| राजस्थानराजपत्र वशिेष ांक | RAJASTHAN GAZETTE Extraordinary | |
| स धकि र प्रक शशत | Published by Authority | |
| भाद्र 23, रवाििर, शाके 1947- सतिम् बर 14, 2025 Bhadra 23, Sunday, Saka 1947- September 14, 2025 |
भाग 6 (क)
नगरपासकिाओं ंिबंधी वज्ञिप्ततयां आद।ि
स् ियत श सन वभि ग, र ज. जयपुर
अधसिूचना
जयपुर,सतिम्बर1 ,2125
ंिख्या प.10(न.प .)(गठन)( चुन )िडीएलबी/25/13761 :-राजस्थान नगरपालकिा अधनिनयम, 2009 की ािरा 3 एवं 10 तथा राजस्थान नगर पालकिा (ननवााचन) ननयम, 1994 के ननयम 3 के अन्तगात प्रदत्त शक्ततयों का प्रयोग करते हुए क्जाि कतिटर टोंक द्वारा स्थानीय ननकाय नगर पालकिा टोडारायलसंह हेतु वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर प्राप्त आपक्त्तयों के संब िमें प्रस्ताव, अपने अलमित सहहत प्रेषति ककये गये हैं। वाडा गठन के प्रारुप आदेश पर आपक्त्तयों पर षवचार करने के पश्चात राज्य सरकार उनके अलमित से सहमत है तथा उनके द्वारा प्रस्ताषवत वाडा गठन के प्रारुप आदेश को अनुमोहदत करती है।
यह सक्षम स्तर से अनुमोहदत हैं ।
र ज्यप ल की आज्ञ से,
जुईकर प्रतीक चन्रशेखर,
ननदेशक एािं वशिशष्ट श सन सधच।ि
| ािर्ड ंि. | ािर्ो के ीिमांकन का वरििण | जनंिख्या |
| 1 | म्पिूणड राजस्ि ग्राम रतािई की ीिमा। | 560 |
| 2 | र्टोा-मापिुरा र्रो पर 132 के ीि स्टेशन ेि शुरू होकर, पप्चमि दशिा मे घूमकर, एएिनटी र्रो तक ीिधे कििर, बायीं तरफ घूमकर एएिनटी र्रो के हिारे हिारे कििर, नगरपासकिा करिा र्डपो एंि बीपििुर-ूिूि फफल्टर तािंट को ेिते हुए आगे ंकिर मुके श कििर, पूडि दशिा में र्मुकर धार्क कॉोिनी में र्टोा-जयपुर र्रो पर पहु जैन के मकान ि ुिकानों को ेिते हुए, बायीं तरफ घूमकर र्रो के हिारे हिारे तििे ह ुए, धार्क कॉोिनी के मकानों को ेिते हुए, कृ वि मर्ण्ी, एआिर पेट्रोि पंप, बबल्ि स्कू ि, क्रय वक्रिय गोािम को ेिते हुए, र्टोा-मापिुरा र्रो पर के ीि स्टेशन तक। | 730 |
| 3 | र्टोा-के र्की र्रो पर, एएिनटीर्रो पर उत्तर दशिा में र्कि के हिारे हिारे तििे ह ुए, र्कि के बायी तरफ कु म्हारों के मकानों तथा काना माीि के मकान को ेिते हुए, ाियीं तरफ म्पिूणड राजस्ि ग्राम नयाबाि एंि म्पिूणड राजस्ि ग्राम गांगोािि की | 856 |
| ीिमा एंि आबाीि को ेिते हुए राजकीय प्राथसमक वद्यिायि नया बाि गांगोािि तथा शंकर मीणा के मकान को ेिते हुए, र्टोा-र्खेू ल्या र्रो पर र्टोा की ओर कििर, ंकिर, बायीं तरफ घूमकर र्टोा की ओर ीिधे ऊतर की ओर र्टोा-के र्की र्रो पर पहु तििे हुए बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, मोहन फफसंिग पेट्रोि पंप, मोीि फॉमड को ेिते हुए आगे तििे हुए सशि पुष्प ािदटका को ेिते हुए, रामेिि ुिहार के मकानों को ेिते हुए बायीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे छोटू पंािर के मकान को ेिते हुए, स्टेशन के ािमने के भिी मकानों को ेिते हुए, र्खेू ल्या र्रो पर मुके श माीि के मकान को ेिते हुए, गीि में पीछे की तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, पप्चमि दशिा में घूमकर एएिनटी र्रो तक। | ||
| 4 | पनि जैन छार्बा के मकान ेि शुरू होकर, पप्चमि दशिा में मोीि फामड, रिस्तिी स्कू ि को ेिते हुए आगे चमशान र्रो पर, बायीं तरफ के क्षेत्र को प्म्मिसति करते हुए एएिनटी र्रो पर पहु ंि कर, बायीं तरफ घूमकर, आगे बढते हुए, बाूि माीि के टेन्ट गोािम को ेिते हुए, बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, बद्री माीि होििरा के मकान को ेिते हुए, नाथू होििरा के मकान ेि आगे बढते हुए, नोरत जी टाक के मकान को ेिते हुए, खेमराज एआिईीि ऐेजेन्ट के मकान ेि आगे बढते हुए, तेजाजी क े ैिक में रामािि माीि के मकान को ेिते हुए, बायीं तरफ घूमकर आगे बढते हुए, बायीं तरफ के भिी मकानो, को ेिते हुए, गधा खाि, सशजिी की गीि, नागरों की गीि को ेिते हुए, आगे ुिरेश मेर्डकि के मकान को ेिते हुए, पुराने बि स्टेर्ण् में ुिभि शौाियि, अंर्बेकर भनि को ेिते हुए, आगे रामेिि ािहू के मकान को ेिते ह ुए, ुिरेश जैन के तािट ेि पनि जैन के मकान तक। | 730 |
