि पप्चचम की ओर मुडकर योगेश शास्त्री के तॉिट को शासम िकर पूवव दशिा की ओर चकिर ुिवप िके पीछे होते हुए ुिखराम पटवारी के मका ि ेि उत्तर की ओर बजरीया रोड पर चकिर मिस्त पूवी आबाीि को शासम िकर गििी ैिीि के मका ितक। | ||
| 18 | मासिंिह की ुिका िेि क्षिणि की ओर चकिर मिस्त पूवी आबाीि को शासम िकर डिक पार कर भूडा गेट बजररया में ीिधे चतिे हुए मिस्त पूवी आबाीि को शासम ि करते हुए मुके श समत्त ि की ुिका ि व वग ि वाीि गीि की ोिोि तरफ मिस्त आबाीि को शासम ि कर बजररया में ीिधे क्षिणि दशिा में चतिे हुए सशव यिा िमास्टर के मका िव गजेदद्र कपडे वाेि की ुिका िेि ािरायण मेमबर के मका िको शासम िकर मा ि संिह की ुिका िव मका िको शासम िकर वहा ेि पूवव की ओर मुडकर मिस्त उत्तरी आबाीि को ेिते हुए ीिधे चतिे हुए त्थिी ढोाि वाोिं के मका िेि चयाम ैिीि व ताराचद िैिीि व रामयिा िैिीि के मका िको ेिकर मिस्त उत्तरी आबाीि को शासम िकर वहॉ ेि मुडकर उत्तर की ओर चकिर बविीर ैिीि राधेचयाम बाबूाि िके मकाोिं को शासम िकर ीिधे चतिे हुए ािािराम के मका ि ेि चतरू पप्ण्डत के मका ि को शासम िकर ीिधे चतिे हुए मिस्त पूवी आबाीि को शासम िकरते हुए हरीराम ैिीि भगवा िसंिह जाट के मका िेि उममे िपटवारी के मका ि ेि जाेि वाीि गीि की ोिोिं ािईड की आबाीि को शासम ि कर चयामाि िचाहर के मका िको शासम िकर पूवी दशिा में मुडकर मिस्त उत्तरी आबाीि को शासम ि कर राधारम ि जाट के मका ि शासम ि कर मास्टर के तॉिट को ेिते हुए मिस्त पप्चचमी आबाीि को शासम ि कर बांके बबहारी मदहाि महाववद्यायि को ेिकर देििश शमाव, मांगीाि िुिवे, ुिरेश चेयरमे िके मका िको ेिते हुए बजरंग स्कू िके आगे चतिे हुए मदहाि छात्रावा ि को शासम ि कर भरतपुर रोड पार कर ुिरेश चैयरमे ि क े मका ि को शासम ि कर पूवव दशिा की ओर चतिे हुए मुरीि मोिहर मप्दरि ेि पहेि पप्चचम की ओर मुडकर खाई के हिारे हिारे मिस्त क्षिणिी आबाीि को शासम ि कर ेिढ मिभर के पीछे होते हुए मासिंिह की ुिका ितक। | 1062 |
| 19 | ढक्ख ि ेिवी के तॉिट ेि पूवव दशिा की ओर चकिर रताि मास्टर व चोखे ाि िके घर को शासम िकरते हुए मिस्त क्षिणि आबाीि को ेिते ह ं गी ेि मुडकर प्रस्ताववत यिा ब ि अड्डा व ुए भरतपुर रोड पुराीि चु | 1090 |
| भरतपुर रोड पर ीिधे चकिर मिस्त पूवी व पप्चचमी आबाीि को शासम िकर 32 के वी के पा िकी कॉोिीि महावनयिां कार वॉसगि ेिदटर क े आ-िपा ि की आबाीि को शासम ि कर हरप्राि ि के मका ि ेि पहेि ं उत्तर की ओर चकिर मु शी माीि के मका िव पूवी आबाीि को शासम ि करते हुए बाािजी के मका ि ेि पूवव की ओर मुडकर मोदहत रेवाडी के मका िेि उत्तर की ओर चकिर रेवारी वाीि गीि में ेि उत्तर की ओर चतिे हुए रैवारी भीम संिह व फत्ते रैवाडी व मिस्त पूवी आबाीि को शासम िकरते हुए क्खि िेिवी के तॉिट तक। | ||