| 5 | र्टोा-जयपुर र्रो पर जयपुर ुि ंगी नाका ततराहे पर, त्यिानारायण झर्ण्ा की ुिकान ि े शुरू कर, अंरि धार्क काोिनी में पप्चमि दशिा में आगे बढते हुए, बायीं तरफ के ंि कर, बायीं तरफ घूमकर र्रो के भिी मकानों को ेिते हुए, एएिनटी र्रो पर पहु बायीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, मासयिों के चमशान को ेिते हुए, श्री कन्हैया ािि ौिधरी कै बबनेट मंत्री के फामड को ेिते हुए, आगे पुराने भूसम वकिाि बैंक के भनि को ेिते हुए, र्टोा-जयपुर र्रो पर बायीं तरफ घूमकर, हुकमंिि शमाड की ुिकान को ेिते हुए, आगे खटीकान कु ई को प्म्मिसति करते हुए, आगे की तरफ िि- खुश भनि को ेिते हुए, श्री कन्हैया ािि ौिधरी, कै बबनेट मंत्री के मकान को ंगी नाका ततराहे पर, बायीं तरफ, त्यिनारायणा झर्ण्ा की ुिकान ेिते हुए, जयपुर ुि तक। | 728 |
| 6 | डर्म्पि के मकान ेि शुरू होकर, पुराने बि स्टेर्ण् परररि में बाािजी के मंदरि, धार्क की ुिकान को ेिते हुए, कबस्तिान के पीछे गीि में होते हुए, मंगू रिािर के मकान को ेिते हुए, आगे श्री नारायणजी माीि अध्यापक के मकान को ेिते हुए, आगे तेजाजी के ोिक में स्कू ि को ेिते हुए, पूडि दशिा के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे रामगोपाि जी के मकान को ेिते हुए, बायीं तरफ घूमकर, बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, इप्र्ण्यन बैंक, कनोई धमडशााि को प्म्मिसति करते हुए, बायीं तरफ घूमकर आगे शाहपुरा बाािजी को ेिते हुए, ेिप्रिकाश जी कु मी के मकान को | 731 |
| ेिते हुए, आगे कबस्तिान को प्म्मिसति करते हुए, ािंबा ािोि के मकान को ेिते ह ुए, कानडर पर डर्म्पि के मकान तक। | ||
| 7 | र्टोा-के र्की र्रो पर, ीिन यिाि ािदटका के पाि र्खेू ल्या र्रो पर, रामनारायण माीि फागी ािेि के मकान ेि शुरू कर, उत्तर दशिा की ओर बढते हुए गीि में काूि ि ओमप्रकाश संिगोदयिा के मकान ेि ाियीं तरफ घूमकर, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, महात्मा ज्योततबा फू ेि स्कू ि को ेिते हुए, आगे बढते हुए ाियीं तरफ रामअतिार पूडि पाडिि के मकान को ेिते हुए, मासयिों की धमडशााि, मोीि धमडशााि को ेिते हुए र्टोा-के र्की र्रो पर पप्चमि दशिा मे आगे बढते हुए, स्कू ि के ािमने ािेि मकानों को ेिते हुए, नगरपासकिा कायाडयि, र्एीिएम कायाडयि, तहीिि कायाडयि, र्मोफकया काोिनी के भिी मकानों को ेिते हुए, र्टोा-के र्की र्रो पर रतनजी पीटीआई के मकान को ेिते हुए, वजिय मेमोररयि स्कू ि को ेिते हुए, ीिन यिाि ािदटका के पाि, रामनारायण माीि फागी ािेि को मकान तक। | 730 |
| 8 | र्टोा-के र्की र्रो पर, खाि का ढााि प्रेिश द्ािर ेि शुरू कर, पप्चमि दशिा में र्टोारायसंिह की राजस्ि ीिमा तक एंि खाि का ढाबा के भिी मकानो को ेिते हुए, र्गू ीि र्नाी, ािमुाितयक भनि को ेिते हुए, र्खेू ल्या र्रो पर तछछोािि ताािब के पाि र्कि के बायी तरफ रामंिद्र पुत्र छोगा माीि के मकान को ेिते हुए, ाियीं तरफ ंकि, ाियी तरफ घूमकर, घूमकर र्टोा-र्खेू ल्या र्रो पर, ीिधे र्टोा-के र्की र्रो पर पहु खाि का ढााि प्रेिश द्ािर तक। | 847 |
| 9 | र्टोा-के र्की र्रो पर, पप्चमि दशिा में र्टोारायसंिह राजस्ि ीिमा को ेिते हुए, महात्मा गांधी स्कू ि को ेिते हुए, आगे बढते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, खाि का ढााि 132 के ीि जीएएिि को ेिते हुए, आगे र्कि पर ंित कु मार जैन एंि मोीि के पेट्रोि पंप को ेिते हुए, दगिम्बर जैन न्मितत स्कू ि ेि आगे तििे ह ुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, ततराहे पर वष्णिु र्गौ के मकान ि र्गाडन को ेिते हुए, मर्ण्ोरा भैरूजी को ेिते हुए, आगे भाूि बना के मकान को ेिते ह ुए, पंाियत सिमतत कायाडयि, नृसंिह मंदरि, र्ाक बंग्ेि को ेिते हुए, ाियीं तरफ घूमकर, र्हाी रानी कु ं र् के रास्ते पर आगे बढते हुए, ाियीं तरफ, नई हररजन बस्ती क ं र् के पीछे रेबारी बाबा काोिनी के भिी े भिी मकानो को ेिते हुए, र्हाी रानी कु मकानो को ेिते हुए, र्हाी रानी कु ं र् एंि बीपििुर काोिनी परररि को ेिते हुए, इकिे पीछे के मकानो को ेिते हुए, क्षिक्षण- पप्चमि दशिा में र्टोा राजस्ि की ीिमा को ेिते ह ुए, पप्चमि दशिा में आगे बढते हुए र्टोा की राजस्ि ीिमा को ेिते हुए, र्टोा-के र्की र्रो पर महात्मा गांधी स्कू ि तक। | 980 |
| 10 | बीपििुर काोिनी के आगे नि वभिाग के कायाडयि ेि शुरू होकर, पप्चमि दशिा में गीि तथा पीछे के भिी मकानों को ेिते हुए, क्रिाबाई गणेशजी र्रो पर ािर्पुरा राजस्ि एंि पूडि दशिा में र्टोारायसंिह राजस्ि की ीिमा तक के भिी मकानों को ेिते ह ुए ािपि बीपििुर काोिनी के पाि नि वभिाग कायाडयि तक। | 946 |
| 11 | र्टोा-के र्की र्रो पर राजकीय ीि.उ.मा.वि. र्टोारायसंिह को ेिते हुए, क्षिक्षण दशिा में आगे बढते हुए, कु ं र् र्रो पर हररजन ािमुाितयक भनि का ेिते हुए, गूजर छात्राािि | 777 |
| को ेिते हुए, बायीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे बढकर मोहन रिोगा के मकान ेि आगे, रामािजिी पीटीआई के मकान को ेिते हुए, रामअतिार माीि हाििई के मकान को ेिते हुए, घाीि गुजडर के मकान को ेिते हुए, र्कि के हिारे हिारे तििे हुए, बायीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, पूडि दशिा में आगे बढते ह ुए, र्कि पर पहु ंकिर, बायीं तरफ घूमकर आगे बढते हुए, नींम की खान के नीेि र्रो पर, र्टोा की ओर आगे बढते हुए, बायीं तरफ शिहरा मैािन तथा बायीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, राजू गूजर के मकान को ेिते हुए, आगे पतपू गूजर के मकान को ेिते हुए, र्रो के बायीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, पीपीि ोिराहे पर र्टोा-के र्की र्रो पर, के र्की की तरफ घूमकर, बायीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे बढते हुए पटािर घर, आगे राधेचयाम कु माति के मकान को ेिते हुए, कींगीि र्बाीि को ेि आगे, राजकीय ीि.उ.मा.वि. र्टोारायसंिह तक। | ||
| 12 | र्टोा-बीपििुर र्रो पर, क्षिक्षण दशिा में र्टोा की राजस्ि ीिमा ेि प्रारंभ करते हुए, शंकरााियड फिकड ि ेि आगे बढते हुए, आम ािगर पुसयिा र्रो एंि आम ािगर को ेिते हुए, गोपाि माीि ािईट ािेि के मकान को ेिते हुए बायीं तरफ घूमकर, बायीं ओर मनि माीि के मकान को ेिते हुए, मासयिों की गीि में, काूि कु माति के मकान ेि तक्षजी की ओर घूमकर, आगे बढते हुए बजरंग माीि, त्यिनारायण माीि, भैंरू माीि का मकान, मूंििि ाियमा के मकान को ेिते हुए, आगे जग्गा गूजर के मकान को ेिते हुए, नि वभिाग कायाडयि को ेिते हुए, ािमुाितयक शौाियि ेि र्टोा-बीपििुर र्रो पर, बायीं तरफ घूमकर, बायीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए आगे झूमर जी जांगर्ग के मकान को ेिकर, मिाणक्यों की गीि को प्म्मिसति करते हुए, आगे संिगोदयिा की गीि को ेिते हुए, र्हाा के मकान तथा गीि के अंरि क ं े भिी मकानों को ेिते हुए, चयामुि रि ाियमा के मकान को ेिते हुए, रामेिि माीि ािईि ैियरमैन के मकान ेि आगे, काना धोबी के मकान को ेिते हुए, शंकरााियड फिकड ि तक। | 736 |
| 13 | घांि भैंरू ततराहे पर, मेहरूतनशा ुिहार के मकान ेि शुरू होकर, उत्तर दशिा में आगे बढते हुए, बायीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, ुिशिडन गुतता की ुिकान को ेिते ह ुए, आगे चयामुिरि गुतता के मकान को ेिते हुए, आगे प्रेमंिि ुिािि के मकान को ेिते हुए, ाियीं तरफ अंरि की ओर घूमकर, बायीं तरफ के मकानो को ेिते हुए, गणेशजी का मंदरि को ेिते हुए, आगे अीि बाबा के मकान को ेिते हुए, रामयिाि जी ुिािकिा पूडि ैियरमैन के मकान को ेिते हुए, आगे ेितन कनोई की ुिकान ेि गीि में ाियीं तरफ घूमकर, आगे बढते हुए, राहुल्यों की गीि, र्ाकोतान मौहल्ाि, कोसयिों का मौहल्ाि, बािईयों के ोिक को प्म्मिसति करते हुए, गोपाि जी के मंदरि को ेिते हुए, हनुमान साििटि की ुिकान को ेिते हुए राजेश टेरि के मकान ि अंरि के भिी मकानों को ेिते हुए, र्भूापोि रिािजे पर मेहरूतनशा के मकान तक। | 984 |