| 20 | ंगी ेि पप्चचम की तरफ मुके श के मका िेि भरतपुर रोड पुराीि चौकी चु चतिे हुए उत्तर की आबाीि को शासम ि करते हुए शेरसंिह बीडीओ के मका िको शासम िकर पूवव की ओर चकिर मिस्त क्षिणिी आबाीि को शासम ि करते हुए ेिवौिनयिा चौक ेि उत्तर दशिा में चकिर पूवव की आबाीि को शासम िकरते हुए रामवीर के मका िेि पूवव की ओर गीि में चकिर मुके श के मका ितक। | 1084 |
| 21 | गोववद ि हरीज ि के घर के पीछे ेि पूवव दशिा की ओर चकिर इदरि ंच कर क्षिणि की ओर मुडकर पप्चचमी हरीज िके मका िेि गढ पर पहु ं ंचकर उत्तर आबाीि को शासम ि करते हुए भरतपुर रोड पुराीि चु गी पहु दशिा में चतिे हुए पूवव की आबाीि को शासम ि करते हुए मुके श के मका िेि गीि में मुडकर रामवीर के मका िेि क्षिणि की ओर चकिर मुरीि मोिहर मप्दरि को शासम िकर ककेि की खाई के ककािरे ककािरे, पूवी आबाीि को शासम िकरते हुए उमराव के मका िेि मुडकर पूवव की ओर चतिे हुए मिदरि के मका िको शासम िकरते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए ाि िकोठी होते हुए मुगि िके व मिदरि के खेत में होते हुए उत्तर की ओर चतिे हुए मिस्त पूवी आबाीि को शासम िकर ोिधे की गीि में होते हुए वि ि राजपूत के मका ि ेि मुडकर मिस्त क्षिणिी आबाीि को शासम िकर गोववद िहरीज िके घर के पीछे तक। | 1063 |
| 22 | गोवधव ि गेट गढ पर पूवव दशिा में चतिे हुए भगवा ि संिह के घर को शासम ि कर क्षिणि दशिा की आबाीि को शासम ि करते हुए अमबेडकर ंचकर उत्तर दशिा में मुडकर चयाम भव िव हरीज िबस्ती मप्दरि पर पहु हरीज िव गोववद िहरीज िके मका िको शासम िकर पप्चचम दशिा की ओर चकिर बृजी के मका ि ेि उत्तर की ओर चकिर मिस्त पूवी आबाीि को शासम ि कर यिा के मका ि ेि पूवव की ओर मुडकर पतपू जमाािर के घर ेि उत्तर की ओर मुडकर कच्ची डिक पर चतिे हुए मिस्त हरीज ि बस्ती को शासम ि करते हुए ोिर ि हरीज ि राजवीर व महेदद्र जाट के मका िको शासम िकर भैरों जी की बगीची को शासम ि कर गोवधव िगेट टंकी शासम िकर गोवधव िगेट गढ तक। | 1356 |
| 23 | रद्दो बीएएिएि िवाेि के घर ेि कच्ची डिक पर क्षिणि दशिा में चतिे | 1135 |
| ह ुए पप्चचम दशिा की मिस्त आबाीि को ेिते हुए ोिधे राजपूत मिाज की पोखर वाीि चामर ेि पप्चचम की ओर मुडकर मिस्त उत्तरी आबाीि को शासम ि करते हुए कदहैया ोिधे की ुिका ि को शासम ि करते हुए क्षिणि की तरफ मुडकर मिस्त पप्चचमी आबाीि को शासम िकरते हुए वि िके घर के बराबर ेि गीि में होते हुए मिदरि व मुगि िके खेत म ें होते हुए मिस्त पप्चचमी आबाीि को शासम ि कर ाि ि कोठी वाीि डिक पर क्षिणि की ओर चकिर नरिंज िफौजी के मका