| 14 | एबिीआई बैंक ेि प्रारंभ कर र्टोा-जयपुर र्रो पर, उत्तर दशिा की ओर आगे बढते ह ुए, बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, कमेिश जी बोहरा की ुिकान को ेिते हुए, इकबाि जुािहा की ुिकान ेि पूडि दशिा में गीि में घूमकर, खटीकान मंदरि की तरफ | 984 |
| आगे बढते हुए, प्रभुजी ािंािि के मकान का ेिते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे बढते हुए, रूिि टेरि के मकान को ेिते हुए, ाियीं तरफ घूमकर आगे बढते हुए सशि मंदरि को ेिते हुए, ुिबराती खां के मकान को ेिते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे धन्ना गूजर के मकान को ेिते हुए, रतन फौजी के मकान को ेिते हुए, ाियीं तरफ घूमकर, काूि फािीि के मकान को ेिते हुए, हमाोि की मप्स्जि को ेिते हुए, जहुरीिन के मकान को ेिते हुए, र्ॉ. बीीि रॉय के मकान को ेिते हुए, एबिीआई बैंक तक। | ||
| 15 | पुराने बीओबी बैंक भनि ेि प्रारंभ कर, उत्तर दशिा में आगे बढते हुए, तुीििािि गुतता के मकान को ेिते हुए, आगे बढते हुए, ाियीं तरफ के मकानो को ेिते हुए, बाूि गूजर के मकान को ेिते हुए, आगे बढते हुए, तनमडि जैन के मकान को ेिते हुए, गीि में अंरि के भिी मकानों को ेिते हुए, जगीिश र्पतानी के मकान को ेिते हुए, पोस्ट ऑफफि को ेिते हुए, पूडि दशिा में घूमकर, ाियीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, र्टोा-खर्रेा र्रो पर, आगे बढते हए इस्ािम मोहम्मि र्एोिके ट के मकान को ेिते ह ुए, गीि में क्षिक्षण दशिा में घूमकर, मंरिी मिाज के कबस्तिान को ेिते हुए, पारि हाऊि को ेिते हुए, आगे बढते हुए, खर्खकी के बाािजी को ेिते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे कॉनडर पर रईि ि रफीक नीघिर की ुिकानों को ेिते ह ुए, ाियीं तरफ घूमकर आगे बढते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे बढते हुए ािभंिि एंि र्ॉ. मुके श ािंािि के मकान को ेिते हुए, आगे बढते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, पप्चमि दशिा में रमजानी के मकान को ेिते ह ुए, पुराने बीओबी बैंक भनि तक। | 947 |
| 16 | ि ेशािीि मोहल्ेि में, टोंक गेट के पाि, गफू र ुिहार के मकान ेि शुरू कर, बायीं तरफ के मकानो को ेिते हुए, नीेि की तरफ तििे हुए, नािब अीि रार्ठो के मकान को ेिते हुए, खोखरों की गीि के ोिनो तरफ के मकान को ेिते हुए, आगे बढते हुए टोंक ुि ंगी नाका ेि आगे बाबू खां की ुिकान को ेिते हुए, कबस्तिान का ेिते हुए, बायीं तरफ घूमकर पुसिि ौिकी को ेिते हुए, हररजन मिाज के चमािन को ेिते हुए, मजीि की ुिकानों को ेिते हुए, गीि में बायीं तरफ घूमकर बायीं तरफ आगे बढते ह ुए, मोगयिों के ािमुाितयक भनि एंि मोीि तथा र्भांों के भिी मकानों को ेिते हुए, जीतू रिोगा के मकान को ेिते हुए, आगे बढते हुए, जगीिश तेीि के मकान ेि आगे बढते हुए, रूिि वपनारा के मकान को ेिते हुए, आगे हमीि के मकान ेि, बायीं तरफ घूमकर नीेि की तरफ, भागंिि ािहू के मकान को ेिते हुए, ढािन पर फै ज मोहम्मि पटेि के मकान तक। | 806 |
| 17 | कटाि रिािजा तयाऊ ेि शुरू कर, बाजार मे आगे बढते हुए, गीि में अंरि के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे ािठीजी की ुिकानों को ेिते हुए, राजकीय पशु गफिकत्ाियि को ेिते हुए, आगे बढते हुए, राजू ैिन की ुिकान को ेिते हुए, नाररयों की मप्स्जि ेि ाियीं तरफ घूमकर, हमाोिं के बिूतरे को ेिते हुए, तथा हमाोि के ोिक को ेिते हुए, ाियीं तरफ के मकानो को ेिते हुए, आगे बढते हुए, गुच्छी में गूजरों के ाियीं तरफ के मकानो को ेिते हुए आगे गुच्छी की मप्स्जि को ेिते हुए | 983 |
| ाियी तरफ के मकानो को ेिते हुए, रामनारायण ेिीि के मकान को ेिते हुए, पूडि दशिा में ािमने गीि मे, कै ािश तेीि के मकान को ेिते हुए, नीेि की तरफ, मप्स्जि की ुिकान को ेिते हुए, ाियीं तरफ घूमकर, आगे बढते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, आत्माराम ैिन के मकान को ेिते हुए, आगे कििर रामअतिार तेीि के मकान को ेिते हुए, कल्याणजी के मंदरि को ेिते हुए, कटाि रिािजा की ओर तििे हुए, कटेि में ाियीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, कटाि रिािजा तक। | ||
| 18 | बाजार मे अभय कु मार मिाड की ुिकान ेि शुरू होकर, कटाि की तरफ तििे हुए औद्योगगक स्कू ि को ेिते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, कटाि ौिराहे पर भागंिि जैन की ुिकान को ेिते हुए, आगे गोपाि भारद्ािज की ुिकान को ेिते हुए, आगे राजधारी भनि को ेिते हुए, माणक ौिक में कु ए ेि ाियीं तरफ घूमकर, आगे बढते हुए, ब्जिी मर्ण्ी की तरफ के मकानो को ेिते हुए, ाियीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, ओाििोिं की गीि को ेिते हुए, ािंाििजी की गीि को ेिते हुए, ािूि जी ुिनार की ुिकान ेि आगे तििे हुए, गोवन्िि ेिजिी के मंदरि को ेिते हुए, गीि में घूमकर बायी तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, मोहन जी र्गौ के मकान को ेिते हुए, रामािि बािई के मकान को ेिते हुए, आगे तििे हुए, बायीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, याकु ब ुिहार के मकान को ेिते हुए, बाजार में नोरतमि की ुिकान तक। | 859 |
| 19 | माणक ौिक में, डर्म्पि की ुिकान ेि शुरू कर, पप्चमि दशिा में आगे बढते हुए, बायीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, पुराने पुसिि थाना ेि आगे बढते हुए, कनोई ािि मीि की गीि, ेिीि शंकर ोिनी की ुिकान को ेिते हुए, बायीं तरफ खाततयों की गीि को प्म्मिसति करते हुए, फत्तू का रिािजा के अंरि के भिी मकानों को ेिते हुए, गुजडरां की गीि के अंरि के भिी मकानो को ेिते हुए, आगे बढते हुए फतेह शंकर र्गो की ुिकान को ेिते हुए, आगे बढते हुए, गांधी स्मारक ेि बायीं तरफ घूमकर, बायीं तरफ बजरंग भाटी के मकान को ेिते हुए, आगे मासयिों क े मंदरि ि इकिे अंरि के मकानों को ेिते हुए, मासयिों की गीि में, बायीं तरफ के मकानो को ेिते हुए, नोरतजी पंािर के मकान को ेिते हुए, आगे त्यिनारायण अजमेरा के मकान ेि घूमकर, बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, रामकरण जी माीि के मकान का ेिते हुए, कााि कोट मंदरि को ेिते हुए, पूडि दशिा में खर्ण्ेाििि मौहल्ेि में नीेि ऊतरकर, गीि में बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, ािरभुजा मंदरि के ािमने वपंटू की ुिकान ेि घूमकर बायीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, प्जिडयों की गीि को ेिते हुए, इमरान खिारा की ुिकान तक। | 984 |
| 20 | ािरभुजा मंदरि के ािमने, खर्ण्ेाििि मौहल्ेि मे कििर, बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, ऊपर कााि कोट के नीेि के मकानो को ेिते हुए, त्यिनारायण ैिष्णि के मकान को ेिते हुए, ोिनी के मकान ेि क्षिक्षण दशिा में घूमकर, पीर बाबा ेि बायीं तरफ घूमकर, आगे ुिगाडसंिह के मकान को ेिते हुए, हेमराज ैिनी के मकान को ेिते ह ुए, राोिं की गीि को ेिते हुए, खर्ण्ेाििि धमडशााि को ेिते हुए, ओम जी शुक्ाि | 872 |
| क े मकान को ेिते हुए, तिरी पोि रिािजे की तरफ बढते हुए, ाियीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, तेसयिों के मंदरि ेि आगे बढते हुए, रामपाि ोिनी के मकान को ेिते ह ुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे राजेन्द्र पारीक के मकान का ेिते ह ुए, मप्स्जि को ेिते हुए, पप्चमि दशिा में घूमकर, ूिरजमि कु म्हार के मकान को ेिते हुए, आम ािगर पाि की ओर बढते हुए रामेचरि कु म्हार के नोहर को ेिते हुए, ाियीं तरफ घूमकर, ाियीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, राधाफकशन जांगर्ग के मकान को ेिते हुए, अशौक ैिनी के मकान का ेिते हुए, ाियीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, ल्ाििराम माीि के मकान को ेिते हुए, ौिति ािहू के मकान तक। | ||