िको शासम ि कर मिस्त पप्चचमी आबाीि को शासम िकर जीतो के मका िेि पप्चचम की ओर चतिे हुए मिस्त उत्तरी आबाीि को शासम ि कर पीतम के मका िेि मुडकर खाई के ककािरे ककािरे ककेि को शासम िकर धोबीयो क े पीछे होते हुए ठे के ािर मप्दरि ेि पूवव की ओर चकिर भोाि जाटव व मांगेाि ि टि के कमरा ेि उत्तर की तरफ चतिे हुए मिस्त पूवव की आबाीि को शासम िकरते हुए ौिाि चक्की के ािमेि का दहस्ाि शासम ि करते हुए रमेश के ोिहरे तक ोिहरे ेि पूवव दशिा में मुडकर ज्ञाूि के ौिहरे तक क्षिणि दशिा की आबाीि को शासम िकर वहॉ ेि मुडकर रद्दो बीएएिएि िवाेि के घर ेि कच्ची डिक तक। | ||
| 24 | पीतम कोीि के मका िेि पूवव में चकिर फत्ते मास्टर घर तक क्षिणि की आबाीि को शासम िकर उत्तर में मुडकर ाि िमी िको शासम िकर जगीिश मास्टर के मका ि ेि पूवव में चकिर क्षिणि की आबाीि को शासम ि कर ठाकु र के चौक नछद्दा ठाकु र के घर ेि क्षिणि में मुडकर पप्चचम की मिस्त आबाीि को शासम िकर ौिाि चक्की को शासम िकर राजू ोिधा के घर ेि मुडकर पप्चचम होकर बाबूाि िके घर को शासम ि कर हरी वकी ि ेि मुडकर पप्चचम दशिा ेि राजोररया वााि चौक ेि मुडकर उत्तर की ओर चकिर ुिरेश मेठी के मका िेि पप्चचम की ओर चकिर गोवधव ि मोड ेि पूवव दशिा की ओर चकिर मिस्त क्षिणिी आबाीि को शासम ि कर जोिररया की ुिका ि ेि ईिय ि वाीि गीि में मुडकर ईिय िको शासम िकर पीतम कोीि तक। | 1208 |
| 25 | ंचकर ुिरेश मेठी के मका िेि क्षिणि की ओर मुडकर राजोररया चौक पहु मिस्त पप्चचम आबाीि को शासम ि कर चौक ेि पूवव की ओर मुडकर मिस्त क्षिणिी आबाीि को शासम ि कर हरर वकी ि के मका ि को शासम ि कर वहॉ ेि मुडकर भगवत जाटव के मका ि ेि क्षिणि में चकिर रामजीाि िको ेिते हुए पूवव में मुडकर भगवा िसंिह के घर को ि ेते हुए क्षिणि में चकिर पप्चचम की आबाीि को ेिते हुए दहममत जाटव के मका ि को शासम ि कर पप्चचम दशिा में चकिर ठे के ािर के मप्दरि के ािमेि ेि ककेि की खाई के ककािरे-ककािरे धोबी मोड तक धोबी मोड ेि उत्तर दशिा में चकिर पूवव की मिस्त आबाीि व जै ि मप्दरि को शासम िकर बजररया मोड ेि ुिरेश मेठी के मका ितक। | 1245 |
| 26 | मुके श ािई की ुिका िेि प्रारमभ कर क्षिणि दशिा की ओर चकिर पुराेि ब िस्टैण्ड तक पूवव दशिा की मिस्त आबाीि को शासम िकर कारे संिह वकी,ि उत्तम बनयिा ेि पूवव दशिा की ओर चतिे हुए धोबी मोड तक उत्तरी दशिा की मिस्त आबाीि को शासम िकरते हुए धोबी मोड ेि जै ि मंदरि के ािमेि वाीि गीि पीतम ाि िमंदरि वाीि गीि में मुडकर बंटी फौजािर, के मका िको शासम िकर रिेश के मका िेि क्षिणि दशिा की ओर चतिे हुए रूपी के मका ि को शासम ि करते हुए पूवव दशिा की मिस्त आबाीि को शासम ि करते हुए रूपी के मका ि ेि यिाचं ि अध्यापक के मका ि को शासम ि कर ईि डिक तक क्षिणि दशिा की मिस्त आबाीि को शासम िकर मुके श ािई की ुिका ितक। | 1056 |