| 21 | चयाम ेिरिा मंदरि ेि शुरू कर, तिरी पोि रिािजा की ओर आगे बढते हुए, जगीिश गूजर के मकान को ेिते हुए, ीिताराम ािहू के मकान को ेिते हुए, ाियीं तरफ घूमकर गायत्री शमाड के मकान को ेिते हुए, गीि में बायीं तरफ के मकानों को प्म्मिसति करते हुए, आगे चयामुिरि ाियमा के मकान का ेिते हुए, मोहनजी माीि के मकान ेि आगे, ाियीं तरफ अतनि जी शमाड के मकान के ौिक के भिी मकानों को ेिते हुए, इनके मकानों की पीछे ािेि रास्ते ेि, ुिन्रिा कु म्हार के मकान को ेिते, मोती ािि मागड के ोिनों तरफ के मकानां को ेिते हुए, टोड्या खिारा के मकान को ेिते हुए, अस्पताि की ओर घूमकर, राजीिर गूजर की ुिकान ि कान को ेिते हुए, ऊपर आम ािगर की ओर आगे बढते हुए, फकशन ािर्खा के मकान को ेिते ह ुए, व्यायाम शााि, प्रभु माीि के मकान को ेिते हुए आम ािगर आि के हिारे फकेिचरि र्रो पर, क्षिक्षण दशिा में र्टोा की राजस्ि ीिमा को ेिते हुए, गणेश गौशााि को ेिते हुए, श्री अन्नपूणाड रोिई को ेिते हुए, ािपि चयाम ेिरिा मंदरि तक। | 968 |
| 22 | नागरों की गीि के पाि, पुरूोितम शमाड के मकान ेि शुरू होकर, पप्चमि दशिा में आगे बढते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, जटा शंकर ुिनार के मकान ि े घूमकर, आगे दनिेश शमाड का मकान, जैन मंदरि, स्णिडकार मंदरि, ािरभुजा मंदरि ेि आगे, अशौक अजमेरा की ुिकान को ेिते हुए, गीि में ाियीं तरफ घूमकर, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, आगे फू ि बिूतरा के ाियीं तरफ के मकानों को ेिते हुए आगे, पोखर गूजर के मकान को ेिते हुए, हीरानंि बाबा के बिूतरे एंि ेितन कोठारी के मकान को ेिते हुए, रामािि गूजर के मकान को ेिते हुए, ािमने रामेचरि गूजर के मकान को ेिते हुए, आगे गीि के मकानों को ेिते हुए, नीेि की तरफ पुरूोितम शमाड के मकान तक। | 984 |
| 23 | बंति मेर्डकि की ुिकान ेि शुरू होकर जैन भनि को ेिते हुए, गीि में बायीं तरफ क े भिी मकानों को ेिते हुए, ूिरज जी ािट्या एंि मनोज जी ािट्या के मकानों को ेिते हुए, भैरूजी ेि आगे बढते हुए, गोाि जी की गीि का ेिते हुए, कोठारी की गीि बायीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, रजत जैन के मकान को ेिते हुए, माताजी की तरफ घूमकर, बाबू गूजर ठग के मकान को ेिते हुए, त्यिनारायण कु माति के मकान को ेिते हुए, घीयाजी की गीि ि ािठी जी के आि पाि के मकानों को ेिते ह ुए, बच्छू ािि जैन के मकान को ेिते हुए, आगे रामस्रिूप झर्ण्ा के मकान को | 796 |
| ेिते हुए, बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, ौिबे जी की हेिीि को ेिते हुए, समािपजी कनोई के बायीं तरफ घूमकर, आगे अग्रािि धमडशााि को ेिते हुए, कटाि बाजार मे बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, कटाि रिािजा ेि बायीं तरफ घूमकर, बाजरा में बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, ेितााि मंदरि के पाि की ोिनों गसयिों क े भिी मकानों को तिे हुए, आगे बढते हुए, बंति मेर्डकि की ुिकान तक। | ||
| 24 | ि ेाि गुजडर के मकान ेि प्रारंभ कर, म्पिूणड कं काीि माता के ौिक ि गीि के मकानों को ेिते हुए, कन्हैयाािि ौिधरी के मकान को ेिते हुए, जगीिश नाई के मकान को ेिते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, श्रणि नाई एंि रामस्रिूप नाई के मकान को ेिते हुए, ीिताराम उपाध्याय के मकान को ेिकर, गीि मे घूमकर ाियीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, गुरप्जयों की गीि को ेिते हुए, रामजी के मंदरि ेि आगे, श्रणि मूसमया के मकान को ेिते हुए, ािाि ोिगिर के मकान को ेिते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, नाथू तेीि के मकान ेि नागोररयान में तिी माता के मंदरि को ेिते हुए, ाियीं तरफ गीि में र्मुकर आगे छोटू गुराक के मकान तक। | 984 |