| 27 | राके श अरोडा की मका िेि शुरू कर पोस्ट ऑकफ िके ािमेि वाीि गीि म ें पूवव दशिा की ओर चतिे हुए भूरी संिह मास्टर तक की मिस्त उत्तरी आबाीि को शासम ि कर उत्तर की दशिा को चतिे हुए राजेदद्र ुिबे गुािब डॉक्टर तक की मिस्त पप्चचम आबाीि को शासम ि कर बबजेदद्र फौजािर के मका िेि सिति नतवारी के मका िेि पूवव दशिा की ओर चतिे हुए उत्तरी आबाीि को शासम िकर बजररया मटरा की ुिका ि ेि पप्चचम दशिा की ओर हुिमा ि मंदरि ेि पप्चचम दशिा की ओर चकिर क्षिणि दशिा की मिस्त आबाीि को शासम िकर अन ििथाेिािर ि े उत्तरी दशिा की ओर चतिे हुए अशोक कािर के मका िेि रामजीत पटवारी के मका ि को शासम ि कर पप्चचम दशिा की ओर चकिर ईि डिक ेि क्षिणि दशिा की ओर चतिे हुए पूवी दशिा की मिस्त आबाीि को शासम िकरते हुए राके श अरोडा के मका ितक। | 1379 |
| 28 | छोटे खॉ की ुिका ि ेि ईि डिक पर क्षिणि दशिा की ओर चतिे हुए मिस्त पप्चचम आबाीि को ेिते हुए पोस्ट ऑकफ,ि पीएबिी बैंक, आयुवेदकि हॉस्पीट ि व मैडीक ि ुिका ि ेि पप्चचम मुडकर रिकारी ंचकर व वहॉ ेि उत्तर में हॉस्पीट ि व गीता मप्दरि, गणेश मप्दरि पहु मुडकर मिस्त पूवी आबाीि को ेिते हुए मेाि ग्राउण्ड झण्डा पर ेि मुडकर पूवव की ओर मुडकर गेट वाेि की ुिका िको शासम िकर उत्तर दशिा में मुडकर मिस्त पूवी आबाीि को शासम िकर प्रताप टा िेि आगे गीि में चकिर मिस्त पूवी आबाीि को ेिते हुए पंजाबी मौहल्ाि ीिताराम मप्दरि को शासम िकर छोटे खॉ की ुिका ितक। | 1295 |
| 29 | रज्जी की टा िेि उत्तर दशिा में चतिे हुए के ािर ौिीि को शासम िकर पूवव की आबाीि को ेिते हुए पूवव में मुडकर गैंाि जै ि के मका ि को शासम िकरते हुए वहॉ ेि पूवव में मुडकर मिस्त क्षिणि आबाीि व के .के . क े मका िको ेिकर छोटी गीि में घुकिर पुराेि पोस्ट ऑकफ िको ेिकर वहॉ ेि डिक पार कर तयारे कहिार व टोपााि ि मप्दरि को ेिते हुए गोपी बजाज को ेिते हुए मेजर रााि को शासम िकर अगरत्तिा बगीची | 1380 |
| को शासम ि कर ािमेि गीि में जाकर गुडड ि व राम के मका ि ेि मुडकर क्षिणि दशिा की ओर चकिर मिस्त पप्चचमी आबीि को शासम ि कर अशोक कािर रामजीत पटवारी के मका िेि वावप िईि डिक पर चकिर याविों को शासम िकरते हुए मिस्त पप्चचम आबाीि को ेिते हुए यावि के खाीि तॉिट ेि पप्चचम में मुडकर बजिीत के घर को शासम ि कर मिस्त उत्तर की आबाीि ेिते हुए मुरारी यावि को शासम ि करते ह ुए मेेि ग्राउण्ड की तरफ चतिे हुए मिस्त पप्चचम आबाीि को शासम ि करते हुए कबाडे वाेि की ुिका िेि रज्जी की टा िेि। | ||