| 25 | नागोररयान मौहल्ेि में हकीम किरातिा के मकान ेि शुरू कर, उत्तर दशिा में आगे ंकिर बढते हुए, बायीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, र्टोा-खर्रेा र्रो पर पहु ाियीं तरफ घूमकर ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, अब्ुिि त्तिार पूडि उपाध्यक्ष के मकान को ेिते हुए, आगे बढते हुए अब्ुिि तिीफ के मकान को ेिते ह ुए, खर्रेा र्रो ततराहे पर पतपू ि पीरू किरातिा के मकान को ेिते हुए, यहीं ेि ािपि ेिशािीि मोहल्ेि में पंाियत के नोहरे ेि आगे बढते हुए बायीं तरफ गीि में अंरि के भिी मकानों को ेिते हुए, पुरानी ेिशािीि मप्स्जि के आि पाि के भिी मकानों को तथा गीि के आखरी में छीतर बुगड्या के मकान को प्म्मिसति करते ह ुए, गीि में कीिर के मकान तक ोिनो तरफ के मकानो को ेित हुए, आगे ाियी तरफ के मकानो को ेिते हुए इकबाि बुगर्डया के मकान ेि, आगे होते हुए, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए पीरू र्गौ के मकान के तक। | 763 |
| 26 | नागरो की गीि, नि की गीि, मुल्तातनयों की गीि, रैगरान धमडशााि, पुरानी हररजन बस्ती, रामािि मापििुररया का मकान, ुिगाडािि मिाड का मकान ेि पप्चमि की ओर घूमकर, ऊपर करणी माता मंदरि की ओर बढते हुए, ाियीं तरफ की ओर के मकनों को ेिते हुए, आगे बढते हुए बायीं तरफ की गीि में ोिनों तरफ के मकानों को ेिते हुए, खारोाि के ऊपर की ओर के भिी मकानों को ेिते हुए, राजकीय उपप्जाि अस्पताि र्टोारायसंिह को ेिते हुए, राजकीय अस्पताि ेि पूडि दशिा में घूमकर, अब्ुिि अजीज के मकान, हनीफ मास्टर के मकान, खीिि अहमि के मकान को ेिते हुए, इमाम ौिक में शफी मास्टर के मकान तथा आगे सशरितन शमाड क े मकान को ेिते हुए, नागरों की गीि तक। | 915 |
| 27 | र ं र् ैगरान घाटी में, रामेिजिी के मंदरि ि पाि ािेि मकान को ेिते हुए, रैगरान कु एंि रैगरान ािमुाितयक भनि के आि पाि के भिी मकानों को ेिते हुए, तथा मंदरि क े पीछे की ोिनो गसयिों के भिी मकानों को ेिते हुए, तथा र्ू गररयान ािेि रास्ते पर | 962 |
| जगीिश मापििुररया के मकान एंि इकिे आि-पाि के मकानों को ेिते हुए, पप्चमि दशिा में आगे तििे हुए, रैगरान मंदरि को ेिते हुए, मंदरि ेिं क्षिक्षण दशिा म ें नीेि घाटी की ओर तििे हुए, बायीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, रैगरान मिाज के नोहरे तक। | ||
| 28 | बुधािगर एंि खारोाि ताािब को ेिते हुए, आंगनर्बाी भनि को ेिते हुए उत्तर दशिा म ें गीि में आगे बढते हुए, खीिि मास्टर एंि इनायत खां के मकानों को ेिते हुए, गीि में ोिनो तरफ के मकानो को ेिते हुए, उत्तर दशिा में आगे बढते हुए, नई अंािरी मप्स्जि को ेिते हुए, गीि में ोिनों तरफ के मकानो को ेिते हुए, हनीफ पोस्ट मास्टर के मकान ेि नीेि ाियीं तरफ घूमकर, आगे बढते हुए, मंशी फकीर एंि र् ू गररयान के भिी मकानों को ेिते हुए, बाबूािि मिाड कम्पाउं र्र के मकान ेि घाटी म े ाियीं तरफ घूमकर, ाियी तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, आगे घाटी में ाियीं तरफ अब्ुिि रीिि के मकान ेि आगे बढते हुए, मनि मिाड के मकान को ेिते हुए, पतपू शाह के मकान ेि आगे होते हुए, जुम्मा फकीर के मकान ेि आगे बढते हुए, दहतेश मिाड के मकान को प्म्मिसति करते हुए, ाियीं तरफ पानी की टंकी के आि- पाि की आबाीि को ेिते हुए, के री माताजी के पाि, काूि माीि के मकान को ेिते ह ुए, कप्स्तिन को ेिते हुए पर्हा के हिारे हिारे बर्गी के पुराने रास्ते ेि आगे बढते ह ुए, राजस्ि ग्राम बर्गी की म्पिूणड ीिमा को ेिते हुए, पूडि-क्षिक्षण दशिा में ओझापुरा ंकिर, की राजस्ि ीिमा की म्पिूणड आबाीि को ेिते हुए, र्टोा-बोटू न्ाि र्रो पर पहु र्कि के बायीं तरफ की आबाीि को ेिते हुए, बायीं तरफ कबस्तिान तक एंि ऊपर की ओर बुधािगर तक। | 984 |