| 30 | क्ष्मिण मप्दरि ेि पूवव की ओर चकिर मिस्त क्षिणि आबाीि को शासम ि कर आकाश टावर ेि पहेि खण्डेविा ि ज्वैरि को शासम ि कर पूवव की ओर मुडकर द्वारकाधीश मप्दरि को शासम िकर क्षिणि की ओर मुडकर द्वारकाधीश के ािमेि वाीि गीि में पूवव की ओर मुडकर ािाि वाीि गीि में मुडकर सशब्बो जै िके मका िको शासम िकर डिक पार कर बनयिा पा िवाेि ेि घण्टाघर ेि उत्तर की ओर मुडकर सशव मप्दरि ि े पूवव की ओर मुडकर हरीश ोिीि के मका ि को शासम ि करते हुए तुािराम जाटव के मका िेि क्षिणि की ओर मुडकर गौरी पा िवाेि ेि क्षिणि की ओर चकिर गोपा ि हविाई को शासम ि कर ईि डिक पर चकिर टोपााि ि के घर को शासम ि कर वहां ेि मुडकर रिकारी स्कू ि को ेिते हुए पुराीि पोस्ट ऑकफ ि तक वहॉ ेि छोटी गीि में मुडकर पप्चचम दशिा में चकिर ठठे रे चौक में चकिर मिस्त उत्तर आबाीि को शासम ि कर वहॉ ेि क्षिणि मुडकर भट्टा वाेि व त्थिी हविाई को शासम ि कर मुराीि ौिीि व बुद्धी मूझवा ि वाेि को शासम ि कर कपूर टा िवाेि गोािम की ािईड को ेिते हुए वहां ेि मुडकर आशिव स्कू िको शासम िकर मिस्त उत्तर आबाीि को शासम िकर पुराीि अािज मण्डी म ें उत्तर की तरफ चकिर व्यापार सिमनत को शासम ि कर क्ष्मिण मप्दरि तक। | 1297 |
| 31 | सशखर जै िकी ुिका िेि उत्तर ही ओर चकिर तहीिाििर वाीि गीि ि े पहेि खाीि तॉिट मे होते हुए पूवव दशिा में ीिधे पतीि गसयिों में होते हुए जाटव चौक ेि पूवव की ओर मुडकर छोटी गीि में होते हुए ईचवर चक्की वाेि ेि पूवव की तरफ रमेश ड्राईवर ेि क्षिणि की ओर गोपा िेि पप्चचम की तरफ ोिूि ेि पप्चचम दशिा में मुरारी पप्ण्डत के घर ेि होते हुए क्षिणि दशिा में बंशी वाेि खाती की ुिका ि ेि उत्तर दशिा की तरफ सशखर जै िकी ुिका ितक। | 1270 |
| 32 | रामजीाि ि शमाव के मका ि ेि ुिक्क ि ाि ि पटे ि इकेिरा ेि कदहैया कोीि ेि उत्तर दशिा की ओर क्ष्मिण की ुिका िहोतु हुए गोवधव िरोड ववोि ि जै ि की ुिका ि ेि पूवव ईिय ि ेि उत्तर की तरफ गोवधव ि मै ि रोड ेि होते हुए च्छिो मेठी के घर ेि पतपी खाती के मका िेि उत्तर | 1380 |
| की ओर के भव िेि पूवव की तरफ डॉ. चयाम पाराशर ेि उत्तर की तरफ राजेदद्र प्राि िजै िेि पप्चचम की तरफ होते हुए राजेदद्र प्राि िरिावफ ेि क्षिणि की ओर ंिकिकशोर ेि होते हुए वीरेदद्र जै िहोते हुए राजीव शमाव ि े पूवव की तरफ हरीशंकर गुतता ेि उत्तर की ओर चतिे हुए गोपी ुिािर के मका िको ेिते हुए जै िप्रे िवाेि के मका िको शासम िकरते ह ुए ीियििा िुिािर के मका िेि होते हुए रामजीाि िशमाव के मका ि तक। | ||
| 33 | फायर स्टेश िके ािमेि क्षिणि दशिा में हररज िबस्ती की तरफ राके श जोगी के घर ेि पप्चचम ीिाि जाट ेि पप्चचम ठाकु रों की चौपा िहोते ह ुए राजू यावि ेि क्षिणि की तरफ चदद्रभा िशमाव ेि पप्चचम की तरफ भगवा िसंिह कोीि ेि जगीिश कोीि ेि उत्तर की ओर देििश खाती के मका िेि पूवव की ओर गोवधव िरोड पार करके मुडा पंप्ण्डत ेि होते हुए चदद्रभा ि शमाव के घर ेि उत्तर की ओर चकिर ओमप्रकाश के घर ेि डॉ. चयाम पाराशर के घर ेि उत्तर की ओर चकिर म ििठाकु र के घर ि े पूवव दशिा में चकिर प्रताप ठाकु र ेि गोवधव ि रोड फायर स्टेश ि के ािमेि तक। | 1107 |
| 34 | मदोि पकौडी वाेि के मका िेि पूवव की ओर चकिर मप्दरि/बगीची ेि होते हुए बघे िचौपा िेि पूवव-क्षिणि का ेित्र शासम िकरते हुए चगरावज ैिीि के मका िेि पूवव की ओर मुडकर फायर स्टेश िेि बदित धीमर क े पप्चचम का ेित्र शासम िकरते हुए प्रताप फॉमव हाऊ िेि चामड ेिवी मप्दरि ेि देििश पचौरी के घर ेि क्षिणि की ओर मुड कर दिकिकशोर क े घर ेि पप्चचम मुडकर हररप्राि ि वकी ि के घर ेि उत्तर की ओर मुडकर मदोि पकौडी वाेि के मका ितक। | 1248 |
| 35 | महावीर शमाव बहज वाेि के घर ेि पप्चचम की ओर चकिर ट्रांफिामवर ि े उत्तर की ओर मुडकर पूवव की आबाीि को शासम ि करते हुए भैरो मप्दरि ेि पूवव की ओर चकिर इकेिहरा रोड ेि उत्तर की ओर चतिे ह ुए पतपू ैिीि के मका िेि पूवव की ओर मुडकर पीतम मुीिम के मका ि ेि क्षिणि-पूवव दशिा की ओर ािेि के हिारे चतिे हुए बघे िचौपा ितक पप्चचम की ओर मुडकर कम ि प्रजापत के मका ि ेि भगवा ि बाबा के मका िेि उत्तर की ओर मुडकर महावीर शमाव बहज वाेि के घर तक। | 1373 |
| 36 | दसिपि गुजवर ेि उत्तर की तरफ चकिर घचियाम गुजवर ेि मुडकर भगवत चचमम िबघे िेि उत्तर की ओर मुडकर मिस्त पूवी आबाीि को शासम िकरते हुए रिबा संिह बघे िको शासम िकरते हुए ल्ूिि माीि के खेत महऊिआ व कॉोिीि की मिस्त आबाीि को शासम ि करते हुए र ेविे ािई ि तक रेविे ािई ि के हिारे पूवव की ओर चकिर क्षिणिी आबाीि को ेिते हुए हररओम माीि के घर ेि गढ के हिारे होते हुए | 1077 |
| पप्चचम की ओर मुडकर मुके श ैिीि हुकम ेि उत्तर-पप्चचम की मिस्त आबाीि को ेिते हुए क्षिणि की ओर मुडकर ओमप्रकाश के घर को शासम िकरते हुए ुिरेश बैण्ड वाेि के मका िेि क्षिणि की ओर मुडकर भूरीसंिह माीि ेि पप्चचम की ओर मुडकर के शव ेिव ैिीि ेि उत्तर की ओर मुडकर मासिंिह के घर के ािमेि ेि पप्चचम की ओर मुडकर दसिपि गुजवर तक। | ||
| 37 | रजंाि शमाव के मका िेि उत्तर की ओर चकिर ीिधे जीत गुजवर ेि पूवव की ओर मुडकर भगवा ि संिह गुजवर ेि क्षिणि की ओर चकिर मुदीि ं मु शी के मका ि ेि पप्चचम की ओर मुडकर पमि जाटव ेि क्षिणि की ओर ोिहािि िको शासम िकरते हुए ववजय संिह के मका िेि पप्चचम की ओर मुडकर कफर क्षिणि की ओर चकिर पप्चचमी आबाीि को शासम ि करते हुए रज्जो ेि पप्चचम की ओर मुडकर बुिआ जाटव को शासम ि करते हुए उत्तर की ओर मुडकर राजवीर गुजवर के घर ेि पप्चचम की ओर मुडकर रंजाि शमाव के मका ितक। | 1345 |