| 29 | घाटी रैगरान में पररिाम एंि फकशनािि रैगर के मकान ेि शुरू कर, नीेि घाटी की ओर तििे हुए, बायीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, आगे भैरूजी के मंदरि को ेिते ह ुए, आगे बढते हुए, अशौक मिाड के मकान को ेिते हुए, नीेि की तरफ हररराम मिाड क े मकान एंि इनके पीछे ािमुाितयक भनि एंि इकिे आि-पाि के भिी मकानों को प्म्मिसति करते हुए, जगीिश जी मिाड के मकान ेि आगे घाटी रैगरान स्कू ि को ेिते हुए, जुम्मा अंािरी के मकान को ेिते हुए, घाटी में बिीर अंािरी के मकान ेि बायीं तरफ घूमकर, बायीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, कािम के मकान ेि आगे जगीिश कु म्हार के मकान को ेिते हुए, गोपाि बािई के मकान को ेिते हुए, मतन के कु ए ेि आगे बढते हुए, फू ाि मिाड के मकान ेि आगे रामेिि माीि के मकान का ेिते हुए, बस्ीि मे बायीं ओर के मकानों को ेिते हुए, अटि ेिाि के न्द्र ेि आगे ंकिर, बायीं तरफ घूमकर, बस्ीि की ओर आगे होते हुए, र्टोा-बोटू न्ाि र्रो पर पहु बढते हुए, बायीं तरफ के भिी मकानो को ेिते हुए, रामस्रिूप मारि के मकान ेि आगे, हेमराज खेूिथ्या के मकान को ेिते हुए, नंाििि माीि के मकान ेि आगे होते ह ुए, रतन छारोर्डया के मकान ेि आगे धमडराज माीि के मकान को ेिते हुए, ुिािािि मिाड के मकान ेि आगे, रामरतन मिाड के खेत को ेिते हुए, आगे हेमा की छतरी के पाि बस्ीि की राजस्ि ीिमा तक। | 865 |
| 30 | र्टोा-बोटू न्ाि र्रो पर बस्ीि की राजस्ि ीिमा ेि प्रारंभ कर बायीं तरफ की आबाीि | 728 |
| को ेिते हुए यिाि मिाड के मकान को ेिते हुए, पूडि दशिा की आबाीि को ेिते हुए, पथािरी ेि आगे बढते हुए, बराि छारोर्डया के मकान को ेिते हुए, पोखर माीि के मकान ेि आगे बढते हुए, बाबूािि मीण के मकान का ेिते हुए, रमेश माीि के मकान ेि घाीि माीि के मकान एंि पप्चमि दशिा में, बस्ीि की राजस्ि ीिमा तक । | ||
| 31 | र्टोा-खर्रेा र्रो पर ाियीं तरफ चमशान ेि शुरू होकर, ाियीं तरफ के भिी मकानों को ेिते हुए, हररराम के मकान ेि आगे बढते हुए, र्कि के ाियीं तरफ फू ट्या ेिरिा क े भिी मकानों को प्म्मिसति करते हुए, पूडि दशिा में र्टोारायसंिह की राजस्ि ीिमा तक। | 802 |
| 32 | म्पिूणड राजस्ि ग्राम ािर्ण्ाि की राजस्ि ीिमा। | 765 |
| 33 | बाि ोिनाि का म्पिूणड राजस्ि ीिमा को ेिते हुए, क्षिक्षण दशिा में तििे हुए, र्टोा- खर्रेा र्रो पर पहु ंकिर, ाियीं तरफ की आबाीि को ेिते हुए, अंर्बेकर छात्राािि को ेिते हुए, बायीं तरफ की, फू टया ेिरिा की आबाीि को ेिते हुए, आगे रतन माीि राहुल्या के मकान को ेिते हुए, र्टोा की तरफ तििे हुए, ाियीं तरफ की आबाीि को ं ेिते हुए, मु र्कट्या बाािजी की गीि के मकानो को ेिते हुए, धुआं ािेि के मकान ेि आगे इंतजाम अीि के मकान ेि ाियीं तरफ घूमकर, आगे पुराने र्टोा-के रीि र्रो पर ाियीं तरफ की आबाीि को ेिते हुए, उत्तर दशिा में र्टोारायसंिह की राजस्ि ीिमा ि े, पूडि दशिा में बाि ोिनाि की राजस्ि ीिमा तक। | 933 |
| 34 | स्ािमी वेििकानन्ि र्मॉि स्कू ि ेि प्रारंभ कर, पूडि दशिा में र्टोारायसंिह राजस्ि के भिी खरिों को प्म्मिसति करते हुए, पुराने के रीि-र्टोा के रास्ते में, र्टोा की ओर क्षिक्षण में तििे हुए ाियीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, जैन मिाज के चमशान को ेिते हुए, टपररयां की आबाीि को ेिते हुए, राठोर्डया ताािब के नीेि रास्ते में, ाियीं तरफ के मकानों को ेिते हुए, आगे मप्स्जि को ेिते हुए, र्टोा-खर्रेा र्रो पर पहु ंकिर, ाियीं तरफ घूमकर, पप्चमि दशिा में आगे बढते हुए, ाियीं ओर के मकानों गी नाका ततराहे पर, छतररयों को ं को ेित हुए, पेट्रोि पंप को ेिते हुए, आगे जयपुर ुि ेिते हुए, ाियीं तरफ राजेन्द्र जैन के मकान को ेिते हुए, उत्तर दशिा की ओर घूमकर, आगे अग्रािि धमडशााि, नीिन बस्टिेर्ण् कमौीि ौिक को प्म्मिसति करते हुए, आगे सशािजी नगर को ेिते हुए, आगे र्टोा-जयपुर र्रो पर ाियीं तरफ की आबाीि को ेिते हुए, इर्ण्ेन गैि गोािम, पेट्रोि पंप, हेमराज जाट के मकान को ेिते ह ुए, आगे कस्तूरबा गांधी वधिायि को प्म्मिसति करते हुए, आगे की तरफ तििे ह र्रो पर, स्ािमी ुए, राजकीय महावद्यिायि को ेिते हुए, र्बाीि माताजी वेििकानन्ि र्मॉि स्कू ि तक। | 757 |
| 35 | म्पिूणड राजस्ि ग्राम के रीि एंि म्पिूणड राजस्ि ग्राम गणेशगंज की ीिमा। | 994 |