| 38 | राजराजेचवर मप्दरि बेििराम बघे ि के क्षिणि पूणव की ओर चकिर भीमसंिह बघे ि को शासम ि करते हुए रिब संिह बघे ि के ोिहरा को शासम ि करते हुए ज्ञा ि संिह बघे ि ेि क्षिणि की ओर चकिर ुिजा ि गुजवर ेि पप्चचम की ओर मुडकर श्रीभा िफौजी के मका िेि क्षिणि की ओर मुडकर उयि के मका िेि पप्चचम की ओर मुडकर मिस्त उत्तरी व आबाीि, सिति के मका,ि अजु ि गुजवर के मका,ि प्रकाश प्रजापत के ं वरपा ि की ुिका ि ेि उत्तर की ओर मका ि को शासम ि करते हुए कु मुडकर रा.प्रा.ववधायि यिा बाजार ेि पप्चचम की ओर मुडकर उत्तर की मिस्त आबाीि व रिेश जै ि के मका ि को शासम ि करते हुए तिीश पंािरी के घर ेि उत्तर की ओर मुडकर यिादि िके मका िेि पप्चचम की ओर मुडकर बृज मोह ि गुतता के मका ि ेि उत्तर की ओर मुडकर ीिधे चकिर रेविे पटरी की ओर हिारे हिारे चकिर मिस्त भीम कॉोिीि की मिस्त आबाीि को शासम ि करते हुए राजराजेचवर मप्दरि तक। | 1257 |
| 39 | आयव मिाज मप्दरि ेि उत्तर की ओर चकिर पुष्पाजंीि स्कू ि को शासम िकरते हुए बॉबी पंजाबी के मका िेि पूवव की ओर मुडकर रम ि ाि िशमाव ेि क्षिणि की ओर मुडकर ीिपक व राजेश के घर ेि पूवव की ओर मुडकर जुगुि, यारिाम के मका ि को शासम ि करते हुए पमि फौजािर के ोिहरा ेि क्षिणि की ओर मुडकर पप्चचमी आबाीि, छत्रपा ि क े मका िको शासम िकरते हुए खाती वाीि गीि होते हुए चर िसंिह की ुिका िेि पप्चचम की ओर मुडकर चयाम चिेिवा की ुिका िेि उत्तर की ओर मुडकर सशव मप्दरि/ुिरेश वकी ि के मका ि ेि पप्चचम की ओर मुडकर आयव मिाज मप्दरि तक। | 1278 |
| 40 | रिीि की ुिका िररद्धी सद्धिी मोबाई िेि उत्तर ेि चकिर मंजू ोिीि के मका िेि पप्चचम की ओर मुडकर ररंकू नछपी के घर को शासम िकरते ह ुए रमेश अरोडा, के मका िको शासम िकरते हुए ािदह िािहू के घर ेि उत्तर की ओर मुडकर फू िसंिह के मका िको शासम िकरते हुए रज्जो जाटव/रघुवीर के मका िेि पप्चचम की ओर मुडकर दिकिकशोर जाटव के मका ि ेि उत्तर की ओर मुडकर ेिवी ाि ि के मका ि ेि पूवव की ओर मुडकर चगरावज के मका ि ेि उत्तर की ओर मुडकर देििश जाटव के मका िेि क्षिणि की ओर मुडकर भगवा िसंिह टेरि के मका िेि उत्तर की ओर मुडकर पथवारी, अमर के मका िव अमबेडकर पाकव को शासम ि करते हुए क्षिणि की ओर मुडकर हररचद ि पहविा ि के मका ि ेि पूवव कफर क्षिणि की ओर मुडकर शेरं संिह शाहू के मका ि ेि पूवव की ओर मुडकर कर िसंिह गुजवर के मका िेि क्षिणि की ओर मुडकर गुरूद्वारा, मोिज ोिीि के मका िको शासम िकरते हुए ीिधे चतिे हुए ुिमेर जै ि क े मका िेि पप्चचम की ओर मुडकर रिीि की ुिका ितक। | 1367 |